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मोदी बोले- अस्थिर हालात में भारत और चीन का साथ आना बड़ी बात

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बहुप्रतीक्षित चीन दौरे से पहले भारत और चीन के संबंधों पर बातचीत की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को जापानी अखबार द योमिउरी शिंबुन को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उनकी यह यात्रा चीन के साथ स्थिर द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि इंडो पैसिफिक रीजन में शांति बनाए रखने और वैश्विक अस्थिरता के बीच चीन के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बेहद जरूरी हैं। प्रधानमंत्री ने चीन की यात्रा और चीन के साथ संबंधों पर पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में कहा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर मैं शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां से तियानजिन जाऊंगा। पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति हुई है।" पीएम मोदी ने आगे कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े देशों के बीच इस साझेदारी से पूरे क्षेत्र की समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, “दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।” प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों का समाधान करने के लिए बातचीत को बढ़ाने के लिए तैयार है।” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली से जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। जापान दौरे के बाद प्रधानमंत्री तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।  

CM मोहन यादव बोले – मध्यप्रदेश के कण-कण में बसा है सौंदर्य

सीएम ब्लॉग भोपाल  भारत का हह्यदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उदयोग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है। मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी है। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है। प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दये, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता है। हमारे वन जीवत है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते है। प्रधानमवी नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चौता प्रदेश बन गया है। चौतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है। सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वरा महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गाँड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गौड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य चल गया है. जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उदयान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उदयोग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमपर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है। ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ओफ आनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शूल्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में टैपल ऑफ जीरो के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया। धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक लोगों और स्मारकों का निर्माण अध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर देवी लोक सलकनपुर सीहोर रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली हनुमान लोक पांढुर्ना, पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवामाता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, मा नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर देवी अहिल्या लॉक खरगौन और नागलवाडी लोक बड़वानी में किया जा रहा है। एक और जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही है। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मो में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ते जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिसमें से 63 पर्यटन याम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गाव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गॉड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय … Read more

सड़क पर लगे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ बैनर से हंगामा, इंदौर में बढ़ा विवाद

इंदौर   इंदौर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। शहर के मुस्लिम कॉलोनी में बीच सड़क पर इस्लाम जिंदाबाद के बैनर लगे हुए हैं। इसका वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बैनर को हटवा दिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि इसे किसने लगवाया था। बैनर पर लिखा था इस्लाम जिंदाबाद इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ बैनर लगाए गए थे। इन बैनरों पर 'इस्लाम जिंदाबाद' लिखा हुआ था। वीएचपी के कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाने पहुंचकर दी शिकायत वीएचपी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज थाने पहुंचे। उन्होंने एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बैनर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने कहा कि ऐसे बैनर धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। उनका कहना था कि यह एकतरफा प्रचार करने का तरीका है। उन्होंने पुलिस से इस पर कार्रवाई करने की मांग की। विवादित बैनर जिंसी चौराहे पर लगाए गए थे, जिसकी जानकारी मिलते ही हिंदूवादी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज पहुंचे और एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने बताया कि यह बैनर धार्मिक भावनाएं भड़काने और एकतरफा प्रचार के उद्देश्य से लगाए गए हैं। शिकायत के बाद मल्हारगंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद को देखते हुए बैनर तत्काल हटा दिए गए। पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बैनर को तुरंत हटा दिया वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बैनर को हटा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर सड़क पर यह बैनर किसने लगाए थे। साथ ही उनका मकसद क्या था। लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर से विवाद पर पार्टी की नाराज़गी, विधायक नरेंद्र कुशवाह को BJP ने लगाई फटकार

भोपाल  भिंड कलेक्‍टर से अभद्रता व हाथापाई की कोशिश मामले के सामने आने के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने उन्‍हें भोपाल बुलाकर कड़े शब्‍दों में चेतावनी दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पार्टी ने अपनी साख बचाने के लिए अपने बेलगाम विधायक को समझाइश देकर डेमेज कंट्रोल की शुरुआत की है। इस क्रम में भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने नरेंद्र कुशवाह से चर्चा की। विधायक ने संगठन महामंत्री से की मुलाकात भोपाल में कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने उनके व्यवहार को गंभीर मानते हुए साफ चेतावनी दी कि 'आपका आचरण पार्टी लाइन के खिलाफ है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना स्वीकार्य नहीं होगी।' अन्य जिलों के विवाद बड़वानी– प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कलेक्टर काजल जावला को हटाने की मांग मुख्यमंत्री से की। भोपाल- सांसद आलोक शर्मा ने निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पर फोन न उठाने का आरोप लगाकर बैठक छोड़ दी थी। डिंडोरी- विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर अभद्रता और योजनाएं बिगाड़ने के आरोप लगाए। मंडला– विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रशिक्षु IAS आकिब खान पर घर में घुसकर उनकी मां को धक्का देने का आरोप लगाया। रायसेन– राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई न करने को लेकर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को घेरा। ग्वालियर- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी को कांग्रेस समर्थक बताकर मुख्यमंत्री से हटाने की मांग की। सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव केके सिंह का कहना है – 'विवाद की स्थिति आनी ही नहीं चाहिए। चाहे जनप्रतिनिधि हों या प्रशासनिक अधिकारी, सभी को संयमित रहना चाहिए। पहले अधिकारी और नेता बहुत शालीनता से रहते थे, लेकिन अब माहौल बिगड़ता जा रहा है।'

पश्चिम बंगाल में SIR का श्रीगणेश, भर्ती प्रक्रिया शुरू, तैयारियों में तेजी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की तीखी आलोचना करने के बावजूद राज्य में यह कवायद जल्द ही शुरू हो रही है. निर्वाचन आयोग ने इसका श्रीगणेश कर दिया है. आयोग के निर्देश पर राज्य प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओएस) की नियुक्ति का निर्देश दिया है. बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की लंबित नियुक्ति को भी निश्चित समय सीमा में भरने को कहा गया है. राज्य प्रशासन को यह निर्देश पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी सीईओ मनोज अग्रवाल के पत्र के जरिए दिया गया है. इसमें राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को ईआरओएस और एईआरओएस के सभी रिक्त पदों को भरने के लिए कहा गया है. सीईओ अग्रवाल ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) या डीएम (जिला मजिस्ट्रेट) को भी इस बाबत पत्र भेजा है. राज्य में बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ की भर्ती प्रक्रिया पहले से ही चल रही है. इसे शुक्रवार तक पूरा करना है. 'एसआईआर के लिए तैयार रहें' अगले चुनाव के लिए बनाई जा रही व्यवस्था के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लगभग 80,000 मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 95,000 से अधिक हो जाएगी. निर्वाचन आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इन पत्रों का उद्देश्य बंगाल में एसआईआर शुरू करने के लिए तैयार रहना है. जब भी निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी कर इसकी घोषणा करे काम तत्काल आगे बढ़े. इसीलिए मुख्य सचिव ने सभी डीएम के साथ बैठक में सभी ईआरओ और एईआरओ को नियुक्त करने का आदेश दिया है. शुक्रवार तक पूरी करनी होगी बीएलओ भर्ती की प्रक्रिया राज्य के सभी जिलाधिकारियों को कहा गया है कि ईआरओ पदों पर डिप्टी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए. आमतौर पर एसडीओ (उप-विभागीय अधिकारी) स्तर के अधिकारियों को ईआरओएस के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए. हालांकि, यदि उस स्तर का कोई अधिकारी उपलब्ध न हो, तो वरिष्ठ डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों को ईआरओ को भी ये जिम्मेदारी दी जा सकती है. वर्तमान में राज्य भर में एईआरओ के 610 पद रिक्त हैं. इनके लिए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी है. बीएलओ भर्ती की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है. इसे शुक्रवार तक पूरा करना है. उसके बाद 95,000 मतदान केंद्रों, बीएलओ पर्यवेक्षकों के इन पदों पर भर्ती और 'रिजर्व' की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.  बिहार में दूसरे चरण के सिर्फ चार दिन बाकी इस बीच, बिहार में मतदाता सूची के दूसरे चरण के समापन में केवल चार दिन शेष रह गए हैं. राज्य विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल राजद ने तीन शिकायतें दर्ज कराकर इस प्रक्रिया में प्रवेश कर लिया है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि कुल 1.95 लाख आवेदन मतदाताओं से प्राप्त हुए हैं, जिनमें सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के 79 आवेदन शामिल हैं.  उन्होंने बताया कि ईसीआई को व्यक्तिगत मतदाताओं से प्राप्त कुल 1,95,802 आवेदनों में से 24,991 का निपटारा ईआरओ द्वारा किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियां की अवधि, जो 1 अगस्त को शुरू हुई थी, 1 सितंबर तक सक्रिय रहेगी. सिर्फ सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और आरजेडी ने दर्ज कराईं शिकायतें   अधिकारियों ने बताया कि सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और आरजेडी ही दो राजनीतिक दल हैं जिन्होंने अब तक मसौदा सूची से संबंधित 82 शिकायतें दर्ज करते हुए आपत्तियां दर्ज कराई हैं. उन्होंने आगे बताया कि बार-बार अपील के बावजूद, अन्य राजनीतिक दलों ने संशोधन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लिया है.  उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से अब तक 8,51,788 नए मतदाताओं ने, जो एसआईआर के शुरू होने के बाद 18 वर्ष के हो गए हैं, नामावलियों में शामिल होने के लिए आवेदन किया है और उनमें से 37,050 फार्मों का निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा निपटारा किया जा चुका है.

BCCI में बड़ा बदलाव: राजीव शुक्ला को मिली कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी

नई दिल्ली बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। नए अध्यक्ष के चुने जाने तक राजीव शुक्ला बीसीसीआई के कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह इससे पहले उपाध्यक्ष की भूमिका में थे। सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को बीसीसीआई के एपेक्स कमिटी की बैठक हुई शीर्ष परिषद की बैठक की अध्यक्षता राजीव शुक्ला ने की। बैठक के मुख्य अजेंड में स्पॉन्सरशिप था। उसमें ड्रीम11 से करार खत्म होने और अगले दो-ढाई साल के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश को लेकर चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया कप में दो हफ्ते भी नहीं बचे हैं, इसलिए तब तक नया स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, 'अब दो सप्ताह भी नहीं बचे हैं। हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन नई निविदा निकालना, कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और बाकी तकनीकी चीजों में समय लगता है।' सूत्र ने शॉर्ट टर्म यानी सिर्फ एशिया कप के लिए अलग प्रायोजक लाने के सवाल पर कहा कि ऐसी नहीं करेंगे। फोकस 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक के लिए प्रायोजक लाने पर है। राजीव शुक्ला नए बीसीसीआई अध्यक्ष का चुनाव होने तक कार्यवाहक प्रमुख की भूमिका में रहेंगे। राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून बन जाने के बावजूद बीसीसीआई को अगले महीने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग कराने के अलावा चुनाव भी कराने होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई चुनाव को नहीं टाल सकता क्योंकि सरकार ने जो खेल कानून बनाया है, अभी उसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उसे अधिसूचित होने में कुछ महीने लग सकते हैं लिहाजा बीसीसीआई ने चुनाव नहीं टालने का फैसला किया है। वर्तमान में बीसीसीआई का प्रशासन लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बने संविधान के हिसाब से चलता है। जब तक संसद से पारित नए खेल कानून की अधिसूचना जारी नहीं हो जाती, तब तक बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों को उसी संविधान से चलना होगा। उन पर लोढ़ा समिति की सिफारिशें ही लागू रहेंगी। उसके हिसाब से पदाधिकारी 70 वर्ष की उम्र के बाद पद नहीं संभाल सकते। नए कानून की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्र का ये बंधन नहीं रहेगा।  

छिंदवाड़ा सांसद की मांग पर नितिन गडकरी ने दी बड़ी सौगात, 2 घंटे में प्रोजेक्ट मंजूर

छिन्दवाड़ा  मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की दूरी अब आधे समय में तय होगी. इसके लिए केंद्र सरकार मप्र के सिवनी से महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन बनाने की तैयारी कर रही है. यह घोषणा खुद केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की है. यानी अब मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर और भी तेजी से किया जा सकेगा. 2 घंटे में मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर होगा तय मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सावनेर तक अभी 2 लेन नेशनल हाईवे 547 है. केंद्र सरकार अब इसका विस्तार करते हुए इसे फोर लाइन में कन्वर्ट कर रही है. जबलपुर में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा भी की थी. वर्तमान में मौजूद रास्ते से सफर करने में 4 से 5 घंटे लगते हैं लेकिन जब यह फोर लाइन बन जाएगा तो मात्र 2 घंटे में ये दूरी तय हो सकेगी. क्योंकि सावनेर के बाद नागपुर से भोपाल को जोड़ने वाला फोरलेन पहले से बनकर तैयार है. 2500 करोड़ होंगे खर्च, 6 महीने में काम होगा शुरू केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. इसका काम आने वाले 6 महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा जिससे लोगों को सफर में आसानी हो सके. करीब 150 किलोमीटर की इस फोरलेन से सिवनी छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के कई गांवो को भी व्यापारिक फायदा होगा. सांसद ने की थी गकरी से डिमांड मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर नेशनल हाईवे 547 को सिवनी से सावनेर तक चौड़ीकरण करने के लिए डिमांड की थी इसके बाद गडकरी ने उन्हें इस मांग को पूरा करने का वादा किया था और कुछ दिन बाद ही इसकी घोषणा खुद नितिन गडकरी ने कर दिया.

MP में दो स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर में 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। रायसेन में हुई 2 इंच बारिश  गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन तेज बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। रायसेन में पौने 2 इंच बारिश हो गई जबकि छिंदवाड़ा में सवा इंच पानी गिरा। गुना, इंदौर, शाजापुर, धार, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। अगले 24 घंटे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग की सीनियर  वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- मानसून टर्फ और लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) की वजह से गुरुवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। ऐसा ही मौसम अगले 24 घंटे के दौरान भी देखने को मिलेगा। प्रदेश में अब तक 36.2 इंच बारिश प्रदेश में अब तक औसत 36.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 90 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 0.8 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। भोपाल, इंदौर-रायसेन में सड़कें बनीं तालाब इससे पहले गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन की सड़कें तालाब बन गईं। भोपाल के कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। पीएचक्यू के पीछे छोटा तालाब किनारे की सड़क पर पानी भरने से लंबा जाम लग गया। पुराने शहर में भी जलभराव जैसे हालात बने रहे। रायसेन में पौने 2 इंच बारिश हो गई जबकि छिंदवाड़ा में सवा इंच पानी गिरा। गुना, इंदौर, शाजापुर, धार, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। एक घंटे की बारिश में डूबा इंदौर, अब 26 जिलों में 72 घंटे भारी-कहीं मूसलाधार बारिश की चेतावनी तेज बारिश के बाद गुरुवार शाम को सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर मेट्रो स्टेशन के सामने पानी भर गया। जल निकासी नहीं होने से सड़क के दोनों ओर दो से ढाई फीट तक पानी भरा रहा। यह स्थिति लगभग दो किलोमीटर के हिस्से में रही। इससे कार, दो पहिया और ऑटो चालक काफी परेशान हुए। दो दर्जन से अधिक दो पहिया वाहन इंजन में पानी जाने से बंद भी हुए। लोगों ने जल जमाव व परेशानी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। राहगीर मनोज मालाकार ने बताया कि गांधी नगर मेट्रो स्टेशन और डिपो के सामने हालात भयावह थे। दोनों तरफ पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। गांधी नगर के 6 नंबर मेट्रो स्टेशन के नीचे सुपर कॉरिडोर वाले हिस्से में पानी अधिक था। इससे दो पहिया वाहन बंद हो गए तो कुछ दो पहिया वाहन चालकों के हेलमेट भी बह गए। जिनके वाहन बंद हुए, वे मुश्किल से उन्हें निकाल पाए। लगी वाहनों की लंबी कतार सुपर कॉरिडोर के दोनों तरफ पानी भरने से लोग एक से दो घंटे तक परेशान होते रहे। टीसीएस से लेकर गांधी नगर मेट्रो स्टेशन तक यही स्थिति रही। कार व दो पहिया वाहनों के निकलने व डिवाइडर से पानी टकराकर आने से लहरों जैसा दृश्य बन गया था। जल जमाव के कारण वाहनों की लंबी कतार लगी रही। जगह- जगह सड़कों पर भरा पानी इंदौर में गुरुवार को तेज बारिश से पश्चिम क्षेत्र स्थित मेट्रो स्टेशन 6 की सड़कों पर काफी पानी भर गया था। यहां जल निकासी के रास्ते नहीं छोड़े गए हैं। इससे कई वाहनों के पहिए सड़क पर भरे पानी में आधे-आधे तक डूब गए और पानी घुसने से इंजन बंद हो गए थे। आधी रात के बाद यहां पानी कम हुआ। हालांकि दिनभर में 13.8 (आधा इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई। इस मिलाकर सीजन में अब तक 521.8 मिमी (20.5 इंच बारिश) हो चुकी है। कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान अभी मध्य प्रदेश में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.3 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.1 इंच और श्योपुर में 50.2 इंच बारिश हुई है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 17.8 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 20.1 इंच, खरगोन में 19.5 इंच, खंडवा में 20.9 इंच और बड़वानी में 20.5 इंच पानी गिरा है। एमपी में अब तक 36.2 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 36.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 90 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 0.8 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।  

पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में बड़ी भूमिका

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के तौर पर उनके कार्यकाल को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है।  उनकी यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए होगी।   अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट की सहमति के बाद उर्जित पटेल को इस बेहद महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया और केंद्र सरकार के 28 अगस्त के नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने दिसबंर 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के पद से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल सितंबर 2019 तक था, लेकिन इसके पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। वे एनआईपीएफपी के चेयरमैन के रूप में भी काम कर चुके हैं। 

PAK पर मिसाइल हमले की तैयारी में थे 15 MiG-29K, इंडियन नेवी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया. वाइस एडमिरल तरुण सोबती, डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS) ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान  एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर 15 मिग-29के फाइटर जेट्स तैनात थे.  मध्य प्रदेश के डॉ. अंबेडकर नगर में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित तीनों सेनाओं के 'रण संवाद-2025' में नौसेना की त्वरित और दृढ़ कार्रवाइयों के बारे में बताया. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 से 10 मई 2025 तक ऑपरेशन सिंदूर चला था. पहलगाम हमले से शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें हिंदू पुरुषों को निशाना बनाकर 26 पर्यटकों की हत्या की गई. 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने जिम्मेदारी ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी है.  भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद समर्थन का आरोप लगाया. 7 मई को भारत ने मिसाइल हमले शुरू किए, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 स्थानों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले नागरिक क्षेत्रों पर हुए, जिसमें 31 मौतें हुईं. भारत ने कहा कि केवल आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया गया. यह ऑपरेशन 10 मई को समाप्त हुआ, लेकिन इससे पहले तनाव बढ़ा, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले हुए. नौसेना का रोल समुद्री ब्लॉकेड और निगरानी में था. वाइस एडमिरल सोबती ने बताया कि नौसेना का द्विवार्षिक थिएटर-लेवल एक्सरसाइज TROPEX पहले से ही पश्चिमी समुद्री तट पर संपत्तियों को तैनात कर चुका था. 96 घंटों के अंदर सभी ऑपरेशनल जहाज समुद्र में तैनात हो गए. हम बंदरगाह लौटे, गोला-बारूद की पूर्ति की (क्योंकि जहाज हमेशा पूरी तरह लोड नहीं होते) और सभी जहाजों व पनडुब्बियों को तैयार करके फिर समुद्र में उतर गए.   आईएनएस विक्रांत का रोल: 15 मिग-29के के साथ ताकत का प्रतीक ऑपरेशन का केंद्र था आईएनएस विक्रांत. भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर. इस पर 15 मिग-29के फाइटर जेट्स तैनात थे, जो डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट्स और पनडुब्बियों वाले टास्क फोर्स का बैकबोन बने. विक्रांत कराची के दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय जल में तैनात होकर डी फैक्टो ब्लॉकेड स्थापित किया, जिससे पाकिस्तानी नौसेना अपने बंदरगाहों तक सीमित हो गई. वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि हमने विक्रांत पर 15 मिग-29के चढ़ाए और समुद्र में तैयार हो गए. उद्देश्य फॉरवर्ड और डिटरेंट पोस्चर बनाए रखना था, ताकि विरोधी नौसेना हमें, हमारे व्यापार मार्गों, आर्थिक जीवनरेखाओं या तट को धमकी न दे सके. यह रणनीति सफल रही. उन्होंने कहा कि हम सफल रहे, क्योंकि हम पाकिस्तानी नौसेना को तट के पास बांध सके. उनके पास मैन्युवर की आजादी नहीं थी, वे बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सके. हमने वह पोस्चर बनाए रखा. नौसेना की उपस्थिति सैटेलाइट, विमान, UAVs और तटीय रडार से समुद्री डोमेन अवेयरनेस से मजबूत हुई, जिससे पाकिस्तानी यूनिट्स बिना सीधे लड़ाई के निष्क्रिय हो गईं. नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर: बिना बॉर्डर क्रॉस किए लक्ष्य हासिल ऑपरेशन सिंदूर ने नौसेना की 'नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर' क्षमता दिखाई, जिसमें एडवांस्ड इंटेलिजेंस, लॉन्ग-रेंज मिसाइल्स और अनमैनेड सिस्टम्स से रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल किया. सोबती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से नौसेना के अलावा पूरी सशस्त्र सेनाओं ने कई सबक सीखे. कुछ उपाय लागू हो चुके, बाकी तेजी से हो रहे हैं.      लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक: दुश्मन क्षेत्र में न घुसते हुए लैंड और सी टारगेट्स को प्रभावित करने की क्षमता बढ़ानी होगी .     काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स: लो-कॉस्ट UAVs का खतरा बढ़ा है, जैसे रेड सी और एडेन गल्फ में हूती हमलों में. मिलियन डॉलर के महंगे SAMs से लो-कॉस्ट UAVs को नष्ट करना महंगा है. हमें काउंटर-UAV सिस्टम विकसित करने होंगे.     इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मैनेजमेंट: काउंटर-UAV जैमर्स से नौसेना के रडार प्रभावित हो सकते हैं. जहाज पहले से उपकरणों से भरे हैं, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वातावरण घना है.  नए ट्रांसमिटिंग सिस्टम्स जोड़ने से अपनी रडार क्षमता बाधित हो सकती है.  भविष्य के युद्धों के लिए सबक नौसेना की भूमिका समुद्री ब्लॉकेड में थी, जो पाकिस्तानी नौसेना को कराची बंदरगाह तक सीमित रखी. सोबती ने कहा कि नौसेना के कर्मी रैरिंग टू गो थे. एस्केलेशन लैडर कंट्रोल्ड था, क्योंकि मिलिट्री और पॉलिटिकल एम जल्द हासिल हो गया. अगर विरोधी बढ़ाता, तो हम तैयार थे.