samacharsecretary.com

EPFO खाताधारकों को मिल सकती है राहत, अक्टूबर में अहम फैसलों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए काम की खबर है। EPFO 3.0 के लिए नए साल 2026 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।खबर है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में बैठक हो सकती है जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी और फिर नवंबर या फिर दिसंबर में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि EPFO 3.0 पोर्टल लॉन्च होने के बाद PF का पैसा यूपीआई और एटीएम से निकाल सकेंगे।इसके अलावा बैठक में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज न्यूनतम पेंशन को भी बढ़ाने पर विचार कर सकता है।वर्तमान में मासिक पेंशन 1,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 1,500–2,500 रुपये किए जाने की संभावना है। ATM से निकलेगा पीएफ का पैसा     कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। इससे कर्मचारी सीधे ATM से अपने PF फंड निकाल सकेंगे। यह बिल्कुल बैंक खाते की तरह होगा। इसके लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करना और आधार को बैंक अकाउंट से लिंक करना जरूरी होगा।  केन्द्र सरकार ने इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों को भी शॉर्टलिस्ट किया है, जो डेवलपमेंट और मेंटिनेंस का काम संभालेगी।     ईपीएफओ ATM की सुविधा शुरू करने के लिए बैंकों के साथ-साथ, RBI से भी बात की है। इसके जरिए ऑटोमेटेड PF विड्रॉल और इंटीग्रेटेड ATM सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा।इसके लिए UAN नंबर के जरिए लॉगइन और UAN का आधार कार्ड, पैन कार्ड से लिंक अनिवार्य किया जाएगा।     वैसे तो इसे मई जून 2025 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी टेस्टिंग और अन्य कारणों के चलते देरी हुई।संभावना है कि दिसंबर अंत तक इस पर फैसला हो सकता है और जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सकता है। PF विड्रॉल के लिए जारी होगा एक विशेष कार्ड     EPFO 3.0 के तहत खाताधारकों को ऑटोमेटेड PF विड्रॉल और इंटीग्रेटेड ATM सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप के जरिए भी पीएफ निकासी हो सकेगी। इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा।इसकी मदद से आप PF अकाउंट का बैलेंस, कॉन्ट्रिब्यूशन को भी ट्रैक कर पाएंगे।     इस नए सिस्टम के तहत ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को ATM जैसा एक कार्ड इश्यू किया जाएगा। यह कार्ड पीएफ अकाउंट से लिंक होगा, जिससे एटीएम से पीएफ का पैसा निकाल पाएंगे। UPI से पैसा निकालने के लिए अकाउंट को UPI से लिंक कराना होगा।     EPFO 3.0 में सदस्य यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए तुरंत PF विड्रॉल कर पाएंगे। इससे इमरजेंसी की स्थिति में कर्मचारियों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे फंड तक पहुंच मिलेगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

कर्मचारियों को बड़ी राहत: जनवरी से ATM के ज़रिए मिलेगी PF की सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के मेंबर्स के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है. ईपीएफओ जनवरी 2026 से एटीएम से पैसा निकालने की सर्विस शुरू कर सकता है. खबरों के मुताबिक, ईपीएफओ की सर्वोच निर्णय लेने वाली संस्‍था CBT अक्‍टूबर के दूसरे सप्‍ताह में होने वाली अपनी आगामी बोर्ड बैठक में ATM से पैसे निकालने की सुविधा को मंजूरी दे सकती है.  ATM से पैसा निकालने की सुविधा से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्‍हें पैसा निकालने के लिए किसी तरह के ऑनलाइन क्‍लेम की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगी. साथ ही लंबे इंतजार की भी जरूरत खत्‍म हो जाएगी. कर्मचारी सीधे एटीएम ब्रांच जाकर ATM से पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं.   सीबीटी के एक सदस्य ने मनीकंट्रोल को बताया कि हमें पता चला है कि ईपीएफओ का आईटी ढांचा ATM जैसे ट्रांजेक्‍शन की अनुमति देने के लिए तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि एटीएम से पैसे निकालने की एक सीमा होगी, लेकिन इस पर चर्चा होनी बाकी है.  मंत्रालय ने आरबीआई से की बात  लेबर मिनिस्‍ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने ईपीएफओ एटीएम की सुविधा शुरू करने के लिए बैंकों के साथ-साथ, RBI से भी बात की है. अधिकारी ने कहा कि एटीएम सुविधा को एक जरूरत के तौर पर देखा जा रहा है, क्‍योंकि सरकार लोगों को उनके पीएफ अकाउंट तक ज्‍यादा पहुंच देना चाहती है.  ईपीएफओ के पास कुल 28 लाख करोड़ ईपीएफओ के तहत अभी 7.8 करोड़ लोग रजिस्‍टर्ड हैं, जिन्‍होंने मिलकर EPFO के पास 28 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा डिपॉजिट किया है. 2014 में यह आंकड़ा- 7.4 लाख करोड़ रुपये और 3.3 करोड़ था.  PF विड्रॉल के लिए जारी होगा कार्ड  सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि EPFO अपने सदस्यों को एक विशेष कार्ड जारी करेगा, जिससे वे ATM से अपनी राशि का एक हिस्सा निकाल सकेंगे. इस साल की शुरुआत में EPFO ने कस्‍टमर्स के लिए पैसे की उपलब्‍धता को आसान बनाने के लिए ऑटोमैटिव क्‍लेम सेटलमेंट अमाउंट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था. इस प्रॉसेस के तहत ऑटोमैटिक सिस्‍टम क्‍लेम की पात्रता की पुष्टि के लिए डिजिटल जांच और एल्‍गोरिदम के एक सेट का उपयोग करती है. पूरी प्रक्रिया सिस्टम-संचालित है और सदस्य के केवाईसी विवरण पर आधारित है.  विशेषज्ञों का कहना है कि ATM के माध्यम से ईपीएफओ फंड विड्रॉल की अनुमति देने से सदस्यों के लिए धन तक पहुंच अधिक सुविधाजनक हो जाएगी. खासतौर से इमरजेंसी के समय में, क्योंकि वर्तमान में विड्रॉल में अक्सर प्रक्रियागत देरी और कागजी कार्रवाई शामिल होती है. 

PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, EPFO ने लॉन्च किया फटाफट डिटेल्स वाला नया फीचर

नई दिल्ली अगर आप भी प्राइवेट सेक्‍टर में काम करते हैं और EPF के तहत रजिस्‍टर्ड हैं तो एक नया फीचर लॉन्‍च हुआ है. EPFO ने पासबुक लाइट फीचर शुरू किया है. अब सदस्‍य बिना लॉग इन, बस एक क्लिक में पूरे PF अकाउंट का ब्‍यौरा देख सकते हैं. सीधे पोर्टल से ही अपने पीएफ अकाउंट की डिटेल देख सकेंगे. अभी तक पीएफ बैलेंस या ट्रांजेक्‍शन के देखने के लिए अलग से पासबुक पोर्टल पर लॉग इन करना पड़ता था, लेकिन नए पासबुक लाइट फीचर से यह दिक्‍कत भी समाप्‍त हो चुकी है. फोन में मैसेज नहीं आने पर भी अब आप फेसबुक लाइट के जरिए ये जानकारी ले सकते हैं कि आपके पीएफ अकाउंट में कितने रुपये डिपॉजिट हुए हैं.  क्‍या है पासबुक लाइट फीचर?  अब कर्मचारी सीधे सदस्य पोर्टल पर ही अपने योगदान, निकाला गया पैसा और कुल बैलेंस की पूरी जानकारी देख सकेंगे. इस सर्विस की जानकारी श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने एक कार्यक्रम के दौरान दी. उन्‍होंने कहा कि यह सुधार न सिर्फ PF सदस्‍यों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि मौजूदा पासबुक पोर्टल लोड भी कम करेगा.  पासबुक लाइट से क्‍या होंगे फायदे?  सबसे बड़ा फायदा होगा कि अब आपको अलग-अलग जानकारी के लिए कई जगहों पर जाने की जरूरत नहीं होगी. एक ही जगह पर पूरी जानकारी मिल जाएगी. एक स्‍क्रीशॉट लेकर भी पीएफ की सभी जानकारी रख सकते हैं. साथ ही जल्‍द डिटेल सर्च हो सकेगा, जिससे समय की बचत होगी. इसके अलावा, पासवर्ड आदि भी याद करने की झंझट भी खत्‍म होगी.  फटाफट ट्रांसफर होगा पीएफ  फॉर्म 13 के जरिए पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज होने वाली है, क्‍योंकि पुराना पीएफ ट्रांसफर करने के लिए पुराना ऑफिस Annexure K सर्टिफिकेट तैयार करता है और इस दस्तावेज को नए PF ऑफिस में भेजा जाता है ताकि पुराने खाते से पैसे सही तरीके से नए खाते में ट्रांसफर हो सके. अब ये प्रॉसेस आसान हो चुकी है. कर्मचारी सीधे मेंबर पोर्टल से Annexure K को PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं. इससे न सिर्फ ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज हो गई है, बल्कि कर्मचारियों को अपने पीएफ ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी पर बेहतर कंट्रोल भी होगा.  फंड ट्रांसफर में भी मददगार अब कर्मचारी अपने पीएफ ट्रांसफर के स्‍टेटस को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं, जिससे उन्हें यह पता चल सके कि उनका फंड पुराने खाते से नए खाते में सही तरीके से ट्रांसफर हुआ है या नहीं. इसके साथ ही वे यह भी देख सकते हैं कि उनके नए पीएफ खाते में बैलेंस और नौकरी का समय ठीक से अपडेट है या नहीं. 

पेंशन के लिए बड़ा बदलाव, EPFO ने तय किया—1 महीने के योगदान से मिलेगा लाभ

नई दिल्ली कर्मचारियों की पेंशन को लेकर ईपीएफओ ने एक बड़ा बदलाव किया है. अब छह महीने से कम तक भी नौकरी करके छोड़ने वाले व्‍यक्तियों को EPS का लाभ दिया जाएगा. इन लोगों को अब अपनी पेंशन में कंट्रीब्‍यूशन खोना नहीं पड़ेगा.  रिटायरमेंट फंड जुटाने वाली संस्‍थान ने EPS नियम के तहत पहले कोई भी सर्विस, जो 6 महीने के अंदर खत्म होती थी उसे 'जिरो कम्‍प्‍लीट ईयर' के परिणाम में पेंशन मिलने के उपयोग नहीं मानती थी और 5 महीने तक नौकरी करके छोड़ने वालों को पेंशन का अधिकार नहीं दिया जाता था. हालांकि अब नए नियमों के तहत अप्रैल- मई 2024 के दौरान जारी किए गए एक सर्कुलर में ये अधिकार दे दिया गया है.  ईपीएफओ ने स्पष्‍ट कर दिया है कि अगर कोई व्‍यक्ति 1 महीने की भी सेवा पूरी करता है और ईपीएस के तहत योगदान देता है तो उसे भी ईपीएस के तहत पेंशन का अधिकार होगा.  क्या है EPFO का नया नियम? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नए नियम के मुताबिक, कोई व्यक्ति चाहे 1 महीने नौकरी करे, लेकिन यदि उसने EPS में योगदान किया है तो वह EPS पेंशन के लिए पात्र होगा। यानी पेंशन पाने का हक अब सेवा के पूरे साल की बजाय, योगदान के आधार पर तय किया जाएगा। EPFO ने क्यों बदले नियम? ईपीएफओ का यह फैसला उन सेक्टर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जहां कम समय के लिए जॉब ऑफर की जाती है। मसलन, BPO, लॉजिस्टिक्स, अनुबंध (Contract) स्टाफिंग और शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स में हर साल हजारों लोगों को चंद महीने बाद ही फायर कर दिया जाता है। फाइनेंस और सेल्स से जुड़ी जॉब भी ऐसे ही होती हैं।  ये बदलाव क्‍यों था जरूरी?  इस बदलाव से बहुत लोगों को राहत मिलने वाली है. खासकर बीपीओ, लॉजिस्टिक्स और अनुबंध स्टाफिंग को, जहां जल्दी निकासी सामान्य है. यह युवा कर्मचारियों को नौकरी के हितों की रक्षा करेगा. ये उन सभी के लिए काफी लाभदायक साबित होगा, जो काफी कम समय के लिए किसी कंपनी को ज्‍वाइन करते हैं. मान लीजिए अगर किसी ने एक महीने तक ही नौकरी की और फिर नौकरी नहीं कर पाए, फिर उसे पीएफ का पैसा तो मिल सकता है, लेकिन ईपीएस में कंट्रीब्‍यूशन समाप्‍त हो जाएगा. ऐसे में यह नियम उन कर्मचारियों के लिए लाभदायक होगा.  इन सेक्टरर्स में छह माह से कम नौकरी करने वाले हजारों कर्मचारी EPS कंट्रीब्यूशन के बावजूद पेंशन से वंचित हो जाते थे। उनका EPS कंट्रीब्यूशन भी बेकार हो जाता था। नया नियम युवाओं और अनियमित कार्यबल के लिए एक बड़ी राहत होगी। PF खाताधारक क्या करें? आपने यदि किसी कंपनी में 6 महीने से कम नौकरी की है और EPS कंट्रीब्यूशन किया है। तो अपने PF पासबुक की जांच करें कि EPS कंट्रीब्यूशन दर्ज है या नहीं। अगर EPS हिस्सा नहीं दिख रहा तो 2024 के सर्कुलर का हवाला देते हुए EPFO को शिकायत करें। शिकायत करते समय पासबुक का स्क्रीनशॉट या PDF फॉर्मेट सेव कर लें। पुराने नियमों में क्या था? 6 महीने से कम सेवा को शून्य पूर्ण सेवा वर्ष (Zero completed year) माना जाता था। ऐसे कर्मचारियों को EPS राशि निकालने की अनुमति नहीं होती थी, जिससे उनका योगदान वहीं अटक जाता था। यह प्रक्रिया न्यायसंगत नहीं मानी जा रही थी, क्योंकि योगदान देने के बावजूद अधिकार नहीं मिल रहा था। एक्सपर्ट्स की राय रिटायरमेंट प्लानिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला पेंशन फंड की समावेशिता बढ़ाने वाला है और उन कर्मचारियों के हित में है, जिनका करियर शुरुआती दौर में अस्थिर होता है। आप भी पीएफ खाताधारक हैं तो ये जान लीजिए  अगर आपने 6 महीने के अंदर इस्‍तीफा दिया है तो EPS योगदान के लिए अपने PF पासबुक की जांच करें और अगर आपको पेंशन का हिस्सा नहीं दिया गया है, तो 2024 के स्पष्टीकरण का उल्लेख करते हुए EPFO को शिकायत करें.  आवेदन करते वक्‍त अपने पासबुक का स्‍क्रीनशॉट या पीडीएफ सेव कर लें. अक्‍सर देखा गया है कि कम उम्र के सेवा वाले कर्मचारियों को ईपीएस फंड निकालने की अनुमति नहीं दी जाती थी, जिससे उनका कंट्रीब्‍यूशन वहीं फंसा रह जाता था, लेकिन ईपीएफओ के इस बदलाव ने इन लोगों को भी ये अधिकार दिया है. 

संपूर्ण PF झटपट निकालिए — EPFO की नई पॉलिसी दे रही राहत

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) अकाउंट्स से अमाउंट निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव कर सकता है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिटायमेंट फंड बॉडी ने एक प्रस्‍ताव पेश किया है, जिसमें ऐसा कहा गया है कि EPFO सदस्‍यों को हर 10 साल में 1 बार अपनी पूरी राशि या उसका कुछ हिस्‍सा निकालने की अनुमति दी जाए.  अगर ये प्रस्‍ताव पास हो जाता है तो इससे संगठित प्राइवेट सेक्‍टर में कार्य करने वाले 7 करोड़ से ज्‍यादा एक्टिव EPFO सदस्‍यों को राहत मिलेगी. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद सदस्‍यों की ओर से पैसा निकालने के नियमों को आसान बनाने पर विचार कर रही है.  यह उन लोगों को ध्‍यान में रखकर विचार किया जा रहा है, जो जल्‍द रिटायर्ड होना चाहते हैं. ऐसे में वह 58 साल तक इंतजार की बजाय रिटायरर्ड होते ही पूरा PF अमाउंट क्‍लेम कर सकते हैं.  क्‍यों ये बदलाव है जरूरी?  अभी तक EPF से पूरी रकम तभी निकाली जा सकती थी, जब कोई कर्मचारी 58 साल की आयु में रिटायर हो या नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद भी बेरोजगार रहे. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो 35 से 40 साल की उम्र में कर‍ियर बदलना चाहते हैं या किसी वजह से नियमित नौकरी नहीं कर पाते हैं. ऐसे में उनके लिए ये बदलाव काफी मददगार होगा.  7.5 करोड़ खाताधारकों को होगा लाभ नए नियमों का ईपीएफओ से जुड़े करीब 7.5 करोड़ सदस्यों को लाभ होगा, जो अपनी जरूरत पर अधिक धनराशि निकाल पाएंगे। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों की मदद करेगा, जो 58 साल की उम्र तक इंतजार नहीं करना चाहते और जल्दी रिटायर होना चाहते हैं। फिलहाल आप अपना पूरा पीएफ तभी निकाल सकते हैं जब 58 साल की उम्र में रिटायर हों या नौकरी छोड़ने के बाद दो महीने तक बेरोजगार रहें। मौजूदा समय में पीएफ खाते से सदस्य को मेडिकल, घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई, घर में शादी व कुछ अन्य जरूरी कार्यों के लिए धनराशि निकासी की अनुमति है, लेकिन उसमें भी तमाम सारी शर्तें हैं, जिनमें तय सीमा तक ही निकासी की जा सकती है। रिटायरमेंट का पैसा कम होगा: अगर कर्मचारी बीच-बीच में पीएफ से बड़ी रकमें निकाल लेंगे, तो जाहिर है कि जब वे रिटायर होंगे, तब उनके खाते में पैसा कम बचेगा। ब्याज का नुकसान: पीएफ लंबे समय के लिए बचत करने और उस पर अच्छा ब्याज पाने का जरिया है। बीच में पैसा निकालने से चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंड इंटरेस्ट) का फायदा कम मिलेगा। इसका मतलब है कि आपका जमा किया पैसा उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाएगा। भविष्य की चिंता: रिटायरमेंट के बाद के लिए जो वित्तीय सुरक्षा पीएफ से मिलती है, वह कमजोर हो सकती है। ईपीएफओ ने किए ये बदलाव      ईपीएफ अकाउंट से UPI या ATM के जरिए तुरंत 1 लाख रुपये तक की रकम निकालने की सुविधा मिलेगी. इससे इमरजेंसी में पैसा निकालना आसान हो जाएगा.      पहले एक लाख रुपये तक के क्‍लेम का ऑटोमैटिक निपटारा हो जाता था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. इसके लिए वेरिफिकेशन की आवश्‍यकता नहीं होगी.      प्रॉसेस को आसान बनाने के लिए ईपीएफओ ने क्‍लेम वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 27 से घटाकर 18 कर दी है. इससे अब यह प्रक्रिया 3-4 दिनों में पूरी हो रही है.      अब पीएफ खाते से 90% राशि निकाली जा सकती है, अगर 3 साल की सेवा पूरी कर ली है और उस पैसे का उपयोग घर के डाउन पेमेंट या ईएमआई में करना है.  गौरतल‍ब है कि ईपीएफ अकाउंट से निकासी को लेकर सरकार समय-समय पर बदलाव करती रहती है, ताकि प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों के लिए ज्‍यादा सरल प्रॉसेस मिले. ये बदलाव भी इसीलिए किए गए हैं, ताकि इमरजेंसी के समय बिना परेशानी के कर्मचारी अपने पैसे का यूज कर पाएं. बता दें पीएफ अकाउंट में 12 फीसदी का योगदान कर्मचारी और 12 फीसदी का योगदान नियोक्‍ता की ओर से दिया जाता है.