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भोपाल में 10 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, इंदौर-ग्वालियर में स्कूल बंद, शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण सर्दी की चपेट में है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कई जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल में भी जनवरी की सर्दी ने बीते 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तेज ठंड और कम विजिबिलिटी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्कूल देर से खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। घना कोहरा बना मुसीबत, कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। दतिया में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में सड़कों पर धुंध की मोटी परत छाई रही।  मध्यप्रदेश में तेज ठंड और कोहरे का असर है। प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। उमरिया में सबसे कम 3.9 डिग्री रहा। राजगढ़-खजुराहो में 4.5 डिग्री, शिवपुरी में 5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री रहा। बुधवार सुबह आधे से ज्यादा हिस्से में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। सतना, दतिया, गुना, रीवा, ग्वालियर, राजगढ़, खजुराहो, नौगांव और सीधी में कोहरे का सबसे ज्यादा असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आने वाली एक दर्जन ट्रेनें लेट हैं। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर, मऊगंज, धार और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी है। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले भी शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में शीतलहर का प्रभाव रहा। वहीं, भोपाल-राजगढ़ में तीव्र शीतलहर चली। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर व नरसिंहपुर में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम में आज भी स्कूलों की छुट्‌टी पिछले 3 दिन से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस वजह से इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, रायसेन, आगर-मालवा, भिंड, टीकमगढ़, हरदा, नीमच, रतलाम, राजगढ़, मंडला, जबलपुर, दमोह, डिंडौरी, नर्मदापुरम, झाबुआ, छतरपुर, सीधी, बैतूल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी गई थी। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी रहेगी। वहीं, भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुले रहेंगे। हालांकि, तेज ठंड का असर बरकरार है। ऐसे में बच्चों को स्कूलों में पहुंचने में दिक्कतें होंगी। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।  इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, उमरिया और शहडोल समेत कई जिलों में भी कोहरे ने रफ्तार थाम दी। शीतलहर और कोल्ड डे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में भी शीतलहर का असर देखा जा चुका है। भोपाल और राजगढ़ में तो तीव्र शीतलहर दर्ज की गई। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर में दिनभर ठंडा दिन (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बनी रही, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई। स्कूलों पर ठंड का असर, कई जिलों में छुट्टियां बढ़ीं लगातार तीसरे दिन प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम में बुधवार को भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं। तेज ठंड और घने कोहरे के कारण बच्चों के स्कूल पहुंचने में दिक्कतें बनी हुई हैं। दिन का तापमान भी गिरा, दतिया सबसे ठंडा सिर्फ रात ही नहीं, बल्कि दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को दतिया में अधिकतम तापमान महज 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। श्योपुर में 18.2, नौगांव में 18.5, ग्वालियर में 18.9 और खजुराहो में 20.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।भोपाल और दमोह में दिन का पारा 21.8 डिग्री तक पहुंचा, जबकि रतलाम और गुना में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में एक रात में 5.6 डिग्री की गिरावट राजधानी भोपाल में ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया। एक ही रात में तापमान 5.6 डिग्री गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। इससे पहले 2015 के बाद ऐसा न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था।प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 2.8, शाजापुर में 3.7, मंदसौर में 3.8, सीहोर में 3.9 और रीवा में 4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें भी देरी का शिकार हुईं। मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक लेट पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।  पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने … Read more

राजस्थान में शीतलहर और कोहरे का असर, 20 जिलों में स्कूलों की छुट्टी

जयपुर राजस्थान में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश में घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते शीतलहर का असर तेज हो गया है। हालात को देखते हुए राज्य के 20 जिलों में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को 18 जिलों में कोहरा और शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है। राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे सीजन में पहली बार विजिबिलिटी शून्य (0 मीटर) दर्ज की गई। इसके साथ ही शहर की हवा की गुणवत्ता भी खराब रही और अधिकांश इलाकों में AQI 200 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। जयपुर के अलावा सीमावर्ती जिलों, अजमेर और कोटा सहित कई क्षेत्रों में भी घने कोहरे का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 7 जनवरी तक कोहरे और 9 जनवरी तक शीतलहर का प्रभाव बना रह सकता है। इस दौरान तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है। नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ रही है। बीते पांच दिनों में तीन दिन माउंट आबू और शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया। घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह भी शीतलहर के चलते कड़ाके की ठंड महसूस की गई। इससे पहले सोमवार को जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा सहित कई जिलों में दोपहर तक कोहरा छाया रहा। प्रदेश के 19 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जबकि गंगानगर सबसे ठंडा जिला रहा। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

ठंड से कांपा झारखंड, शीतलहर के चलते 8 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी, मौसम विभाग की चेतावनी

रांची  झारखंड में नए साल के साथ शुरू हुआ अत्यधिक सर्दी का सितम बरकरार है। ठंड और शीतलहर ने जनजीवन बेहाल कर रखा है। ऐसे मौसम में स्कूल जाने वाले छात्रों को जिला प्रशासन की ओर से बड़ी राहत दी गई है। 8 जनवरी तक राज्य के सभी स्कूल बंद ठंड और शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। विभाग ने 6 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2026 तक प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी कक्षाएं बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश राज्य में चल रहे सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) और निजी स्कूलों पर लागू होगा। कोई स्कूल अगर इसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियम उल्लंघन के चलते कार्रवाई की जाएगी। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी इन दिनों स्कूल आएंगे और अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए गैर-शैक्षणिक कार्य करेंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में किसी स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षा निर्धारित है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकारी अपने स्तर से परीक्षा संचालन को लेकर फैसला ले सकते हैं। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार झारखंड में भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने 5, 6 और 7 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने का पूर्वानुमान जारी किया है जिससे आगामी तीन-चार दिनों तक ठंड का असर बढ़ने की पूरी संभावना है। बीते रविवार को राजधानी में दिनभर धूप-छांव की आंख मिचौली देखने को मिली। खिली धूप नहीं रहने से ठंड का असर देखने को मिला। वहीं, जिले के बाहरी क्षेत्रों में अहले सुबह घने कोहरे का असर भी दिखा। ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालांकि, शीतलहर होने के बावजूद लोगों की भीड़ शहर के पार्कों में देखने को मिल रही है।  

शीतलहर से कांपा झारखंड, लोहरदगा बना सबसे ठंडा इलाका—3.4 डिग्री दर्ज

रांची झारखंड के कई हिस्सों में सोमवार को शीतलहर की स्थिति बनी रही और राज्य के 10 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार, लोहरदगा में राज्य का सबसे कम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद गुमला में 4.1 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, "क्षोभमंडल के निचले स्तरों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने के कारण पारे में गिरावट आई है।" रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, राज्य की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। झारखंड के अन्य जिले जहां तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, उनमें बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा और पलामू शामिल हैं।  

सुबह घना कोहरा, रात में कंपकंपाती ठंड—झारखंड के 15 जिलों के लिए IMD का येलो अलर्ट

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के 15 जिलों में अगले दो दिनों तक घने कोहरे के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। आईएमडी बुलेटिन के अनुसार, आज गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ के लिए घने कोहरे का 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में सबसे ठंडा स्थान गुमला रहा, जहां तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस था, इसके बाद डाल्टनगंज और पाकुर में 8.3 डिग्री सेल्सियस और खूंटी में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। झारखंड की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को रांची समेत 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता 50 मीटर से 200 मीटर के बीच रहेगी। चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले तीन दिनों में इसमें तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा, "चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना है।"  

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

सावधान यूपीवाले: सात दिन तक रहेगा घना कोहरा, उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप तेज

नई दिल्ली पूरा उत्तर भारत इन दिनों ठंड और घने कोहरे के चपेट में है। यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब समेत तमाम राज्यों में सुबह और शाम को विजिबिलिटी बहुत कम रह गई है, जबकि सर्दी भी कड़ाके की पड़ रही। इस बीच, मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के लिए अगले सात दिनों तक बहुत घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, पूरे उत्तर भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक कम हो जाएगा, जिसकी वजह से ठंड और बढ़ जाएगी। इसके अलावा, कई अन्य राज्यों में भी ऐसी ही स्थिति रहने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच से सात दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा में रात और सुबह के घंटों में बहुत घना कोहरा छाने वाला है। अगले पांच दिनों के दौरान, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत में भी ऐसा ही मौसम रहेगा। दो जनवरी को हिमाचल प्रदेश, चार और पांच जनवरी को बिहार में कुछ जगह पर कोल्ड डे की चेतावनी जारी की गई है। तीन और चार जनवरी को हिमाचल प्रदेश में, तीन से छह जनवरी के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, चार से छह जनवरी के दौरान पंजाब में, आठ और नौ जनवरी को राजस्थान में कुछ जगहों पर शीतलहर चलने वाली है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो जम्मू कश्मीर, लद्दाख में कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे था, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 0-5 डिग्री, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर पांच से 10 डिग्री सेल्सियस, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ, ओडिशा, महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर, हरियाणा और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर 10-15 डिग्री सेल्सियस था। अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो जाएगी यानी कि ठंड और बढ़ेगी। इसके अलावा, मध्य भारत में भी अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने वाली है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत में मिनिमम टेम्प्रेचर में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। अगले तीन दिनों के दौरान महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में सात तारीख तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पांच तारीख तक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच तारीख, 8 और 9 जनवरी को, ओडिश में 6 जनवरी तक घने से बहुत घना कोहरा छाया रहने वाला है। इसके अलावा, जम्मू डिविजन, उत्तरी मध्य प्रदेश में छह तारीख तक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में सात तारीख तक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में आठ और नौ तारीख को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6-9 तारीख के दौरान, पूर्वी उत्तर प्रदेश में छह और सात जनवरीक को घना कोहरा छाया रहने वाला है। वहीं, दो और तीन जनवरी को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में और दो जनवरी को मेघालय में पाला पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है।  

कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल, उत्तर भारत में तापमान लुढ़का; दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों पर ब्रेक

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। बुधवार को घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क, रेल और हवाई यातायात पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, वहीं वायु प्रदूषण ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है। घने कोहरे और बेहद कम दृश्यता के चलते बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ा असर पड़ा। कम से कम 148 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 150 से अधिक उड़ानों में देरी हुई। इनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान उड़ानें शामिल रहीं। दो उड़ानों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के अनुसार दृश्यता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ उड़ानें अभी भी प्रभावित रह सकती हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को यात्री सेवा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।   दिल्ली में ‘बहुत खराब’ हवा और ऑरेंज अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी बुधवार सुबह घने कोहरे की मोटी चादर में लिपटी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सुबह घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया। पालम और सफदरजंग में दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 384 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। आनंद विहार में एक्यूआई 452 के साथ सबसे खराब दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, एक जनवरी को हालात ‘गंभीर’ हो सकते हैं और अगले कई दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रहने की आशंका है। न्यूनतम तापमान 6–8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। गुवाहाटी में ठंड के कारण स्कूल बंद कड़ाके की ठंड को देखते हुए असम के कामरूप महानगर जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 दिसंबर से 6 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है और स्कूल 7 जनवरी से दोबारा खुलेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, गुवाहाटी में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड, कोहरा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। 

पंजाब में शीतलहर का कहर: स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाकर 7 जनवरी तक की गईं

चंडीगढ़  पंजाब में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों और स्कूल स्टाफ की सेहत व सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी सरकारी, एडिड, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों में 7 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। अब प्रदेश के सभी स्कूल 8 जनवरी से सामान्य दिनों की तरह दोबारा खुलेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि राज्य में लगातार बढ़ रही ठंड और धुंध को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों और शिक्षकों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। पिछले कई दिनों से पंजाब के अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग की ओर से भी ठंड और कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को खासा जोखिम बना हुआ था।   अभिभावकों और शिक्षकों को राहत सरकार के इस फैसले से अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए यह निर्णय अहम माना जा रहा है। शिक्षकों और विभिन्न यूनियनों की ओर से भी पहले छुट्टियां बढ़ाने की मांग की जा रही थी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने पर 8 जनवरी से सभी स्कूल नियमित समय और व्यवस्था के अनुसार संचालित किए जाएंगे।

राजधानी में सुबह रहेगी धुंध, मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर का पूर्वानुमान

रायपुर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेशवासियों को नए साल में ही ठंड से ही राहत मिलेगी. दिसंबर अंत तक तापमान में विशेष राहत की कोई संभावना नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा. इस दौरान अर्थात अगले 2 दिनों तक जिलों में एक-दो स्थानों में शीत लहर चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने तत्पश्चात 1-2 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. प्रदेश में एक-दो पॉकेट में शीतलहर चलने की आशंका भी प्रकट की गई है. राजधानी में देर शाम से सुबह तक बगैर गर्म कपड़ों लोगों के लिए रहना मुश्किल हो चला है, जबकि आउटर में ठंड अधिक होने के कारण दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है. अंबिकापुर में ठंड का सितम किसी भी स्थान पर पारा 30 डिग्री तक नहीं पहुंच पाया है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया. यहां हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. कुछ क्षेत्रों में बर्फ जमने की स्थिति निर्मित हो गई है. छग में वर्षा के आंकड़े निरंक रहे अर्थात पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई. फिलहाल प्रदेश का मौसम शुष्क ही रहेगा. रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि 29 दिसंबर को धुंध छाए रहेंगे. इसके पूर्व रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 27.3 डिग्री रहा. वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 12.1 डिग्री दर्ज किया गया. माना क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज हुआ. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज धुंध छाए रहने के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है.