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एमपी में ठंड ने पकड़ी रफ्तार, तापमान 10 डिग्री से कम, इंदौर-मुरैना में धूप, 8 फरवरी से नया मौसम सिस्टम

भोपाल  वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सिस्टम का असर खत्म होते ही मध्य प्रदेश में सर्दी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। उत्तरी हवाओं के तेज होने से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं रात का तापमान कई इलाकों में 10 डिग्री से नीचे चला गया। ओले-बारिश से मिली राहत के बाद अब ठंड और कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, बीते एक हफ्ते से सक्रिय सिस्टम के कमजोर पड़ते ही गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि 30 से ज्यादा जिलों में हलके से घने कोहरे ने सुबह की रफ्तार थाम दी।  एमपी में अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने 7 फरवरी को प्रदेश में हल्का कोहरा रहने का अनुमान जताया है लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. इस बीच तेज ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के ऊपर बना रहेगा. इसके साथ ही 8 फरवरी को कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है. इस दिन भी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 8 फरवरी से नया मौसम सिस्टम होगा सक्रिय, फिर गिरेगा मावठा मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा. इसके असर से प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना जताई गई है. राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार शुक्रवार को राजगढ़ में सबसे कम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसके बाद रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है. वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री रहा है. बड़े शहरों में भी ठंड का असर, गिरा न्यूनतम तापमान भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा इंदौर में 13.2 डिग्री, जबलपुर में 13.5 डिग्री और ग्वालियर में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ. न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा में 7.2, खजुराहो में 8.2, दतिया में 8.4, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तथा पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और उज्जैन में 13 डिग्री, इंदौर में 13.2 और जबलपुर में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर में पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया। सुबह-सुबह कोहरे की चादर शुक्रवार सुबह ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में हलका से मध्यम कोहरा छाया रहा। कोहरे का असर परिवहन पर भी दिखा। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई है। मालवा, सचखंड और शताब्दी जैसी ट्रेनों के यात्री देरी से परेशान नजर आए। अगले दो दिन का मिजाज 7 फरवरी: हलका कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं, ठंड बनी रहेगी। 8 फरवरी: कई जिलों में हलका से मध्यम कोहरा, फिलहाल बारिश नहीं। फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा और 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है। यानी ठंड के साथ बारिश का दौर एक बार फिर लौट सकता है। 

शीतलहर की चपेट में राजस्थान, कई इलाकों में तापमान 10 डिग्री से कम

जयपुर राजस्थान में शुक्रवार को 12 जिलों में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों- जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा। इस दौरान बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 2 फरवरी तक बना रहेगा। गुरुवार को सीकर, जयपुर, फतेहपुर, भीलवाड़ा सहित कई शहरों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। हल्के बादल और धुंध के कारण दिन में धूप कमजोर रही, जिससे दिन के समय भी सर्दी का असर बना रहा। शेखावाटी क्षेत्र के सीकर समेत कई जिलों में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। बीते 24 घंटों में सुबह तक मौसम साफ रहा, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में धुंध और बादल छा गए। गुरुवार को श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, बारां, डूंगरपुर, नागौर, फतेहपुर, करौली, सिरोही, उदयपुर, कोटा, सीकर, पिलानी, जयपुर, अलवर, टोंक, भीलवाड़ा और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में सुबह और शाम गलनभरी सर्दी का असर बना रहा। हल्की सर्द हवाओं के चलते कोटा, बाड़मेर, जोधपुर, फलोदी और प्रतापगढ़ को छोड़कर लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सबसे ठंडा जिला पाली रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के शहरों का अधिकतम-न्यूनतम तापमान प्रदेश के प्रमुख शहरों में 29 जनवरी को दर्ज तापमान के अनुसार अजमेर में अधिकतम 21.6 और न्यूनतम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। अलवर में दिन का अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम 5.2 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम 21.5 और न्यूनतम 8.5 डिग्री दर्ज हुआ। पिलानी में अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 6 डिग्री रहा, जबकि सीकर में अधिकतम 19.5 और न्यूनतम 6 डिग्री दर्ज किया गया। कोटा में अधिकतम तापमान 20.2 और न्यूनतम 10 डिग्री रहा। चित्तौड़गढ़ में दिन का अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। उदयपुर में अधिकतम 19 और न्यूनतम 8 डिग्री रहा। बाड़मेर में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री और न्यूनतम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम 23 और न्यूनतम 8.9 डिग्री रहा, जबकि जोधपुर में अधिकतम तापमान 23.9 और न्यूनतम 10.3 डिग्री दर्ज हुआ। बीकानेर में अधिकतम 21 और न्यूनतम 9.6 डिग्री रहा। चूरू में दिन का अधिकतम तापमान 21.2 और न्यूनतम 7 डिग्री दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर में अधिकतम 21.1 और न्यूनतम 7.3 डिग्री रहा। बारां में अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम 9.8 डिग्री दर्ज हुआ। जालोर में अधिकतम 24 और न्यूनतम 7.5 डिग्री रहा। सिरोही में अधिकतम तापमान 18.6 और न्यूनतम 4.7 डिग्री दर्ज किया गया। फतेहपुर में अधिकतम 21.1 और न्यूनतम 4.4 डिग्री रहा। करौली में अधिकतम 19 और न्यूनतम 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। दौसा में अधिकतम तापमान 22.9 और न्यूनतम 6.3 डिग्री रहा। प्रतापगढ़ में अधिकतम 19.4 और न्यूनतम 10.3 डिग्री दर्ज किया गया। डूंगरपुर में अधिकतम 19.5 और न्यूनतम 5.7 डिग्री रहा। वहीं पाली प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री और अधिकतम 21.1 डिग्री दर्ज किया गया।

कोहरे की चादर में लिपटा बिहार: 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

पटना बिहार में एक बार फिर घने कोहरे ने दस्तक दे दी है। कई जिलों धूप पूरी तरह नहीं निकली इस कारण सुबह में पिछले चार दिनों की अपेक्षा अधिक ठंड महसूस हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से आज कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले तीन घंटे के दौरान घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, दरभंगा और मधुबनी जिलों के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सहारसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के कुछ स्थानों पर घने कोहरे की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि इन क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 20 जनवरी के बाद और बढ़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से बिहार के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इसका असर राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में ज्यादा देखने को मिलेगा। आने वाले चार दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की आशंका बनी रहेगी। कई जिलों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 20 और 21 जनवरी के बाद एक बार फिर ठंड का असर तेज होने की संभावना है। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। पटना में सुबह कोहरा, दिन में खिली धूप राजधानी पटना में अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ और धूप खिली रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार 18 से 22 जनवरी तक शहर में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। 18 जनवरी को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 19 जनaवरी को तापमान बढ़कर 23 डिग्री, जबकि 20 जनवरी को 24 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद 21 और 22 जनवरी को अधिकतम तापमान क्रमश: 23 और 22 डिग्री रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास बना रहेगा। सुबह सूर्योदय करीब 6:37 बजे और सूर्यास्त शाम 5:26 बजे के आसपास होगा। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

दिल्ली में 20 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, जानें आपके राज्य में कब आएगी बारिश और कहां होगी ठिठुरन

नईदिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरे का डबल अटैक जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए कई राज्यों में 'गंभीर शीतलहर' की चेतावनी जारी की है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 2.3 डिग्री के साथ जमी दिल्ली दिल्ली में ठंड ने पिछले दो दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पालम में पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 20 साल में सबसे कम है। दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ गया है। दिल्ली का AQI 343 (बहुत खराब) श्रेणी में पहुंच चुका है। दिल्ली में शुक्रवार को भी शीतलहर जारी रहेगी और शाम को बादल छा सकते हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश 16 से 21 जनवरी के बीच उत्तर भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर की डल झील का पानी कई जगहों पर जम गया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में 18 से 20 जनवरी के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। यूपी में बारिश से बढ़ेगी ठंड वहीं, देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले कई दिनों से दोपहर में हो रही धूप से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 जनवरी को यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इससे ठंड में और इजाफा होगा। राजस्थान में मौसम का मिजाज राजस्थान के कई हिस्से में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17-18 जनवरी को राज्य के उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इससे आगामी 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने व शीतलहर से राहत मिलने का अनुमान है। वहीं, एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 22 से 24 जनवरी के दौरान सक्रिय हो सकता है।

एमपी में कड़ाके की सर्दी, तापमान 5 डिग्री से नीचे, ग्वालियर और भोपाल में ठिठुरन, मावठा गिरने की आशंका

भोपाल   मध्य प्रदेश में तापमान लगातार लुढ़कता जा रहा है, जिससे ठंड की रफ्तार और तेज होती जा रही है. सुबह के वक्त घना कोहरा होने से विजिविलिटी अभी भी कम बनी हुई है. वहीं मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की वजह से मावठा गिरने की भी संभावना जताई है. ग्वालियर से भोपाल तक भीषण ठंड का दौर जारी है, जबकि जबलपुर संभाग में भी कड़ाके की ठंड की पड़ रही है. शहडोल जिले का कल्याणपुर एमपी में सबसे ज्यादा ठंडा बना हुआ है, जिसके चलते यहां लोग घरों में दुबके नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को भी पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया है. मौसम विभाग की माने तो 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इसके असर से 3-4 दिन बाद एमपी में मावठा यानी, बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी हिस्से के पास से एक ट्रफ गुजर रही है, लेकिन इसका असर प्रदेश में नहीं है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस को स्ट्रॉन्ग बताया जा रहा है इसलिए कई जिलों में बारिश या बादल की स्थिति बनने के आसार है। दूसरी ओर, पूर्व-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 204 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को भोपाल समेत कई जिलों में दिन में भी सर्द हवाएं चली। हालांकि, तेज धूप खिलने की वजह से ठंड से राहत भी मिलती रही।  सूबे के ग्वालियर से लेकर भोपाल संभाग के जिलों में इस सय तेज ठंड का दौर ठंड का दौर जारी है, जबकि जबलपुर संभाग में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शहडोल के कल्याणपुर में प्रदेश में सबसे अधिक ठंड पड़ रही है। प्रदेश में गुरुवार तड़के के हालातों पर गौर करें तो पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए कड़ाके की ठंड होने की संभावना जताई है। कई जगहों पर शीतलहर का दौर भी जारी है। मौसम विभाग की मानें तो सर्द हवाओं के चलते शीतलहर का प्रकोप आने वाले कुछ दिनों तक लगातार इसी तरह से जारी रहने की संभावना है, जिससे सर्दी का सितम और बढ़ेगा। उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर बरकरार है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, सतना, गुना, राजगढ़, रतलाम, मंडला समेत कई जिलों में हल्का कोहरा रहा। कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जन शताब्दी समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कल्याणपुर-करौंदी सबसे ठंडे, ग्वालियर में 7.1 डिग्री दर्ज प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड और कोहरे का असर है। मंगलवार-बुधवार की रात शहडोल के कल्याणपुर में 4.8 डिग्री और कटनी के करौंदी में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में 5.8 डिग्री, मंदसौर-चित्रकूट में 6.1 डिग्री, खजुराहो में 6.2 डिग्री, उमरिया में 6.8 डिग्री, दतिया-मंडला में 7 डिग्री, राजगढ़-नौगांव में 7.2 डिग्री, पचमढ़ी में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, दमोह-सीधी में 9 डिग्री, रायसेन-श्योपुर में 9.4 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9.8 डिग्री, इंदौर में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। कोल्ड वेव या कोल्ड डे का अलर्ट भी नहीं मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में कहीं भी कोल्ड वेव यानी, शीतलहर का अलर्ट नहीं है। न ही कहीं कोल्ड डे रहेगा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। मावठ (बारिश) गिरने की संभावना वहीं मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में मावठ (बारिश) गिरने की पूरी संभावना है, क्योंकि हिमालयी क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जिसके चलते एमपी में भी स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन सकता है, ऐसे में उत्तर मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जो किसानों की फसलों के लिए अमृत के समान होगी। यहां तापमान में आई गिरावट भोपाल, ग्वालियर, पचमढ़ी, शहडोल, दतिया, मुरैना, रायसेन समेत कई जिलों में तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश में रातें भी सर्द हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 4 दिनों में तापमान में और भी गिरावट हो सकती है, क्योंकि यहां सर्द हवाओं का रुख तेज बना हुआ है।

राजस्थान में भीषण शीतलहर के बीच 13 जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं

जयपुर. राजस्थान में जारी भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए राज्य के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और कहीं-कहीं स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। छात्रों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 12 और 13 जनवरी के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में तापमान लगातार गिर रहा है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के 11 जिलों में शीतलहर को लेकर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 14–15 जनवरी के बाद ही ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है। जिलावार स्कूलों को लेकर आदेश जयपुर में कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों में 12 और 13 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल 14 जनवरी से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। नागौर में कक्षा 5 तक के स्कूल 12 और 13 जनवरी को बंद रहेंगे। दौसा में कक्षा 8 तक के सभी छात्रों के लिए 12 जनवरी से अवकाश घोषित किया गया है। सीकर में कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल बंद किए गए हैं। जालोर में कक्षा 5 तक के स्कूल 12 से 14 जनवरी तक बंद रहेंगे। झुंझुनूं में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों की छुट्टियां 13 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। झालावाड़/जूनागढ़ में कक्षा 5 तक के स्कूल 12 और 13 जनवरी को बंद रहेंगे। डूंगरपुर में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, हनुमानगढ़ में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में सोमवार को अवकाश रहेगा, जबकि मंगलवार को लोहड़ी का अवकाश रहेगा। स्कूल 14 जनवरी से खुलेंगे। अजमेर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल अगले आदेश तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। चूरू में कक्षा 8 तक के स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। जोधपुर संभाग में सभी स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलाए जाएंगे। बच्चों को लेकर प्रशासन की अपील लगातार पड़ रही ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजें और जिला स्तर पर जारी होने वाले निर्देशों पर नजर बनाए रखें। राज्य में ठंड का प्रकोप फिलहाल जारी रहने की संभावना है, ऐसे में आने वाले दिनों में स्कूलों को लेकर और भी आदेश जारी किए जा सकते हैं।

एमपी में शीतलहर का कहर: दतिया सबसे ठंडा, चार दिन तक कोहरा और तापमान में गिरावट

भोपाल  पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान दतिया में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, खजुराहो में 6.5 डिग्री, नौगांव, शिवपुरी और रीवा में 7 डिग्री के आसपास पारा रिकॉर्ड किया गया। कोहरे से विजिबिलिटी घटी कोहरे के कारण कई जिलों में दृश्यता प्रभावित रही। मौसम विभाग के मुताबिक रतलाम, खजुराहो और नौगांव में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर तक दर्ज की गई। दतिया, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सतना और सीधी में विजिबिलिटी 1 किलोमीटर से अधिक रही, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अन्य जिलों में 2 से 4 किलोमीटर के बीच दृश्यता दर्ज की गई। कोहरे की मार से ट्रेनें लेट घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली की ओर से आने वाली और वहां जाने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस करीब 1 घंटे 20 मिनट लेट रही। सचखंड एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित रही और करीब 9 घंटे की देरी से चली। झेलम एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट, पंजाब मेल 1 घंटे 20 मिनट और कर्नाटक एक्सप्रेस भी 1 घंटे 20 मिनट लेट रही। शताब्दी एक्सप्रेस करीब 20 मिनट देरी से पहुंची।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में भी रातें सर्द बनी रहेंगी और सुबह के समय कोहरे का असर जारी रह सकता है। ऊपरी इलाकों में कोहरे की चादर सोमवार सुबह प्रदेश के उत्तरी और ऊपरी हिस्सों में कोहरा सबसे ज्यादा असर दिखा। ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं भोपाल, इंदौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, शाजापुर, विदिशा और उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। कल्याणपुर सबसे ठंडा, पचमढ़ी पीछे नहीं प्रदेश में ठंड का रिकॉर्ड-तोड़ सिलसिला जारी है। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी 5.8 डिग्री के साथ दूसरे नंबर पर रहा। पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 7 डिग्री तक लुढ़क गया। कोहरे का असर ट्रेनों की रफ्तार पर भी पड़ा है, जिससे दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें लेट चल रही हैं।मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। रविवार को अधिकतर शहरों में दिन का तापमान भी 25 डिग्री के पार नहीं पहुंच सका। कोहरे ने रोकी रफ्तार, ट्रेनें लेट पिछले 15 दिनों से कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने रेल यातायात को प्रभावित किया है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें लगातार देरी से पहुंच रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी हिस्से में अगले कुछ दिन तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडा प्रदेश में ठंड का दौर जारी है। शनिवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.8 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर का टेम्परेचर सबसे कम 7 डिग्री दर्ज किया गया। 20 से अधिक जिलों में कोहरा छाया। इस वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इधर, रविवार को अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। अगले चार दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान इसी तरह बना रहेगा। पिछले 15 दिनों से लेट आ रही ट्रेनें नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर ज्यादा रहेगा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार … Read more

ठंड से कांपा बिहार, नालंदा में 3.1 डिग्री न्यूनतम तापमान, कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

पटना बिहार में कड़ाके की ठंड का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं और सक्रिय Western Disturbance की वजह से राज्य में शीतलहर और घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रातों में से एक साबित हुई। नालंदा बना सबसे ठंडा जिला बिहार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नालंदा में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा। वहीं शेखपुरा में पारा 3.2°C दर्ज किया गया। राजधानी पटना के मौसम की बात करें तो यहां न्यूनतम तापमान 4.1°C रिकॉर्ड किया गया है, जिससे ठंड की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इन जिलों में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा बीते 24 घंटे में बिहार के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है:     पटना – 4.1°C     नवादा, बक्सर – 4.2°C     अरवल – 4.4°C     रोहतास, मुंगेर – 4.6°C     भोजपुर, जहानाबाद – 4.7°C     लखीसराय – 4.8°C 48 घंटे तक शीतलहर का असर, 31 जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD बिहार पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के 31 जिलों में शीतलहर और घना कोहरा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटे तक तापमान में 1–2 डिग्री तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। सुबह और देर रात Dense Fog Alert के कारण दृश्यता कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। क्यों बढ़ रही है ठंड? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में Western Disturbance Active है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवाएं सीधे बिहार तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही घना कोहरा सूरज की किरणों को धरती तक पहुंचने से रोक रहा है, जिससे दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। पटना में धूप निकलेगी, लेकिन राहत नहीं पटना कोल्ड डे की कंडीशन बनी रह सकती है। दिन में हल्की धूप दिख सकती है, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठंड से खास राहत नहीं मिलने की संभावना है। सुबह और रात में कोहरे का असर बना रहेगा। 15 जनवरी के बाद बदल सकता है मौसम बिहार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 15 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बन रही है। बारिश होने पर ठंड और बढ़ सकती है, हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में सुधार के संकेत भी मिल सकते हैं। फिलहाल अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रात का टेम्परेचर अभी और गिर सकता है।  

छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट: अंबिकापुर में 3.5°C पारा, अगले 2 दिन और गिरेगा तापमान

रायपुर  छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिए हैं। हिमालय की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सरगुजा संभाग इस समय सबसे अधिक प्रभावित है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के सबसे निचले स्तरों में से एक है। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री के बीच बना हुआ है। यहां खुले खेतों और पराल पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमती देखी गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई अन्य जिलों में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रातें ज्यादा सर्द हो रही हैं, जिससे सुबह और देर शाम लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है। सिनोप्टिक सिस्टम के चलते बढ़ेगी ठंड पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है। वहीं तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की तरफ आगे बढ़ा देती है, नतीजा यह होता है कि उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगती है। इसी वजह से रात का तापमान तेजी से गिरता है। सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होती है, कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन जाती है। उदाहरण के साथ समझाया जाए तो मान लीजिए जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला रह जाए और पंखा चलने लगे तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है। यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है। यात्री प्रतीक्षालय में ठंड से मौत 7 जनवरी को कोरबा के सरई सिंगार निवासी हरप्रसाद भैना (55) की मौत ठंड लगने से हो गई। उनकी लाश कसईपाली के यात्री प्रतीक्षालय में मिली। हरप्रसाद मंगलवार को रलिया गांव में छठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। रात की ठंड में थकान के कारण वे प्रतीक्षालय में सो गए थे। बुधवार सुबह लोगों ने उनकी लाश देखी। शव की स्थिति और मौके की परिस्थिति देखकर उनकी ठंड से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस ठंड की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और तेज जेट स्ट्रीम है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र से ठंडी हवा को दक्षिण की ओर धकेल रहा है, जबकि जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा रही है। इसी प्रक्रिया के चलते उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक फैल रही है और शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है। ठंड के इस दौर का मानवीय असर भी सामने आ रहा है। हाल ही में कोरबा जिले में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत की आशंका ठंड लगने से जताई गई है। उनका शव एक यात्री प्रतीक्षालय में मिला था। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से रात के समय खुले स्थानों पर न रुकने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रैन बसेरों और अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ को सर्दी की इस परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

हरियाणा की नायब सरकार ने शीतलहर व पाले से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी

चंडीगढ़. उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही सर्दी और संभावित शीतलहर को देखते हुए हरियाणा सरकार ने लोगों को शीतलहर एवं पाले से बचाव की एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई “शीतलहर कार्य योजना” के अंतर्गत लोगों को सर्दी से बचाव के लिए प्रेरित किया गया तथा किसानों को फसल संबंधी जानकारी दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी 2025 में चंडीगढ़, अंबाला, करनाल और हिसार में शीतलहर का प्रभाव देखा गया था। सी प्रकार की स्थिति वर्ष 2026 के प्रथम सप्ताह में देखने को मिल रही है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानी क्षेत्रों में वास्तविक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम तथा पहाड़ी क्षेत्रों में शून्य डिग्री के आसपास रहता है तो उसे शीतलहर की श्रेणी में रखा जाता है। उन्होंने घर के अंदर कोयला या अंगीठी जलाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि बंद स्थानों में कार्बन मोनोआक्साइड गैस उत्पन्न होकर जानलेवा साबित हो सकती है। पालतू जानवरों, मवेशियों एवं घरेलू पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उन्हें घर के अंदर रखें। हाइपोथर्मिया की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाने की सलाह देते हुए सुमिता मिश्रा ने कहा कि शीतलहर के कारण गेहूं व जौ में काला रतुआ, सरसों व सब्जियों में सफेद रतुआ तथा आलू-टमाटर में लेट ब्लाइट जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। किसान बोर्डो मिश्रण या कापर आक्सी-क्लोराइड का छिड़काव करें तथा फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग करें। शीतलहर के दौरान हल्की एवं बार-बार सतही सिंचाई करें और जहां संभव हो स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाएं। शीतलहर के दौरान मिट्टी में पोषक तत्व न डालें, क्योंकि ठंड के कारण जड़ों की गतिविधि कम हो जाती है और पौधे उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते।