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MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकारा, गृह मंत्रालय को भेजी आगे की कार्रवाई के लिए फाइल

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा मंजूर किया। सोमवार शाम को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा था। इसी के बाद से सियासी पारा चढ़ गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 में पूरा होना था.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे इस्तीफे में धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों को का इसका कारण बताया है. धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. नियमानुसार इसकी कोई समय सीमा तो नहीं है, लेकिन चुनाव जल्द से जल्द कराना होगा. धनखड़ ने इस्तीफा ऐसे समय दिया है, जब बीजेपी अपने नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है. धनखड़ के इस्तीफे से बीजेपी का काम बढ़ गया है.  धनखड़ के इस्तीफे पर बोले PM मोदी- उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना जगदीप धनखड़ के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है । पीएम ने क्या लिखा प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हाल ही में हुई थी एंजियोप्लास्टी धनखड़ (74) ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। हाल में उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी हुई थी और इस वर्ष मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ अवसरों पर उनकी हालत ठीक नहीं दिखी थी, लेकिन संसद सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊर्जावान ही दिखे। वहीं, विपक्ष उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल उठा रहा है। कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ सोमवार को कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। वहीं, भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। अब बीजेपी क्या करेगी जगदीप धनखड़ जनता दल और कांग्रेस से होते हुए बीजेपी में शामिल हुए थे. धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी को उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. उसके पास अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश के साथ ही नए उपराष्ट्रपति के तलाश का भी काम आ गया है. बीजेपी इस समय केंद्र में गठबंधन की सरकार चला रही है. उसे चंद्रबाबू नायडू के तेदेपा, नीतीश कुमार के जेडीयू और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ-साथ कई और छोटे दलों का समर्थन हासिल हैं. इसलिए बीजेपी को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की तलाश में सहयोगी दलों के हितों का भी ध्यान रखना होगा. नए उम्मीदवार में उसे संसदीय परंपराओं की जानकारी के साथ-साथ सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता का भी ध्यान रखना होगा. संसद के मानसून सत्र में सरकार कई विधयेक लेकर आने वाली है, वहीं वन नेशन, वन इलेक्शन, जैसा बिल भी लाया जाना है. इसे पास कराने में नए उपराष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.  बीजेपी के अध्यक्ष की तलाश बीजेपी को ये दोनों काम ऐसे समय करने पड़ रहे हैं, जब लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है. ऐसे में बीजेपी को एक ऐसे अध्यक्ष की तलाश है, जो लगातार चौथी बार पार्टी की जीत का रास्ता बना सके. बीजेपी के नए अध्यक्ष पर उम्मीदों का बड़ा बोझ होगा. उसके सामने अमित शाह जैसे प्रदर्शन की चुनौती होगी. वहीं बीजेपी को एक ऐसे उपराष्ट्रपति पद के लिए एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी होगी, जिसमें सदन के सुचारु रूप से चलाने की क्षमता हो.क्योंकि आने वाला समय बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. नरेंद्र मोदी सरकार कई ऐसे बिल लेकर आ रही है, जिन्हें सुचारू रूप से पास कराना चुनौती होगी.  इन सबके बाद संगठन और सरकार में भी नए बदलाव की उम्मीद की जा रही है. कैबिनेट में विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसी भी चर्चाएं हैं कि कुछ मंत्रियों को संगठन और कुछ नेताओं को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है.इसकी संभावना काफी दिनों से जताई जा रही है.  कब और कैसे मिलेगा देश को नया उपराष्ट्रपति? जानिए जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासी भूचाल ला दिया है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है. मानसून सत्र के पहले दिन ही धनखड़ के इस्तीफे से हलचल बढ़ गई. इस इस्तीफे के बाद अब सवाल है कि आगे क्या होगा? चलिए इसे विस्तार से समझते हैं. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने से उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है. अब सवाल है कि जगदीप धनखड़ का उत्तराधिकारी कौन होगा? दरअसल, भाजपा नीत एनडीए को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है. भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है. राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है. जगदीप धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. अब कौन संभालेगा कमान? संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया. अब राज्यसभा में सभापति … Read more

पाक सीमा पर मंडराएगा अपाचे का कहर: अमेरिका ने भारत को सौंपे खतरनाक युद्धक हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली भारतीय सेना की रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिली है। अमेरिका से बोइंग एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था आज भारत को सौंप दिया। इन अत्याधुनिक युद्धक हेलीकॉप्टरों को राजस्थान के जोधपुर में तैनात किया जाएगा, जो भारतीय सेना की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस उपलब्धि को रक्षा क्षेत्र में एक ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है, क्योंकि ये हेलीकॉप्टर सेना को युद्धक्षेत्र में अभूतपूर्व ताकत और सटीकता प्रदान करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज ‘बोइंग’ ने मंगलवार को भारतीय सेना को तीन अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर सौंपे। एएच-64 अपाचे दुनिया के सबसे एडवांस बहुउद्देशीय लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक है और इसे अमेरिकी सेना भी उड़ाती है। सेना की मारक क्षमता में इजाफा ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना के लिए खरीदे गए छह अपाचे हेलीकॉप्टरों की पहली खेप हैं। बता दें कि हेलीकॉप्टरों 5,691 करोड़ रुपये के सौदे का हिस्सा हैं। इनकी तैनाती जोधपुर में की जाएगी, जहां सेना ने करीब 15 महीने पहले अपना पहला अपाचे स्क्वाड्रन खड़ा किया था। सेना के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा, “भारतीय सेना के लिए खरीदे गए पहले अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भारत पहुंच चुके हैं। इन्हें जोधपुर में तैनात किया जाएगा।” बचे हुई तीन हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी वर्ष 2025 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। अपाचे AH-64E गार्जियन को "आसमान का टैंक" कहा जाता है, क्योंकि ये घातक मारक क्षमता, लंबी दूरी तक अभियान चलाने की क्षमता और नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर जैसी तकनीकों से लैस हैं। यह हेलीकॉप्टर विशेष रूप से उन अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां दुश्मन की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो। इसमें एडवांस नाइट विजन, हर मौसम में लक्ष्य साधने की क्षमता और श्रेष्ठ नेविगेशन सिस्टम मौजूद हैं, जो इसे किसी भी तरह के हमले या रक्षा अभियान के लिए बेहद कारगर बनाते हैं। सेना में अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती वायुसेना के साथ संयुक्त अभियानों में भी एक बड़ी रणनीतिक बढ़त मानी जा रही है। भारतीय वायुसेना पहले से ही दो स्क्वाड्रन अपाचे चला रही है- एक पठानकोट में और दूसरा जोरहाट, असम में। डिलीवरी में हुई देरी इस डिलीवरी में देरी वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं और बदलते भू-राजनीतिक हालातों के कारण हुई। ये हेलीकॉप्टर मई-जून 2024 तक भारत आने वाले थे, लेकिन डिलीवरी में विलंब हो गया। इन हेलीकॉप्टरों की खरीद का समझौता वर्ष 2020 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हुआ था, जिसकी कुल कीमत लगभग 600 मिलियन डॉलर (5,691 करोड़ रुपये) थी। गौरतलब है कि इससे पहले 2015 में भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिए 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए अलग समझौता किया था, जिसकी डिलीवरी 2020 के मध्य तक पूरी कर ली गई थी। इन नई अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती के साथ भारतीय सेना की हमलावर शक्ति और समन्वित युद्ध क्षमता को नया बल मिलेगा, खासकर पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर। अपाचे हेलीकॉप्टरों की फीचर्स बोइंग एएच-64ई अपाचे को दुनिया के सबसे उन्नत हमलावर हेलीकॉप्टरों में से एक माना जाता है। ये हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। शक्तिशाली हथियार प्रणाली: हेलीकॉप्टर में हेलफायर मिसाइलें, रॉकेट और 30 मिमी ऑटोमैटिक तोप शामिल हैं, जो दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से नष्ट करने में सक्षम हैं। एडवांस सेंसर और नेविगेशन: रात में और प्रतिकूल मौसम में भी ऑपरेशन की क्षमता, जिससे यह हर स्थिति में प्रभावी है। उच्च गतिशीलता: अपाचे की डिजाइन इसे तेज और फुर्तीला बनाती है, जो युद्धक्षेत्र में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आदर्श है। आधुनिक संचार प्रणाली: यह हेलीकॉप्टर अन्य सैन्य इकाइयों के साथ समन्वय में बेहतर प्रदर्शन करता है। इन हेलीकॉप्टरों को जोधपुर में तैनात करने का निर्णय सामरिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। जोधपुर, पश्चिमी सीमा के करीब होने के कारण, एक रणनीतिक स्थान है। यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट है, जहां सेना को तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है। अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती से इस क्षेत्र में सेना की ऑपरेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यूक्रेनी विमान से भारत लाए गए अपाचे हेलीकॉप्टर इन अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों को यूक्रेन की एंटोनोव एयरलाइंस के विशाल एंटोनोव एन-124 रुसलान द्वारा अमेरिका के एरिजोना से सीधे भारत के हिंडन एयर बेस पर लाया गया। इस विमान पर "बी ब्रेव लाइक बुचा" लिखा हुआ था, जो यूक्रेन के बुचा शहर के साहस और प्रतिरोध का प्रतीक है। एंटोनोव एन-124 दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य परिवहन विमान है, जो भारी और विशाल कार्गो को लंबी दूरी तक ले जाने में सक्षम है। एंटोनोव एन-124 पर लिखा "बी ब्रेव लाइक बुचा" नारा यूक्रेन के बुचा शहर की वीरता और रूसी आक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध को श्रद्धांजलि देता है। एंटोनोव एयरलाइंस ने अपनी विमान बेड़े को यूक्रेन के उन शहरों के नाम पर समर्पित किया है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रभावित हुए। यह नारा न केवल यूक्रेनी लोगों की बहादुरी को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर उनकी एकजुटता और दृढ़ता का प्रतीक भी है। एंटोनोव एन-124 रुसलान, जिसे 1980 के दशक में यूक्रेन के एंटोनोव डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया गया था, दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य परिवहन विमान है।

भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी: मंत्री जायसवाल

पुत्र मोह में भूपेश ने पूरी कांग्रेस को झोंका भूपेश के बेटे कांग्रेस के कौन से पद पर है जो कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी भाजपा ने पत्रकार वार्ता में किया कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश जारी किए,कोयला आबंटन और पेड़ों की कटाई के भूपेश बघेल सरकार के कई दस्तावेज भूपेश बघेल झूठ की फैक्ट्री, कोयला आबंटन के लिए कई पत्र लिखे ,परमिशन दिलवाई एमसीबी/चिरमिरी  श्यामबिहारी जायसवाल .ने आज चिरमिरी स्थित श्यामली गेस्ट हॉउस मे  आहूत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शाशन के स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक माननीय श्याम बिहारी जायसवाल. ने कहा कि कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा हमने पहले भी बड़े-बड़े ऐसे उदाहरण देखें हैं जिसमें लोगों ने पुत्र मोह में खुद को भी बर्बाद किया और अपने पूरे साम्राज्य को भी बर्बाद किया भूपेश बघेल इस दिशा में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है और साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो की प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।   कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है। भाजपा ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों एवं दस्तावेज प्रेजेंटेशन के माध्यम से कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था।   उन्होने  कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है।   जायसवाल ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?   जायसवाल ने कहा कि यह तथ्य है कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह जी की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।  और कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई।  और कहा कि महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।  भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि:- – क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे? – क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।   – क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?    श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।

कैबिनेट बैठक : स्पेन-दुबई दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, MP को डेटा सेंटर हब बनाने की रूपरेखा तय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।  कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है। गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है। एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा। उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा     पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।     मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।     महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया। विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है। स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।  

राजौरी में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, जलभराव के चलते स्कूलों में छुट्टी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जहां एक ओर बारिश से जगह-जगह भूस्खलन (Jammu Kashmir Flood) हो रहा है तो वहीं, राजौरी में लगातार बारिश के बाद धरहाली और सकतोह नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी जिला प्रशासन ने आज जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। अगले 72 घंटे मुश्किल भरे होंगे आईएमडी ने अगले 72 घंटों में जम्मू संभाग और उधमपुर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें जनता को बाढ़/भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई। सहायता के लिए प्रशासन ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं। डीईओसी: 01992-272727, 01992-272728। पीसीआर: 01992-276915 | ईआरएसएस: 112 पर संपर्क कर सकते हैं। जम्मू में भूस्खलन में पुलिस अधिकारी घायल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को एक पुलिस अधिकारी अपनी निजी कार के जम्मू के पास बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रोबेशनरी डीएसपी सांबा में अपनी तैनाती स्थल जा रहे थे, तभी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा इलाके में बान टोल प्लाजा के पास एक सुरंग के बाहर भूस्खलन से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि अधिकारी को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है।  सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं क्योंकि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अभी तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नालियां जाम रहने से जलभराव की समस्या इस बीच, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजौरी के पीर पंजाल क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण कार्य कर रहा है ताकि संपर्क में सुधार हो और कोटरंका, समोट और बुधल जैसे बाजार क्षेत्रों में जलभराव को कम किया जा सके। बीआरओ के एक इंजीनियर संजय शर्मा ने कहा, “जहाँ भी जलभराव की समस्या है, खासकर बाज़ार वाले इलाकों में, हम कंक्रीट के फुटपाथ बना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बाज़ार में नालियाँ अक्सर जाम रहती थीं, जिससे सड़कों पर पानी भर जाता था। अब हमने उन इलाकों को कंक्रीट के फुटपाथों से ढक दिया है और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी कर रहे हैं।” भूस्खलन में दो लोगों की मौत शर्मा ने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य सुगम यात्रा सुनिश्चित करना और नियमित रखरखाव के साथ सड़क सुरक्षा बनाए रखना है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में, सोमवार को चंबा ज़िले में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के दौरान एक घर पर एक पत्थर गिर गया। पटवारी अश्वनी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “बारिश के कारण कल रात भूस्खलन हुआ। परिणामस्वरूप, एक घर पर एक बड़ा पत्थर गिर गया और इस घटना में दो लोगों की दुखद मौत हो गई। पुलिस की मदद से उनके शव मलबे से निकाले गए और चंबा अस्पताल ले जाया गया। सरकार ने पीड़ितों को तत्काल राहत भी प्रदान की। वर्तमान में, हम क्षेत्र में खतरे का आकलन कर रहे हैं और नुकसान पर एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।”  

लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या, कब और कैसे …कांग्रेस हमलावर; टाइमिंग पर उठाए सवाल

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए अपने इस्तीफे में धनखड़ ने लिखा कि वे "स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने" के लिए यह फैसला ले रहे हैं। उनके इस अचानक फैसले से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है। धनखड़ का इस्तीफा संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन आ गया। फिलहाल उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं। आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है। धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए चुनाव ‘‘जल्द से जल्द’’ कराना होगा। संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड दो के अनुसार, उपराष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या उन्हें पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से होने वाली रिक्ति को भरने के लिए चुनाव, रिक्ति होने के बाद "यथाशीघ्र" आयोजित किया जाएगा। रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति "अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष की अवधि तक" पद धारण करने का हकदार होगा। भाजपा के पास कई बड़े नेता कतार में भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है। राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है। धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। धनखड़ के पूर्ववर्ती एम वेंकैया नायडू थे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में थे। पार्टी ने 2017 में उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना था। नायडू भाजपा के अध्यक्ष भी रहे। जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को भी संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वह 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं और उन्हें सरकार का विश्वास प्राप्त है। मानसून सत्र के पहले दिन एक्टिव दिखे इंडिया टुडे की सीनियर रिपोर्टर मौसमी सिंह बताती हैं कि मानसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनखड़ पूरी सक्रियता से संसद में दिखे. संसद में उन्होंने कई मीटिंग भी ली. 21 जुलाई की शाम 6 बजे उन्होंने विपक्ष के सांसदों से मुलाकात भी की. इस दौरान उन्होंने खराब स्वास्थ्य का कोई जिक्र नहीं किया था. लेकिन 3 घंटे बाद ही उनका इस्तीफा हो गया. 23 जुलाई को जयपुर दौरा तय था जगदीप धनखड़ का ये फैसला इसलिए भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि उनके आगे के कार्यक्रम भी प्रस्तावित थे. 23 जुलाई को उनको जयपुर जाना था. वहां उपराष्ट्रपति रियल एस्टेट डेवलपर्स संघ के साथ संवाद करने वाले थे. उपराष्ट्रपति सचिवालय की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी. विपक्ष टाइमिंग पर सवाल उठा रहा है जगदीप धनखड़ के खिलाफ महाभियोग लाने वाला विपक्ष भी उनके अचानक इस्तीफे से हैरान हैं. विपक्षी नेताओं ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति के इस कदम को रहस्यमयी बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  कार्यकाल और विवादों से भरा रहा सफर जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 2027 तक था। अपने कार्यकाल के दौरान उनका विपक्ष से कई बार टकराव हुआ और उनके खिलाफ पहली बार महाभियोग प्रस्ताव लाया गया जिसे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया था। मार्च 2025 में AIIMS दिल्ली में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी और वे कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। हालांकि वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे, पर उनकी तबीयत को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही। एक सियासी तूफान आकार ले रहा था ऊपर से सामान्य दिखने वाले राजनीतिक गतिविधियों के ठीक पीछे एक सियासी तूफान आकार ले रहा था. सोमवार को सभापति जगदीप धनखड़ ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के विपक्षी सदस्यों के नोटिस को स्वीकार कर लिया. यह लगभग उसी समय (दोपहर 2 बजे) हुआ जब यह खबर आई कि निचले सदन में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के 100 से ज़्यादा सांसदों ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. लगभग 4:07 बजे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने महाभियोग प्रस्ताव पर 63 विपक्षी सांसदों से नोटिस मिलने की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने उस प्रक्रिया की याद दिलाई जब किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर दोनों सदनों में नोटिस दिए जाते हैं.  धनखड़ ने प्रक्रिया का विवरण दिया और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से यह पुष्टि करने के लिए भी कहा कि क्या निचले सदन में नोटिस दिया गया है. फिर उन्होंने एक संयुक्त समिति के गठन और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही. इस तरह पता चलता है कि उन्होंने अपने अंतिम संबोधन और उपस्थिति में भी उन्होंने अपने स्वास्थ्य या इस्तीफा देने के किसी अन्य इरादे की ओर कोई इशारा नहीं किया.  राजनाथ सिंह के घर क्या हो रहा था? शाम को संसद में राजनाथ सिंह के कार्यालय के बाहर भी काफी हलचल रही और बैठकें भी खूब हुईं. सूत्रों का कहना है कि भाजपा सांसद राजनाथ के कार्यालय में घुसे और बिना कुछ बोले ही बाहर निकल गए. एक भाजपा सांसद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनसे कोरे कागज पर दस्तखत करवाए जा रहे थे. हालांकि विपक्षी सांसद इस बात को लेकर उत्साहित थे और उन्हें विश्वास था कि महाभियोग प्रस्ताव सबसे पहले राज्यसभा में लाया जाएगा क्योंकि राज्यसभा के सभापति भारत के उपराष्ट्रपति भी होते हैं और प्रोटोकॉल के अनुसार सरकार में स्पीकर से पद में बड़े होते हैं. धनखड़ के इस्तीफे के बाद असमंजस में कांग्रेस राज्यसभा के पिछले कुछ सत्र धनखड़ के लिए एक कठिन परीक्षा थी, क्योंकि उन्होंने सहयोग किया और दोनों पक्षों की नाराज़गी झेली. विपक्षी सदस्यों ने धनखड़ पर पक्षपात करने का आरोप लगाया, उन्होंने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. इस मामले में उपसभापति ने फैसला सुनाया और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया. अब जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस असमंजस में दिख रही है. इंडिया ब्लॉक के सदस्यों … Read more

मुख्यमत्री की मंशानुरुप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई

पालकी में भगवान चन्द्रमोलेश्वर व मनमहेश हाथी पर विराजित होकर भक्तों का कुशल-क्षेम लेने उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पूरे सवारी मार्ग पर चले पैदल मुख्यमत्री की मंशानुरुप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई अलग-अलग स्थानों पर 8 जनजातीय दलों के द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में हुए शामिल उज्जैन  श्रावण माह का दूसरा सोमवार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में शामिल हुए। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चन्द्रमोलेश्वर के रूप में तथा हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होकर अपने भक्तों को दर्शन देने और अपनी प्रजा का कुशल-मंगल जानने नगर भ्रमण पर निकले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सवारी निकलने के पूर्व सभा मंडप में पालकी का पूजन-अर्चन किया। सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन कर आरती की गई। भगवान श्रीमहाकाल की सवारी धूमधाम से निकाली गई जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर 08 जनजातीय दलों के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संपूर्ण सवारी मार्ग पर बाबा महाकाल की आराधना और भजन-कीर्तन करते हुए नंगे पांव चले। इस दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल आदि ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया और आरती में सम्मिलित हुए। भगवान महाकालेश्वर की दूसरी सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे सवारी मार्ग पर डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पैदल चले। स्कूली विदयार्थियों द्वारा घोष वादन किया गया और श्रध्दालुओं के भोले शंभु भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण उज्जैन नगरी गुंजायमान हुई। एम्बुलेन्स को निकलने के लिए जगह दी सवारी के दौरान रोगी को ले जा रही एम्बुलेन्स को सवारी मार्ग के बीच से निकलने के लिए श्रध्दालुओं द्वारा ढाबा रोड व कमरी मार्ग पर रास्ता प्रदान किया गया। सम्पूर्ण सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के उद्घोष के साथ पुष्प वर्षा की।   महाकाल के चन्द्रमोलेश्वर स्वरूप को गार्ड ऑफ ऑनर भगवान चन्द्रमोलेश्वर पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार चन्द्रमोलेश्वर भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया। सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के घोष के साथ अवन्तिका नगरी के राजाधिराज पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर व हाथी पर आरूढ़ भगवान मनमहेश पर पुष्पवर्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर सवारी में पुलिस बैंड की प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरुप 350 पुलिस के जवानों द्वारा पुलिस बैंड के माध्यम से नम: शिवाय ॐ नमः शिवाय, हर हर शंभू देवा महादेवा, मेरे घर राम आए है, देवा हो देवा गणपति देवा, ॐ जय शिव ओमकारा ,सत्यम शिवम सुन्दरम आदि शिवभजनों की सु-मधुर धुनों की प्रस्तुतियां दी गई जिस पर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध होकर झूमे। बाबा महाकाल की एक झलक के लिए असंख्य श्रद्धालु हुए आतुर भगवान श्रीमहाकाल की सवारी के दौरान पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो गई। महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे। साथ ही उज्जैन के बाहर से आये हुए भक्तगण भी बाबा की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। रामघाट पर भगवान चन्द्रमोलेश्वर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा माँ क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया। रामघाट के दूसरी तरफ दत्त अखाडा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। साथ ही कलाकार सुलक्ष्मी तलरेजा के द्वारा भगवान शिव पर आधारित भजन प्रस्तुत किए गए। भगवान महाकालेश्वर की पालकी के रामघाट पहुंचने पर शंखनाद और भगवान महाकालेश्वर की आरती की गई। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने यहां भगवान महाकालेश्वर का पूजन अर्चन कर प्रदेश की सुख समृद्धि और विकास की कामना की। पूजन – अर्चन के उपरांत भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से रामानुज कोट ,  मोढ की धर्मशाला, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंची। जहाँ परंपरानुसार सिंधिया स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा पालकी में विराजित चन्द्रमोलेश्वर का पूजन किया गया। सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। जहाँ पुनः आरती उपरांत सवारी का विश्राम हुआ। 8 जनजातीय कलाकारों के दल ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप बाबा महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए 08 जनजातीय कलाकारों के दल ने महाकालेश्वर भगवान की दूसरी सवारी में सहभागिता की। जनजातीय दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर कला संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। छवीलदास भावली के नेतृत्व में नासिक महाराष्ट्र के जनजातीय सौगी मुखोटा नृत्य एवं अजय कुमार के नेतृत्व में हरियाणा का लोकनृत्य हरियाणवी घुमर के दल ने महाकालेश्वर मंदिर परिसर व शहनाई द्वार के पास अपने साथियों के साथ प्रस्तुति दी। खेमराज के नेतृत्व में राजस्थान का गैर-घूमरा जनजातीय नृत्य व रवि अहिरवार के नेतृत्व में मध्यप्रदेश छतरपुर के बरेदी लोकनृत्य की कोट मोहल्ला चौराहे पर प्रस्तुति दी गई। अज्जू सिसोदिया के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में झाबुआ का भगोरिया नृत्य एवं बनेसिंह भाई के नेतृत्व में गुजरात जनजातीय राठ नृत्य दल ने रामानुजकोट पर अपनी संस्कृति व कला का प्रदर्शन लोकनृत्य के माध्यम से किया। माँ क्षिप्रा के तट रामघाट पर उडीसा के लोकनृत्य शंख ध्वनि सुनील कुमार साहू के नेतृत्व में व छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य लोकपंथी का दिनेश कुमार जागड़े के नेतृत्व में दलों ने महाकालेश्वर भगवान के सवारी के आगमन पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। चलित रथ में लगी एलईडी से श्रद्धालुओं ने किए दर्शन बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए सवारी के आगे और पीछे एलईडी लगे 2 रथ चले, जिस पर सवारी के लाइव प्रसारण के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सुगमता पूर्वक दर्शन किए।