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राजनीति में बदला सुर? दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा— संगठन की शक्ति दिखी

भोपाल  कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और अपने स्वभाव के उलट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) उसके संगठन और पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने जो फोटो शेयर किया उसमें भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन, आनंदी बेन पटेल दिखाई दे रहे हैं, जबकि मोदी जमीन पर बैठे हुए दिख रहे हैं। इस फोटो को उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली बताया और कहा कि यह संगठन की ही शक्ति है कि पार्टी का एक कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है।   इस फोटो को शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।' सबसे खास बात यह है कि अपनी इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस पार्टी, मध्य प्रदेश कांग्रेस, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और खुद पीएम मोदी को भी टैग किया। यूजर्स ने निकाले सिंह की पोस्ट के अलग-अलग मायने दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट को लेकर यूजर्स ने अलग-अलग मायने निकाले। एक यूजर ने उनकी पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, 'सीधे मुंह क्यों नहीं कहते कि कांग्रेस में सिर्फ एक परिवार को राज करने का अधिकार हैं। बाकी कार्यकर्ताओं को तो राज परिवार और उसका युवराज अपना गुलाम समझता हैं। समझदार कांग्रेसी कार्यकर्ता को गुलामी छोड़कर देश सेवा के लिए दूसरी पार्टी में अपना भविष्य तलाशना चाहिए।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप जिनको बता रहे है उन्होंने अपने कान बंद कर लिए है, जिन्हें दिखा रहे है उन्होंने आखें बंद कर रखी है और जिनको समझाने की कोशिश कर रहे है वो धृतराष्ट्र बने हुए हैं। सच को कब तक झुठलायेंगे कभी तो सच में जलना पड़ेगा, तपना पड़ेगा तब कहीं सम्मान मिलेगा राजनीति का।' एक यूजर ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हालत के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार बताते हुए लिखा, 'जितना फायदा आपने उन्हें दिलाया है MP में,उतना कोई नहीं दिला सकता। जय सिया राम' जबकि एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘कांग्रेस मैं यह असंभव हैं। काश दिग्गीराजा या सचिन पायलट एक दिन ऐसे बन जाते। 

दिग्विजय सिंह ने कहा: अयोध्या जाने की आवश्यकता नहीं, ‘अहं ब्रह्मास्मि’ का जिक्र किया

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने दिग्विजय सिंह से राम मंदिर जाने को लेकर सवाल किया था. इसपर कांग्रेस नेता ने राम मंदिर जाने से इनकार कर दिया. दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे कहीं जाने की जरूरत नहीं है. ‘शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत का पाठ करवाएंगे’ राम मंदिर जाने के सवाल पर कांग्रेस नेता ये भी कहा कि वे शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत का पाठ करवाएंगे. साथ ही प्रवचन भी करवाएंगे. इसमें लिखा है, ‘अहं ब्रह्मास्मि’. मतलब मुझमें ही ब्रह्म है, इसलिए मुझे कहीं और जाने की जरूरत नहीं है. लेकिन सनातन धर्म का पालन करने वाला हूं. ‘कमलनाथ सरकार पुजारियों को वेतनमान दे रही थी’ कांग्रेस नेता ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘उज्जैन में मंदिरों में जो चढ़ावा आ रहा है, वो मंदिरों के रखरखाव में इस्तेमाल नहीं हो रहा है. मंदिरों के रखरखाव का पैसा कलेक्टर, SDM के खाते में जमा होता है, लेकिन अधिकारी साइन नहीं करते हैं. गुना में इसी तरह का मामला सामने आया है. मंदिरों की जमीन स्थापित इष्ट देव की है, ये बात सुप्रीम कोर्ट ने कही है. देवता के नाम दर्ज भूमि नीलाम नहीं हो सकती, लेकिन इसका उल्लंघन एमपी सरकार कर रही है. एमपी में 50 हजार पुजारी है उनके साथ कुठाराघात हो रहा है. वहीं कमलनाथ सरकार पुजारियों का वेतनमान समेत कई सुविधा दे रही थी. सांसद ने कहा- दिग्विजय सनातन समाज से माफी मांगे भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम हम सबके आदर्श और श्रृद्धा के केन्द्र हैं। मैं दिग्विजय सिंह से पूछना चाहता हूं अगर अयोध्या में राम मंदिर नहीं जाओगे तो क्या दिल्ली की जामा मस्जिद में जाओगे? क्या मक्का-मदीना में जाओगे। देश की जनता इनके बारे में बहुत कुछ समझती है। इसलिए इनकी पार्टी और उनकी खुद की दुर्गति हो रही है। इस प्रकार के स्टेटमेंट के लिए उनको सनातन समाज से माफी मांगना चाहिए। ‘मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला हूं’ दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, ‘मैं जब मुख्यमंत्री था, तो मेरे खिलाफ विश्व हिंदू परिषद ने झूठा प्रचार किया था. मुझ पर आरोप लगाते हैं कि मैं मुस्लिम और ईसाई हूं. मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला हूं. पुजारियों के साथ गलत हुआ है, तो हम लड़ाई लड़ेंगे. पुजारियों की जमीन कोई नहीं ले सकता है. जब सरकार बदलेगी तब सारी पोल खोलेंगे.  राम मंदिर के लिए दिग्विजय ने दिया था चंदा जनवरी 2021 में दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 1,11,111 रुपए का चेक भेजा था। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा था। दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में अपील की थी कि राम मंदिर के नाम पर चंदा संग्रह सौहार्दपूर्ण और पारदर्शी माहौल में किया जाए, ताकि समाज में किसी भी प्रकार का तनाव या विभाजन न हो। आस्था के इस विषय में सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। दिग्विजय ने चंदे का हिसाब भी मांगा था दिग्विजय सिंह ने पत्र के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद द्वारा पूर्व में एकत्र किए गए चंदे का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई थी। उन्होंने कहा था कि चंदे की पारदर्शिता से लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। दिग्विजय सिंह का यह कदम उस समय चर्चा में रहा था, जब देशभर में राम मंदिर निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर चंदा अभियान चलाया जा रहा था। उनके इस निर्णय को उन्होंने आस्था के सम्मान के साथ-साथ जवाबदेही और पारदर्शिता से जोड़कर बताया था।

दिग्विजय सिंह का बयान: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले भारत में अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े

भोपाल बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर सियासत तेज हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले, भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों का “रिएक्शन” हैं. अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई का असर पड़ोसी देश तक दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत में कट्टरपंथी ताकतें अल्पसंख्यकों पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं. उनका दावा है कि इसी का असर पड़ोसी देश बांग्लादेश में देखने को मिल रहा है, जहां हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है. हिंदुओं पर अत्याचार की घोर निंदा पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार की वे घोर निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव स्वीकार्य नहीं है और इस तरह की घटनाएं मानवता पर धब्बा हैं. राजनीतिक बयान से बढ़ी बहस दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस और तेज हो गई है. जहां एक तरफ उनके समर्थक इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इस बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि मानवाधिकारों से जुड़ा हुआ है. उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाए. भाजपा का पलटवार: ‘भूल से 10 साल मुख्यमंत्री रहे’ दिग्विजय सिंह के इस बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह “भूल से 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे” और आज वे यह तय नहीं कर पा रहे कि वे हिंदुस्तान के नागरिक हैं या पाकिस्तान के एजेंट. आतंकवाद से जोड़ते हुए लगाए गंभीर आरोप रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय आतंकियों ने दिग्विजय सिंह को “सुपारी” दे रखी है और उन्हें अपना प्रवक्ता बना रखा है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह का बयान देशविरोधी ताकतों को बल देता है और अंतरराष्ट्रीय इस्लामी आतंकवाद को नैरेटिव मजबूत करने में मदद करता है. आतंकियों का साथ दिया’ का आरोप रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में आतंकियों का समर्थन किया और जब मौका मिला, उन्हें सम्मानित भी किया. उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवाद का समर्थन करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि हिंदुस्तान की जनता सब जानती है और समय आने पर जवाब भी देती है. मानवाधिकार बनाम देशहित की बहस इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर बहस को दो ध्रुवों में बांट दिया है. कांग्रेस इसे मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया से जोड़ रही है, जबकि भाजपा इसे देशविरोधी सोच और आतंकवाद को परोक्ष समर्थन बताकर हमलावर है.

दिग्विजय सिंह बोले— RSS की यह बात काबिल-ए-तारीफ है, जानें क्या कहा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने

जयपुर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) पर अक्सर हमला करते रहते हैं। मगर इस बार मामला उलटा नजर आ रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक मंच से कहा- RSS की एक बात की मैं तारीफ करना चाहूंगा कि उनका 1925 से लेकर आज तक…. जानिए दिग्विजय सिंह ने क्या कहा? मीडिया चैनल पर चल रही बातचीत के दौरान उनसे राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ पर कांग्रेस द्वारा हमला करने से जुड़े सवाल पूछे जा रहे थे। इसी समय पूछा गया- आरएसएस राष्ट्र विरोधी है या नहीं? इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं आरएसएस को राष्ट्र विरोधी नहीं कहूंगा। इसके बाद कहा- “RSS की एक बात की मैं तारीफ करना चाहूंगा कि उनका 1925 से लेकर आज तक का एजेंडा एक ही है, 'हिंदु राष्ट्र'। ये लोग हिंदु राष्ट्र के एजेंडा से इधर उधर नहीं जाते हैं।” RSS प्रचारकों को सिर्फ हिंदु राष्ट्र दिखाई देता दिग्विजय सिंह ने कहा- "मैं हमेशा मजाक में कहता हूं कि जिस तरह से रास्ता पर चलते हुए तांगे के घोड़े को सिर्फ सड़क दिखती है। उसी तरह RSS के प्रचारक को सिर्फ हिंदु राष्ट्र दिखाई देता है। इधर-उधर वो देख भी नहीं पाता है।" इसी बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने RSS पर हमला भी बोला। सिंह ने कहा- RSS लोकतंत्र के पक्ष में नहीं है। उन्होंने देश के संविधान को कभी भी स्वीकार नहीं किया। RSS की विचारधारा भारतीय संविधान के खिलाफ इसके बाद उन्होंने कहा- मुझे बताने की जरूरत नहीं है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ जिसको प्रधानमंत्री जी दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताते हैं, वह एक अनरजिस्टर्ड एनजीओ है। क्या कोई एनजीओ देश में बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर सकता है क्या? RSS जिसकी विचारधारा शुद्ध रूप से भारतीय संविधान के खिलाफ है, उस पर कोई नियम लागू नहीं होगा।

दिग्विजय सिंह ने इंदौर में जताई राहुल गांधी की तारीफ, कहा—‘कांग्रेस को मिली नई ऊर्जा’

इंदौर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की SIR तैयारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने  इंदौर में अहम बैठक ली। बैठक में उन्होंने संगठन की कमियों, बूथ प्रबंधन, और आगामी चुनावी रणनीति पर खुलकर बात की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ‘कॉन्ग्रेस लंबे समय तक सोई रही, जबकि भाजपा बूथ स्तर तक पूरी तरह सक्रिय थी। लेकिन राहुल गांधी ने पार्टी को फिर से जगाया है। छह महीने पहले तक कांग्रेस के 90% नेताओं को बीएलए और बूथ एजेंट में अंतर तक नहीं पता था, जबकि भाजपा के पास बूथ की हर जानकारी रहती है।’ भाजपा पर प्रहार- जनता के पैसों से खरीद-फरोख्त उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बूथ एजेंटों को लालच देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के पैसे से खरीद-फरोख्त कर रही है, कांग्रेस को बूथ पर मजबूत तैयारी करने की जरूरत है।’ स्वागत से नाराज, ‘बैनर-पोस्टर पर मेरा फोटो न लगाएं’ दिग्विजय सिंह ने मंच से अपने स्वागत पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘किसी भी बैनर या पोस्टर पर मेरा फोटो न लगाया जाए। न बैंड-बाजा चाहिए, न पटाखे। 22 साल से विपक्ष में हैं, लड़ाई गंभीर है, दिखावे में समय बर्बाद मत करो।’ उन्होंने कहा कि 2014 में डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के आसपास था और अब 100 की ओर बढ़ रहा है। ये आर्थिक कुप्रबंधन का नतीजा है, उन्होंने कहा। ‘लोकतंत्र खतरे में, 26 नवंबर को बड़े आंदोलन की अपील’ दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत में विरोध करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जबकि न्यूयॉर्क का मेयर बेझिझक अपनी बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि ‘लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। 26 नवंबर संविधान दिवस पर कांग्रेस को बड़े स्तर पर आंदोलन करना चाहिए।’   2028 का लक्ष्य, 4% वोट शिफ्ट जरूरी- दिग्विजय उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं और गैर-भाजपा वोटरों से सीधा संवाद बढ़ाना होगा। चार प्रतिशत वोट का शिफ्ट सुनिश्चित करें, तभी 2028 में सरकार बनाई जा सकती है। अंत में दिग्विजय ने कार्यकर्ताओं से कहा कि ‘घर-घर जाओ, लोगों की समस्याएं समझो, विपक्ष की जिम्मेदारी निभाओ।’

बिहार चुनाव में RJD-कांग्रेस की हार पर दिग्विजय सिंह का बयान, शक हुआ सच

भोपाल बिहार चुनाव नतीजों में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भारी जीत दर्ज करने की ओर है। आलम यह है कि भाजपा शानदार स्ट्राइक रेट के साथ अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने की ओर है। भाजपा 80 से अधिक विधानसभा सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। BJP ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वहीं 140 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने वाली राजद 40 से भी कम सीटों पर बढ़त बनाए है। कांग्रेस जिसने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 10 सीटों से कम पर आगे है। बिहार में RJD-कांग्रेस की हार पर दिग्विजय सिंह का तगड़ा बयान सामने आया है? कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरा शक था सही निकला। एसआईआर में 62 लाख वोट कटे 20 लाख वोट जुड़े। यही नहीं 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे बढ़ा दिए गए। अधिकांश वोट गरीबों के दलितों के अल्प संख्यक वर्ग के कटे। इसके बावजूद ईवीएम पर शंका बनी हुई है। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस को अपने संघटन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आज के दौर में चुनाव मतदान केंद्र पर सघन जनसंपर्क का है ना कि रैलियों और जनसभाओं का। विजयी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं।

दिल्ली धमाके पर दिग्विजय का बयान: बिहार चुनाव को लेकर उठाए सवाल

भोपाल   देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लालकिला के बाहर सोमवार शाम को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना ज़ोरदार था कि आसपास खड़े कई वाहन जलकर खाक हो गए। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सभी एंगल से जांच में जुटी हैं और इलाके को सील कर दिया गया है। वहीं इस संवेदनशील माहौल में मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर विस्फोटक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैं इस घटना को बिहार चुनाव में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण करने के प्रयास के रूप में देख रहा हूं।” दिग्विजय सिंह ने ट्विट के जरिए लिखा- अमित शाह जी आप #BiharElection2025 में व्यस्त हैं और दिल्ली में लाल क़िले पर बम फट रहा है। NSA IB CP-दिल्ली क्या कर रहे थे? क्या इन लोगों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? क्या इन पर कोई कार्रवाई होगी? या फिर इसे बिहार चुनाव में हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण करने का प्रयास होगा? देखते हैं। उनका यह बयान सामने आते ही सियासी हलकों में भूचाल आ गया। भाजपा नेताओं ने इसे “शर्मनाक और संवेदनहीन राजनीति” बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। कई नेताओं ने कहा कि जब देश शोक में है, तब इस तरह के बयान जांच को प्रभावित करने वाले और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश हैं। पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने ऐसे विवादित बयान दिए हों। इससे पहले भी वे कई बार आतंकी घटनाओं पर टिप्पणी कर विवादों के घेरे में आ चुके हैं।  सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, मास्टरमाइंड की तलाश जारी इस बीच जांच एजेंसियां धमाके के पीछे के असल मास्टरमाइंड को खोजने में जुटी हैं। घटना स्थल से बरामद मलबे में रासायनिक विस्फोटक के अंश मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं घायल लोगों का इलाज दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।  

क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस में सब ठीक है? दिग्विजय सिंह को नजरअंदाज कर अंदरूनी मतभेद उभरे

मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह: दिग्विजय सिंह से दूरी, कार्यक्रम का न्यौता नहीं क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस में सब ठीक है? दिग्विजय सिंह को नजरअंदाज कर अंदरूनी मतभेद उभरे मध्य प्रदेश कांग्रेस में फूट का संकेत: दिग्विजय सिंह को कार्यक्रम में न्यौता नहीं, अंदरूनी विवाद सामने इंदौर   प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और इंदौर शहर कांग्रेस के बीच की खटास शुक्रवार को एक बार फिर दिखी, जब शहर कांग्रेस ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में अपने वरिष्ठ नेता को न्यौता तक नहीं दिया। इंदौर में हुए इस आयोजन से दिग्विजय सिंह पूरी तरह अलग-थलग नजर आए। शहर कांग्रेस कमेटी ने सुबह सरदार पटेल प्रतिमा और इंदिरा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर देश की एकता और अखंडता की शपथ दिलाई, वहीं सिंह आयोजन के लगभग एक घंटे बाद अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और अलग से माल्यार्पण किया। बताया जा रहा है कि शहर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह के बीच मतभेद पिछले महीने से चल रहे हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने सितंबर में एक बैठक में यह साफ कहा था कि भोपाल या बाहर से कोई भी नेता बिना स्थानीय संगठन को सूचना दिए इंदौर में कोई कार्यक्रम नहीं कर सकता। हालांकि उन्होंने दिग्विजय सिंह का नाम नहीं लिया था, लेकिन सभी जानते थे कि यह टिप्पणी उन्हीं की ओर इशारा थी। दिग्विजय सिंह और शहर अध्यक्ष के बीच खटास जारी 27 सितंबर को दिग्विजय सिंह सीतलामाता बाजार पहुंचे थे, जहां उन्होंने मुस्लिम कर्मचारियों को दुकानों से हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया था। सिंह ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे को भी वहां बुलाया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। अगले ही दिन गांधी भवन में हुई बैठक में चौकसे ने सख्त लहजे में कहा था कि बाहर से आने वाले नेता बिना अनुमति आयोजन नहीं कर सकते। इसके बाद से दोनों के बीच दूरी बढ़ गई। कुछ कांग्रेस नेताओं ने चौकसे के खिलाफ राहुल गांधी को पत्र लिखकर शिकायत भी की थी। अब एक महीने बाद जब दिग्विजय सिंह फिर इंदौर आए, तो न शहर कांग्रेस ने उन्हें बुलाया और न ही वे शहर अध्यक्ष के किसी कार्यक्रम में शामिल हुए। हालांकि चौकसे ने सफाई देते हुए कहा कि “दिग्विजय सिंह की व्यस्तताएं थीं, इसलिए वे हमारे आयोजन में शामिल नहीं हो सके और बाद में माल्यार्पण करने पहुंचे।” दिग्विजय का चुनाव आयोग पर निशाना इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "चुनाव आयोग देश बांटने की प्रक्रिया में शामिल हो गया है। अब नागरिकों को खुद यह प्रमाण देना पड़ रहा है कि वे भारतीय हैं या नहीं। जबकि मतदाता सूची में नाम जोड़ना आयोग की जिम्मेदारी है। भाजपा के इशारे पर संवैधानिक संस्थाएं पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रही हैं।"  

दिग्गी की रणनीति: पार्टी फंडिंग में साथ दें सभी नेता, बूथ स्तर पर निकालें जनजागरूकता यात्रा

भोपाल  भारत जोड़ों यात्रा की तर्ज पर मध्य प्रदेश में पदयात्रा होगी. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जिला प्रभारियों की बैठक में प्रस्ताव दिया. मध्य प्रदेश में पदयात्रा निकालने का प्रस्ताव दिया. इस प्रस्ताव के बाद बैठक में दिग्विजय पदयात्रा को लेकर प्लानिंग करेंगे. जनता से जुड़े मुद्दे पदयात्रा में उठाए जाएंगे. भारत जोड़ो यात्रा का ब्लूप्रिंट भी दिग्विजय सिंह ने तैयार किया था. कांग्रेस को उम्मीद पदयात्रा के जरिए एमपी कांग्रेस मजबूत होगी. मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई रणनीति: बूथों के बीच यात्रा और हस्ताक्षर अभियान हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और सह प्रभारी संजय दत्त मौजूद थे। इस बैठक में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर मध्य प्रदेश में बूथों के बीच यात्रा निकालने का प्रस्ताव रखा गया। यह यात्रा कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस, जो कि 28 दिसंबर को है, से शुरू होकर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक चलेगी। यह कदम पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति मानी जा रही है। बैठक में दिग्विजय सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय से पार्टी ने बूथ स्तर पर संगठनात्मक काम नहीं किया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब बिहार की तरह मध्य प्रदेश में एसआईआर (सर्वे इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट) कराने की योजना बनाई जा रही है। उनके अनुसार, पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कांग्रेस का समर्थक मतदाता वोटर लिस्ट से न हटाया जाए और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे। इसके लिए वोटर लिस्ट में होने वाली गड़बड़ी पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है। बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत हस्ताक्षर किए। बूथ से बूथ तक यात्रा का प्रस्ताव दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया कि पार्टी को भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर एक बूथ से दूसरे बूथ तक पदयात्रा निकालनी चाहिए। इस यात्रा के दौरान बूथ की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के काम की समीक्षा की जाएगी और वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान को गति दी जाएगी। यह यात्रा न केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट करेगी, बल्कि मतदाताओं के बीच पार्टी की उपस्थिति भी बढ़ाएगी। इसके अलावा, उन्होंने जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को यह भी कहा कि उन्हें संगठन का काम करने के लिए किसी नेता की तरफ पैसे के लिए नहीं देखना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने यह सुझाव दिया कि सक्षम कार्यकर्ताओं को खुद पार्टी की मदद करनी चाहिए। इसमें ऐसे कार्यकर्ताओं को बीएलए बनाया जाना चाहिए जो बूथ पर मजबूती और सक्रियता से काम कर सकें। हस्ताक्षर अभियान का लक्ष्य बैठक में जीतू पटवारी ने भी अपनी बात रखी और कहा कि हमें पूरे मध्य प्रदेश से 5 करोड़ मतदाताओं के हस्ताक्षर कराने हैं। इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र से 20 हजार मतदाताओं के हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान वोट चोर गद्दी छोड़ मुहिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पार्टी की रणनीतिक दिशा को मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा। कांग्रेस पार्टी का यह नया कदम मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहा है। बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए यह यात्रा और हस्ताक्षर अभियान, पार्टी की संगठनात्मक मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के प्रयासों से कांग्रेस पार्टी अपनी स्थिति को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है, ताकि आगामी चुनावों में सफलता हासिल की जा सके। कुल मिलाकर, यह बैठक और उसके परिणाम कांग्रेस पार्टी के लिए एक नई दिशा दिखाने वाले हैं। पार्टी के नेता अब बूथ स्तर पर अधिक सक्रियता और जागरूकता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो कि आने वाले चुनावों में उनकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आपको बता दें कि इस रणनीति के तहत कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के साथ-साथ मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही है। यह अभियान न केवल कांग्रेस के नेताओं के लिए, बल्कि पार्टी के समर्थकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

‘I LOVE मोहम्मद’ पर FIR क्यों?: झांसी में दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, RSS पर दंगे भड़काने का आरोप

झांसी  झांसी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- RSS दंगे भड़काती है। यह एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था है। इनके लोग दंगा कराते हैं। फिर इनकी ओर से बयान आता है कि यह हमारा मेम्बर नहीं। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं तो मेम्बर कहां से होगा?  सरकार चाहे तो कभी दंगे न हों। दंगे सरकार और अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। इसे रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएं। बरेली बवाल पर उन्होंने कहा कि तौकीर रजा जैसे लोग हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भाषण देकर लोगों को उकसाते हैं। दिग्विजय शुक्रवार को दतिया के पीतांबरा पीठ दर्शन के बाद सर्किट हाउस पहुंचे थे। इसके बाद वे भोपाल रवाना हो गए। आरएसएस चंदा वूसली करती है। ये पैसा जाता कहां है। बैंक खाता कहां है? हर विजयादशमी और गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपए चंदे में आते हैं। जब संघ का अकाउंट नहीं है तो पैसा जाता कहां है। इनका एक ही एजेंडा है, हिदुओं को भड़काना और संविधान के खिलाफ लोगों को बचपन से तैयार करना। ये कभी आंदोलन प्रदर्शन नहीं करते, हमेशा कानाफूसी की राजनीति करते हैं। RSS के लोग कह रहे हैं कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही। उनकी संख्या बढ़ जाएगी, जो कि संभव ही नहीं है। क्योंकि, जितनी हिंदुओं की जनसंख्या घट रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से मुसलमानों की जनसंख्या घट रही। 2001 और 2011 के बीच का जनसंख्या ग्राफ ये प्रमाणित करता है। अब 2021 की रिपोर्ट तो इन्होंने ही रोक कर रखी है। इसलिए वो बात सामने नहीं आईं। लेकिन RSS और सरकार मिलकर हिंदुओं को भ्रमित कर रहे हैं। अगर कोई 'आई लव मोहम्मद' कहता है और कोई आई लव रामजी, आई लव महादेव, आई लव कृष्ण भगवान, आई लव गांधीजी कहता है तो इसमें किसी को क्या दिक्कत? इसमें मुकदमा दर्ज करने की क्या जरूरत है। दंगे तो सरकार और सरकारी अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। अगर सरकार चाहे तो कभी दंगा नहीं हो सकता है। सरकार को ऐसे संवेदनशील मामलों में समय से कदम उठाने की जरूरत है। बरेली में मौलान तौकीर रजा पर कहा कि कुछ फितरती लोग अगर मुसलमानों में हैं तो हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भड़काऊ भाषण देने का काम करते हैं। संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर अवैधानिक निर्माण है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति के अपराध पर उसके परिवार को दंड देना कहीं से भी न्याय नहीं है। सरकार ने लिस्ट जारी की है। एक भी घुसपैठिए का नाम बता दें। किस पोलिंग बूथ पर कौन सा घुसपैठिया है। उसका नाम आ गया हो। घुसपैठिए की परिभाषा क्या है? जब केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है। तो घुसपैठिया नेपाल से आया या बांग्लादेश से? ये केवल भाजपा और अमित शाह की नजर में घुसपैठिए हैं। लेकिन घुसपैठिए का नाम तो बताना होगा। कोविड के समय RSS की ओर से कहा गया कि जनता को 7 करोड़ रुपए की मदद की है। मैंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बारे में पत्र लिखा। उनसे पूछा कि नॉन रजिस्टर्ड संस्था कह रही है कि 7 करोड़ रुपए कलेक्ट करके खर्च किए हैं। तो आखिर कौन से अकाउंट से पेमेंट किया। इन पर तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए। नॉन रजिस्टर्ड संस्था ने बिना अकाउंट के 7 करोड़ रुपए कहां से खर्च कर दिए? मगर वित्त मंत्री जी का आज तक जवाब नहीं आया।