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वित्तीय वर्ष की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG की कीमत ₹195.5 बढ़ी

 नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष का सीधा असर अब जनता की जेब पर पड़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दामों में 195.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है. बुधवार से लागू हुई इन नई कीमतों ने व्यापारियों और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक, दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है।  इससे पहले, 1 मार्च को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।  'कीमतों 50 फीसदी की बढ़ोतरी…' कमर्शियल गैस के दामों में बढ़ोतरी से घर पर खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है. घरेलू कुकिंग गैस (LPG) की कीमतें, जिनमें आखिरी बार 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, अभी भी वैसी ही बनी हुई हैं. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है।  क्या घरेलू सिलेंडर की बढ़ी कीमत हालांकि कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी है। कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह सिलेंडर अभी भी 913 रुपये में मिल रहा है। घरेलू गैस के दाम आखिरी बार 7 मार्च को 60 रुपये बढ़ाए गए थे। कितनी हुई कीमत कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी 114.5 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया। मुंबई में 2031 रुपये की कीमत हो गई। वहीं चेन्नई में 2246.50 रुपये में यह सिलेंडर मिलेगा। पटना में इसकी कीमत 2365 हो गई। पहले भी बढ़े थे दाम बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भी घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। उस समय घरेलू सिलेंडर पर 60 रुपये और कमर्शियल पर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। इस बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क और एक्सचेंज रेट के आधार पर ATF और LPG की कीमतों में बदलाव करती हैं।  पश्चिम एशिया में जंग की वजह से एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावट आने के बाद से ग्लोबल तेल की कीमतों में लगभग 50 फीसदी की तेज़ी आई है।  पिछले साल मार्च में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से, इनकी कीमतें अभी भी स्थिर बनी हुई हैं; दिल्ली में अभी पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर है।  दिल्ली में इतना है सिलिंडर का रेट सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी कीमतों में 114.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, यानी मात्र एक महीने के अंतराल में व्यापारिक गैस के दाम 300 रुपये से अधिक बढ़ चुके हैं। खाद्य वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं कमर्शियल गैस के महंगे होने से रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बाहर खाना और अन्य खाद्य वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। हालांकि, घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में फिलहाल किसी बदलाव की खबर नहीं है।  

PNG गैस कनेक्शन के बाद क्या करना होगा LPG सिलिंडर का? जानिए रिटर्न करने का तरीका

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों से एलपीजी गैस सिलिंडर को लेकर जो हालात हैं, वो किसी से छुपे नहीं है। जहां एक तरफ लोगों में सिलिंडर को लेकर चिंता है, तो वहीं सरकार इसके लिए कई अलग-अलग रास्ते निकाल रही है। ऐसे में सरकार की तरफ से गैस बुकिंग से लेकर कई अन्य नियमों में बदलाव भी किया गया। वहीं, अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर एक फैसला लेते हुए नयी नियम लागू कर दिया है। इस नइ नियम के तहत अब जिन लोगों के घर पर पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी (गैस वाली पाइपलाइन) लगी है और अगर उस घर में एलपीजी सिलिंडर भी है तो उन्हें वो सरेंडर करना होगा। चलिए जानते हैं इसका तरीका क्या है और ये नया नियम क्या कहता है। क्या कहता है नया नियम?     नए नियम के मुताबिक, जिन घरों में पहले से गैस पाइपलाइन लगी है यानी पीएनजी का कनेक्शन लगा है। ऐसे घरों को अलग से एलपीजी सिलिंडर का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा     साथ ही जिन लोगों के घरों में गैस पाइपलाइन लगी है और साथ ही अगर उस घर में एलपीजी सिलिंडर का कनेक्शन भी है, तो ऐसे लोगों को अपना एलपीजी सिलिंडर सरेंडर करना होगा क्यों वापस करना होगा गैस सिलिंडर?     सरकार द्वारा ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि अमेरिका और इजरायल का ईरान से चल रहे युद्ध के कारण ऊर्जा का संकट खड़ा हो गया है     ऐसे में देश में सभी को गैस सिलिंडर मिल पाए जिसके लिए सरकार की तरफ से ये फैसला लिया गया है कैसे सरेंडर करें एलपीजी सिलिंडर? पहला स्टेप     आपको अपना गैस सिलंडर सरेंडर करने के लिए अपनी नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना है     आपको एजेंसी जाना है और उनसे गैस सिलिंडर सरेंडर करने वाला फॉर्म लेना है दूसरा स्टेप     फिर आपको ये फॉर्म भरना है और साथ में अपनी गैस पासबुक या कनेक्शन वाउचर जमा करना है     इसके बाद आपको अपना गैस सिलिंडर और उसके साथ रेगुलेटर भी देना है     फिर जब पूरी कागजी कार्रवाई हो जाती है तो आपको आपका सुरक्षा जमा रिफंड कर दिया जाएगा क्या ऑनलाइन भी सरेंडर कर सकते हैं गैस सिलिंडर?     हां, बिलकुल आप ऑनलाइन भी अपना एलपीजी गैस कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं     इसके लिए आपके पास जिस कंपनी का गैस कनेक्शन है उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है     फिर आप यहां से ऑनलाइन गैस कनेक्शन सरेंडर का प्रोसेस फॉलो कर सकते हैं  

LPG सिलेंडर की कमी से संसद कैंटीन में चाय और कॉफी नहीं मिल रही!

नई दिल्ली देशभर में रसोई गैस की किल्लत की शिकायतों के बीच सरकार ने साफ किया है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है. लोगों को परेशानी की असल वजह कालाबाजारी है. सरकार ने इसके साथ ही इन कालाबाजारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि देश में रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है. सरकार का दावा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं और कई शहरों में लोग सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकार का यह भी दावा है कि देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है और करीब एक लाख पेट्रोल पंपों में कहीं से भी ईंधन खत्म होने की सूचना नहीं मिली है. साथ ही पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई भी सामान्य बताई जा रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि घरों, अस्पतालों और जरूरी संस्थानों को एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा नेताओं ने एलपीजी संकट को अफवाह करार देते हुए विपक्ष पर जनता में घबराहट फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस की कमी से लोग परेशान हैं और सरकार को वास्तविक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए. विपक्षी दलों का दावा है कि जमीनी हकीकत इससे अलग है. कई शहरों में लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि देश के कई शहरों में गैस जैसे ‘गायब’ हो गई है और लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।  नोएडा में 14 गैस एजेंसियों पर रेड, कालाबाजारी के नहीं मिले सबूत, लेकिन लोग परेशान गौतमबुद्ध नगर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने अपनी जांच तेज कर दी है. प्रशासन का दावा है कि फिलहाल जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और जो माहौल बनाया जा रहा है, वह महज अफवाह है. हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट दिख रही है, जहां गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ सिलेंडर के लिए तरस रही है। जिलाधिकारी मेघा रूपम के निर्देशन में गठित चार संयुक्त टीमें लगातार अलग-अलग गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर रही हैं. इन टीमों में खाद्य और रसद विभाग, नापतोल विभाग और संबंधित तेल कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं. शुक्रवार को तहसील दादरी क्षेत्र के अंतर्गत 14 गैस एजेंसियों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि इन एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक पाया गया और कालाबाजारी के कोई सबूत नहीं मिले. जनपद में कुल 65 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें इंडियन ऑयल की 13, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की 26-26 एजेंसियां शामिल हैं। 'संसद की कैंटीन में भी नहीं मिल रही चाय-कॉफी' LPG सिलेंडर की किल्लत पर कांग्रेस सांसद का दावा LPG सिलेंडर की किल्लत की खबरों पर कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि कमी है… मैं रोज़ा रख रहा हूं, लेकिन कल संसद में चर्चा चल रही थी कि जब सांसदों ने संसद कैंटीन में चाय या कॉफ़ी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि यह उपलब्ध नहीं है. और फिर भी, आप दावा करते हैं कि घबराने की कोई बात नहीं है. कालाबाज़ारी की खबरें आ रही हैं, जिसमें कीमतें 1,500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक मांगी जा रही हैं… 1483 जगहों पर रेड, 24 एफआईआर, 6 गिरफ्तार… यूपी में एलपीजी की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ एक्शन उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाते हुए 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई. इस दौरान कालाबाजारी और अनियमितताओं के मामलों में 24 एफआईआर दर्ज की गईं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 19 अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की जमाखोरी या अवैध बिक्री को रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं, जहां से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की निगरानी की जा रही है. सरकार का कहना है कि आम नागरिकों को ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी तरह की कालाबाजारी को सख्ती से रोका जाएगा। पटना में एलपीजी की कालाबाजी पर सख्त एक्शन, 4 एफआईआर दर्ज बिहार की राजधानी पटना में एलपीजी की सुचारू आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है. अब तक एलपीजी नियमों के उल्लंघन के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से तीन एफआईआर बाढ़ उपमंडल में और एक दानापुर उपमंडल में दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में रेस्तरां और कैफे संचालकों के खिलाफ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल करने के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि व्यावसायिक सिलेंडरों का इस्तेमाल करना मौजूदा नियमों का उल्लंघन है. दानापुर में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रशासन उपभोक्ताओं के हित में घरेलू एलपीजी की पारदर्शी और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों, जिला स्तरीय अधिकारियों, उप-मंडल अधिकारियों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को एलपीजी डीलरों और वितरकों के ठिकानों पर नियमित निरीक्षण और छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी उपभोक्ताओं और आम जनता से भी प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहे हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करें और दोषियों को गिरफ्तार करें. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी … Read more

11 महीने बाद MP में घरेलू LPG सिलेंडर ₹60 महंगा

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। वहीं, 19 KG वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। बढ़ी हुई कीमतें आज 7 मार्च से ही लागू हो गई हैं। मध्य प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो अब भोपाल में 918 रुपए, इंदौर में 941 रुपए, ग्वालियर में 996 रुपए, जबलपुर में 919 रुपए और उज्जैन में 972 रुपए में एलपीजी सिलेंडर मिलेगा। सबसे महंगी घरेलू गैस नर्मदापुरम में 1035 रुपए की मिलेगी। इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बढ़ाए गए थे। हालांकि, 8 मार्च 2024 को महिला दिवस पर केंद्र सरकार ने इसके दाम में 100 रुपए की कटौती भी की थी। इसी महीने बढ़े थे कॉमर्शियल गैस के रेट इससे पहले 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे। अब घरेलू गैस सिलेंडर के रेट भी बढ़ गए हैं। सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी ऐसे वक्त की है, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की आशंका जताई जा रही है। किल्लत रोकने LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद कंज्यूमर्स को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की सप्लाई है। एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 क्या है सरकार ने यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 (ESMA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके जारी किया है। इससे पहले सरकार ने यूक्रेन युद्ध के बाद तेल क्षेत्र में ESMA के नियमों को लागू किया था। तब रिफाइनिंग कंपनियों से कहा गया था कि वे देश में फ्यूल की कमी न होने दें और इसे बाहर एक्सपोर्ट न करें, क्योंकि उस समय भारी मार्जिन मिलने की वजह से तेल बाहर बेचना काफी फायदे का सौदा बन गया था। कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत तेल कंपनियां हर महीने पिछले महीने के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों, एक्सचेंज रेट और अन्य लागतों के आधार पर LPG की बेस प्राइस तय करती हैं। इसके बाद टैक्स, ट्रांसपोर्ट और डीलर कमीशन जोड़कर खुदरा मूल्य निकाला जाता है। सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए सरकार अंतर की भरपाई करती है जबकि गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर की पूरी कीमत ग्राहक चुकाता है।

होली पर बड़ा तोहफा! लाखों-करोड़ों लोगों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। होली के मौके पर एक बड़े वर्ग को फ्री में एलपीजी गैस सिलेंडर मिलने वाला है। ये फ्री सिलेंडर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों को मिलेगा। आइए इस योजना के बारे में जान लेते हैं। 1.86 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के रूप में 1,500 करोड़ रुपये जारी किए। इसके तहत लाभार्थी होली से पहले या बाद में अपनी नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि योगी सरकार ने रिफिल सब्सिडी योजना 2022 में शुरू की थी। इस योजना के तहत होली के अलावा दिवाली में भी लाभार्थियों को फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलता है। उज्ज्वला योजना के बारे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पूरे देश में लगभग 10.50 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं। हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को ज्यादा किफायती बनाने और उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, मई 2022 में सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) सब्सिडी देनी शुरू की। कुछ साल बाद में इसे बढ़ाकर 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) कर दिया गया। क्या है जरूरी दस्तावेज? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नामांकन प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड, पता प्रमाण, पासपोर्ट साइज का फोटो औ बैंक विवरण शामिल हैं। आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भरें। इसके बाद तेल कंपनी का नाम चुनना होगा। उदाहरण के लिए इंडेन / भारतगैस / एचपी गैस कनेक्शन का प्रकार चुनना होगा। इसके अलावा राज्य, जिला और वितरक का नाम चुनें। मोबाइल नंबर, कैप्चा और ओटीपी दर्ज करें। परिवार के सभी विवरण, व्यक्तिगत विवरण, पता विवरण, बैंक विवरण भरें, सिलेंडर के प्रकार चुनें, ग्रामीण या शहरी चुनें और घोषणा का चयन करके सबमिट करें। एलपीजी सिलेंडर के दाम बता दें कि होली से ठीक पहले कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं जबकि घरेलू सिलेंडर के मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर 1,768.50 रुपये का हो गया है। यह मार्च 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस साल लगातार तीसरी बार वृद्धि हुई है। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 08 अप्रैल 2025 के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है।  

बजट से पहले 50 रुपये महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर

नई दिल्ली. आज बजट से पहले ही LPG सिलेंडर के उपभोक्ताओं को झटका लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर और घरेलू सिलेंडर के रेट आज 1 फरवरी 2026 अपडेट हुए हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के उपभोक्ताओं को दिल्ली से पटना तक करीब 50 रुपये का तेज झटका लगा है। जबकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1691.50 रुपये की जगह 1740.50 में मिलेगा। कोलकाता में पहले 1795 रुपये का था और अब 1844.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर अब 1642.50 की जगह 1692 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कॉमर्शियल सिलेंडर 1899.50 रुपये में मिलेगा पहले यह 1849.50 रुपये का था। घरेलू एलपीजी के रेट भारत में इंडियन ऑयल के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853 में मिल रहा है। जबकि, पटना में इसकी कीमत ₹951 है। मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। कारगिल में ₹985.5, पुलवामा में ₹969, बागेश्वर में ₹890.5 का है। बजट डे पर कैसे रहा है ट्रेंड इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 5 साल में बजट के दिन घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। जबकि, कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े और घटे भी हैं। 2022 में बजट डे के दिन 1 फरवरी को कॉमर्शियल सिलेंडर के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली थी। इस दिन दिल्ली में 19 किलो वाला नीला सिलेंडर 91.50 रुपये, कोलकाता में 89 रुपये, मुंबई में 91.50 रुपये और चेन्नई में 91 रुपये सस्ता हुआ था। 2023 में न तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बदले और न ही कॉमर्शियल के। 2024 में बजट डे के दिन घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं की जेब पर तो कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को 18 रुपये तक झटका लगा था। 2025 में बजट डे के दिन कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं को ऊंट के मुंह में जीरा जितनी राहत मिली। सिलेंडर के दाम महज 6.50 रुपये कम हुए।