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Raipur में नई शुरुआत: PNG गैस पाइपलाइन से सीधे घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस

रायपुर. राजधानी रायपुर में नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने का कार्य जल्द शुरू होगा. इसके लिए हरियाणा सिटी गैस कंपनी को पेट्रोलियम मंत्रालय ने अधिकृत किया है. वर्तमान में यह कार्ययोजना शहर में प्रारंभिक दौर में है. (Raipur PNG Service) संबंधित एजेंसी को शहर में गैस पाइप लाइन डालने से पहले नियम अनुसार नगर निगम से एनओसी लेनी होगी. साथ ही निर्धारित दर अनुसार शुल्क भी जमा करना होगा, ताकि इस कार्य से नागरिकों को शहर में प्राकृतिक गैस लाइन की सुविधा केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप जल्द मिले. इस दौरान किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न होने पाए. मंगलवार को निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसी सिलसिले में गांधी सदन के सभागार में हरियाणा सिटी एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और दस जोन के जोन कमिश्नरों के साथ बैठक की. निगम आयुक्त विश्वदीप ने हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया है कि वह निगम के संबंधित जोनों के जल और नगर निवेश विभाग के जोन अधिकारियों से तालमेल रखकर शहर में गैस पाइप लाइन डालने का कार्य करें. उन्होंने ये भी कहा कि पेयजल पाइप लाइन किसी भी हालत में क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए, साथ ही शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को तत्काल मरम्मत किया जाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के कार्य दौरान शहर गर्मी के मौसम में नागरिकों असुविधा न हो यह ध्यान रखें. बैठक में अपर आयुक्त पंकज शर्मा, दस जोन के जोन कमिश्नर, नगर निवेश विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितीश झा, उप अभियंता नगर निवेश रविप्रभात साहू, हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान: लुधियाना और जालंधर में गैस पाइपलाइनों का जाल बिछेगा

चंडीगढ़  राज्य में चालू वर्ष में 39 लाख पीएनजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में भरोसा दिलाया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से पूरी तरह राहत मिलेगी। अरोड़ा ने बताया कि अब तक एक लाख 30 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और शहरों की हर गली तक पाइपलाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में गैस की कोई कमी नहीं है और अब सरकार का फोकस औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करने पर है। मंत्री ने कहा कि गैस पाइपलाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है और जल्द ही लुधियाना की इंडस्ट्री को इससे जोड़ा जाएगा। इसके बाद जालंधर को भी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति बेहतर है और इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है। अरोड़ा ने इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि कई फोकल प्वाइंट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार ने नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति लागू की है। इसके तहत अब स्थानीय स्तर पर ही फैसले लिए जा सकेंगे और जरूरी कामों में देरी नहीं होगी। इंडस्ट्री से जुड़ी सेवाओं में देरी का एक बड़ा कारण पालिसी इंटरप्रिटेशन और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी (अप्रूवल) की प्रक्रिया थी। इसे दूर करने के लिए फास्ट सर्विस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत पहले 15 दिन में मिलने वाली सेवाओं को अब 10 दिन में पूरा किया जाएगा। अरोड़ा ने “फ्रीहोल्ड प्रापर्टी” का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रीहोल्ड इंडस्ट्रियल प्लाट्स को अब प्राथमिकता के आधार पर तेज सेवाएं दी जाएंगी, ताकि उद्योगपतियों को कम समय में मंजूरी और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही “डेलीगेशन आफ पावर्स” के तहत अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे उन्हें बार-बार उच्च स्तर पर अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने लीज होल्ड प्रापर्टी से जुड़े मुद्दों को भी स्वीकार किया और कहा कि इन मामलों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा न हो। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित चार्जेज बिजली बिलों के साथ ही वसूले जाएंगे, जिससे कलेक्शन सुनिश्चित होगा। यह राशि स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो फोकल प्वाइंट्स में सड़कों, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं पर खर्च तय करेगा। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, बल्कि फोकल प्वाइंट्स की समस्याओं को दूर कर उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना भी है, जिससे पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।

गैस की किल्लत में बड़ी राहत: झारखंड में पाइपलाइन गैस से चल रही रसोई और कारोबार

रामगढ़. जिले में पाइप लाइन से गैस आपूर्ति शुरू होने से कई घरों व होटलों में बड़ी परेशानी दूर हुई है। कई होटल संचालकों के लिए शुरू हुई यह सुविधा सहारा बनी है और लगातार पीएनजी कनेक्शन बढ़ रहे हैं, इसके लिए लोग रजिस्ट्रेशन में भी करवा रहे हैं। कई होटल संचालकों ने बेबाक कहा कि जब कॉमर्शियल गैस सिलिंडर मिलना बंद हुआ तो हमलोग अधिक विचलित नहीं हुए, क्योंकि उन्होंने पीएनजी कनेक्शन करीब डेढ़ माह पहले से ले रखा था। अगर यह कनेक्शन उनके होटल में न होता उन्हें होटल बंद करना पड़ता। यही नहीं होटल में काम कर रहे अपने कर्मचारियों को खाना कैसे खिलाते यह भी बड़ी समस्या सामने आती। वर्तमान में इंडियन आयल ने शहरी क्षेत्र में पाइप लाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति कर रही है। करीब तीन सौ घरों व आधे दर्जन होटल में पीएनजी कनेक्शन से खाना तैयार हो रहा है। जानकार बताते हैं कि घरों में 40 प्रतिशत तक गैस का खर्च कम हुआ है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से होटल संचालकों को पीएनजी की 20 प्रतिशत कटौती के आदेश से होटल संचालक सकते में हैं। यही नहीं कई होटलों में डीजे सेट यानी जेनरेटर भी पीएनजी से संचालित किए जा रहे हैं। इससे इनकी काफी समस्या दूर हुई है। वहीं, कई मोबाइल टावरों में जेनरेटर भी पीएनजी से ही चल रहे हैं। इससे डीजल ढोकर टावर तक लाने व जेनरेटर में डालने की परेशानी दूर हुई है। कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी शहर के लगभग सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। पिछले एक पखवारे से कामर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, इससे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कई रेस्टोरेंट संचालकों को मजबूरी में कोयला भट्टी का सहारा ले रहे हैं। कई होटल संचालक ब्लैक में सिलिंडर खरीद अपना काम चला रहे हैं। इससे मुनाफाखोरों की चांदी हैं। वे एक सिलिंडर पर पांच से सात सौ रुपये तक की अतिरिक्त वसूली होटल संचालकों से कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। इससे पूरे शहर के होटल व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों को अपना होटल चलाने के लिए ऊंची कीमतों पर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। – मुरारी अग्रवाल, चौपाटी होटल संचालक, रामगढ़। कुछ रेस्टोरेंट्स को हाल ही में पीएनजी गैस पाइपलाइन कनेक्शन मिला है, इससे उनपर एलपीजी संकट का सीधा असर नहीं पड़ा। हालांकि, भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार अब कॉमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए पीएजी गैस की आपूर्ति भी 80 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। इससे उनकी संचालन क्षमता पर भी असर पड़ेगा। – कमल शर्मा, मारवाड़ी होटल संचालक, रामगढ़। रामगढ़ के रेस्टोरेंट व्यवसायियों की मांग है कि गैस एजेंसियां कम से कम 80 प्रतिशत तक कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चला सकें और इस आर्थिक संकट से उबर सकें। वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन ने उन्हें काफी राहत दी है। – सजल चड्ढ़ा, होटल वेव्स संचालक, रामगढ़। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में पौने तीन सौ घरेलु कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा आधा दर्जन रेस्टोरेंट-होटलों में भी कनेक्शन दिए गए हैं। यही नहीं कई होटलों में जेनरेटर आदि भी पीएनजी से ही चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा कई मोबाइल टावरों को भी डीजी सेट चलाने के लिए कनेक्शन दिए गए हैं। – राहुल साव, पीएनजी इंचार्ज रामगढ़।

PNG गैस कनेक्शन के बाद क्या करना होगा LPG सिलिंडर का? जानिए रिटर्न करने का तरीका

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों से एलपीजी गैस सिलिंडर को लेकर जो हालात हैं, वो किसी से छुपे नहीं है। जहां एक तरफ लोगों में सिलिंडर को लेकर चिंता है, तो वहीं सरकार इसके लिए कई अलग-अलग रास्ते निकाल रही है। ऐसे में सरकार की तरफ से गैस बुकिंग से लेकर कई अन्य नियमों में बदलाव भी किया गया। वहीं, अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर एक फैसला लेते हुए नयी नियम लागू कर दिया है। इस नइ नियम के तहत अब जिन लोगों के घर पर पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी (गैस वाली पाइपलाइन) लगी है और अगर उस घर में एलपीजी सिलिंडर भी है तो उन्हें वो सरेंडर करना होगा। चलिए जानते हैं इसका तरीका क्या है और ये नया नियम क्या कहता है। क्या कहता है नया नियम?     नए नियम के मुताबिक, जिन घरों में पहले से गैस पाइपलाइन लगी है यानी पीएनजी का कनेक्शन लगा है। ऐसे घरों को अलग से एलपीजी सिलिंडर का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा     साथ ही जिन लोगों के घरों में गैस पाइपलाइन लगी है और साथ ही अगर उस घर में एलपीजी सिलिंडर का कनेक्शन भी है, तो ऐसे लोगों को अपना एलपीजी सिलिंडर सरेंडर करना होगा क्यों वापस करना होगा गैस सिलिंडर?     सरकार द्वारा ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि अमेरिका और इजरायल का ईरान से चल रहे युद्ध के कारण ऊर्जा का संकट खड़ा हो गया है     ऐसे में देश में सभी को गैस सिलिंडर मिल पाए जिसके लिए सरकार की तरफ से ये फैसला लिया गया है कैसे सरेंडर करें एलपीजी सिलिंडर? पहला स्टेप     आपको अपना गैस सिलंडर सरेंडर करने के लिए अपनी नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना है     आपको एजेंसी जाना है और उनसे गैस सिलिंडर सरेंडर करने वाला फॉर्म लेना है दूसरा स्टेप     फिर आपको ये फॉर्म भरना है और साथ में अपनी गैस पासबुक या कनेक्शन वाउचर जमा करना है     इसके बाद आपको अपना गैस सिलिंडर और उसके साथ रेगुलेटर भी देना है     फिर जब पूरी कागजी कार्रवाई हो जाती है तो आपको आपका सुरक्षा जमा रिफंड कर दिया जाएगा क्या ऑनलाइन भी सरेंडर कर सकते हैं गैस सिलिंडर?     हां, बिलकुल आप ऑनलाइन भी अपना एलपीजी गैस कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं     इसके लिए आपके पास जिस कंपनी का गैस कनेक्शन है उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है     फिर आप यहां से ऑनलाइन गैस कनेक्शन सरेंडर का प्रोसेस फॉलो कर सकते हैं