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कूटनीति में भारत का संतुलन: अमेरिका की चाहत पर रूस से दूरी नहीं

नई दिल्ली  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध की आड़ में भारत पर निशाना साधा है और खुली धमकी भी दे डाली है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रेसीडेंट ट्रंप चाहते हैं कि जो देश रूस से तेल खरीदेंगे, उन पर पाबंदी लगाई जा सकती है। इससे पहले अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन नाटो यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) के महासचिव मार्क रुट ने भारत, ब्राजील और चीन को खुली धमकी दे डाली थी। इससे पहले भारत ने अपना रुख एकदम साफ कर दिया था। भारत ने कहा था कि इस मामले में दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। रूस ने हमेशा से ही भारत का साथ दिया है। वह आजादी के समय से ही भारत का साथ देता है। भारत के विकास में रूस का काफी योगदान है। आइए-समझते हैं। भारत ने कहा-दोहरा मापदंड नहीं चलेगा, हमें कोई टेंशन नहीं इन धमकियों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे लोगों के लिए ऊर्जा की जरूरतें पूरी करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमें इस मामले में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड से बचना चाहिए। वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध संघर्ष और मध्य-पूर्व में तनाव जैसे वैश्विक भू-राजनीतिक व्यवधानों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए सक्रिय रूप से कच्चे तेल के आयात स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 40 देशों तक कर दिया है। इसीलिए रूस पर पाबंदी जैसी किसी कार्रवाई से हम चिंतित नहीं हैं। रूस तो फाइटर भी दे रहा है और सोर्स कोड भी WIKIPEDIA के अनुसार, रूस यानी पूर्व सोवियत संघ भारत की स्वतंत्रता के समय से कई मौकों पर भारत के लिए मददगार रहा है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सोवियत संघ ने भारत का समर्थन किया था, जिससे भारत की स्थिति मजबूत हुई थी। साथ ही शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ भारत का एक प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ता देश था। इससे भारत को अपनी सैन्य क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिली। जबकि इन दोनों ही मौकों पर अमेरिका ने पाकिस्तान का साथ दिया था। ये भारत को भूलना नहीं चाहिए। इसीलिए आज भी भारत अमेरिका के मुकाबले रूस पर ज्यादा भरोसा करता है। हाल ही में रूस ने अपना SU-57 फाइटर जेट देने की पेशकश भी की है और उसका सोर्स कोड भी। वहीं, अमेरिका और फ्रांस कभी भी अपना इंजन और सोर्स कोड देने से कतराते रहे हैं। 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध में दिया साथ विकीपीडिया के मुताबिक, पूर्व सोवियत संघ ने 1971 के युद्ध में भारत का समर्थन किया। उस वक्त भारत ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) को पाकिस्तान से आजादी दिलाने में मदद की थी। सोवियत संघ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के खिलाफ किसी भी प्रस्ताव पर वीटो कर दिया, जिससे भारत को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने में मदद मिली। वहीं, अमेरिका ने 71 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान की मदद के लिए समंदर में अपना जंगी बेड़ा उतार दिया था। शीत युद्ध के दौरान रूस ने दिए हथियार तत्कालीन सोवियत संघ ने शीत युद्ध के दौरान भारत को खूब हथियार दिए। वह भारत के लिए प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ता देश था। इसने भारत को टैंक, विमान, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण प्रदान किए, जिससे भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिली। देश के आर्थिक विकास में भी रूसी झलक सोवियत संघ ने भारत को आर्थिक विकास में भी मदद की, विशेष रूप से भिलाई और बोकारो जैसे स्टील फैक्ट्रियों की स्थापना में। इसके अलावा, रूस की योजनाओं की ही तर्ज पर पंचवर्षीय योजनाएं भी शुरू की गई थीं। जो अब जारी नहीं हैं। भारत के विकास में रूसी समाजवाद की झलक भी दिखाई देती है। अंतरिक्ष में भी रूस ने मजबूती से बढ़ाया हाथ पूर्व सोवियत संघ ने 1984 में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा को अंतरिक्ष में भेजने में भी मदद की थी। इसके अलावा, भारत के कई अंतरिक्ष मिशनों के लिए अपने रॉकेट भी दिए। सैटेलाइट विकास में भी जमकर सहयोग किया। दोनों देशों के बीच आज है बहुपक्षीय सहयोग भारत और रूस आज भी संयुक्त राष्ट्र, जी20, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे कई बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम कर रहे हैं। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का भी समर्थन किया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच संबंध बीच में असहज भी रहे, मगर वो जल्द ही पटरी पर लौट आए। ट्रंप ने क्यों बौखलाए, पहले इसे समझिए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को कहा, अगर 50 दिनों में रूस ने युद्धविराम या शांति समझौते की शर्तें नहीं मानीं, तो उस पर बेहद सख्त टैरिफ और सेकंडरी सैंक्शन लगाए जाएंगे। भारत जैसे देशों की ओर साफ इशारा करते हुए लैविट ने कहा कि जो देश रूसी तेल खरीदेंगे, वो भी इन प्रतिबंधों की चपेट में आएंगे। लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि युद्ध का अंत कूटनीतिक समाधान से हो। दरअसल, भारत अपनी कुल तेल जरूरत का करीब 85 फीसदी विदेशों से मंगाता है। वह रूस से अपनी कुल तेल जरूरतों का करीब 35.10 प्रतिशत आयात करता है। जबकि यूक्रेन से युद्ध के पहले वह रूस से केवल 2.10 फीसदी कच्चा तेल मंगाता था। नाटो चीफ ने क्यों दी थी ऐसी धमकी इससे पहले NATO के महासचिव मार्क रुटे ने भी भारत, चीन और ब्राजील को खुली चेतावनी दी थी। अगर रूस से व्यापार जारी रहा तो 100 फीसदी टैरिफ और सेकेंडरी सैंक्शन तय हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप चीन के राष्ट्रपति हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं और आप रूस के साथ व्यापार करना और उनका तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए। अगर मॉस्को में बैठे व्यक्ति ने शांति वार्ता को गंभीरता से नहीं लिया, तो मैं 100% सेकंडरी सैंक्शन लगाऊंगा।  

बालाघाट की बड़ी उपलब्धि: आयुष्मान कार्ड बनाने में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान

भोपाल  आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्‍मान कार्ड बनाने का विशेष अभियान पूरे देश में 14 अप्रैल 2025 से प्रारंभ किया गया है। इस अभियान में सर्वाधिक आयुष्‍मान कार्ड बनाने के मामले में बालाघाट जिला 81 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में पहले स्‍थान पर है। बैतूल जिला 78 प्रतिशत के साथ दूसरे एवं अनुपपुर जिला 77 प्रतिशत के साथ तीसरे स्‍थान पर है। बालाघाट जिले में कलेक्‍टर श्री मृणाल मीणा के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ के निर्देशन में इस कार्य को एक मिशन के रूप में किया जा रहा है। बालाघाट जिले में 1 लाख 31 हजार 468 पात्र लोगों के आयुष्‍मान कार्ड बनाये जाने है। 16 जुलाई तक जिले में 1 लाख 7 हजार 54 लोगों के आयुष्‍मान कार्ड बनाकर बालाघाट ने पहला स्थान पाया है। मध्यप्रदेश में 16 जुलाई तक 5 लाख 66 हजार 967 आयुष्‍मान कार्ड बनाये का लक्ष्य है। जिसमें से केवल बालाघाट जिले में 1 लाख 7 हजार 54 कार्ड बनाये गए है। इस प्रकार देखा जाए तो प्रदेश में बने हर पांच आयुष्‍मान कार्ड में एक कार्ड बालाघाट जिले का बना है। इस उपलब्धि को हासिल करने में स्‍वास्‍थ्‍य, ग्रामीण विकास एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का विशेष योगदान रहा है। आयुष्‍मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के व्यक्ति को एक साल में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना में आयुष्‍मान कॉर्ड धारक व्‍यक्ति का उपचार योजना में पंजीकृत अस्‍पताल में किया जाता है। मरीज के उपचार पर आए खर्च की राशि शासन द्वारा संबंधित अस्‍पताल को प्रदान कर दी जाती है।

मोदी के दौरे से पहले भारत का सरप्राइज गिफ्ट, मुस्लिम देश ने जताया भरोसा – पाकिस्तान में मिर्ची!

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले भारत ने मालदीव को एक खास तोहफा दिया है. ये तोहफा है मालदीव पुलिस के दस जवानों को वीआईपी सिक्योरिटी में ट्रेनिंग देना. वीआईपी सुरक्षा की ट्रेनिंग लेने के बाद ये सभी 10 कमांडो, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के अंगरक्षक के तौर पर तैनात किए जाएंगे. इसी महीने के आखिरी हफ्ते में पीएम मोदी दो दिवसीय (25-26 जुलाई) मालदीव के दौरे पर जा रहे हैं. इन सभी दस कमांडो ने नोएडा में दो हफ्तों की वीआईपी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शनिवार (19 जुलाई, 2025) को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह से दिल्ली में मुलाकात की. नोएडा में सीआरपीएफ का वीआईपी सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर है. देश के वीआईपी और दूसरे गणमान्य व्यक्तियों को वाई और जेड कैटेगरी की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले है. गृह मंत्री अमित शाह और दलाई लामा तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की सिक्योरिटी विंग के हवाले है. क्षेत्रीय संबंध होंगे मजबूत मालदीव पुलिस के कमांडो से मुलाकात के बाद सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण शांति, प्रोफेशनलिज्म और पुलिसिंग में अधिक सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है. सीआरपीएफ के मुताबिक, पड़ोसी देशों की पुलिस के साथ इस तरह के सहयोग से क्षेत्रीय संबंध मजबूत होंगे और पार्टनरशिप को ताकत मिलेगी. सीआरपीएफ ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यह क्षेत्र में आपसी विश्वास और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक गौरवपूर्ण कदम है. इसी महीने की 25 तारीख को मालदीव का राष्ट्रीय दिवस है. मालदीव के नेशनल डे पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. दोनों देशों के बीच आई खटास होगी कम पीएम की यात्रा से दोनों देशों के बीच मुइज्जु के राष्ट्रपति बनने से आई खटास थोड़ी कम होने की उम्मीद है, क्योंकि साल 2023 में मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जु ने भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर सहित क्रू-सदस्यों को अपने देश से निकाल दिया था. साथ ही मुइज्जु को चीन का करीबी माना जाता है. हालांकि, पिछले साल मुइज्जु ने भी दिल्ली का दौरा किया था और भारत को अहम सहयोगी बताया था. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के मालदीव दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम करार होने की उम्मीद है. साथ ही मालदीव के अलग-अलग द्वीपों को जोड़ने के लिए शुरू होने वाली फेरी (बोट नौवहन) के लिए भी भारत एक बड़ा अनुदान कर सकता है.

विश्व मंच पर चमका मध्य प्रदेश: सीएम यादव के विदेश दौरे से खुले निवेश और विकास के द्वार

भोपाल 'मैंने ऐसा कभी नहीं देखा कि किसी नेता ने 30 मिनट की चर्चा के बाद एमओयू साइन कर लिया हो.., मध्यप्रदेश आपको बुला रहा है, बेहिचक निवेश करें, हम भी आपको रिटर्न गिफ्ट देने में कोई कमी नहीं रखेंगे.., एमपी के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, हर सेक्टर में निवेशकों का स्वागत है…, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी.., जोत से जोत जले.., एमपी और बार्सिलोना जुड़वा भाई हैं..।' ये चंद भाषणों की लाइनें हैं जो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई-स्पेन की यात्रा से निकलकर आई हैं। इन लाइनों से यह पता चलता है कि सीएम डॉ. मोहन यादव एक प्रभावी लीडर के रूप में उभर रहे हैं। पहले यूके-जर्मनी-जापान यात्रा और फिर दुबई-स्पेन यात्रा ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वैश्विक उद्योगपतियों पर उनका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनकी ताजा यात्रा को मास्टर स्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है।   गौरतलब है कि सीएम डॉ. यादव स्पेन पहुंचे तो उनका भारतीयों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने मैड्रिड और बार्सिलोना में यहां विश्व की अग्रणी कंपनियों के शीर्ष पदाधिकारियों से वन-टू-वन मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सीएम डॉ. यादव का अंदाज उद्योगपतियों को बेहद पसंद आया। निवेशक मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों से संतुष्ट दिखाई दिए। स्पेन की नामी सेनेटरीवेयर कंपनी रॉका ग्रुप के कॉर्पोरेट संचालन निदेशक पाउ अबेलो ने सीएम डॉ. यादव को देवास स्थित कंपनी की इकाई ‘रॉका बाथरूम प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ की जानकारी की। कंपनी ने देवास में 164.03 करोड़ का निवेश किया है, साथ ही 400 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दिया है। इस जानकारी के बीच कंपनी ने प्रदेश के मुखिया को यूनिट के विस्तार और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी। लालीगा के मैचों में हो सकता है चमत्कार दूसरी ओर, सीएम डॉ. यादव ने स्पोर्ट्सफन टीवी एसएल के सह-संस्थापक सिद्धार्थ तिवारी के साथ भी बैठक की। इसमें तिवारी ने उन्हें सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से मध्यप्रदेश में फुटबॉल की प्रतिभाओं को खोजा जा सकता है। इसी तरह अमेक (Association Multisectorial de AMEC) के निदेशक एलेजांद्रो गैलेगो अल्काइडे ने सीएम डॉ. यादव से कहा कि उनकी कंपनी राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग, मीडिया एनालिटिक्स, एआई आधारित संचार रणनीतियों औरै अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश की पहचान को सशक्त करने की दिशा में सहयोग कर सकती है। इस यात्रा के दौरान सबसे खास रहा उनका लालीगा लीग का दौरा। हो सकता है कि आगामी लालीगा के मैचों में दुनियाभर के करोड़ों दर्शकों को मध्यप्रदेश के सांची और भीमबैठका जैसे टूरिज्म स्पॉट देखने को मिलें। अगर वाकई ऐसा होता है तो प्रदेश में टूरिज्म सेक्टर में न केवल टूरिस्टों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि भारी रोजगार भी मिलेगा। दुबई के निवेशक भी हुए प्रभावित स्पेन की ही तरह सीएम डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा भी सफल रही। वे यहां भी 13 से 15 जुलाई के बीच विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। उनकी यह यात्रा मध्यप्रदेश के विकास यात्रा की एक मजबूत नींव साबित होगी। राज्य की मोहन सरकार ने इस विकास यात्रा को इस भावना के साथ डिजाइन किया था कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने। दुबई में सीएम डॉ.यादव ने डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री ज़ोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकें की। एक बैठक में भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी। अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि ने भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिए हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।  

मुख्यमंत्री साय बोले – नई औद्योगिक नीति के माध्यम से विकास और रोजगार सृजन कर रही है हमारी सरकार

फार्मास्यूटिकल इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री शसाय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की  इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) 5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से कोमलचंद चोपड़ा, अनिल देशलहरा और उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

कावड़ियों की सुरक्षा व ट्रैफिक को देखते हुए सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित

 जबलपुर जबलपुर से गुजरने वाली कावड़ यात्रा को मद्देनदजर रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 21 जुलाई सोमवार को सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ये आदेश सभी शासकीय, निजी सीबीएसई, आईसीएसई सभी स्कूलों पर लागू होगा। जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि, 21 जुलाई को जबलपुर में निकलने वाली कावड़ यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कावड़ यात्रा के दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क पर आने की वजह से शहर के कई मार्गों पर जाम लग जाता है, ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। घंटों स्कूली बच्चे और उनके परिजन ट्रैफिक में फंसना पड़ता है, लिहाजा 21 जुलाई को असुविधा से बचने के लिए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की जाती है। नर्मदा का जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं श्रद्धालु आपको ये भी बता दें कि, जबलपुर में कांवड़ यात्रा के दिन लाखों श्रद्धालु नर्मदा से जल लेकर करीब 35 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुए खमरिया घाना स्थित शिवालय पहुंचते हैं। वहीं, पर नर्मदा जल अर्पित कर कर बाबा भोले की पूजा अर्चना करते हैं। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर, हाईवे पर रूट डायवर्जन सावन के दूसरे सोमवार और आगामी शिवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी अव्यवस्था न हो। जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शिवभक्तों की आस्था और सुरक्षा दोनों प्राथमिकता में हैं, इसलिए आम नागरिक भी रूट डायवर्जन और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सूचना जारी कर दी है। यात्रा चरम पर, प्रशासन की बड़ी चुनौती हर साल की तरह इस बार भी अमरोहा में कांवड़ यात्रा का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आने-जाने से जहां आस्था का माहौल है, वहीं ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी का निर्णय इस चुनौती को कम करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर खास नजर: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की वार्डवार समीक्षा

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विभिन्न वार्डों में संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा की राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्डों का दौरा कर निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत परखी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर खास नजर: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की वार्डवार समीक्षा शहर विकास की रफ्तार पर फोकस, राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किए निर्माण कार्यों का निरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हटाए जाएं अतिक्रमण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निकाय अधिकारी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से करें। दर्जनों कॉलोनियों को मिलेगी सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट्स राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इच्छापूर्ण महादेव मंदिर, सोनागिरी ए-सेक्टर में रोड, नाली, शेड और पार्क की बाउंड्रीवाल का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। आनंद नगर मल्टी का कार्य नवंबर तक पूर्ण करने और उसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का सुझाव दिया। विभिन्न कॉलोनियों में सीवेज चैंबर की सफाई, सीसी रोड एवं स्ट्रीट लाइटों के लिए इस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। अमृत 2.0 योजना से जुड़ेंगे सीवेज, अतिक्रमण हटेगा इंद्रपुरी ए-सेक्टर में रोड निर्माण, मंदिर की छत और फ्लोरिंग, सीवेज लाइन सुधार के निर्देश दिए। नवोदा कैंसर हॉस्पिटल के पास गंदगी फैलाने पर नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। अमृत 2.0 योजना से सीवेज लाइन जोड़ने, पार्कों की सफाई, गड्ढों की मरम्मत व अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया गया। तेज़ी से पूरे करें विकासकार्य: राज्यमंत्री श्रीमती गौर इंद्रपुरी सी-सेक्टर में दुकानदारों द्वारा किए गए 10-10 फीट तक के अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए और कार्यवाही के दौरान पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। सतनामी नगर, अर्जुन नगर, रोजवुड कॉलोनी आदि में नाले और सड़कों के निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने और स्ट्रीट लाइट कार्य में तेजी लाने के आदेश भी दिए गए। बैठक में लवकुश यादव, पार्षद श्रीमती ममता विश्वकर्मा, श्रीमती छाया ठाकुर, संतोष ग्वाला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।  

लेटरहेड पर पीएम की तस्वीर, संगठन का नाम… छांगुर बाबा ने जनता को ऐसे किया गुमराह

लखनऊ  धर्मांतरण रैकेट के मामले में यूपी एटीएस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर खुद को भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ नामक संस्था का अवध प्रांत महासचिव बताता था. इस संस्था को ईदुल इस्लाम नाम का शख्स नागपुर से चला रहा था, जिसे भी एफआईआर में नामजद आरोपी बनाया गया है. छांगुर को बनाया अवध प्रांत का महासचिव   ईदुल इस्लाम ने संस्था के फर्जी लेटर पैड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा रखी थी. संस्था का मुख्यालय नागपुर दिखाकर दावा किया जाता था कि इसका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से है. जांच में पता चला कि ईदुल इस्लाम ने छांगुर को बाकायदा अवध प्रांत का महासचिव नियुक्त किया था.  छांगुर बाबा ने खुद को "भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ" नामक संस्था का अवध प्रांत महासचिव बताया। यह संस्था ईदुल इस्लाम नामक एक दूसरे आरोपी द्वारा चलाई जा रही थी। इतना ही नहीं, इस्लाम ने नागपुर में भी एक फर्जी सेंटर खोलकर संस्था को वैध दिखाने की कोशिश की। आपको बता दें कि नागपुर में ही आरएसएस का हेडक्वार्टर है। अधिकारियों से मिलने के दौरान छांगुर बाबा और इस्लाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाले लेटरहेड का इस्तेमाल करते थे। साथ ही दोनों RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों का नाम लेकर खुद को प्रभावशाली और मान्यता प्राप्त संगठन का हिस्सा बताते थे। मुस्लिम देशों से फंडिंग ATS की FIR के अनुसार, छांगुर बाबा ने विदेशी फंडिंग के जरिए आतंकी प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना बनाई थी। उसे पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिली होने का संदेह है। जांच में सामने आया है कि 22 बैंक खातों के जरिए 60 करोड़ रुपये का मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। ईडी ने किए कई खुलासे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यूपी और महाराष्ट्र में छांगुर बाबा के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां हैं, जिनमें अधिकतर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर बनाई गई हैं। मुंबई में ‘रनवाल ग्रीन्स’ नाम की एक बहुमूल्य संपत्ति संदिग्ध सौदे के जरिए खरीदी गई। छांगुर बाबा का एक कनेक्शन पनामा स्थित कंपनी ‘Logos Marine’ से भी मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंडिंग की पुष्टि होती है। फिलहाल छांगुर बाबा हिरासत में है और उसकी भूमिका की जांच एटीएस, एसटीएफ और ईडी द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। मामले में धार्मिक भावना को आहत करने, आतंकी गतिविधियों की साजिश, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों की धाराएं लगाई गई हैं। खुद को बताते थे RSS का करीबी   वे दोनों अफसरों और स्थानीय नेताओं के साथ मुलाकातों व बातचीत में खुद को आरएसएस के बड़े नेताओं का करीबी बताते थे. यही नहीं, एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि ईदुल इस्लाम ने स्थानीय प्रशासन से साठगांठ कर ग्राम समाज और तालाब की जमीनें फर्जी तरीके से खरीदवाने में भी मदद की.  वह अफसरों को जमालुद्दीन उर्फ छांगुर को आरएसएस के नागपुर सेंटर से जुड़ी संस्था का पदाधिकारी बताता था. धर्मांतरण केस की तफ्तीश के दौरान एटीएस थाने में दर्ज एफआईआर में ईदुल इस्लाम को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है.

बैंकिंग इतिहास में पहली बार बोनस शेयर, डिविडेंड से निवेशकों को दोहरी कमाई

मुंबई  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश के सबसे बड़े बैंक ने अपने निवेशकों को डबल खुशखबरी दी है. HDFC Bank ने निवेशकों को डिविडेंड और बोनस शेयर देने का ऐलान किया है. प्राइवेट बैंक अपने इतिहास में पहली बार बोनस देने जा रहा है, जिसके रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे के साथ ही इसकी घोषणा की गई है.  बैंक का कैसा रहा रिजल्‍ट?  HDFC Bank ने शनिवार को वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में साल-दर-साल 12% की ग्रोथ दिखाई है और 18,155 करोड़ रुपये का स्‍टैंडलोन नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया. वहीं पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ये आंकड़ा 16,175 करोड़ रुपये था.  भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक की इंटरेस्‍ट से इनकम 77,470 करोड़ रुपये की हुई है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 73,033 करोड़ रुपये से 6 फसीदी ज्‍यादा है. HDFC Bank का नेट इंटरेस्‍ट इनकम (NII) 5.4% फीसदी बढ़कर 31,440 करोड़ रुपये हो चुका है. कोर नेट इंटरेस्‍ट मार्जिन 3.35% दर्ज किया गया.  पहली बार बोनस का ऐलान  मार्केट कैपिटल के हिसाब से सबसे बड़ा बैंक पहली बार अपने निवेशकों को बोनस शेयर देने जा रहा है. HDFC Bank ने शनिवार को 1:1 अनुपात में अपने पहले बोनस इश्यू की घोषणा किया है. इसका मतलब है कि अगर आपके पास 1 शेयर है तो आपको 1 शेयर मुफ्त मिलेंगे यानी अब आपके पोर्टफोलियों में उतनी ही कीमत में दो शेयर हो जाएंगे.  रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान  बीएसई फाइलिंग में बैंक ने कहा, 'बैंक ने 1:1 के अनुपात में बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है. अब निवेशकों के अप्रूवल के बाद यह बोनस शेयर डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.' बोनस इक्विटी शेयरों के लिए रिकॉर्ड डेट बुधवार, 27 अगस्‍त 2025 तय किया गया है.  डिविडेंड भी देगा बैंक  इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हर इक्विटी शेयर पर 5 रुपये (यानी 500 प्रतिशत) का अंतरिम डिविडेंड देगी. बैंक ने कहा कि इसके लिए रिकॉर्ड डेट 25 जुलाई 2025 तय किया गया है. पात्र निवेशकों को डिविडेंड का भुगतान 11 अगस्‍त 2025 को किया जाएगा.  15 लाख करोड़ का है ये बैंक  बैंक का ब्याज व्यय 6.6 प्रतिशत बढ़कर 46,032.23 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 43,196 करोड़ रुपये था. इसके अलावा, HDFC Bank शुक्रवार को 1957.40 रुपये पर बंद हुए, जिससे बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 15 लाख 917.42 करोड़ रुपये हो चुका है. 

बैंकिंग इतिहास में पहली बार बोनस शेयर, डिविडेंड से निवेशकों को दोहरी कमाई

मुंबई  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश के सबसे बड़े बैंक ने अपने निवेशकों को डबल खुशखबरी दी है. HDFC Bank ने निवेशकों को डिविडेंड और बोनस शेयर देने का ऐलान किया है. प्राइवेट बैंक अपने इतिहास में पहली बार बोनस देने जा रहा है, जिसके रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे के साथ ही इसकी घोषणा की गई है.  बैंक का कैसा रहा रिजल्‍ट?  HDFC Bank ने शनिवार को वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में साल-दर-साल 12% की ग्रोथ दिखाई है और 18,155 करोड़ रुपये का स्‍टैंडलोन नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया. वहीं पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ये आंकड़ा 16,175 करोड़ रुपये था.  भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक की इंटरेस्‍ट से इनकम 77,470 करोड़ रुपये की हुई है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 73,033 करोड़ रुपये से 6 फसीदी ज्‍यादा है. HDFC Bank का नेट इंटरेस्‍ट इनकम (NII) 5.4% फीसदी बढ़कर 31,440 करोड़ रुपये हो चुका है. कोर नेट इंटरेस्‍ट मार्जिन 3.35% दर्ज किया गया.  पहली बार बोनस का ऐलान  मार्केट कैपिटल के हिसाब से सबसे बड़ा बैंक पहली बार अपने निवेशकों को बोनस शेयर देने जा रहा है. HDFC Bank ने शनिवार को 1:1 अनुपात में अपने पहले बोनस इश्यू की घोषणा किया है. इसका मतलब है कि अगर आपके पास 1 शेयर है तो आपको 1 शेयर मुफ्त मिलेंगे यानी अब आपके पोर्टफोलियों में उतनी ही कीमत में दो शेयर हो जाएंगे.  रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान  बीएसई फाइलिंग में बैंक ने कहा, 'बैंक ने 1:1 के अनुपात में बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है. अब निवेशकों के अप्रूवल के बाद यह बोनस शेयर डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.' बोनस इक्विटी शेयरों के लिए रिकॉर्ड डेट बुधवार, 27 अगस्‍त 2025 तय किया गया है.  डिविडेंड भी देगा बैंक  इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हर इक्विटी शेयर पर 5 रुपये (यानी 500 प्रतिशत) का अंतरिम डिविडेंड देगी. बैंक ने कहा कि इसके लिए रिकॉर्ड डेट 25 जुलाई 2025 तय किया गया है. पात्र निवेशकों को डिविडेंड का भुगतान 11 अगस्‍त 2025 को किया जाएगा.  15 लाख करोड़ का है ये बैंक  बैंक का ब्याज व्यय 6.6 प्रतिशत बढ़कर 46,032.23 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 43,196 करोड़ रुपये था. इसके अलावा, HDFC Bank शुक्रवार को 1957.40 रुपये पर बंद हुए, जिससे बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 15 लाख 917.42 करोड़ रुपये हो चुका है.