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भारत-यूके व्यापार समझौता: छत्तीसगढ़ को वैश्विक बाजार में मिलेगी नई उड़ान — सीएम साय

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भारत की विकास यात्रा का नया अध्याय बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह समझौता न केवल भारत के आर्थिक क्षितिज को विस्तार देगा, बल्कि विशेष रूप से ऐसे राज्य जो कृषि, शिल्प, लघु और कुटीर उद्योगों पर आधारित हैं – जैसे छत्तीसगढ़ – उन्हें वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत-यूके एफटीए से भारत के 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्पियों, बुनकरों और पारंपरिक उत्पादों को सीधे लाभ मिलेगा। इस समझौते से अनुमानित $23 अरब डॉलर के नए व्यापार अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम छत्तीसगढ़ जैसे कृषि और श्रम प्रधान राज्यों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता छत्तीसगढ़ के लिए कृषि को बल, उद्योग को संबल और युवाओं को नए रोजगार के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, और निर्यात सहायता केंद्रों की स्थापना पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोटिशः धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आर्थिक सुधारों और ‘वोकल फॉर लोकल’ को ग्लोबल स्तर पर पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ

विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन कराएं स्वैच्छिक भार वृद्धि बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी 682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। अब उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन के पूर्व स्वीकृत भार में अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का लाभ उठाकर भार (लोड) वृद्धि करा सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कंपनी द्वारा पहल करते हुए 10 किलोवाट भार तक के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए त्वरित स्वचालित भार वृद्धि की एक नई सुविधा 15 जुलाई से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। सुविधा के शुरू होने से अब तक 682 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन आवेदन कर अपने बिजली कनेक्शन की भार वृद्धि कराई है। कंपनी ने बताया है कि ऑनलाइन भार वृद्धि की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को किसी फेज परिवर्तन या मीटर प्रतिस्थापन की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल के तहत पात्र उपभोक्ता द्वारा अपने स्वीकृत भार (निर्दिष्ट सीमा के भीतर) में वृद्धि का अनुरोध करने पर उनके उनुरोध को अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या जोन-स्तरीय अनुमोदन के बिना कंपनी द्वारा त्वरित और निर्बाध रूप से स्वीकृत कर भार (लोड) वृद्धि की जा रही है। इस हेतु लगने वाले शुल्क का भुगतान कंपनी द्वारा आगामी देयक में शामिल किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रक्रिया से बिलिंग सिस्टम में स्वचालित रूप से त्वरित भार वृद्धि सुनिश्चित हो रही है, जिससे कंपनी के मानव संसाधन के साथ ही उपभोक्ताओं के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। कंपनी के महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) अभिषेक मार्तंड ने बताया है कि ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि के उपरांत फेस परिवर्तन अथवा मीटर बदलने की आवश्यकता होगी, उनके लिए ये सुविधा लागू नहीं है। गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिससे कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। अतः सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी सम्मानीय विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। इसके लिए उन्हें तुरंत कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।  

क्या आपकी भी IRCTC ID हो गई है बंद? जानें 2.5 करोड़ यूजर पर क्यों गिरी गाज

नई दिल्ली अगर आप भी ट्रेन टिकट आईआरसीटीसी के जरिए बुक करते यह खबर आपके लिए है, क्योंकि आईआरसीटीसी ने 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया है। रेलवे को डेटा के विश्लेषण में कुछ यूजर्स के बुकिंग पैटर्न पर शक हुआ था। इसी संदेह के आधार पर इन यूजर्स की आईडी को बंद किया गया है। सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद सांसद एडी सिंह ने संसद में इस बारे में सवाल पूछा था। सिंह ने रेलवे मंत्रालय से सवाल पूछा था कि आईआरसीटीसी के करोड़ों यूजर्स की आईडी क्यों बंद की गई, टिकट बुकिंग खुलते ही टिकट कैसे गायब हो जाते हैं और इसे रोकने के लिए रेलवे क्या कदम उठा रहा है? इसके जवाब में सरकार ने जानकारी दी। मंत्रालय ने अपने जवाब में लिखा है कि,टिकट बुकिंग में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर आईडी बंद कर दी है। जांच में पता चला कि इन यूजर आईडी से बुकिंग करने में कुछ गड़बड़ है। 25 जुलाई को राज्यसभा में दिए गए एक उत्तर में रेल मंत्रालय ने कहा कि टिकट बुकिंग सिस्टम में हो रही गड़बड़ी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने यह कदम उठाया है। डेटा एनालिसिस के दौरान पाया गया कि करोड़ों यूजर आईडी फर्जी या संदिग्ध जानकारियों से बनी थीं। जिसके बाद उनको डीएक्टिवेट कर दिया गया ताकि तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाई जा सके और ईमानदार यात्रियों को नुकसान ना हो। मंत्रालय ने यह भी बताया कि, ट्रेनों में टिकटों की मांग पूरे साल एक जैसी नहीं रहती है। कुछ समय ऐसा होता है जब टिकटों की मांग बहुत ज्यादा होती है और कुछ समय ऐसा होता है जब कम होती है। जो ट्रेनें ज्यादा लोकप्रिय हैं और जो यात्रा करने में कम समय लेती हैं, उसमें टिकट जल्दी बिक जाते हैं। लेकिन दूसरी ट्रेनों में टिकट आसानी से मिल जाते हैं। यात्रियों को कन्फर्म टिकट आसानी से मिलें, टिकट बुकिंग में पारदर्शिता रहे और लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन टिकट बुक करें, इसके लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा वेटिंग लिस्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर डिमांड बढ़ती है, तो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है या फिर मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाते हैं। साथ ही, विकल्प और अपग्रेडेशन स्कीम जैसी योजनाएं चलाई जाती हैं ताकि वेटिंग वाले यात्रियों को भी कंफर्म सीट मिल सके। मंत्रालय ने जानकारी दी कि, यात्री ऑनलाइन या रेलवे के काउंटर पर जाकर टिकट बुक कर सकते हैं। आजकल करीब 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं। रेलवे के काउंटर पर भी आप डिजिटल तरीके से भी पेमेंट कर सकते हैं। 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर आधार कार्ड से वेरीफाई करना होगा। एजेंट तत्काल टिकट बुकिंग खुलने के पहले 30 मिनट तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। कैसे चेक करें आपका आईआरसीटीसी अकाउंट एक्टिव है या नहीं?     आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर जाएं। फिर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट खोलें या आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट एप डाउनलोड करे।     एप या वेबसाइट पर लॉगिन करे। इसके बाद  अपना यूजर आईडी और पासवर्ड  डालें। इसके बाद कैप्चा कोड भरें और साइन इन पर क्लिक करें।     अगर आपका अकाउंट एक्टिव है, तो आप आसानी से लॉगिन कर पाएंगे और डैशबोर्ड पर अपनी बुकिंग और अन्य जानकारी देख सकेंगे।     अगर अकाउंट निष्क्रिय है, तो आपको एक एरर मैसेज दिखाई देगा, जैसे आपका अकाउंट निष्क्रिय है।     अगर आपका अकाउंट बंद हुआ है, तो घबराएं नहीं। इसके बाद आप आईआरसीटीसी कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा: सरकार का हर निर्णय अंतिम व्यक्ति के हित में होगा, यही हमारा संकल्प  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान  देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

लोकसभा में चमके ये 17 सांसद! संसद रत्न पाने वालों की पूरी लिस्ट देखें यहाँ

नई दिल्ली  लोकसभा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विभिन्न पार्टियों के 17 सांसदों को संसद रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस लिस्ट में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से सुप्रीम सुले, भाजपा के रवि किशन व निशिकांत दुबे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सांवत समेत 17 सदस्यों को लोकसभा में उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए ‘संसद रत्न’ सम्मान- 2025 से सम्मानित किया जाएगा। विशेष पुरस्कार भर्तृहरि महताब (भाजपा, ओडिशा), एन के प्रेमचंद्रन (रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल), सुप्रिया सुले (राकांपा-एसपी, महाराष्ट्र), और श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना, महाराष्ट्र) को प्रदान किए जाएंगे। इन सभी ने 16वीं लोकसभा के बाद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बनाए रखा है। मेघा कुलकर्णी को भी किया जाएगा सम्मानित अन्य सम्मानित किये जाने वाले सांसदों में स्मिता उदय वाघ (भाजपा), नरेश म्हस्के (शिवसेना), वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस), मेधा कुलकर्णी (भाजपा), प्रवीण पटेल (भाजपा), विद्युत बरण महतो (भाजपा) और दिलीप सैकिया (भाजपा) शामिल हैं। समिति श्रेणी में, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति और डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) की अध्यक्षता वाली कृषि संबंधी स्थायी समिति को उनकी रिपोर्ट की गुणवत्ता और विधायी निगरानी में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं 21 जुलाई को शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सुचारु रूप से चल नहीं पा रहा है। जैसे ही सदन की शुरुआत होती है, विपक्षी पार्टियों के सदस्य ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा और बिहार में एसआईआर सर्वे को वापस लेने की मांग पर हंगामा शुरू कर देते हैं। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन को स्थगित करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफे को लेकर भी विपक्ष जबरदस्त हंगामा कर रहा है।

हमास को मिटटी में मिला दो … ट्रंप ने इजरायल को क्यों दी खुली छूट, अब गाजा में सीजफायर का क्या होगा?

वाशिंगटन/ गाज़ा  Gaza में तबाही का सायरन बज रहा है। Donald Trump ने Israel को Gaza में कार्रवाई के लिए खुली छूट दी है, वहीं Netanyahu ने भी सख्त रुख अपनाया है। Gaza में जिंदगी हर पल मौत से जंग लड़ रही है, हालात बद से बदतर हो रहे हैं और भूख से लोग परेशान हैं। करीब 52000 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भुखमरी और कुपोषण की तस्वीरें पूरी दुनिया को हैरान कर रही हैं। मुझे लगता है कि वह मरना ही चाहते हैं और यह वास्तव में बहुत ज्यादा बुरा है… ये बात हमास पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्कॉटलैंड की यात्रा के दौरान कही है. लेकिन, आखिर ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप हमास पर भड़क गए और इजरायल को हमास के खिलाफ सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने के लिए खुली छूट दे दी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में सीजफायर को लेकर चल रही वार्ता के टूटने के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने इजरायल को फ्री हैंड देते हुए कहा कि बात उस हद तक पहुंच गई है, जहां आपको काम पूरा करना ही होगा. अमेरिकी प्रयासों को लगा झटका अमेरिका गाजा पट्टी में शांति स्थापित करने के प्रयास में लगा था और इसके लिए स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में एक दल को मिडिल ईस्ट शांति वार्ता के लिए भेजा गया था. लेकिन अब स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि अमेरिका इस बातचीत से पीछे हट रहा है और किसी अन्य ऑप्शन पर विचार करना चाहिए. इसके तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी सामने आई. गौरतलब है कि ट्रंप ने हमास की गिरफ्त से अमेरिकी-इजराइली नागरिक एडन एलेक्जेंडर की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी. हमास बन रहा है बाधा : नेतन्याहू इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एक बयान जारी किया गया है. बयान में नेतन्याहू ने स्टीव विटकॉफ की बात दोहराते हुए कहा कि हमास ही बंधकों की रिहाई में बाधा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि हम अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर अब वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, ताकि बंधकों को घर लाया जा सके. यही नहीं, हमास के आतंकवादी शासन का अंत हो और इजराइल व पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित की जा सके. तो क्या पूरी तरह खत्म हो जाएगा हमास? इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने बस इतना कहा कि 'कुछ हद तक निराशाजनक' थी. उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें लड़ना होगा और उन्हें सफाई करनी होगी. आपको उनसे छुटकारा पाना होगा.' ट्रंप ने कहा कि हमास बातचीत के आखिरी दौर में आकर मुकर गया, जिससे पता चलता है कि वे सिर्फ हिंसा चाहते हैं. गाजा में हालात बहुत बुरे हैं, बच्चे भूखे मर रहे हैं. इन सब को देखते हुए ट्रंप ने कहा है कि अब कूटनीति से कोई फायदा नहीं होगा. उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि 'लड़ो और उन्हें खत्म कर दो.' ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिका इजरायल के सैन्य अभियान में पूरी तरह से उसके साथ है. उन्होंने कहा कि अब हमास का बच पाना मुश्किल है. मिस्र और कतर ने सीजफायर को लेकर क्या कहा? डोनाल्ड ट्रंप ने जहां सीधे तौर पर हमास को दोषी ठहराया है, वहीं मिस्र और कतर के अधिकारियों ने वार्ता में मौजूदा ठहराव को 'इन जटिल वार्ताओं के संदर्भ में सामान्य' बताया है. एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने भी कहा कि वार्ता 'बिल्कुल भी' विफल नहीं हुई है. ट्रंप ने दावा किया कि हमास के पास बातचीत करने के लिए कोई खास वजह नहीं है, क्योंकि बंधकों की संख्या अब कम होती जा रही है. ट्रंप ने कहा, 'अब हमारे पास सिर्फ आखिरी कुछ बंधक बचे हैं और वे जानते हैं कि आखिरी बंधकों के रिहा होने के बाद क्या होता है. इसी वजह से वे वास्तव में कोई समझौता नहीं करना चाहते थे.' अब गाजा में सीजफायर का क्या होगा? सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को उम्मीद है कि ट्रंप के कड़े बयान और विटकॉफ के हटने से हमास पर बातचीत की मेज पर लौटने का दबाव बनेगा. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, 'हमने कोशिश की है. दुनिया ने इसे देखा है. विकल्प क्या हैं – स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई हथियार हैं. विशेष दूत विटकॉफ के पास भी कई विकल्प हैं.' ट्रंप ने अमेरिकी सहायता पर आलोचना का भी जवाब दिया और कहा, 'लोगों को यह नहीं पता और हमें निश्चित रूप से कोई आभार या धन्यवाद नहीं मिला. लेकिन, हमने भोजन, आपूर्ति और बाकी सभी चीजों के लिए 60 मिलियन डॉलर का योगदान दिया. हमें उम्मीद है कि पैसा वहां पहुंच जाएगा, क्योंकि आप जानते हैं, वह पैसा छीन लिया जाता है. भोजन छीन लिया जाता है. हम और भी कुछ करने वाले हैं, लेकिन हमने बहुत सारा पैसा दिया है.' इमैनुएल मैक्रों की बात पर ट्रंप ने क्या कहा? फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी यह घोषणा करके दुनिया का ध्यान खींचा कि फ्रांस सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा. ट्रंप ने इस कदम को खारिज करते हुए पत्रकारों से कहा, 'इस बयान का कोई महत्व नहीं है। वह बहुत अच्छे इंसान हैं। मैं उन्हें पसंद करता हूँ। लेकिन इस बयान का कोई महत्व नहीं है.'  आखिर, क्यों इतना भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप? बता दें कि कुछ सप्ताह पहले तक अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि एक समझौता होने वाला है, जिससे संघर्ष समाप्त हो जाएगा और बाकी बचे बंधकों को रिहा किया जाएगा. इसके साथ ही गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई जा सकेगी. ट्रंप लगातार गाजा में शांति स्थापित करने की कोशिश में लगे थे और इसके लिए उन्होंने स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता के लिए एक दल भी भेजा था. लेकिन, अब ट्रंप के प्रयासों को झटका लगा है और स्टीव विटकॉफ ने कहा कि वह बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

सोमवार से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र, सुरक्षा नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, लाल-पीली-नीली बत्ती वाले वाहन बैन

भोपाल  विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले ही विधानसभा परिसर को सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। विधानसभा सचिवालय के फैसले के चलते शनिवार को यहां नियमित कामकाज बंद रहा। केवल सुरक्षा प्रबंधों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।  धरना-प्रदर्शन पर सख्ती, परिसर में सीमित एंट्री इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन को लेकर भी सियासी गर्माहट देखने को मिल रही है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने विधायकों द्वारा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है। अब एंट्री को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। शनिवार को गेट नंबर 3 पर दिनभर पुलिस वाहनों की आवाजाही और अधिकारियों की रिहर्सल चलती रही, जबकि गेट नंबर 1, 2, 4 और 5 को बंद रखा गया। मीडिया और अन्य कार्यालय भी रहे बंद इस बार सत्र से पहले मीडिया कार्यालय शनिवार को बंद रहा, जो आमतौर पर खुला रहता है। इसके कारण पास बनवाने पहुंचे पत्रकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्हें बताया गया कि पास वितरण रविवार दोपहर से शुरू होगा। यही स्थिति अन्य समितियों से संबंधित कार्यालयों की भी रही। विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए नए नियम     किसी भी वाहन में लाल, पीली या नीली बत्ती (फ्लैश लाइट) नहीं लगी होनी चाहिए। हूटर लगे वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     केवल उन्हीं एलपीजी और सीएनजी वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें आरटीओ से अनुमति प्राप्त है।     बिना नंबर या अनधिकृत गैस चालित वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     प्राइवेट ऑटो रिक्शा को सत्र के दौरान परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     विधायकों की ड्यूटी में लगे अंगरक्षकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।     भारी हथियारों से लैस अंगरक्षक भी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     वैध पास धारक अंगरक्षकों और सहायकों के बैठने की व्यवस्था नए शेड में की गई है।     विशेष आगंतुक और मंत्रियों को गेट नंबर 1 या 3 से प्रवेश मिलेगा।     विधानसभा अध्यक्ष गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे और गेट नंबर 3 से बाहर निकलेंगे।     विधायक और अधिकारी भी गेट नंबर 1 से प्रवेश और गेट नंबर 3 से निकास करेंगे।     पत्रकारों और दोपहिया वाहन पासधारकों को गेट नंबर 5 से प्रवेश और निकास की अनुमति दी गई है।  

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल ‍शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इन विद्यालयों ने न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बम्होरीकला में नि:शुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी को भर्ती अभियान से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम के मंदिर में चबूतरा निर्माण के लिये दो लाख 50 हजार रूपये देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती मुमताज खान को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उल्लेखनीय सेवा के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

क्रेडिट कार्ड से LPG तक 1 अगस्त से बदलेंगे 6 अहम नियम, जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली हर महीने की तरह अगस्‍त 2025 में भी कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम आदमी की जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड के नियम, LPG के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है तो वहीं UPI को लेकर भी कई चेंजेज होने वाले हैं. यह 6 बदलाव आपकी जेब पर बोझ डाल सकते हैं और आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं. आइए जानते हैं अगले महीने से कौन-कौन से नियम बदल रहे हैं.  पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव  अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था.  दूसरा- LPG के दाम में बदलाव  हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है.  तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम  1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं.      अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे.      अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.       AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद.      अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा.  चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव  अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी.  पांचवा- बैंक हॉलिडे  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं.  छठवां- ATF के दाम  1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.  

तमिलनाडु में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत: त्रिची में रात्रि विश्राम, अरियालुर में भव्य रोड शो के बाद आगमन

चेन्नई,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दो दिवसीय दौरे पर पीएम मोदी शनिवार देर शाम को तमिलनाडु पहुंचेंगे, जहां वह करीब 4800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पहले दिन तूतीकोरिन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां से कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्रपति को समर्पित किया जाएगा। इसके अगले दिन, 27 जुलाई को पीएम मोदी अरियालुर पहुंचेंगे, जहां वह गंगईकोंडा चोलपुरम में आदि तिरुवथिरई उत्सव में भाग लेंगे। संभावित शेड्यूल के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार रात तूतीकोरिन से त्रिची हवाई मार्ग से पहुंचेंगे। त्रिची एयरपोर्ट पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री कलेक्टर ऑफिस रोड स्थित होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। अगली सुबह वे होटल से एयरपोर्ट तक रोड शो में हिस्सा लेंगे और फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से अरियालुर के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रधानमंत्री के रोड शो की तैयारियां जोरों पर हैं। सड़क के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। पार्टी के झंडे, फ्लेक्स बोर्ड और बैनर भी लगाए जा चुके हैं। रास्ते में सड़कों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से जारी है। प्रधानमंत्री को अरियालुर ले जाने वाला हेलीकॉप्टर एयरपोर्ट पर तैयार खड़ा है। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया है। त्रिची जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शहर में ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (यूएवी) के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे को लेकर भाजपा की राज्य इकाई ने भी बड़ी तैयारी की है। के अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “तमिलनाडु को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तूतीकोरिन और ऐतिहासिक गंगईकोंडा चोलपुरम में स्वागत करते हुए बहुत गर्व हो रहा है।” भाजपा नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं कि हमारे प्रधानमंत्री तूतीकोरिन आ रहे हैं और वे कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं।”