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कोचिंग सेंटर विवाद के बाद बिहार में सियासत गर्म, छात्रों की पढ़ाई पर असर

पटना राजधानी पटना में खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर में तोड़फोड़, मारपीट और बवाल की घटना से सभी हैरान हैं। खान सर ने छात्रों से कह दिया है कि कोचिंग सेंटर को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। इधर अचानक कोचिंग सेंटर बंद होने से कई छात्र परेशान दिखे और खान सर के समर्थन में सड़क पर भी बैठ गए। इस पूरे हो-हंगामे ने सम्राट चौधरी सरकार का भी ध्यान खींचा है। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस घटना के बाद स्पष्ट तौर से कहा है कि अब राज्य में कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति बनाई जाएगी। शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि सरकार चाहती है कि कोचिंग संस्थानों पर उसका नियंत्रण हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों ताकि छात्रों को परेशानी ना झेलनी पड़े। खान सर के कोचिंग सेंटर में हुई घटना को लेकर शुरू से ही कहा जा रहा है कि यह दो कोचिंग संस्थानों के आपसी वर्चस्व का नतीजा है। खुद खान सर ने पास के ही एक अन्य कोचिंग सेंटर को इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि छात्रों से कम फीस लेने की वजह से दूसरे कोचिंग सेंटर वाले नाराज चल रहे थे और उन्होंने पहले धमकी भी दी थी। बहरहाल इस तोड़फोड़ और बवाल के बाद सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाने का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा है कि सरकार अगले तीन महीने में कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति बनाएगी। एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए कोचिंग सेंटर ये सब जो षड़यंत्र कर रहे हैं वो सब अब बंद हो जाएगा। कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसेंगे। कोचिंग संस्थान सरकार के नियंत्रण में रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है। इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। मंत्री ने आगे कहा कि मंगलवार को कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में वो खुद डीजीपी से बात करेंगे और पूरे मामले की जांच करवाएंगे। जो भी इसमें दोषी पाया जाएग उसपर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार विधि-व्यवस्था के नियंत्रण में जो भी बाधा होगी उसे दूर करेगी। जो गड़बड़ करेगा वो जेल के अंदर रहेगा और जिसने भी यह परिस्थिति उत्पन्न की है उसे पुलिस छोड़ेगी नहीं। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया आपको बता दें कि खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में पुलिस ताबड़तोड़ ऐक्शन ले रही है। अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें एक शख्स एक अन्य कोचिंग सेंटर का डायरेक्टर बताया जा रहा है। पुलिस ने 4 लोगों पर नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। कोचिंग सेंटर पर हमले और तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ लोग खान सर के गार्ड की बेरहमी से धुनाई करते और कोचिंग सेंटर पर ईंट फेंकते नजर आ रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई में जुटी हुई है।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा एक्शन, भागलपुर-बांका के कोचिंग संस्थानों की होगी निगरानी

भागलपुर. प्रमंडल के 496 कोचिंग सेंटर पर अब जिला स्तर से निगरानी होगी। इसे लेकर जल्द ही पूरे राज्य में बिहार राज्य कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026’ को लागू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे सार्वजनिक सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट पर जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार, भागलपुर में 295 और बांका में 201 कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उनमें भागलपुर में लगभग 32,399 और बांका में 25733 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य स्तर पर 13 सदस्यीय प्राधिकरण गठित होगा। इसके पदेन अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव होंगे। इसके अलावा अन्य पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वहीं, जिले में 6 सदस्यीय टीम होगी। उन्होंने बताया कि यह समिति जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और छात्र हितों की निगरानी करेगी। कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। रैंडम जांच में कई कोचिंग में मिली थी अनियमितता 2023 में पूर्व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के कार्यकाल में जिले में बड़े स्तर पर कोचिंग संस्थानों की रैंडम जांच कराई गई थी। उस समय 50 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच में बिना निबंधन संचालन, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था की कमी, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होना, शिक्षकों और फीस संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं करना जैसी कई अनियमितताएं सामने आई थीं। कुछ संस्थानों में सीसीटीवी और उपस्थिति पंजी भी नहीं मिली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा लगभग आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई भी की गई थी तथा कई संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार का निर्देश दिया गया था। पूर्वी बिहार व कोसी सीमांचल के 3803 कोचिंग सेंटर पर कसेगा शिकंजा पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल के 13 जिलों में कुल 3803 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। वहां करीब 1.88 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। भागलपुर प्रमंडल के भागलपुर में 295, बांका के अलावा जमुई में 238 और मुंगेर में 90 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। इनमें जमुई में 21,764 और मुंगेर में 7,022 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, कोसी क्षेत्र के खगड़िया में 145, मधेपुरा में 233, सहरसा में 522 और सुपौल में 395 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में सहरसा में 26,014, मधेपुरा में 24,884, सुपौल में 6,779 और खगड़िया में 14,937 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहीं, सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया में 598, कटिहार में 577, अररिया में 266 और किशनगंज में 243 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में पूर्णिया में 9,585, कटिहार में 21,840, अररिया में 15,823 और किशनगंज में 10,924 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं।

भीषण आग में फंसे छात्र! हैदराबाद कोचिंग सेंटर से 90 की जान बची

हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज सुबह एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई। जानकारी के अनुसार, यह अमीरपेट स्थित मैत्रीवनम नाम के एक अपार्टमेंट में आग लगी, इस दौरान कुछ छात्र अंदर फंस गए थे, लेकिन दो दमकल गाड़ियां और बचाव दल मौके पर पहुंचे और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है, जिससे इमारत से भारी धुआं निकल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि तीन दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। घनी आबादी वाला अमीरपेट इलाका सॉफ्टवेयर कोर्स कराने वाले कई कोचिंग सेंटरों का घर है। वहीं इस घटना के बाद हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में यातायात को लेकर चेतावनी जारी की है। जिसमें लिखा गया- आग लगने की घटना का प्रभाव, मैत्रीवनम जंक्शन के पास आग लगने की घटना और भारी यातायात के कारण, एसआर नगर रोड और मैत्रीवनम जंक्शन से सत्यम थिएटर रोड की ओर वाहनों की आवाजाही धीमी है। यातायात कर्मी मौके पर मौजूद हैं और यातायात को नियंत्रित करने के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वय कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि प्रभावित मार्ग से बचें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ड्यूटी पर तैनात यातायात अधिकारियों के साथ सहयोग करें, असुविधा के लिए खेद है और आपसे धैर्य रखने का अनुरोध है।