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क्या टूटने की कगार पर है मौनी रॉय की शादी? पति सूरज को किया अनफॉलो

शोबिज की दुनिया में जितनी जल्दी रिश्ते बनते हैं उतनी तेजी से टूट भी जाते हैं. अब बॉलीवुड और टीवी की फेमस एक्ट्रेस मौनी रॉय अपनी शादीशुदा जिंदगी में आई दरार को लेकर सुर्खियों में हैं. ऐसी चर्चा है मौनी का पति सूरज नांबियार संग रिश्ता मुश्किल दौर से गुजर रहा है. दोनों की शादी टूटने की कगार पर है. पति से अलग हुईं मौनी? एक वक्त पर पावर कपल कहे जाने वाले मौनी और सूरज नांबियार ने इंस्टाग्राम पर एक दूसरे को अनफॉलो कर दिया है. फैंस की जब पैनी नजर दोनों की फॉलोइंग लिस्ट पर पड़ी तो लोगों ने पाया कि मौनी और सूरज इंस्टाग्राम पर एक दूसरे को फॉलो नहीं कर रहे हैं और फिर दोनों के रिश्ते में खटपट की खबरें तूफानी रफ्तार से फैल गईं. हालांकि, मौनी और सूरज में से किसी ने भी अपने रिश्ते में अनबन होने की रिपोर्ट्स को कंफर्म नहीं किया है और न ही उन्होंने तलाक की वायरल खबरों पर अब तक रिएक्ट किया है. दिशा ने कंफर्म किया मौनी का तलाक? लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि मौनी की सबसे करीबी दोस्त और एक्ट्रेस दिशा पाटनी ने भी सूरज नांबियार को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है. दिशा की फॉलोइंग लिस्ट में सूरज मौजूद नहीं हैं. दिशा पाटनी, मौनी रॉय की सबसे करीबी दोस्त हैं. दोनों फैमिली जैसा बॉन्ड शेयर करती हैं. दिशा बेस्ट फ्रेंड मौनी के पति सूरज के भी काफी क्लोज थीं. दिशा कई दफा सूरज और मौनी संग वेकेशन एन्जॉय करते और पार्टी करते नजर आ चुकी हैं. इतना खास बॉन्ड होने पर दिशा के सूरज को अनफॉलो करने पर माना जा रहा है कि मौनी और सूरज के रिश्ते में वाकई में दरार पड़ गई है. क्योंकि ये बात साफ जाहिर है कि दिशा इस सिचुएशन में अपनी दोस्त मौनी का ही साथ देंगी. 4 साल में पड़ी रिश्ते में दरार मौनी रॉय जहां टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, तो वहीं उनके पति सूरज नांबियार इंडस्ट्री से नहीं हैं. सूरज एक बिजनेसमैन हैं. दोनों ने लंबी डेटिंग के बाद साल 2022 को गोवा के इंटीमेट वेडिंग की थी. उन्होंने पहले मलयाली रीति-रिवाजों से शादी की थी और फिर बंगाली परंपराओं के अनुसार शादी रचाई थी. मगर अब लगता है कि 4 साल बाद ही दोनों की शादी टूटने की कगार पर है.

‘आत्महत्या की धमकी भी मानसिक प्रताड़ना’ – हाईकोर्ट ने तलाक को दी हरी झंडी

बिलासपुर पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले में पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, आत्महत्या करने की बार-बार धमकी देना क्रूरता है। जब ऐसी बात किसी इशारे या हाव-भाव के रूप में दोहराई जाती है तो कोई भी पति-पत्नी शांति से नहीं रह सकता। इस मामले में अपील करने वाले के पति ने यह दिखाने के लिए काफी सबूत पेश किए हैं कि पत्नी बार-बार आत्महत्या करने की धमकी देती थी और एक बार तो अपने ऊपर कैरोसिन डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। क्रूरता का मतलब है पति-पत्नी के साथ इतनी क्रूरता से पेश आना, जिससे उसके मन में यह डर पैदा हो कि दूसरे पक्ष के साथ रहना उसके लिए नुकसानदायक होगा। पत्नी के काम इतने गंभीर हैं कि पति को दर्द, और तकलीफ़ हुई है, जो शादी के कानून में क्रूरता मानी जाएगी। जानिए पूरा मामला अपीलकर्ता पत्नी की 11 मई 2018 को हिदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। वह पति के साथ रह रही थी और उनकी शादी से उनका बेटा पैदा हुआ, जो अभी लगभग 03 साल का है। शादी के लगभग एक हफ्ते बाद पति-पत्नी मोटरसाइकिल पर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर जा रहे थे और रास्ते में अचानक उनके सामने एक भैंस आ गई और उनका एक्सीडेंट हो गया। पत्नी ने अपने पिता को बताई। पिता ने दोनों को बागतराई बुलाया और उन्हें अधारी नवगांव की दरगाह पर ले गए, यह कहकर कि उन पर भूत का साया है और हर गुरुवार को वहां आने को कहा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका बिजनेस अच्छा चलेगा। शादी के बाद पति लगभग 7-8 महीने तक पत्नी को हर गुरुवार बागतराई ले जाने लगा, जिससे उसे बिजनेस में नुकसान हुआ और इस दौरान पति को पता चला कि पत्नी और उसके माता-पिता मुस्लिम हैं और उन्होंने यह बात छिपाकर शादी की थी। फिर पति ने अपील करने वाले को हर गुरुवार उसके माता-पिता के घर ले जाने से मना कर दिया। पत्नी हर गुरुवार को अपने माता-पिता के घर जाने की जिद करने लगी। पत्नी और उसके माता-पिता ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए कहना शुरू कर दिया, जिससे पति ने मना कर दिया। इस पर पत्नी का व्यवहार बहुत बदल गया और झगड़ा करने लगी। पत्नी ने अजीब तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया, गाली-गलौज करने लगी। 25 सितंबर 2019 को अपील करने वाली ने पति से बेवजह झगड़ा किया और केरोसीन डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की, जिसे पति ने किसी तरह बचाया। इसके बाद पत्नी अपने माता-पिता के घर चली गई। इस पर पति ने न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। सुनवाई उपरांत न्यायालय ने तलाक के आवेदन को मंजूर किया। इसके खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी। कोर्ट ने कहा, मामले में भी यह बिल्कुल साफ़ है कि पत्नी ने अपने पति को बार-बार सुसाइड करने की कोशिश करके धमकाया और यह भी बिल्कुल साफ़ है कि साल 2020 से पत्नी अपने पति से अलग रह रही है। पत्नी के व्यवहार को देखते हुए पति के लिए किसी भी मेंटल प्रेशर के साथ उसके साथ रहना मुमकिन नहीं है। इसके साथ हाईकोर्ट ने पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को खारिज कर दिया है।

तलाक की अपील खारिज: हाईकोर्ट बोला– क्षमा के बाद क्रूरता आधार नहीं बन सकती

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दंपती के बीच विवाद में अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सबूतों के अभाव में क्रूरता साबित नहीं होती और यदि कोई घटना हुई भी थी, तो पति ने उसे बाद में माफ कर दिया था. हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 23(1) (b) के अनुसार यदि क्रूरता माफ कर दी जाए तो तलाक का आधार नहीं बनता. जांजगीर निवासी व्यक्ति की शादी 11 दिसंबर 2020 को सरगांव निवासी महिला के साथ हुई थी. अक्टूबर 2022 को बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा. पति का आरोप था कि तीन अज्ञात नंबरों से उसे गालियां दी गईं और पत्नी के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. आरोप है कि 29 मार्च 2023 को पत्नी घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद 4 अप्रैल 2023 को पति ने हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया. जांजगीर के फैमिली कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि क्रूरता साबित नहीं हुई. इस फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की थी.