samacharsecretary.com

जयपुर को मिलेंगी 450 ई-बसें, राजस्थान में पीएम ई-बस सेवा का विस्तार तेज

जयपुर  राजस्थान के शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में पीएम ई-बस सेवा योजना के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। योजना के तहत राजस्थान को दो चरणों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से 229 ई-बसें राज्य को प्राप्त हो चुकी हैं। वहीं, बसों के संचालन के लिए आठ जिलों में 65 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार अब चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को तेजी से पूरा करने पर फोकस कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ई-बसों का संचालन शुरू किया जा सके। योजना की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें स्थानीय स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ई-बस सेवा संचालित करने वाले जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा और अलवर जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। बैठक में शासन सचिव रवि जैन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना की अब तक की प्रगति और क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद मुख्य सचिव ने अधिकारियों से ई-बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। चार्जिंग स्टेशन बनाना सबसे अहम कड़ी ई-बसों के संचालन में चार्जिंग नेटवर्क को महत्वपूर्ण मानते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण और स्थापना तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों के संचालन से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रहनी चाहिए, ताकि यात्रियों को नियमित और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और योजना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। इससे आने वाले समय में प्राप्त होने वाली नई ई-बसों को भी बिना किसी बड़ी बाधा के संचालन में लाया जा सकेगा। एसी बसों में डिजिटल टिकटिंग की सुविधा पीएम ई-बस सेवा के तहत राजस्थान में संचालित होने वाली बसें वातानुकूलित इलेक्ट्रिक सिटी बसें हैं। इनमें पारंपरिक ईंधन वाली बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इन बसों में डिजिटल टिकटिंग और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। सरकार की योजना के तहत 1150 ई-बसों का पूरा बेड़ा तैयार होने के बाद राज्य के प्रमुख शहरों में शहरी परिवहन नेटवर्क को इससे बड़ा विस्तार मिलने की संभावना है। फिलहाल आठ शहरों में बसों और चार्जिंग स्टेशनों की व्यवस्था तैयार की जा रही है। आगामी चरण में जैसे-जैसे नई बसें उपलब्ध होंगी, उनके संचालन के लिए चार्जिंग और अन्य बुनियादी ढांचे को समय पर तैयार करना सरकार के सामने प्रमुख चुनौती रहेगी। जयपुर को सर्वाधिक 450 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित योजना के तहत जयपुर को सर्वाधिक 450 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इसके अलावा जोधपुर और बीकानेर को 125-125 बसें मिलेंगी। अजमेर, अलवर और कोटा में 100-100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि उदयपुर, सीकर और भीलवाड़ा को 50-50 बसें आवंटित की गई हैं। इन बसों के संचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनेगी।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा 5000 पार, 2028 तक होंगी 13000 बसें

नई दिल्ली  दिल्ली की सड़कों पर आज मंगलवार को 300 नई इलेक्ट्रिक बसें उतरेंगी। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा 5000 के पार पहुंच जाएगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दावा है कि 2028 तक दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 100 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होंगी। इसके लिए वह अभी से पीएम ई-ड्राइव के तहत ऑर्डर प्लेस कर चुकी हैं। सूत्रों का कहना है कि 2028 तक डीटीसी के पास कुल 13 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें होंगी। मुख्यमंत्री इन 300 बसों को आज हरी झंडी दिखाएंगी आज मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री इन 300 बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। अभी DTC के पास 6223 बसें हैं, जिनमें 4680 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इसमें 12 मीटर वाली स्टैंडर्ड बसों के अलावा 9 मीटर वाली देवी बसें भी शामिल हैं। DTC चाहकर भी अब सीएनजी चालित बसें नहीं खरीद पाएगी ईवी पॉलिसी आने के बाद सरकार ने अब दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें लाने का प्रावधान किया है। यानी DTC चाहकर भी अब सीएनजी चालित बसें नहीं खरीद पाएगी। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने पीएम ई-ड्राइव के तहत 2800 नई बसें खरीदने को लेकर एक और कैबिनेट प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 9 मीटर वाली 1400 बसें भी शामिल हैं। ये नई बसें 2027 से आनी शुरू हो जाएंगी और अप्रैल 2027 तक सड़कों पर चलाने की तैयारी है। यानी 2027 तक डीटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों का आंकड़ा 8000 को पार कर जाएगा। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट नोट तैयार कर वित्तीय मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। महाकाल से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे दिग्विजय सिंह, 2 अक्टूबर से होगी शुरुआत     5,000 के पार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या दिल्ली में     13,000 इलेक्ट्रिक बसें होगी DTC के पास 2028 तक     पीएम ई-ड्राइव के तहत किया जा चुका है ऑर्डर प्लेस     नई बसें 2027 से आनी शुरू हो जाएगी, अप्रैल 2027 तक चलाने की तैयारी आप पर असर दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा उसमें सफर करने वाले लाखों यात्रियों को होगा। बसों की फ्रीक्वेंसी बेहतर होगी। जिन रूटों पर अभी भीड़ ज्यादा है, वहां बसों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। छोटी बसें आने से संकरी सड़कों पर बसों की आवाजाही बढ़ेगी। इसके लिए सरकार IIT दिल्ली के साथ मिलकर दिल्ली को तीन जोन में बांटकर बस रूट रेशनलाइजेशन का काम भी कर रही है, जिससे कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा सके। वर्तमान में दिल्ली में मांग के हिसाब से बसों की संख्या करीब 6500 है। अगले साल यह संख्या 8 हजार करने के साथ-साथ 2028 तक 13 हजार से अधिक करना है।  

पीएम ई-बस सेवा के तहत राजस्थान को मिलेगी 1150 इलेक्ट्रिक बसें, पहले चरण में 675 बसें चलेंगी

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत अमर जवान ज्योति से जेसीटीएसएल की 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। साथ ही, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भीलवाड़ा में भी 18 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन बसों के संचालन से स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुगम सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2023 में पीएम ई-बस सेवा योजना प्रारम्भ की। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के डिपो निर्माण, इलेक्ट्रिक वर्क और संचालन में राज्य सरकार को सहायता दी जा रही है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरों में प्रदूषण को कम करने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ई बस का किया अवलोकन, आधुनिक सुविधाओं की ली जानकारी मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति पर इलेक्ट्रिक बस का विधिवत पूजन कर अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बस में पैनिक बटन, एसी और सीसीटीवी कैमरे जैसी आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही, चालक और परिचालक से बातचीत की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने टिकट लेकर अमर जवान ज्योति से स्टेट हेंगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर किया। उन्होंने कहा कि इस योजना में राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर तथा अजमेर का चयन हुआ है। केन्द्र सरकार द्वारा इन 8 जिलों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त भी 475 ई बसें स्वीकृत हुई हैं। इस प्रकार राजस्थान को कुल 1150 ई बसेें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में दीपावली तक 675 ई बसों का संचालन किया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये बसें विशेष रूप से दिव्यांगों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती यात्रा का माध्यम बनेंगी। साथ ही, इन बसों में सीसीटीवी कैमरे होंगे जिनसे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 555 ई-बसंे शहरी परिवहन के लिए और 50 डबल डेकर ई-बस पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराएगी। इसके क्रियान्वयन के लिए तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। यह कदम विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कड़ी साबित होगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने पिछले ढाई वर्ष में राजस्थान के पानी, बिजली, उद्योग, परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरियालो राजस्थान के जरिए पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान कर रही है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 20 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एक पेड़ मां के नाम और हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अध्यक्ष जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड रवि जैन एवं जेसीटीएसएल के अन्य अधिकारियों सहित आमजन उपस्थित रहे। वहीं, भीलवाड़ा से विधायक उदयलाल भडाणा, अशोक कोठारी सहित आमजन वीसी के जरिए कार्यक्रम में जुड़े।

पर्यावरण की ओर बड़ा कदम: दिल्ली में 500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल, दिल्ली–पानीपत रूट फिर चालू

नई दिल्ली दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आज रामलीला मैदान से डीटीस की 500 नई ईवी बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह समेत तमाम मंत्री और भाजपा विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंच से इन इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी : नितिन नबीन इस दौरान रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज के दिन 8 फरवरी को ही दिल्ली का मैंडेट आया था और दिल्ली की जनता ने कमल खिलाने का काम किया था। आज के दिन आपने दिल्ली की जनता को जो 500 ईवी बसों का तोहफा देने का काम किया है, यह निश्चित रूप से आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पिछली सरकार के झूठे वादे से दिल्ली की जनता त्रस्त हो गई थी। पिछली सरकारों ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया था। यूं कहें तो पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी, लेकिन आज भाजपा की सरकार दिल्ली की जनता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यहां तेजी से विकास के कार्य कर रही है। इसके लिए मैं दिल्ली की भाजपा सरकार को बहुत बहुत बधाई देता हूं। 11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही : रेखा गुप्ता इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही। दिल्ली के लोगों की उम्मीदें और सपने खत्म हो गए। दिल्ली ने विकास के सपने देखना बंद कर दिया। दिल्ली के लोग पानी-सीवेज और हेल्थकेयर जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए तरसते रह गए। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली के लोगों ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो खुद को दिल्ली का मालिक समझते थे।'' रेखा गुप्ता ने केजरीवाल को बताया घमंडी उन्होंने कहा कि घमंडी केजरीवाल कहता था, "मुझे हराने के लिए तुम्हें दोबारा जन्म लेना पड़ेगा", लेकिन दिल्ली के लोगों ने इसी जन्म में इसी रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार बनाकर दिल्ली का माहौल बदल दिया। दिल्ली के लोगों ने दिखा दिया कि अगर वे किसी को प्यार और स्नेह से सत्ता की कुर्सी पर बिठा सकते हैं, तो उसे नीचे गिराना भी जानते हैं।'' रविवार को भाजपा द्वारा दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के एक वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा जल्द ही दिल्लीवासियों को कई और तोहफे देने की योजना है। 20 फरवरी को दिल्ली सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि हो सकते हैं। दिल्ली के लोगों से किए वादों को पूरा करने की अधिक खुशी : पंकज सिंह दिल्ली के मंत्री पंकज सिंह ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज हमारी सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा हो गया है। इसी दिन मैं विधायक बना था। इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि हम दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा कर रहे हैं। आज हमने दिल्ली के लोगों के लिए 500 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं। हम दिल्ली और पानीपत के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ा रहे हैं। इसलिए, मैं खुश हूं कि हमारा काम दिन-ब-दिन आगे बढ़ रहा है। वहीं, दिल्ली से बीजेपी विधायक अनिल गोयल ने भी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह जश्न दिल्ली के लिए और दिल्ली के पर्यावरण को ठीक करने के लिए है। दिल्ली की प्रदूषित हवा को ठीक करने के लिए, आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 500 ईवी बसों का उद्घाटन कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री पंकज सिंह और हमारी पूरी टीम को धन्यवाद देता हूं।  

शहरों को मिलेगी स्वच्छ हवा: सरकार ने मंज़ूर की 972 नई इलेक्ट्रिक बसें

केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने दी मंजूरी भोपाल  प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में डीजल ईंधन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये सार्वजनिक परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के 8 नगर निगमों में 972 पीएम ई-बस सेवा को मंजूरी दी है। यह बसें शीघ्र संचालित हों, इसके लिये नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो और चार्जिंग से जुड़े सभी अधोसंरचना कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। प्रदेश में बस डिपो अधोसंरचना निर्माण के लिये संबंधित नगरीय निकायों को केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि प्रदाय की जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में चार्जिंग पाइंट अधोसंरचना निर्माण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि प्रदाय की जा रही है। नगरीय निकायों में स्वीकृत पीएम ई-बसें केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने जिन नगर निगमों में ई-बसों की मंजूरी दी है, इनमें भोपाल में 195, इंदौर में 270, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 200, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें शामिल हैं। नगरीय निकायों में ई-बस सेवा का संचालन जल्द शुरू हो, इसके लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने संबंधित निकायों को बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से जुड़े अधोसंरचना के सभी कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं।  

सफर हुआ हरा-भरा: हरियाणा में शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा, कृषि मंत्री ने किया उद्घाटन

यमुनानगर  हरियाणा के यमुनानगर से रादौर तक इलेक्ट्रिक बस की शुरूआत हुई। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रादौर से यमुनानगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर कर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें चलाए जाने से पर्यावरण शुद्ध होगा। सी उद्देश्य के तहत 2047 के विकसित भारत की ओर एक कदम के रूप में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है।  कृषि मंत्री ने बताया कि सामान्य बसों में गर्मी रहती है और वातावरण अस्वच्छ हो जाता है, जबकि इस इलेक्ट्रिक बस में आरामदायक और स्वच्छ वातावरण मिलता है। यह विकसित भारत की तस्वीर है, और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह भी बताया कि हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की खरीद लगातार जारी है। इस बार धान की खरीद एक सप्ताह पहले शुरू की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के किसान जागरूक हैं और पराली जलाने की घटनाएं सामने नहीं आएंगी।