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भारत में जल्द दौड़ेगी सुपरफास्ट ट्रेन, दिल्ली- पटना का सफर सिर्फ ढाई घंटे में

नई दिल्ली भारत में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को दुरुस्‍त करने पर लगातार काम चल रहा है. खासकर रेल और रोड प्रोजेक्‍ट्स पर लाखों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट उनमें से एक है. इसका काम तेजी से चल रहा है और आनेवाले कुछ महीनों में देश की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ सकती है. इस बीच, हाईस्‍पीड ट्रेन को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है. सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो भारत में नेक्‍स्‍ट जेनरेशन बुलेट ट्रेन का प्रोडक्‍शन शुरू हो सकता है. भारत इस बाबत जापान के साथ करार कर सकता है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच ई-10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन (E10 Shinkansen Bullet Train) की भारत में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पर समझौता होने की उम्‍मीद है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत और जापान जल्द ही मिलकर अगली पीढ़ी की ई-10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का निर्माण कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय जापान यात्रा के दौरान इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है. मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस साझेदारी पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है. ई-10 शिंकानसेन को जापान की ALFA-X से विकसित किया गया है और इसे भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से विशेष रूप से तैयार किया जाएगा. यह पहल भारत-जापान के बीच पहले से चल रहे अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को और मजबूती देगी. यह प्रोजेक्ट कुल 508 किलोमीटर लंबा है और इसका पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक गुजरात में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पूरा प्रोजेक्ट 2029 तक पूरा होगा. 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार ‘हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह साझेदारी लगभग चार दशक पहले शुरू हुई मारुति-सुजुकी जॉइंट वेंचर की तरह ऐतिहासिक साबित हो सकती है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस प्रोजेक्ट का पैमाना और रणनीतिक महत्व कहीं ज्यादा है. पीएम मोदी की पहल और जापान से उनकी गहरी दोस्ती का नतीजा है कि बुलेट ट्रेनें अब भारत में ही बनने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. ई-10 शिंकानसेन की अधिकतम रफ्तार 400 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि भारत के लिए पहले ई-5 शिंकानसेन (320 किमी/घंटा) का विकल्प तय था. पीएम मोदी की विशेष दिलचस्पी और जापानी नेतृत्व से उनके घनिष्ठ संबंधों के चलते भारत को नवीनतम तकनीक का लाभ मिलने जा रहा है. दुनिया की सबसे सुरक्षित ट्रेन इस प्रोजेक्ट से न केवल भारत की तेज़ी से बढ़ती परिवहन ज़रूरतों को पूरा किया जाएगा, बल्कि यहां बनी ट्रेनों की आपूर्ति अन्‍य देशों को भी की जा सकती है. भारत की किफायती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और जापान की विश्वस्तरीय तकनीक और गुणवत्ता इसे एक्सीलेंस प्रोजेक्ट बना सकता है. पीएम मोदी अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन और बिज़नेस फोरम में शामिल होंगे. अगले दिन दोनों प्रधानमंत्री शिंकानसेन से यात्रा कर सेनदाई जाएंगे, जहां वे एक सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का दौरा करेंगे और जापानी प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात करेंगे. जापानी पक्ष का मानना है कि भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क बनाते समय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. गौरतलब है कि 1964 में शुरू होने के बाद से शिंकानसेन का सुरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. अभी तक किसी यात्री की ट्रेन हादसे में जान नहीं गई है.

इस साल का पहला और आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, तारीख 7-8 सितंबर तय

इंदौर  साल 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण, जिसे 'ब्लड मून' के नाम से भी जाना जाता है, अगले महीने दिखने वाला है। सितंबर  महीने में यह खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। यह चंद्र ग्रहण कई देशों के साथ-साथ भारत में भी नजर आएगा। ऐसे में सूतक  काल भी मान्य होगा। जो जानते हैं यह खगोलीय घटना कब होगी और सूतक काल का समय क्या होगा? साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में 7 सितंबर को दिखेगा। इसी दिन पितृपक्ष की भी शुरुआत होगी। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा।  इस दौरान चंद्रमा पूर्ण से गुजरेगा और एक चमकदार लाल रंग के गोले में बदल जाएगा। यानि इस दिन चंद्रमा लाल रंग का होगा, जिसे बल्ड मून कहा जाता है, जो कई सालों में एक बार दिखाई देता है। चंद्र ग्रहण करीब चार घंटे तक रहेगा। उज्जैन की जीवाजी वैधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने बताया कि दिनांक 7-8 सितंबर 2025 को पूर्ण चन्द्र ग्रहण की खगोलीय घटना हो रही है। भारतीय समय के अनुसार पूर्ण चन्द्र ग्रहण का प्रारंभ 7 सितंबर 2025 को रात्रि 09:56:08 बजे से शुरू होगा। मध्य की स्थिति मध्यरात्रि 11:41:08 बजे पर होगी। इस समय चन्द्रमा का 136.8 प्रतिशत भाग पृथ्वी की छाया से ढका हुआ दृष्टिगोचर होगा अर्थात् पूर्ण चन्द्र ग्रहण की स्थिति दृष्टिगोचर होगी। ग्रहण के मोक्ष की स्थिति दिनांक 8 सितंबर 2025 को रात्रि 01:26:08 बजे पर होगी। यह ग्रहण भारत में पुराण रूप से दिखाई देगा। यह पूर्ण चन्द्र ग्रहण अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, आस्ट्रेलिया, एशिया, हिन्द महासागर व यूरोप में भी दिखेगा। चन्द्र ग्रहण की स्थिति में पृथ्वी, सूर्य तथा चन्द्रमा के मध्य में होती है तथा पूर्ण ग्रहण की स्थिति में पृथ्वी की छाया से चन्द्रमा का पूर्ण भाग ढकता है। इसीलिए इसे पूर्ण चन्द्र ग्रहण कहते हैं। कब और कितने बजे लगेगा पूर्ण चंद्रग्रहण भारतीय समय के अनुसार, 7 सितंबर 2025 को चंद्र ग्रहण लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण रात 9:57 बजे शुरू होगा और 8 सितंबर को 1:26 बजे तक रहेगा। ग्रहण का स्पर्श रात 11:09 बजे होगा, जबकि मध्यकाल रात 11:42 बजे होगा। इसका मोक्ष काल रात 12:23 बजे से शुरू होगा। कुल मिलाकर, यह चंद्र ग्रहण लगभग 4 घंटे तक चलेगा। एक घंटे से ज्यादा समय तक चलने वाला चरम चरण तब होगा जब चंद्रमा अपने सबसे गहरे लाल रंग में दिखाई देगा। सूतक काल का समय चंद्र ग्रहण का सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा। दरअसल, चंद्र ग्रहण के शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों को नहीं किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण में मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं। साल का आखिरी और पूर्ण चंद्रग्रहण भारत के कई शहरों में दिखाई देगा। यह ग्रहण दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, बेंगलुरु समेत कुछ और शहरों में दिखाई देगा। भारत के अलावा ये ऑस्ट्रेलिया, अमेरिकी, फिजी और न्यूजीलैंड में भी दिखाया देगा।  क्या होता है 'ब्लड मून'?  खगोलीय वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से पूरी तरह ढक जाएगा, जिससे वह लाल रंग का दिखाई देगा। यह नजारा भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश हिस्सों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। खगोलशास्त्रियों ने इसे साल की सबसे खास खगोलीय घटनाओं में से एक बताया है। बता दें कि ब्लड मून पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान होता है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के ठीक बीच में आ जाती है।  

ढाई महीने की तलाश के बाद Love Jihad फंडिंग के आरोपी अनवर कादरी ने किया सरेंडर

इंदौर हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोपितों के वित्तपोषक कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत ने शुक्रवार सुबह कोर्ट के समक्ष सरेंडकर कर दिया। अनवर पुलिस और वकीलों को चकमा देने के लिए वकीलों की तरह सफेद शर्ट और काली पेंट पहन कर जिला कोर्ट पहुंचा और सीधे जेएमएफसी मिनी गुप्ता की कोर्ट में जा पहुंचा। बाणगंगा पुलिस ने कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। अनवर पर 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज एसीपी रुबिना मिजवानी के मुताबिक भिस्ती मोहल्ला (सदर बाजार) निवासी अनवर पुत्र असलम कादरी पर 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज है। बाणगंगा पुलिस ने 14 जून को लव जिहाद के आरोपित साहिल खान और अल्ताफ के कथन पर अनवर को को प्रकरणों में आरोपित बनाया था। गिरफ्तारी के डर से अनवर दूसरी पत्नी फरहाना के साथ फरार हो गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून) अमित सिंह ने उसकी गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया पर अनवर हाथ नहीं आया।   अनवर की गुस्साए वकीलों ने पिटाई भी कर दी शुक्रवार सुबह एमजी रोड़ पुलिस से खबर मिली कि उसने 14 नंबर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली,सदर बाजार और बाणगंगा पुलिस कोर्ट पहुंची और अनवर को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कोर्ट परिसर में गहमागहमी भी रही। पुलिस ने अनवर को घेरा बनाकर निकाला पर गुस्साए वकीलों ने उसकी पिटाई भी कर दी। दाढ़ी-मुंछे कटवा कर दूसरी पत्नी के साथ फरारी काटी काटी टीआइ सियारामसिंह गुर्जर के मुताबिक केस दर्ज होने की भनक लगते ही अनवर भोपाल होकर महाराष्ट्र चला गया। इसके बाद उसने गोरखपुर, सिक्किम, दार्जलिंग, हैदराबाद और गोरखपुर में फरारी काटी। इस दौरान उसकी दूसरी पत्नी फरहाना भी साथ रही। बेटी आयशा, भाई अज्जू, शहजाद और साले अकरम की गिरफ्तारी से टूट गया। पुलिस ने भगोड़ा घोषित करवा कर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरु कर दी। कोर्ट ने भी 8 सितंबर तक पेश होने का मौका दिया। रिश्तेदार और स्वजन भी विरोधी हो गए। आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो चुकी थी। अनवर ने परिचितों के जरिए वकीलों से चर्चा की और सीधे कोर्ट के समक्ष पेश हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के टोक्यो से भारत में बड़े पैमाने पर बुलेट ट्रेन के विस्तार का किया ऐलान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के टोक्यो से भारत में बड़े पैमाने पर बुलेट ट्रेन के विस्तार का ऐलान किया है। उन्होंने ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल भारत और जापान के बीच एक प्रमुख परियोजना है और हमारा लक्ष्य कुछ वर्षों में यात्री सेवाएं शुरू करना है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना तो चल ही रही है। हमने एक बड़ी महत्वकांक्षा का अनावरण किया है। हमारे देश में हाई-स्पीड रेल का 7 हजार किलोमीटर लंबा नेटवर्क बनाना। मेक इन इंडिया के तहत बनेगा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क जापान की अपनी यात्रा के दौरान योमिउरी शिम्बुन को दिए गए साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि इसका अधिकांश हिस्सा मेक इन इंडिया के माध्यम से होगा, ताकि यह कार्यक्रम टिकाऊ और व्यवहार्य हो। उन्होंने कहा, "मैं इस प्रयास में जापानी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता हूं।"   हाई-स्पीड रेल नेटवर्क इन क्षेत्रों पर भी नजर प्रधानमंत्री ने कहा, "मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत और जापान के बीच एक प्रमुख परियोजना है। हमारा लक्ष्य कुछ वर्षों में यात्री सेवाएं शुरू करना है।" पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जापान सहयोग को हाई-स्पीड रेल से आगे बढ़ाकर गतिशीलता के अन्य क्षेत्रों को भी कवर करने की क्षमता है, जिसमें बंदरगाह, विमानन, जहाज निर्माण, सड़क परिवहन, रेलवे और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां भारत ने महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है।  

सियासत गरमाई! Sambhal हिंसा पर CM Yogi ने कहा- दोषियों को छोड़ना होगा यूपी

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को कहा कि न्यायिक आयोग की एक दिन पहले सौंपी गई रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का जिक्र किया।  रिपोर्ट में यूपी पुलिस को दिया गया "नरसंहार" रोकने का श्रेय  मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यायिक आयोग ने कल संभल घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 2024 में दंगों की साजिश के कुछ हिस्सों का खुलासा किया गया है।" योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी जनसांख्यिकी को कम किया गया। उन्होंने कहा कि लेकिन आज, डबल इंजन वाली सरकार है जो जनसांख्यिकी को बदलने नहीं देगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को "नरसंहार" रोकने का श्रेय दिया गया है और इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में "बाहर से दंगाइयों को लाया गया था।"  संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रिपोर्ट में आज़ादी के बाद से संभल में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की गयी है, जब संभल की नगरपालिका आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत थी। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1953 में शिया-सुन्नी संघर्ष से हुई, जिसके बाद 1956, 1959 और 1966 में दंगे हुए। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी।   

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का दावा- बंगाल में सुनियोजित घुसपैठ का खेल

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते कुछ सप्ताह में लगातार यह आरोप लगाए हैं कि केंद्र सरकार के द्वारा बंगाली भाषाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘भाषाई आतंकवाद’ का नाम भी दिया है। इस बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा दावा किया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा है कि पश्चिम बंगाल और आस-पास के कुछ क्षेत्रों में व्यवस्थित तरीके से घुसपैठ करवाया जा रहा है और इस काम के लिए कई एजेंट भी सक्रिय हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में भारत के नागरिक ना होने के संदेह में बंगाली भाषी मुस्लिम प्रवासियों को हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। इस दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को कहा कि सिर्फ बंगाल में ही नहीं बल्कि कई इलाकों में घुसपैठ हो रहा है। उन्होंने रोहिंग्याओं का भी जिक्र किया। तुषार मेहता ने आगे बताया," रोहिंग्याओं के साथ-साथ एक व्यवस्थित गिरोह भी है। कई आतंकवादी भी घुसपैठ कर रहे हैं।" वहीं याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक महिला को बिना जांच किए देश से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने कहा, “वह गर्भवती है। सिर्फ इसलिए कि वह बंगाली बोलती है, सरकार कह रही है कि वह एक बांग्लादेशी है। इस देश में कोई भी अधिकारी किसी व्यक्ति को बिना यह जांच किए सीमा पार कैसे धकेल सकता है कि वह विदेशी है या नहीं? ऐसा करना अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।” केंद्र सरकार से सवाल इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या लोगों को भाषा के आधार पर उठाया जा रहा है। पर एसजी मेहता ने जवाब दिया कि भाषा के आधार पर किसी को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। कोर्ट ने केंद्र से पूछा, "दो महत्वपूर्ण मसले हैं। एक राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता, और यह सर्वोपरि है। दूसरा प्रश्न विरासत और संस्कृति का है। पंजाब और बंगाल दोनों जगह भाषा एक ही है पर सीमा पर विभाजन है। हम चाहते हैं कि आप अपना रुख स्पष्ट करें।" इस पर जवाब देते हुए SG मेहता ने कहा कि फिर प्रभावित लोगों के बजाय कोई समूह ही सुप्रीम कोर्ट क्यों आते हैं? लोग व्यक्तिगत रूप से लोग क्यों नहीं आते? यह एक समस्या है। भारत दुनिया के अवैध प्रवासियों की जगह नहीं है। एक व्यवस्था होती है। उन्हें बताना होगा कि वे भारत में क्यों रह रहे हैं।"  

हरियाणा सरकार की नई योजना, हर परिवार की 3 महिलाएं भी सभी लाभार्थी, एज-इनकम की शर्त से कुछ महिलाएं बाहर

चंडीगढ़  हरियाणा में लाडे लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये कब मिलेंगे? आखिरकार हरियाणा की लाखों महिलाओं के इस सवाल का जवाब आज 28 अगस्त गुरुवार को मिल गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान करते हुए बता दिया है कि लाडो लक्ष्मी योजना कब से शुरू होगी। सीएम ने कैबिनेट मीटिंग के फैसले की जानकारी देते हुए ताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर 25 सितंबर, 2025 को इस योजना को लॉन्च कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 2100 रुपये भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि 25 सितंबर, 2025 से राज्य की सभी 23 साल से ज्‍यादा उम्र की लड़कियों व महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। महिलाएं चाहें शादीशुदा हों या फिर अविवाहित, सभी के खाते में 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। इन महिलाओं के खाते में आएंगे पैसे मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जिनके परिवार की सालाना कमाई 1 लाख रुपये से कम है। आगे चलकर अन्य आय वर्ग वाले परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। क्या होगी पात्रता योजना का फायदा लेने के लिए पात्रता की कुछ शर्तें हैं। सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि अगर महिला अविवाहित है और अगर विवाहित है तो वह कम से कम 15 साल से हरियाणा की नागरिक होनी चाहिए। इसी तरह विवाहित आवेदक महिला का पति भी 15 साल से हरियाणा का नागरिक होना चाहिए। इस योजना की अच्छी बात है कि एक परिवार से जितनी मर्जी महिलाएं इस योजना का फायदा उठा सकती हैं। इस पर कोई सीमा नहीं है। सीएम ने कहा कि एक परिवार की जितनी भी महिलाएं पात्रता की शर्तें पूरी करेंगी, उन सभी को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का फायदा मिलेगा। इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है तो नहीं मिलेंगे 2100 रुपये मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि अगर राज्य में चल रही ऐसी 9 योजनाओं का लाभ महिलाओं को पहले से मिल रहा है, जिसमें उन्हें 2100 रुपये प्रति महीने से ज्यादा पैसा मिल रहा है तो उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि अगर कोई स्टेज-3 कैंसर से पीड़ित है, या थैलीसीमिया समेत 54 से ज्यादा दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें अलग से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मिलेंगे। उम्र-आय शर्त से बाहर 1 लाख महिलाएं, 20 लाख लाभार्थियों में कौन शामिल हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने महिलाओं को 25 सितंबर से 2100 रुपए हर महीने देने की घोषणा की है। सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए इस बजट में 5 हजार करोड़ का फंड रखा है। योजना का फायदा देने के लिए 23 से 60 की उम्र की शर्त रखी है। ऐसे में योजना के पहले चरण में अभी उम्र व आय की शर्त से हरियाणा में लाभार्थी महिलाओं की संख्या घट गई है। हरियाणा में इनकम की स्लैब बनी हुई हैं। इनमें एक लाख से 1.40 लाख का स्लैब है। स्लैब का लोअर पार्ट गिना जाता है। ऐसे में इस स्लैब की लाभार्थी महिलाओं की संख्या करीब 20 लाख बन रही है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस इनकम स्लैब में 23 से 60 साल तक की 17 लाख 25 हजार विवाहित महिलाएं हैं। जबकि 23 से 45 साल की 2.75 लाख कुंवारी यानी अविवाहित हैं। सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि पहले चरण में करीब 19-20 लाख लाभार्थी होंगी। इनकम कम होने के बावजूद 1 लाख महिलाएं लाभपात्र नहीं एक लाख इनकम की शर्त को पूरा करने के बावजूद करीब 1 लाख महिलाओं को 2100 रुपए का लाभ नहीं मिल पाएगा। क्योंकि इनमें से करीब 45 हजार विधवाएं, 11 हजार निराश्रित, 14 हजार दिव्यांग पेंशन ले रही हैं। इसके अलावा 2500 महिलाएं संविदा कर्मी और 2500 महिलाएं लाडली योजना का पहले से ही लाभ ले रही हैं। 1 लाख से कम की शर्त से सिर्फ 8 लाख ही लाभार्थी बनती अगर प्रदेश सरकार एक लाख रुपए से कम इनकम का दायरा तय करती तो हरियाणा की करीब 8 लाख महिलाएं ही योजना की लाभार्थी बन पातीं। एक लाख रुपए करने से लाभपात्र महिलाओं की संख्या 20 लाख पहुंच गई। CM नायब सैनी ने कहा कि योजना के अगले चरण में इनकम का दायरा बढ़ाया जाएगा। यदि इसे 1.80 लाख किया जाता है तो करीब 10 लाख लाभार्थी बढ़ जाएंगी। दिल्ली में 18 साल तो बाकी राज्यों में 21 साल की महिलाओं को लाभ उम्र के मामले में हरियाणा की शर्त अन्य राज्यों के मुकाबले टफ मानी जा सकती है। पड़ोसी दिल्ली में भाजपा सरकार ने 18 साल से अधिक आयु की युवतियों को डायरेक्टर कैश बेनिफिट योजना का पात्र माना है। हालांकि वहां अभी योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में योजना के लाभ के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई है। आय की टफ शर्त ने भी हरियाणा में घटाए लाभार्थी हरियाणा में 1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाभ मिलेगा। जबकि महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में 2.5 लाख रुपए वार्षिक आय वाली परिवारों की महिलाओं को भी लाभ मिल रहा है। कर्नाटक में राशन कार्ड में सिर्फ परिवार की मुखिया महिला को लाभ मिलता है। जबकि हरियाणा में एक परिवार से 3 महिलाओं तक को लाभ मिलेगा। हरियाणा में यदि सभी BPL परिवारों को योजना का लाभपात्र माना जाता तो करीब 42 लाख परिवारों की महिलाएं लाभार्थी होतीं। हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना क्या है हरियाणा में विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने ऐलान किया था कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं के खाते में हर महीने 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। इसके लिए बजट का भी ऐलान कर दिया गया था। माना जा रहा है कि राज्य की करीब 50 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। लाडो लक्ष्मी योजना 2025 का बजट कितना है हरियाणा सरकार ने 2025 के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए अलग से बजट का भी … Read more

सितंबर में 15 बैंक हॉलिडे! अपने राज्य की छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखें

भोपाल  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने पूरे देश के लिए छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है. यह लिस्ट राज्यों के त्योहार को देखते हुए जारी की जाती है. इस महीने अगस्त में भी करीब आधे महीने बैकों में कोई कामकाज नहीं हुआ. वहीं, अब केंद्रीय बैंक ने सितंबर महीने की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है. नए महीने में भी कमोबेश यही हाल रहने वाले है. आइये छुट्टियों की लिस्ट पर डालते हैं एक नजर. सितंबर 2025 में भी कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब बैकों में कामकाज ठप रहेगा. बैंककर्मियों की बल्ले-बल्ले होगी. आरबीआई की जो लिस्ट सामने आई है, उसके मुताबिक करीब 15 दिन बैकों में ताले लटकेंगे. वैसे ऑनलाइन सेवाएं लगातार चालू रहेंगे. सितंबर 2025 में इतने दिन बैंकों में नहीं होंगे काम सितंबर महीने में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियों के चलते बैंकों में महीने के आधे दिन कोई कामकाज नहीं होगा. आरबीआई के मुताबिक हर महीने के रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार को साप्ताहिक बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रखती है. इसके अलावा त्योहारों और पर्वोें के चलते भी बैंक में ताले लटके रहते हैं. ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी छुट्टियों में किसी को परेशानी ना हो इसके लिए सभी तरह की ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी. एटीएम, नेट और मोबाइल बैंकिंग भी काम करते रहेंगे. अगर कोई बैंक संबंधित काम के लिए जाना है तो इन तारीखों पर जाने से बचें और छुट्टियों के कैलेंडर पर एक नजर अवश्य डाल लें.   सितंबर के महीने में देशभर में कई त्यौहार और क्षेत्रीय अवसर मनाए जाएंगे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों में बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। इनमें कर्म पूजा, ओणम, ईद-ए-मिलाद, इंद्रजात्रा, नवरात्र स्थापना, दुर्गा पूजा और महाराजा हरि सिंह की जयंती जैसे पर्व शामिल हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें। कई बार बैंक बंद होने पर असुविधा का सामना करना पड़ता है। नियमित साप्ताहिक अवकाश त्योहारों के अलावा हर महीने की तरह सितंबर में भी दूसरे और चौथे शनिवार और सभी रविवार को बैंकों की छुट्टी रहेगी। राज्यवार बैंक छुट्टियों की लिस्ट 3 सितंबर (बुधवार): झारखंड में कर्म पूजा के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 4 सितंबर (गुरुवार): केरल में पहला ओणम के अवसर बैंक की छुट्टी रहेगी। 5 सितंबर (शुक्रवार): गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर में ईद-ए-मिलाद और तिरुवोनम के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 6 सितंबर (शनिवार): सिक्किम, छत्तीसगढ़ में ईद-ए-मिलाद/इंद्रजात्रा पर बैंक की छुट्टी रहेगी। 12 सितंबर (शुक्रवार): जम्मू, श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उल-नबी के बाद के शुक्रवार के दिन बैंक बंद रहेंगे। 22 सितंबर (सोमवार): राजस्थान में नवरात्र स्थापना के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 23 सितंबर (मंगलवार): जम्मू, श्रीनगर में महाराजा हरि सिंह जयंती के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 29 सितंबर (सोमवार): त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल में महा सप्तमी/दुर्गा पूजा के मौके पर बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। 30 सितंबर (मंगलवार): त्रिपुरा, ओडिशा, असम, मणिपुर, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में महा अष्टमी/दुर्गा पूजा पर बैंकों का अवकाश रहेगा।

पूर्व विधायक नलिन कोटडिया और अन्य 13 आरोपियों को गुजरात बिटकॉइन केस में उम्रकैद

अहमदाबाद  गुजरात के बहुचर्चित बिटकॉइन घोटाले में अहम फैसला सुनाते हुए स्पेशल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने आज शुक्रवार को पूर्व विधायक नलिन कोटडिया, अमरेली के पूर्व एसपी जगदीश पटेल और पूर्व पीआई अनंत पटेल सहित 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाया कि सभी आरोपी 2018 में सामने आए 12 करोड़ रुपए मूल्य के 176 बिटकॉइन और 32 लाख रुपए नकद की जबरन वसूली और अपहरण की साजिश में शामिल थे। यह मामला नोटबंदी के बाद सुर्खियों में आया था। बता दें कि इस केस में कुल 15 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 14 को कोर्ट ने दोषी ठहराया, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।  क्या है पूरा मामला? यह मामला साल 2018 में उस समय सामने आया था, जब सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि उनसे 176 बिटकॉइन (करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य) और 32 लाख रुपये नकद की जबरन वसूली की गई। इसमें पुलिस अफसरों से लेकर राजनेता और वकील तक शामिल थे। शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल और उनकी टीम ने सरकारी वाहनों का इस्तेमाल करते हुए उनका अपहरण किया और उन्हें गांधीनगर के पास एक जगह ले जाकर 176 बिटकॉइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, बिटकॉइन ट्रांसफर होने के बाद भी उनसे फिरौती की मांग की गई। सीआईडी क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच की, जिसमें तत्कालीन अमरेली एसपी जगदीश पटेल, सूरत के वकील केतन पटेल और अन्य 10 पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व विधायक नलिन कोटडिया इस पूरे मामले में ‘फिक्सर’ की भूमिका में थे। अगस्त 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत शैलेश भट्ट को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि भट्ट ने खुद भी बिटकनेक्ट के प्रमोटर सतीश कुंभानी के दो कर्मचारियों का अपहरण कर 2,091 बिटकॉइन, 11,000 लाइटकॉइन और 14.50 करोड़ रुपए नकद वसूले थे। सतीश कुंभानी पर 2017-18 में बिटकनेक्ट नामक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। जनवरी 2018 में उन्होंने अचानक बिटकनेक्ट और उसका लेंडिंग प्लेटफॉर्म बंद कर दिया और निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए। यह पूरा मामला गुजरात के सबसे हाई-प्रोफाइल साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग केस में से एक बन गया है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और आपराधिक गठजोड़ साफ तौर पर उजागर हुआ है।

एशिया कप हॉकी: भारत ने राजगीर में चीन को 4-3 से हराया, भारतीय टीम का विजयी आगाज

राजगीर भारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप 2025 में जीत के साथ आगाज किया है. 29 अगस्त (शुक्रवार) को बिहार के राजगीर में खेले गए मुकाबले में भारत ने चीन को 4-3 से हराया. भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने तीन गोल (20वें मिनट, 33 वें मिनट और 47वें मिनट) दागे. जबकि जुगराज सिंह ने एक गोल (18वें मिनट) किया. चीन की तरफ से दु शिंहाओ (12वें मिनट), चेन बेनहाई (35वें मिनट) और गाओ जिशेंग (41वें मिनट) गोल करने में सफल रहे. भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 31 अगस्त को जापान का सामना करेगी. मुकाबले में पहले क्वार्टर में भारतीय टीम चीन पर हावी रही, लेकिन वो कोई गोल नहीं कर पाई. दूसरी ओर दु शिंहाओ ने खेल के 12वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके चीनी टीम को 1-0 की लीड दिला दी. फिर दूसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारतीय टीम को बराबरी दिला दी. इसी क्वार्टर के पांचवें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी गोल किया, जिसके चलते भारत ने 2-1 की लीड ले ली. हाफटाइम तक स्कोर यही रहा. इसके बाद तीसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 3-1 की लीड दिला दी. हालांकि कुछ मिनट बाद ही चेन बेनहाई ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 3-2 कर दिया. गाओ जिशेंग ने तीसरे क्वार्टर के 11वें मिनट में गोल दागा जिससे स्कोर 3-3 हो गया. फिर चौथे एवं आखिरी क्वार्टर के दूसरे मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 4-3 की निर्णायक लीड दिलाई. भारत ने कितनी बार जीता एशिया कप? एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का ये 12वां संस्करण है. भारतीय टीम अब तक तीन बार एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट अपने नाम कर चुकी है. भारतीय टीम ने 2003, 2007 और 2017 में खिताब जीता था. पाकिस्तानी टीम भी तीन बार (1982, 1985, 1989) एशिया कप में विजेता रह चुकी है. साउथ कोरिया ने सर्वाधिक पांच बार (1994, 1999, 2009, 2013, 2022) एशिया कप जीता है. भारत को पूल-ए में चीन, कजाकिस्तान और जापान के साथ रखा गया है. जबकि पूल-बी में साउथ कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे की टीमें हैं. देखा जाए तो कजाकिस्तान की टीम तीन दशक में पहली बार एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भाग ले रही है. कजाकिस्तान ने ओमान की जगह ली है. उधर बांग्लादेश ने पाकिस्तान का स्थान लिया है. पाकिस्तानी टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था. दोनों पूल से शीर्ष पर रहने वाली दो-दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी. खिताबी मुकाबला सात सितंबर को खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले साल 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेगी. यानी भारत के पास एशिया कप खिताब जीतकर वर्ल्ड कप का टिकट पाने का बेहतरीन मौका है. भारत ने पहला मौका गंवा दिया क्योंकि वह खराब प्रदर्शन के चलते एफआईएच प्रो लीग में सातवें स्थान पर खिसक गया था. एशिया कप के लिए भारत का स्क्वॉड गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक. डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय, जुगराज सिंह. मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह. फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा.