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पेंशन-पीएफ का झंझट होगा खत्म, मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के लिए नया ऑनलाइन सिस्टम लागू

भोपाल. सेवानिवृत्त या मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों को किए जाने वाले अंतिम भुगतान की व्यवस्था में प्रदेश सरकार ने परिवर्तन किया है। अब अंतिम भुगतान के प्रकरणों के निराकरण के लिए कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। संचालक पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा को भुगतान सहित अन्य सभी प्रक्रियाओं के लिए अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार भविष्य निधि कटौती का विवरण कर्मचारी प्रतिमाह कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से देख सकेंगे। चार महीने पहले करना होगा आवेदन कोई गड़बड़ी नजर आने पर अभ्यावेदन आहरण एवं संवितरण अधिकारी को देंगे। सेवानिवृत्ति से चार माह पूर्व जब अंशदान की कटौती बंद कर दी जाती है, तक कर्मचारी ब्याज की गणना का सत्यापन करेंगे। चार माह पहले ही अपना अंतिम भुगतान आवेदन प्रस्तुत करेंगे। ऑनलाइन आवेदन जमा होने और वास्तविक भुगतान प्राप्त होने तक अपने वेतन से संबंध बैंक खाते में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन करने की अनुमति नहीं रहेगी। ऑनलाइन आवेदन के समय ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखने का दायित्व कर्मचारी का होगा। सीधे खाते में आएगी राशि कर्मचारी से प्राप्त आवेदन का मिलान विभाग में संधारित निधि की पासबुक एवं सेवा पुस्तिका से होगा और उसकी प्रविष्टि कराई जाएगी। सत्यापित पृष्ठों को स्कैन कर कोषालयीन कंप्यूटर प्रणाली पर अपलोड किया जाएगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी से प्राप्त प्रकरणों का परीक्षण करने के बाद संचालक पेंशन के द्वारा भुगतान संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे। भुगतान की राशि सीधे कर्मचारियों के उसे खाते में अंतरित की जाएगी, जहां सेवानिवृत्ति से पूर्व निरंतर छह माह का वेतन जमा किया गया हो। कर्मचारियों की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित कार्यालय द्वारा नाम, जन्मतिथि, बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। विवरण अपूर्ण होने पर स्वजन से जानकारी प्राप्त कर उसे अद्यतन किया जाएगा। नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान होगा। नामांकित व्यक्ति के अल्पायु होने पर वैध संरक्षक के साथ संयुक्त बैंक खाते में राशि जमा कराई जाएगी। एक जुलाई 2026 के बाद विभागीय भविष्य निधि जमाशेष में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल प्रमाणित साक्ष्यों और विभागाध्यक्ष की अनुशंसा के आधार पर संचालक पेंशन के स्तर से किया जा सकेगा। आनलाइन की प्राधिकार पत्र जारी होने की तिथि से छह माह की अवधि के लिए ही वैद्य रहेगा।

कर्मचारियों को बड़ी राहत: जनवरी से ATM के ज़रिए मिलेगी PF की सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के मेंबर्स के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है. ईपीएफओ जनवरी 2026 से एटीएम से पैसा निकालने की सर्विस शुरू कर सकता है. खबरों के मुताबिक, ईपीएफओ की सर्वोच निर्णय लेने वाली संस्‍था CBT अक्‍टूबर के दूसरे सप्‍ताह में होने वाली अपनी आगामी बोर्ड बैठक में ATM से पैसे निकालने की सुविधा को मंजूरी दे सकती है.  ATM से पैसा निकालने की सुविधा से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्‍हें पैसा निकालने के लिए किसी तरह के ऑनलाइन क्‍लेम की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगी. साथ ही लंबे इंतजार की भी जरूरत खत्‍म हो जाएगी. कर्मचारी सीधे एटीएम ब्रांच जाकर ATM से पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं.   सीबीटी के एक सदस्य ने मनीकंट्रोल को बताया कि हमें पता चला है कि ईपीएफओ का आईटी ढांचा ATM जैसे ट्रांजेक्‍शन की अनुमति देने के लिए तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि एटीएम से पैसे निकालने की एक सीमा होगी, लेकिन इस पर चर्चा होनी बाकी है.  मंत्रालय ने आरबीआई से की बात  लेबर मिनिस्‍ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने ईपीएफओ एटीएम की सुविधा शुरू करने के लिए बैंकों के साथ-साथ, RBI से भी बात की है. अधिकारी ने कहा कि एटीएम सुविधा को एक जरूरत के तौर पर देखा जा रहा है, क्‍योंकि सरकार लोगों को उनके पीएफ अकाउंट तक ज्‍यादा पहुंच देना चाहती है.  ईपीएफओ के पास कुल 28 लाख करोड़ ईपीएफओ के तहत अभी 7.8 करोड़ लोग रजिस्‍टर्ड हैं, जिन्‍होंने मिलकर EPFO के पास 28 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा डिपॉजिट किया है. 2014 में यह आंकड़ा- 7.4 लाख करोड़ रुपये और 3.3 करोड़ था.  PF विड्रॉल के लिए जारी होगा कार्ड  सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि EPFO अपने सदस्यों को एक विशेष कार्ड जारी करेगा, जिससे वे ATM से अपनी राशि का एक हिस्सा निकाल सकेंगे. इस साल की शुरुआत में EPFO ने कस्‍टमर्स के लिए पैसे की उपलब्‍धता को आसान बनाने के लिए ऑटोमैटिव क्‍लेम सेटलमेंट अमाउंट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था. इस प्रॉसेस के तहत ऑटोमैटिक सिस्‍टम क्‍लेम की पात्रता की पुष्टि के लिए डिजिटल जांच और एल्‍गोरिदम के एक सेट का उपयोग करती है. पूरी प्रक्रिया सिस्टम-संचालित है और सदस्य के केवाईसी विवरण पर आधारित है.  विशेषज्ञों का कहना है कि ATM के माध्यम से ईपीएफओ फंड विड्रॉल की अनुमति देने से सदस्यों के लिए धन तक पहुंच अधिक सुविधाजनक हो जाएगी. खासतौर से इमरजेंसी के समय में, क्योंकि वर्तमान में विड्रॉल में अक्सर प्रक्रियागत देरी और कागजी कार्रवाई शामिल होती है.