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आवास योजना में राहत! सीएम योगी ने लॉन्च की सस्ती घर योजना, जानें पूरी डिटेल

आगरा आगरा के ग्वालियर हाइवे स्थित ककुआ और भांडई में विकसित होने जा रही अटलपुरम टाउनशिप के पहले चरण में सेक्टर-1 में 322 भूखंडों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुक्रवार से शुरू होंगे। बुधवार को एडीए में तैयारियां पूर्ण हो गईं।   भूखंड खरीद के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। एडीए की वेबसाइट www.adaagra.org.in और जनहित पोर्टल https://janhit.upda.in पर पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के लिए 1100 रुपये ब्रोशर शुल्क और भूखंड मूल्य का सामान्य श्रेणी में 10 प्रतिशत, आरक्षित श्रेणी में 5 प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद लॉटरी ड्राॅ खुलेगा। लॉटरी ड्राॅ के माध्यम से ही भूखंड आवंटन होगा। सेक्टर-1 के बाद सेक्टर-2 और 3 के पंजीकरण खोले जाएंगे। फिलहाल सिर्फ आवासीय भूखंडों की बिक्री होगी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अटलपुरम टाउनशिप योजना की लाॅन्चिंग की। बुधवार को जयपुर हाउस स्थित एडीए दफ्तर में दिनभर पंजीकरण शुरू कराने की कवायद चलती रही। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि नियम व शर्तें जारी हो गई हैं। पंजीकरण के लिए दोनों ऑनलाइन पोर्टल व वेबसाइट पर सेक्टर-1 के भूखंडों का ब्योरा फीड कराया जा रहा है। आरक्षण श्रेणी के अनुसार ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी भूखंडों की बिक्री होगी।   ऋण से लेकर हेल्प डेस्क की सुविधा एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि भूखंडों की बिक्री के लिए 6 सदस्यीय टीम बनाई है। एक हेल्प डेस्क खोली जाएगी। एक व्यक्ति संपत्ति विभाग, एक साइट पर, एक बैंक ऋण और एक हेल्प डेस्क पर तैनात रहेगा। किसी भी कार्य दिवस में खरीद के इच्छुक व्यक्ति साइट का निरीक्षण कर सकते हैं। भूखंडों की बिक्री जहां है जैसा है के आधार पर होगी।   ताजमहल से 12, हवाई अड्डे से 15 किमी. की दूरी अटलपुरम टाउनशिप ग्वालियर हाईवे स्थित ककुआ और भांडई गांव में बन रही है। इसकी ताजमहल से 12 किमी. और हवाई अड्डे से 15 किमी. दूरी है। ईदगाह बस स्टैंड और कैंट रेलवे स्टेशन से 12 किमी. दूरी पर स्थित अटलपुरम के पास भांडई रेलवे जंक्शन होगा। इसे एनएच-44 के अलावा इनर रिंग रोड के रास्ते लखनऊ और नोएडा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा।   भूखंडों का क्षेत्रफल   भूखंड श्रेणी क्षेत्रफल भूखंडों की संख्या दर प्रति वर्गमीटर पंजीकरण शुल्क आरक्षित के लिए पंजीकरण शुल्क सामान्य ईडब्ल्यूएस 33 से 40 वर्ग मी. 81 29,500 59,000 रु 1,18,000 रु. एलआईजी 41 से 50 वर्ग मी. 78 29,500 रु 73,750 रु 1,47,500 रु. एमआईजी-1 51 से 75 वर्ग मी. 75 29,500 रु 1,10,625 रु 2,21,250 रु. एमआईजी-3 101 से 150 वर्ग मी 80 29,500 रु 2,21,250 रु 4,42,500 रु. एचआईजी: 151 से 300 वर्ग मी 8 29,500 रु 4,42,500 रु 8,85,000 रु.   भूखंडों के लिए आरक्षण चार्ट – अनुसूचित जाति: 21 प्रतिशत – अनुसूचित जनजाति: 2 प्रतिशत – अन्य पिछड़ा वर्ग: 27 प्रतिशत – सांसद, विधायक व स्वंतत्रता सेनानी: 5 प्रतिशत – 50 वर्ष से अधिक आयु के सरकारी व सुरक्षा सेवा कर्मचारी: 5 प्रतिशत – आवास विकास, प्राधिकरण, जलकल व नगर निगम व निकाय कर्मियों के लिए: 2 प्रतिशत – दिव्यांगजन: 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण – वरिष्ठ नागरिक: 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण  

सबूत हमारे पास हैं – राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर निशाना, उठाए पारदर्शिता पर सवाल

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन में गड़बड़ियों को लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने इस दौरान महाराष्ट्र और कर्नाटक की मतदाता सूची दिखाते हुए इन दोनों राज्यों की वोटर लिस्ट में फर्जी वोटर्स का आरोप लगाया.  राहुल गांधी ने प्रेजेंटेशन के दौरान कहा कि संविधान की नींव वोट है. ऐसे में सोचना होगा कि क्या सही लोगों को वोट डालने दिया जा रहा है? क्या मतदाता सूची में फर्जी वोटर्स जोड़े गए? महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया. हम महाराष्ट्र में चुनाव हार गए.  महाराष्ट्र में 40 लाख वोटर रहस्यमयी हैं. यहां पांच महीने में कई वोटर जोड़े गए.  राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र में पांच साल की तुलना में पांच महीने में बड़ी संख्या में नए वोटर जुड़े. महाराष्ट्र विधानसभा में वोटिंग के दिन शाम पांच बजे के बाद वोटिंग में तेज इजाफा होता है. हमें फिर पता चला कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच एक करोड़ नए वोटर्स मतदाता सूची में जुड़े. वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग जवाब देना चाहिए. उन्हें बताना चाहिए कि क्या वोटर लिस्ट सही है या गलत? कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक डेटा क्यों नहीं देता? हमने आयोग से बार-बार डेटा मांगा लेकिन हमें नहीं दिया गया. यहां तक कि चुनाव आयोग ने हमें जवाब देने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि देश मे फर्जी वोटिंग हो रही है. हमें इस चोरी को पकड़ने में लंबा समय लगा. हमने अपने स्तर पर जांच की, जिसमें हमें छह महीने का समय लगा. हमने बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर वोटर्स लिस्ट की पड़ताल की. महादेवपुरा सीट पर हम 32707 वोटों से हार गए थे. अकेली इसी सीट पर बीजेपी एक लाख से ज्यादा के मार्जिन से जीती थी. इसे हमें शक हुआ कि दाल में कुछ काला है. राहुल ने कहा कि बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा की महादेवपुरा विधानसभा सीट में 6.5 लाख वोटों में से एक लाख से अधिक वोटों की चोरी की गई. हमारी इंटर्नल पड़ताल में पता चला कि इनमें से एक लाख से अधिक वोटर्स डुप्लीकेट हैं या जिनके एड्रेस गलत हैं. उन्होंने कहा कि हमारी पड़ताल में वोटर्स लिस्ट में कई गड़बड़ियों का पता चला. इस वोटर लिस्ट में कई लोगों के पिता के नाम के आगे कुछ भी लिखा गया है. वोटर लिस्ट में 40 हजार मकानों के एड्रेस शून्य हैं. डुप्लीकेट वोटरों की संख्या बहुत ज्यादा है. 11 हजार संदिग्ध ऐसे हैं, जिन्होंने तीन बार वोट डाला. ये लोग कहां से आ रहे हैं? एक ही पते पर 46 वोटर्स हैं. एक कमरे के घर में 80 मतदाता हैं. ये चुनाव आयोग और बीजेपी की मिलीभगत है.  राहुल गांधी ने बताया कि वोट चोरी पांच तरीकों से की जाती है. डुप्लीकेट वोटर्स 11,965 हैं. वोटर लिस्ट में ऐसे वोटर जिनका एड्रेस फर्जी हैं, उनकी संख्या 40 हजार के आसपास है. एक ही पते पर 10 हजार से ज्यादा वोटर्स रजिस्टर्ड हैं. 4132 वोटर्स ऐसे हैं वोटर लिस्ट में जिनकी फोटो इनवैलिड हैं.  वोट चोरी 5 तरह से होती है? – डुप्लीकेट वोटर्स (11,965) – फेक और इनवैलिड एड्रेस (40,009) – एक ही पते पर बल्क वोटर्स (10,452) – इनवैलिड फोटो (4132) – फॉर्म 6 का दुरुपयोग (30,000)  

डॉ. यादव 8 अगस्त को देंगे राहत की सौगात, बाढ़ प्रभावितों को मिलेगा आर्थिक सहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों जैसे जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति एवं अन्य क्षति के लिये प्रभावितों को 8 अगस्त को सिंगल क्लिक के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे और हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पौरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मानसून काल वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं अतिवृष्टि, बाढ़ से हुई क्षति के प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।  

विश्व आदिवासी दिवस के चलते हेरिटेज ट्रेन की बुकिंग रद्द, रेलवे ने लिया निर्णय

इंदौर   प्रदेश के एकमात्र पातालपानी से कालाकुंड हेरिटेज ट्रैक पर हर शनिवार को चलने वाली हेरिटेज ट्रेन इस बार 9 अगस्त को नहीं चलेगी। रेलवे ने बुधवार को आदेश जारी कर हेरिटेज ट्रेन के संचालन को निरस्त कर दिया है। यह निर्णय विश्व आदिवासी दिवस पर पातालपानी स्थित शहीद टंट्या मामा भील के मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए लिया गया है। शहीद टंट्या मामा की कर्मस्थली है पातालपानी पातालपानी टंट्या मामा की कर्मस्थली रही है, जहां हर साल जनजातीय समाज बड़ी संया में दर्शन के लिए पहुंचता है। आमतौर पर हेरिटेज ट्रेन शनिवार और रविवार को चलती है और पातालपानी स्टेशन पर रुकती है, जिससे सैलानी झरने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं, लेकिन दर्शनार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए ट्रेन स्थगित की है।  पहले भी हो चुका है संचालन निरस्त यह कोई पहला मौका नहीं है, जब वर्षा सीजन के दौरान हेरिटेज ट्रेन का संचालन रोका गया हो। साल 2020 में भी 9 अगस्त को प्रशासन ने ट्रेन का संचालन निरस्त किया था। इस सीजन के लिए रेलवे पोर्टल पर हेरिटेज ट्रेन के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग चालू है। अगस्त और सितंबर माह के सभी शनिवार-रविवार के लिए ट्रेन की बुकिंग पहले ही हाउसफुल है। पातालपानी स्टेशन का नाम टंट्या मामा के नाम पर गौरतलब है कि पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम शहीद टंट्या मामा के नाम पर किया जा चुका है। राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। नवंबर 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका ऐलान किया था। टिकट निरस्त, आगामी ट्रेनों में होगा एडजस्टमेंट 9 अगस्त के लिए बुक की गई सभी टिकटें निरस्त कर दी गई हैं। रेलवे के अनुसार, यात्रियों के टिकट आगामी सफर की रिक्त सीटों में एडजस्ट किए जाएंगे। हालांकि समूह में सफर की योजना बनाने वाले पर्यटकों को अलग-अलग टिकट मिलने की स्थिति में असुविधा हो सकती है। एएसपी ने लिखा पत्र, रद्द करने की सिफारिश इंदौर ग्रामीण एएसपी रुपेश ‌द्विवेदी ने रेलवे को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि विश्व आदिवासी दिवस पर बड़ी संया में श्रद्धालु टंट्या मामा मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में हेरिटेज ट्रेन के रुकने से सुरक्षा और व्यवस्थाओं में बाधा आ सकती है। पत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रेन रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिस पर रेलवे ने सहमति जताते हुए ट्रेन संचालन निरस्त कर दिया।

पॉक्सो अधिनियम पर बोलीं मंत्री भूरिया – इससे बच्चों को मिलता है कानूनी सुरक्षा घेरा

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा है कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 "पॉक्सो एक्ट" बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। इस कानून की जानकारी जन-जन तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है, जिससे बच्चे शोषण का शिकार न हों। मंत्री सुभूरिया गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेशन सेंटर में मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बाल आयोग के अध्यक्ष द्रविन्द्र मोरे के नेतृत्व में बाल संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य हो रहे हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के विरुद्ध किसी भी प्रकार का यौन अपराध गंभीर और संज्ञेय है, इसके लिए पॉक्सो एक्ट में कठोर सजा का प्रावधान है। मध्यप्रदेश सरकार ने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को मृत्युदंड तक दिलवाया है, जो राज्य की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आमजन को इस कानून के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। जब तक समाज सजग नहीं होगा, तब तक बच्चों की सुरक्षा अधूरी रहेगी। हमें परिवार, मोहल्ला, विद्यालय सभी स्तरों पर निगरानी रखनी होगी। बच्चों की देखरेख और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था मंत्री सुभूरिया ने बताया कि सरकार ने 137 बाल देखरेख संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को आश्रय और पुनर्वास की सुविधा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 435 अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति और भविष्य निधि का लाभ दिया गया है। वर्तमान में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 13 हजार 146 बच्चों को प्रायोजन और फोस्टर केयर के अंतर्गत सहायता दी जा रही है। सुभूरिया ने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने वर्ष 2021 में “मध्यप्रदेश बाल संरक्षण नीति 2020” को अधिसूचित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में हर 15 दिन में एक बार पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता सत्र अनिवार्य किया जाए, जिससे बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के उपायों की जानकारी मिल सके। उन्होंने CWC सदस्यों से आग्रह किया कि वे बच्चों से मानवीय और संवेदनशीलता से मिलें, जिससे बच्चे विश्वास के साथ अपनी बात रख सकें और सही कदम समय पर उठाए जा सकें। उन्होंने बाल आयोग के अध्यक्ष मोरे और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि आयोग के सदस्य लगातार दौरे कर रहे हैं और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। मंत्री सुभूरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बच्चों के हित का विशेष ध्यान रखते हैं, यह उनकी संवेदनशीलता और प्रदेश के भविष्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बच्चों का संरक्षण देश की सामूहिक जिम्मेदारी : श्रीमती धर्मिष्ठाबेन गुजरात बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती धर्मिष्ठाबेन वी. गज्जर ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों के संरक्षण को देश की सामूहिक ज़िम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में बाल अधिकार आयोग अपनी-अपनी संरचनाओं और कार्यपद्धतियों के माध्यम से बच्चों के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संकट की घड़ी में अनेक विभाग—चाहे वह बाल कल्याण समिति हो, पुलिस इकाई हो या महिला एवं बाल विकास विभाग हो, सभी आपसी समन्वय से बच्चों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का निर्माण करते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि बच्चों से जुड़ी सभी संस्थाओं और तंत्रों को एक-दूसरे के कार्यों में समन्वय स्थापित करना चाहिए और इस भावना से जुड़ते हुए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए, जिससे हर बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्रविन्द्र मोरे ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए। प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं न्यायोचित निराकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिये यह अनिवार्य है कि शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्रों में अपने वाली चुनौतियों का सजग रहकर समाधान किया जाये। मोरे ने कहा कि समाज के वंचित एवं संवेदनशील वर्गों से आने वाले वलनरेवल बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इस दिशा में प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा एक गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि प्रवासी परिवारों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा हिन्दी माध्यम की प्रारंभिक कक्षाओं की पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं, जो अत्यंत प्रशंसनीय है। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जनजातीय कार्य, विशेष किशोर पुलिस इकाई, सीडब्ल्यूसी (CWC) और जेजेबी (JJB) के सदस्यों को पॉक्सो एक्ट के कानूनी और व्यावहारिक प्रावधानों का प्रशिक्षण भी दिया गया।  

दूध के दामों ने बिगाड़ा राखी का स्वाद, जबलपुर में जनता ने जताया विरोध

जबलपुर  जबलपुर जिले में एक बार फिर दूध के दाम बढ़ा दिए गए हैं। यह बढ़ोतरी बिना किसी पूर्व सूचना के की गई है। डेयरी संचालकों ने 70 रुपये प्रति लीटर दूध के दाम को सीधे 73 रुपये कर दिया है। इस अचानक हुई बढ़ोतरी से आम लोग हैरान हैं। खास बात यह है कि यह निर्णय बिना प्रशासनिक मंजूरी या किसी संवाद के हुआ है। स्थानीय नागरिक उपभोक्ता मंच और मानव अधिकार संगठनों ने इस निर्णय का विरोध किया है। घंटाघर क्षेत्र में लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से मांग की कि इस मूल्य वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय जानबूझकर दाम बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला जा रहा है। प्रदर्शन में नागरिक मंच के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। मंच के सदस्यों का कहना है कि डेयरियों द्वारा मिलावटी दूध बेचा जा रहा है, फिर भी वे दाम लगातार बढ़ा रहे हैं। यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। समाजसेवी डॉ. पीजी नाजपांडे ने बताया कि परियट क्षेत्र में डेयरी संचालकों की बैठक में सामूहिक रूप से रेट तय किया गया, जो मोनोपोलीज एंड रेस्ट्रिक्टेड प्रैक्टिसेज एक्ट (MRTP) के खिलाफ है। उन्होंने कलेक्टर से अपील की कि जिला दण्डाधिकारी के नाते इस तरह के निर्णय को खारिज किया जाए। मानव अधिकार संगठन के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वाधवानी समेत कई लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायकों से अपील की है कि वे जनता की आवाज उठाएं और दूध के दाम कम कराएं। संगठन ने इस विषय में ज्ञापन सौंपकर केबिनेट मंत्री राकेश सिंह से भी हस्तक्षेप की मांग की है।

NDA की रणनीति अंतिम दौर में, उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर जल्द मुहर संभव

नई दिल्ली इलेक्शन कमिशन ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। इसी के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने प्रत्याशियों ढूंढ़ने में लग गए हैं। हालांकि इसके लिए अभी किसी भी गठबंधन की ओर से उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर केंद्र सरकार और एनडीए निश्चिंत है और वह उम्मीदवार चयन में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाह रही है। खबर है कि NDA राखी के बाद नाम फाइनल करेगी। साथ ही सरकार उम्मीदवार तय करने से पहले विपक्ष के नेताओं से भी बात करेगी। पहले, उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने की कोशिश की जाएगी, इसके लिए विपक्ष के नेताओं से भी बात करने की कोशिश होगी। केंद्र के कुछ बड़े मंत्री विपक्ष के बड़े नेताओं से उपराष्ट्रपति के नाम पर चर्चा करके आम राय बनाने की मुहिम शुरू करेंगे। बातचीत का जिम्मा उन वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपा जाएगा जिनकी विपक्ष के नेताओं से बढ़िया संपर्क और अच्छे संबंध है। सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विपक्ष के नेताओं से बात करके उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एनडीए के सहयोगियों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य दूसरे वरिष्ठ मंत्री भी बात कर सकते हैं। बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। 9 सितंबर को कराए जाएंगे चुनाव देश के अगले उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को कराए जाएंगे. कड़ा मुकाबला के आसार लग रहे हैं क्योंकि बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए से मुकाबले के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष भी एक साझा उम्मीदवार खड़ा कर सकता है। ऐसे में कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं। पिछले महीने 21 जुलाई को अप्रत्याशित तरीके से जगदीप धनखड़ ने अपना इस्तीफा दे दिया। यह आजाद भारत की पहली ऐसी घटना रही जब किसी उपराष्ट्रपति ने पद पर रहते हुए इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने किसी उच्च पद के लिए दावेदारी नहीं की।

सीएम रेखा गुप्ता ने बच्चों संग मनाया राखी पर्व, वायरल हुईं मानवीय भावनाओं से भरी तस्वीरें

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सरकारी स्कूलों के बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से प्यार से राखी बंधवाई और इन पलों की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की हैं। तस्वीरों में वह बच्चों को दुलारती और उनसे राखी बंधवाती हुई नज़र आ रही हैं।   सीएम ने कहा, 'यह रिश्ते की नई परिभाषा थी' मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज सुबह मुख्यमंत्री जनसेवा सदन कुछ अलग ही रंग में था। सरकारी स्कूलों से नन्हें बच्चे जब रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में राखियां लेकर आए, तो यह रस्म हमारे रिश्ते की नई परिभाषा थी।" उन्होंने बच्चों की हंसी और उनकी मासूम आंखों की चमक को अपने हर फैसले का आधार बताया। उन्होंने कहा, "उनके छोटे-छोटे हाथों से बांधे गए धागे एक ऐसे कल का वादा थे, जहाँ हर बच्चा बिना डर, बिना भेद, अपने सपनों की उड़ान भर सके।"   बीजेपी ने भी मनाया राखी का त्योहार दूसरी तरफ, बीजेपी ने भी रक्षाबंधन का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया। दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने राखी बांधी। सचदेवा ने राखी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पवित्र त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा को बनाए रखता है और पूरे समाज को एकता के सूत्र में बांधता है। इसके अलावा, बीजेपी महिला मोर्चा ने भी दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में जाकर वहाँ रहने वाले लोगों के साथ राखी का त्योहार मनाने की घोषणा की है। पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष ऋचा पांडे मिश्रा ने बताया कि उनकी पार्टी ने इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की है और जल्द ही इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।

इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर, नहीं होगा बदलाव

इंदौर  नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम इंदौर में लागू रहेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस नियम को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। कलेक्टर के आदेश के बाद इंदौर में लागू इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी। इंदौर के बाद भोपाल और जबलपुर में भी नियम लागू हो गया है कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया वहीं, हाईकोर्ट ने इस नियम को सही ठहराया है। इंदौर बेंच ने कहा कि यह नियम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यह नियम सही है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यह नियम सही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एक अगस्त से इंदौर में नियम लागू इंदौर में यह नियम एक अगस्त से लागू किया है। कलेक्टर आशीष सिंह के बाद यह आदेश लागू किया है। हाईकोर्ट में आदेश के बाद दो जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस नियम से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के बीच में हेलमेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां ट्रैफिक धीमा रहता है। सारे तर्क को खारिज कर दिया वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई तर्क दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं देना सही नहीं है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट में भी ऐसा कोई नियम नहीं है। शहर में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। गाड़ियां धीरे चलती हैं। शहर में कई बाइक पर पांच-पाच लोग सवार रहते हैं। पुलिस को उनका चालान काटना चाहिए। पुलिस भी हेलमेट नहीं लगाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में हेलमेट का नियम शुरू हो गया है। यह तो अस्थायी ऑर्डर है। हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू करेगा। कोर्ट में भी बिना हेलमेट की एंट्री नहीं होगी।

PM का दो टूक जवाब: ‘बड़ी कीमत चुकानी होगी, लेकिन देशहित में झुकेंगे नहीं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा है कि भारत किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं करेगा। कृषि मंत्रालय के एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि किसान भारत की प्राथमिकता है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, '…हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों के, पशुपालकों के और मछुआरे भाई बहनों के हितों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेगा। और मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरे देश के किसानों के लिए, मेरे देश के मछुआरों के लिए, मेरे देश के पशुपालकों के लिए आज भारत तैयार है।' ट्रंप का टैरिफ बम ट्रंप ने शुरुआत में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। साथ ही अमेरिका की तरफ से रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर जुर्माना भी लगाया गया था। बाद में ट्रंप ने धमकी दी कि वह और टैरिफ बढ़ाने वाले हैं। बुधवार को उन्होंने 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क का ऐलान कर दिया। खास बात है कि दोनों ही मौकों पर भारत ने जवाब दिया है कि किसी भी तरह से भारत के आर्थिक हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। भारत ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने के अमेरिका के कदम को बुधवार को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” करार दिया। नई दिल्ली की यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ देर बाद आई, जिसके तहत पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत के रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का हवाला देते हुए भारतीय वस्तुओं पर नया शुल्क लगाने की बात कही गई है। ट्रंप द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश जारी करने के कुछ ही देर बाद, भारत ने कहा कि वाशिंगटन ने रूस से उसके तेल आयात को ‘निशाना’ बनाया है और वह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ‘‘सभी आवश्यक कार्रवाई’’ करेगा। विदेश मंत्रालय ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का बचाव करते हुए कहा कि आयात बाजार कारकों पर आधारित है और देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के समग्र उद्देश्य से किया जाता है।