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दिल्ली ब्लास्ट पर ओवैसी का हमला तेज, बोली– जालिमों को नहीं छोड़ा जाएगा

हैदराबाद दिल्ली में लाल किले के पास हुई आतंकी घटना पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का एक और बयान सामने आया है। उन्होंने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के दुश्मन हमारे दुश्मन हैं। एक इदारा (संस्थान) बनाना कितना मुश्किल है। मुसलमानों ने जो इदारे कायम किए यदि कोई उस तालीम इदारे (शैक्षणिक संस्थान) में बैठक कर बन बनाने की साजिश करता है तो हम उसकी निंदा करते हैं। जो एक मदरसे और स्कूल का कमरा नहीं बना सकते वे जालिम अमोनियम नाइट्रेट लेकर बैठते हैं। दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 14 लोग मारे गए। हिन्दू भी मारे गए और मुस्लिम भी मारे गए। हमको इस तरह की जहनियत (मानसिकता या सोच) रखने वाले लोगों की मजम्मत (निंदा) करनी चाहिए। जो मुल्क का दुश्मन है वो हमारा दुश्मन है। अगर इस तरह की हरकतें होंगी तो फिर हम खुली छूट देते हैं कि जो चाहे करना चाहो करो… असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग समझते हैं कि मुसलमानों को सेकेंड क्लास सिटिजन बनाया जाएगा तुम भूल जाओ तुम्हारी नस्लें खत्म हो जाएंगी… हम खत्म हो जाएंगे लेकिन जब तक दुनिया बाकी रहेगी हिन्दुस्तान में मुसलमान एक बाइज्जत हिन्दुस्तानी बन कर रहेगा। हम अपने हक के लिए जम्हूरियत (लोकतंत्र) के दायरे में लड़ते रहेंगे। हम अपनी मस्जिदों को बचाएंगे। तुम एक मस्जिद शहीद करोगे हम लाखों मस्जिदें बनाएंगे। असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग मुसलमानों को गाली देते हैं, जो लोग हमसे वफदारी का सर्टिफिकेट मांगते हैं, हमने बहुत कुछ सहा है, और कल भी सहेंगे, लेकिन हमने कभी अपने देश से नफरत नहीं की। हमने जुल्म करने वालों से कहा कि तुम जालिम हो हम तुमसे नफरत करते हैं। यदि तुम मुसलमानों को दबा रहे हैं तो भारत को कमजोर कर रहे हो। यदि आप मुसलमानों को नफरत से देखेंगे और उनके साथ नाइंसाफ़ी करेंगे तो भारत एक विकसित देश कैसे बनेगा? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यदि भारत दुनिया का शांतिप्रिय देश बनना चाहता है तो यह कैसे होगा जब आप 19 करोड़ मुस्लिमों को हिकारत की नजर से देखेंगे। संविधान में समानता का मूल अधिकार है। आप इसे भूल जाते हैं। मस्जिद के खिलाफ फैसला आया तो क्या किसी मुसलमान ने कोर्ट में जाकर किसी जज पर जूता फेंका? जूता फेंकने वाले के बारे में एक लफ्ज भी नहीं बोला जाता है क्योंकि उसका बहुसंख्य वर्ग से ताल्लुक था। हमारी वतन से मोहब्बत रहेगी इसलिए नहीं कि तुम हुक्मरान हो।  

अल फलाह ट्रस्ट पर ED का बड़ा एक्शन, केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं दिल्ली-फरीदाबाद में छापेमारी

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह दिल्ली के ओखला इलाके में स्थित अल-फलाह ट्रस्ट और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी की. ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के एक मामले में हो रहे हैं, जिसमें यूनिवर्सिटी और इसके मालिकों-प्रबंधकों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं. सूत्रों के मुताबिक, ED ने अल-फलाह ट्रस्ट के ओखला स्थित मुख्यालय, यूनिवर्सिटी कैंपस और संचालकों के निजी आवास समेत 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. दिल्ली के जामिया नगर, ओखला विहार और फरीदाबाद के सेक्टर-22 स्थित कैंपस में ED की टीमें सुबह से ही तैनात हैं. साथ ही ईडी ने अल फलाह और उसके मालिकों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पीएमएलए का मामला दर्ज किया है. कई ठिकानों पर छापेमारी सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम दस्तावेज, बैंक खातों की डिटेल, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस को जब्त कर लिया है. छापेमारी अभी जारी है और शाम तक और ठिकानों पर दबिश पड़ने की संभावना है. वहीं, ईडी की कार्रवाई को देखते हुए दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं. ED ने कुछ महीने पहले ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इसके मालिकों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था. आरोप है कि यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध फंडिंग की गई, विदेशी डोनेशन के नियमों का उल्लंघन हुआ और संपत्तियों के गलत इस्तेमाल के जरिए काले धन को सफेद किया गया.

दिल्ली धमाके में महू का संबंध सामने आया, हैदराबाद से गिरफ्तार हुआ अल-फलाह मालिक का भाई

महू दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके के पीछे की साजिश के तार अब मध्य प्रदेश के शहर महू से भी जुड़ते दिख रहे हैं। धमाके की जांच में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर्स की ‘टेरर टीम’ का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों और पुलिस की नजर अब इस यूनिवर्सिटी पर टिक गई है। महू पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चांसलर और महू के रहने वाले जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। हमूद की पिछले 25 साल से तलाश थी, लेकिन वह हर बार कानून की पकड़ से फिसल जाता था। आरोप है कि हमूद ने महू में चिटफंड के नाम पर ‘पैसा दोगुना’ करने का झांसा देकर कई परिवारों को लूटा था। उसके शिकार बनने वालों में महू के व्यापारी, नौकरीपेशा परिवार और फौजी परिवार तक शामिल थे। दिल्ली ब्लास्ट में महू कनेक्शन सामने आते ही पुलिस ने जवाद सिद्दीकी और उसके पूरे परिवार की जन्म-कुंडली खंगालनी शुरू कर दी थी। पुराने ठगी के मामलों की परतें खुलते ही पुलिस ने हमूद की खोज तेज कर दी और आखिरकार उसे हैदराबाद से दबोच लिया। पुलिस को शक है कि जवाद ने अपने फरार भाई हमूद के नाम पर अल-फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी खड़ी की थी और इसी का इस्तेमाल कर लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए। अब अगर पूछताछ में हमूद अपने भाई का नाम उगल देता है तो पुलिस जवाद पर भी कानूनी शिकंजा कसने में देर नहीं करेगी। हैदराबाद में हमूद खुद को शेयर ट्रेडिंग का कारोबारी बताकर घूम रहा था। पुलिस ने सिद्दीकी परिवार के रिश्तेदारों से बारीकी से जानकारी बटोरी और फिर एक योजनाबद्ध कार्रवाई में उसे पकड़ लिया। अब उसे महू लाया जाएगा, जहां उसके पुराने काले कारनामों की पूरी फाइल खोली जाएगी। महू छोड़ने के बाद वह कहां-कहां किन लोगों से संपर्क में रहा, उसकी आय किन-किन रास्तों से आती रही, सबकी परतें उधेड़ी जा रही हैं। महू में अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी चलाते समय हमूद ने हजारों निवेशकों को ‘दोगुना रिटर्न’ का लालच देकर करोड़ों रुपये का खेल किया था। कागजों पर कंपनी का कर्ताधर्ता वही था और पुलिस में उसके खिलाफ ठगी की शिकायत भी दर्ज थी। निवेशकों ने जैसे ही उस पर अपने पैसे लौटाने का दबाव बढ़ाया, हमूद ने कुछ रकम लौटाकर लोगों को शांत करा दिया और फिर रातों-रात पूरा परिवार महू से गायब हो गया था।  

ATS को मिले अहम सुराग: विश्वविद्यालय के शिक्षक पर आतंकी साजिश में शामिल होने का शक

लखनऊ राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित इंटीग्रल विश्वविद्यालय में शाहीन सईद का छोटा भाई डॉक्टर परवेज सईद असिस्टेंट प्रवक्ता था और एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की क्लास लिया करता था. हालांकि, दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले उसने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जबकि, डॉक्टर परवेज से जुड़ी हर फाइल तथ्य और उसकी पुरानी सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर परवेज के बारे में जानकारी जुटा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक परवेज एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को पढ़ाता था. जबकि, वो खुद को बहुत रिजर्व रखता था, लेकिन इंटिगरल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों से उसकी नजदीकियां थी. उनके साथ रात में डॉक्टर परवेज घंटों शाम और रात को बैठकर चर्चा करता और उनका ब्रेनवाश करने की कोशिश करता था. वहीं डॉक्टर परवेज की सीसीटीवी फुटेज में दिख रही हरकतों पर एटीएस को संदेह है कि शायद डॉक्टर परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में स्लीपर सेल की फौज तैयार कर रहा था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जांच के बाद और कई तथ्य सामने आ सकते हैं.

दिल्ली कार ब्लास्ट में पायल घोष की स्कूल फ्रेंड की मौत, एक्ट्रेस बोलीं – अब तक यकीन नहीं हो रहा

नई दिल्ली दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार, 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस हादसे में 12 लोगों की जान गई है और कई अन्य लोग घायल हैं. इसी हादसे में एक्ट्रेस पायल घोष ने अपनी करीबी स्कूल फ्रेंड सुनीता मिश्रा को खो दिया है, उनकी भी जान चली गई है. बता दें कि इसस बम धमाके से ठीक एक हफ्ते पहले एक्ट्रेस पायल घोष ने अपनी दोस्त सुनीता मिश्रा से बातचीत किया था. इस बारे में मीडिया से बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा- ‘मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि वो अब नहीं रहीं. हमने एक हफ्ते पहले ही बात की थी. वो जिंदगी से भरी हुई थीं, हमेशा मुस्कुराती थीं, हमेशा सकारात्मकता फैलाती थीं. इतनी दयालु आत्मा का इतने क्रूर तरीके से चले जाना अवास्तविक लगता है.’ अपने रिश्ते पर एक्ट्रेस पायल घोष  ने आगे कहा- ‘वो सिर्फ दोस्त नहीं थीं. वो परिवार थी. हम साथ बड़े हुए. सपने, हंसी और संघर्ष शेयर किए. उन्हें इस तरह खोना. इसके लिए शब्द नहीं हैं.’ एक्ट्रेस ने इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के समर्थन और एकजुटता के लिए जनता से अपील किया है.

दिल्ली धमाके पर चीन का बड़ा बयान, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मचा हड़कंप

बीजिंग दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। मौके पर पुलिस, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमों ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस दुखद घटना पर चीन का  भी तुरंत  रिएक्शन सामने आया है जिससे दुनिया हैरान है । चीन  ने मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया है। बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा,“हम इस घटना से स्तब्ध हैं। दिल्ली में हुए विस्फोट में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। मृतकों के परिजनों को हमारी हार्दिक संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।” लिन जियान ने आगे बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी भी चीनी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन इस घटना पर भारत के साथ खड़ा है और शांति व सुरक्षा के लिए अपनी शुभकामनाएं देता है।इससे पहले जापान, ईरान, अर्जेंटीना और ब्रिटेन सहित कई देशों ने भी दिल्ली विस्फोट पर दुख व्यक्त किया था और भारत के साथ एकजुटता दिखाई थी। चीन का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भारत में हुए हादसों पर चीन देर तक चुप्पी साधे रखता है और कुछ दिन बाद अपनी प्रतिक्रिया देता है । लेकिन हाल ही में अमेरिका के साथ अनबन व  भारत के साथ संबंधों में सुधार के चलते चीन का यह बयान अहम माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट एक खड़ी कार में हुआ, जिसमें संभवतः विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कार में विस्फोट कैसे हुआ  क्या यह आतंकी साजिश थी या किसी तकनीकी खराबी से हुआ हादसा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किला और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट के नमूने एकत्र कर जांच कर रहे हैं।

पुलिस ने हिरासत में लिया: दिल्ली धमाके में शामिल डॉक्टरों के परिजन भी फरीदाबाद-पुलवामा में पकड़े गए

नईदिल्ली / फरीदाबाद दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार  शाम हुए कार ब्लास्ट ने राजधानी को दहला दिया. शाम 6:52 बजे हुए इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत और 20 घायल हुए. विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास की जमीन कांप उठी और पूरा इलाका अफरातफरी में बदल गया. जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार में ब्लास्ट हुआ, वह घटना से पहले करीब 3 घंटे तक सुनहरी मस्जिद के पास पार्क थी. धमाके के बाद जांच में जुटी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के हाथों कुछ ऐसे अहम सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर शक पैदा हो रहा है कि ये ब्लास्ट फिदायीन आतंकी हमला हो सकता है. दिल्ली धमाके में डॉक्टर्स कनेक्शन जानने वाली बात है कि धमाके से ठीक पहले सोमवार सुबह को ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में दो अलग घरों से 2,900 किलो आईईडी बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था. यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क के भंडाफोड़ के दौरान हुई थी. इस बरामदगी और दिल्ली धमाके के बीच समय की नजदीकी ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. साथ ही इस आतंकी हमले में एक डॉक्टर्स कनेक्शन सामने आ रहा है. यानी इस धमाके का कोई भी एक तार पकड़ा जाए तो वह किसी न किसी ऐसे शख्स से जुड़ जा रहा है जो पेशे से डॉक्टर है.  डॉ. आदिल अहमद के लॉकर में  AK-47 धमाके से पहले के घटनाक्रम में सबसे पहले  अनंतनाग में  जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया.वह अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था और उसके लॉकर से पुलिस को AK-47 राइफल मिली था. राठर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से पाया गया. महिला डॉक्टर की कार में मिली असॉल्ट राइफल  दूसरी गिरफ्तारी 7 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से हुई . यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में ही कार्यरत लखनऊ की एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से 'कैरोम कॉक' नाम की असॉल्ट राइफल मिली. पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उसका इस पूरी नेटवर्क में क्या रोल था. फिलहाल उसकी पहचान और तस्वीर सार्वजनिक नहीं की गई है. 'रिसिन' जहर बना रहा था डॉ. अहमद मोहियुद्दीन  7 नवंबर को ही गुजरात एटीएस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद नाम के डॉक्टर को पकड़ा. यह डॉक्टर हैदराबाद का रहने वाला है और चीन से पढ़ाई कर चुका है. जांच में पता चला कि वह 'रिसिन' नाम के बेहद जहरीले ज़हर की तैयारी कर रहा था, जो अरंडी के बीजों से बनता है. उसने दिल्ली के आज़ादपुर मंडी, अहमदाबाद के नरोडा फ्रूट मार्केट और लखनऊ के आरएसएस कार्यालय जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी. डॉ.मुझमिल के पास मिला 2900 kg विस्फोटक इसी ऑपरेशन में 10 नवंबर को चौथी अहम गिरफ्तारी भी फरीदाबाद से ही हुई. यहां डॉ. मुझमिल शकील नाम का कश्मीर का डॉक्टर पकड़ा गया. वह भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था. उसके पास से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जो बम बनाने में इस्तेमाल होता है. फिर मुझमिल के ही दूसरे ठिकाने से 2563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया. फरीदाबाद पुलिस ने बताया कि शकील कासंबंध जैश जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है और वह भी पहले श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने में शामिल रहा था. उसकी पहचान अनंतनाग में पकड़े गए अदील अहमद राठर से मिली जानकारी के बाद हुई. डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर थी ब्लास्ट हुई कार i20 इधर, जांच एजेंसियों के अनुसार, लाल किले के पास जिस कार में विस्फोट हुआ वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर दर्ज है, जो कार धमाके के समय  कार में मौजूद था. पकड़े गए सारे डॉक्टर न केवल आतंकी संगठनों के संपर्क में थे, बल्कि खुद हथियार और जहरीले केमिकल तैयार कर रहे थे. इन गिरफ्तारियों से एक चीज साफ हो रही है कि आतंक अब देश के प्रतिष्ठित शिक्षित वर्ग में भी अपनी जड़े जमा रहा है यानी शिक्षा का उपयोग सफेद कोट में काले कारनामों के लिए किया जा रहा है. आतंकियों के लखनऊ और लखीमपुर से ऐसे जुड़ रहे तार, सीएम योगी का अधिकारियों को सख्त आदेश दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब उत्तर प्रदेश पर भी टिक गई है. आतंकी नेटवर्क के तार लखनऊ और लखीमपुर तक जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. अहमदाबाद से गिरफ्तार तीन संदिग्धों में एक लखीमपुर के निघासन इलाके का रहने वाला है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ की रहने वाली महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. दोनों मामलों के बीच मिली कड़ियों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. लखीमपुर का युवक गुजरात में गिरफ्तार बीते रविवार को गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से आईएसकेपी मॉड्यूल से जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक आरोपी मोहम्मद सोहेल, लखीमपुर खीरी जिले के निघासन तहसील के सिंगाही थाना क्षेत्र के झाला गांव का रहने वाला है. सोहेल के परिवार के मुताबिक, वह तीन साल पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में जामिया दारुल उलूम अजीजिया नामक मदरसे में हाफिज की पढ़ाई करने गया था. सोहेल का परिवार गरीब है. पिता सलीम ट्रैक्टर मैकेनिक हैं. घर में मां रुखसाना, छोटे भाई वसीम और बड़े भाई की पत्नी रहती हैं. बड़ा भाई सुम्मी तमिलनाडु में कपड़ा फैक्ट्री में काम करता है. तीन साल पहले सोहेल के एक भाई की करंट लगने से मौत हो चुकी है. परिवार ने बताया कि सोहेल आखिरी बार जून महीने में घर आया था और कुछ दिन रुकने के बाद जुलाई में वापस पढ़ाई के लिए गया था. तब से वह वहीं रह रहा था. परिवार का कहना है कि बेटे ने एक सप्ताह पहले फोन पर बताया था कि वह गुजरात किसी काम से जा रहा है. उन्होंने कहा कि सोहेल फरवरी में पढ़ाई पूरी कर रमजान से पहले घर लौटने वाला था. सुलेमान शेख से भी कनेक्शन गुजरात एटीएस ने जिस मॉड्यूल को पकड़ा है, उसमें लखीमपुर के सोहेल के साथ शामली जिले के चरन गांव का सुलेमान शेख भी शामिल है. सुलेमान भी मुजफ्फरनगर के उसी मदरसे में पढ़ाई कर रहा था, जहां से सोहेल पढ़ रहा था. दोनों की मुलाकात वहीं … Read more

दिल्ली धमाके की साजिश: फरीदाबाद रेड के बाद पैनिक में आया आतंकी डॉ. उमर, जांच एजेंसियों ने खोले 10 राज़

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट केस की गुत्थी अब तक अनसुलझी है. आखिर लाल किला के पास कार में ब्लास्ट क्यों हुआ? किसने इस वारदात को अंजाम दिया, कौन आतंकी संगठन इसके पीछे है? इन सवालों के जवाब की तलाश जारी है. कार में विस्फोट पूरी तरह से फिदायीन हमले की ओर इशारा कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो कार में विस्फोटक लगाया गया था. कार में धमाका किया गया है. आरोपी आतंकी डॉक्टर उमर मर गया या जिंदा है, इसका पता नहीं चल पा रहा है. इस बीच उसके मां और भाई को हिरासत में ले लिया गया है. फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में कथित आतंकी डॉक्टर उमर की तलाश थी. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट के बीच फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल है. चलिए जानते हैं दिल्ली पुलिस को लाल किले कार ब्लास्ट में कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस घटनास्थल से बरामद कार में मिले शव का DNA टेस्ट करवाएगी. ताकि ये पुष्टि की जा सके कि कार में सवार शख्स डॉक्टर उमर मोहम्मद ही है या नहीं.  खुफिया एजेंसियों को शक है I- 20 कार में डॉक्टर उमर मोहम्मद सवार था. इस शख्स की एक सीसीटीवी तस्वीर मिली है जिसमें वह काले रंग की मास्क पहना है.  फरीदाबाद में भारी मात्रा में बरामद अमोनियम नाइट्रेट के मामले में जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस समेत दूसरी एजेंसियां डॉक्टर उमर मोहम्मद की तलाश कर रही थी.  फरीदाबाद मॉड्यूल का आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद फरार चल रहा था. एजेंसियों को उसकी तलाश थी. आज तक/इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से इस बात का खुलासा किया था.  1- सूत्रों के अनुसार धमाके के वक्त आतंकी उमर मोहम्मद कार में अकेला था. उसने अपने दो अन्य साथी आतंकियों के साथ हमले की योजना बनाई. सूत्रों के अनुसार जब फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की जाने लगी तो उसे पकड़े जाने का डर सताने लगा और दहशत में आतंकी हमले की योजना बनाई. उसने अपने साथियों के साथ कार में डेटोनेटर लगाया और धमाके को अंजाम दिया.   सोमवार दोपहर 1 बजे आज तक/इंडिया टुडे ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस एक डॉक्टर की तलाश में थी. ये शख्स उमर मोहम्मद ही है. उमर मोहम्मद कश्मीर का रहने वाला है. धमाके में इस्तेमाल की गई I-20 कार इस  I- 20 कार के बारे में दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को अहम जानकारी लगी है.  आइए हम आपको बताते हैं कि  I-20 कार दिल्ली में कहां से चली और लाल किले तक कैसे पहुंची? दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने इस कार के रूट का सीसीटीवी मैपिंग किया है.  2– इस के अनुसार ये I-20 कार बदरपुर बॉर्डर पर आखिरी बार दिखाई दी, बदरपुर से दिल्ली प्रवेश करती हुई कार दिखाई दे रही है. इसके आगे का रूट पता लगाया जा रहा है. इसके बाद ये कार लाल किले में मेट्रो स्टेशन, गेट नंबर- 1 के पास दिखी.  3- इससे पहले ये कार लाल किले के पास सुनहरी मस्जिद के पास की पार्किंग में 3 घंटे तक खड़ी रही. ये कार दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और शाम  6:48 बजे पार्किंग से बाहर निकली. इसके बाद लगभग 6:55 बजे धमाका हो गया. 4– दिल्ली पुलिस पुलिस ने उस सीसीटीवी फुटेज को हासिल कर लिया है जिसमें ये संदिग्ध कार पार्किंग में जाती और फिर बाहर निकलती दिख रही है. इससे पता चलता है कि संदिग्ध कार में अकेला था. अब जांच एजेंसियां दरियागंज रूट की जाने वाली गाड़ियों की जांच कर रही है. पुलिस 100 सीसीटीवी क्लिप्स की जांच कर रही है. इसके अलावा आस-पास के टोल प्लाजा के वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है. ताकि इस कार की पूरी मूवमेंट की जांच पता की जा सके.  5- जिस I-20 कार से लाल किले के पास ब्लास्ट किया गया है उसका मालिक मोहम्मद सलमान नाम का शख्स था. उसने इसे नदीम को बेचा. नदीम ने इस कार को एक कार डीलर, रॉयल कार जोन फरीदाबाद को बेचा. इसके बाद इसे तारिक ने खरीदा. फिर इसे उमर ने खरीदा. यह कार हरियाणा के गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में रजिस्टर्ड थी. इसका नंबर HR 26 7624 था, जो मोहम्मद सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर दर्ज है. 6– तारिक को कल रात पुलिस ने पुलवामा के संबूरा से हिरासत में लिया है. लेकिन कार की RC तारिक के नाम नहीं है. सूत्र बताते हैं 2015 में तारिक ने कार को उमर को दे दिया था. तबतक कार तारिक के नाम से था. पुलिस ने इन दोनों को ही हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है. इस डील में आमिर नाम के व्यक्ति का कनेक्शन सामने आया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस तारिक और आमिर से पूछताछ कर रही है. 7- इसस पहले दिल्ली पुलिस ने इस ब्लास्ट की जानकारी देते हुए कहा था कि जिस कार में विस्फोट हुआ उसमें तीन लोग सवार थे. उन्होंने यह भी कहा कि वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह आत्मघाती हमला था. लेकिन अब पुलिस कह रही है कि कार में उमर मोहम्मद अकेला था.  8– एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "विस्फोट एक चलती हुंडई I-20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग बैठे थे. हमें घायलों के शरीर में कोई छर्रा या पंचर नहीं मिला है, जो विस्फोट में असामान्य है. हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं." पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने देर शाम कार मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया और उससे गाड़ी के बारे में पूछताछ की. उन्होंने बताया कि सलमान ने डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति को गाड़ी बेची थी. बाद में गाड़ी अंबाला में किसी को बेची गई और फिर पुलवामा में तारिक नाम के एक व्यक्ति को बेची गई. पुलिस उन लोगों का पता लगा रही है.  9- दिल्ली पुलिस ने इस ब्लास्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.  पुलिस ने  यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जो आतंकवादी कृत्यों और उसके लिए दंड से संबंधित है. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 4 भी जोड़ी गई है. इसके अलावा, हत्या और हत्या के … Read more