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घना कोहरा और बूंदाबांदी के साथ बारिश का अलर्ट, गुना और शाजापुर समेत कई जिलों में सतर्कता जरूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से कई जिलों में घना कोहरा, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखी जा रही हैं। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में सबसे अधिक कोहरा रहा। रीवा में विजिबिलिटी 50-200 मीटर तक रह गई। सतना, भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, देवास, रतलाम, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर और बालाघाट में मध्यम कोहरा बना रहा। इधर रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं दिन में सर्दी का असर बढ़ा है। बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी-दतिया में 7.8 डिग्री, उमरिया में 7.9 डिग्री, रायसेन में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, नौगांव में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और सीधी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान गुना, शाजापुर समेत 8 जिलों में आंधी, बारिश और गरज चमक होने का अलर्ट जारी किया है। शाजापुर में तो हल्की बारिश का दौर शुरू भी हो गया है। इंदौर में भी बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर में बिजली चमकने के साथ तेज हवा चलने और दोपहर में गुना, राजगढ़, सागर, रायसेन के सांची में हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम     1 फरवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है।     2 फरवरी- नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है।     3 फरवरी- ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी का दौर भी बना रहेगा। किसानों के लिए सलाह     खेतों में पानी का निकास सुनिश्चित करें ताकि अल्पकालिक वर्षा से नुकसान न हो।     गेहूं, चना और सरसों की फसल पर तेज हवा और नमी से होने वाले रोगों की निगरानी करें।     बागवानी फसलों में फल झड़ने से बचाने के लिए पौधों को सहारा दें और अनावश्यक गतिविधियों से बचें।     मौसम साफ होने तक सिंचाई स्थगित करें और कटाई हुई फसल को खुले में न छोड़ें। सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जेट स्ट्रीम हवाओं की गति बढ़ी। इसका असर मध्य प्रदेश के दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के रूप में देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि, जब यह सिस्टम लौटेगा तो ठंड का एक और दौर प्रदेश में आएगा।

ऑरेंज अलर्ट जारी: पंजाब में ठंड और धुंध, कल से बारिश के आसार,फरीदकोट का तापमान 3 डिग्री रहा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में आज शुक्रवार को धुंध और शीत लहर को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हालांकि, 31 तारीख से मौसम में बदलाव आने की संभावना है और एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है. इस समय सुबह और शाम को भले ही ठंड महसूस हो रही है, लेकिन दिन के दौरान तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है. दिन के समय पिछले कुछ दिनों से धूप निकल रही है जिसके कारण लोगों को ठंड से कुछ राहत महसूस होती है. अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि हुई है और अब यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है. सबसे कम तापमान फरीदकोट में 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. 9 जिलों में शीत लहर का अलर्ट आज अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और मलेरकोटला में कहीं-कहीं शीत लहर चलने की संभावना है. वहीं फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में कहीं-कहीं घना कोहरा पड़ने के आसार हैं. इसके अलावा पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भी घने कोहरे की संभावना है. मौसम सूखा रहने की उम्मीद जताई गई है. आगे फिर बदल सकता है मौसम जम्मू और आसपास के इलाकों में इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है. यह हवा में एक चक्र की तरह बना हुआ है, जो जमीन से काफी ऊंचाई पर मौजूद है. ऊपरी हवाओं में भी इसका असर बना हुआ है, जिसके कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. फिलहाल यह सिस्टम कायम रहेगा. इसके अलावा 30 जनवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की संभावना है, जिससे आगे मौसम फिर बदल सकता है. 31 से शुरू होगा बारिश का दौर मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरिंदर पाल ने बताया कि राज्य में 1 फरवरी को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही 31 जनवरी और 2 और 3 फरवरी को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. इसके बाद न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई गई है. आने वाले दिनों में मौसम ऐसा रहेगा 31 जनवरी: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 1 फरवरी: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. इसके अलावा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. 2 फरवरी: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर: 19 शहरों का पारा 10°C से नीचे, राजगढ़ में सबसे कम तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिर लौटेगा। मौसम केंद्र भोपाल ने 31 जनवरी और 1-2 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ऐसा होगा। आज यानी शुक्रवार को सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छा रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। 31 जनवरी, 1-2 फरवरी को बारिश होने का अलर्ट है। दरअसल,  मंगलवार-बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद एक बार फिर ठंडी ठंड लौट आई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बीती रात मंदसौर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस समय सबसे कम है। इसके साथ ही मालवा अंचल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना रहा। इसके कई जिलों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया।   बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद साफ आसमान ठंड को और तीखा बना रहा है। खासकर रात के समय विकिरणीय शीतलन के कारण तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है। मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर की स्थिति बनी है। इन संभागों में छाया रहा कोहरा मौसम विभाग के अनुसार, आज सुबह भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 जिलों में कहीं हलका तो कहीं मध्यम कोहरा छा रहा है। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में भी कोहरे का असर रहा। सावधान! पाले की चेतावनी कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मंदसौर, नीमच, रतलाम और शहडोल जैसे जिलों में पाले का खतरा बढ़ गया है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को हल्की सिंचाई और धुएं की व्यवस्था जैसे बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घना कोहरा दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, दतिया, खजुराहो, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया, बालाघाट, विदिशा, अशोकनगर, रायसेन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, सीहोर और डिंडौरी सहित कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। भोपाल में 9.8 डिग्री, ग्वालियर में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 3 डिग्री, पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री और दमोह में 7.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सतना में भी पारा 9.7 डिग्री तक गिर गया। विजिबिलिटी की बात करें तो सतना में यह 50 मीटर से कम रही, जबकि रीवा में 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। ग्वालियर और गुना में 200 से 500 मीटर तक दृश्यता रही। रायसेन, दमोह, नौगांव और सीधी में 500 से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी रही। भोपाल, दतिया, खजुराहो और टीकमगढ़ में एक किलोमीटर से अधिक, जबकि नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया और बालाघाट में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और रात में ठंड बने रहने की संभावना जताई है। ठंड और कोहरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट।     1 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट। चंबल-बुंदेलखंड कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि तापमान में बहुत राहत की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने से न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घने कोहरे की चेतावनी है।   अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।     01 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  

ओला और बारिश ने बढ़ाई ठंड, मध्य प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा, पचमढ़ी सबसे ठंडा

 भोपाल मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का दौर थमने के बाद सर्दी का असर एक बार फिर तेज हो गया है। गुरुवार सुबह प्रदेश के बड़े हिस्से घने कोहरे की चपेट में रहे। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और इंदौर सहित 20 से अधिक जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। कई स्थानों पर सुबह 9 से 10 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर और दतिया में सबसे घना कोहरा रिकॉर्ड किया गया, जहां दृश्यता बेहद कम रही। कोहरे के चलते हाईवे और शहरों की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। कई इलाकों में सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पंचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 6.2 डिग्री दर्ज एमपी में कड़ाके की ठंड के बीच आज प्रदेश में पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. जहां तापमान 6.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. वहीं, मंदसौर में 7.3 डिग्री, धार/शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में राजगढ़ में 9.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही नीमच के मरूखेड़ा में तापमान 9.9 डिग्री दर्ज हुआ है. सर्द हवाओं का बना रहेगा सितम, 31 से फिर गिरेगा मावठा मौसम विभाग के अनुसार इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में कम विजिबिलिटी बनी रहेगी. इसके साथ ही सर्द हवाओं का सितम भी जारी रहेगा. ऐसा प्रदेश के आस-पास सक्रिय चक्रवात के कारण हो रहा है. इतना ही नहीं अगले दो दिन बारिश और 31 जनवरी से प्रदेश में मावठा गिरने के साथ ही बारिश का भी अनुमान जताया जा रहा है. एमपी में अगले दिन दिन इन जिलों में अलर्ट 30 जनवरी को मौसम विभाग ने प्रदेश के उत्तरी इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है. फिलहाल बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। दिन और रात दोनों समय ठंड का असर थोड़ा बढ़ सकता है. 31 जनवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में कोहरे का असर रहने की संभावना है. 1 फरवरी को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, सागर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर और रीवा सहित कई जिलों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है. पचमढ़ी में सबसे कम तापमान रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा मंडला, उमरिया, शहडोल, रीवा और सागर जैसे इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण रात की ठंड बढ़ी है। जबलपुर समेत कई शहरों में देर से निकली धूप जबलपुर में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। करीब 10.30 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। कोहरे के कारण सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही। हालांकि धूप निकलते ही बाजार और दफ्तरों में सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हो गईं। अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।     30 जनवरी: प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छा सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन और रात दोनों समय ठंड का असर बढ़ सकता है।     31 जनवरी: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में कोहरा छाने की संभावना है।     1 फरवरी: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित मध्य और उत्तर मध्य प्रदेश के करीब 30 से अधिक जिलों में सुबह के समय कोहरा रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सुबह और रात के समय सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर हाईवे पर चलने वाले वाहनों को धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का उपयोग करने को कहा गया है। ठंड बढ़ने के कारण बुजुर्गों और बच्चों को भी विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।

ठंड, बारिश और बर्फबारी का डबल अटैक, फरवरी की शुरुआत में कांपेगा उत्तर भारत, IMD की चेतावनी

नई दिल्ली उत्तर पश्चिम और मध्य भारत को फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग या IMD ने बुधवार के ऐसा पूर्वनुमान लगाया है। मौसम विभाग ने पंजाब और दिल्ली समेत कम से कम पांच राज्यों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। खास बात है कि कड़ाके की ठंड के बीच बुधवार को कई राज्यों में बारिश भी दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Active Western Disturbance) के प्रभाव से हिमालयी इलाकों में बड़े लेवल पर बर्फबारी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा स्थित गुरेज सेक्टर में आए बर्फीले तूफान की वजह से 100 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. मध्य प्रदेश के खरगोन में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं और चने की खड़ी फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.  उत्तराखंड के टिहरी में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में 12 घंटों से जारी बारिश की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम विभाग ने 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार में घना कोहरा और शीत लहर जारी रहेगी. राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी में बिजली लाइनों में फैले करंट की चपेट में आने से 24 साल के युवक करणदान की मौत हो गई, जिसकी अप्रैल में शादी होनी थी. बारिश और तेज हवा के आसार मौसम विभाग ने बताया कि 1 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत, उससे सटे मैदानी इलाकों में और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आंधी तूफान की संभावनाएं हैं। उस दौरान हवा 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को बारिश के आसार हैं। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। कोहरे और शीत लहर की मार IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू और कश्मीर, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, ओडिशा में 30 जनवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। ऐसा ही मौसम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 31 जनवरी को रह सकता है। उप हिमालयी पशअचिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में 30 और 31 जनवरी को घना कोहरा छा सकता है। इधर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 31 जनवरी तक शीत लहर के आसार हैं। गुरेज से टिहरी तक बर्फबारी का असर हिमालय की पहाड़ियों पर कुदरत का कहर जारी है. बांदीपोरा के गुरेज में बर्फीले तूफान ने रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जहां 100 घर इसकी चपेट में आए हैं. हालांकि, विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना वहां 'स्नो क्रिकेट लीग' आयोजित कर युवाओं का उत्साह बढ़ा रही है.  उत्तराखंड के टिहरी में चिरबिटिया और कद्दूखाल जैसे इलाकों में बर्फबारी से लोग घरों में कैद हैं. गनीमत रही कि पांच दिनों से बंद घुत्तू–गंगी मार्ग को अब बहाल कर लिया गया है. ओलावृष्टि से 'सफेद' हुए खेत, किसान बेहाल मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद तहसील में अचानक आए मौसम के बदलाव ने तबाही मचा दी है. दोगावां क्षेत्र में बड़े-बड़े ओलों के गिरने से गेहूं की बालियां टूट गईं और चने की फसल पूरी तरह झड़ गई. खेतों में लहलहाती फसलें अब जमीन पर बिछी हुई हैं. पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर किसानों को तुरंत मुआवजा देने और फसलों के सर्वे की मांग उठाई है. किसानों का कहना है कि इस आपदा ने उनकी आर्थिक कमर तोड़ दी है. कोटा में दर्दनाक हादसा… राजस्थान के कोटा में बारिश के दौरान बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई. रामगंजमंडी के कुम्भकोट कस्बे में बिजली की लाइनों से घरों में करंट फैल गया. इसकी चपेट में आने से युवक करणदान की मौके पर ही मौत हो गई. कितना रहेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है। हालांकि, इसके दो दिन बाद 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं। गुजरात में अगले 2 दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। IMD का कहना है कि देश में कहीं और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव के आसार नहीं हैं। ठंड के बीच बौछार उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बुधवार को बारिश हुई और उत्तरी भारत में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें जम्मू कश्मीर भी शामिल है, जहां भारी हिमपात के कारण पहले बंद किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।

पंजाब-हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड

चंडीगढ़. कश्मीर में हुई ताजा बर्फबारी के कारण बीते कुछ दिनों में दूसरी बार घाटी का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क टूट गया। अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है। उत्तर भारत को प्रभावित कर रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर और बढ़ गया है। सुबह से ही पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जो रुक-रुक कर दिनभर जारी रही। पंजाब के कई जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे ठंड में और इजाफा हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब और आसपास के राज्यों में बारिश होने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी तथा पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि के कारण मैदानी इलाकों के तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 जनवरी तक शीतलहर और घने कोहरे का असर बना रहेगा, जिसको देखते हुए पंजाब में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बठिंडा में अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के विभिन्न जिलों में हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार पटियाला में सबसे अधिक 29 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

एमपी में ठंड की वापसी, कई जिलों में कोहरा; 27-28 जनवरी में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सर्दी और कोहरे के बीच गुजर रहे दिनों के बाद अब प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को राज्य के लगभग आधे हिस्से के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इसकी वजह उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है, जिसका असर अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। रविवार को कई जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में दिख रहा नए सिस्टम का असर पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने सर्दी को और तीखा कर दिया। यही मौसम प्रणाली अब मध्य प्रदेश में भी असर दिखा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बीते 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल अंचल के कुछ जिलों में बारिश भी दर्ज की गई है। सुबह कोहरा, दिन में बादल बढ़ाएंगे परेशानी प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय घना और मध्यम कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा और बुंदेलखंड के इलाकों में दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क पर चलना चुनौती भरा हो गया। भोपाल समेत आसपास के जिलों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। शनिवार को भी कई जगहों पर तेज हवाएं चलीं और दिनभर बादल बने रहे, जिससे ठंडक का एहसास बना रहा। रायसेन में तापमान गिरा, फिर लौटी कड़ाके की ठंड हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड तक हुई बर्फबारी के असर से रायसेन जिले में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। शनिवार दोपहर से मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बर्फीली हवाओं ने लोगों को फिर से सर्दी का एहसास कराया। मौसम में इस बदलाव के बाद दिन के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। शनिवार को यह 27 डिग्री से घटकर 24 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह, रात के न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जो 14 डिग्री से गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कोहरे के कारण लोग घरों से नहीं निकले रविवार सुबह जिले में बर्फीली हवाओं के साथ कोहरा छाया रहा, लोगों देर तक घरों में कैद रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट या उतार-चढ़ाव की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। महीने के अंत में फिर ठंड की दस्तक मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक तेज ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन जनवरी के आखिरी दिनों में सर्दी का एक और दौर देखने को मिल सकता है। शनिवार शाम नरसिंहपुर के सालीचौका इलाके में अचानक हुई तेज बारिश ने लोगों को चौंका दिया, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सुबह कोहरा, दिन में बादल बढ़ाएंगे परेशानी प्रदेश के कई जिलों में आज सुबह के समय घना और मध्यम कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क पर चलना चुनौतीपूर्ण हो गया। भोपाल और आसपास के इलाकों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। शनिवार को कई स्थानों पर तेज हवाएं चलीं और दिनभर बादल बने रहे, जिससे ठंडक बनी रही। नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सीधी, रायसेन, उज्जैन, दमोह, सतना, उमरिया, राजगढ़, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा, खजुराहो, मंडला, नौगांव, सागर, मलाजखंड में भी कोहरा छाया हुआ है। दूसरी ओर, कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पहुंच गया। दतिया में 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, पचमढ़ी-श्योपुर में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री और रतलाम-रीवा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 11.9 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15 डिग्री रहा। दो दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट प्रदेश के आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) स्ट्रॉन्ग है। यह एमपी में भी असर दिखाएगा। इससे पहले ग्वालियर-चंबल में बादल-बारिश और कोहरे वाला मौसम है। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल के अनुसार, उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। वहीं, एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और ट्रफ की भी एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश हुई। एक दिन पहले भी छाए रहे बादल एक दिन पहले शनिवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से ज्यादा जिलों में तेज हवाएं चली। भोपाल में दिन में बादल भी छाए रहे। शनिवार को नरसिंहपुर जिले के सालीचौका क्षेत्र में देर शाम 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्वालियर-चंबल के जिलों में हुई बारिश  मौसम विभाग के मुताबिक, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस अब एमपी में असर दिखाएगा। इसका सबसे पहला असर ग्वालियर-चंबल संभाग में दिख रहा है, जहां बादल, हल्की बारिश और घना कोहरा बना हुआ है। वहीं उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर नरसिंहपुर एवं ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश … Read more

मध्यप्रदेश में 25 जनवरी से तेज सर्दी का असर: मावठा और कोहरे के बाद बढ़ेगी ठिठुरन

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मावठा गिरने और सुबह-शाम कोहरा छाने के बाद प्रदेश में सर्दी और तीखी होगी। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, गुरुवार को ग्वालियर-दतिया सहित 5 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार से उत्तरी मध्यप्रदेश में बारिश के आसार बन रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत और उत्तरप्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी असर दिखा रहा है। ये सभी सिस्टम आगे बढ़ रहे हैं, जिसका असर पहले यूपी-बिहार में नजर आया और अब 24 जनवरी से मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। इस दौरान बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि 23 जनवरी को ही ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के संकेत हैं। सिस्टम गुजरते ही बढ़ेगी ठिठुरन मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, उत्तर से ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक नीचे आ सकता है। सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो पारे में गिरावट होगी मौसम विभाग के अनुसार, जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क जाएगा। उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर फिलहाल उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्के कोहरे का असर देखने को मिला। मंदसौर सबसे ठंडा, राजगढ़-छतरपुर में भी सर्दी का असर प्रदेश में ठंड का असर भी है। मंगलवार-बुधवार की रात में मंदसौर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 6.2 डिग्री, नौगांव में 7 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 7.6 डिग्री, दतिया में 7.9 डिग्री, खजुराहो में 8 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और पचमढ़ी में पारा 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे कम 9 डिग्री रहा। भोपाल में 10.8 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तरी MP में कोहरा फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से कोहरे की गिरफ्त में हैं। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। मंदसौर सबसे ठंडा, कई जिलों में सर्दी  प्रदेश में ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। मंगलवार–बुधवार की रात मंदसौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ 6.2, नौगांव 7, शाजापुर 7.1, कटनी के करौंदी 7.6, दतिया 7.9, खजुराहो 8, रीवा 8.2, शिवपुरी 9 और पचमढ़ी में 9.2 डिग्री तापमान रहा।पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 10.8, इंदौर में 12.2, उज्जैन में 12 और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। क्या है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाला हवा–बादलों का सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। सिस्टम गुजरने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं चलती हैं, जिससे दिन-रात सर्दी का असर बढ़ जाता है।  क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

मौसम विभाग का अलर्ट: 23-24 जनवरी को 10 जिलों में बारिश और घना कोहरा, बादल आज से होंगे छाए

भोपाल  एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ बुधवार रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बादल छाने की संभावना जताई गई है। इससे रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने से कड़ाके की ठंड से राहत तो मिलेगी पर कुछ क्षेत्रों में बारिश की भी संभावना है। उधर, मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस मंदसौर में दर्ज हुआ, जबकि ग्वालियर में हल्का कोहरा छाया रहा, जिसके चलते पिछले सप्ताहभर के मुकाबले यहां तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, दिन का सबसे अधिक 28.8 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन में रिकॉर्ड हुआ। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 23 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में बारिश के आसार हैं। वहीं 24 जनवरी को रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर समेत आसपास के जिलों में मावठा गिर सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह-सुबह कोहरे ने बढ़ाई परेशानी बुधवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। ग्वालियर, भिंड, दतिया और टीकमगढ़ में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता प्रभावित रही। रात का तापमान स्थिर, दिन में राहत मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल रात के तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। दिन के समय धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम रहेगा। इसके साथ ही न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं। दो सिस्टम कर रहे हैं असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है, जो 21 जनवरी की रात उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करेगा। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, जिसके चलते नर्मदापुरम और आसपास के जिलों में बादल छाए हुए हैं। इन्हीं सिस्टमों के संयुक्त असर से प्रदेश में बारिश और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद लौटेगी ठंड मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 24 जनवरी के बाद ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में शीतलहर चलने की संभावना भी जताई गई है। प्रदेश में इस समय मंदसौर सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया है, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा। रात से सक्रीय हो रहा नया सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा समय में एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल और उसके आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। उत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 241 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। बुधवार रात से एक नया प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। आखिरी सप्ताह में फिर शुरु होगा ठंड का दौर ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार रात से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल छा सकते हैं। वहीं, ग्वालियर-चंबल सभाग के साथ साथ करीब 10 जिलों में मावठी बारिश के साथ-साथ उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना है। बादलों के कारण न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, दिन के तापमान में थोड़ी गिरावट होने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ते ही एक बार फिर रात तापमान में गिरावट होगी। यानी माह के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर एमपी के अधिकतर इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में आ जाएंगे। कब-कहां बारिश होने का अनुमान 23 जनवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया। 24 जनवरी- ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज। प्रदेश में सबसे ठंडा मंदसौर, इंदौर में भी पारे में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार रात प्रदेश का सबसे ठंडा शहर मंदसौर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजगढ़ में 6.6 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, दतिया में 8.6 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला-खजुराहो में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 9.8 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में भी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी रही और यह 10 डिग्री से ऊपर ही रहे। ग्वालियर अंचल में बदल रहा मौसम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिलहाल शहर में ठंड का प्रभाव कम है। सिर्फ सुबह व शाम के समय ठंडक बनी हुई है और दिन में तेज धूप खिलने के कारण लोगों को सर्दी से राहत मिल रही है। मंगलवार को भी तेज धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी रही, जबकि न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई।

शेखावाटी को सर्दी से राहत, मौसम करवट लेने को तैयार, बारिश के संकेत

सीकर शेखावाटी क्षेत्र में पिछले करीब दो सप्ताह से कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, लेकिन अब लोगों को इस तेज ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में एक के बाद एक दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के कारण तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार सुबह शेखावाटी के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई। शेखावाटी के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल फतेहपुर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। इसके प्रभाव के चलते बारिश की संभावना बेहद कम है, हालांकि आगामी दो दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम का असर खत्म होने के बाद 22 जनवरी से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इस मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से 22 से 25 जनवरी के बीच शेखावाटी क्षेत्र और जयपुर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। बारिश के दौरान तापमान में खास उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ते ही मौसम साफ होने लगेगा और उत्तरी हवाओं का असर बढ़ेगा। मौसम साफ होते ही एक बार फिर शेखावाटी में सर्दी का असर तेज हो सकता है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मौजूदा वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर है, इसलिए इससे बारिश की संभावना कम है, लेकिन 22 से 25 जनवरी के बीच सक्रिय होने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश करा सकता है।