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84 साल का रिकॉर्ड टूटा: मध्यप्रदेश में शीतलहर, पचमढ़ी और अन्य शहरों में तापमान बेहद गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है। इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है। 22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दिन का तापमान और कोहरा दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा। लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।   MP के शहरों में तापमान एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर शहर रात का तापमान राजगढ़ 7.5 पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6 गिरवर (शाजापुर) 7.8 शिवपुरी 8.0 नौगांव (छतरपुर) 8.3 खंडवा 8.4 नरसिंहपुर 8.8 खरगोन 9.0 उमरिया 9.0 रायसेन 9.6 छिंदवाड़ा 10.0 रतलाम 10.1 रीवा 10.1 मलाजखंड (बालाघाट) 10.7 मंडला 10.8 बैतूल 11.0 दतिया 11.3 गुना 11.4 खजुराहो (छतरपुर) 11.8 दमोह 12.0 धार 12.1 श्योपुर 12.4 सतना 12.4 सिवनी 12.6 सीधी 12.6 सागर 13.9 नर्मदापुरम 14.1 नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में … 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ठंड ने बढ़ाई सिहरन! अमृतसर में विज़िबिलिटी 800 मीटर, फरीदकोट 5.6°C के साथ सबसे ठंडा

पटियाला  पंजाब में अब घना कोहरा पड़ने लगा है। कोहरे की वजह से अमृतसर में सुबह साढ़े आठ बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम 5.6 डिग्री के तापमान के साथ फरीदकोट ठंडा रहा।  मौसम विभाग ने आने वाले छह दिन मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ेगी। सूबे के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य के पास बना हुआ है। लेकिन अमृतसर, लुधियाना व पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 29.6 डिग्री का पारा मानसा का दर्ज किया गया। ब्यूरो पराली जलाने के 95 नए मामले  पंजाब में पराली रोज जल रही है और प्रदूषण भी फैल रहा है। हालांकि पिछले कुछ साल के मुकाबले मामले कम दर्ज हुए हैं लेकिन शून्य जैसी स्थिति कभी आएगी ऐसा लगता नहीं। रविवार को कुल 95 मामले दर्ज किए गए। अब तक इस सीजन में 4972 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हवा इस बार भी खराब है लेकिन गनीमत ये है कि एक्यूआई 200 से 250 के दायरे तक ही सीमित है। सबसे खराब हवा मंडी गोबिंदगढ़ व रूपनगर की रही जहां का एक्यूआई क्रमश: 225 और 213 रहा। इसके अलावा खन्ना का 191, लुधियाना का 159, जालंधर का एक्यूआई 147, पटियाला का 142, बठिंडा का 139 और अमृतसर का 121 दर्ज किया गया। 

MP में कड़ाके की ठंड, पेरेंट्स बोले- बच्चे बीमार हो रहे; 1941 के बाद पहली बार पारा 5.2°C

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। रविवार–सोमवार की रात राजधानी भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो नवंबर महीने का इतिहास का सबसे कम तापमान है। इससे एक ही रात में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने पुष्टि की कि यह पारा 84 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। मौसम साफ होने और पवर्तीय क्षेत्रों से आ रही उत्तरी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में बीते एक सप्ताह से शीत लहर का दौर जारी है. प्रदेश में पड़ रही ठंड ने नवंबर के महीने में बीते कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात इतिहास में पहली बार नवंबर के महीने में भोपाल का न्यमनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले 30 नवंबर 1941 को भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में अभी और ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 दिनों तक शीतलहर का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''बीते 24 घंटे में मध्य प्रदेश में रेनफाल का डिस्ट्रिब्यूशन ड्राय रहा. कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई.'' शर्मा ने बताया कि, ''वर्तमान में श्रीलंका तट के उपर के एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके साथ ही एक साइक्लोन सकुर्लेशन समुद्रतल से 7.5 किलोमीटर की उंचाई पर फैला है और दक्षिण-पश्चिम की दिशा में झुका हुआ है. अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. ऐसे में अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीत लहर का दौर जारी रहेगा.'' कई जिलों में नहीं बदला स्कूलों का समय अगले 2 दिन तक कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इसके बावजूद कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग नहीं बदली गई है। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सर्दी में स्कूल जाने की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। पेरेंट्स को भी खासी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन को स्कूल लगने का समय बढ़ाना चाहिए। दरअसल, भोपाल में ज्यादातर स्कूलों की शुरुआत सुबह 7.30 बजे ही हो रही है। स्कूल की दूरी ज्यादा होने पर सुबह 6.30 बजे से वैन-बसें बच्चों को लेने पहुंच जाती हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके टाइमिंग बढ़ाई जाएगी। जल्द आदेश जारी कर देंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक, इंदौर में अभी कोल्ड डे जैसी स्थिति नहीं है। अगर सोमवार को मौसम बहुत ज्यादा सर्दी रही या कोल्ड डे जैसे स्थिति बनी तो शिक्षा विभाग से समन्वय कर स्कूलों के टाइमिंग को लेकर निर्णय लेंगे। वहीं, उज्जैन शिक्षा विभाग के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया कि ठंड के कारण सुबह के समय लगने वाले स्कूलों में अभी समय परिवर्तन के लिए कोई निर्णय नहीं हुआ है। मौसम में पहली बार 5 डिग्री सेल्सियस पर पारा बीती रात मध्य प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस मौसम में अब तक किसी भी शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज नहीं किया गया. वहीं भोपाल का पारा भी 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा. प्रदेश में रविवार को सभी शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. जबकि बीती रात प्रदेश के 16 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. बीते 24 घंटे में बैतूल, भोपाल, धार, खंडवा, राजगढ़ और रतलाम में माइनस एक डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है. जबकि सागर में 21 डिग्री सेल्सियस का परिवर्तन दर्ज किया गया. इंदौर-रीवा में 10 सालों का रिकार्ड टूटा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात इंदौर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. वहीं रीवा का न्यूनतम तापमान 74 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बीते 10 सालों में नवंबर के महीने में दोनों ही शहरों में इससे कम न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम साफ है, इसलिए बारिश की कोई संभावना नहीं है. लेकिन अभी अगले 3 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. आज इन 17 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट आज सोमवार को धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास, भोपाल, शिवपुरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, मैहर, रीवा और सतना में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को 11 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, राजगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और जबलपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में बदल गया स्कूल लगने का समय हालांकि, ग्वालियर में 1 नवंबर से कुछ स्कूलों ने सुबह 8 बजे के बाद क्लासेस शुरू होने का समय कर दिया है। छिंदवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी ने भी आदेश जारी किया है कि सुबह 8:30 बजे से पहले कोई भी स्कूल नहीं लगेगा। देवास जिले में लगातार गिरते तापमान को देखते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना ने आदेश जारी किया है कि नर्सरी से कक्षा तीसरी तक की क्लासेस सुबह 9 बजे और चौथी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगाई जाएंगी।

सर्द हवाओं से कांपा राजस्थान; रातें ठंडी, दिन में मिल रही सुहानी धूप

जयपुर राजस्थान में सर्दी का दौर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हो रहा है, जिससे सुबह और शाम ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि दिन में खिली धूप से लोगों को राहत मिल रही है और मौसम सुहावना बना हुआ है।गुरुवार को प्रदेश में सबसे ठंडा दिन सिरोही में रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 24°C से भी नीचे रहा। शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगातार 10°C से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में करीब 2°C की और गिरावट होने की संभावना है। गुरुवार को सबसे ठंडी रात सीकर के फतेहपुर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 7°C रिकॉर्ड हुआ। बारां में 9.8°C, चूरू 9.7°C, सीकर 9.4°C, पिलानी 9.8°C और नागौर 8.1°C दर्ज हुआ। वहीं वनस्थली, अलवर, करौली, झुंझुनूं सहित कई शहरों में तापमान 10–15°C के बीच रहा। दोपहर के तापमान में भी उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 27°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 33.3°C रहा, जबकि जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू और जयपुर में भी 28–31°C के आसपास तापमान रहा। राज्य में सुबह-शाम की ठिठुरन और दिन की धूप के बीच ठंड का यह मिश्रित मिज़ाज अगले कुछ दिन और देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों में प्रदेश का तापमान इस प्रकार रहा: अजमेर 28.6 / 11.8, भीलवाड़ा 29.8 / 12.4, वनस्थली (टोंक) 29.8 / 10.5, अलवर 27 / 10.8, जयपुर 29 / 14.4, पिलानी 28.5 / 9.8, सीकर 27 / 9.4, कोटा 29 / 14.6, उदयपुर 28 / 12.2, बाड़मेर 33.3 / 17.7, जैसलमेर 30.3 / 14.6, जोधपुर 30.8 / 12.7, बीकानेर 29.8 / 14.2, चूरू 29.3 / 9.7, गंगानगर 28.9 / 11.5 ,नागौर 30 / 8.1, बारां 28.8 / 9.8, जालौर 30.5 / 11.5 ,सिरोही 23.4 / 8.4,  फतेहपुर 28.1 / 7, करौली 27.9 / 10, दौसा 29.8 / 15.9, प्रतापगढ़ 28.1 / 13.6 व  झुंझुनूं में 27.9 / 10.4 रहा।

ठंड और कोहरे के बीच बारिश का अनुमान, मध्यप्रदेश के 16 जिलों में बूंदाबांदी, भोपाल-इंदौर में सूरज चमकेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में ठंड भी बढ़ने लगी है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, वहीं सुबह घना कोहरा छाया रहा। राज्य के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के आसपास रहा। बुधवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। 16 जिलों में हो सकती है हल्की बारिश मौसम विभाग ने बुधवार को रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, सिवनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिनभर साफ आसमान और धूप खिली रहेगी। विभाग ने 6 नवंबर को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया है। उत्तरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मध्यप्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके असर से कुछ जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। दूसरी ओर, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव हो रहा है। अगले कुछ दिन में यह भारत में पहुंच जाएगा। जिससे हिमालयीन क्षेत्र में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके बाद उत्तरी हवाओं का असर बढ़ेगा और एमपी में भी ठंडक का असर बढ़ जाएगा। दो दिन बाद पूरी तरह से साफ हो जाएगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 नवंबर को कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी, बादल वाला मौसम रहेगा। फिर उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 24.6 डिग्री मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां 2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 24.6 डिग्री पहुंच गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। ग्वालियर में सुबह विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर रही। वहीं, अधिकांश शहरों में 4 से 10 किलोमीटर दर्ज की गई। रात में रीवा में पारा 12.5 डिग्री रहा। नौगांव में 13 डिग्री, उमरिया में 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। साथ ही, एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय हो रहा है, जो अगले कुछ दिनों में हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इससे उत्तर भारत में बर्फबारी और ठंड दोनों बढ़ने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। दो दिन बाद मौसम रहेगा साफ, फिर बढ़ेगी ठंड विभाग का अनुमान है कि 5 और 6 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे, लेकिन इसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगेंगी। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी आएगी। नवंबर के दूसरे सप्ताह से दिन और रात दोनों ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद प्रदेश में ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 1–2 डिग्री नीचे रहा। राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में दिन का पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। रात के तापमान की बात करें तो रीवा में 12.5 डिग्री, नौगांव में 13 डिग्री और उमरिया में 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम ने किया उल्टा, झारखंड में दिवाली पर होगी बारिश और ठंड

रांची भीषण सर्दी का मौसम आने वाला है। इस मौसम में लोगों का हाल बेहाल हो जाता है। वहीं, झारखंड में ठंड का सिलसिला अभी से ही शुरू हो गया है तो जनवरी तक लोगों का हाल बेहाल ही होने वाला है। राज्य में दिन ढलते ही तापमान में गिरावट आ रही है और रात के समय ठंडक बढ़ती जा रही है। लोग बिना कंबल के रात को नहीं सो पा रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अक्टूबर के अंत तक पूरा राज्य ठंड की चपेट में आ जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 अक्टूबर को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, हालांकि मौसम शुष्क बना रहेगा। झारखंड में सुबह धूप निकल रही है, लेकिन दोपहर तक आसमान में बादल छा जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिवाली के दिन पलामू क्षेत्र में बारिश की संभावना है। इससे दिवाली की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों में और भी ठंड बढ़ सकती है। खासकर, रात के समय में, तापमान में गिरावट के चलते सर्दी का अनुभव अधिक होगा।