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सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल और शराब

बालोद जिले में बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को न तो पेट्रोल पंपों में पेट्रोल मिलेगा, और न ही शराब दुकानों में शराब. सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को रोकने के लिए बालोद जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों की जीवन की सुरक्षा करना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. इस अभियान को सफल बनाने में पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं को महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए, उन्हें जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है. इसके अलावा कलेक्टर मिश्रा ने जिले के दोपहिया वाहन विक्रेताओं को उनके दुकानों से दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को दोपहिया वाहन के साथ साथ अनिवार्य रूप से हेलमेट भी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर पेट्रोल पंप के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए. मिश्रा ने जिला परिवहन अधिकारी को इस संबंध में शीघ्र जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. कलेक्टर मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर स्थित कलेक्टोरेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा जिला पंचायत एवं रक्षित आरक्षी केन्द्र में दोपहिया वाहन से कार्यालय आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारियों के लिए भी हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. इस कार्य को सुनिश्चित कराने हेतु उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर पुलिस के जवानों की तैनातगी भी कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने कार्यालय आने वाले तथा नियमों का अवहेलना करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन के माध्यम से शासकीय कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. बैठक में सर्वसम्मति से जिले के शासकीय शराब दुकानों में दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने शराब खरीदी के लिए आने वाले लोगों को भी शराब की बिक्री नहीं करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि जान है तो जहान है इसलिए शराब दुकानों में भी दोपहिया वाहन में बिना हेलमेट पहने आने वाले लोगों को शराब की बिक्री प्रतिबंधित करना अत्यंत आवश्यक है. कलेक्टर मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी कर इसका शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु नियमित रूप से पुलिस बल के द्वारा पेट्रोलिंग कराने तथा निर्धारित स्थलों पर पुलिस जवानों की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए. मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर शराब दुकानों के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए.

ट्रंप का भारत पर सख्त टैरिफ, रूसी तेल के अलावा ये हैं असली वजहें

नई दिल्ली भारत पर टैरिफ लगाने का सिर्फ एक ही कारण नहीं दिखाई दे रहा है, बल्कि इसके पीछे कई कारण हैं. डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर 25% टैरिफ लगा दिया है, जो 7 अगस्‍त से प्रभावी है. वहीं इस टैरिफ (Tariff on India) को बढ़ाकर 50 फीसदी करने की चेतावनी दे चुके हैं और यह भी कहा है कि यह 27 अगस्‍त तक भारत पर लागू कर दिया जाएगा, जिसके पीछे की वजह भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना बताया जा रहा है.  डोनाल्‍ड टंप (Donald Trump) ने भारत के खिलाफ सख्‍त रुख अपनाते हुए अब यह तक कह दिया है कि जबतक टैरिफ को लेकर मसला नहीं सुलझ जाता है, तबतक कोई बातचीत नहीं होगी. अमेरिका का यह बयान ऐसे वक्‍त में आया है, जब अमेरिकी टीम व्‍यापार वार्ता के लिए भारत (India-US Trade Talk) आने वाली है. ऐसे में साफ नजर आ रहा है कि अमेरिका हर तरह से भारत पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारत दबाव में आकर US की शर्तों पर समझौता कर ले.  भारत से क्‍या चाहते हैं ट्रंप?  रूस का तेल तो ठीक है, लेकिन ट्रंप यह भी चाहते हैं कि भारत अमेरिकी कृषि उत्‍पाद और डेयरी प्रोडक्‍ट्स पर टैरिफ कम करे, ताकि भारत जैसे बड़े मार्केट में अमेरिका के इन प्रोडक्‍ट्स को एंट्री मिल सके. लेकिन भारत इन सेक्‍टर्स को ज्‍यादा प्राथमिकता देता है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर भारत इन सेक्‍टर्स को अमेरिका के लिए खोलता है तो किसानों की आय पर असर होगा, जिसे लेकर भारत समझौता नहीं करना चाहेगा.  वहीं अमेरिका एग्री, डेयरी प्रोडक्‍ट्स के लिए Tariff 100 फीसदी कम करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, अमेरिका यह भी चाहता है कि भारत रूसी तेल इम्‍पोर्ट को कम करे और अमेरिका से ज्‍यादा तेल का आयात करे. जबकि भारत को अमेरिका की तुलना में सस्‍ता तेल रूस से मिल रहा है.  डॉलर को लेकर क्‍यों परेशान हैं ट्रंप? अमेरिकी डॉलर दुनियाभर में इस्‍तेमाल की जाने वाली करेंसी है. बीते आठ दशक यानी 1944 से ही US Dollar का इस्‍तेमाल सभी देश व्‍यापार के लिए कर रहे हैं. दुनियाभर के सेंट्रल बैंक डॉलर का रिजर्व रखते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो करीब 90 फीसदी विदेशी मुद्रा लेनदेन डॉलर में ही होती है. लेकिन ब्रिक्‍स देशों ने इसपर निर्भरता कम करने के लिए कदम उठाये, जिसे लेकर ट्रंप बौखलाए हुए हैं.  ट्रंप इसलिए भी ब्रिक्‍स देशों से डरे हुए हैं, क्‍योंकि इस संगठन के देश मिलकर वर्ल्‍ड इकोनॉमी में 35 फीसदी का योगदान देते हैं. ऐसे में अगर इन देशों ने अमेरिका और डॉलर का विरोध किया तो अमेरिका के सुपरपॉवर बने रहने का पोजिशन छिन सकता है. साथ ही डॉलर वर्ल्‍ड करेंसी से हट सकता है.  रूस से कितना तेल मंगाता है भारत?  साल 2022 से भारत ने रूसी तेल का आयात बढ़ाया है. भारत अभी रूस से हर दिन 1.7 से 2.2 मिलियन बैरल तक का रूसी तेल आयात करता है. भारत रूसी तेल का करीब 37 फीसदी हिस्‍सा आयात कर रहा है. वहीं सबसे ज्‍यादा चीन रूसी तेल खरीद रहा है. साल 2024 में भारत ने रूस से 4.1 लाख करोड़ रुपये का कच्‍चा तेल आयात किया है.  ट्रंप के टैरिफ वार के पीछे छिपे ये बड़े कारण, सिर्फ रूसी तेल नहीं जिम्मेदार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर एक और बड़ा बयान दिया है. एक  सवाल के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं होता, तब तक भारत के साथ व्यापार वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी. समाचार एजेंसी एएनआई ने डोनाल्ड ट्रंप से पूछा, "भारत पर टैरिफ को लेकर आपने जो 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, क्या आप व्यापार वार्ताएं (Trade Negotiations) तेज होने की उम्मीद कर रहे हैं? इसका संक्षिप्त जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'नहीं, जब तक हम इसे हल नहीं कर लेते, तब तक नहीं.' ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में टैरिफ को लेकर तनाव देखा जा रहा है. अमेरिका द्वारा एकतरफा 50% शुल्क लगाने से भारत चिंतित है, और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान हालांकि अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक सवाल के जवाब में कहा, "…जहां तक भारत की बात है, मैं इतना कह सकता हूं कि राष्ट्रपति की व्यापार असंतुलन को लेकर और रूसी तेल की खरीद को लेकर जो चिंताएं हैं, उस पर बहुत स्पष्ट रुख अपनाया है. आपने देखा है कि उन्होंने इस पर सीधे तौर पर कदम उठाए हैं… भारत एक रणनीतिक साझेदार है जिसके साथ हम पूरी और स्पष्ट बातचीत कर रहे हैं. यह बातचीत जारी रहेगी…" भारत पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया है. हालांकि, अभी 7 अगस्त से 25% का टैरिफ ही लागू हुआ है, जबकि अतिरिक्त 25% टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा. इसके साथ ही, ट्रंप प्रशासन एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। वे चिप पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान करने वाले हैं, जिसका सीधा असर दुनियाभर के सेमीकंडक्टर उद्योग पर पड़ेगा. यह भारत के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि भारतीय सेमीकंडक्टर बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है.

रेलवे का बड़ा कारनामा: 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी ने यूपी से दौड़ लगाकर रचा नया इतिहास

चंदाैली पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी 'रुद्रास्त्र' का सफल संचालन किया है। यह अब तक भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी बन गई है। सात अगस्त 2025 को दोपहर 2:20 बजे, डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा स्टेशन से ‘रुद्रास्त्र’ को गढ़वा रोड के लिए रवाना किया गया। यह अभूतपूर्व मालगाड़ी छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार की गई, जिसमें कुल 354 वैगन और सात इंजन लगाए गए। ट्रेन ने पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर और फिर भारतीय रेल के सामान्य ट्रैक पर सफर किया। ‘रुद्रास्त्र’ के सफल संचालन से यह साबित होता है कि डीडीयू मंडल सिर्फ संचालन नहीं बल्कि नवाचार में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह मॉडल भविष्य में भारतीय रेल की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दे सकता है। क्या है ‘रुद्रास्त्र’? ‘रुद्रास्त्र’ नामक यह सुपर लॉन्ग मालगाड़ी डीडीयू मंडल की नवाचार और क्षमता निर्माण की नई पहल है। आमतौर पर इस तरह की रेकें अलग-अलग चलाई जाती हैं, लेकिन इन्हें एक साथ जोड़कर चलाना प्रबंधन दक्षता, समय की बचत, और मार्ग की अधिकतम उपयोगिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। डीडीयू मंडल की भूमिका डीडीयू मंडल भारतीय रेल के अहम माल परिवहन केंद्रों में से एक है, जो विशेष रूप से धनबाद मंडल को कोयला और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में सहयोग करता है। यहां से खाली मालगाड़ियों को जांच और मरम्मत के बाद समय पर भेजा जाता है। ‘रुद्रास्त्र’ की प्रमुख विशेषताएं     लंबाई: 4.5 किलोमीटर     कुल रेक: 6 बॉक्सन रेक     कुल वैगन: 354     इंजन: 07     शुरुआत बिंदु: गंजख्वाजा स्टेशन (डीडीयू मंडल)     गंतव्य: गढ़वा रोड (सोननगर से होकर) अन्य उपयोगिता     6 मालगाड़ियों को एक साथ चलाकर ट्रैक की अधिकतम क्षमता का उपयोग     समय और संसाधनों की बचत (चालक दल, मार्ग योजना आदि)     माल ढुलाई की गति और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि     रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने में सहायक  

मोदी सरकार का कदम – महंगाई कम करने के लिए दे सकती है LPG सब्सिडी का लाभ

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार आज शुक्रवार को LPG सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी कैबिनेट एलपीजी के दामों को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकारी तेल कंपनियों को करीब 30 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे सकता है. आज शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की होने वाली बैठक में इस पर फैसला होने की उम्मीद है. सरकार का यह है उद्देश्य मोदी सरकार का सरकारी तेल कंपनियों को सब्सिडी देने का मुख्य उद्देश्य मार्केट के दाम से कम कीमत पर रसोई गैस बेचने वाली कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है. बता दें, यह राहत सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉपोरेशन को मिलेगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दामों के उतार-चढ़ाव के बीच भी ये सभी कंपनियां कस्टमर्स के लिए दाम यथावत रखती हैं. इससे जनता को काफी राहत मिलती है. जानिए क्यों मिल सकता है सब्सिडी का लाभ मोदी सरकार लगातार बढ़ते दामों के बीच भी जनता को राहत देने की तैयारी में है. अगर कंपनियों को सब्सिडी का लाभ मिलता है तो महंगाई का दबाव थोड़ा कम होगा. बता दें, अमेरिकी प्रशासन लगातार भारत पर टैरिफ बढ़ाता जा रहा है. उसका कहना है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करे. हर महीने कम होते हैं गैस के दाम सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर के दामों को अपडेट करती हैं. बता दें, कंपनियों ने इस महीने के पहले दिन ही 14 किग्रा. वाले कमर्शियल गैस के दामों में कमी की थी. सरकारी तेल कंपनियों ने 33 रुपये 50 पैसे की कटौती की थी. वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं. 8 अप्रैल के बाद से इन दामों में कोई बदलाव नहीं हुए हैं. राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कमर्शियल गैस के नए दाम 1631.50 रुपये हो गए हैं. मायानगरी मुंबई में यही सिलेंडर अब 1582.50 रुपये में उपलब्ध होगा. पहले इसकी कीमत करीब 1616 रुपये थी. कोलकाता की बात करें तो इसकी कीमत घटकर 1734.50 रुपये हो गई है. पहले यह 1769 रुपये में बिक रहा था. चेन्नई में कमर्शियल गैस का यही सिलेंडर 1789 रुपये में बेचा जाएगा. पहले यह 1823.50 रुपये में बिक रहा था.

यूपी: राखी पर्व पर महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा, सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की परंपरा इस साल भी जारी है. परिवहन विभाग की ओर से 8 से 10 अगस्त तक रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही प्रत्येक महिला के साथ आने वाले एक सहयात्री को भी बिना टिकट यात्रा की छूट दी गई है, यह सुविधा रोडवेज व नगरीय बस सेवा की बसों में मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अगस्त को बताया था कि हमारी सरकार ने तय किया है, 'रक्षाबंधन' के पावन अवसर पर (8-10 अगस्त) उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम और नगर विकास की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा बहन-बेटियों को देने जा रहे हैं. यह पहल 2017 में शुरू हुई थी, जब रक्षाबंधन पर बहनों को आर्थिक बोझ से मुक्त रखते हुए अपने घर या भाइयों के पास पहुंचने का अवसर देने के लिए सरकार ने रोडवेज में मुफ्त सफर का ऐलान किया था. सरकार की ओर से जारी आकंड़ों के मुताबिक आठ साल में इस योजना के तहत 1.23 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले चुकी हैं. इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया. यात्रा की अवधि और नियम अवधि: 8 अगस्त की मध्यरात्रि से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लाभार्थी: सभी आयु वर्ग की महिलाएं और बालिकाएं अतिरिक्त लाभ: प्रत्येक महिला के साथ एक सहयात्री का टिकट भी माफ लागू बसें: साधारण, जनरथ और कुछ अन्य श्रेणियां रक्षाबंधन पर यात्रा का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व पर महिलाओं की सुविधा के लिए शुरू हुई यह योजना अब एक सामाजिक परंपरा बन गई है. शुरुआत में इसे केवल एक दिन के लिए लागू किया जाता था, लेकिन समय के साथ यात्रा की अवधि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ी. आंकड़ों के अनुसार, 2017 में लगभग 11 लाख महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ लिया, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 29 लाख से अधिक हो गई. 2022 में भी 22 लाख से ज्यादा यात्रिणियों ने मुफ्त सफर किया. परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में बसों की संख्या और रूट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाती है, ताकि भीड़ के कारण किसी को असुविधा न हो. सुरक्षा के मद्देनज़र संवेदनशील रूटों पर पुलिस या होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जाते हैं. ग्रामीण और दूरदराज की महिलाओं को सबसे अधिक लाभ इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में रहने वाली महिलाओं को मिलता है, जहां से बड़े शहरों तक की यात्रा का किराया कई बार उनकी सामर्थ्य से अधिक होता है. मुफ्त बस सेवा के कारण वे न सिर्फ भाइयों के पास राखी बांधने जा सकती हैं, बल्कि त्योहार के दिन बिना आर्थिक चिंता के वापसी भी कर पाती हैं. सहयात्री के लिए भी राहत इस बार की घोषणा में महिलाओं के साथ एक सहयात्री के टिकट माफ करने का प्रावधान भी चर्चा में है. कई मामलों में महिलाएं छोटे बच्चों या वृद्ध परिजनों के साथ यात्रा करती हैं, जिनका किराया पहले अलग से देना पड़ता था. यह बदलाव कई परिवारों के लिए सुविधा और बचत दोनों लेकर आया है. हालांकि, यह छूट केवल चुनिंदा बस श्रेणियों में ही लागू होगी, ताकि राजस्व पर अनावश्यक दबाव न पड़े.

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शीघ्र शुरू हो ओपीडी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : दो से अधिक बार शराब तस्करी पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा दो से अधिक बार शराब तस्करी पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री शर्मा ने विभागीय योजनाओं और नवाचारों की समीक्षा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शीघ्र शुरू हो ओपीडी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ’ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने कॉम्प्लेक्स निर्माण का सुझाव, मक्का व मिलेट्स किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन’ ’मनरेगा, पीएम आवास, महतारी वंदन से लेकर जल जीवन मिशन तक सभी योजनाओं की गहन समीक्षा’ रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज जगदलपुर स्थित जिला कार्यालय के प्रेरणा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जिले में किए जा रहे नवाचारों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति दो से अधिक बार शराब या अन्य नशे की तस्करी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त करने की कानूनी कार्यवाही तत्काल आरंभ की जाए। उन्होंने नशा उन्मूलन के लिए पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधियों और दवा व्यापारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जगदलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शीघ्र ओपीडी सेवा प्रारंभ करने को कहा, ताकि आम जनता को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकें। उपमुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में कॉम्प्लेक्स निर्माण कर पंचायतों को स्वावलंबी बनाने का सुझाव दिया, जिससे पंचायतों को स्थायी राजस्व प्राप्त हो सके। उन्होंने पंचायत सचिवों को अविवादित बंटवारे के मामलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने हेतु ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने और जनजागरूकता हेतु मुनादी एवं होर्डिंग लगाने के निर्देश भी दिए। मिलेट्स उत्पादन करने वाले किसानों के उत्पाद को बाजार तक पहुँचाने की ठोस व्यवस्था बनाने तथा मक्का उत्पादक किसानों को स्प्रिंकलर एवं विभागीय योजनाओं से जोड़ने की बात भी कही। बैठक में पंचायत विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, महतारी सदन, दीनदयाल अंत्योदय योजना, बिहान, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित हितग्राहियों को प्रथम किश्त के उपरांत आवास की प्रगति, ग्राम पंचायतों में पंजी संधारण की स्थिति, डीपीआरसी ट्रेनिंग सेंटर, स्वच्छ भारत मिशन तथा आगामी तीन माह की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गृह विभाग के अंतर्गत अवैध शराब, सट्टा, जुआ, गोधन तस्करी, यातायात नियंत्रण, हिट एंड रन, मोटरयान अधिनियम की धाराओं पर की गई कार्रवाई, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन, गुम इंसानों के प्रकरण और एनडीपीएस एक्ट के मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, आयुष्मान कार्ड वितरण, मोबाइल हेल्थ वैन संचालन, जनऔषधि केंद्रों की उपलब्धता, सिकलसेल डायग्नोसिस, डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थिति तथा आगामी तीन माह के लिए निर्धारित कार्ययोजना की समीक्षा की गई। वन विभाग द्वारा किए गए लाख उत्पादन, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, चरण पादुका वितरण और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ कैंपा मद में दो वर्षों के आवंटन और व्यय की जानकारी भी ली गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्वस्थ लइका अभियान और नीति आयोग के सहयोग से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी बैठक में दी गई। राजस्व विभाग द्वारा किए गए नवाचार, प्रकरणों की स्थिति, शिविरों की प्रगति और भू-अर्जन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। कृषि विभाग द्वारा रकबा, बीज एवं उर्वरक वितरण, आत्मा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, खरीफ की तैयारी, चौम्प्स योजना से यंत्र वितरण आदि की अद्यतन जानकारी ली गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन, पूर्णता प्रमाण पत्र और हर घर जल प्रमाणीकरण की स्थिति पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जल संसाधन विभाग के तहत प्रमुख बांध, नहर और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की गई। विद्युत विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, ट्रांसफार्मर की उपलब्धता, आरडीएसएस योजना के तहत क्रियान्वयन की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों और आगामी तीन माह के कार्यों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। शिक्षा विभाग द्वारा ज्ञानगुड़ी योजना के तहत निरूशुल्क कोचिंग, आईसीटी आधारित प्रशिक्षण, बहुभाषी शिक्षा, पीएम स्कूलों के निर्माण, शिक्षा गुणवत्ता कार्यक्रम, मिशन 200, जीरो ड्रॉपआउट अभियान और सम्पर्क फाउंडेशन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छात्रावासों और छात्रवृत्तियों की स्थिति प्रस्तुत की गई। खाद्य विभाग द्वारा पीडीएस प्रणाली, धान भंडारण एवं उठाव की स्थिति की जानकारी दी गई। नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी, पीएम आवास योजना शहरी, भवन अनुज्ञा एवं अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और पीएमईजीपी की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त सहकारिता, समाज कल्याण और श्रम विभाग की गतिविधियों की भी समग्र समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा यह ध्यान रखा जाए कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यों में शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडेय, सचिव पंचायत भीम सिंह, कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर बैठक में सीएम साय का निर्देश – गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूरे हों

रायपुर : अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अमेरिका की आर्थिक पकड़ पर मंडराया खतरा, रूस-चीन-भारत बना सकते हैं नया फाइनेंशियल फ्रंट

नई दिल्‍ली  अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस समय भारत से अपनी व्‍यक्तिगत खुन्‍नस निकाल रहे हैं. तभी तो उन्‍होंने सारे देशों को छोड़ सिर्फ भारत पर ही 50 फीसदी का टैरिफ ठोक दिया है. ट्रंप के दायरे में भारत ही नहीं, रूस और चीन भी आ गए हैं. इसका मतलब है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति इस समय रूस, भारत और चीन पर एकसाथ हमलावर हो गए हैं. ऐसे में हर आदमी के मन में यही सवाल उठ रहा कि क्‍या ये तीनों देश मिलकर अमेरिका की दादागिरी खत्‍म कर सकते हैं. अमेरिका को सबसे ज्‍यादा लाभ ग्‍लोबल मार्केट में डॉलर में होने वाले ट्रेड से होता है. तो क्‍या, रूस-भारत और चीन मिलकर डॉलर का मुकाबला कर सकते हैं. इस बात का जवाब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की झुंझलाहट से ही मिल जाता है. आपको याद होगा जब ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के दौरान ट्रंप ने डॉलर का विकल्‍प बनाने को लेकर रूस, भारत और चीन को धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा था कि अगर ब्रिक्‍स देश मिलकर डॉलर कमजोर करने की साजिश करते हैं तो इन देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दिया जाएगा. फिलहाल भारत ने ऐसी कोई कोशिश नहीं की और उस पर ट्रंप 50 फीसदी का टैरिफ लगा चुके हैं. जाहिर है कि उनके मन में इस बात को लेकर काफी डर है कि अगर तीनों देश साथ आ गए तो डॉलर को नुकसान हो सकता है. कैसे दे सकते हैं डॉलर को टक्‍कर अमेरिकी डॉलर को टक्‍कर देने के लिए भारत ने भले ही अभी तक कोई खास कदम न उठाया हो, लेकिन रूस और चीन लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं. चीन ने अपने ज्‍यादातर साझेदारों से स्‍थानीय मुद्रा युआन में कारोबार बढ़ाना शुरू कर दिया है. रूस ने भी यूक्रेन युद्ध के बाद डॉलर में लेनदेन को काफी हद तक कम किया है और अपनी स्‍थानीय मुद्रा में कारोबार कर रहा है. वैसे तो भारत ने भी ईरान, रूस सहित कुछ देशों के साथ रुपये में लेनदेन किया है, लेकिन अभी तक ग्‍लोबल मार्केट में कोई उल्‍लेखनीय डील स्‍थानीय करेंसी में नहीं हुई. हां, अगर तीनों ही देश मिलकर अपनी-अपनी करेंसी में कारोबार शुरू करते हैं तो डॉलर को कड़ी टक्‍कर दी जा सकती है. क्‍या हो सकती है रणनीति अमेरिका को अपनी बादशाहत कायम रखने और कारोबार बढ़ाने के लिए बड़े बाजार की जरूरत है. यह बात पूरी दुनिया को पता है कि भारत और चीन दो सबसे बड़ी जनसंख्‍या यानी उपभोक्‍ता वाले देश हैं. यही दोनों देश दुनिया की फैक्‍ट्री भी हैं. चीन तो सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है, जबकि भारत दुनिया की दूसरी फैक्‍ट्री बनने की राह पर है. इसका मतलब है कि यह दोनों देश न सिर्फ बड़े उत्‍पादक हैं, बल्कि सबसे बड़े उपभोक्‍ता वाले देश भी हैं. अगर रूस के साथ मिलकर ये तीनों देश अपनी मुद्रा में लेनदेन और कारोबार करते हैं तो निश्चित रूप से डॉलर को बड़ी चुनौती मिल सकती है. तीनों देशों में कितना कारोबार भारत, रूस और चीन का आपस में कुल व्‍यापार भी लगातार बढ़ता जा रहा है. वित्‍तवर्ष 2023-24 में रूस और भारत के बीच द्विपक्षीय कारोबार 65 अरब डॉलर से ज्‍यादा रहा था, जबकि भारत और चीन का कारोबार 130 अरब डॉलर से अधिक रहा है. इसी तरह, रूस और चीन का कारोबार भी 200 अरब डॉलर से ज्‍यादा ही रहा. इस तरह, अगर तीनों देशों के बीच कुल कारोबार को देखा जाए तो यह करीब 390 अरब डॉलर के आसपास रहा है. इसके 400 अरब डॉलर से भी ज्‍यादा पहुंचने का अनुमान है. भारत-रूस और चीन का कितना ग्‍लोबल कारोबार भारत का कारोबार : पिछले वित्‍तवर्ष 2024-25 में भारत का कुल अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार करीब 1,830 अरब डॉलर (1.83 ट्रिलियन डॉलर के आसपास) रहा है. इसमें प्रोडक्‍ट का कारोबार करीब 1,300 अरब डॉलर और सेवाओं का आयात-निर्यात 500 अरब डालर से ज्‍यादा रहा है. चीन का कुल कारोबार : चीन ने पिछले वित्‍तवर्ष 3.59 ट्रिलियन डॉलर का सामान दुनियाभर में निर्यात किया और 2.56 ट्रिलियन डॉलर का सामान मंगाया. इस तरह, सामान का कुल कारोबार 6.15 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि सेवाओं का कारोबार मिला दें तो यह आंकड़ा 7.56 ट्रिलियन डॉलर पहुंच जाता है. रूस का कितना कारोबार : पिछले वित्‍तवर्ष में रूस ने दुनियाभर को 424 अरब डॉलर का सामान बेचा और दुनिया से 304 अरब डॉलर का सामान खरीदा. यानी कुल कारोबार रहा 728 अरब डॉलर का. इसमें सेवाओं का कारोबार जोड़ दिया जाए तो यह 117 अरब डॉलर और बढ़कर करीब 865 अरब डॉलर पहुंच जाएगा. तीनों का कितना कारोबार : इस तरह रूस, चीन और भारत का कुल अंतरराष्‍ट्रीय कारोबार करीब 10 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्‍यादा का रहा है. अमेरिका का कितना ग्‍लोबल कारोबार साल 2024 में अमेरिका का कुल कारोबार करीब 7 ट्रिलियन डॉलर का रहा है. इसमें प्रोडक्‍ट के निर्यात का हिस्‍सा 2 ट्रिलियन डॉलर और आयात का हिस्‍सा 3.37 ट्रिलियन डॉलर रहा. इसका मतलब है माल का कुल कारोबार 5.43 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबक‍ि सर्विस का निर्यात 928 अरब डॉलर और आयात 700 अरब डॉलर रहा. सर्विस का कुल कारोबार 1.63 ट्रिलियन डॉलर रहा है और कुल कारोबार 7 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच गया है. आंकड़ों में कौन आगे अगर तीनों ही देश अकेले-अकेले अमेरिका का मुकाबला करेंगे तो यह मुश्किल होगा, क्‍योंकि उसका कुल कारोबार चीन से भी ज्‍यादा है. लेकिन, अगर चीन-भारत और रूस मिलकर अमेरिका के सामने खड़े होते हैं तो यह आंकड़ा अमेरिका के कुल कारोबार से कहीं ज्‍यादा बैठता है. आंकड़े साफ बताते हैं कि अगर तीनों ही देश मिलकर अमेरिकी डॉलर के सामने खड़े होते हैं तो निश्चित रूप से इसका मुकाबला ग्‍लोबल मार्केट में कर सकते हैं.

श्रद्धालुओं को बड़ी राहत! अमृतसर से कटड़ा के बीच चलेगी नई वंदे भारत ट्रेन

उधमपुर देश की सबसे तेज और सुविधाजनक रेल सेवाओं में शुमार वंदे भारत एक्सप्रेस अब एक और नए रूट पर दौड़ने जा रही है। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा स्टेशन से अमृतसर स्टेशन के बीच नई वंदे भारत ट्रेन 11 अगस्त से नियमित रूप से दौड़ना शुरू होगा। 10 अगस्त को प्रधानमंत्री तीन वंदेभारत का उद्घाटन विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे। इनमें कटड़ा-अमृतसर वंदेभारत, बेंगलुरु–बेलगावी वंदे भारत, अजनी(नागपुर)-पुणे वंदे भारत शामिल हैं। इस दौरान कटड़ा जम्मू और पठानकोट स्टेशन पर भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जानकारी के कटड़ा अमृतसर के बीच शुरू होने वाली वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी (मंगलवार को छोड़ कर) और इसका प्राइमरी मेंटेनेंस साहिबाबाद में होगा। ट्रेन के उद्घाटन की अधिसूचना रेलवे बोर्ड ने 5 अगस्त 2025 को जारी की है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि उद्घाटन रन एक विशेष सेवा के रूप में होगा, जिसके बाद ट्रेन नियमित संचालन में आ जाएगी।   ट्रेन के नियमित रूप से चलने का समय उद्घाटन रन से अलग है। जानकारी के मुताबिक मुताबिक कटड़ा से अमृतसर के बीच चलने वाली आठ कोच वाली वंदे भारत ट्रेन(02406) को प्रधानमत्री वर्चुअल माध्यम से सुबह 10:50 बजे कटडा स्टेशन से हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इसके लिए कटड़ा स्टेशन पर प्रस्तावित मुख्य उद्घाटन समारोह में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा के विधायक बलदेव सिंह, रियासी के विधायक कुलदीप राज दूबे, एसएसपी जीआरपी संजय कोतवाल और एसएसपी रियासी के शामिल होने की संभावना है। कटड़ा से रवाना होने के बाद ट्रेन दोपहर 12:15 बजे जम्मू तवी स्टेशन पहुंचेगी। जहां पर एक छोटा समारोह आयोजित कर 12:20 बजे इसे आगे रवाना किया जाएगा। जम्मू तवी स्टेशन पर होने वाले कार्यक्रम में जम्मू-पुंछ सांसद जुगल किशोर शर्मा, राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना, विधायक विक्रम सिंह रंधावा, जम्मू पश्चिम विधायक अरविंद गुप्ता, पूर्वी जम्मू विधायक युद्धवीर सिंह सेठी, एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह और एसएसपी जीआरपी जम्मू शैलेंद्र सिंह की उपस्थिति प्रस्तावित है। जहां से ट्रेन 13:50 बजे पठानकोट कैंट स्टेशन पहुंचेगी, वहां भी स्वागत समारोह के बाद इसे 13:55 बजे रवाना किया जाएगा। पठानकोट कैंट स्टेशन पर आयोजित स्वागत समारोह में गुरदासपुर के सांसद सुखविंदर सिंह रंधावा, पठानकोट विधायक अश्विनी शर्मा, पठानकोट नगर निगम के मेयर पन्ना लाल भाटिया, पूर्व विधायक दिनेश सिंह बब्बू, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा, डीसी आदित्य उप्पल और एसएसपी डीएस ढिल्लों के उपस्थित रहने की संभावना है। 11 तारीख से चलने वाली वंदेभारत ट्रेन की दोनों दिशाओं की नियमित समय-सारिणी 26406 (कटड़ा से अमृतसर) स्टेशन आगमन प्रस्थान कटड़ा — 06:40 जम्मू तवी: 08:05 08:07 पठानकोट कैंट: 09:30 09:32 जालंधर सिटी: 11:03 11:05 व्यास: 11:28 11:30 अमृतसर: 12:20 — 26405 (अमृतसर से कटड़ा) स्टेशन आगमन प्रस्थान अमृतसर — 16:25 व्यास: 17:03 17:05 जालंधर सिटी: 17:33 17:35 पठानकोट कैंट: 19:03 19:05 जम्मू तवी: 20:28 20:30 कटड़ा: 22:00 — उधमपुर को स्टॉपेज नहीं मिलने से निराशा कटड़ा से अमृतसर की ओर चलने वाली इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस में उधमपुर जैसे सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्टेशन को स्टापेज नहीं दिया गया है। जिससे उधमपुर के लोगों को इस नई ट्रेन का कोई फायदा नहीं मिलेगा उधमपुर रेलवे स्टेशन सेना की उत्तरी कमान, बीएसएफ, आईटीबीपी, शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी जैसे अहम सुरक्षा प्रतिष्ठान के अलावा जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार जैसा महत्व रखता है। यहां से बड़ी संख्या में व्यापारी अमृतसर और जालंधर की ओर नियमित यात्रा करते हैं, वहीं विद्यार्थियों और व्यास धाम के श्रद्धालुओं के लिए भी यह रूट बेहद महत्त्वपूर्ण है। रेलवे द्वारा जारी समयसारिणी में अगर उधमपुर को दो से पांच मिनट का स्टॉपेज दिया जाता, तो ट्रेन के कुल सफर में मुश्किल से उतनी ही देरी होती, लेकिन इसके बदले हजारों यात्रियों को सुविधा मिल सकती थी। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में रेलवे मंत्रालय इस चूक को सुधारते हुए उधमपुर स्टेशन को भी इस सेवा से जोड़ेगा।

तमोट में विस्तार लेगा औद्योगिक क्षेत्र, निवेश की दिशा में आगे बढ़ेगा प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औद्योगिक विकास को धरातल पर उतारने के अपने सतत प्रयासों के क्रम में आज रायसेन जिले के तामोट औद्योगिक क्षेत्र में निवेश संवाद, इकाइयों के भूमिपूजन, लोकार्पण और आशय पत्र वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा उद्योगों को लेकर उनकी प्रतिबद्धता और कार्य संस्कृति का प्रतिबिंब है, जिसमें नीति के साथ क्रियान्वयन को भी बराबरी का महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट में संचालित सागर मैन्युफैक्चरर प्रा. लि. की इकाई का भ्रमण करेंगे और रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेसर्स आनंद टैक लास्ट प्राइवेट लिमिटेड प्लास्टिक पार्क का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से संवाद करेंगे और प्रदेश में बन रहे निवेश अनुकूल वातावरण से उन्हें अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट में 566 करोड़ रुपए के निवेश एवं 1781 रोजगार देने वाली 14 इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण के साथ आशय पत्र वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 416 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट में 300 करोड़ निवेश एवं 970 रोजगार देने वाली 6 इकाइयों का भूमिपूजन और 116 करोड़ रुपए से अधिक निवेश एवं 211 रोजगार देने वाली 6 इकाइयों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों को भूमि आवंटन से संबंधित आशय-पत्र प्रदान करेंगे और औद्योगिक विकास के प्रति प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास निवेशकों को आश्वस्त करने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए रोजगार अवसरों का रास्ता भी खोलेगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा एमएसएमई प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह प्रदेश की औद्योगिक रणनीति और नीतिगत परिवर्तनों की जानकारी साझा करेंगे। जे.बी.एम, विनप्रो और मंडीदीप औद्योगिक एसोसिएशन जैसे प्रमुख निवेशक समूहों के प्रतिनिधि मध्यप्रदेश में निवेश अनुकूल माहौल और प्रदेश की निवेश फ्रेंडली नीतियों के संबंध में विचार साझा करेंगे। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, भोजपुर विधायक श्री सुरेंद्र पटवा और विधायक श्री नारायण सिंह पंवार भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।