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पीएम मोदी ने सांसदों को दिए नए आवास, नई दिल्ली में किया लोकार्पण

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा भी लगाया। यह परिसर सांसदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। प्रत्येक फ्लैट में 5,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल है, जिसमें कार्यालय और स्टाफ के लिए जगह भी है। यह परियोजना गृह 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुरूप है। इमारतें भूकंपरोधी हैं और दिव्यांगों के लिए अनुकूलित हैं।   जानकारी के अनुसार इस परिसर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह संसद सदस्यों की कार्यात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं की पूरी श्रृंखला से सुसज्जित है। हरित प्रौद्योगिकी को सम्मिलित करते हुए, यह परियोजना जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग के मानकों का पालन करती है और राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2016 का अनुपालन करती है। इन पर्यावरणीय रूप से स्थायी विशेषताओं से ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान मिलने की आशा है। उन्नत निर्माण तकनीक (विशेष रूप से, एल्युमीनियम शटरिंग के साथ मोनोलिथिक कंक्रीट) के उपयोग ने संरचनात्मक स्थायित्व सुनिश्चित करते हुए परियोजना को समय पर पूरा करना संभव बनाया। यह परिसर दिव्यांगजनों के अनुकूल भी है, जो समावेशी डिज़ाइन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संसद सदस्यों के लिए अनुकूल आवास की कमी के कारण इस परियोजना का विकास आवश्यक हो गया था। भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण, भूमि उपयोग को अनुकूलित करने और रखरखाव लागत को न्यूनतम करने के ध्येय से ऊर्ध्वाधर आवास विकास पर लगातार बल दिया गया है। प्रत्येक आवासीय इकाई में लगभग 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट क्षेत्र है, जो आवासीय और आधिकारिक दोनों कार्यों के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है। कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए समर्पित क्षेत्रों को शामिल करने से संसद सदस्यों को जन प्रतिनिधि के रूप में अपनी उत्तरदायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी। परिसर के सभी भवनों का निर्माण आधुनिक संरचनात्मक डिज़ाइन मानदंडों के अनुरूप भूकंपरोधी बनाया गया है। सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और सुदृढ़ सुरक्षा तंत्र कार्यान्वित किया गया है।

रनवे पर विमान मौजूद था फिर भी इमरजेंसी लैंडिंग, एयर इंडिया ने कांग्रेस सांसदों के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई सांसदों को तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली लेकर आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान तब हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई, जब रविवार रात अचानक उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल, जब चालक दल को रास्ते में खराब मौसम के कारण एक संदिग्ध तकनीकी खराबी का पता चला, तब उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया लेकिन वहां कथित तौर पर एक ही रनवे पर दो विमान आ गए। इसके बाद इस उड़ान को फिर से ऊपर हवा में उठा लिया गया। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि उड़ान संख्या AI2455 चेन्नई में सुरक्षित उतर गई और विमान की जरूरी जांच की जाएगी। विमान ने जैसे ही तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से उड़ान भरी, उसके कुछ देर बाद ही वह टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इसके बाद उसे चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया।  इस विमान ने रात 8 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ान भरी थी लेकिन रात 10.35 पर चेन्नई में उतार दिया गया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली AI2455 के चालक दल ने संदिग्ध तकनीकी समस्या और रास्ते में खराब मौसम के कारण एहतियातन चेन्नई की ओर अपना मार्ग बदल लिया। विमान चेन्नई में सुरक्षित उतर गया, जहाँ विमान की जरूरी जाँच की जाएगी। हमें प्रभावित यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है। चेन्नई में हमारे सहयोगी यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए सहायता प्रदान कर रहे हैं और यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।" वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि यह यात्रा भयावह रूप से त्रासदी के करीब पहुंच गई थी. उन्होंने कहा कि फ्लाइट पहले से ही लेट थी और उड़ान भरने के बाद तेज और अप्रत्याशित टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा. करीब एक घंटे बाद कैप्टन ने फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट की जानकारी दी और विमान को चेन्नई डाइवर्ट कर दिया. कांग्रेस सांसद के मुताबिक, लगभग दो घंटे तक फ्लाइट चेन्नई एयरपोर्ट के ऊपर क्लियरेंस का इंतजार करती रही. पहली कोशिश में लैंडिंग के दौरान रनवे पर पहले से ही एक अन्य विमान मौजूद था. उस समय कैप्टन के त्वरित निर्णय से विमान को ऊपर खींच लिया गया और सभी यात्रियों की जान बच गई. फ्लाइट दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरी. वेणुगोपाल ने कहा, "हमें स्किल और किस्मत दोनों ने बचाया, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर नहीं हो सकती." कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी किया शेयर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी वेणुगोपाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि वह "शॉक्ड और डरे हुए" हैं. उन्होंने कहा कि AI 2455 फ्लाइट में टर्बुलेंस, फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट और चेन्नई में रनवे पर लगभग टक्कर जैसी स्थिति बनी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को टैग करते हुए कहा कि यात्री सुरक्षा किस्मत पर नहीं छोड़ी जा सकती और तुरंत जवाब और कार्रवाई की मांग की. एअर इंडिया ने दी कांग्रेस सांसदों के दावे पर सफाई इस पूरे मामले पर एअर इंडिया ने बयान जारी कर दोनों सांसदों के दावों को खारिज किया है. एयरलाइन ने कहा, "चेन्नई डाइवर्जन एक प्रीकॉशनरी कदम था, जो संदिग्ध टेक्निकल इश्यू और खराब मौसम की वजह से लिया गया. पहली कोशिश में लैंडिंग के समय चेन्नई ATC ने गो-अराउंड का निर्देश दिया, लेकिन इसका कारण रनवे पर कोई अन्य विमान होना नहीं था." एअर इंडिया ने आगे कहा कि उनके पायलट ऐसे हालात से निपटने के लिए प्रशिक्षित होते हैं और इस फ्लाइट में भी सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया. कंपनी ने इस घटना को यात्रियों के लिए असहज अनुभव बताते हुए खेद जताया और कहा कि सुरक्षा हमेशा उनकी पहली प्राथमिकता है. कांग्रेस महासचिव ने यात्रा को कष्टप्रद बताया विमान में सवार कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस घटना को एक कष्टप्रद यात्रा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “तिरुवनंतपुरम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 2455 – जिसमें मैं, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे -एक भयावह त्रासदी के करीब पहुँच गई। देरी से शुरू हुई उड़ान एक कष्टदायक यात्रा में बदल गई। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, हमें अभूतपूर्व गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। लगभग एक घंटे बाद, कैप्टन ने उड़ान सिग्नल में खराबी की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया। लगभग दो घंटे तक, हम उतरने की अनुमति का इंतज़ार करते हुए हवाई अड्डे के चक्कर लगाते रहे, जब तक कि हमारे पहले प्रयास के दौरान एक दिल दहला देने वाला क्षण नहीं आ गया – बताया जाता है कि उसी रनवे पर एक और विमान था। उस क्षण, कैप्टन के तुरंत रुकने के फैसले ने विमान में सवार सभी लोगों की जान बचा ली। दूसरे प्रयास में विमान सुरक्षित उतर गया।” भाग्य और पायलट की कुशलता से बचे केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, यह विमान सब के भाग्य और पायलट की कुशलता और सूझबूझ से बच सका। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने के लिए घटना की जाँच की माँग की है। उन्होंने आगे कहा, "हम पायलट की कुशलता और भाग्य से बच गए। यात्रियों की सुरक्षा भाग्य पर निर्भर नहीं हो सकती। मैं @DGCAIndia और @MoCA_GoI से आग्रह करता हूँ कि इस घटना की तत्काल जाँच करें, जवाबदेही तय करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी चूक फिर कभी न हो।" रनवे पर दो विमान के आरोप खारिज केसी वेणुगोपाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, एयर इंडिया ने टिप्पणी की, "डियर मिस्टर वेणुगोपाल, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि चेन्नई की ओर फ्लाइट को मोड़ना एक संदिग्ध तकनीकी समस्या और खराब मौसम की स्थिति के कारण एहतियाती था। चेन्नई हवाई अड्डे पर पहली बार उतरने के प्रयास के दौरान चेन्नई एटीसी द्वारा गो-अराउंड का निर्देश दिया गया था, न कि रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी के कारण ऐसा हुआ।"

वित्त मंत्री आज लोकसभा में पेश करेंगी नया आयकर विधेयक, प्रमुख बदलावों पर चर्चा

नई दिल्ली इंडियन टैक्स (TAX) इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की प्रक्रिया के तहत नए आयकर विधेयक, 2025 (New Income Tax Bill) को तमाम संशोधनों के साथ आज लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इसे पेश करेंगी. इस नए विधेयक में प्रवर समिति के सुझाए गए 285 संशोधनों को शामिल किया जाएगा. भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी. बता दें यह नया विधेयक करीब 63 साल पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा. आइए जानते हैं उससे कैसे और कितना अलग है ये नया विधेयक…  285 सिफारिशें, 32 बड़े बदलाव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि नए आयकर विधेयक में कई परिवर्तन हैं, जिनमें तकनीकी सुधार और बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग शामिल हैं. इसके मसौदे पर खर्च हुए समय और मेहनत को लेकर की जा रही आलोचना के जबाव में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इसे लेकर पहले किया गया काम व्यर्थ नहीं जाएगा. बता दें कि इस प्रस्ताव में देरी का एक प्रमुख कारण भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय प्रवर समिति के व्यापक सुझाव थे.  केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि जब कोई संसदीय समिति कई प्रस्तावित संशोधनों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करती है और उनमें से कई को स्वीकार कर लिया जाता है, तो मानक प्रक्रिया यह होती है कि मूल विधेयक को वापस ले लिया जाए और उसका संशोधित संस्करण पेश किया जाए. उन्होंने बताया कि प्रत्येक संशोधन के लिए तीन अलग-अलग प्रस्तावों की जरूरत होती है, जो तब अव्यावहारिक है जब 285 से ज्यादा बदलावों की सिफारिश मिले, इनमें 32 बड़े बदलाव भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'विधेयक को वापस लेने और फिर से पेश करने का उद्देश्य समय की बचत, विधायी स्पष्टता और दक्षता सुनिश्चित करना है.' पहले की तुलना में सरल और कम धाराएं गौरतलब है कि आयकर विधेयक 2025 को बीते 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद इसकी जांच के लिए भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय प्रवर समिति गठित की गई थी. इसने 285 सुझाव दिए थे और पिछले महीने 21 जुलाई 2025 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संशोधित New Tax Bill, 2025 पेश करने जा रही हैं, जो 1961 के आयकर विधेयक की जगह लेगा. इसमें पहले की तुलना में कम धाराएं होंगी और ये पहले से बेहद आसान भाषा में होगा.  नए विधेयक में जिन प्रावधानों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, उनमें गुमनाम दान को सामाजिक सेवाएं देने वालेट्रस्टों को छोड़कर, केवल विशुद्ध धार्मिक ट्रस्टों तक सीमित रखना,  Taxpayers को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन के बाद बिना किसी जुर्माने के टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति देना भी शामिल है.  नए टैक्स बिल में ये बड़े बदलाव अन्य बड़े बदलावों पर नजर डालें, तो New Tax Bill, अब तक लागू 1961 के आयकर अधिनियम के साइज की तुलना में आधा है. 816 की जगह अब बिल में 536 धाराएं हैं और इसे सरल भाषा में खासतौर पर मुकदमेबाजी को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. बीते दिनों आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी FAQ के मुताबिक, इस नए विधेयक में शब्दों की संख्या मौजूदा कानून के 5.12 लाख की तुलना में अब घटकर 2.6 लाख रह गई हैं. इसके अलावा धाराओं की बात करें, तो इनकी संख्या भी पहले के 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जबकि अध्याय भी 47 से 23 कर दिए गए हैं. एसेसमेंट ईयर नहीं, अब Tax Year नए Tax Bill-2025 में 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए हैं. एक और बड़ा बदलाव ये है कि टैक्सपेयर्स के लिए ये विधेयक अब तक अपनाए जाने वाले 'एसेसमेंट ईयर' और 'प्रीवियस ईयर' की अवधारणा को एक यूनिफाइड 'कर वर्ष' (Tax Year) से बदलने का प्रस्ताव करता है. बता दें कि फिलहाल, पिछले वर्ष की इनकम पर टैक्स पेमेंट Assessment Year में किया जाता है. जैसे 2023-24 में अर्जित आय पर 2024-25 में कर लगाया जाता है. 

हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें। बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल … Read more

गांधी मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल कोर्स प्रवेश शुरू, आवेदन करने की अंतिम तिथि जल्द पूरी होगी

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। यह अवसर उन छात्रों के लिए खास है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इन सभी कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के साथ 12वीं (PCB) पास होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 45% अंक और आरक्षित वर्ग के लिए नियमानुसार छूट दी जाएगी। यह कोर्स शामिल     डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (DMLT)     डिप्लोमा इन रेडियोग्राफी (DRT)     डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (DOTT)     डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर टेक्नोलॉजी (DETCT) आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया     प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2025 तय की गई है।     आवेदन पत्र सरकारी वेबसाइट www.gmcbhopal.net से या इस लिंक से डाउनलोड किए जा सकते हैं।     600 रुपए की आवेदन फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी, जिसकी रसीद (स्क्रीनशॉट की फोटोकॉपी) आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी।     भरा हुआ आवेदन पत्र और सभी जरूरी दस्तावेज डीन कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज (भोपाल) में 18 अगस्त 2025 की दोपहर 5 बजे तक जमा करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण और सुविधाएं इन कोर्स में विद्यार्थियों को हमीदिया अस्पताल व संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को आधुनिक उपकरण, लैब सुविधाएं और अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन मिलेगा। करियर की यह संभावनाएं पैरामेडिकल स्टाफ की मांग स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इन कोर्सों के बाद विद्यार्थी सरकारी और निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैबोरेटरी और हेल्थकेयर कंपनियों में रोजगार पा सकते हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध हैं, जैसे बैचलर डिग्री और स्पेशलाइज्ड कोर्स। क्यों खास है यह मौका?     कम फीस में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण     सरकारी अस्पताल में सीधा प्रैक्टिकल अनुभव     राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने का अवसर     बढ़ते हेल्थ सेक्टर में नौकरी की गारंटी जैसी संभावनाएं  

शाजापुर तिरंगा यात्रा 14 अगस्त को, गांव-गांव जाकर दे रहे लोगों को बुलावा

शाजापुर   शाजापुर में 14 अगस्त को तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए करणी सेना परिवार जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। संगठन ने जिले के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की है। इस तिरंगा यात्रा में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर भी उपस्थित रहेंगे। यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से रविवार को नवनियुक्त जिला संयोजक भीम सिंह बना डूंगरगांव और अन्य पदाधिकारियों ने जिले के कई गांवों का दौरा किया। कार्यक्रम में टीम ने उमरिया दया, बांड़ाहेड़ी, जमलाय, टिगरिया, धीनका कुमारिया पाल, सादनखेड़ी, पचावता, दुधाना, ढंगीचा और चंदोनी सहित दर्जनों गांवों में पहुंचकर लोगों को यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया।

बड़ी राहत: 30 लाख किसानों को सीधे खाते में ₹3200 करोड़ का मिलेगा लाभ

नई दिल्ली कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत 30 लाख किसान लाभार्थियों को 3,200 करोड़ रुपये की फसल बीमा दावा राशि डिजिटल रूप से ट्रांसफर करेंगे। राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएमएफबीवाई दावा राशि ट्रांसफर की जाएगी। चौहान के अलावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।   किस राज्य के किसानों को कितनी राशि मिलेगी एक आधिकारिक बयान के अनुसार कुल दावा राशि में 1156 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के किसानों को, 1121 करोड़ रुपये राजस्थान के किसानों को और 150 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे। साथ ही 773 करोड़ रुपये अन्य राज्यों के किसानों को हस्तांतरित किए जाएंगे। नया सिस्टम लागू हुआ कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र ने किसानों के हित में एक नई सरलीकृत दावा निपटान प्रणाली लागू की है, जिसके तहत राज्य के प्रीमियम अंशदान का इंतजार किए बिना, केवल केंद्रीय सब्सिडी के आधार पर दावों का आनुपातिक भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने बयान में कहा, ''खरीफ 2025 सत्र से, अगर कोई राज्य सरकार अपने सब्सिडी अंशदान में देरी करती है, तो उस पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा, और इसी तरह अगर बीमा कंपनियां भुगतान में देरी करती हैं, तो उन पर भी 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा।'' कब हुई थी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की 2016 में शुरुआत के बाद से इसके तहत 1.83 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया गया है। साथ ही किसानों ने केवल 35,864 करोड़ रुपये का प्रीमियम चुकाया है।

त्योहार के बाद ट्रेनों में लगी मारामारी, रेलवे ने जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की स्पेशल ट्रेन सेवा

ग्वालियर रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होने के साथ ही अब वापस काम पर लौटने के लिए ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी मची हुई है। ट्रेनों में भीड़ तो चल ही रही है, साथ ही लोगों को आसानी से आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं आगामी दिनों में जन्माष्टमी के त्योहार को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। विशेष ट्रेनों का संचालन रेलवे द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मथुरा के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 15 से 17 अगस्त तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से दोपहर 2:45 बजे चलकर ग्वालियर शाम 5:23 बजे आएगी। वहीं मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट होते हुए मथुरा जंक्शन शाम 7:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित (जनरल) श्रेणी की होगी, जिससे बिना आरक्षण के यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।   यात्रियों की सुविधा के लिए होगी और ट्रेनों की घोषणा रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए और भी ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है। दरअसल, रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होते ही ट्रेनों में एक बार फिर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अब लोग अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटने के लिए स्टेशन का रुख कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में आरक्षित सीटें मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। रक्षाबंधन की भीड़ जैसे ही समाप्त होगी, वैसे ही ग्वालियर से मथुरा के लिए जन्माष्टमी के त्योहार की भीड़ ट्रेनों में शुरू हो जाएगी। स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी हाई अलर्ट स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्वालियर समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अलर्ट मोड में आ गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाएं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों को सक्रिय होकर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखने के साथ ही विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।   इस क्रम में स्टेशनों पर पहले से सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पार्सल ऑफिस, वेटिंग हाल और फुटपाथों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण से समन्वय पर विशेष संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोक निर्माण विभाग के ध्येय “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को साकार करने की दिशा में 11 अगस्त को भोपाल स्थित रवींद्र भवन में ‘पर्यावरण से समन्वय’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में अखिल भारतीय संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि श्री गोपाल आर्य, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और भास्कराचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यशाला में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी सत्र और विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन होगा। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक मंच पर एकत्र करेगा, जिससे वे हरित और टिकाऊ निर्माण के नए आयामों से परिचित होंगे। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और उनकी तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है। इस दौरान भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N), गांधीनगर के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) निर्माण और जीआईएस पोर्टल पर सड़कों व पुलों की भौगोलिक मैपिंग पर विशेष प्रशिक्षण देंगे। इस तकनीकी ज्ञान से विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में और वृद्धि होगी। यह कार्यशाला केवल तकनीकी कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का ठोस प्रयास भी है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना को मजबूती मिलेगी।  

13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत, MP के 22 जिलों में बारिश के आसार

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।