samacharsecretary.com

कुटीर उद्योगों की स्थापना एवं स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

एक जिला-एक उत्पाद और निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला में हुए शामिल रीवा शहर में बनेगा हाट बाजार भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कुटीर उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। स्थानीय उद्यमियों को उनके द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों की बाजार उपलब्धता से उनकी आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री एक जिला-एक उत्पाद और निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक समृद्धि शिक्षा स्वास्थ्य और स्वरोजगार पर निर्भर रहती है। हमारा देश तेजी से आत्मनिर्भर बनकर आर्थिक तौर पर समृद्ध हुआ है। स्व सहायता समूहों एवं स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण देकर बनाए जा रहे उत्पादों को उच्च गुणवत्ता का बनाने में मदद करने की जिम्मेदारी एमपीआईडीसी की है जिससे प्रशिक्षित होकर कारीगर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित कर सकें और उनका बाजार में अच्छा मूल्य मिले। उप मुख्यमंत्री ने एमपीआईडीसी के अधिकारियों की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने बैम्बो लेडी ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध नीरामोई शर्मा को असम से रीवा कार्यशाला में आमंत्रित किया। उनकी प्रशिक्षण संबंधी जानकारी से स्थानीय बांस बनाने वाले कारीगर व अन्य उद्यमी लाभ ले सकेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में व्यंकट भवन के पास शीघ्र ही हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जहाँ स्थानीय उत्पादक अपने उत्पादों को बिक्री के लिए प्रदर्शित कर सकेंगे। उन्होंने अपेक्षा की कि एक जिला-एक उत्पाद के साथ ही स्थानीय उद्यमों के कुटीर उद्योग के जाल बिछें और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इससे जुड़कर लाभान्वित हो सकें। असम की बैम्बो ऑफ लेडी नीरामोई शर्मा ने बांस से बनाए गए गहनों सहित अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बांस की निर्मित वस्तुओं में कम बांस के उपयोग से अधिक आय प्राप्त हो सकती है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपेक्षा की कि बांस लगाकर इससे लाभ प्राप्त करें और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि बांस कम समय में उत्पादित हो जाता है और उससे आक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में मिलती है। कार्यशाला में वन मण्डलाधिकारी श्री लोकेश नागपुरे ने बताया कि आने वाले वर्ष में जिले में बांस की प्रचुर मात्रा में कटाई की जाएगी जिससे यहाँ पर्याप्त संख्या में इसकी उपलब्धता रहेगी। उन्होंने बताया कि गत वर्षों में 175 किसानों ने 2 लाख 64 हजार बांस अपने खेतों व अन्य जमीनों में लगाए हैं जिसके लिए उन्हें शासन द्वारा सब्सिडी भी दी गई है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री यूके तिवारी ने बताया कि लोकल टू ग्लोबल के उद्देश्य से स्थानीय उत्पाद एवं एक जिला-एक उत्पाद को देश और विदेश में पहचान दिलाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। स्थानीय कारीगरों को उत्पाद के लिए प्रशिक्षित करने और उनको बाजार उपलब्ध कराकर समृद्धशाली बनाने में कार्यशाला उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यशाला में महाप्रबंधक उद्योग श्री जेपी तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री जगमोहन, वूमन इंटरप्रेन्योर श्रीमती चेतना मिश्रा, स्टार्टअप प्रतिनिधि सुश्री संजना सिंह, एमपीआईडीसी भोपाल की प्रतिनिधि सुश्री शैलजा सोनी सहित युवा उद्यमियों ने अपने विचार व्यक्त किए। दिल्ली से वालमार्ट के प्रतिनिधि श्री नीत नेगी ने वालमार्ट से जुड़कर बाजार उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी। कार्यशाला में श्री कमल सचदेवा, श्री दिलीप सिंह, श्री राजगोपाल मिश्र चारी, श्री विवेक दुबे सहित उद्यमी, महिला उद्यमी व स्थानीयजन उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री नायडू 10 नवम्बर को विमान करेंगे रवाना

भोपाल  विन्ध्यवासियों के लिये इंतजार की घड़ी समाप्त हो रही है। रीवा, विन्ध्य एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को वायु सेवा का नियमित लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। रीवा से दिल्ली के लिये 72 सीटर विमान 10 नवम्बर को रीवा एयरपोर्ट से रवाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू एलायंस एयर के एटीआर 72 को दोपहर 12 बजे दिल्ली के लिये रवाना करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आगामी 10 नवम्बर को एयरपोर्ट रीवा में सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। एयरपोर्ट रीवा में मंच व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में हवाई सुविधाओं में वृद्धि हुई साथ ही आर्थिक सुदृढ़ता आई है। यह एयरपोर्ट केवल आधारभूत संरचना नहीं बल्कि विन्ध्य क्षेत्र के विकास को दिशा देने वाला माध्यम है। इससे क्षेत्र की आर्थिक, पर्यटन और औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय लिखा जा रहा है। एटीआर-72 विमान के संचालन से विन्ध्य क्षेत्र के साथ ही जिले से लगे उत्तरप्रदेश के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही रीवा से इंदौर के लिये भी वायु सेवा शुरू होगी जिससे कनेक्टिंग तौर पर यात्रियों को इंदौर से देश के अन्य शहरों के लिये भी वायुयान उपलब्ध रहेंगे। इस अवसर पर एलायंस एयर के प्रतिनिधि श्री मुकेश जायसवाल व श्री यशवर्धन सिंह ने बताया कि 10 नवम्बर को वायुयान 12.10 बजे रीवा से दिल्ली रवाना होगा। इसके बाद 11 नवम्बर से सप्ताह में तीन दिन विमान का नियमित रूप से संचालन होगा। बैठक में आयुक्त रीवा संभाग श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की, पदस्थापना कार्य में तेजी लाने के निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में नर्सिंग भर्ती, काउंसलिंग और पदस्थापना प्रक्रिया की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने निर्देश दिए की प्राथमिकता से औपचारिकताओं की पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण की जाये। बताया गया कि वर्ष 2023 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 515 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना पूर्ण की गई, जबकि वर्ष 2025 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 972 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना की प्रक्रिया जारी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नर्सिंग के लगभग 1260 पदों पर भर्ती के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन संबंधी प्रस्ताव को शीघ्र अनुमोदन के लिए अग्रेषित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग के लगभग 1557 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन है और इसका मांग पत्र शीघ्र ही कर्मचारी चयन मंडल (ई.एस.बी.) को भेजा जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 328 पदों पर भर्ती प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और ई.एस.बी. को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 383 पदों पर भर्ती प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजकर भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल सहायकों के लगभग 1200 पदों पर भर्ती के लिये नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी प्रस्तावों की प्रगति की सतत समीक्षा की जाएगी। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, संचालक लोक स्वास्थ्य सेवाएं  दिनेश वास्तव, उप सचिव लोक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मती शुचिस्मिता सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा की, गुणवत्ता पर दिया जोर

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की अनुमोदन एवं निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के विकास, उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाएँ, विशेषज्ञ विभाग और उच्च स्तरीय चिकित्सा उपकरण समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुमोदन एवं निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जिससे इन विभागों का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर चिकित्सा महाविद्यालय में यू.जी. अपग्रेडेशन, बुधनी चिकित्सा महाविद्यालय के अनुबंध पुनरीक्षण, ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी.वी.एस. (हार्ट बायपास) विभाग की स्थापना, तथा इंदौर चिकित्सा महाविद्यालय में पीडियाट्रिक्स मेडिसिन/नियोनेटलॉजी विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यवाहियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि निर्माण एजेंसियाँ तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करें और कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अधोसंरचना, उपकरणों की आपूर्ति और मानव संसाधन की नियुक्तियों का कार्य समानांतर रूप से संचालित किया जाए, जिससे निर्माण पूर्ण होते ही चिकित्सा सेवाएँ आरंभ की जा सकें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, एम.डी. एमपी बी.डी.सी.  सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

आईटी पार्क से बदलेगा विंध्य का विकास परिदृश्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जताया विश्वास

विंध्य क्षेत्र की प्रगति में आईटी पार्क होगा एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, इस अवसर का उठायें अधिकतम लाभ रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क निर्माण की प्रगति की समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आईटी पार्क को स्टेट ऑफ द आर्ट सुविधाओं से युक्त किया जाये, जिससे देश और विदेश की अग्रणी कंपनियाँ यहाँ सुविधाजनक रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि रीवा में वायु परिवहन सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, शांतिपूर्ण वातावरण और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ इसे आईटी एवं सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, ऐसे में हमें इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास का एक नया अध्याय सिद्ध होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने औद्योगिक पार्क गुढ़ के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधोसंरचना विस्तार कार्य, विशेषकर जल सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उद्योगों को शीघ्र सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बैठक में एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक  चंद्रमौली शुक्ल तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि प्रस्तावित आईटी पार्क में एक लाख वर्गफीट से भी अधिक कार्यस्थल (वर्कस्पेस) विकसित किया जा रहा है। लगभग 2,500 व्यक्ति यहाँ कार्य कर सकेंगे। 10 मंज़िला इस अत्याधुनिक भवन में 4,500 वर्गफीट के 25 मॉड्यूल होंगे, जिन्हें कंपनियों की आवश्यकता अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकेगा। स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर, प्लग एंड प्ले सुविधा तथा रेंटल मॉड्यूल्स जैसी व्यवस्थाएँ भी पार्क में उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश

जेपी अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शीघ्र चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण कर चिकित्सकों से की वन-टू-वन चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल जयप्रकाश जिला चिकित्सालय भोपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के उपचार की प्रक्रिया और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों के चिकित्सकों से वन-टू-वन चर्चा कर सेवाओं की गुणवत्ता का फीडबैक लिया और मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पताल के नवनिर्मित भवन में चिकित्सा सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएं, जिससे मरीजों को और अधिक सुसंगठित एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित भवन का शीघ्र उपयोग प्रारंभ किया जाए और आवश्यक संसाधन एवं उपकरण की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में संचालित प्रसूति सेवाओं, बच्चों के उपचार के लिये पी.आई.सी.यू. एवं एस.एन.सी.यू., जनरल सर्जरी, ईएनटी, आर्थोपेडिक सर्जरी, दंत सेवाओं, नेत्र सेवाओं और जनरल मेडिसिन विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उनके नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सा परामर्श के शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन, आर.एम.ओ. डॉ. प्रेमेंद्र शर्मा सहित सभी विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री को अस्पताल प्रबंधन ने आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से संचालित निशुल्क पैथोलॉजी, सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं की जानकारी दी। बताया गया कि वर्तमान में अस्पताल के ब्लड बैंक में होल ब्लड की सुविधा उपलब्ध है और इसके विस्तार के लिए कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट की स्थापना की जा रही है, जिससे मरीजों को रक्त के सभी आवश्यक घटक (ब्लड कॉम्पोनेंट्स) अस्पताल से ही उपलब्ध हो सकेंगे।  

ग्वालियर का गजरा राजा मेडिकल कॉलेज बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए प्रावधानों को प्रस्ताव में करें शामिल : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की वृहद समीक्षा की ग्वालियर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर-चंबल अंचल का एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, जो लंबे समय से क्षेत्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इस संस्थान को भविष्य की आवश्यकताओं, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और जन-स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को उन्नत करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गजरा राजा मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध चिकित्सालय के मास्टर प्लान की समीक्षा कर सभी आवश्यक प्रावधानों को सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव इस तरह तैयार किया जाए कि आने वाले वर्षों में किसी भी प्रकार की संरचनात्मक या तकनीकी बाधा न आए और कॉलेज परिसर का विस्तार दीर्घकालिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मरीजों की सुविधा, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यस्थल की सहजता, साथ ही शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को योजना में शामिल करने के निर्देश दिए तथा एमआरआई, लिनेक सहित अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों की स्थापना का भी प्रावधान करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अस्पताल परिसर में एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता भविष्य मांग अनुसार हो ताकि स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन हो सके। मरीजों के परिजनों एवं बाहर से आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए रैन बसेरा (विश्राम गृह) का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए और समस्त प्रक्रियाएँ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण और अधोसंरचना से जुड़ी समस्त प्रक्रियाएँ वर्ष 2028 के पूर्व पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि नागरिकों को शीघ्र ही उच्चस्तरीय और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले, एमडी बीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

एयर एम्बुलेंस सेवाओं के प्रदाय में प्राथमिकता से निर्णय लें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य जनसामान्य को सुगम, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस दिशा में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का समयबद्ध सुदृढ़ीकरण और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि एयर एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं उत्कृष्ट चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। अतः इसके संचालन में समय का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इमरजेंसी प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेकर मरीजों को शीघ्रतम राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि जीवनरक्षक प्रणाली का अभिन्न अंग है, इसलिए इसके संचालन में समन्वय और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ओ.पी.डी. सेवाओं के समय को जनसुविधा के दृष्टिकोण से और प्रभावी बनाने के लिए इसे प्रातः 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और विस्तारित समयावधि में चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने मेडिकल रिकूटमेंट प्रक्रिया को विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में रखते हुए निर्देश दिए कि रिकूटमेंट एजेंसियों के साथ नियमित संवाद कायम रखा जाए। सभी लंबित प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएँ और औपचारिकताओं की पूर्ति कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार आएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एमआरआई एवं सीटी स्कैन सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को इन सुविधाओं का सुविधाजनक, पारदर्शी और निर्बाध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। मशीनों की कार्यशील स्थिति और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाए। आगामी वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के प्रस्ताव भविष्य की आवश्यकताओं और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएँ। इन संस्थानों में शिक्षण, अनुसंधान और सेवा – तीनों पहलुओं में संतुलन बनाकर दीर्घकालिक उपयोगिता और स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दवाओं की गुणवत्ता एवं पर्याप्त उपलब्धता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक जिला और मेडिकल कॉलेज में दवाओं की आपूर्ति प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं आयुष्मान भत्ते के वितरण, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में छात्रावास निर्माण और नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल करेंगे एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी का विमोचन

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सोमवार को सायं 4 बजे बहुउद्देशीय हॉल, फॉरेस्ट रेस्ट हाउस, चार इमली भोपाल में सेवानिवृत्त आईएफएस श्री एस.आर. रावत के अपने 37 वर्षों के सेवाकाल के जंगलों के खट्टे-मीठे संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक "एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी'' का विमोचन करेंगे। इस अवसर पर वन राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाड़े और वन अधिकारी उपस्थित रहेंगे। भारतीय वन सेवा मध्यप्रदेश के सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एस.आर. रावत के 37 वर्षों के सेवाकाल का यह संस्मरण एक जीवंत दस्तावेज है। 15 अध्याय की यह पुस्तक फॉरेस्ट कॉलेज की प्रशिक्षण अवधि से लेकर सेवानिवृत्ति तक की लगभग 4 दशकों की यात्रा का प्रमाणिक वर्णन प्रस्तुत करती है। पुस्तक में प्रकृति के सान्निध्य में बिताए गये अविस्मरणीय क्षणों, वन्य-जीवों, विविध मैदानी चुनौतियों के प्रत्यक्ष अनुभवों का व्यापक चित्रण छोटी-छोटी सच्ची कहानियों के माध्यम से किया गया है। पुस्तक में लेखक महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विविध वन क्षेत्रों में किये गये वानिकी कार्यों और संरक्षण प्रयासों से जुड़े अपने गहन अनुभव से अवगत कराते हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की जिला अस्पताल और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सतना जिला अस्पताल में बनने वाले 150 बिस्तर वाले नवीन हास्पिटल के भवन का निर्माण अक्टूबर 2026 में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केन्द्र तक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार कर मातृ-मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कम करने के लगातार प्रयास करें।  शुक्ल शुक्रवार को सतना में जिला अस्पताल सहित मैहर और सतना जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं की उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी, डीन मेडीकल कॉलेज डॉ. एसपी गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला और पीआईयू के अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जिला चिकित्सालय सतना के परिसर में 32 करोड 54 लाख 97 हजार रूपये की लागत से बनने वाले 150 बिस्तर वाले अस्पताल के एकीकृत भवन के निर्माण कार्य की समीक्षा की। पीआईयू के अधिकारियों ने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में 32 करोड 54 लाख 97 हजार रूपये की लागत से 100 बिस्तरीय वार्ड, 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हास्पीटल ब्लाक (सीसीएचबी) एवं एन्टीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) के एकीकृत भवन का निर्माण किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और पैरामेडीकल स्टाफ प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में बहुत बेहतर है। कलेक्टर और सीएमएचओ एयर एम्बुलेंस की सुविधा की मानीटरिंग करें। उप मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाडा के दौरान आयोजित स्वास्थ्य शिविरों और जिले की सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थाओं, उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सेवाओं तथा गतिविधियों की विकासखण्डवार समीक्षा की।