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चीन में पीएम मोदी की एंट्री के मायने, 7 साल बाद होगा ऐतिहासिक SCO शिखर संवाद

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जाएंगे। यह सात साल में उनकी पहली चीन यात्रा होगी। इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है, खासकर 2020 में लद्दाख में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव खत्म होने के बाद। सूत्रों के मुताबिक, मोदी इस यात्रा के साथ जापान भी जाएंगे, जहां वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी ने आखिरी बार 2018 में चीन का दौरा किया था, जब वे वुहान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक बैठक और किंगदाओ में एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। 2020 में लद्दाख के गलवान घाटी में हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्ते बहुत खराब हो गए थे। हाल ही में 21 अक्टूबर 2024 को दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव खत्म करने पर सहमति बनी, जिसके बाद रूस के कजान में मोदी और शी की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने रिश्तों को सामान्य करने और सीमा विवाद पर बातचीत के लिए कई तंत्रों को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई। द्विपक्षीय मुलाकात की संभावना पीएम मोदी की इस यात्रा में शी जिनपिंग के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकात की संभावना है। इस मुलाकात में सीमा पर तनाव कम करने, डायरेक्ट उड़ानों की बहाली, बॉर्डर व्यापार शुरू करने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हाल के महीनों में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच कई बैठकें हुई हैं। इसके अलावा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा जैसे कुछ भरोसा बढ़ाने वाले कदम भी उठाए गए हैं। चीन की कुछ गतिविधियों पर चिंता हालांकि, भारत को अभी भी चीन की कुछ गतिविधियों पर चिंता है, जैसे ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर बांध बनाने की शुरुआत और भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पाकिस्तान को चीन का समर्थन। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जुलाई में बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात में इन मुद्दों को उठाया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को रिश्तों को बेहतर करने के लिए सीमा पर तनाव कम करने और व्यापार में रुकावटों को दूर करने की जरूरत है। इससे भारत के लिए क्या बदलेगा, क्या बढ़ेगा ट्रंप पर दबाव? उनकी यह यात्रा वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान की यात्रा के साथ होगी. यदि यह यात्रा होती है तो यह 2018 के बाद और पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा होगी. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2024 में कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. अक्टूबर 2019 के बाद से उनकी पहली सुनियोजित बैठक भी भारत और चीन द्वारा अपनी विवादित सीमा पर गश्त करने के समझौते पर पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद हुई थी. शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन 10 देशों का यूरेशियन सुरक्षा और राजनीतिक समूह है. चीन, रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस इसके सदस्य हैं. अक्टूबर 2024 में कजान में मिले थे मोदी- जिनपिंग अक्टूबर 2024 की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति से कहा था कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए. बैठक में उन्होंने कहा, “यह पांच वर्षों के बाद हमारी पहली औपचारिक बैठक है. हम सीमा पर हुए समझौतों का स्वागत करते हैं. सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों का आधार बने रहने चाहिए. मुझे विश्वास है कि हम खुले दिल से बातचीत करेंगे और हमारी चर्चाएं रचनात्मक होंगी.” इस बीच शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन के लिए अधिक संवाद और सहयोग करना मतभेदों और असहमतियों को उचित ढंग से संभालना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वे अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाएं तथा विकासशील देशों की ताकत और एकता को बढ़ावा देने के लिए एक उदाहरण स्थापित करें. जून में बनी थी वार्ता के लिए सहमति इस वर्ष जून माह के प्रारंभ में,भारत और चीन ने ट्रेड और इकनॉमिक्स के क्षेत्र में चिंता के विशिष्ट मुद्दों को हल करने के लिए वार्ता करने पर सहमति व्यक्त की थी. क्योंकि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के लद्दाख क्षेत्र में सैन्य गतिरोध की समाप्ति के बाद द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और पुनर्निर्माण करने के लिए काम कर रहे थे. यह निर्णय विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीनी उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद लिया गया. दोनों पक्षों ने सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने के प्रयासों में तेजी लाने पर सहमति व्यक्त की, जो 2020 से निलंबित हैं. इस वर्ष कैसे रहे भारत-चीन संबंध जून में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक की संयुक्त विज्ञप्ति पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था. क्योंकि इसमें आतंकवाद से संबंधित चिंताओं का उल्लेख नहीं किया गया था. एचटी की रिपोर्ट के अनुसार राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ में बैठक में भाग लिया, लेकिन उन्होंने संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए. क्योंकि इसमें 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख नहीं था. लेकिन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस अपहरण का उल्लेख था. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत के साथ चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान चीन ने पाकिस्तान का पुरजोर समर्थन किया था. चीन ने काफी दिनों बाद पहलगाम हमले की निंदा की हालांकि जब अमेरिका ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले लश्कर-ए-तैयबा के प्रतिनिधि संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) घोषित किया तो चीन ने 22 अप्रैल के हमले की निंदा की. चीन ने आतंकवाद से निपटने तथा स्थिरता बनाए रखने के लिए मजबूत क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “चीन सभी प्रकार के आतंकवाद का दृढ़ता से विरोध करता है और 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है. चीन क्षेत्रीय देशों से आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने … Read more

₹1.80 लाख की सब्सिडी का मौका! PM Awas Yojana 2.0 में जानें कैसे उठाएं फायदा

भोपाल  प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अब एलआईजी (Low Income Group) और एमआईजी (Middle Income Group) वर्ग के लिए खुशखबरी है। सरकार ने अब इस योजना के दूसरे चरण में मकान ऋण पर 1.80 लाख रुपये तक की छूट देने की घोषणा की है। यह छूट सीधे बैंक के माध्यम से ब्याज अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। यदि आप घर खरीदने या बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY) प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत अब एलआईजी और एमआईजी वर्ग के पात्र हितग्राहियों को 1.80 लाख रुपये तक का ब्याज अनुदान मिलेगा। यह योजना उन लाभार्थियों पर भी लागू होगी जिनका होम लोन 1 सितंबर 2024 के बाद स्वीकृत या वितरित हुआ है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और नगर निगम आयुक्त प्रीति यादव ने जबलपुर के नागरिकों से इस योजना का भरपूर लाभ उठाने की अपील की है। अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना की जानकारी पहुँचाने के लिए शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। योजना के नोडल अधिकारी सुनील दुबे के अनुसार, EWS (Economically Weaker Section), LIG और MIG श्रेणी के पात्र लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत नया मकान खरीदने, मकान का निर्माण कराने या फ्लैट लेने के लिए होम लोन पर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं। ब्याज सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जाएगी, जिससे मकान की EMI में बड़ी राहत मिल सकती है। यह योजना खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो पहली बार घर खरीदना चाहते हैं। योजना का लाभ कैसे उठाएं? 1. PMAY 2.0 के अंतर्गत आवेदन करने के लिए सरकारी पोर्टल या बैंक से संपर्क करें। 2. आवेदक की वार्षिक आय और योजना की पात्रता की शर्तें ध्यानपूर्वक जांचें। 3. योजना के लिए होम लोन 1 सितंबर 2024 के बाद स्वीकृत/वितरित होना चाहिए। 4. आवेदन के बाद पात्रता की जांच के उपरांत ब्याज अनुदान सीधे बैंक खाते में आएगा।

इंतजार खत्म! फ्रीगंज ओवरब्रिज का काम शुरू, तय समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य

उज्जैन  उज्जैन में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बहुप्रतिक्षित फ्रीगंज ओवरब्रिज का निर्माण धरातल पर शुरू हो गया। निर्माण सिंहस्थ-28 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद नए और पुराने शहर को जोड़ने के लिए 21.40 मीटर चौड़ा ब्रिज उपलब्ध हो जाएगा। उज्जैन के वर्तमान फ्रीगंज ओवरब्रिज के नजदीक 21.40 मीटर चौड़ा नया ब्रिज बनाया जाना है। इसके लिए पूर्व में टेंडर जारी कर निर्माण का ठेका दिया था लेकिन कंपनी ने काम नहीं किया था। दूसरी बार टेंडर जारी कर गुजरात की चेतन कंस्ट्रक्शन को ठेका दिया गया है। निर्माण से पूर्व कंपनी ने अपना कार्यालय और प्लांट स्थापित करने के साथ बोरिंग जैसी प्राथमिक तैयारी तो कर ली थी लेकिन मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया।  कंपनी ने अब मौके पर निर्माण शुरू कर दिया है। ब्रिज निर्माण की शुरुआत रिटेनिंग वॉल बनाने से की जा रही है। सिंहस्थ से पहले बदलेगा उज्जैन! 2 एलिवेटेड ब्रिज मंजूर, 23,000 करोड़ से होंंगे कई प्रोजेक्ट्स प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य उज्जैन को बेहतर यातायात व्यवस्था से जोड़ना और आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से राहत देना है. मुख्यमंत्री ने कहा, “सिंहस्थ 2028 तक उज्जैन न केवल आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित होगा, बल्कि ट्रैफिक, सड़कें, सुरक्षा और जनसुविधाओं के लिहाज़ से एक आदर्श मॉडल भी बनेगा. हमारा लक्ष्य है कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु सुविधाजनक यात्रा अनुभव ले जाए.” सीएम ने निर्देश दिए हैं कि उज्जैन के सभी धार्मिक स्थलों को ‘देवलोक’ की थीम पर विकसित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आस्था के साथ अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलें. उज्जैन कलेक्टर  ने जानकारी दी कि ये दोनों कॉरिडोर उज्जैन की यातायात व्यवस्था को नया रूप देंगे. उन्होंने कहा, “इस बार सिंहस्थ सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रस्तुति भी होगा.” पहला एलिवेटेड कॉरिडोर मकोडिया आम चौराहा से शुरू होकर देवासगेट, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज तक जाएगा. दूसरा निकास चौराहा से दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट तक बनेगा. ये दोनों मार्ग शहर के सबसे व्यस्त रूट माने जाते हैं, जहां रोजाना ट्रैफिक की भारी भीड़ होती है.इन ब्रिजों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि भविष्य में मेट्रो रेल संचालन भी संभव हो सके. कॉरिडोर के नीचे व्यापारिक गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी. निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के जिम्मे होगा और जल्द ही फिजिकल सर्वे के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. सिंहस्थ उज्जैन में सड़कें, ब्रिज, धार्मिक स्थल और यात्री सुविधाएं बेहतर हो रहीं  सिंहस्थ उज्जैन में हर 12 साल में होने वाला एक बड़ा धार्मिक मेला है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देशभर से आते हैं. यह सिर्फ पूजा-पाठ का आयोजन नहीं, बल्कि उज्जैन की पहचान और आस्था का प्रतीक भी है. भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन को सिंहस्थ 2028 के लिए पूरी तरह से नया रूप दिया जा रहा है. शहर में सड़कें, ब्रिज, धार्मिक स्थल और यात्री सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं. दो नए एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे. इस बार सिंहस्थ उज्जैन को एक आधुनिक और धार्मिक नगरी के रूप में दुनिया के सामने पेश करेगा. सिंहस्थ 2028 के लिए 23,332 करोड़ की विकास योजनाएं अब तक सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए ₹23,332 करोड़ की लागत से 153 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. इनमें उज्जैन-मक्सी रोड, सिंहस्थ बायपास, इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग, और इंगोरिया-उन्हेल रोड जैसी प्रमुख सड़कें शामिल हैं. सिंहस्थ उज्जैन 2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां ज़ोरों पर हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में अब तक 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की 150+ परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं. इनमें 2 एलिवेटेड कॉरिडोर, सड़क विस्तार, नए बायपास, धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं का विस्तार शामिल है. उज्जैन को आधुनिक और अध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है. ट्रैफिक जाम से राहत और भविष्य की मेट्रो योजना को ध्यान में रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. प्रमुख प्रगति कार्यों की स्थिति-     सिलर खेड़ी सीवर खेती परियोजना का कार्य 20% पूर्ण हो चुका है और तेज गति से जारी है.     खान डायवर्सन योजना की प्रगति 15% के आसपास है और कार्य तेज़ी से चल रहा है.     इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन सड़क परियोजना, जो एमपीआरडीसी द्वारा संचालित है, उसमें भी 15% कार्य पूर्ण हो चुका है.     इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना डीपीआर स्तर पर है, जिसकी निविदा शीघ्र जारी की जाएगी. नए विकास कार्यों को मिली रफ्तार: फ्रीगंज ब्रिज का कार्य उल्लेखनीय प्रगति पर है. एजेंसी ऑन बोर्ड हो चुकी है और स्थल पर कार्य जल्द दिखाई देगा.  वहीं, हरि फाटक चौड़ीकरण परियोजना की डीपीआर बन चुकी है, और इसमें कितने भू-अर्जन की आवश्यकता होगी, इसका आकलन किया जा रहा है.  इस योजना की निविदा भी आगामी एक सप्ताह में जारी की जाएगी. सिंहस्थ सिटी योजना पर सक्रियता सिंहस्थ सिटी के प्रस्ताव का प्रकाशन हो चुका है, और इसमें दावा-आपत्ति की अवधि 25 मई तक तय की गई है. किसानों को लेआउट दिखाए जा रहे हैं, ताकि कोई भ्रम या शंका न रहे. प्रशासन की टीमें – जिसमें पटवारी, नगर निगम कर्मी और युडीए के अधिकारी शामिल हैं- घर-घर जाकर किसानों को जानकारी दे रही हैं और उनके डाउट्स को मौके पर क्लियर कर रही हैं. कलेक्टर ने बताया कि हर भू-स्वामी के सामने से 18 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है. इसके अंतर्गत सरकार किसानों की 50% भूमि अधिग्रहित करेगी, जिसमें सड़क, पार्क, सीवरेज और अन्य विकास कार्य शामिल होंगे. एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित दो एलिवेटेड कॉरिडोर- मकोडिया आम से इंदौर गेट और निकास चौराहे से इंदौर गेट तक की डीपीआर निर्माणाधीन है और उनकी निविदा भी शीघ्र जारी की जाएगी. जलप्रदाय योजना में सुधार की दिशा में कदम हरिया खेड़ी जलप्रदाय योजना की निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है. इसके पूर्ण होने पर गर्मी के दिनों में शहर में एक दिन छोड़कर जलप्रदाय की समस्या से राहत मिलेगी. सिलर खेड़ी सीवर खेती परियोजना से पेयजल की स्थिति सुधरेगी और शिप्रा नदी को 12 महीने प्रवाहमान रखने की योजना को बल मिलेगा. स चौड़ीकरण जैसे आंतरिक कार्यों में भी उत्साहजनक प्रगति स्थानीय रहवासी स्वयं अपने भवन पीछे हटाकर प्रशासन को सहयोग दे रहे हैं, जो … Read more

प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में करेंगे वस्त्रोद्योग पर केन्द्रित पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन

स्वदेशी की भावना प्रदेश में हो रही साकार युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित एक लाख से अधिक युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर ब्रह्मा-भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेलवे हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग में बनेंगे वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो के कोच लगातार चौथे वर्ष होगा हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन राज्य सरकार भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिन सिटी के विकास की ओर हो रही अग्रसर स्वतंत्रता दिवस पर होगा नवाचार : जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जिले की विकास गतिविधियों का होगा प्रस्तुतिकरण 14 अगस्त बलराम जयंती और 16 अगस्त जन्माष्टमी पर होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम गोकुल-वृदांवन के समान होगा भगवान श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े उज्जैन, जानापाव, अमझेरा और नारायणा का महत्व भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वदेशी की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए देश को अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है। सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस प्रतिबद्धता के साथ हैं। इसी क्रम में स्वदेशी की भावना को साकार करते हुए 10 अगस्त को भोपाल के पास रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में ब्रह्मा (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) का भूमिपूजन और शिलान्यास केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में किया जा रहा है। केन्द्रीय कृषि एवं पंचायतराज मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। प्रदेश में पहली बार रेल कोच, मेट्रो कोच आदि का निर्माण कर देश में आपूर्ति के साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। लगभग 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली परियोजना से 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की रेलवे कोच निर्माण सुविधा स्थापित हो रही है, जो मध्यप्रदेश को देश के रेलवे विनिर्माण मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रायसेन जिले के तहसील गौहरगंज के ग्राम उमरिया में 60.0630 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है। यहां वंदे भारत-अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों भी विकसित होंगे, जिनसे आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। परियोजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों को बहनें भेजेंगी राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में लगातार चौथे वर्ष हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। तिरंगा अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र भक्ति और स्वदेशी अपनाने की भावना से जोड़ना है। साथ ही आम जनमानस में भी राष्ट्र ध्वज के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो। राज्य सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान-2025 में स्वच्छता और स्वदेशी अभियान को भी शामिल किया है। अभियान के अंतर्गत 2 से 12 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगे पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे और 13 से 15 अगस्त तक हम सभी को घर, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा लगाना है। अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से उन्हें राखियां भेजी जाएंगी। स्कूलों में तिरंगे से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। तिरंगा संगीत और प्रदर्शनियों का आयोजन भी होगा। इस अभियान में सभी वर्गों को शामिल करते हुए 1 करोड़ तिरंगे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। धार से विदेशों में भी होंगे वस्त्र निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वदेशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश की दो भावी मेट्रोपोलिटन सिटी भोपाल और इंदौर के विकास की और राज्य सरकार अग्रसर हो रही है। भोपाल के पास बनने वाली रेल कोच इकाई और धार के पास वस्त्र उद्योग पर केन्द्रित विकसित पीएम मित्र पार्क की सौगात से इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्र पार्क मध्य प्रदेश की समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी 25 अगस्त को धार में पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। रेडीमेड गारमेंट सेक्टर की 2000 करोड़ रूपए की इस परियोजना से जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार का पीएम मित्र पार्क एक ओर जहां स्वदेशी के भाव को मजबूती देगा, वहीं धार, झाबुआ, रतलाम और निमांड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को कॉटन का उचित दाम मिलेगा। यहां से विदेशों में भी वस्त्र निर्यात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। प्रदेश में औद्योगिकरण का वातावरण बना है और देश-विदेश से निवेशक उद्योग लगाने के लिए मध्यप्रदेश आ रहे हैं। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का गिफ्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। सावन के पवित्र माह में लाड़ली बहनों को 250 रुपए का शगुन भेजा रहा है। कुल मिलाकर अगस्त में 1500 रुपए की राशि लाड़ली बहनों को भेजी। हमारी मंशा है कि बहनें रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे उल्लास और आनंद से मनाएं। दीपावली के बाद लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए भेजे जाएंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार एक के बाद एक विकास की सौगातें देती जाएगी। 15 अगस्त के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में स्क्रीन पर होगा लाइव टेलीकास्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके अंतर्गत राजधानी भोपाल में होने वाले मुख्य कार्यक्रम को प्रत्येक जिले में स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इस दौरान प्रदेशवासियों के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का प्रसारण भी किया जाएगा। प्रभारी मंत्री जिला … Read more

अमेरिका से भिड़ा चीन, ट्रंप को कहा ‘बदमाश’, भारत को बताया सही

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत और रूस की दोस्ती रास नहीं आ रही है। ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद के लिए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले की भारत ही नहीं बल्कि उसके पड़ोसी देश भी आलोचना कर रहे है। इस पर चीन की भी तिखी प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन ने इस कदम को व्यापारिक उपायों का दुरुपयोग करार देते हुए अमेरिका की कड़ी आलोचना की है। चीनी राजदूत ने ट्रंप को कहा- 'बदमाश' ट्रंप के टैरिफ पर अब चीन भी खुलकर भारत के साथ खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जमकर की आलोचना करते हुए चीनी राजदूत ने ट्रंप को बदमाश कह डाला है। उन्होंने इसे वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री मोदी के संभावित चीन दौरे की अटकलें भी तेज हैं।   'बदमाश को अगर एक इंच दिया जाए तो…' नई दिल्ली में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने गुरुवार को ट्रंप टैरिफ पर अपनी राय रखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जोरदार हमला बोला है। शू फेइहोंग ने एक्स पर बिना नाम लिए लिखा, 'बदमाश को अगर एक इंच दिया जाए तो वह एक मील ले लेता है।' शू फेइहोंग ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी और ब्राजील के राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार में हुई फोन कॉल का भी जिक्र किया है। बातचीत में वांग यी ने कहा कि दूसरे देशों को दबाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। उन्होंने कहना है कि यह विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों को कमजोर करता है। ट्रंप की नीतियों से अमेरिका-भारत के रिश्ते में बढ़ा तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत के खिलाफ नई नीति ने दोनों देशों के बीच पिछले दो दशकों से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी में तनाव पैदा कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत के रूसी कच्चे तेल के आयात को लेकर भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, जबकि चीन के रूस के साथ ऊर्जा व्यापार पर नरमी बरती जा रही है। 'इंडिया नैरेटिव' की एक रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को अमेरिका के दबाव में नहीं आने देगा।

कुबेरेश्वर धाम हादसा: भीड़ और शोर बना काल, प्रशासन ने 8 डीजे ऑपरेटरों पर दर्ज किया केस

सीहोर कुबेरेश्वर धाम से एक 40 वर्षीय युवक अनिल पिता महावीर को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। मृतक अस्थमा का मरीज भी था। मृतक ग्राम खेड़ा कला, दिल्ली निवासी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान तीन दिन में सात मौत हो चुकी हैं। छठे मृतक की पहचान उपेन्द्र गुप्ता पिता प्रेम गुप्ता उम्र 22 निवासी जिला गोरखपुर तहसील पिपराइच बड़ा टोला उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कुबेरेश्वर धाम पर अब तक हुई 7 लोगों की मौत में दो महिलाओं की मौत धक्का मुक्की के दौरान हुई थी। चार लोगों की मौत प्राकृतिक तौर पर हुई है। गुरुवार को ही दूसरी और अब तक सातवीं मौत अनिल पिता महावीर की हुई है।   8 डीजे संचालकों पर सीहोर पुलिस की कार्रवाई 6 अगस्त को कोतवाली पुलिस सीहोर द्वारा बिना अनुमति के तेज आवाज में डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर राजमार्ग अवरुद्ध कर यातायात बाधित करने वाले आठ डीजे संचालकों पर कार्रवाई की गई है। 6 अगस्त को सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सीवन नदी सीहोर से जल भरकर कुबरेश्वर धाम तक कावड़ यात्रा निकाली जा रही थी, जिसके कारण सीहोर से लेकर कुबरेश्वर धाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ थी जो पैदल-पैदल कांवड़ लेकर जा रहे थे, जिसके कारण हाईवे पर अधिक ट्रैफिक था। ऐसे में कुछ डीजे संचालक ध्वनि तीव्रता की निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजा रहे थे व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर यातायात बाधित कर रहे थे, जिसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा अलग-अलग जगह से आठ डीजे जब्त कर उनके विरुद्ध मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। इन वाहनों को किया गया जब्त जब्त किए गए डीजे में वाहन क्रमांक एमपी 14 एच बी 0125 त्रिनेत्र डीजे संचालक निखिल कुमार पिता सुरेश परमार आयु 25 साल निवासी बड़ोदरा गुजरात एमपी 09एचएफ9586 नटराज डीजे कुशवाहा पिता राजाराम कुशवाहा निवासी मुबारकपुर भोपाल, यूपी 78 सीटी 6178 कसाना डीजे संचालक राजा सोलंकी पिता कन्हैयालाल सोलंकी निवासी पटेल कॉलोनी बढ़िया खेड़ी सीहोर, सीजी 07 सीएन 3589 संचालक स्वदेश छीरेले पिता राम नारायण छीरेले निवासी कैंप भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़, एमपी 04 एच ई 1058 बाबा डीजे संचालक कमलेश कुशवाह पिता कैलाश कुशवाहा निवासी मोती बाबा मंदिर के पास सीहोर, एमपी 13 एच 2008 प्रशांत डीजे संचालक अश्विन काटने पिता गौतम कथा ने निवासी सर्वदा कॉलोनी कोलार रोड सी सेक्टर भोपाल, एमपी 09 एच जे 8861 संचालक बाबूलाल पिता ब्रिजी मातो निवासी ग्राम बगला थाना चंदनक्यारी जिला बोकारो झारखंड, यूपी 53 ईटी 2782 संचालक राजेंद्र प्रताप प्रेमचंद उम्र 27 साल निवासी अंबेडकर नगर थाना अरहवली जिला उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

सीएम का गर्व भरा बयान- भारतीय सेना आज विश्व की श्रेष्ठ सेनाओं में, हर घर तिरंगा से लहराया राष्ट्रप्रेम

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि 'हर घर तिरंगा अभियान' न केवल देशवासियों में देशभक्ति की भावना को प्रबल करता है, बल्कि यह अभियान देश के गौरव, पराक्रम और एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 11 वर्षों में नए विकास आयाम स्थापित किए हैं और भारतीय सेना आज दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में गिनी जाती है। मुख्यमंत्री बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित 'हर घर तिरंगा अभियान' एवं 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद देशभर में जिस प्रकार विजयोत्सव मनाया गया और तिरंगा यात्राएं निकाली गईं, वह देश के प्रति समर्पण और सेना के शौर्य को सलाम करने का भाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उसी भावना को बनाए रखने और नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए 'हर घर तिरंगा अभियान' को भाजपा ऐतिहासिक रूप देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ से लेकर मंडल, जिला और संभाग स्तर तक इस अभियान को लेकर जनसंपर्क करें और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक कार्यक्रम कार्यकर्ताओं को जनता से सीधे जुड़ने का अवसर देते हैं, इसलिए हर कार्यकर्ता को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस मौके पर भाजपा सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता इस बार 'हर घर तिरंगा' को एक जन आंदोलन बनाएं और अभियान को इतिहास में दर्ज कराने वाला बनाएं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक परनामी ने जानकारी दी कि पार्टी 10 से 14 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकालेगी और इस बार हर घर में तिरंगा फहराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को तोड़ने का काम कांग्रेस ने किया और आज भी उनके नेता "पाकिस्तान की भाषा" बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, जो लोग देश और संस्कृति के खिलाफ बोलते हैं, उनकी मानसिकता पर सवाल खड़े होते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिले।

राजगढ़ से लाड़लियों को सौगात: भाईदूज पर 1500 रुपए और हर साल बढ़ेगी राशि

राजगढ़ सीएम मोहन यादव ने आज राजगढ़ में घोषणा की है कि भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए दिये जाएंगे। 2026 और 27 में भी राशि बढ़ाएंगे और 2028 तक 3 हजार प्रतिमाह की जाएगी। मोहन यादव यहां नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़ में आयोजित बहनों के साथ 'रक्षाबंधन उत्सव' एवं 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का उपहार अंतरण में बोल रहे थे। इससे पहले एक वीडियो संदेश में उन्‍होंने कहा था कि, भाई- बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व की सभी प्रदेशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं। रक्षाबंधन से 2 दिन पूर्व, आज लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपए आएंगे, जिसमें रक्षाबंधन की भेंट स्वरूप 250 रुपए सम्मिलित हैं। हमारी सरकार निरन्तर महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है।   1250 माह की राशि, 250 रक्षाबंधन का उपहार लाड़ली बहना योजना के तहत सीएम ने आज नरसिंहगढ़ से 1250 रुपये तो बहनों को हर माह मिलने वाली राशि ट्रांसफर की। जबकि 250 रुपये प्रति बहना को रक्षाबंधन के उपहार के रूप में ट्रांसफर किए जाएंगे। इस योजना से मप्र की करीब 1 करोड़ 26 लाख बहनों को लाभ मिलेगा, जबकि राजगढ जिले की 2 लाख 95 हजार महिलाएं लाभांवित होंगे, जिनके खातों में करीब 42 करोड रुपये ट्रांंसफर किए गए। दो साल में 12 हजार कम हो गई लाड़ली बहनें मप्र में लाड़ली बहना योजना के शुरू होने से लेकर अब तक राजगढ़ जिले में करीब 12 हजार लाड़ली बहनें कम हो गई है। दो साल के भीतर 12 हजार लाड़ली बहनों की संख्या घट गई, जबकि नए आवेदन को कोई प्राविधान नहीं है। इसी के बीच आज मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहगढ़ से लाड़ली बहनाें के खातों में राशि डाली। इसमें राजगढ़ जिले की 2.95 लाख महिलाओं के खातों में भी 44 करोड़ राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। लाड़ली बहना योजना अभी तक     मप्र विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा सरकार द्वारा जनवरी 2023 में लाड़ली बहना योजना का एलान किया था।इसके बाद 10 जून 2023 को पहली किश्त के रूप में राशि ट्रांसफर की थी।     जब योजना शुरू हुई थी उस समय राजगढ़ जिले में लाडली बहनों की संख्या करीब 3 लाख 8 हजार थी, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर 2 लाख 95 हजार पर आ गई है।     दो साल के भीतर करीब 8 से 12 हजार लाड़लियां जिले में कम हुई है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से मप्र की लाडली बहनों के खातों में 27 वीं किश्त के रूप में राशि ट्रांसफर की।     हालांकि इस सबके बीच अधिकारियों का कहना है कि कुछ महिलाओं की आयु 60 वर्ष हो गई, जबकि कुछ ने योजना का लाभ लेने से मना कर दिया, इसलिए संख्या घट गई।

लाड़ली बहनों को राखी पर सौगात: सीएम ने बांधी राखी, दिए 250 रुपए शगुन, 1859 करोड़ हुए ट्रांसफर

नरसिंहगढ़ मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाईदूज से हर महीने 1500 रुपए बहनों के खाते में आने शुरू हो जाएंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से राखी बंधवाने राजगढ़ के नरसिंहगढ़ पहुंचे। उन्होंने फूलों का तारों का सबका कहना है…गाने के बीच बहनों पर फूलों की बरसात की। बहनों ने मंच पर ही सीएम को राखी बांधी। सत्ता से टकराने की हिम्मत बहनों से आती है इस मौके पर डॉ. मोहन यादव ने कहा- भाई-बहन के रिश्ते से ज्यादा पवित्र रिश्ता कोई दूसरा नहीं होता। रक्षाबंधन पर अगर बहन-बेटियां घर आ जाएं, तो लगता है जैसे दिवाली आ गई। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मेरी प्रदेश में साढ़े 4 करोड़ बहने हैं। वे जब राखी बांधती हैं, तो आनंद आ जाता है। उन्होंने कहा कि हजारों साल से बड़ी से बड़ी सत्ता से टकराने की हिम्मत अगर कहीं से आती है तो वो बहनों की राखी और आशीर्वाद से ही आती है। बहनें भी बड़े से बड़े संकट में सबसे पहले भाई को ही याद करती हैं और भाई भी दौड़े चले आते हैं। इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर के नाम सीएम ने कहा कि इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर के नाम रहने वाला है। मोदी सरकार आई तबसे आतंकी घटनाएं बंद हो गई थीं। लेकिन, आतंकियों ने गलती से हमारी बहनों के सुहाग को उजाड़ा तो हमारी सेना ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। बहनें ससुराल और मायका दोनों का ध्यान रखती हैं सीएम ने कहा- पत्नी तो हमारा ध्यान रखती है, लेकिन बेटी के बराबर सुख पिता को कोई नहीं दे सकता है। पिता की चिंता जितना बेटी करती है, कोई नहीं कर सकता है। हमारी बहनें ससुराल और मायका दोनों का ध्यान रखती हैं। जिस घर में कन्या नहीं हो, वह घर अधूरा रहता है। जिस घर में भाई-बहन हो वह घर स्वर्ग के समान हो जाता है। आज चारों ओर का माहौल अलग दौर से गुजर रहा है, तब रिश्तों का महत्व और बढ़ जाता है। अंग्रेजी में छोटे-छोटे शब्द हैं, अंकल-आंटी में सब कुछ निपट जाते हैं। रेशम के ये दो प्रेम के धागे भाई को हिम्मत और ताकत देते हैं। ये दुनिया की सारी ताकतों से बढ़कर है। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचीं। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचीं भगवान कृष्ण और द्रौपदी का किस्सा सुनाया सीएम ने कहा- लोग कहते हैं रक्षाबंधन की प्राचीन परंपरा कहां से आई। इसमें एक कहानी बहुत महत्व की है। जब भगवान कृष्ण ने अपनी बुआ को शिशुपाल की 100 गलती माफ करने का वचन दे दिया। उन्होंने कहा था इसके बाद भूल जाऊंगा कि ये मेरा भांजा है। शिशुपाल ने 100 से ज्यादा गलती की, भगवान के सुदर्शन चक्र ने उसका सिर अलग कर दिया। भगवान की उंगली में सुदर्शन चक्र से चोट आ गई। उंगली से खून निकलता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ा और भगवान की उंगली पर बांध दिया। उन्होंने उसी पल्लू से भगवान को राखी भी बांधी। भगवान ने द्रौपदी पर जब भी कष्ट आया, रक्षा की। जिस दरवाजे गया, बहनें सब भूलकर राखी बांधने लगीं सीएम ने कहा- सड़क से गुजरता हूं तो बहनें रोकती हैं, लोग सोचते हैं कोई समस्या लेकर आई होगी, उन्हें नहीं पता कि वो तो आरती की थाली लेकर आई हैं। अभी हम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गुना गए। वहां कई बहनों के घर डूबे हुए थे। उनके घर का राशन खराब हो चुका है। भारी परेशानी थी। यह सोचकर गया था कि ऐसी-वैसी बात भी सुननी पड़ेगी, लेकिन बहन-भाई का संबंध वाकई अद्भुत है। जिस दरवाजे गया, बहनें सब भूलकर राखी बांधने लगीं। वे अपने सारे कष्ट भूल गईं। सरकार के माध्यम से उनके कष्ट भी दूर करेंगे। परसों राखी है, जब आप अपने भाई को राखीं बांधना और गठान लगाना तो मानना की आप मेरी कलाई में भी राखी बांध रही हैं।

बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री को करघा भेंटकर किया अभिनंदन   रायपुर, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि  हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है। इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा। इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेश देवांगन, पुरुषोत्तम देवांगन,  धनेश देवांगन, गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।