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कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा बढ़ा, KGP12 ने 4 शावकों को दिया जन्म

श्योपुर प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे होने के एक दिन बाद 18 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 4 शावकों को जन्म दिया। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। भारत की धरती पर जन्मी मादा चीता KGP12 ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। इस नए जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चीते अब भारतीय जलवायु और जंगलों में पूरी तरह से रच-बस गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने साझा की खुशखबरी शावकों के जन्म की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए लिखा, "4 साल, 4 नई जिंदगियां – प्रोजेक्ट चीता के लिए यह उम्मीद और सफलता का प्रतीक है।" भारत में दूसरी पीढ़ी की शुरुआत मादा चीता KGP12 का खुले जंगल में मां बनना इस प्रोजेक्ट की एक बहुत बड़ी कामयाबी है। KGP12 दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' की बेटी है। गामिनी भारत में शावकों को जन्म देने वाली पहली चीता थी। अब उसकी बेटी द्वारा शावकों को जन्म देना यह साबित करता है कि यह प्रोजेक्ट अब विदेशों से चीते 'लाने' के शुरुआती चरण से आगे बढ़कर भारत में उनके 'बसने और बढ़ने' के प्राकृतिक दौर में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है। कूनो में चीतों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद KGP12 का भारत में जन्म लेना और अब उसके शावकों को जन्म देना प्रोजेक्ट चीता के लिए खास महत्व रखता है। इससे भारत में जन्मे चीतों के प्राकृतिक प्रजनन की प्रक्रिया बढ़ने का संकेत मिला है। कूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने और उनके लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयासों के बीच चार नए शावकों का जन्म वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी अच्छी खबर है। पर्यावरण मंत्री ने इस मौके पर कूनो और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पूरे परिवार को बधाई दी। चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीता संरक्षण अभियान की उपलब्धियों में एक और खास अध्याय जुड़ गया है। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने इसकी जानकारी दी है। कूनो में चीता प्रोजेक्ट के 4 साल चार साल पहले 17 सितंबर 2022 को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की वापसी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो में छोड़ा था। अब इस परियोजना के चार साल पूरे होने पर 17 सितंबर को कूनो के टिकटोली गेट पर हजारों दीप जलाए । यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ । चीतों की वापसी के चार साल बाद कूनो में उनकी संख्या बढ़ी है और यहां भारत में भी शावकों का जन्म हुआ है। परियोजना ने श्योपुर को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है। 4 साल में क्या बदला? चीता परियोजना के चार वर्ष पूरे होने पर देश में 52 चीते हैं। इनमें 49 कूनो नेशनल पार्क और 3 मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में हैं। कुल 52 चीतों में से 32 का जन्म भारत में हुआ है। कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए अनुकूल साबित हुआ है। भारत में जन्मे शावकों ने परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 17 सितंबर को कूनो में क्या होगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और चीता परियोजना के चार साल पूरे होने के मौके पर टिकटोली गेट पर हजारों दीप जलाए । दीपों के जरिए चीता संरक्षण और भारत में चीतों की वापसी के प्रति आभार व्यक्त किया ।    

चंडीगढ़ में आज शुरू होगी ‘भारत टैक्सी’ सेवा, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन; जानें फायदे

 चंडीगढ़  Bharat Taxi News: चंडीगढ़ में आज से भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो रही है। आज सेक्टर 9 में मौजूद नई यूटी सचिवालय इमारत में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल तथा केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। डिजिटल शुभारंभ के बाद भारत टैक्सी (Bharat Taxi App Launched) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। भारत टैक्सी से लोगों को क्या फायदा होगा, ड्राइवरों को यह कैसे फायदा पहुंचाएगी, ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाओं से यह सर्विस कैसे अलग है, क्या यह सरकार द्वारा जारी एक नई पहल है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब यहां जानते हैं। लेकिन इससे पहले जानना जरूरी है कि हाल ही में चंडीगढ़ में कई नामी टैक्सी सेवाओं के लाइसेंस छह महीने के लिए रद किए गए हैं। इसके कुछ दिनों बाद ही प्रशासन केंद्रशासित प्रदेश में भारत टैक्सी की शुरुआत कर रहा है। ओला-उबर जैसी सेवाओं पर लगी रोक पिछले सप्ताह चंडीगढ़ प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया। इसके अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश में एप आधारित कैब-बाइक टैक्सी सेवाओं वाली कंपनियों पर छह महीने की रोक लगा दी गई। ओला, इन-ड्राइव, उबर, रैपिडो का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। क्यों लिया यह फैसला? कैब और टैक्सी ड्राइवरों के करीब 100 दिन से चल रहे धरने और 15 दिन की भूख हड़ताल के बीच स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने यह फैसला लिया है। अब जानिए क्या है भारत टैक्सी सेवा भारत टैक्सी सेवा सरकार की एक नई पहल है, जिसकी शुरुआत 2 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली से हुई थी । इसका उद्देश्य कॉ-ओपरेटिव टैक्सी प्लेटफॉर्म पर प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाना है। सरकार इस एप के जरिए यात्रियों और ड्राइवर दोनों के हितों का ध्यान रख रही है। सरकार के इस एप के जरिए टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के हिस्सेदार के रूप में जोड़ा जाएगा। ड्राइवरों को क्या होगा फायदा? भारत टैक्सी सेवा का उद्देश्य तकनीक आधारित परिवहन सेवा में सहकारिता की भावना को लागू करना और ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाना है। प्रशासन के अनुसार, इस पहल से सहकारी मॉडल का विस्तार परिवहन क्षेत्र में होगा, जिससे चालकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उनकी भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सकेगी। यानी ड्राइवर खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार होंगे। खास बात है कि इसमें ड्राइवरों को कोई कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ ही राइडर को एक्सीडेंट और इंश्योरेंस कवरेज जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। भारत टैक्सी एप से ड्राइवर को फायदे     किराया ड्राइवर के बैक अकाउंट में जाएगा।     एप में कंपनी का कोई वॉलेट नहीं है।     ड्राइवर कर्मचारी नहीं , बल्कि हिस्सेदार होंगे।     एप में कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं है।     किराए में कोई फेरबदल नहीं होता। यात्रियों को क्या होगा फायदा? भारत टैक्सी एप का किराया अन्य टैक्सी सेवाओं की तुलना में 30 फीसदी (Bharat Taxi fare) तक कम है। वहीं, इस एप के जरिए यात्रियों की सुरक्षा, विशेषतौर पर महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस किया गया है। गलत व्यवहार पर यात्री भारत टैक्सी एप के हेल्प-सपोर्ट सेक्शन में जाकर राइड से संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। खास बात है कि 150 से ज्‍यादा महिला ड्राइवर ‘बाइक दीदी’ योजना के तहत प्लेटफॉर्म से जुड़ी हैं, इससे महिलाएं महिला कैप्टन या ड्राइवर का भी चुनाव कर सकती हैं।     कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं।     महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस।     अन्य टैक्सी सेवाओं से 30 फीसदी तक सस्ता।     राइड बुक करना काफी आसान।     कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं।     वाहन को ट्रैक करना काफी आसान। किन शहरों में जारी है भारत टैक्सी एप की सेवाएं? भारत टैक्सी एप की शुरुआत दिल्ली में  हुई। आज इसे चंडीगढ़ में लॉन्च किया जा रहा है। इसके साथ ही जयपुर और राजकोट जैसे शहरों में भी इसका संचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस सहकारी मॉडल को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में भी चलाए जाने की प्रक्रिया जारी है। कैसे करें डाउनलोड? भारत टैक्सी एप (Bharat Taxi booking) को गुगल प्ले स्टोर या आईओएस से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। जिसके बाद यूजर अपनी ई-मेल आईडी या फिर मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर सकता है। वहीं, राइडर्स भारत टैक्सी ड्राइवर एप डाउनलोड कर अपना आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन से जुड़े अन्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर वेरिफाई के बाद सर्विस शुरू कर सकते हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उज्जैन पहुंचे नितिन नबीन, धोती पहन महाकाल के किए दर्शन

 उज्जैन विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान श्री महाकालेश्वर के आंगन में शुक्रवार तड़के भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर में आयोजित भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। नंदी हॉल में बैठ शिव भक्ति में लीन नितिन नबीन भाजपा राष्ट्रीय नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल व अन्य बाबा महाकाल के दरबार में अल सुबह 04 बजे पहुंचे. जहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर 2 घण्टे तक भस्म आरती के दर्शन लाभ लिए. भगवान का आशीर्वाद लिया और पूजन अर्चन आरती की. वे नंदी हॉल में बैठ शिव भक्ति में लीन नजर आए. बाबा का भी इस दौरान राजा स्वरूप में श्रृंगार हुआ. नितिन नबीन मंदिर के ही पास सम्राट विक्रमादित्य हेरीटेज होटल में ही रात रुके. अब इंदौर एयरपोर्ट और वहां से पंजाब निकलने का कार्यकम है।  भस्म आरती में लीन दिखे भाजपा अध्यक्ष बाबा महाकाल की भस्म आरती के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शिवभक्ति में लीन नजर आए। नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने पूरे समय हाथ जोड़कर भगवान शिव का ध्यान किया और महाकाल के जाप में डूबे रहे। आरती के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तालियां बजाकर शिवभक्ति की लय में सहभागिता की। उज्जैन आगमन पर भस्म आरती में शामिल होने का यह अनुभव उनके लिए खास रहा। महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान नितिन नबीन पारंपरिक सोला-पारिधान में नजर आए। उन्होंने पीले रंग की धोती पहनी हुई थी। मंदिर की परंपरा के अनुसार भस्म आरती में शामिल होने के दौरान निर्धारित पारंपरिक परिधान धारण किया जाता है। देश की यश-कीर्ति और प्रधानमंत्री के लिए की प्रार्थना भस्म आरती के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि यह बाबा महाकाल की पवित्र नगरी है और यहां पहली बार आने का सौभाग्य पाकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल पूरे विश्व का ध्यान रखते हैं।  अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पहुंचे उज्जैन नितिन नबीन ने कहा, ''बाबा महाकाल की भूमि पर आकर जो खुशी हो रही है उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता. मैंने बाबा महाकाल से देश की सुख समृद्धि की मनोकामना की है.'' उन्होंने बताया कि, ''अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उज्जैन आया हूं. आज जो कुछ हूं बाबा के आशीर्वाद से हूं. इसलिए तय कर रखा था बाबा का आशीर्वाद लेना है. बाबा का बुलावा आया और मैं चला आया. कल हमने पीएम मोदी का जन्मदिवस मनाया है. बाबा से प्रार्थना की है कि पीएम नरेंद्र मोदी की आयु लंबी हो और वे ऐसे ही विकास कार्य करते रहे. बाबा का आशीर्वाद प्रधानमंत्री पर बना रहे. यश कीर्ति वैभव उन्हें मिले।  पारंपरिक सोला-पारिधान में दिखा राष्ट्रीय अध्यक्ष सबसे खास बात यह रही ही महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान नितिन नबीन पारंपरिक सोला-पारिधान में नजर आए. उन्होंने पीले रंग की धोती पहनी हुई थी. दर्शन के बाद मंदिर में कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह, प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा नितिन नबीन एवं हेमंत खंडेलवाल को बाबा महाकाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया. उन्हें लड्डू प्रासद दिया गया. साथ ही प्रभारी मंत्री, सांसद व अन्य नेताओं ने भी दोनों पार्टी अध्यक्षों का स्वागत सम्मान किया।  'आशीर्वाद दीप' प्रोग्राम में शामिल हुए नितिन नबीन इससे पहले नितिन नबीन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के मशहूर राम घाट पर महाकाल के भक्तों के साथ 'आशीर्वाद दीप' प्रोग्राम में शामिल हुए. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की. नितिन नबीन ने अपने X हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ता रहे यही कामना है। 

भारत की इकोनॉमी को मूडीज का बूस्टर, GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया

नईदिल्ली  मूडीज रेटिंग्स ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अपना अनुमान बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया है। पहले जहां 2026-27 में 6% वृद्धि का अनुमान था, अब उसे बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। इसकी वजह यह है कि मिडिल ईस्ट के संघर्ष के झटके को भारत ने जितनी अच्छी तरह झेला है, उतना मूडीज को उम्मीद नहीं थी। आज 18 सितंबर यानी शुक्रवार को मूडीज की नियमित समीक्षा में यह अपग्रेड सामने आया। इसके पीछे मजबूत निजी खपत, अच्छा ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन, लगातार सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, निजी निवेश में सुधार के संकेत और सेवाओं की मजबूती जैसे कारण बताए गए हैं। पहले छह महीनों में 8.2% की वृद्धि मूडीज के मुताबिक, 2026 के पहले 6 महीनों में भारत की रियल GDP वृद्धि 8.2% रही, जबकि 2025 में पूरे साल की वृद्धि 7.3% थी। मूडीज ने कहा, "मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पैदा हुए वैश्विक झटके को अर्थव्यवस्था ने जिस तरह झेला है, उसी वजह से हमने वित्त वर्ष 2026-27 (मार्च 2027 में खत्म) के लिए अपना अनुमान 6% से बढ़ाकर 7% किया है।" आधिकारिक आंकड़े भी मजबूत मूडीज का संशोधित अनुमान ऐसे समय आया है जब आधिकारिक वृद्धि आंकड़े भी मजबूत हैं। FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% बढ़ी, जबकि एक साल पहले 7.1% थी। चौथी तिमाही की वृद्धि 7.8% रही। IMF, S&P और RBI से आगे निकला मूडीज मूडीज का यह संशोधित अनुमान इस साल की शुरुआत में दूसरी बड़ी संस्थाओं के अनुमानों से काफी ऊपर है।     अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने जुलाई की अपनी वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में वित्तवर्ष 2027 के लिए 6.4% वृद्धि का अनुमान लगाया था। IMF ने कहा था, "भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है, निजी खपत और सेवाओं की मजबूत रफ्तार के सहारे 6.4% वृद्धि का अनुमान है।"     S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने जून में 6.6% वृद्धि का अनुमान दिया था। S&P ने जून में ऊर्जा कीमतों, मिडिल ईस्ट संघर्ष, कमजोर मानसून और धीमी वैश्विक वृद्धि के जोखिमों के चलते FY27 का अनुमान 7.1% से घटाकर 6.6% किया था। उसे FY28 में 7.2% की वापसी की उम्मीद थी।     भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी जून में FY27 का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया था। RBI ने भी पश्चिम एशिया संघर्ष, ऊंची ऊर्जा कीमतों, सप्लाई में बाधा और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते FY27 का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% किया था। मूडीज का 7% अनुमान IMF से 0.6 प्रतिशत अंक और S&P तथा RBI दोनों से 0.4 प्रतिशत अंक ज्यादा है। घरेलू मांग है रियल ताकत मूडीज का मानना है कि इस उम्मीद भरे अनुमान की मुख्य वजह घरेलू मांग है। निजी खपत मजबूत हुई है और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च के सहारे ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन भी अच्छा बना हुआ है। एजेंसी को उम्मीद है कि निजी क्षेत्र का निवेश भी फिर से शुरू होगा, जो वृद्धि की एक और वजह बनेगा। सेवाओं का कामकाज भी मजबूत बना हुआ है। इन सबने मिलकर भारत को मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर सहने में मदद की, जिससे साल की शुरुआत में ऊर्जा कीमतों, व्यापार और विदेशी संतुलन को लेकर चिंताएं थीं।

हूतियों से अमेरिका की कथित सीक्रेट डील, यमन में बढ़त ने सऊदी अरब को डाला मुश्किल में

दुबई  यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जूझ रहे सऊदी अरब के सामने अब नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है. सऊदी अरब के सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका और ईरान समर्थित हूतियों के बीच सीधे संपर्क की खबर सामने आई है. दोनों पक्षों के बीच ओमान में बातचीत हुई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका और हूतियों के बीच कोई औपचारिक डील हुई है या नहीं।  मामला इसलिए अहम है क्योंकि हूतियों ने पिछले हफ्ते यमन के लाल सागर वाले इलाके में तेजी से बढ़त बनाई और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया. यह रास्ता सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम है. इसी दौरान हूती ड्रोन और मिसाइल सऊदी शहरों और तेल से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि मक्का में भी हूती ड्रोन को लेकर अलर्ट जारी हुआ।  अमेरिका-हूती के बीच ओमान में बातचीत रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच पिछले वीकेंड ओमान की राजधानी मस्कट में मुलाकात हुई. यह बैठक ओमान की मध्यस्थता में हुई बताई गई है।  हूती प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद अब्दुलसलाम और अब्देलमलिक अल-अजीरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे. रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया कि वे अमेरिकी जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे और 2025 में हुए सीजफायर का पालन करेंगे।  बताया गया है कि हूतियों ने इजरायली जहाजों को निशाना बनाने की बात कही, लेकिन सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी जारी रखी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि अमेरिका हूतियों के साथ सीधे बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है।  क्या अमेरिका ने हूतियों से डील कर ली? अभी तक अमेरिका या हूतियों की तरफ से किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की समझ बनने के संकेत जरूर मिले हैं।  पूर्व अमेरिकी राजनयिक नबील खौरी ने इसे एक तरह की अनौपचारिक समझ बताया है. उनके मुताबिक, हूती अमेरिकी प्रशासन को यह भरोसा दे सकते हैं कि लाल सागर में अमेरिकी और दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. खतरा मुख्य रूप से सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को रहेगा।  अमेरिका के लिए भी यह समझ अहम हो सकती है. ईरान के साथ जंग में उलझे अमेरिका के पास हूतियों के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पहले जैसी क्षमता नहीं है. ऐसे में लाल सागर में जहाजों की आवाजाही बनी रहे और अमेरिकी जहाज सुरक्षित रहें, तो वॉशिंगटन के लिए हूतियों से सीधी जंग से बचना अहम हो सकता है।  सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा दबाव सऊदी अरब पर पड़ता दिख रहा है. सऊदी समर्थित यमनी लड़ाके हूतियों को रोकने में अब तक कामयाब नहीं हुए हैं. सऊदी अरब के कई हवाई हमले भी हूतियों की पकड़ को निर्णायक रूप से खत्म नहीं कर पाए।  दूसरी तरफ पाकिस्तान और तुर्की ने भी यमन में सीधे लड़ाकू अभियान चलाने से इनकार किया है. अमेरिका और ब्रिटेन ने भी हूती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की सऊदी मांग को स्वीकार नहीं किया है. यहां तक कि रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सऊदी ने खुफिया मदद के लिए इजरायल से भी संपर्क किया है।  ऐसे में अगर अमेरिका और हूतियों के बीच किसी तरह की समझ बनती है और हूती अमेरिकी या दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को छोड़कर सऊदी जहाजों को निशाना बनाते रहते हैं, तो सऊदी अरब पर दबाव और बढ़ सकता है।  यानी फिलहाल यह औपचारिक डील है या सिर्फ एक अनौपचारिक समझ, यह साफ नहीं है. लेकिन इतना जरूर है कि हूतियों के खिलाफ जंग में सऊदी अरब को अपने सबसे बड़े सहयोगियों से अपेक्षित सैन्य मदद नहीं मिल रही है और उसे बढ़ते खतरे का सामना ज्यादा अकेले करना पड़ सकता है। 

पंजाब में PAU किसान मेले की शुरुआत, CM करेंगे उद्घाटन; वैज्ञानिक खेती और बढ़ेगी किसान आय पर जोर

चंडीगढ़  पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में आज से दो दिन का बड़ा किसान मेला शुरू हो रहा है। 18 और 19 सितंबर को लगने वाले इस मेले में पंजाब और आसपास के राज्यों से हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दोपहर 12 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे।  इस दौरान सीएम राज्य के आगे बढ़कर खेती करने वाले (प्रोग्रेसिव) किसानों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वे किसानों को सरकार की नई योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी देंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री PAU में लगाए गए अलग-अलग स्टॉलों को भी देखने जाएंगे। PAU प्रशासन ने इस बार मेले का मुख्य संदेश ‘वैज्ञानिक खेती अपनाएं, कृषि आय बढ़ाएं’ रखा है। इसका मकसद किसानों को पुरानी और पारंपरिक खेती से निकालकर नई तकनीकों की तरफ ले जाना है, जिससे खेती की लागत कम हो और कमाई बढ़ सके। मेले में यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक सीधे किसानों से बात करेंगे। वे फसलों की नई किस्मों, सही बीजों और खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी देंगे। एग्रीवोल्टिक्स तकनीक से कम जमीन में ज्यादा फायदा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. ए.एस. ढट्ट ने बताया कि पंजाब में फसलों की पैदावार बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टिक्स तकनीक के तहत एक ही जमीन पर सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाकर बिजली भी बनाई जा सकती है और नीचे खेती भी की जा सकती है। इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा। मिट्टी की सेहत और पराली का इस्तेमाल डॉ. एम.एस. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने सालों से पूरे देश का पेट भरा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिट्टी की जांच करवाएं, खाद और पानी का सही इस्तेमाल करें, पराली को जलाने के बजाय काम में लाएं और केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह की खेती करें। किसान और PAU का रिश्ता PAU के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने कहा कि यह मेला किसानों के फायदे के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने सभी किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को परिवार के साथ मेले में आने का न्योता दिया।  

MP में नेताओं के लगातार दौरे, राहुल गांधी से पहले मोहन भागवत करेंगे Gen-Z से संवाद?

भोपाल अगले तीन-चार दिनों तक पूरे देश की निगाहें मध्यप्रदेश पर रहने वाली हैं. दरअसल, 17 से 19 सितंबर तक संघ प्रमुख मोहन भागवत, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश दौरे पर होंगे. इसके साथ ही संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबोले भी मध्यप्रदेश दौरे पर आ रहे हैं. निगाहें आज उज्जैन में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात पर लगी हैं. मोहन भागवत गुरुवार दोपहर तक उज्जैन पहुंचेंगे, जहां उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हो सकती है. दोनों की इस मुलाकात को मध्य प्रदेश की सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, आज पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर मालवा से निकलने वाले सियासी संदेश पर पूरे देश की नजर होगी।  नबीन का पहला मध्यप्रदेश दौरा, क्या होगा भागवत संवाद? मध्यप्रदेश का मालवा यूं भी बीजेपी का गढ़ रहा है लेकिन पीएम मोदी के जन्मदिन के साथ अगले कुछ दिनों तक मालवा देश के केन्द्र में रहने वाला है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद उनके पहले मध्यप्रदेश दौरे की शुरुआत आज इंदौर से हो रही है. शाम को वे उज्जैन में रामघाट पर पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. संघ प्रमुख 18 सितम्बर से होने जा रही धर्म संसद को संबोधित करने आज दोपहर तक उज्जैन पहुंच रहे हैं. इस लिहाज से इन दोनों ही नेताओं की मुलाकात की पूरी संभावना है. माना जा रहा है कि ये मुलाकात बीजेपी के संगठनात्मक विषयों को लेकर नई दिशा तय कर सकती है।  राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं, '' इस तरह की मुलाकात के अमूमन कार्य्रक्रम जारी नहीं होते हैं. लेकिन स्वभाविक ही है कि जब संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन में हैं, तो नितिन नबीन उनसे मुलाकात करेंगे. लेकिन ये कोई एजेंडा मीटिंग होगी ये भी पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता. चूंकि संघ प्रमुख सें संवाद एक दिशा तो देता ही है, उस लिहाज से इस मुलाकात को देखा जा सकता है  राहुल से पहले नबीन और भागवत का दौरा उधर कांग्रेस राहुल गांधी के इंदौर में होने जा रहे छात्रों की गूंज कार्यक्रम के ठीक पहले नितिन नबीन के मध्यप्रदेश आगमन और उज्जैन में होने जा रही धर्म संसद जैसे आयोजन के कई मायने निकाले जा रहे हैं. वहीं, कांग्रेस इसे बीजेपी की घबराहट बता रही है. कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा कहती हैं, '' जैसे ही हमारे नेता राहुल गांधी जी का कार्यक्रम तय हुआ, उसके ठीक बाद नितिन नबीन का दौरा कार्यक्रम तय किया गया. बीजेपी ये भी तय नहीं कर पा रही थी कि वे आकर करेंगे क्या. ये सिर्फ राहुल गंधी जी की बढ़ती लोकप्रियता से हुई घबराहट का नतीजा है।  मालवा फिर बीजेपी की राजनीति का सेंटर पाइंट बना मालवा बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है, इंदौर में नगर निगम से लेकर सारे विधायक और सांसदों तक यहां बीजेपी का कब्जा है. इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ करेंगे. उधर उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंस सेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत धर्म संसद में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं. धर्म संसद 18 सितम्बर से है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- पीएम मोदी का सेवा और समर्पण देशवासियों के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ, ‘आशीर्वाद के दीयों’ से जगमगा उठी राजधानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर रायपुरवासियों ने जलाए 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जनभागीदारी के इस ऐतिहासिक आयोजन ने बनाया कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ ‘आशीर्वाद का दीया’ मुख्यमंत्री साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर बढ़ाया जनभागीदारी का उत्साह, शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का किया शुभारंभ, स्क्रीन टाइम कम कर पुस्तकों से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना की। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर रायपुरवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। जनभागीदारी के इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला। मुख्यमंत्री साय शाम को अपने निवास कार्यालय से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ क्लब चौक से भगत सिंह चौक, घड़ी चौक, शारदा चौक, गौरव पथ और शंकर नगर होते हुए तेलीबांधा तालाब स्थित मुख्य समारोह स्थल तक पूरे मार्ग में ‘आशीर्वाद के दीयों’ की रोशनी दिखाई दी। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप जलाए थे। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थानों पर रुककर नागरिकों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं भी उनके साथ दीप प्रज्वलित किए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान घड़ी चौक स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शारदा चौक स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भगत सिंह चौक स्थित अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया। मरीन ड्राइव में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा को अपना संकल्प और जनसेवा को अपना ध्येय मानकर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्रतिष्ठा को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मां भारती की सेवा के प्रति उनका समर्पण, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर किया जा रहा परिश्रम हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखा है। गरीबों के पक्के आवास से लेकर स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना तक जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर देश की सेवा कर रहे हैं। उनकी नीतियों के केंद्र में गरीब, किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक, वंचित और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग का कल्याण है। विकसित भारत के निर्माण का उनका संकल्प आज देशवासियों के सामूहिक संकल्प में परिवर्तित हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष है। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाकर नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं अभिव्यक्त की हैं। इस आयोजन में सामाजिक, सांस्कृतिक और विभिन्न जनसंगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने जिस उत्साह के साथ सहभागिता की, वह जनभागीदारी की शक्ति का सुंदर उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलित करने का आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का अवसर है। दीप की यह ज्योति हमें समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आशा और खुशहाली का प्रकाश पहुंचाने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर रायपुरवासियों, आयोजन से जुड़े सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों तथा जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक जनभागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का भी शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को स्क्रीन टाइम कम करने तथा पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति से अधिक जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आज हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव हमारी कल्पनाशक्ति, विचार क्षमता और व्यक्तित्व को समृद्ध करता है। नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ एक सार्थक पहल साबित होगी। कार्यक्रम में नॉन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

महाकाल की नगरी उज्जैन के नाम नया विश्व रिकॉर्ड, 33,27,125 दीपों से जगमगाया शहर

उज्जैन  उज्जैन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत 'आशीर्वाद का दीया' नाम से उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे दीप जलाने का कार्यक्रम रखा गया था. इस दौरान उज्जैन ने 33,27,125 दीपक प्रज्वलित कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. इससे पहले ये रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश में अयोध्या के नाम था जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे।  उज्जैन नगर निगम ने अपने आधिकारिक मीडिया ग्रुप में जानकारी दी है कि "31,15,630 दीपक क्षिप्रा नदी के किनारे प्रज्वलित किए गए. पूरे उज्जैन शहर में अलग अलग जगह मिलाकर टोटल 33,27,125 'आशीर्वाद के दिए' प्रज्वलित किए गए." हालांकि, इस रिकॉर्ड की घोषणा मंच से भी की गई है, जबकि वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट अभी मिलना है. वहीं, उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा और स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की पुष्टि कर दी है।  कब से शुरु हुआ था उज्जैन में दीपउत्सव ? उज्जैन में दीप उत्सव की शुरुआत 2022 से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय शिव ज्योति अर्पणम के नाम से महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर हुई थी. साल 2022 में उज्जैन ने साल 2021 के अयोध्या के 9,41,551 दीपों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 11,71,078 दीप प्रज्वलित कर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया था।  कब-कब उज्जैन अयोध्या ने तोड़ा एक दूसरे का रिकॉर्ड इसके बाद फिर उत्तर प्रदेश में अयोध्या ने 2022 में ही 15,76,955 दीप जलाकर रिकॉर्ड तोड़ा. वहीं, उज्जैन ने साल 2023 में 18,82,229 दीप जलाकर अयोध्या का साल 2022 का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसी साल 2023 में अयोध्या ने 22,23,000 दीप जलाए जिसके बाद फिर उज्जैन का रिकॉर्ड टूट गया. 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण उज्जैन में 5,51,000 दीप ही जलाए गये थे. अयोध्या ने 2024 में 25,12000 दीप जलाए, जबकि साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए. उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया. उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अतिथियों ने शिप्रा आरती में हिस्सा लिया. मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीप प्रज्ज्वलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के दौरान राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा से जोड़कर देखा गया. इसी भाव के साथ उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।  उज्जैन में शिप्रा के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन को आयोजकों ने विश्व रिकॉर्ड बताया है. इससे पहले कार्यक्रम के लिए 25 लाख से ज्यादा दीये जलाने की तैयारी की गई थी, लेकिन अंतिम आयोजन में यह संख्या 33.27 लाख तक पहुंची. दीप प्रज्ज्वलन के दौरान बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की भूमिका रही. घाटों पर पहले से दीयों को व्यवस्थित किया गया था. सायरन बजने के बाद सभी ने एक साथ दीप जलाना शुरू किया, जिससे कुछ ही समय में पूरा आयोजन क्षेत्र रोशनी से भर गया।  यह दीपोत्सव सिर्फ उज्जैन तक सीमित नहीं रहा. आयोजन के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों और 845 आइकॉनिक प्लेस पर भी एक साथ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. आयोजकों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के अलग-अलग स्थानों को दीपों से सजाया गया. उज्जैन इसका मुख्य केंद्र रहा, जहां शिप्रा तट और महाकाल महालोक में एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये जलाए गए।  घाटों से महाकाल महालोक तक रोशनी शाम होते ही उज्जैन के प्रमुख घाटों का दृश्य बदल गया. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट पर दीयों की कतारें नजर आईं. दूसरी तरफ महाकाल महालोक भी दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. हजारों श्रद्धालुओं और नागरिकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित करने का दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण रहा. 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स ने इस आयोजन में हिस्सा लिया. उज्जैन में हुए इस दीपोत्सव के साथ आयोजकों के अनुसार विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 845 आइकॉनिक प्लेस समेत अलग-अलग स्थानों पर 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। 

प्रेरणा स्थल पर जले ‘आशीर्वाद के दीये’, CM योगी ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान

प्रेरणा स्थल पर जले आशीर्वाद के दीये, सीएम योगी ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान पीएम मोदी के 76वें जन्मदिवस पर पं. दीनदयाल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर की अभियान की शुरुआत पीएम के जन्मदिन पर प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान, सीएम बोले- नए भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई विश्वकर्मा जयंती पर बोले सीएम योगी- नए भारत के शिल्पी हैं प्रधानमंत्री मोदी, यूपी की 25 करोड़ जनता उनके साथ लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित प्रेरणा स्थल पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रेरणा स्थल पर मौजूद छात्रों से संवाद किया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाया और वहां मौजूद छात्रों को चॉकलेट भी दी।  करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और विश्वकर्मा पूजन की भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश को विकसित भारत की संकल्पना की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। पीएम के जन्मदिन पर देशभर में करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल समेत प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में भी दीप जलाए जा रहे हैं। उन्होंने अभियान से जुड़े कर्मयोगी कार्यकर्ताओं, लाभार्थियों और नागरिकों का अभिनंदन किया। प्रदेश की 25 करोड़ जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी सीएम योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का शिल्पी बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए भारत का शिल्पी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अपनी नई पहचान बनाई है और नए भारत का दर्शन हो रहा है। हर क्षेत्र के व्यक्ति को इस बदलाव पर गौरव की अनुभूति हो सकती है। भारत आज नई पहचान, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक में नेतृत्व देने वाले देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पीएम को देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना के साथ उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके साथ खड़ी है। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी निर्मल, विधान परिषद सदस्य डॉ. अविनाश सिंह, विधायक डॉक्टर नीरज बोरा, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।