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कौशल विकास कार्यक्रमों को सीधे रोजगार से जोड़ने के निर्देश, तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी

आईटीआई सुधार, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और आधुनिक कोर्सेज के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में स्किल डेवलपमेंट सेक्टर को और अधिक प्रभावी एवं परिणामपरक बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की समीक्षा करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को सीधे रोजगार से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि योगी सरकार स्किल डेवलपमेंट को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार मानते हुए इसे उद्योगों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। आईटीआई सुधार, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और आधुनिक कोर्सेज के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश और एमएसएमई सेक्टर के विस्तार को देखते हुए स्किल्ड मैनपावर की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ने की यह पहल उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समयबद्ध हों सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को उत्तर प्रदेश सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट केवल प्रमाण पत्र देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका अंतिम लक्ष्य युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। आईटीआई आधुनिकीकरण और इंडस्ट्री लिंकिंग पर जोर बैठक में आईटीआई के व्यापक आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण को पूरी तरह इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाया जाए, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार मिल सके। इसके साथ ही डिलाइट इंडिया के साथ वर्चुअल प्रेजेंटेशन में नई तकनीकों के अनुरूप स्किलिंग को अपडेट करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक लैब और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके। ड्रॉपआउट रोकने के लिए ठोस रणनीति मंत्री अग्रवाल ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई में बढ़ते ड्रॉपआउट को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके मूल कारणों की पहचान कर प्रभावी समाधान लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण पूरा कराने के लिए प्रोत्साहन तंत्र विकसित किया जाए। इसके तहत छात्रों के लिए नियमित इंडस्ट्री विजिट, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजीटी) और ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) को बड़े स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके। “प्रोजेक्ट प्रवीण” और न्यू एज कोर्स पर फोकस उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट प्रवीण” की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे न्यू एज टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स शुरू किए जाएं और उन्हें सीधे उद्योगों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सफल छात्रों के अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि नए प्रशिक्षुओं को प्रेरणा मिल सके। साथ ही सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, जिससे युवाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके।

29 अप्रैल को पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे, यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया गति

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को जनपद हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह अवसर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिसका सीधा लाभ करोड़ों लोगों को मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, गंगा एक्सप्रेसवे उसी का एक सशक्त उदाहरण है। वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और रिकॉर्ड समय में इसे साकार करने की दिशा में कार्य हुआ। यह एक्सप्रेसवे “नए उत्तर प्रदेश” के निर्माण का मजबूत आधार बन रहा है। पश्चिम से पूर्व तक मजबूत कनेक्टिविटी गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी हिस्से से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा और यात्रा को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगा। 12 जिलों के विकास को मिलेगी रफ्तार इस एक्सप्रेसवे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के 519 गांव इस परियोजना से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी का दबदबा वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ यह हिस्सेदारी बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी, जिससे यूपी देश में एक्सप्रेसवे विकास का अग्रणी राज्य बनकर और मजबूत स्थिति में आ जाएगा। निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा बेहतर कनेक्टिविटी के चलते लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे नए औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होकर निवेश आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। कृषि और व्यापार को मिलेगा सीधा फायदा प्रदेश के किसानों के लिए यह परियोजना वरदान साबित होगी। अब कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी गुणवत्ता और कीमत बेहतर होगी। जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत होने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति गंगा एक्सप्रेसवे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। प्रयागराज सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से “एक्सप्रेसवे प्रदेश” के रूप में उभर रहा है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा दे रहे हैं। आर्थिक विकास की नई धुरी बनेगा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला इंजन है, जो प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बलबीर पुंज का निधन राजनीति व पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति: मुख्यमंत्री

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सांसद बलबीर पुंज के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्व सांसद, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनेता व प्रख्यात स्तंभकार बलबीर पुंज का निधन अत्यंत दुःखद है। यह राजनीति और पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि! मुख्यमंत्री ने लिखा, प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

कांग्रेस और सपा समेत समूचे इंडी गठबंधन का आचरण उजागर करता है नारी-विरोधी मानसिकता को: सीएम

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित नहीं होने देने पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नारी सम्मान के खिलाफ है, बल्कि “अक्षम्य पाप” है, जिसके लिए देश की नारी शक्ति उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जिस प्रकार जश्न मनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की गईं, उसने भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिला दी, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था। सीएम ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आचरण विपक्ष की नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में सत्ता संभालने पर एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कही थी कि देश के अंदर चार ही जातियां हैं- गरीब, युवा, किसान व नारी। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और देश को लूटा, स्वाभाविक रूप से उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी और चेतावनी भी। इसीलिए जब भी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने हमेशा उस प्रगतिशील सोच और देशहित में उठाए जाने वाले कदमों का विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष के नारी-विरोधी आचरण के प्रति आधी आबादी के मन में भारी आक्रोश है। यह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और अन्य उन दलों के प्रति है, जो इस पाप में भागीदार थे। आधी आबादी में यह आक्रोश साफ देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाए गए एक-एक कदम, जो समाज के हर वर्ग और देशहित में थे, इंडी गठबंधन ने कैसे बैरियर की तरह खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए षड्यंत्र किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के उपरांत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में जरूरी संशोधन लेकर संसद के विशेष अधिवेशन में इसे पेश किया। कुछ राज्यों ने इस बात की मांग उठाई थी कि कहीं ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए। प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होते समय स्पष्ट किया था कि किसी का भी हक नहीं लिया जाएगा। इस 33 प्रतिशत आरक्षण को माता-बहनों को उपलब्ध कराने के लिए हम लोकसभा और विधानसभाओं में अतिरिक्त सीटें बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह चर्चा में आया कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि उनका हक कम हो जाएगा, तो प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे उत्तर और पूर्व के राज्यों में सीटें बढ़ेंगी, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी उसी अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी का हक कम नहीं होगा। सरकार की एकमात्र इच्छा थी कि पूरा सदन मिलकर भारत की नारियों को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित कर दे, ताकि 2029 में ही उन्हें उनका अधिकार मिल जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन सदन में इंडी गठबंधन, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके का जो व्यवहार रहा, वह पूरी तरह से भरी सभा में द्रोपदी के चीर-हरण जैसा दृश्य था। किस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां विपक्ष द्वारा की गईं, किस प्रकार का आचरण किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है। यदि सर्वसम्मति से यह कार्य होता, तो स्वाभाविक रूप से पूरे सदन को इसका श्रेय मिलता। नारियों के सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए जो कदम उठाए जा रहे थे,  उससे महिलाओं को वह हक मिलता जो उनका स्वाभाविक अधिकार है। सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुद्दा छेड़ा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है। ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल आचरण यहां भी देखने को मिला। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था, उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी। तब सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था। बाबा साहेब ने इस पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी कि एक बार विभाजन हो गया है, अब भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसका पुरजोर विरोध किया। उस समय संविधान निर्माण समिति से जुड़े सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह वंचित करने का प्रयास किया था? जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस के पाप का परिमार्जन कर ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया,  तय किया कि भारत का कानून शादी-विवाह के मामले में प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से लागू होगा,  तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बने कानून का भी कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सभी दलों, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने कड़ा विरोध किया था। यह उनके दोहरे आचरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर मिला। लेकिन जिन चार जातियों का उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया, नारी (भारत की आधी आबादी), गरीब, अन्नदाता किसान और युवा, उनके लिए कांग्रेस व इंडी गठबंधन कभी कोई अच्छी सोच, अच्छा कार्यक्रम या प्रगतिशील पहल आगे नहीं बढ़ा पाए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जब 2014 में देश की सत्ता संभाली, तब उन्होंने प्रत्येक तबके के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य आगे बढ़ाए। उनका स्लोगन न … Read more

यूपी में बेटियों के लिए वरदान बनी योगी सरकार की यह योजना, 6 चरणों में मिल रही सहायता

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेटियों के उत्थान और सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से योगी सरकार बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित यह योजना बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन रही है। इस योजना के तहत अब तक प्रदेश की 27 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। बेटियों के लिए आर्थिक सुरक्षा और शिक्षा का मजबूत आधार साल 2019 में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक प्रदेश की 27,37,676 से अधिक बालिकाओं को लाभ मिल चुका है। योजना के अंतर्गत अब तक 674.13 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। यह सहायता राशि कुल 6 चरणों में दी जाती है, जो बालिका के जन्म से लेकर ग्रेजुएशन में प्रवेश तक उसे आर्थिक संबल प्रदान करती है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को मिल रहा बल यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता देती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। लिंगानुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक और बालिकाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में यह योजना प्रभावी साबित हो रही है। यह योजना शत-प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है। धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में योजना का संचालन ऑनलाइन पोर्टल (mksy.up.gov.in) के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है। साथ ही पीएफएमएस के जरिए धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना खत्म हो जाती है। शासन स्तर से साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे। योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य शर्तें इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। योजना के तहत लाभ पाने के लिए सबसे पहले लाभार्थी परिवार का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। साथ ही परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। इससे अधिक आय वाले परिवार इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे। एक परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही परिवार में कुल बच्चों की संख्या भी अधिकतम दो ही होनी चाहिए। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में सरकार ने राहत भी दी है। अगर किसी महिला को दूसरे प्रसव में जुड़वा बच्चियां होती हैं, तो तीसरी संतान के रूप में जन्मी बालिका को भी योजना का लाभ मिलेगा। वहीं अगर पहले प्रसव से एक बालिका और दूसरे प्रसव में दो जुड़वा बालिकाएं होती हैं, तो ऐसी स्थिति में तीनों बच्चियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई परिवार अनाथ बालिका को गोद लेता है, तो जैविक और विधिक रूप से गोद ली गई संतानों को मिलाकर अधिकतम दो बालिकाओं को ही योजना का लाभ मिल सकेगा। छह चरणों में मिल रही सहायता योजना के अंतर्गत बालिकाओं को छह अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को मजबूती मिलती है। पहले चरण में बालिका के जन्म पर 5000 रुपये की धनराशि दी जाती है। जबकि दूसरे चरण में एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के बाद 2000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। तीसरे चरण में कक्षा प्रथम में प्रवेश लेने पर 3000 रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह चौथे चरण में कक्षा छह में प्रवेश पर 3000 रुपये और पांचवें चरण में कक्षा नौ में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये की सहायता दी जाती है। अंतिम और छठे चरण में कक्षा 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक या दो वर्ष या उससे अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर 7000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इस प्रकार कुल 25 हजार रुपये की सहायता से सरकार बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल महिला कल्याण निदेशालय की डायरेक्टर डॉ. वंदना वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रदेश की बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार के साफ निर्देश है कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और उन्हें शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। डॉ. वर्मा ने कहा कि यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री योगी के रोड-शो के दौरान सड़कों पर गूंजा- ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम’

बांकुड़ा.  पश्चिम बंगाल की सड़कों पर शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का जबरदस्त क्रेज दिखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने बीच पाकर स्थानीय नागरिकों का जोश देखते ही बनता था। जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम योगी को देख गगनभेदी नारों के बीच बंगालवासी बोल उठे, ‘देखो-देखो, कौन आया, शेर आया-शेर आया। योगी जी सुस्वागतम!’ उत्तर प्रदेश के इस शेर को बंगाल के मतदाताओं ने भी विश्वास दिलाया कि 4 मई, 'दीदी' गई। सीएम योगी ने इस शानदार रोड शो के लिए स्थानीय लोगों के प्रति आभार जताया।  बंगाल की जनता के स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री ने रोड शो में विधायक व बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए जनसमर्थन मांगा तो ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम, हर-हर महादेव’ की गूंज से गुंजायमान बांकुड़ा की सड़कों पर उतरे मतदाताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि विधानसभा क्षेत्र में कमल ही खिलेगा। पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर ‘योगी-योगी’ की गूंज सुनाई देती रही।  जनसैलाब से आई 'मन की आवाज', 4 मई-'दीदी' गई  बंगाल की सड़कों पर स्थानीय नागरिकों ने शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का अभूतपूर्व स्वागत किया। भगवा रंग की पगड़ी पहने सीएम योगी की एक झलक पाने को सड़क के दोनों और जनसैलाब उमड़ पड़ा। उन्हें अपने बीच देखकर मतदाताओं के मनोभाव भी जुबां पर आ गए। जगह-जगह से गूंज सुनाई देने लगी- 4 मई, ‘दीदी’ गई। अंधकार छंटेगा-कमल खिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथ हिलाकर, हाथ जोड़कर बंगालवासियों का ह्रदय से अभिवादन किया। छतों पर खड़ी महिलाओं-बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया सीएम योगी को देखने के लिए महिलाएं व बच्चे भी रोड के दोनों तरफ मकानों की छतों पर खड़े थे। जैसे ही सीएम का काफिला उनके सामने से गुजरता, तमाम महिलाएं व बच्चे हाथ जोड़कर 'बुलडोजर बाबा' को प्रणाम करते, सीएम ने भी हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। रास्ते व  छतों पर खड़े लोग अपने मोबाइल में सीएम योगी की फोटो भी लेते रहे। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्तो बांग्ला सीएम योगी ने रोड-शो के समापन पर मतदाताओं से संवाद किया और इतने भव्य स्वागत के लिए जनता का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि आमार सोनार बांग्ला,  अब टीएमसी मुक्तो बांग्ला (हमारा सोने जैसा बंगाल, अब टीएमसी मुक्त बंगाल)। समूचे बंगाल का उत्साह बता रहा है कि 4 मई को बंगाल में भाजपा का कमल खिलेगा। बंगाल भारत की कल्चरल कैपिटल के रूप में जानी जाती है, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस व कम्युनिस्टों ने इस पहचान को मिटाया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा का अर्थ भी बताया, कहा-भाजपा मतलब सुरक्षा, नौजवान को रोजगार, किसान को उपज का अच्छा दाम, बहन-बेटी को सुरक्षा, विरासत का संरक्षण और विकास के लिए डबल इंजन की स्पीड।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व होगा आयोजित, सीएम योगी होंगे मुख्य अतिथि

लखनऊ.  राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश सरकार तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन करेगी। 24 अप्रैल को दिनकर जी की पुण्यतिथि से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में ‘रश्मिरथी पर्व’ मनाया जाएगा। इसमें तीन नाटकों एवं एक नृत्य नाटिका का मंचन होगा। लोकभवन में शनिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता कर जानकारी साझा की। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर यह कार्यक्रम होगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस दौरान "रश्मिरथी संवाद" स्मारिका का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता होंगे। कार्यक्रम के संयोजक कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही हैं और अध्यक्षता राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह विशिष्ट अतिथि और भाजपा नेता नीरज सिंह सह-संयोजक रहेंगे। कब और क्या कार्यक्रम होंगे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 24 अप्रैल को शाम 6.15 बजे ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण होगा। शाम 6.20 बजे से राष्ट्रीय परिसंवाद – प्रकाश और प्रेरणा का पुंज: रश्मिरथी- कार्यक्रम तय है। वहीं शाम 7.05 बजे ‘रश्मिरथी’ नाट्य मंचन होगा। 25 अप्रैल को शाम 6.10 बजे से सांस्कृतिक भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद जी के योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से ‘स्वामी विवेकानंद’ नाटक का मंचन होगा। इस दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे। साथ ही अन्य गणमान्य नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे। 26 अप्रैल शाम 6 बजे राष्ट्र निर्माण में लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी जी का योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से भारत रत्न, कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी की 10 कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका ‘अटल स्वरांजलि’ आयोजित होगी। शाम 8 बजे से ‘लोकमान्य तिलक’ नाटक का मंचन होगा। कार्यक्रम में यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

लगभग 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने लिया महोत्सव में भाग

विभाग में अतुलनीय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को किया गया सम्मानित लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव 2026' के रूप में धूमधाम से मनाया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो-दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव' के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना सन्देश को पढ़कर सुनाया गया। जिसमें उन्होंने दुग्ध विकास को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। महोत्सव में प्रदेश के लगभग 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने भाग लिया, जबकि लाखों अन्य लोग वेबकास्टिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े। महोत्सव के समापन अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा 'स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन' और 'नवीनतम डेयरी टेक्नोलॉजी' पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखा जा सके। कार्यक्रम के दौरान अपर प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम  ने वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी साझा की। साथ ही दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. द्वारा प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाये रखने के संकल्प और प्रदेश सरकार के प्रयासों से दुग्ध उत्पादकों को अवगत कराया। प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान है, जो राज्य के सकल मूल्यवर्धन में ₹1.72 लाख करोड़ का योगदान दे रहा है। तो वहीं नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹84 करोड़ की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। विभाग द्वारा अब तक ₹25 हजार करोड़ से अधिक के 796 एमओयू निष्पादित किए गए, जिनसे लगभग 60 हजार रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 के तहत ₹2 हजार करोड़ की 72 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम के दौरान ₹3 हजार करोड़ से अधिक के 59 नए एमओयू साइन किए गए, जिनमें आनन्दा डेयरी, ज्ञान और परम डेयरी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, जिससे 13 हजार नए रोजगार पैदा होंगे। प्रदेश में 4 हजार से अधिक नई प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं, जिससे लगभग 1.50 लाख दुग्ध उत्पादक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग में अतुलनीय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, सफल दुग्ध उत्पादकों ने अपनी सफलता की गाथा भी साझा की।

बंगाल की धरती पर गरजे सीएम योगी- ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है

कूच बिहार/जलपाईगुड़ी.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में फिर गरजे। माथाभांगा व धुपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर लोकसभा में विपक्षी दलों के रुख की भर्त्सना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के पैरोकारों ने यह संशोधन विधेयक पास नहीं होने दिया। यह देश की आधी आबादी का अपमान है, माता-बहनें इसे किसी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगी। सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा अराजक स्थिति के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दोषी ठहराते हुए ऐलान किया कि ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है। अब बंगालवासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। आधी आबादी को हक नहीं देना चाहते विपक्षी दल  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहन-बेटियों के लिए लोकसभा व विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण 2029 में लागू करने का संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत किया, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा व वामपंथियों ने इसे पास नहीं होने दिया। ये लोग आधी आबादी को उसका हक नहीं देना चाहते, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों की पैरोकारी करते हैं। बंगाल में मुसलमानों का नाम मतदाता सूची में चढ़े और वे गरीबों के हक पर डकैती डाल सकें,  तृणमूल सरकार का यही काम है। आखिर यह कब तक चलेगा। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को गिराने से आधी आबादी का अपमान हुआ है। देश की बहन-बेटियां इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकती हैं।  देश ने संसद में देखा मां के साथ तृणमूल का व्यवहार  सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मां, माटी व मानुष की बात करती थी। देश-दुनिया ने संसद में मां के साथ उनके व्यवहार को देखा। बंगाल में माटी की स्थिति यह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा यहां के राजवंशियों व नागरिकों का हक छीना जा रहा है। मानुष टीएमसी की गुंडागर्दी से भयभीत है। उपज का दाम नहीं मिलने से किसान पलायन करने को विवश है। यूपी में आलू का दाम 15 से 20 रुपए है और यहां एक से डेढ़ रुपए। टीएमसी के 15 वर्ष के कार्यकाल में 7000 से अधिक बड़े कारखाने बंद हुए। यूपी में हमने तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार दिया, लेकिन बंगाल में 30 लाख नौजवान बेरोजगार हुए। धान व मछली उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। केंद्र सरकार विकास के लिए जो पैसा देती है, वह जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता। यह पैसा तृणमूल के गुंडे व बांग्लादेशी घुसपैठिए खा जाते हैं। सैंड माफिया, बागान माफिया सभी आपके हक पर डकैती डाल रहे हैं। ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम से चिढ़ टीएमसी प्रमुख पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम के उद्घोष से चिढ़ है। जिस तरह उन्होंने संसद में आधी आबादी को मिलने वाले हक का विरोध किया। ऐसे ही उन्होंने सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के दौरान भी किया था। इस एक्ट में मोदी जी ने बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में प्रताड़ित होकर भारत आने वाले हिंदू, जैन, सिख आदि को भारत की नागरिकता देने व जमीन का अधिकार देने का प्रावधान किया है। अभी पिछले सप्ताह ही उत्तर प्रदेश के अंदर 1056 ऐसे परिवारों को भूमि अधिकार दिया गया है, नागरिकता दी गई है, जिन्हें पूर्वी बंगाल से निकाला गया था। कांग्रेस, कम्युनिस्ट दलों व टीएमसी ने सीएए का विरोध किया, लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी भी कोने में हिंदुओं के साथ मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। उनकी सुरक्षा करेगी। मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती टीएमसी मुख्यमंत्री ने टीएमसी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसे मुस्लिम तुष्टिकरण से फुर्सत ही नहीं है। वह मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती। बंगाल में आज ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगा सकते, क्योंकि सरकार आप पर अत्याचार करेगी, टीएमसी के गुंडे हमला बोल देते हैं। दुर्गापूजा से पहले उपद्रव हो जाता है। सरकार दुर्गापूजा व विसर्जन की अनुमति नहीं देती, गोहत्या कराती है और आमजन को प्रताड़ित करती है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां भी त्योहारों से पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। जय श्रीराम बोलने पर टीएमसी की पार्टनर सपा व कांग्रेस हमला कराती थीं और पुलिस से पिटवाती थीं। जुमे के दिन सड़कें जाम हो जाती थीं। सुबह 5 बजे से लोग मस्जिदों की आवाज से परेशान रहते थे। अब यूपी में अजान की आवाज केवल मस्जिद तक  सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में डबल इंजन सरकार के कारण ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा’ है। कोई माफिया या दंगाई दिखता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर एक्सप्रेसवे बना देता है। यूपी में माफियाओं की संपत्ति को कब्जे में लेकर गरीबों के आवास बना दिए गए हैं। शुक्रवार या किसी अन्य मौके पर भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। अजान की आवाज सिर्फ मस्जिद में सुनाई देती है। लव-लैंड जेहाद नहीं हो सकता। बंगाल के पास भी यह अंतिम अवसर है। हम उद्घोष करते हैं- गो माता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल को मौलाना, मौलवियों के फतवों की धरती नहीं बनने देना है। इसे घुसपैठियों या काबा की नहीं, बल्कि मां काली, मां दुर्गा और मां सिद्धेश्वरी की धरती के रूप में स्थापित करना होगा। हमने यूपी में यह कर के दिखाया है, डबल इंजन सरकार आने पर बंगाल में भी कर के दिखाएंगे। कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और दुर्गापूजा भी होगी सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले रामभक्तों पर गोली और डंडे चलते थे, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने से नहीं रोक पाए। डबल इंजन की स्पीड बुलेट की तरह है और इसके आगे ये सब पंक्चर हो गए। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। यूपी में गाजियाबाद से हरिद्वार, प्रयागराज से काशी, अयोध्या से गोरखपुर, बरेली समेत अनेक स्थानों पर ‘हर-हर महादेव’ उद्घोष के साथ निकलने वाली कांवड़ यात्राओं में चार-चार करोड़ शिवभक्त आते हैं। 2017 के पहले यह यात्रा नहीं निकलते दी जाती थी। सपा, कांग्रेस व टीएमसी वाले कहते थे कि इससे धर्म निरपेक्षता खतरे में पड़ जाएगी, दंगे हो जाएंगे। 2017 में भी इन्होंने यही कहा था, तब मैंने कहा कि यहां दुर्गापूजा होगी और कांवड़ … Read more

योगी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेज, अप्रैल में फैसला

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही भाजपा संगठन को दुरुस्त करने की उलटी गिनती शुरु हो गई है। यह सब अप्रैल महीने में ही होगा। बीते पखवारे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन के बाद अब बदलाव और विस्तार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुहर लगनी है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और भारत सरकार में मंत्री पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। उनकी हरी झंडी के बाद लखनऊ में तैयारी प्रारंभ होगी। रविवार या सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार होने की पूरी संभावना है। इसके बाद संगठन के नये पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी जाएगी। दिल्ली में गुरुवार को समीकरणों को फिर मथा गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बैठक कर सभी पहलुओं को समझा। इससे पहले इन सभी ने भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले अमित शाह के साथ मंत्रिमंडल और संगठन विस्तार पर मंथन किया। भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है। अब भाजपा उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जिसके तहत योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल और प्रदेश संगठन में भी फेरबदल होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भेंट के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव हो जाएगा। भाजपा प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है, इससे पहले सभासदों और नगर पंचायत सदस्यों को भी मनोनीत किया गया था। संगठन से ज्यादातर नेताओं की विदाई तय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश को लेकर संगठन महामंत्री बीएम संतोष, भाजपा यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और यूपी के प्रभारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद तावड़े के साथ बैठक की। इसके बाद यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम फाइनल कर दी गई। महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर जमे ज्यादातर नेताओं की विदाई तय हो गई है। इसके साथ युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष और प्रवक्ताओं की सूची पर भी विचार किया गया। ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों व प्रदेश पदाधिकारियों का नाम तय होने के साथ ही वहीं निगम, आयोग व बोर्ड में समायोजन करना है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। सबसे ज्यादा बदलाव स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों में होने की संभावनाएं हैं। तीन से चार चेहरों को हटाकर संगठन में लाने पर मंथन किया गया है। पिछले दो माह की तस्वीर देखें कि लखनऊ में आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ बैठक कर चुके हैं। अप्रैल में ही सभी कसरतों को किया जाएगा पूरा इसके बाद संघ और भाजपा के बड़े पदाधिकारियों की बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई। अब राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन लखनऊ में रुककर प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन से मिलकर सभी बिंदुओं पर चर्चा की। दोनों उप मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग मिले थे। इसके बाद तत्काल बाद दिल्ली में फिर बैठक से साफ है कि पार्टी अप्रैल में ही सभी कसरतों को पूरा कर लेगी। मंत्रिमंडल में होगा बड़ा बदलाव माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में 12-14 बदलाव होंगे। संगठन और शीर्ष नेतृत्व ने मंत्रियों के चार वर्ष के कार्य की समीक्षा करने के साथ क्षेत्र में उनके कामों का खाका तैयार किया है। मंत्री के काम काज के आकलन के बाद नॉन या लेस परफॉर्मर मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।