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जलवायु परिवर्तन से बढ़ेगा आपदाओं का खतरा? वैज्ञानिक टापियो श्नाइडर ने दी नई चेतावनी

नई दिल्ली जलवायु वैज्ञानिक टापियो श्नाइडर ने कहा है कि शुरुआती चेतावनी प्रणालियों का दायरा केवल बारिश की घटनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें नेपाल में अचानक आई बाढ़ जैसी आपदाओं की वजहों को भी शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि कुछ मिनट पहले भी चेतावनी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की जान बचा सकती है। अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैलटेक) में पर्यावरण विज्ञान और इंजीनियरिंग के प्रोफेसर श्नाइडर छात्रों को संबोधित करने और एक परिचर्चा में हिस्सा लेने के लिए अशोक विश्वविद्यालय पहुंचे थे। नेपाल बाढ़ में 1200 से अधिक लोगों की मौत नेपाल में 26 अगस्त को ऊंचाई वाले क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने के बाद आई भीषण बाढ़ के कारण मलबा तिब्बत से बहकर मध्य नेपाल तक पहुंचा, जिससे 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग अब भी लापता हैं। श्नाइडर ने कहा, 'शुरुआती चेतावनी प्रणालियां महत्वपूर्ण हैं। हमें शायद इनका दायरा बारिश के कारण होने वाली घटनाओं से आगे बढ़ाकर ऐसी घटनाओं तक भी करना चाहिए, ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को कम से कम कुछ मिनट पहले चेतावनी मिल सके और इस तरह कुछ लोगों की जान बचाई जा सके।' उन्होंने कहा कि जलवायु गर्म होने के साथ बर्फ पिघल रही है और ऐसी घटनाएं और बढ़ने की आशंका है 'हालांकि हर घटना के तात्कालिक कारण अलग-अलग होंगे।' वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि जलवायु वैज्ञानिक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और यह 'अपरिहार्य' है कि दुनिया को 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि वाले एक दशक का सामना करना पड़ेगा। श्नाइडर 'क्लाइमेट मॉडलिंग अलायंस' का भी नेतृत्व करते हैं। यह कैलटेक, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा अप्लाइड गणितज्ञों का गठबंधन है, जो पृथ्वी की जलवायु प्रणाली का एक नया मॉडल विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की टीम 'आधुनिक कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर का अधिकतम उपयोग करने और उपलब्ध आंकड़ों का ज्यादा व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने' की दिशा में काम कर रही है। भारत में वैश्विक तापमान वृद्धि का दिख रहा प्रभाव श्नाइडर ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयास तेज होने के बावजूद भारत में वैश्विक तापमान वृद्धि के प्रभाव और अधिक देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में पहले ही अत्यधिक गर्म दिनों और अत्यधिक बारिश की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। भारत में बारिश का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होने के मुद्दे पर उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें अन्य बड़े पैमाने के मॉडल की तुलना में चलाना काफी सस्ता हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के समूह ऐसे मॉडल विकसित कर सकते हैं और उन्हें भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के साथ इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

जापान के एयर चीफ ने की तेजस की तारीफ, बोले- भारत के तकनीकी नवाचार और ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक

नई दिल्ली  भारत-जापान द्विपक्षीय वायु रक्षा अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' के तहत जापान के एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरिता और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी। इस बीच जापान के एयर चीफ ने इंडियन आर्मी के चीफ का आभार व्यक्त किया है। मेरे लिए सम्मान की बात जापान के एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने कहा कि एयर चीफ मार्शल सिंह, आज आपके साथ होना मेरे लिए सम्मान की बात है, और मैं आपके गर्मजोशी भरे स्वागत और मेहमाननवाज़ी के लिए अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं। तेजस में उड़ान भरने के इस अमूल्य अवसर के लिए मैं बहुत आभारी हूं। तकनीकी नवाचार का प्रतीक उन्होंने आगे कहा कि स्वदेशी रक्षा क्षमताओं से बना विमान होने के नाते, तेजस भारत के तकनीकी नवाचार का प्रतीक है और 'मेक इन इंडिया' पहल को साकार करता है। उड़ान के दौरान, मैंने उन कई लोगों के प्रयासों के बारे में सोचा सेना और उद्योग दोनों में जिन्होंने इसके विकास में योगदान दिया। शक्तिशाली प्रतीक के रूप में भी याद रखूंगा उन्होंने आगे कहा कि इस अनुभव के माध्यम से, मुझे भारतीय वायु सेना में उपलब्ध उत्कृष्ट प्रशिक्षण वातावरण और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (कोकू जीताई) के लिए इस अभ्यास से मिलने वाले जबरदस्त लाभ का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। मैं इसे न केवल एक वास्तव में अमूल्य अनुभव के रूप में याद रखूंगा, बल्कि हमारे दोनों वायु सेनाओं के बीच कई वर्षों से बने भरोसे, विश्वास और दोस्ती के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में भी याद रखूंगा। दूसरा द्विपक्षीय लड़ाकू अभ्यास उन्होंने आगे कहा कि 'वीर गार्जियन' हमारी सेनाओं के बीच दूसरा द्विपक्षीय लड़ाकू अभ्यास है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह भारत में कोकू जीताई लड़ाकू विमानों की पहली तैनाती है। कई वर्षों से, हमने रक्षा सहयोग और अभ्यासों का लगातार विस्तार किया है। 2018 में यहां आयोजित हमारे पहले द्विपक्षीय अभ्यास 'शिन्यू मैत्री' के बाद से, भारत में हमारे लड़ाकू विमानों की तैनाती एक लंबे समय से चली आ रही इच्छा रही है।

मानसून की विदाई से पहले मौसम का पलटवार, UP-दिल्ली समेत 13 राज्यों में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी

 नई दिल्ली मानसून के जाते-जाते मौसम विभाग ने एक बार फिर से मुश्किल बढ़ाने वाला अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज  यानी 21 सितंबर को यूपी, दिल्ली समेत 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। वहीं, पहाड़ी राज्यों के कुछ इलाकों में लैंडस्लाइड की चेतावनी दी गई है। वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। किसानों और मछुआरों को अलर्ट रहने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा इस तेज आंधी के चलते कुछ इलाकों में बड़े-बड़े वृक्ष धाराशायी हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ राज्यों में किसानों के फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इस बीच बंगाल की खाड़ी से चलने वाली तूफानी हवाएं पूर्वी भारत के राज्यों में लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, राजस्थान के लोगों के लिए आज विशेष अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेस मौजूद है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवाओं में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। तो चलिए आपलोगों को बताते हैं देश के अन्य राज्यों में आज  यानी 21 सितंबर को मौसम का हाल कैसा रहेगा। हम जिलावार भी मौसम का हाल बताने जा रहे हैं… देश के 13 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज  यानी 21 सितंबर को देश के 13 राज्यों यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज आंधी चलने का अलर्ट है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों की यात्रा से पहले मौसम विभाग का अपडेट जरूर पढ़ लीजिए नहीं तो परेशानी में फंस सकते हैं। दिल्ली में आज  मौसम कैसा रहेगा दिल्ली(21 सितंबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली में आज  यानी 21 सितंबर को दिल्ली में हल्की बारिश और मध्यम गति की हवा की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। वहीं, दिल्ली में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस जाएगा। यूपी में आज  मौसम कैसा रहेगा यूपी(21 सितंबर-हल्की बारिश का अलर्ट): गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, मोरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, मिर्जापुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, जौनपुर, सोनभद्र, कुशीनगर, महाराजगंज, प्रयागराज और सुल्तानपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, लखनऊ में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। बिहार में आज  मौसम कैसा रहेगा बिहार (21 सितंबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, गया, जहानाबाद, भोजपुर, पटना, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, भागलपुर, किशनगंज, मुंगेर और खगड़िया में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। वहीं, पटना में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा। झारखंड में आज  मौसम कैसा रहेगा झारखंड (21-22 सितंबर-तेज बारिश-आंधी का अलर्ट): रांची, रामगढ़, खूंटी, बोकारो, चतरा, देवघर, पश्चिमी सिंहभूम, पलामू, दुमका, पलामू, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह और गुमला में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलेगी। वहीं, रांची में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा। उत्तराखंड में आज  मौसम कैसा रहेगा उत्तराखंड (21 सितंबर- बारिश-आंधी की चेतावनी): नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है। देहरादून में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा। हिमाचल में आज  मौसम कैसा रहेगा हिमाचल (21 सितंबर-बारिश-तूफान का अलर्ट): किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कांगड़ा में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, मनाली में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। जम्मू-कश्मीर में आज  मौसम कैसा रहेगा जम्मू-कश्मीर (21 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): पुंछ, बारामूला, किश्तवाड़, रियासी, गांदरबल, उधमपुर, रामबन, शोपियां, बांदीपोरा और जम्मू में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, श्रीनगर में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमा 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। पश्चिम बंगाल में आज  का मौसम कैसा रहेगा पश्चिम बंगाल(21-22 सितंबर-बारिश-आंधी की संभावना): हावड़ा, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, अलीपुर द्वार, दार्जिलिंग, कूचबिहार, दुर्गापुर, बीरभूम और कोलकाता में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट है। वहीं, कोलकाता में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंचेगा और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा। पंजाब में आज  मौसम कैसा रहेगा पंजाब (21 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): फिरोजपुर, संगरूर, होशियारपुर, कपूरथला, चंडीगढ़, संगरूर, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, बठिंडा, बरनाला और फरीदकोट में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलेंगे। राजस्थान में आज  मौसम कैसा रहेगा राजस्थान (21 सितंबर-भारी बारिश की संभावना): जयपुर, उदयपुर, चुरू, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, दौसा, चुरू, भरतपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जैसलमेर और अलवर में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे … Read more

उज्जैन और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आईटी पार्क एवं इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुडऩे के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में आईटी पार्क एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगी। आईटी पार्क के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जा रहे है। इन विकास कार्यों का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार और उद्योगों के विस्तार को गति देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीक और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सकता है। आईटी क्षेत्र के विस्तार से प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए निगरानी की जा रही है। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विकास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। शहर के विकास, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी सुविधाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए राज्य सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही है। आईटी पार्क परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। परियोजना के लिए लगभग 2.16 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है। इसमें कुल प्रस्तावित 15,480 वर्गमीटर बिल्ट-अप एरिया का निर्माण किया जाना है। इसमें से 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल एवं महाकाल भक्त निवास के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी अधिकारियों से ली। उन्होंने दोनों परियोजनाओं के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे इनका लाभ आमजन और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार का भी निरीक्षण किया। उन्होंने महामृत्युंजय द्वार निर्माण की विशेषताओं एवं इससे संबंधित जानकारी से अधिकारियों को अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी एवं कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आईटी पार्क के निर्माण एवं अब तक की प्रगति की जानकारी दी।  

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव का निशाना, नीमच में कसा तंज

 नीमच   जैसी बुद्धि है, वैसा कार्यक्रम किया है। मैं राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के संबंध में अधिक कहना नहीं चाहता हूं। राहुल गांधी पहले तथ्यात्मक व वास्तविक जानकारी जुटाए। एनएसयूआई के पदाधिकारियों से चर्चा करने की बजाय वास्तविक छात्रों से बात करें। 2014 से अब तक कांग्रेस तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है यह बात मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच में मीडिया से चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेृतत्व में साल 2014 से अब तक कांग्रेस तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है। देशभर में अधिकांश चुनाव हार चुकी है। देश लगभग कांग्रेस मुक्त हो चुका है। उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क सहित अन्य सौगातें दीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की सरकार विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण को संजोने का कार्य कर रही है। इसी क्रम में उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क सहित अन्य सौगात देने के बाद मैं नीमच आया हूं। नीमच और यहां लोग मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं नीमच और यहां लोग मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं। गांधी सागर अभ्यारण्य में मादा चीता को छोड़ने का कार्यक्रम भी है। सेवा संकल्प अभियान में सहभागिता के दौरान नीमच में जल्द एयर पोर्ट शुरू करने और स्टेडियम निर्माण की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की है। इस दौरान विधायक दिलीप सिंह परिहार, अनिरूद्ध माधव मारू मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को नीमच से वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैहर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और कल्याण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा किसान, महिला, युवा और कमजोर वर्गों को विकास की प्राथमिकता में रखा गया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण से संपूर्ण समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में नीमच से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शारदा का आशीर्वाद पूरे विंध्य, मध्यप्रदेश और देशवासियों पर सदैव बना रहता है। मां शारदा की पावन नगरी मैहर को जिला बने लगभग तीन वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में मैहर ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने जिले के स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जनकल्याण और विकास कार्यों में निरंतर सहयोग के लिए बधाई दी।    किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को रात के समय खेतों में बिजली के कारण होने वाले परेशानी से मुक्ति दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार आगामी रबी फसल से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध कराएगी। बिजली व्यवस्था के विस्तार और सुधार से किसानों के घरों में समृद्धि आएगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। सरकार किसानों की सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है। स्लीमनाबाद टनल के आगामी समय में शुरू होने से क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को नयी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के जल से माँ शारदा की नगरी में अभिषेक का संकल्प क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे किसानों के जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। धान खरीदी और किसानों को बेहतर लाभ देने की दिशा में प्रयास मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसानों को उपज बेचने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए तैयारियां समय पर पूरी की जा रही है। सरकार धान की खरीदी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य तक सीमित लाभ न मिले, बल्कि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य और आवश्यकतानुसार बोनस सहित अन्य लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और विविध गतिविधियों से बढ़ेगी किसानों की आय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन और गौ-पालन सनातन संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर पर सरकार का विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी लगातार काम कर रही है। सांदीपनी विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा के साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है। मजबूत शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के नए अवसर प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देंगे। मैहर की पर्यटन पहचान को स्थानीय विकास से जोड़ा जा रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैहर के पर्यटन और धार्मिक महत्व को देखते समुचित विकास किया जा रहा है। मां शारदा लोक का निर्माण इसी दिशा में सरकार का प्रयास है। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देगी। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में रहेगा जिससे स्थानीय अर्थव्यस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़े, रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिले—इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है। कृषि में नवाचार और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि जिले में एक जिला-एक उत्पाद के तहत कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों द्वारा आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से टमाटर, करेला सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन की सराहना की। उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन एवं आय दोनों में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में किसानों की आय वृद्धि के लिए मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क भी स्थापित किया जाएगा। प्रगतिशील कृषकों से संवाद किया मुख्यमंत्री ने जिले के प्रगतिशील कृषकों से संवाद कर आधुनिक तकनीकों का कृषि में उपयोग कर आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों से संवाद कर सभी कृषकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया। सांसद  गणेश सिंह ने कहा कि डबल इंजन की केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर कृषक कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार के निर्देशानुसार अब कृषकों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। अपेक्स बैंक के चेयरमैन  महेंद्र सिंह यादव ने कार्यक्रम में कहा कि बलराम महोत्सव से कृषक कल्याण वर्ष में सभी कृषकों के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि योजनाओं से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। कृषि के लिए ऋण शून्य प्रतिशत पर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में विधायक  कांत चतुर्वेदी ने दिया। बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी लगाकर कृषकों को सरकार की शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण … Read more

आगामी वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक शासकीय भर्तियां की जाएंगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीमच में शीघ्र ही एयरपोर्ट बनाया जायेगा। साथ ही खेल सुविधाओं में विस्तार के लिये सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाया जायेगा। प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में एक लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं। आगामी ढाई वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक भर्तियां और की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नीमच के अग्रोहा भवन में आयोजित सेवा से संकल्प अभियान के अभिनंदन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संकल्प से ही शक्ति और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है तथा प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच के विकास, नागरिकों के जुझारूपन और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सनातन परंपरा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। प्रदेश के बजट और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तथा प्रदेश का कुल बजट बढ़कर 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में ड्रॉपआउट रेट शून्य होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो गई है तथा बिजली उत्पादन 32 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में प्रदेश में लगभग 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें करीब 8 हजार सीटें उपलब्ध हैं। नीमच में एयरपोर्ट और सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है तथा प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बेहतर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार से जिले के युवाओं और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। चीता प्रोजेक्ट को बताया नीमच के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच के खिमला क्षेत्र में मादा चीता को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के अग्रणी देशों की कतार में है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है तथा न्यायपालिका एवं संवैधानिक संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं समझौतों में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक भूमिका निरंतर मजबूत हुई है और देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है। विधायक  दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि जिले में 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा से संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नीमच को विभिन्न सौगातें देने तथा चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच को चयनित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने गांधी सागर बांध के पानी से किसानों को मिल रहे लाभ और कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का भी उल्लेख किया। विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष मती स्वाति चोपड़ा एवं  वंदन खंडेलवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अभियान में सहभागी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं विभिन्न संगठनों की सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सज्जन सिंह चौहान, आयुक्त उज्जैन संभाग  आशीष सिंह,पुलिस महानिरीक्षक  राकेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

अब अभयारण्य में हुए चार चीतें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता राधा को छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में मादा चीता का नामकरण राधा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ चीता प्रोजेक्ट सफलता के नये मानदण्ड स्थापित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुके वन जीवों को पुर्नस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। गत वर्ष छोड़े गये चीतें पूरी तरह स्वस्थ है। गांधी सागर अभयारण्य में एक और चीते का छोड़ जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मादा चीता राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभयारण्य में पहले से दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब गांधी सागर में दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है, प्रदेश में चीतों की बढ़ती हुई संख्या इसका प्रमाण है। हमारा सौभाग्य है मध्यप्रदेश वन्यजीवों की विविधता से भरपूर है। हमारा प्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में भी जाना जाने लगा है। असम से जंगली भैंसे भी लाएं गए हैं और प्रदेश में गजराज की संख्या भी लगभग 100 हो गई है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीतों से वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार एवं आजीविका के लिये नये अवसर सृजित होंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीता संरक्षण का दायरा और बढ़ाया गया है, मादा चीता राधा को गांधी सागर में बसाया जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को कूनो से आगे विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नये वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और भविष्य में चीता प्रजनन की संभावनाओं को और भी तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "सेकंड होम ऑफ "चीता गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी" बुकलेट का भी विमोचन किया। चीता पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में गरोठ विधायक  चन्दर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू और मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव डॉ. समिता राजौरा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश का चीता प्रोजेक्ट एशिया का पहला प्रोजेक्ट है। एशिया से चीते गायब हो गए थे, प्रधानमंत्री  मोदी के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने संकल्प लिया और चीतों के पुनर्वास का अभियान शुरू किया। प्रदेश में चीतों की संख्या अब लगातार बढ़ती जा रही है। जहां सैकड़ों साल पहले चीतें विलुप्त हो गए थे, वहीं अब वे स्थानीय वातावरण में खेलते-कूदते दिखाई दे रहे हैं। यह वन्य जीवों के प्रति जीयों और जीने दो के सिद्धांत के आधार पर प्राप्त उपलब्धि का प्रतीक है। हमारे जंगल आबाद हो रहे हैं यह हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है।  

‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा में अर्जुन राम मेघवाल, युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

फाजिल्का. पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत आज तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भव्य आगाज फाजिल्का से हुआ। इस सामाजिक जागरूकता यात्रा के शुभारंभ के लिए विशेष रूप से पहुंचे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज सुधार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री आसफवाला स्थित ऐतिहासिक 1971 युद्ध स्मारक पहुंचे। वहां उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। इसके बाद उन्होंने वार मेमोरियल में दर्ज 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और शहादत की अमर गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने लिंगराज मंदिर में सपत्नीक की पूजा-अर्चना

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री  साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।