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अग्निवीरों को मिलेगा पुलिस सेवा में मौका, यूपी सरकार ने दी 20% आरक्षण की मंजूरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अग्निवीरों (Agniveer) को यूपी पुलिस बल (UP Police Force) में 20 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है. सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा, "आपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की वीरता भी देखी होगी."  राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर यूपी पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।” इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल तक सेवा देने वाले अग्निवीरों को अब राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मिलने लगी है।   'ऑपरेशन सिंदूर' का किया जिक्र सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे।” योगी ने यह भी कहा कि उस समय भारत अकेला नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को तुर्की, चीन और कई अन्य देशों से समर्थन मिल रहा था। लेकिन भारतीय सेना की वीरता और तेज कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा।  CM योगी ने कहा, "भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान के सभी आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे." उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. एक तरफ पाकिस्तान को तुर्की, चीन और दुनिया के अन्य देशों से मदद मिल रही थी. लेकिन इन सबके बावजूद, पाकिस्तान भारत की बहादुर सेना के सामने कुछ नहीं कर सका और आखिरकार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यूपी सीएम ने किया भारतीय सेना का बखान इतना ही नहीं यूपी सीएम ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का बखान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की वीरता भी देखी होगी. भारतीय वीरों ने सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए और सभी आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. पाकिस्तान ने टेके घुटने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूपी सीएम ने कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. पाकिस्तान को तुर्की, चीन जैसे कई देशों को सपोर्ट था, लेकिन इन सबके बावजूद पाकिस्तान, भारतीय सेना के आगे कुछ नहीं कर सका. अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलती है? अग्निवीर की नौकरी 4 सालों की होती है. इसमें हर साल की मासिक सैलरी अलग है. अग्निवीर सैलरी स्ट्रक्चर नीचे समझ सकते हैं- अग्निवीर को पहले साल में मासिक सैलरी 30,000 रुपये मिलेगी. इसमें से उम्मीदवार को इनहैंड 21,000 रुपये मिलेंगे. बाकी के 9,000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा किए जाएंगे. भारत सरकार इस फंड में अतिरिक्त 9,000 रुपये का योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद यह पूरी राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी. इसके बाद दूसरे साल में अग्निवीर की सैलरी 33,000 रुपये मासिक होगी. इसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे. फिर तीसरे साल में 36,500 रुपये सैलरी मिलेगी. इसमें से अग्निवीर को इनहैंड 25,550 रुपये दिए जाएंगे. आखिरी यानी चौथे साल में मासिक सैलरी 40,000 रुपये निर्धारित है. लेकिन उसमें से भी इनहैंड 28,000 रुपये ही मिलेंगे.

75% समर्थन के साथ PM मोदी ने फिर से मारी बाज़ी—ट्रंप अब पायदान 8 पर

नई दिल्ली अमेरिका की बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट के एक सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के नेताओं में 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता हैं। यह डेटा 4 से 10 जुलाई 2025 के बीच सर्वे करके इकट्ठा किया गया। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 59% के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 45% से कम अप्रूवल के साथ आठवें स्थान पर हैं। पीएम मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 4,078 दिन पूरे कर लिए हैं। वह जवाहरलाल नेहरू के बाद सबसे लंबे समय तक बने रहने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे का डेटा क्या कहता है? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में भाग लेने वाले 75% लोगों ने PM मोदी को एक लोकतांत्रिक विश्व नेता के रूप में पसंद किया। 7% लोग कोई राय नहीं बना पाए, जबकि 18% लोगों ने उन्हें नापसंद किया। इस लिस्ट में दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग हैं। उन्हें 59% लोगों ने पसंद किया। 13% लोगों को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जबकि 29% लोगों ने उन्हें नापसंद किया। म्युंग के लिए दूसरा स्थान हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अभी एक महीना पहले ही साउथ कोरिया के राष्ट्रपति का पद संभाला है। रेटिंग 4-10 जुलाई तक इकट्ठा किए गए डेटा पर आधारित मॉर्निंग कंसल्ट ने कहा, लेटेस्ट अप्रूवल रेटिंग 4-10 जुलाई, 2025 तक इकट्ठा किए गए डेटा पर आधारित हैं। रेटिंग हर देश में वयस्कों के विचारों का सात दिन का सिंपल मूविंग एवरेज दिखाती हैं। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई तीसरे स्थान पर हैं। उन्हें 57% वोट मिले। 6% लोगों ने कोई राय नहीं दी और 37% लोगों ने उन्हें नापसंद किया।कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चौथे स्थान पर हैं। उन्हें 56% वोट मिले। 31% लोगों ने उनके खिलाफ वोट किया, जबकि 13% लोगों ने कोई राय नहीं दी। ऑस्ट्रेलिया के एंथोनी अल्बानीस पांचवें स्थान पर हैं। उन्हें 54% वोट मिले। 35% वोटर उनसे सहमत नहीं थे, जबकि 11% लोगों ने कोई राय नहीं दी। डोनाल्ड ट्रंप आठवें स्थान पर हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आठवें स्थान पर हैं। उन्हें केवल 44% वोट मिले। हैरानी की बात यह है कि ट्रंप ने पिछले नवंबर में अमेरिका का चुनाव भारी बहुमत से जीता था। लेकिन, उनके व्यापार शुल्क और कुछ अंदरूनी फैसलों से उनकी लोकप्रियता कम हुई है। पोलैंड के डोनाल्ड टस्क नौवें स्थान पर हैं। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी दसवें स्थान पर हैं। इस लिस्ट में पीएम मोदी के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 59% अप्रूवल रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यह ली जे म्युंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि दक्षिण कोरिया में सर्वोच्च पद पर आसीन हुए उन्हें अभी सिर्फ एक ही महीना हुआ है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 45% से भी कम अप्रूवल रेटिंग के साथ 8वें स्थान पर खिसक गए हैं। दुनिया में PM मोदी का बढ़ा कद: एक लोकतांत्रिक वैश्विक नेता मॉर्निंग कंसल्ट सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी का कद देश के अंदर और बाहर दोनों जगह और बढ़ गया है। सर्वे में शामिल 75% लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक लोकतांत्रिक वैश्विक नेता के रूप में स्वीकार किया है। इस पर 7% लोग कोई निर्णय नहीं ले पाए जबकि 18% लोगों की राय इससे अलग थी। अन्य प्रमुख नेता: माइली तीसरे, मैक्रों सबसे कम लोकप्रिय     तीसरा स्थान: दक्षिणपंथी माने जाने वाले अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर रहे उनके पक्ष में 57% वोट पड़े। 6% लोगों ने कोई राय नहीं दी और 37% प्रतिभागियों ने उन्हें अस्वीकार कर दिया।     सबसे कम लोकप्रिय: सबसे कम लोकप्रिय नेताओं में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री पेट्र फिआला शामिल हैं जिन्हें केवल 18% लोगों का समर्थन मिला है जबकि 74% लोग उनसे असंतुष्ट हैं।     इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी 10वें स्थान पर हैं। यह सर्वे रिपोर्ट एक बार फिर दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

सीएम साय ने स्वच्छता दीदियों को किया सम्मानित, सराहा उनके योगदान को

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें। उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आगाज़ 26 जुलाई से, सीएम डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में 26 जुलाई को करेंगे दो दिवसीय ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का शुभारंभ निवेश, डिजिटल बुकिंग, ग्राम पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारियों की होंगी ऐतिहासिक घोषणाएं उपमुख्यमंत्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति मंत्री लोधी भी रहेंगे मौजूद रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 जुलाई शनिवार को दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने तथा मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। रीवा के कृष्ण राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ल ने बताया कि कॉन्क्लेव में प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेबसीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश प्रस्ताव, डिजिटल नवाचार और सांस्कृतिक साझेदारियां सार्वजनिक की जाएंगी। ‘वाइल्डलाइफ और ऑफबीट डेस्टिनेशनों’ पर केंद्रित इस आयोजन में राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय समुदाय को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने प्रभावशाली पहल होगी निवेश प्रस्ताव: प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना को नई गति कॉन्क्लेव के पहले सत्र में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्रों में निवेश करने वाले छह प्रमुख निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के अंतर्गत धार, मंदसौर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर और अलीराजपुर में निवेश प्रस्तावित है। प्रखर पाव द्वारा मंदसौर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों और धार में मिनी रिसोर्ट की स्थापना की योजना है। गांधी सागर क्षेत्र में ईको टूरिज्म गतिविधि संचालित करने के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि का निवेश किया जाएगा। धार जिले के हेमाबर्डी क्षेत्र में फिक्सड टेंटिंग यूनिट/मिनी रिसोर्ट के लिए भी 1 करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव है। सिद्धार्थ सिंह तोमर रायसेन जिले के ढकना चपना में होटल/रिसोर्ट के माध्यम से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को आवश्यक सुविधायें प्रदान करने के लिए 5 करोड़ का निवेश करेंगे। कैलाश फुलवानी द्वारा विदिशा जिले के नेहरयाई क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट के सुविधायें के लिए 3 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसी तरह रितु यादव, अफोर्ड मोटर्स जबलपुर द्वारा जबलपुर जिले में भेड़ाघाट के समीप नन्हाखेड़ा क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट पर 1 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आनंद ताम्रकार, पुष्पा इंटरप्राइजेस अलीराजपुर द्वारा अलीराजपुर जिले के जूनाकट्ठीवाड़ा क्षेत्र में रिसोर्ट एवं वेलनेस सेंटर के लिए 1 रुपये करोड़ का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। डिजिटल बुकिंग के नए युग की शुरुआत पर्यटन विभाग द्वारा राज्य में संचालित पीएम पर्यटन वायु सेवा की बुकिंग अब IRCTC पोर्टल पर भी संभव होगी। अब तक www.flyola.in के माध्यम से बुकिंग की जा रही थी, लेकिन अब IRCTC जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से जुड़ने से सेवाएं और अधिक सहज और सुगम हो सकेंगी। इस वायु सेवा के माध्यम से भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना और सिंगरौली जैसे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर पर्यटन की पहुंच को विस्तार दिया जा रहा है। ग्राम होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में गत माह 18 जून को "ग्रामीण रंग, पर्यटन संग" कार्यक्रम के दौरान एमपी पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) एवं पर्यटन बोर्ड (MPTB) के बीच MoU साइन हुआ था। प्रदेश के 61 चयनित पर्यटन ग्रामों के ग्राम होमस्टे अब डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। इस प्लेटफॉर्म की विशेषता है कि यह DJUBO जैसे आधुनिक प्रॉपर्टी मैनेजमेंट इंफर्मेशन सिस्टम से संचालित होता है, जो सेंट्रल रिजर्वेशन सिस्टम से युक्त है। इससे ग्रामीण होमस्टे अब MakeMyTrip, Yatra, EaseMyTrip जैसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTA) से भी जुड़ पाएंगे। यह पहल स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर वैश्विक पर्यटक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। डिजिटल प्रचार-प्रसार के लिए होगा एमओयू कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा दो प्रमुख डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों, Barcode Experiential और Qyuki Digital के साथ रणनीतिक साझेदारी के लिए एमओयू किया जाएगा। इन कंपनियों की विशेषज्ञता डिजिटल ब्रांडिंग, इन्फ्लुएंसर कैंपेन और रचनात्मक सोशल मीडिया मार्केटिंग में है। यह सहयोग पर्यटन स्थलों की आधुनिक ब्रांडिंग को बल देगा और युवाओं के बीच मध्यप्रदेश को "अतुल्य भारत का दिल" के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा। अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा चित्रकूट घाट में "Spiritual Experience" परियोजना का स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत वर्चुअल शिलान्यास किया जाएगा और शहडोल में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (FCI) का उद्घाटन भी होगा। यह संस्था 15.62 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हुआ है और युवाओं को आतिथ्य सत्कार से जुड़ी ट्रेनिंग एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी जिलों में स्थानीय कला और हस्तशिल्प केंद्र स्थापित करने के लिए ग्राम सुधार समिति, एमएम फाउंडेशन और समर्थ संस्था के साथ अनुबंध किया जाएगा। यह पहल महिलाओं और कारीगरों को प्रशिक्षण, उत्पादन और विपणन से जोड़ते हुए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराएगी।  

सिंगरौली के गंभीर रोगी को एम्स भोपाल लाकर की गई जीवन रक्षा पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा हुई लाभकारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने गरीब और जरूरतमंदों को कष्ट के समय में सहायता के लिए एयर एम्बुलेंस की सौगात दी है। यह सुविधा एक बार फिर लाभकारी सिद्ध हुई है। राज्य सरकार ने सेवा की अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे सिंगरौली जिले के निवासी संदीप सिंह को किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए उन्हें पीएम एम्बुलेंस के माध्यम से एयरलिफ्ट करके भोपाल लाया गया और उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स में भर्ती करवाकर जीवन रक्षा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक इस सेवा का लाभ गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रसत नागरिकों को दिलवाने के प्रति सजग रहें। जिन व्यक्तियों को इस सेवा की जरूरत है, उनके परिजन भी इसका लाभ लेने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है जहां जरूरतमंद मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलती है। अब तक 17 जिलों के रोगियों को कठिन समय में एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुश्किल वक्त में यह सुविधा काफी महंगी होती है और गरीबों को संबल स्वरूप राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हवाई पट्टी वाले क्षेत्रों में एयर एम्बुलेंस का उपयोग हो रहा है। मरीजों को हेलीकॉप्टर द्वारा एयर लिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के मरीज संदीप सिंह की समय पर मदद करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए राज्य के भीतर एवं बाहर के सरकारी व आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है और जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है उनको राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए निशुल्क हवाई परिवहन सेवा, और राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा भोपाल तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।  

भोपाल की नई उड़ान: केबल ब्रिज को मिली मंजूरी, गडकरी ने दी हरी झंडी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जल्द ही देश का दूसरा सबसे लंबा केबल ब्रिज बनने जा रहा है। यह 17 किलोमीटर लंबा ब्रिज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से राजा भोज एयरपोर्ट तक बनाया जाएगा, जिससे शहरवासियों और यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है। 17 किलोमीटर लंबा ब्रिज, बिना जाम के सफर सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट (Bhopal Cable Bridge) की जरूरत को रखा था। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट तक पहुंचने में ट्रैफिक के कारण काफी समय बर्बाद होता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह ब्रिज शहर की एक बड़ी ज़रूरत बन चुका है। नितिन गडकरी ने इस 17 किमी लंबे केबल ब्रिज को ‘अत्यंत आवश्यक’ मानते हुए इस पर सहमति दे दी है। पहला प्रोजेक्ट: रानी कमलापति स्टेशन से एयरपोर्ट तक 17 किमी केबल ब्रिज: इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत राजधानी को एयरपोर्ट से जोडऩे के लिए 17 किलोमीटर लंबा केबल ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें 2 किलोमीटर का हिस्सा बड़े तालाब क्षेत्र से होकर एलीवेटेड ब्रिज के रूप में गुजरेगा। मौजूदा समय में एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाली देरी और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह ब्रिज शहर की जरूरत बन गया है। नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव को ‘भोपाल के लिए व्यावहारिक और समय की मांग’ बताते हुए स्वीकृति दी। दूसरा प्रस्ताव करोंद से बैरसिया के बीच 35 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में तब्दील करना: इस प्रस्ताव में पीएम गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। यह सड़क एनएच-146 को एनएच-346 से जोड़ेगी, जिससे राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सुगम यातायात सुनिश्चित होगा। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि ‘यह दोनों प्रोजेक्ट सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड नहीं हैं, बल्कि राजधानी की भावी संरचना का आधार तैयार करेंगे।’ अब निगाहें इन प्रस्तावों की डीपीआर और निर्माण प्रक्रिया की ओर हैं, जिनकी औपचारिक शुरुआत जल्द होने की संभावना है।  बड़ा तालाब पर भी बनेगा 2 किमी एलीवेटेड ब्रिज केबल ब्रिज (Bhopal Cable Bridge) के अलावा भोपाल के बड़ा तालाब क्षेत्र में 2 किलोमीटर लंबा एलीवेटेड ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी सांसद ने रखा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मंजूरी दे दी है। यह ब्रिज न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि पर्यटन और परिवहन को भी बढ़ावा देगा। फोरलेन रोड से राजधानी को नई रफ्तार सांसद आलोक शर्मा ने एक और बड़ी मांग के तहत भोपाल (Bhopal Cable Bridge) के करोंद से बैरसिया तक सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव रखा। यह 35 किलोमीटर लंबी सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 146 को NH-346 से जोड़ेगी और इसे प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति मिल गई है। यातायात से राहत, सफर में सुविधा इन सभी परियोजनाओं (Bhopal Cable Bridge) के पूरा होने के बाद भोपालवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट पहुंचने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। यह ब्रिज राजधानी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देगा और शहर की स्मार्ट सिटी योजनाओं में गति लाएगा।  

Regional Tourism Conclave का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, अभिनेता मुकेश तिवारी व अभिनेत्री सान्विका सिंह भी शामिल होंगी

 रीवा  मध्य प्रदेश सरकार विंध्य के औद्योगिक विकास के लिए शनिवार को रीवा में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में शनिवार को उद्घाटन करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू चित्रकूट घाट में स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फार टूरिस्ट्स) का उद्घाटन किया जाएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिए एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। वन पथों से विरासत की कहानियों तक रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण मध्य प्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण और मध्य प्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर विषय पर सत्र होंगे। कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (फेम टूर) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।

यूपी में 5 लाख किसानों को तगड़ा झटका, पीएम किसान की किस्त नहीं मिलेगी, उलटे पैसे लौटाने होंगे

लखनऊ  किसानों की आर्थिक मदद के लिए चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कुछ ही दिन पहले राजस्थान के जालोर में 33638 फर्जी किसानों के खाते में करोड़ों रुपये की राशि जाने का मामला सामने आया था। अब उत्तर प्रदेश से वेरिफिकेशन ड्राइव में पात्र नहीं होने के बावजूद पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का मामला सामने आ आया है। यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम पीएम किसान सम्मान योजना से कटने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इन अपात्र किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का पैसा नहीं आएगा। जांच में यह बात सामने आई है कि यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे परिवार हैं, जहां पति और पत्नी दोनों ही पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा ले रहे थे। जबकि नियम के मुताबिक किसी एक को ही इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। सबसे ज्यादा मामले प्रतापगढ़ से सामने आए हैं। जांच में ऐसे खुला मामला प्रशासन लगातार अपात्र किसानों के नाम हटाने के लिए वेरिफिकेशन करने में लगा हुआ है। इसी दौरान जब यूपी कृषि विभाग ने राशन कार्ड का डाटा आधार कार्ड और बैंकों से मिलान किया तो सच्चाई सामने आई। प्रतापगढ़ में 37 हजार से ज्यादा पति-पत्नी इस योजना का लाभ ले रहे थे। वहीं प्रयागराज में भी 29 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर सीतापुर और चौथे नंबर पर संभल है। सबसे कम अपात्र किसान गाजियाबाद जिले से मिले हैं। खाते में नहीं आएगी अगली किस्त, वसूली भी होगी इन अपात्र किसानों के खाते में अब पीएम किसान सममान योजना की अगली किस्त नहीं आएगी। यही नहीं प्रशासन इनसे वसूली की भी तैयारी में है। अगर कोई परिवार पहली किस्त से ही योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे अब मोटा पैसा चुकाना पड़ सकता है। अगर सरकार 19 किस्तों की वसूली की तैयारी करती है तो 38000 रुपये लौटाने होंगे। पक्की नौकरी फिर भी ले रहे 2000 आधार कार्ड से वेरिफिकेशन करने के बाद और भी कई खुलासे हो रहे हैं। 3000 से ज्यादा मामले ऐसे हैं, जिनके पास पक्की नौकरी या खुद का बिजनेस है। फिर भी पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ ले रहे थे। इन लोगों के नाम भी लिस्ट से हटा दिए गए हैं। फार्मर आईडी नहीं बनवाने वालों को भी नुकसान यूपी में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों ने फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ऐसे में उनके खाते में 20वीं किस्त आने की संभावना बहुत ही कम है। यूपी के कृषि विभाग की वेबसाइट upfr.agristack.gov.in के मुताबिक अभी तक महज 49.78 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि राज्य में करीब 2.88 किसान पीएम किसान योजना से जुड़े हुए हैं। पीएम किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त कब आएगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त का इंतजार सभी को है। अभी पीएम नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर हैं। 2 अगस्त को यूपी के वाराणसी में उनका कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस दिन किसानों के खाते में 2000 रुपये आ सकते हैं। हालांकि PMO, PIB या कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।  

महाकुंभ 2028 से पहले उज्जैन में पंढरपुर-मथुरा जैसी सुविधाएं, फैसिलिटी हब पर काम शुरू

 उज्जैन  साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां नई दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उज्जैन प्रशासन का लक्ष्य इस बार सिर्फ परंपराओं का पालन नहीं बल्कि तीर्थ व्यवस्थाओं को एक आधुनिक, सुविधाजनक और यादगार अनुभव में बदलना है। प्रशासन अब महाराष्ट्र के पंढरपुर और उत्तर प्रदेश के मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों से प्रेरणा लेकर सिंहस्थ के लिए अत्याधुनिक फैसिलिटी सेंटर तैयार करने की योजना बना रहा है। पंढरपुर की प्रसिद्ध वारी यात्रा और मथुरा की ब्रज परिक्रमा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इन तीर्थस्थलों पर विकसित फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं को छाया, पीने का पानी, स्नानघर, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम स्थल और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था प्रदान करते हैं। इसी तर्ज पर अब उज्जैन में भी स्थायी, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल फैसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 में अब केवल अस्थायी टेंट या पारंपरिक पड़ाव नहीं होंगे, बल्कि फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं के लिए एक समग्र अनुभव का केंद्र बनेंगे। यहां डिजिटल सूचना पटल, छायादार विश्राम क्षेत्र, पुरुष व महिलाओं के लिए पृथक स्नानगृह, ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, जल वितरण केंद्र और चिकित्सा सहायता केंद्र जैसे अत्याधुनिक इंतजाम होंगे। इन स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल नेविगेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा 'सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की कसौटी है। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को एक प्रेरक, सुरक्षित और सुविधा युक्त अनुभव मिले। पंढरपुर और मथुरा जैसे तीर्थस्थलों की परंपराओं और अनुभवों से प्रेरणा लेकर उज्जैन को एक स्मार्ट तीर्थ मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।' गौरतलब है कि सिंहस्थ महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। इस विशाल भीड़ को सुचारु रूप से संभालने और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए स्थायी फैसिलिटी सेंटर न केवल सहूलियत देंगे, बल्कि उज्जैन को तीर्थ व्यवस्थाओं का आदर्श मॉडल भी बनाएंगे।

‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री लोधी भी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आज शनिवार को करेंगे शुभारंभ विंध्य के वैभव को मिलेगा नया आयाम : रीवा में आज 26-27 जुलाई को होगा ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’  ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री  लोधी भी होंगे शामिल निवेशक, पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, होटल इंडस्ट्री के हितधारक होंगे सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आज  शनिवार 26 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता श्री मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। डिजिटल पहल, एमओयू, आधारशिला कार्यक्रम एवं अनुबंध आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू  चित्रकूट घाट में 'स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस' परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फॉर टूरिस्ट्स) का उद्घाटन मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिये एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों—मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र पर आधारित विभिन्न सत्र होंगे। मध्यप्रदेश में वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटन अनुभव और निवेश पर मंथन होगा। इसमें “वन पथों से विरासत की कहानियों तक : रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण”, “मध्यप्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण” और “मध्यप्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर” विषय पर सत्र होंगे। हितधारकों पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। प्रदर्शनी में दिखेगा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटिलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति भी होगी। फैम टूर का आनंद लेंगे हित-धारक एवं निवेशक रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।