भोपाल मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों पर बिजली कंपनियों का भारी बकाया चढ़ गया है। प्रदेश के 16 विभागों ने अब तक 406 करोड़ 36 लाख रुपये के करीब बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। कुल 72,900 बिल बकाया हैं।सबसे बड़ा बकायादार नगरीय विकास एवं आवास विभाग है, जिस पर 125 करोड़ 62 लाख रुपये (12,003 बिल) का बकाया है। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर 102 करोड़ 32 लाख रुपये (17,049 बिल) बाकी हैं। वित्त विभाग ने इन विभागों के लिए बजट जारी कर दिया था, लेकिन फिर भी भुगतान नहीं किया गया। बिजली कंपनियों ने बार-बार नोटिस भेजे हैं, वहीं एसीएस ऊर्जा और पीएस ने भी सभी विभागों को तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए, मगर कोई असर नहीं दिखा। अन्य प्रमुख बकायेदार विभागों में महिला एवं बाल विकास (34.45 करोड़, 9,965 बिल), स्कूल शिक्षा (29.64 करोड़, 18,539 बिल), स्वास्थ्य (21.07 करोड़), जलसंसाधन (13.97 करोड़), गृह विभाग (10.49 करोड़) और पीएचई विभाग (11.35 करोड़) शामिल हैं। बिजली कंपनियों ने अब एसीएस और पीएस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो सरकारी दफ्तरों के बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं, जिससे कई विभागों का कामकाज ठप पड़ सकता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शासकीय कनेक्शनों की प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और भोपाल संभागों में कुल संख्या 72 हजार 900 है। इसमें सबसे अधिक 16049 कनेक्शन पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के हैं, जिन पर 102.32 करोड़ का बिजली बिल बाकी बताया गया है। मंत्री प्रहलाद पटेल के विभाग पर बकाया राशि के भुगतान के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को पत्र लिखे गए हैं। इसी तरह नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विभाग के 12034 कनेक्शन हैं, जिन पर 125.62 करोड़ का बिल बाकी है। इसके अलावा जिन मंत्रियों के विभागों से संबंधित बिजली कनेक्शनों पर बकाया राशि अधिक है, उसमें महिला और बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल के नाम शामिल हैं। इन सभी विभागों को भी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी क्षितिज सिंघल ने पत्र लिखा है और बिल जमा कराने को कहा है। यह बकाया राशि अगस्त 2025 की स्थिति में है जबकि अभी अक्टूबर महीने का अंतिम सप्ताह चल रहा है। ऐसे में यह राशि पांच सौ करोड़ से अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। इन सरकारी विभागों पर बकाया है इतनी राशि (करोड़ रुपए) क्र. विभाग का नाम संख्या बकाया राशि 1 नगरीय विकास, आवास 12034 125.62 2 पंचायत, ग्रामीण विकास 17049 102.32 3 पीएचई 445 11.35 4 नर्मदा घाटी विकास 4 0.086 5 गृह विभाग 2070 10.49 6 स्कूल शिक्षा 18539 29.64 7 किसान कल्याण, कृषि 381 2.39 8 वन 766 4.30 9 स्वास्थ्य 1910 21.07 10 ट्राइबल 2805 6.87 11 राजस्व 485 3.76 12 लोक निर्माण 541 4.29 13 उच्च शिक्षा 331 1.56 14 जल संसाधन 497 13.97 15 महिला, बाल विकास 9965 34.45 16 अन्य विभाग 5078 34.21 17 कुल 72900 406.36