samacharsecretary.com

योगी बोले- यूपी में ‘नो कर्फ्यू नो दंगा’, बंगाल में BJP सरकार का किया दावा

लखनऊ पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। सीएम योगी आदित्यानाथ एनडीए के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। गुरूवार को बाराबनी में योगी ने चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उनके निशाने पर टीएमसी और ममता बनर्जी रहीं। योगी ने समाजवादी पार्टी का नाम लेकर तृणमूल कांग्रेस(TMC) पर हमला बोला। उन्होने कहा कि जिस तरह ममता दीदी को राम और दुर्गा के नाम से चिढ़ होती है। वैसी है यूपी में भी थी। लेकिन न सपा के विरोध से और न ही कांग्रेस विरोध से राममंदिर का आंदोलन रुका। योगी ने एक कार सेवक का जिक्र करते हुए कहा कि उसने मुझे बताया कि 1990 में टीएमएस की ही समर्थित पार्टी सपा ने उन पर गोलियां चलवाईं थी। सपा सरकार में गोलियां चली थीं। दंगा नहीं होगा ये सिर्फ बीजेपी गारंटी दे सकती है- योगी योगी ने कहा कि लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर खड़ा हो गया। मोदी है तो मुमकिन है। ये गारंटी सिर्फ बीजेपी दे सकती है कि दंगा नहीं होगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा, गौमाता को कटने नहीं देंगे, और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल में बुलडोजर का जिक्र करते हुए कहा कि बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा- योगी उन्होने कहा कि यूपी में अब दंगा नहीं होता। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा। अब कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता है। जितने माफिया थे, सब जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। अब कोई माफिया नहीं है। कोई गुंडा नहीं है। अब वहां पर हर नागरिक सुरक्षित है। गुंडे-माफिया का इलाज सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। कल्चरल कैपिटल को क्राइम कैपिटल बना दिया- योगी टीएमसी पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि एक समय बंगाल कल्चरल कैपिटल था, लेकिन आज क्राइम कैपिटल बन गया है। टीएमसी ने बंगाल को भ्रष्टाचार और अराजकता का केंद्र बना दिया। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी हो रहे हैं। टीएमसी के गुंडे क्या कह रहे हैं, कोई माफिया क्या कह रहा है, उससे डरने की जरूरत नहीं है। आने दीजिए बंगाल में डबल इंजन की सरकार। ये लोग आपको सड़कों पर झाडू लगाते दिखाई देंगे। देखिए यूपी में कितना परिवर्तन हो गया है। कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता है। सभी पर्व- त्यौहार शांति से बनाए जाते हैं। उज्जवल भविष्य की गारंटी सिर्फ भाजपा है। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने एनडीए प्रत्याशी को लिए वोट देने की अपील की।

भाजपा सरकार आएगी तो बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाएंगे गुंडे, माफिया व मौलानाः योगी आदित्यनाथ

आसनसोल. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने के साथ भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया। जनसभा स्थल, वाहनों व घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़े लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने को बेताब दिखे। बंगाल की धरा पर तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए सीएम योगी ने मतदाताओं से कहा कि टीएमसी के गुंडे, माफिया क्या कह रहे हैं या कोई मौलाना क्या बक रहा है, आप किसी से भयभीत न होइए। डबल इंजन की भाजपा सरकार आने दीजिए, ये सभी आपकी चाटुकारिता करते और बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते दिखाई देंगे।  आप लोग अरिजीत को जिताइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ करेंगे  मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से कहा कि जब यहां मेरा कार्यक्रम लगा तो तृणमूल के गुंडे लोगों को परेशान करने लग गए। सभा न होने पाए, इसके लिए भाजपा का झंडा उखाड़ने का भी प्रयास किया। अरिजीत का मतलब जो शत्रु को जीत सके, आप लोग उन्हें जिताइए और डबल इंजन सरकार लाइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल स्पीड से सारी समस्याओं का समाधान होगा। भाजपा ही सुरक्षा-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।  टीएमसी के कारण पैदा हुए सैंड-कोल-लैंड माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने 15 वर्षों से बंगाल को संकट में ला दिया और इसे टेरर, माफियाराज, कटमनी व करप्शन का अड्डा बना दिया, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए। इन लोगों ने आमजन, नौजवानों, बेटी-बहनों के सामने भय का माहौल पैदा किया है। टीएमसी के कारण सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया पैदा हुए। केंद्र से जो पैसा आता है, उसे टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। सीएम ने स्थानीय नागरिकों को विश्वास दिलाया कि बंगाल में दंगों, भय, अराजकता, माफियाराज को भाजपा समाप्त करेगी।  कांग्रेस, सपा व टीएमसी नहीं रोक पाईं, अयोध्या में बन गया राम मंदिर सीएम ने कहा कि 9 साल पहले इससे भी बुरी स्थिति उत्तर प्रदेश की थी। वहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। व्यापारी, बहन-बेटी असुरक्षित थी। गुंडागर्दी-अपराध चरम पर था, माफिया हावी थे। जनता के विकास के लिए आने वाले पैसे में डकैती पड़ती थी, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने इसका उपचार कर दिया। यूपी में बहुत परिवर्तन हो गया, वहां कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता। यूपी में पर्व-त्योहार शांति से मनाए जाते हैं। वहां अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है, लेकिन बंगाल में गोतस्करी, गोहत्या, त्योहारों के पहले उपद्रव होते हैं। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अब माफिया की हड्डी-पसली ठीक करता है। माफिया की संपत्ति लेकर गरीबों के आवास बनते हैं। यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, वहां सब चंगा है। रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन करना पड़ा। टीएमसी की पार्टनर समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाईं। जैसे ममता दीदी को राम नाम, दुर्गा पूजा से चिढ़ है, यूपी में भी ऐसे ही चिढ़ होती थी। यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर बन गया, इसे कांग्रेस, सपा व टीएमसी रोक नहीं पाईं, क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।  गारंटी देती है भाजपा- गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे  सीएम योगी ने कहा कि भाजपा गारंटी देती है कि बंगाल में दंगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा। गोमाता को कटने नहीं देंगे और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथियों और 15 वर्ष से टीएमसी ने यहां पहचान का संकट खड़ा किया है। बंगाल कभी कल्चरल कैपिटल के रूप में देश को दिशा देता था, लेकिन इसे क्राइम कैपिटल बनाकर पहचान का संकट खड़ा किया गया। आजादी के बाद बंगाल विकास के पथ पर आगे चल रहा था। देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था। इकॉनमिक लीडर के रूप में बंगाल की तूती बोलती थी। किसान प्रसन्न, नौजवान को नौकरी-रोजगार, मछली-चावल उत्पादन बढ़ रहा था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने राज्य को भ्रष्टाचार, भय व अराजकता का केंद्र बना दिया। मछली उत्पादन कम हुआ और चावल उत्पादन घटा। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी है, नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार गायब है। किसानों को उपज का दाम नहीं मिल पाता। यूपी में आलू का दाम 15-16 रुपये किलो और बंगाल में मात्र एक-डेढ़ रुपये मिल रहा है।  प्रेरणा भूमि रही है बंगाल  सीएम योगी ने कहा कि बंगाल सदैव प्रेरणा भूमि रही है। इसने भारत को राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत दिया। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बंगाल की धरती टीएमसी की अराजकता से मुक्त होने का आह्वान कर रही है। इस धरा ने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, अरविंद घोष, जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रवादी चिंतक दिए। कश्मीर को पृथक मान्यता देने के लिए कांग्रेस की चाल के कारण आतंकी भारत की एकता को चुनौती दे रहे थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया और धारा 370 समाप्त कर दी। कश्मीर में भी भारत का कानून वैसे ही लागू हुआ, जैसे बंगाल, बिहार और यूपी में है।

समय पर पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग व सुविधाओं से बना सुरक्षा का बेहतर माहौल: सीएम योगी

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, समय पर ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों के कार्य की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना और सुशासन का बेहतरीन मॉडल खड़ा हुआ। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक व  पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशाप बनाई गई है। इसके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा भवनों में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया।  इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। पर, हम उसका एक ही पक्ष देख पाते थे। पुलिस का सामान्य सिपाही हो या सब इंस्पेक्टर व डिप्टी एसपी, यदि उसकी ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक कॉमन मैन (सामान्य व्यक्ति) ही होगा। पहले की सरकारों में भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम यह होता था कि बहुत से नौजवान पुलिस भर्ती में नहीं आना चाहते थे।  9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 9 साल पहले जब उनकी सरकार आई तो उस समय पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। बीते 9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय में 3 हजार से अधिक नहीं थी, जबकि वर्तमान में अवस्थापना सुविधाओं के विकास का परिणाम है कि अब एक समय में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग करवाई जाती है। समय पर लिए गए निर्णय, और समय पर दिए गए संसाधनों के परिणामस्वरूप पुलिस को 200 गुना अधिक सुविधाओं से सम्पन्न किया गया है। पहले नहीं थी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा सीएम योगी ने कहा कि पहले थाना हो, चौकी हो, पुलिस लाइन हो या पीएसी वाहिनी, कहीं भी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा और अच्छे बैरक नहीं थे। पुलिसकर्मी किराए पर रहकर जैसे-तैसे जीवन व्यतीत करता था। कई बार शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया है। वह कब्जा नहीं करता था। होता यह था कि उसके बच्चे की परीक्षा है और उसी समय मकान मालिक घर खाली करने को कह देता। इस पर वह झल्ला कर कहता, घर नहीं खाली करेंगे। आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं, क्योंकि सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधा दी है, बैरक बनवाए गए हैं। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले का काम तमाम कर देंगे मुस्तैद पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिस थाने का भवन बनता था, लेकिन उसमें बैरक नहीं बनते थे। अन्य सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हो पाती थीं। बहुत बार पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी तो उसे रखने की व्यवस्था नहीं होती थी। ऐसे मौकों पर पुलिस असहाय दिखती थी। कई बार अपराधी भाग भी जाता था। लेकिन, पुलिस को अब असहाय बनने की आवश्यकता नहीं है। अब अपराधी भाग नहीं सकता, क्योंकि उसे थाने में ही रोककर रखने की सुविधाएं दी गई हैं। अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता, क्योंकि थाने में पुलिस कार्मिकों के लिए अलग से बेहतरीन सुविधाओं से युक्त बैरक बनाए गए हैं। हर समय, हर थाने में पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध होंगे। जो थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करेगा, उसका काम तमाम करने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता दिखाई देगा। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

घबराइए मत, बच्चे के इलाज में नहीं आने देंगे कोई बाधा: मुख्यमंत्री

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान श्रावस्ती से आई एक महिला ने गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज में मदद का अनुरोध किया। साथ में आए बच्चे को देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। जब महिला ने बताया कि उसका कार्ड नहीं बना है, मुख्यमंत्री ने कहा- घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई भी बाधा नहीं आने देंगे। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से भी बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। महिला का प्रार्थना पत्र लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों को इस निर्देश के साथ हस्तगत किया कि इसे श्रावस्ती के जिलाधिकारी को भेजकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। साथ ही डीएम के जरिये इलाज का इस्टीमेट भी शासन को उपलब्ध कराया जाए।  गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। इत्मीनान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए। पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। उन्होंने उनसे मिलने आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, घबराइए मत। सरकार हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी। अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

सीएम योगी सख्त, औद्योगिक अशांति फैलाने वालों पर बड़ा आदेश

लखनऊ राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के हितों और औद्योगिक व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है, और इनके हनन पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औद्योगिक हालात की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए औद्योगिक हालात और नोएडा में हालिया घटनाक्रम की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक अशांति फैलाने में शामिल तत्वों की तत्काल पहचान की जाए, खासकर उन लोगों की जो स्वयं को श्रमिक बताकर व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उपद्रवियों की पहचान और तस्वीरें सार्वजनिक करने का निर्देश सीएम योगी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे अराजक और उपद्रवी तत्वों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों पर लगाई जाएं, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने साफ कहा कि श्रमिकों की आड़ में किसी भी बाहरी व्यक्ति को औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अफवाह फैलाने वालों और अराजक तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को सुचारु रूप से चलाने और किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। मैनपावर एजेंसियों की होगी गहन जांच बैठक में सीएम योगी ने मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की वास्तविक संख्या, वेतन भुगतान, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। जिन इकाइयों में शिकायतें मिलें, वहां थर्ड पार्टी सर्वे भी कराया जाए। हर उद्योग में ग्रीवांस सेल और बेहतर सुविधाओं के निर्देश मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि हर सरकारी और निजी औद्योगिक इकाई में ग्रीवांस सेल अनिवार्य रूप से बनाया जाए। साथ ही श्रमिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण मेस, डारमेट्री और सस्ते आवास की कार्ययोजना जल्द तैयार करने को कहा गया। उन्होंने श्रमिकों के लिए दुर्घटना बीमा और असामयिक मृत्यु की स्थिति में सुरक्षा कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। नोएडा मामले में 66 गिरफ्तार, 45 गैर-श्रमिक होने का दावा इसी बीच नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। प्रशासन के अनुसार अब तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 45 ऐसे लोग शामिल हैं जो वास्तविक श्रमिक नहीं थे। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा भड़काने में बाहरी तत्वों की भूमिका सामने आई है और जांच जारी है। एजेंसियों पर सख्त चेतावनी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मैनपावर एजेंसी की लापरवाही से औद्योगिक इकाइयों में प्रदर्शन या अशांति की स्थिति बनती है, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और उसे स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।  

रोजगार मेले में सीएम योगी ने युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

 मुजफ्फरनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों को जाति के तंग दायरे में मत बांधिए, उनके लिए कोई जाति नहीं बल्कि देश ही सर्वोपरि होता है। जातियों में जब भी हम बंटे, तब ही कटे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश व प्रदेश में विकास और सुरक्षा के साथ विश्वास चेहरों से झलकता है। विश्वास की यह सुखद सुगंध आज हमारे देश में है क्या ऐसा पाकिस्तान में हो सकता है, पाकिस्तान को भूखे ही मरना है उसकी यही नियति है। यहां तक की अमेरिका और तमाम देशों में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं लेकिन भारत में सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग की तरफ से मेरठ रोड पर नुमाइश मैदान में वृहद रोजगार मेला लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल के निकट लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद वह नुमाइश मैदान में आयोजित जनसभा में पहुंचे। यहां उन्होंने नए केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर सरकार की तरफ से प्रदान किए जाने के बारे में जानकारी दी बल्कि किसानों, व्यापारी, महिलाओं और श्रमिकों के हित में किए जा रहे निर्णय पर भी विचार रखा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन समेत तमाम सुविधाएं नए सिर्फ सरकारी बल्कि गैर सरकारी संस्थानों में भी मिलना चाहिए इस दिशा में सरकार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कई बार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम का स्मरण करते हुए किसानों को गन्ना भुगतान एवं यहां के गुड़ उत्पादन को लेकर भी खूब सराहना की। साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश उपद्रव माफिया, गुंडा, दंगा, कर्फ्यू से मुक्त हो चुका है अब हमारी पहचान उत्सव प्रदेश के रूप में होती है। अब यहां कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगता बल्कि पुष्प वर्षा होती है। युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने अपने सधे अंदाज में संबोधन किया और युवाओं के कौशल विकास से संबंधित योजनाओं पर फोकस रखा। युवा कौशल विकास के क्षेत्र में आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अनिवार्यता भी जताई। इस दौरान चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ का एक कंपनी के साथ एमओयू भी कराया गया। साथ ही जयंत चौधरी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराए जाने को लेकर भी अपना समर्थन मंच से दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी ने साक्षात्कार के बाद चयनित हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।  

सोनामुखी रैली में गरजे योगी, बोले- बंगाल में खत्म होगी गुंडागर्दी

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बंगाल में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होने ममता के गढ़ सोनामुखी में रैली को संबोधित किया। योगी के निशाने पर टीएमसी रही। उन्होने कहा कि टीएमसी के लोग चाहते हैं कि आधी आबादी उर्दू बोले, उनसे कहिए कि जहां उर्दू बोली जाती है, वहां चले जाएं। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल में गुंडों का इलाज यूपी का बुलडोजर करेगा। बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। उन्होने टीएमसी को मुस्लिम वोटबैंक की सौदागर करार दिया। बंगाल में जो अभी गुंडागर्दी है, वो 9 साल पहले यूपी में थी- योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाजें नहीं पढ़ी जाती हैं। मस्जिदों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। लव जिहाद के लिए सख्त कानून है। गौ-हत्या नहीं हो सकती है। हर बेटी, हर व्यापारी सुरक्षित है। हर हाथ को काम है, हर खेत में पानी है। यूपी के विकास को कांग्रेस और सपा भी नहीं रोक पाई है। उन्होने कहा कि जो गुंडागर्दी आज बंगाल में है, वही 9 साल पहले यूपी में थी। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है- योगी हर पर्व और त्योहार पर दंगे होते थे। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगता था। व्यवसाय ठप पड़े रहते थे। सरकार के समानांतर (पैरलल) गुंडे-माफिया शासन करते थे। 2017 में यूपी में डबल इंजन की सरकार आई। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सीएम योगी ने बांकुड़ा जिले के सोनमुखी, पूर्व मेदिनीपुर के नंदकुमार और कांथी दक्षिण में जनसभा की। एनडीए के प्रत्याशियों के लिए जनता से समर्थन मांगा। बंगाल की दुर्दशा देख दुख होता है- योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बंगाल की दुर्दशा देखकर दुख होता है। इसे पहले कांग्रेस, फिर वाम दल और अब TMC ने बर्बाद किया। ममता बनर्जी की सरकार ने तो बंगाल को कंगाल बना दिया। बंगाल की राष्ट्रवाद की धरती को टीएमसी ने तुष्टिकरण की धरती बना दिया। लूट-खसोट और अराजकता की धरती बना दिया। बंगाल का नाम आते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देने वाले दो महापुरुषों की याद आ जाती है। अयोध्या में कई सौ साल तक राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। बंगाल से भी बड़ी संख्या में कारसेवक गए थे। लोग कहते थे कि मंदिर नहीं बन पाएगा, लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो मंदिर बन गया। भाषण के दौरान योगी ने बंगाली बोली अपने भाषण के दौरान योगी ने बंगाली भी बोली और कहा 'बांग्लार चुप थाकबे न' यानी बंगाल अब चुप नहीं बैठेगा। अब खेला बंद होगा, विकास शुरू होगा। इसके लिए भाजपा की डबल इंजन जरूरी है। योगी ने रविवार को सोनामुखी, नंदकुमार और कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैलियां कीं।

रामपुर का शानदार प्रदर्शन: IGRS रिपोर्ट में टॉप, योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल को मिली रफ्तार

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 139 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।  टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।

योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश, बिजली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए UPPCL की राज्यभर में कार्रवाई

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा।  हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा।  स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण  मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें।  गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने  कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।

‘पाकिस्तान के और होंगे टुकड़े’,CM योगी का बड़ा बयान, विस्थापितों को जमीन का हक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया. उन्होंने पाकिस्तान को पापी बताते हुए कहा कि जिस देश ने भारत का विभाजन कराया, वह खुद भी बंट चुका है और आगे भी उसके और टुकड़े होंगे. यह बात उन्होंने मियानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि मियानपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा. यह नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के सम्मान में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव गांव की पहचान को नई दिशा देगा और यहां बसे लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेगा. अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को बांटने का पाप किया और उसके बाद खुद भी विभाजित हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लिए कोई जगह नहीं है और इन समुदायों को वहां सजा झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसने इन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दी. मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 1000 से ज्यादा ऐसे परिवारों को जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं, जो 1947 और 1971 के विभाजन के दौरान विस्थापित होकर यहां आकर बस गए थे. उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने वर्षों तक बिना अधिकार के जीवन बिताया, लेकिन अब उन्हें उनका हक मिल रहा है. मियानपुर का नाम बदलेगा, अब होगा रविंद्र नगर उन्होंने कहा कि इन बंगाली बंधुओं की जमीन और संपत्ति को कुछ राक्षसों ने कब्जा लिया था, लेकिन अब सरकार उन्हें उनका अधिकार वापस दिला रही है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लखीमपुर, धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र दिए. उन्होंने कहा कि आज इन परिवारों को उस जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जिस पर वे दशकों से रह रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को दर्शाता है. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों ने इन लोगों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें कभी जमीन का अधिकार नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियानपुर रखा गया था, जबकि यहां एक भी मियां नहीं था. अब इस गांव को रविंद्र नगर नाम दिया जाएगा और इसकी पहचान गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर से जोड़ी जाएगी, जिन्होंने भारत का राष्ट्रगान लिखा. मुख्यमंत्री ने बंगाल को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बताया. उन्होंने कहा कि इस साल वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और एकता का प्रतीक है. विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक विभाजन का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 की त्रासदी इसलिए हुई क्योंकि देश बंट गया था और समाज में विभाजन पैदा हुआ था. उन्होंने कहा कि आज भी जो लोग जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं, वो बहुत बड़ा पाप कर रहे हैं और देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि जब वहां हिंदू, सिख, बौद्ध या जैन समुदाय के लोग प्रताड़ित होते हैं, तो उनकी उम्मीद भारत से ही होती है. वो न्याय और सुरक्षा के लिए भारत की तरफ देखते हैं. मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जब ये विस्थापित परिवार भारत आए थे, तब उनके पास टूटे हुए सपने और गहरा दर्द था. उन्होंने अपने घर और अपनों को पीछे छोड़ दिया था और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ा था. उन्होंने कहा कि न तो बांग्लादेश और न ही पाकिस्तान ने इन लोगों को स्वीकार किया, क्योंकि वे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी थे. भारत ने ही उन्हें खुले दिल से अपनाया और उन्हें सम्मान दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिंदू समाज की सहिष्णुता की यही पहचान है कि यहां आने के बाद किसी ने इन लोगों से उनकी जाति या संप्रदाय नहीं पूछा. उन्हें अपनाया गया और समाज का हिस्सा बनाया गया. कांग्रेस पर हमला, वोट लिए लेकिन अधिकार नहीं दिए उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 1031 विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में करीब 65000 विस्थापित परिवार रह रहे हैं और सरकार उन्हें जमीन का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत मकान, शौचालय, बिजली और पानी की सुविधा भी दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इन लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है और फरवरी 2025 में 1622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं. उन्होंने कहा कि लखीमपुर राज्य का सबसे बड़ा कृषि जिला है, जिसे ‘लक्ष्मीपुर’ के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ में काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इससे पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बांग्लादेश से आए परिवारों के दर्द और संघर्ष का जिक्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें अपराध, दंगे और अराजकता के लिए जानी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि अब एक जिला, एक माफिया की जगह एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की पहचान बन रही है और लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि … Read more