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594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा

  हरदोई यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, '12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी 'अन्नदाता' किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। उत्तर प्रदेश की रीढ़ साबित होगा गंगा एक्सप्रेसवे सीएम आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और 'लॉजिस्टिक्स' केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा, 'यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देगा।' अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन तेज, सुरक्षित व अधिक सुविधाजनक होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन किया। आधिकारिक बयान के अनुसार लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को वर्तमान 10-12 घंटे से घटाकर लगभग छह घंटे कर देगा। इसमें कहा गया कि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री के हरदोई पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हरदोई से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ राज्य की विकास यात्रा को नयी गति मिलेगी।

लखनऊ में सीएम योगी देंगे 936 पुलिस हेड ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र, जानें कार्यक्रम की तारीख

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए मंगलवार का दिन खास रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में 936 हेड ऑपरेटर और हेड ऑपरेटर (मैकेनिकल) को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया, "उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी दक्षता और त्वरित संचार की नई शक्ति प्रदान करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अवसर है। उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को आज नियुक्ति-पत्र प्रदान करने का गौरव प्राप्त होगा।" राज्य सरकार पुलिस भर्ती को लेकर काफी एक्टिव है। अभी पिछले रविवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती वर्ष-2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में हिस्सा लिया था। इस अवसर पर परेड का निरीक्षण करने के साथ ही विभिन्न श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आरक्षियों को पुरस्कार का वितरण भी किया गया था। अब 28 अप्रैल को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाला ये कार्यक्रम खास तौर पर पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए है। इसमें चुने गए 936 उम्मीदवारों को सीएम योगी के औपचारिक तौर पर नियुक्ति दी जाएगी। ये पद तकनीकी रूप से काफी अहम माने जाते हैं, क्योंकि आज के समय में पुलिसिंग सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज और मजबूत कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी निर्भर करती है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए भर्ती हुए कर्मियों को संबोधित भी करेंगे और उनसे पूरी ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का आग्रह करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए सरकार अपनी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया प्रकाश डालेगी कि बिना किसी पक्षपात के योग्य उम्मीदवारों को मौका दिया जा रहा है। साथ ही कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उन पर भी फोकस रहेगा।

चुनाव प्रचार से पहले योगी का जनता दर्शन, अधिकारियों को समयसीमा में समाधान के आदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प. बंगाल रवाना होने से पहले जनसेवा का संकल्प भी पूरा किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन'  में प्रदेश भर से आए फरियादियों की पीड़ा सुनी और अधिकारियों को संवेदनशील होकर जनता की समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया। संवेदनशील होकर समस्याओं का कराएं समाधान मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में आए सभी फरियादियों से मुलाकात की। एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को समय सीमा के भीतर समाधान कराने को कहा। राजस्व व पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हीलाहवाली नहीं चलेगी, समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करके पीड़ित को सूचित करना होगा। अपने जनपद में अधिकारियों से मिलें, बेतहाशा गर्मी में न हों परेशान 'जनता दर्शन' में आए कुछ फरियादियों से मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या जनपद में किसी अधिकारी से मिलकर आपने समस्या बताई? पता चला-नहीं, इस पर मुख्यमंत्री ने फरियादियों से कहा कि बेतहाशा गर्मी में आप परेशान न हों। पहले अपने जनपद में तैनात अधिकारियों से पीड़ा बताएं। हर हाल में सुनवाई होगी और समस्या का यथोचित समाधान भी। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि धूप-गर्मी में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बच्चों को किया दुलार, चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में परिजनों के साथ आए बच्चों पर अपना स्नेह लुटाया। उन्हें चॉकलेट के साथ आशीर्वाद भी दिया। मुख्यमंत्री ने मां की गोद में बैठे बच्चों से पूछा-चॉकलेट चाहिए तो एक बच्चे ने मुस्कुराकर अभिव्यक्ति दी, इस पर मुख्यमंत्री ने उसे चॉकलेट दी। चॉकलेट पाकर बच्चा खिलखिला उठा।  

योगी बोले—यूपी पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ फोर्स, अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में पुलिस कांस्टेबल के 2025 बैच की पासिंग-आउट परेड की सलामी ली और अपने संबोधन के दौरान पुलिस बल का हौसला भी बढाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है। मुख्यमंत्री ने समारोह में कांस्टेबलों को प्रशंसा पत्र और पुरस्कार भी वितरित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस तो प्रदेश और प्रदेश के बाहर भी संकट में रहती थी। अब यह अब देश के बेहतरीन पुलिस बलों में से एक बनकर उभरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सरकार और पुलिस पर माफिया का राज नहीं चलता। यहां पर कानून का राज चलता है और राज्य का सशक्त पुलिस बल माफिया को सरंक्षण देने नहीं, बल्कि उनको कुचलने का काम कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस बल की काफी प्रशंसा की और कहा कि अब राज्य में दंगे नहीं होते हैं। यहां से रंगदारी और गुंडा टैक्स खत्म हो गए हैं। अपराधी काफी डरे-सहमे हुए हैं और पुलिस का मनोबल भी ऊंचा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में न तो बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। हमारा राज्य अस्थिरता और अराजकता का पर्याय बन गया था। जहां 2017 से पहले दंगे हुआ करते थे, वहीं आज उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें होने से पहले ही रोकने में सफल है। योगी आदित्यनाथ ने नए भर्ती हुए जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति कानून उतना ही सख्त होना चाहिए जितना वह नागरिकों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने और विश्वास जताया कि नवागत सभी कांस्टेबल उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने महिला कर्मियों को भी बधाई दी और कहा कि बेटियों ने पूरी मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया है, जो कि सराहनीय है। 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भर्ती को लेकर कहा कि 15 जून, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,000 से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे, जिनका प्रशिक्षण पिछले वर्ष 21 जुलाई को शुरू हुआ था। पिछले नौ वर्षों में 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और एक लाख से अधिक को पदोन्नति दी गई है, जबकि 2017 के बाद से पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए हैं। महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया गया है। यूपी पुलिस की परंपरा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। जिससे कि अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहे। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रशिक्षण क्षमता सिर्फ तीन हजार थी जो अब 60 हजार हो गई है। इनको आधुनिक हथियारों से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें सिपाहियों को इंसास राइफल से ट्रेनिंग दी गई है। ATS को NIA की तर्ज पर प्रशिक्षण सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन और फोरेंसिक लैब स्थापित किए गए हैं, और 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं की सुरक्षा के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस बार की भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल की गई हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि 2025 का बैच देश में पहली बार ऐसा मौका है जब 60,244 कांस्टेबल सीधे भर्ती किए गए हैं, जिनमें 12,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।  

महिला शक्ति का परचम: पुलिस ट्रेनिंग में बेटियों ने दिखाई तत्परता और मजबूती, सीएम योगी का बयान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरक्षी प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। अनुशासन व टीमवर्क का उत्कृष्ट भाव सबसे बड़ी ताकत है। इन सबको समाहित करते हुए देश के लिए सर्वोत्कृष्ट योगदान देने की भावना वर्दीधारी बल का सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद के जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है। सीएम योगी रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। रिजर्व पुलिस लाइन में हुए आयोजन में सीएम ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी भी ली।  कानून अपराधी के लिए कठोर और नागरिकों के लिए संवेदनशील होना चाहिए सीएम ने प्रशिक्षण पूर्ण कर दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने वाली महिला आरक्षियों को बधाई दी और कहा कि सभी ने लगन व अनुशासन के साथ कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अब आप सबको जनपदों की फील्ड ड्यूटी में जाना है। याद रखिए, कानून अपराधी के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आरक्षी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल व मूल्यों का उपयोग करते हुए निष्ठा, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता से यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।  कई प्रशिक्षण केंद्रों में जाकर देखा, अब बेहतर प्रशिक्षण व सुविधाएं सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड आयोजित की जा रही है। 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। इस दौरान मैं भी विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में गया और देखा कि प्रशिक्षण व सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।  हमने यूपी को देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पुलिस के सामने चुनौती व संकट था, लेकिन हमने इसे देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया। हमने 2.18 लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रमोशन किया। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता महज 3 हजार थी, लेकिन हमने 60244 पुलिस आरक्षियों का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही एक साथ संपन्न किया है, जो 9 वर्ष में अर्जित की गई प्रगति को दर्शाता है।  2017 में टूटे-फूटे बैरक थे, अब 55 जनपदों में हाईराइज भवन सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले पुलिस के बैरक टूटे-फूटे, खपड़ैल व टीनशेड के होते थे, लेकिन अब 55 जनपदों में पुलिस कार्मिकों के बैरक व आवासीय सुविधा के हाईराइज भवन दिखाई देते हैं। प्रशिक्षण केंद्र उत्कृष्ट हो रहे हैं। हर प्रशिक्षु को आधारभूत प्रशिक्षण देने के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल भी लांच किया गया। शारीरिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक व आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया। आउटडोर प्रशिक्षण में पुरानी 303 नॉट राइफल के स्थान पर आधुनिक इंसास व एसएलआर राइफल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।  मिशन कर्मयोगी में यूपी का उत्कृष्ट प्रदर्शन सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉडयूल तैयार किए गए। 32 विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हाल में संचालित साधना सप्ताह में शासकीय कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूर्ण कर यूपी को देश में पहला स्थान दिलवाया है। यूपी पुलिस ने इसमें 28 लाख कोर्स पूरे किए। यूपी पुलिस देश भर के सभी राज्यों-विभागों में चौथे स्थान पर रही है।  यूपी एटीएस को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप दिया जा रहा प्रशिक्षण सीएम योगी ने कहा कि यूपी एटीएस के अधिकारियों व जवानों को एनआईए और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। पुलिस बल को व्यावहारिक दक्षता व सॉफ्ट स्किल पर आधारित विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना के साथ ही पुलिस कर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है। यहां पुलिस बल को वैज्ञानिक जांच की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  अब अपराधियों में भय, पुलिस का मनोबल ऊंचा सीएम योगी ने कहा कि यूपी पुलिस देश में मॉडल व ‘स्मार्ट’ है। यूपी पुलिस आमजन को सुरक्षा, सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान दे रही है। अब यूपी में दंगे नहीं होते, सत्ता के समानांतर कोई राज नहीं चलता, गुंडा टैक्स व अवैध वसूली भी नहीं होती। अब यूपी में अपराधियों के मन में भय और पुलिस का मनोबल ऊपर है। पहले प्रदेश की छवि अराजकता-अस्थिरता का पर्याय बनी था, लेकिन अब स्पष्ट नीति व साफ नीयत का परिणाम साफ दिखाई देता है। 2017 के पहले की स्थिति बयां करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में दंगे और महीनों कर्फ्यू लगता था। कोई खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता था, लेकिन यूपी पुलिस अब दंगे से पहले ही उसे रोकने में सफल है। अब यूपी में महिला कार्यबल 13 से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हुआ है। यूपी पुलिस ने खुद को आर्थिक प्रगति की रीढ़ के रूप में भी तैयार किया है। इस कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।  2019-20 से चल रहा ‘मिशन शक्ति’ सीएम योगी ने कहा कि 2019-20 से अनवरत मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए कार्यक्रम बढ़ रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बने हैं। तीन महिला पीएसी बटालियनों (लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी व बदायूं में अवंती बाई लोधी) का गठन किया गया है। तीन अन्य नई बटालियन के गठन की प्रक्रिया को बढ़ाया गया है। 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना को लागू किया है।  यूपी पुलिस की बेहतरी के लिए लगातार कार्य … Read more

सीएम योगी की खेल प्रोत्साहन नीति को मिलेगा बल, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खेलों के विकास और युवाओं को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तेजी से साकार हो रहा है। मेरठ के सरधना क्षेत्र में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बन रहा है। यह उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर के राज्यों के खिलाड़ियों के लिए भी गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह विश्वविद्यालय खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है।  ईपीसी मोड पर बन रहा प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय मेरठ जिले में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण करीब 36.9813 हेक्टेयर (लगभग 91.38 एकड़) भूमि पर किया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय लगभग 369.11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय को ईपीसी मोड पर बनाया जा रहा है और इसकी नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। पीडब्ल्यूडी द्वारा अब तक करीब 247.01 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।  मुख्यमंत्री ने 31 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने 31 मई तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। इसी के चलते निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और वर्तमान में भवन निर्माण के बाद अब फिनिशिंग का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। निर्धारित समयसीमा के भीतर इस परियोजना को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मेरठ जिला राष्ट्रीय राजधानी के समीप होने के कारण प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के निकट होने से अन्य प्रदेशों के खिलाड़ियों को लाभ होगा। अन्य कोर्सों के संचालन के लिए एनसीटीई से अनुमति मिलना बाकी मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय युवाओं में खेल संस्कृति विकसित करने और उन्हें खेलो के प्रति प्रेरित करने पर ध्यान केन्द्रित करेगा। इससे ग्रामीण भारत के युवाओं को आधुनिक खेल प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।विश्वविद्यालय के पहले कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में संस्थान तेजी से अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत कर रहा है। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि फिलहाल विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीइएस) विषय संचालित हो रहा है, लेकिन आगामी सत्र से बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और डिप्लोमा जैसे नए विषय शुरू करने के लिए प्रस्तावित है। इन विषयों के संचालन के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से अनुमति मिलना बाकी है। मई में होगी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मई में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रस्तावित है। नए कोर्सों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय में लगभग 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे यह साफ है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में बड़े पैमाने पर खेल शिक्षा का केंद्र बनने जा रहा है। यह विश्वविद्यालय एक शिक्षण एंड एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स सम्बंधित विषय में सैद्धान्तिक (थ्योरी) व प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पेपर्स का विषय ज्ञान के आधार पर डिग्री दी जाएगी।  स्नातक से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा  पाठ्यक्रमों की बात करें तो इसमें फिजिकल एजूकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मॉस मीडिया टेक्नोलॉजी, एडवेन्चर स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स जैसे विषय शामिल होंगे। इन विषयों के तहत स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति और उत्कृष्टता लाना है।  खेलों का हब बनेगा विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय को आधुनिक और अत्याधुनिक खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। जिसमें सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी मैदान शामिल होंगे। साथ ही लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल, स्पोर्ट्स साइंस लैब भी विकसित किए जाएंगे। यहां 22 ओलंपिक खेलों का संचालन होगा। इस साल से एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैटमिंटन, वेट लिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रेसलिंग, योग, ताइक्वांडो, जूडो, स्विमिंग और कबड्डी शुरू हो जाएगा। जबकि अगले साल से शूटिंग, आर्चरी, बॉलीवाल, बास्केटबॉल, वुशु, घुड़सवारी और पानी के खेल शामिल हो जाएंगे।  यूपी को देश का सबसे मजबूत खेल केंद्र बनाने का लक्ष्य कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय खेलों के समग्र विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विश्वस्तरीय कोचिंग, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल विज्ञान अनुसंधान के माध्यम से खेल शिक्षा में नए मानक स्थापित करना है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का मिशन है कि उत्तर प्रदेश को भारतीय खेलों का सबसे शक्तिशाली केंद्र बनाना है, जहां से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, वैश्विक चैंपियन और ओलंपियन तैयार किए जा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से क्षेत्र का विकास होने के साथ ही रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब कुलाधिपति और मुख्यमंत्री की प्रेरणा और उनकी सोच के अनुरूप यह देश का सबसे बड़ा खेल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है।

बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

उत्तर 24 परगना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि भाजपा सरकार लाइए, क्योंकि भाजपा का मतलब सुरक्षा-सुशासन की गारंटी, दलित, वंचित, गरीब, महिलाओं को अधिकार, सम्मान व स्वावलंबन है। भाजपा आएगी तो विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, भारत माता को मजबूती प्रदान करने का आधार मिलेगा और बांग्लादेश से घुसपैठ रुकेगी। मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की मौजूदगी में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।  पंचर बनाने का ठिकाना तलाश रहे टीएमसी के गुंडे, 4 मई के बाद इन्हें कहीं से भी खोज निकालेंगे सीएम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर टीएमसी के होंठ सिल जाते हैं। हिंदुओं के पक्ष में सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकलता है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर नौजवानों, माताओं ने साबित किया है कि बंगाल के अंधकार को समाप्त करना है और टीएमसी मुक्त बंगाल का निर्माण करना है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के रुझान बताते हैं कि जब 4 मई को ईवीएम खुलेगी तो बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा और यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार आएगी। भाजपा सरकार आने की आहट से बौखलाए टीएमसी के गुंडे ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं कि उन्हें कहां जाकर पंचर बनाना है, लेकिन चिंता न कीजिए, 4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने का ठिकाना नहीं मिलने वाला है। हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।  गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं  सीएम ने कहा कि कल्चरल व नॉलेज कैपिटल के रूप में विख्यात बंगाल को त्याग व बलिदान, साहस व स्वाभिमान, अध्यात्म व देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा के रूप में स्मरण किया जाता है, लेकिन भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल अब पहचान के लिए मोहताज है। यहां नौजवान के लिए रोजगार नहीं है, किसान बदहाल और उद्योग धंधे बंद हैं। यहां टीएमसी का टेरर, माफियाराज व करप्शन है। सरेआम गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं है। सैंड, लैंड, कैटल माफिया बंगाल की पहचान पर संकट खड़ा कर रहे हैं। वहीं यूपी में डबल इंजन सरकार ने इन सबसे मुक्ति पा ली है। अब समय आ गया है, जब बंगाल को टीएमसी, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से भी मुक्ति मिलेगी।  पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले। संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को भारत की नागरिकता देने की राह बनाई, तब इन दलों ने विरोध किया था। लेकिन, पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।  सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिया। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।

कोई सोच रहा कि कहां खोलूं पंचर की दुकान तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता में: मुख्यमंत्री

पूर्व बर्धमान. पश्चिम बंगाल के कटवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों को सिर छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। बंगाल को पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्टों और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने लूटा। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया। भाजपा प्रत्याशी कृष्ण घोष के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवा की पावन धरा, जहां चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य एवं वैष्णव परंपरा के महत्वपूर्ण ग्रंथकार सनातन गोस्वामी ने संन्यास ग्रहण किया था, को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। कटवा को खेपा काली मंदिर, इच्छाई घोष मंदिर, गोपेश्वर शिव मंदिर, नया कैलाश मंदिर जैसे 108 से अधिक देव मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसने भारत को पहचान दी, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। विकास का पैसा हड़प लेते हैं टीएमसी के गुंडे सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं। आपके सामने अवसर है कि जो लोग बंगाल को उसकी पहचान के लिए मोहताज बना रहे हैं, उनके सामने पहचान का संकट खड़ा करें। बंगाल को उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलानी है और उसे फिर से विकास के पथ पर अग्रसर करना है। बंगाल के हालात देखकर मैं चकित रह जाता हूं। ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से परेशानी होती है। यही धरा है, जहां आज से लगभग 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का शंखनाद कर पूरी दुनिया में भारत की वैष्णव परंपरा का संदेश दिया था। उसी धरा पर ‘जय श्रीराम’ बोलने पर ममता दीदी रामभक्तों पर लाठी चलवाती हैं और आम लोगों पर हमले होते हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। सैंड और लैंड माफिया हावी हैं, जो युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं। न बेटियां सुरक्षित हैं, न व्यापारी। लव जिहाद और भूमि कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मां दुर्गा की पूजा और शोभायात्राओं में भी बाधाएं डाली जाती हैं। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। वहां खुलेआम हत्या नहीं हो सकती। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे। बंगाल से यूपी की तुलना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और तीन करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार मिला है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं और उद्योग-धंधे बंद हुए हैं। जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां विकास संभव नहीं होता और उद्योग भी स्थापित नहीं होते। बंगाल में भारी मतदान, बदलाव देखने को मिलेगा उन्होंने कहा कि बंगाल में पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और रुझान बताते हैं कि आगामी परिणामों में बदलाव देखने को मिलेगा। जब ईवीएम खुलेंगी तो कमल ही कमल देखने को मिलेगा। डबल इंजन सरकार बनने पर कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। टीएमसी की गुंडागर्दी सबने देखी, कैसे इन्होंने बीजेपी नेता पर हमला किया। इस अराजकता के खिलाफ बंगाल मुखर होकर सामने आया है। कोई ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा सीएम योगी ने कहा कि अब बंगाल में पीएम मोदी द्वारा भेजा जाने वाला पैसा सीधे विकास कार्यों में खर्च होगा। कोई भी ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा। टीएमसी के नेता कई बार से विधायक हैं। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार को समृद्ध किया,  कटवा की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं है। यह परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग विकास पर ध्यान नहीं देते, बल्कि केवल अपने और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते हैं।  सुरक्षा नहीं दे पाने वाली सरकार को रहने का अधिकार नहीं सीएम योगी ने कहा कि कटवा से कृष्ण घोष के विधायक बनने का मतलब होगा, सैंड माफिया का पूरी तरह समाप्त होना। कोई बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पाएगा। व्यापारियों से ‘कटमनी’ नहीं ली जाएगी और विकास के लिए आने वाले धन का दुरुपयोग नहीं होगा। जो सरकार सुरक्षा नहीं दे सकती उसे रहने का कोई अधिकार नहीं है। यहां रेलवे ब्रिज का निर्माण होगा और भागीरथी नदी पर नए पुल … Read more

काम में तेजी लाकर फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निर्माण जल्द से जल्द करने के दिए निर्देश

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को निर्माणाधीन डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में बन रहे रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क के निर्माण की भी जानकारी ली। उन्होंने इन तीनों परियोजनाओं को सुगम यातायात और बाढ़ बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  ईको पार्क सहित 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले वह लालडिग्गी के आगे बंधे पर रुके। यहां उन्होंने फोरलेन सड़क परियोजना के ड्राइंग मैप का अवलोकन किया और कार्य प्रगति के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि काम में और तेजी लाकर इसे जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की तैयारी करें।  इसके बाद सीएम योगी ने इसी मार्ग पर इलाहीबाग के पास बंधे पर रुककर निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने लक्षित समय सितंबर 2026 की बजाय जुलाई 2026 तक ही फोरलेन का काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए। यहां मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि महेसरा तक बनने वाले फोरलेन के अंतिम छोर को खूबसूरत बनाने में नगर निगम भी योगदान दे। उन्होंने कहा कि महेसरा में सड़क से सटी वाटर बॉडी के समीप की भूमि पर कचरा पड़ा रहता है। वहां भी ईको पार्क जैसा विकास किया जा सकता है। गोरखपुर में खड़ी हो रही विकास की नई श्रृंखला : मुख्यमंत्री फोरलेन सड़क का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने डोमिनगढ़ चौकी के पास जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर रेल उपरिगामी पुल की प्रगति की जानकारी ली। ड्राइंग मैप देखने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। डोमिनगढ़ चौकी के पास स्वागत के लिए जुटे लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में जीवन सुगमता के लिए विकास की एक नई श्रृंखला खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि हाबर्ट बंधा, डोमिनगढ़ बंधा पर फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में रेल उपरिगामी पुल बन जाने से घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के लोगों को आवागमन में बड़ी सहूलियत हो जाएगी। फोरलेन के रूप में तटबंध सुदृढ़ हो जाने से बाढ़ से भी बचाव होगा। फोरलेन सड़क बन जाने से जंगल कौड़िया-कालेसर या फिर सोनौली मार्ग पर जाना बेहद सुगम हो जाएगा। सिटी के बाहर मिल जाएगी फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी : सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सिटी के बाहर-बाहर फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। राजघाट, टीपीनगर से होते हुए नेपाल जाने वाले मार्ग पर जाने के लिए यात्रियों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस फोरलेन से सीधे महेसरा और फिर वहां से सोनौली मार्ग पर जाना आसान होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यदायी संस्थाएं समय पर कार्य पूर्ण कर लेंगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। महेसरा पुल तक जाएगी 10 किमी लंबी सड़क डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से बसियाडीह मंदिर होते हुए महेसरा पुल के पास गोरखपुर-सोनौली मार्ग तक 10.2 किमी लंबाई में 379.54 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण जारी है। इसकी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो है। इस सड़क को सितंबर 2026 तक पूरा कराया जाना है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे जुलाई तक ही पूरा करने के लिए निर्देशित किया है।  हाबर्ट बंधे से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग की होगी कनेक्टिविटी इसी तरह राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। 4.07 किमी लंबे इस मार्ग को फोरलेन सड़क में तब्दील करने पर 195.21 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अनुसार 75 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है और इसे मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 132 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा रेल उपरिगामी पुल जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर उपरिगामी पुल का निर्माण 132 करोड़ 60 लाख 78 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा है। 755 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इस पुल के बन जाने से टीपीनगर, कालेसर जंगल कौड़िया मार्ग से जोड़ते हुए रोहिन नदी के बाएं तट पर हाबर्ट तटबंध से माधोपुर तटबंध होते हुए मोहरीपुर का गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। इससे सोनौली मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी, समय व ईंधन की बचत भी होगी।

किसी की भी जमीन पर न होने पाए दबंगों का कब्जा : सीएम योगी

गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जमीन से जुड़े विवादों का निस्तारण विशेष टीम गठित करके किया जाए। जमीन का मालिकाना हक उसके वास्तविक स्वामी के पास ही होना चाहिए। किसी व्यक्ति की जमीन पर यदि दबंगों ने कब्जा किया है तो जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों को कानूनी सबक सिखाया जाए। किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले बख्शे न जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जनता दर्शन में भूमि विवाद के मामलों में उन्होंने अफसरों से कहा कि विशेष टीम लगाकर ऐसे मामलों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए।