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काठमांडू ने भारत को बताया उभरती आर्थिक महाशक्ति, कनेक्टिविटी और डिजिटल पेमेंट पर चर्चा

नई दिल्ली  नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को भारत के साथ विकास-केंद्रित साझेदारी की बात कही। उन्होंने कहा कि काठमांडू एक "उभरते हुए भारत" के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है, जिसने खुद को एक बड़ी आर्थिक और तकनीकी ताकत के रूप में स्थापित किया है। भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए खनाल ने दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया और कहा कि यह रिश्ता केवल भौगोलिक सीमाओं से कहीं आगे का है। 'हम एक नदियों के संतानें' खनाल ने कहा, "हम सिर्फ नक्शे पर पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि एक ही नदियों की संतानें हैं।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के आपसी संबंधों के बारे में जनता की समझ बनाने में प्रेस अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, "हमारे जैसे जीवंत और विविधतापूर्ण लोकतंत्रों में मीडिया ही हमारी यात्राओं के नैरेटिव का मुख्य संरक्षक है।" मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नेपाल का मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व पारंपरिक भू-राजनीतिक तनाव से आगे बढ़कर प्रगतिशील विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। 'हम उम्मीदों वाले भारत से जुड़ना चाहते हैं' खनाल ने कहा, "जब हम सीमा के उस पार देखते हैं, तो हमें भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर दिखाई देता है।" उन्होंने आगे कहा, "हम एक ऐसे उभरते हुए भारत को देखते हैं जिसने वैश्विक मंच पर खुद को एक गतिशील, तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी और आर्थिक शक्ति के रूप में नई पहचान दी है। हम उम्मीदों, इनोवेशन और काम को अंजाम देने की क्षमता वाले इस भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं।" दिल्ली में अपनी उच्च-स्तरीय राजनयिक मुलाकातों का ब्योरा देते हुए खनाल ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत में नेपाल-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें व्यापार, सीमा-पार कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी, जल संसाधन प्रबंधन और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं।" 'आर्थिक बदलाव सबसे अहम' मंत्री ने फिर से कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों में आर्थिक बदलाव को सबसे अहम मानता है और पुराने भू-राजनीतिक टकरावों के नजरिए से दोनों देशों के रिश्तों को देखने की सोच को पूरी तरह खारिज करता है। दोनों देशों के बीच सहयोग में हाल की अहम उपलब्धियों का जिक्र करते हुए खनाल ने नेपाल की NCHL और भारत की NPCI के बीच हुए समझौते के तहत सीमा-पार डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस पहल से दोनों देशों के पेमेंट सिस्टम सफलतापूर्वक जुड़ जाएंगे और UPI-जैसे क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन संभव हो सकेंगे, जिससे सीमा के दोनों ओर के उद्यमियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को सीधे फायदा होगा। विकास के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाते हुए खनाल ने नेपाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की 72 परियोजनाओं और सांस्कृतिक क्षेत्र की पुनर्निर्माण से जुड़ी 12 परियोजनाओं को औपचारिक रूप से सौंपने की घोषणा की। ये परियोजनाएं 2015 के भूकंप के बाद भारत की मदद से पूरी की गई थीं।  

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परिणाम का रास्ता साफ, MP हाईकोर्ट से PSC को सशर्त अनुमति

जबलपुर. कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2024 का रिजल्ट जल्द आएगा। जबलपुर हाई कोर्ट से रिजल्ट पर लगी रोक हटा दी गई है। कोर्ट ने पीएससी को सशर्त रिजल्ट जारी करने की मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट सीबंद लिफाफे में सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जा सके। मामले की सुनवाई दो सप्ताह के बाद निर्धारित की गई है। अनुभव के लिए 25 अंक पर उठाए सवाल एमपीपीएससी द्वारा 24 और 30 दिसंबर 2024 को कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें अनुभव के लिए 25 अंक निर्धारित थे। जिस पर छतरपुर के हरचंडी अहिरवार सहित अन्य कैंडिडेट्स ने सवाल उठाया था। उनका आरोप था कि उन्हें आरक्षण के लाभों से वंचित किया जा रहा है। याचिका लगाने पर इस परीक्षा के रिजल्ट पर रोक लगा दी गई। MPPSC ने रिजल्ट पर रोक हटाने की मांग की हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जजों की बेंच ने लिखित परीक्षा पास कर चुके कैंडिडेट्स के साक्षात्कार को 17 मार्च 2026 को अनुमति दी थी, लेकिन इसके परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। एमपीपीएससी की ओर से कोर्ट में आवेदन दिया गया। जिसमें उन्होंने रिजल्ट पर लगी रोक हटाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष दिए ये तर्क राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी और एमपीपीएससी के अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने कोर्ट के समक्ष अपने तर्क दिए। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने रिजल्ट घोषित करने की सशर्त अनुमति जारी की।

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है : अरुण साव

जगदलपुर/रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

भारत के साथ रिश्तों पर नरम पड़ा नेपाल, सौहार्दपूर्ण समाधान की वकालत

नई दिल्ली सीमा विवाद को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की टिप्पणी के बाद अब नेपाल नरम पड़ता दिख रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की ताकत का लोहा मानते हुए कहा कि भारत एक बड़ी तकनीकी और आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए ही सीमा विवाद का हल चाहता है। भारत दौरे पर आए खनाल ने कहा, जब हम सीमा की ओर देखते हैं तो भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर नजर आता है। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर खुद को साबित किया है और अर्थव्यवस्था के मामले में मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि नेपाल की नई सरकार भारत को किसी भी मायने में विरोधी के तौर पर नहीं देखती है। भारत से चाहते हैं अच्छे संबंध खनाल ने कहा कि हम अब अतीत के मामलों के साथ बंधे नहीं रहना चाहते हैं बल्कि भारत के साथ परस्पर लाभकारी संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम भारत के साथ सीमा मुद्दे को 'खुले मन' से और द्विपक्षीय ढांचे के आधार पर हल करना चाहते है। हम 21वीं सदी की भू-राजनीति के विकृत, अति संवेदनशील नजरिए से भारत को नहीं देखते। बता दें कि खनाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच एक दिन पहले ही बातचीत हुई है। खनाल भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। खनाल ने कहा कि जब हम खुले मन से साथ बैठेंगे तो सब साफ हो जाएगा और कोई भी मुद्दा इतना जटिल नहींहै कि जिसका हल ना निकल सके। उन्होंने कहा कि आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सारी बातचीत होगी तो हल भी निकल आएगा। लिपुलेख को लेकर विवाद जयशंकर के साथ बैठक के दौरान खनाल ने कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार नयी दिल्ली के साथ ठोस और सार्थ रूप से जुड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था, 'भारत और नेपाल के बीच एक विशेष संबंध है, जो सीमा पार संपर्क और साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर आधारित है।' बालेंद्र शाह ने 31 मई को कहा था कि भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर चर्चा के अलावा, काठमांडू चीन और ब्रिटेन के साथ भी संपर्क में है। मामला लिपुलेख का है। नेपाल इस इलाके पर दावा करता है और अपने मैप में भी दिखा चुका है। वहीं आजादी से पहले के समझौते के मुताबिक ही भारत का इस क्षेत्र पर कब्जा है। मानसरोवर-कैलास यात्रा के लिए भी लिपुलेख बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने हालांकि नेपाल के साथ अपने सीमा विवाद को सुलझाने में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दे के सभी पहलुओं से निपटने के लिए एक स्थापित द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।

भारतीय-अमेरिकी टेक लीडर श्रीराम कृष्णन व्हाइट हाउस से अलग होंगे

 नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन में सबसे चर्चित भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी सलाहकार श्रीराम कृष्णन इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने पिछले 18 महीनों में प्रशासन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कृष्णन ने कहा कि अमेरिका के सामने एआई से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम करने के लिए लौटने से पहले वे कुछ समय का ब्रेक लेंगे। उन्होंने लिखा कि मैं इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ दूंगा। ब्रेक के बाद, मैं एआई के मामले में अमेरिका के सामने मौजूद कुछ बड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए काम करूंगा। कृष्णन ने अपनी सरकारी सेवा को जीवन भर का सौभाग्य बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में काम करना सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा, "उनकी लीडरशिप के बिना, हम एआई की दौड़ में इतने आगे नहीं होते। उन्होंने व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की जीत के लिए उनकी लगातार वकालत बहुत अहम रही है और आगे भी रहेगी।" ट्रंप प्रशासन में निभाई अहम भूमिका कृष्णन ने उन कई पहलों का भी जिक्र किया जिन्हें विकसित करने में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मदद की। इनमें प्रशासन के अमेरिकन एआई एक्शन प्लान का खाका तैयार करना और उसे जारी करना, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एआई एक्सेलरेशन साझेदारियों को आगे बढ़ाना, और नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में योगदान देना शामिल है। उन्होंने एआई समिट और कूटनीतिक मुलाकातों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी एआई हितों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में अपने सहयोगियों के साथ अमेरिकी एआई स्टैक की वकालत करना, जैसे फ्रांस और भारत में एआई समिट, यूनाईटेड किंगडम, मध्य पूर्व और अन्य जगहों की राजकीय यात्राएं हो। भविष्य को देखते हुए, कृष्णन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से विकास नीति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी चुनौतियां पेश करता है। उन्होंने कहा, "पिछले 18 महीनों में मुझे अमेरिका और हमारे सहयोगियों के सामने मौजूद एआई से जुड़े इस अहम मोड़ को बहुत करीब से देखने का मौका मिला है। चाहे वह ऊर्जा हो, डेटा सेंटर हों या अमेरिकियों के लिए एआई के फायदों का अनुभव करने का स्पष्ट रास्ता हो, कई मुश्किल मुद्दे हैं जिनसे हमें मिलकर निपटना होगा।" उन्होंने बताया कि वे अब ऐसे संस्थान बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहे हैं जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए उन चुनौतियों से निपटने में मदद करें। डेविड सैक्स ने की कृष्णन के काम की तारीफ इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, डेविड सैक्स ने प्रशासन के एआई एजेंडा में कृष्णन के योगदान की तारीफ़ की और संकेत दिया कि यह भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर सरकार के बाहर से भी सलाह देना जारी रखेंगे। सैक्स ने लिखा, "प्रशासन में मेरे कार्यकाल के दौरान पिछले 18 महीनों में आपके साथ इतनी करीब से काम करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात रही है। एआई में गहरी तकनीकी समझ, नीतिगत मामलों की सटीक परख, बेहतरीन रणनीतिक सोच और सच्चे कूटनीतिक कौशल का दुर्लभ मेल आपकी क्षमताएं सचमुच अनोखी हैं।" सैक्स ने आगे कहा कि कृष्णन ने प्रशासन के एआई एक्शन प्लान को मिलकर तैयार किया, एआई को तेज़ी से आगे बढ़ाने वाली साझेदारियों को बढ़ावा देने में मदद की, नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क में योगदान दिया और अंतरराष्ट्रीय एआई समिट और राजकीय यात्राओं में अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व किया। सैक्स ने कहा, "यह प्रशासन के लिए एक बड़ा नुकसान होगा, लेकिन मुझे खुशी है कि हम आपके साथ बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करना जारी रखेंगे।" सिलिकॉन वैली और वाशिंगटन के बीच अहम कड़ी यह विदाई कृष्णन के लिए एक अहम अध्याय का अंत है, जो ट्रंप के व्हाइट हाउस के भीतर एआई नीति पर सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक बनकर उभरे और सिलिकॉन वैली तथा वाशिंगटन के टेक्नोलॉजी एजेंडा के बीच एक अहम कड़ी बने। एक भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव के तौर पर, कृष्णन ने पहले माइक्रोसॉफ्ट, एक्स, मेटा और स्नैप जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में सीनियर प्रोडक्ट और लीडरशिप भूमिकाएं निभाई हैं। वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक जाने-माने इन्वेस्टर और कमेंटेटर भी रहे हैं। एआई ट्रंप प्रशासन की टेक्नोलॉजी और आर्थिक रणनीति का एक मुख्य आधार बन गया है। अधिकारियों का तर्क है कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की लीडरशिप बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी इनोवेशन के लिए बहुत जरूरी है। कृष्णन का काम उन्हें इन कोशिशों के केंद्र में ले आया था, क्योंकि वाशिंगटन ग्लोबल एआई पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आकार देने की कोशिश कर रहा था।

स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए अहम खबर: कल से शुरू होगी ट्रांसफर आवेदन प्रक्रिया, 3 साल की सेवा की शर्त

भोपाल. स्वास्थ्य विभाग के अफसर-कर्मचारियों की अब ट्रांसफर में मनमानी नहीं चलेगी। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SAP) जारी की है। जिसके तहत अब एक स्थान पर तीन साल की सर्विस को जरूरी कर दिया है। तीन साल की सर्विस पूरी कर चुके अफसर-कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसमें भी अफसर-कर्मचारी मनपसंद जिले या गृह क्षेत्र के आसपास तबादला नहीं करा पाएंगे। इनका स्वेच्छा से किया जाएगा तबादला स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि करंट पोस्टिंग के दौरान सिर्फ गंभीर बीमारी, दिव्यांग, उनके आश्रित की देखभाल, विधावा, परित्यक्ता महिला, सिंगल मदर या फादर बच्चों की परवरिश या एक स्थान पर पति-पत्नी तबादला चाहते हैं तो उनका ट्रांसफर किया जाएगा।  8 से 12 जून तक ऑनलाइन लिए जाएंगे आवेदन स्वास्थ्य विभाग ने अफसर-कर्मचारियों से पांच दिन में आवेदन मांगे हैं। इसके लिए 8 से 12 जून तक की तारीख जारी है। इस बीच अफसर-कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।  ई-एचआरएमआईएस पोर्टल पर होगी पूरी प्रोसेस ट्रांसफर की पूरी प्रोसेस ई-एचआरएमआईएस पोर्टल के जरिए की जाएगी। किसी भी पद के लिए ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं किया जाएगा।

24 अरब डॉलर की संपत्ति पर अटका अमेरिका-ईरान शांति समझौता, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

नई दिल्ली  अमेरिकी प्रशासन ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों से हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण के लिए ईरानी संपत्तियों को खाड़ी देशों की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों को हुए नुकसान की लागत का आकलन करने के लिए टीम को निर्देश दिया है। इसके साथ ही वाशिंगटन भविष्य में इस संघर्ष से होने वाले किसी भी विनाश की मरम्मत के लिए भी ईरानी संपत्तियों के उपयोग पर विचार कर रहा है। $24 बिलियन की रिहाई पर अटका शांति समझौता यह घोषणा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजई के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच संभावित शांति समझौता अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई 24 बिलियन डॉलर की ईरानी संपत्ति की रिहाई पर निर्भर करता है। शुक्रवार को सीएनएन से बात करते हुए रेजई ने इस राशि की रिहाई को विश्वास की अहम परीक्षा और किसी भी व्यापक समझौते की दिशा में एक जरूरी कदम बताया था। इस नए घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक संघर्ष विराम प्रयासों के और उलझने का खतरा पैदा कर दिया है। एक अंतरिम समझौते को सुरक्षित करने के चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद वीकेंड में फिर से लड़ाई भड़क उठी है। सैन्य तनाव में वृद्धि और ईरानी ठिकानों पर हमला इस बीच पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, समुद्री यातायात के लिए खतरा बने ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने के बाद अमेरिकी बलों ने शनिवार तड़के होर्मुज में गोरुक और केशम द्वीप पर ईरानी तटीय रडार प्रतिष्ठानों पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने रणनीतिक जलमार्ग के पास दो और ईरानी हमलावर ड्रोनों को मार गिराने का भी दावा किया है। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि सात बैलिस्टिक मिसाइलें रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजरीं, जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं बहरीन में सायरन बजने के बाद निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि मिसाइलों ने दोनों देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिकी सेना ने कहा कि छह मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया और सातवीं अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही। क्या है ईरान की मांगें? अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है ताकि एक ऐसा अंतरिम समझौता हो सके जो शत्रुता को रोक दे और परमाणु कार्यक्रम जैसे विवादित मुद्दों पर भविष्य की बातचीत का रास्ता खोले। हालांकि, अब तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है। तेहरान अपनी तेल आय के अरबों डॉलर तक पहुंच, कच्चे तेल के निर्यात पर प्रतिबंधों से राहत, बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अधिक नियंत्रण की मांग कर रहा है। इसी बीच मध्यस्थता के प्रयासों के तहत, पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को तेहरान पहुंचे। ईरानी मीडिया के अनुसार, वे पाकिस्तान के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री का अयातुल्ला खामेनेई के लिए एक 'विशेष पत्र' लेकर गए हैं। नकवी की ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची सहित कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करने की उम्मीद है। ईरान की क्षमता पर राष्ट्रपति ट्रंप का बयान यह संघर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर भी दबाव बढ़ा रहा है, जिन्हें ईंधन की बढ़ती कीमतों और युद्ध के कारण होने वाले व्यापक आर्थिक व्यवधानों पर घरेलू आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। एनबीसी न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशनों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया है, लेकिन उन्होंने माना कि तेहरान के पास अभी भी एक बड़ा शस्त्रागार मौजूद है। ट्रंप ने कहा, "उनके पास कुछ मिसाइलें और ड्रोन बचे हैं। प्रतिशत के हिसाब से मैं कहूंगा कि शायद उनकी मिसाइलों का 21% से 22% हिस्सा। यह बहुत सारी मिसाइलें हैं, लेकिन जब हमने पहली बार हमला किया था, तब के मुकाबले यह बहुत कम है।" लेबनान में तनाव दक्षिणी लेबनान में एक सैन्य वाहन पर हुए इजरायली हमले में दो सैन्य अधिकारियों और एक सैनिक की मौत हो गई। इजरायली सेना इस घटना की जांच कर रही है। ईरान ने वाशिंगटन के साथ किसी भी व्यापक समझौते को लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आंदोलन के बीच संघर्ष विराम से जोड़ दिया है। हालांकि, इजरायल ने साफ किया है कि उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा। यह जटिल क्षेत्रीय विवाद शांति प्रयासों को और उलझा रहा है। बातचीत रुकी हुई है और युद्ध को तीन महीने पूरे हो चुके हैं, ऐसे में किसी स्थायी समझौते की उम्मीदें फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं।

अब राजस्व रिकॉर्ड के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, CM साय शुरू करेंगे नई हेल्पलाइन सेवा

रायपुर. सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को गरियाबंद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा को और बढ़ा रहे हैं। जब डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब इसकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अब 400 से अधिक सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है। जनता अपने मोबाइल में ऐप के माध्यम से प्रमाण-पत्र और राजस्व रिकॉर्ड घर बैठे प्राप्त कर सकेगी। सीएम साय ने कहा, इसी महीने हम लोग मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ करने जा रहे हैं। एक टोल-फ्री नंबर जनता के पास होगा, जिसके लिए हमारा कार्यालय तैयार है और 100 से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित होकर कार्य के लिए तैयार हो चुके हैं। सीएम ने कहा, आज इस देश का सौभाग्य है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।पहले यूपीए की सरकार लगातार 10 वर्षों तक रही और उस समय के प्रधानमंत्री एक बड़े अर्थशास्त्री माने जाते थे। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक लगभग 10वें स्थान के आसपास बनी रही, लेकिन जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो अपने अथक परिश्रम, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के बल पर उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा, 13 जून को हमारी सरकार के ढाई साल पूरे होने वाले हैं। इन ढाई वर्षों में कहीं भी कोई अपराध हुआ है तो उसकी सख्ती से जांच की गई है और आवश्यक कार्रवाई की गई है। कोई भी दोषी है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

होर्मुज संकट का असर, गैस सिलेंडर की सप्लाई लागत बढ़ी, सरकार पर बढ़ा बोझ

नई दिल्ली 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई की लागत बढ़कर 1,600 रुपये से ज्यादा हो गई है। इससे हर सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है, जिसे सरकार और पब्लिक सेक्टर की मार्केटिंग कंपनियां उठाती हैं। कीमतों में यह बढ़ोतरी इंटरनेशनल बेंचमार्क में हुई तेज वृद्धि के कारण हुई है। होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की वजह से फरवरी से सऊदी अरामको की एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में लगभग 46% की बढ़ोतरी हुई है। होर्मुज में सख्ती के बाद बढ़ी कीमत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, रुकावट से पहले फरवरी में प्रोपेन-ब्यूटेन के 50:50 मिक्स के लिए ब्लेंडेड सऊदी CP 542.50 अमेरिकी डॉलर प्रति टन था। होर्मुज में मिडिल ईस्ट गल्फ से होने वाले एक्सपोर्ट पर सख्ती के बाद अप्रैल का कॉन्ट्रैक्ट बढ़कर 775 अमेरिकी डॉलर प्रति टन हो गया और जून में यह और बढ़कर 790 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया। इसी दौरान प्रोपेन CP में 39 प्रतिशत और ब्यूटेन में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही इम्पोर्ट किए गए मॉलिक्यूल की लैंडेड कॉस्ट भी बढ़ गई, जिससे घरेलू सिलेंडर की इम्पोर्ट-लिंक्ड सप्लाई कॉस्ट 1,600 रुपये से ज्यादा हो गई। दुनिया भर से समसे कम कीमत भारत में कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, भारतीय घरों में खाना पकाने वाली गैस की कीमतें दुनिया भर में सबसे कम हैं। दिल्ली में आम ग्राहक प्रति सिलिंडर 942 रुपये चुकाते हैं, जो बाजार से जुड़ी कीमत से लगभग 700 रुपये कम है। PMUY उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर साल पहले चार रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलिंडर का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर मिलता है, जिससे उन्हें असल में 642 रुपये चुकाने पड़ते हैं। यह उज्ज्वला योजना वाले परिवार की सालाना औसत खपत के बराबर है। 942 रुपये की कीमत पर भी वे अंतरराष्ट्रीय कीमत से लगभग 45% कम भुगतान करते हैं, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत 642 रुपये की प्रभावी कीमत अंतरराष्ट्रीय कीमत से लगभग 60% कम है। एक बार फिर बढ़ीं कीमतें वेस्ट एशिया संकट की वजह से लागत बढ़ने के कारण, रविवार से घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मंत्रालय ने बताया कि घरेलू LPG पर कुल अंडर-रिकवरी (लागत और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर) वित्त वर्ष 2025-26 के आखिर तक 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल 41,338 करोड़ रुपये थी। केंद्रीय कैबिनेट ने इस मद में मार्केटिंग कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये का मुआवजा देने को मंजूरी दी है। मंत्रालय ने कहा कि उज्ज्वला ग्राहकों के लिए 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी इस अंडर-रिकवरी के अलावा है और यह 10.58 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन तक पहुंचती है। होर्मुज में रुकावट के बावजूद सप्लाई सुरक्षित बनी रही। भारत उन कुछ देशों में से एक था जिन्होंने एनर्जी कार्गो की सप्लाई जारी रखी। इम्पोर्ट में कमी की भरपाई के लिए घरेलू LPG प्रोडक्शन को 60% से ज्यादा बढ़ाकर 52 TMT कर दिया गया। सप्लाई के लिए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे नए देशों को भी शामिल किया गया। साथ ही, सब्सिडी वाली घरेलू LPG की कमर्शियल मार्केट में लीकेज को रोकने के लिए OTP-आधारित डिलीवरी वेरिफिकेशन और डायवर्जन-रोधी उपायों को लगभग 90% तक बढ़ाया गया। अन्य देशों में गैस सिलिंडर के दाम नतीजतन, भारत में सिलेंडर की कीमतें पड़ोसी देशों और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम हैं। पाकिस्तान 1,046 रुपये, नेपाल 1,207 रुपये, बांग्लादेश 1,225 रुपये, श्रीलंका 1,241 रुपये, अमेरिका 1,755 रुपये, ऑस्ट्रेलिया 1,765 रुपये, कनाडा 2,411 रुपये। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से सब्सिडी वाले इस संसाधन को बचाने के लिए खाना पकाने के ऐसे तरीकों को अपनाने का आग्रह किया जो ऊर्जा की बचत करते हों।  

खेती के साथ कमाई का मजबूत विकल्प बना डेयरी व्यवसाय, विभाग दे रहा हर संभव सहयोग

रायपुर. प्रदेश के ग्रामीण किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि के साथ ही अन्य व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में कृषि के साथ-साथ पशुपालन से ग्रामीणों की आजीविका से जोड़ा गया है। जिले में करीब 1,78,533 गौवंशीय एवं 12,776 भैंसवंशीय सहित कुल 1,91,309 पशुधन उपलब्ध है। जिले में वर्तमान में दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध व्यवसाय लगातार प्रगति पर है तथा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग क जानकारी के अनुसार देवभोग दुग्ध महासंघ द्वारा जिले से प्रतिदिन लगभग 17 हजार 200 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त निजी डेयरियों द्वारा भी किसानों से बेहतर दर एवं समय पर भुगतान कर बड़ी मात्रा में दूध खरीदा जा रहा है। निजी डेयरियों में हर्षन डेयरी सरायपाली द्वारा प्रतिदिन 6000 लीटर, शारदा डेयरी सरायपाली द्वारा 4000 लीटर, प्रगति डेयरी सरायपाली द्वारा 2000 लीटर, शारदा डेयरी पिथौरा द्वारा 4000 लीटर तथा गाया डेयरी महासमुंद द्वारा प्रतिदिन 1000 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इस प्रकार निजी डेयरियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 17 हजार लीटर दूध खरीदा जा रहा है। देवभोग दुग्ध महासंघ एवं निजी डेयरियों को मिलाकर जिले से प्रतिदिन लगभग 34 हजार लीटर दूध का विक्रय दुग्ध समितियों के माध्यम से किया जा रहा है, जो विगत वर्ष की तुलना में अधिक है। यहां जिले में किसानों को दुग्ध विपणन का कार्य में दुग्ध सहकारी समितियों से जोड़ा गया है। पहले 131 सक्रिय दुग्ध समितियां संचालित है, वहीं शासन की सहकारिता से समृद्धि की मंशानुरूप 25 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। वर्तमान में जिले में कुल 156 सक्रिय दुग्ध समितियां संचालित हैं तथा 30 नई समितियां प्रारंभ करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालक किसानों को उन्नत हरा चारा उत्पादन एवं साईलेज निर्माण हेतु लगातार प्रेरित किया जा रहा है। हरा चारा एवं साईलेज पशुओं के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार का प्रमुख स्रोत है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु साईलेज निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 32 पशुपालकों को टाँक डेयरी फार्म, सेमरिया जिला रायपुर का भ्रमण कराकर साईलेज निर्माण की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई है तथा 16 हितग्राहियों को चारा उत्पादन एवं साईलेज निर्माण हेतु अनुदान उपलब्ध कराया गया है। साथ ही पशुपालकों को नेपियर, बरसीम, अजोला आदि हरे चारे के उपयोग हेतु कृषक संगोष्ठियों के माध्यम से लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जिले में उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने हेतु कृत्रिम गर्भाधान कार्य निरंतर किया जा रहा है। इस तकनीक से अधिक संख्या में मादा बछियों का उत्पादन संभव हो रहा है, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा पशुपालकों को उन्नत नस्ल की दुधारू गायें प्राप्त होंगी। जिले में महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को भी डेयरी व्यवसाय से जोड़ने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिला हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 2-2 गायों का वितरण किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 94 पशुपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (छक्क्ठ) द्वारा महासमुंद जिले के 50 आदिवासी परिवारों के लिए गाय वितरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से आदिवासी परिवारों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में दुग्ध उत्पादन एवं विपणन की स्थिति लगातार मजबूत एवं प्रगतिशील बनी हुई है।