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नगर निगम का बड़ा फैसला: गृहकर में कटौती, चार लाख से अधिक लोगों को फायदा

  गाजियाबाद गाजियाबाद नगर निगम ने डीएम सर्किल रेट से लगाए गृहकर की दरों को शासन के आदेश पर संशोधित कर दिया है। बढ़ाए गए डीएम सर्किल रेट की दरों में कटौती के बाद अब करदाताओं को 10 से 15 फीसदी तक बढ़ा गृहकर देना होगा। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की छूट के नियमों को भी लागू कर दिया गया है। इससे नगर निगम क्षेत्र के साढ़े चार लाख करदाताओं को राहत मिलेगी। निगम मुख्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता में मेयर सुनीता दयाल, विधायक अजीतपाल त्यागी और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गत वित्त वर्ष डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर बढ़ाया गया था। इसका स्थानीय लोगों के अलावा विभिन्न संगठन विरोध कर रहे थे। सदन में भी पार्षदों ने विरोध जताया। तीन पूर्व पार्षद निगम के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए, जहां अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। नगर आयुक्त ने बताया नगर विकास विभाग ने गृहकर की बढ़ी दरों को संशोधन करने के आदेश दिए हैं। समय पर गृहकर जमा वालों को ही मिलेगा छूट का लाभ नगर आयुक्त ने बताया शासन के आदेश पर वर्ष 2024 से पहले की दरों के आधार पर निर्धारित टैक्स से वर्तमान की जो दर लागू हैं उस पर सभी छूट देने के बाद लगभग 10 से 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। करदाता सभी तरह की छूट का लाभ लेकर टैक्स जमा कर सकते हैं। जो करदाता समय पर गृहकर जमा नहीं करेंगे, उन्हें छूट का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे करदाताओं के लिए 20 फीसदी टैक्स बढ़ेगा। इस तरह शहर के साढ़े चार लाख से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी। नगर आयुक्त ने बताया कि जो करदाता बढ़ी दर से गृहकर जमा कर चुके हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं हैं। उनके बढ़े टैक्स को अगले तीन साल में समायोजित किया जाएगा। करदाताओं को कम हाउस टैक्स जमा करना होगा। उनका कम टैक्स खुद सॉफ्टवेयर में अपडेट हो जाएगा। नई दर से व्यावसायिक संपत्ति को राहत नहीं पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने बताया कि शहर की लगभग 40 फीसदी संपत्ति कमर्शियल है। नई दर के हिसाब से कमर्शियल प्रॉपर्टी को अभी भी लगभग तीन गुना टैक्स देना होगा। उन्हें इसमें किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। केवल आवासीय कर में ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती होगी मेयर सुनीता दयाल ने स्पष्ट किया कि टैक्स में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। टैक्स कम करने के नाम पर लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी जोनल कार्यालय में लोगों को टैक्स कम करने के नाम पर परेशान किया जा रहा है तो इसकी शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ कर निर्धारण होगा। लोग सेल्फ एसेसमेंट करके भी कर निर्धारण कर सकते हैं। हाउस टैक्स जमा करने के लिए जोनल कार्यालय पर शिविर लगाए जाएंगे। ये छूट भी मिलेंगी मेयर सुनीता दयाल ने बताया एक अप्रैल से छूट के नए नियम लागू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करने पर दो फीसदी छूट मिलेगी। अभी तक एक फीसदी छूट करदाताओं को मिल रही थी। घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कूड़े को अलग करने पर पहली बार 10 फीसदी छूट दी जाएगी। 10 वर्ष पुराने भवनों पर निर्धारित एआरवी पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। 10 साल से 20 साल तक पुराने भवनों की 32.5% की छूट मिलेगी। 20 साल से पुराने भवन पर 40% की छूट दी जाएगी। नई दर पर इस तरह वसूला जाएगा टैक्स निगम सड़क की चौड़ाई को तीन श्रेणी में बांटकर प्रति वर्ग फुट रुपये के हिसाब से गृहकर वसूल रहा है। पहली श्रेणी 12 मीटर चौड़ी वाली सड़क है। दूसरी श्रेणी 12 से 24 मीटर तक चौड़ी सड़क है। तीसरी श्रेणी 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क है। निगम 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले भवन पर 3.50 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये के हिसाब से टैक्स वसूल रहा था। इसे कम कर अब 2.28 रुपये किया है। यानी की 1.22 रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाएगा। 12 से 24 मीटर चौडी सड़क के भवन पर 3.75 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये टैक्स लिया जा रहा था। संशोधन के बाद 2.81 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये टैक्स लिया जाएगा। इस तरह 94 पैसे कम हुए हैं। 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले भवन से 4.00 रुपये लिए जा रहे थे। अब 3.40 रुपये टैक्स वसूला जाएगा। यानी की 60 पैसे टैक्स में कम हुए हैं। ढाई लाख करदाता बिना ब्याज के जमा कर सकेंगे नगर आयुक्त ने बताया पिछले वित्त वर्ष में ढाई लाख से ज्यादा करदाताओं ने गृहकर जमा नहीं कराया है। नियमानुसार कर जमा नहीं कराने पर वित्त वर्ष यानी की 31 मार्च खत्म होने पर 12 फीसदी ब्याज लग जाता है। शासन के आदेश पर फिलहाल ब्याज नहीं लगाया जा रहा है। करदाता ब्याज से बचने और 20 फीसदी छूट के साथ पिछले वित्त वर्ष का टैक्स 15 अप्रैल से लेकर 15 जुलाई तक जमा करा सकेंगे। ब्याज से बचने और 20 फीसदी छूट का लाभ लेने का यह आखिरी मौका है। पुरानी दरों को लागू नहीं किया जा सका निगम वर्ष 2023 तक पुराने नियम से हाउस टैक्स वसूलता था। वर्ष 2025-26 से डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर वसूला जा रहा है। वर्ष 2023 में 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले भवन पर 1.61 रुपये का हिसाब से टैक्स लगता था। 12 से 24 मीटर चौडी सड़क के भवन पर टैक्स दर 2.00 रुपये थी। वहीं, 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले भवन का टैक्स दर 2.41 रुपये था। शहर के लोग इन दरों से ही गृहकर लगाने की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन के आदेश पर डीएम सर्किल रेट की दरों में ही कटौती की गई है। नई दरों से गृहकर में राहत देने के फैसले को लोगों ने सराहा है। सुनीता दयाल, मेयर, ''गृहकर की दरों में कटौती होने से जनता को राहत मिलेगी। करदाता बिना ब्याज के गत वर्ष का पुराना हाउस टैक्स जमा करा सकेंगे। उन्हें 20 फीसदी छूट भी दी जाएगी। छूट के सभी नए नियम लागू हो गए हैं।''

मध्यप्रदेश में नई व्यवस्था: सहकारी समितियां अब अधिकारियों से मुक्त, राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता साफ

भोपाल. मध्य प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। इसमें किसानों के हित में कई काम किए जा रहे हैं। अब इनसे जुड़ी संस्थाओं के चुनाव कराने की तैयारी है। चुनाव न होने के कारण वर्तमान में समितियों के कामकाज को संचालित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अब इन्हें मुक्त करके राजनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी। सत्ता और संगठन की बैठकों में बनी सहमति दरअसल, पिछले दिनों राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सत्ता और संगठन की जो बैठकें हुईं, उनमें यह बात निकलकर सामने आई कि अब कार्यकर्ताओं को सहकारी और कृषि उपज मंडियों में समायोजित किया जाए। इसके लिए पहले मनोनयन होगा। इसकी तैयारी काफी समय से चल भी रही है लेकिन सहमति नहीं बनने के कारण मामला रुका हुआ था। प्रदेश में 4,345 सहकारी समितियों, 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और राज्य शीर्ष बैंक (अपेक्स बैंक) हैं। कानूनी पेचीदगी और प्रशासनिक बदलाव 2018 से इनके चुनाव अलग-अलग कारणों से नहीं हुए हैं। हाई कोर्ट बार-बार चुनाव कराने को लेकर निर्देश दे रहा है। सरकार ने अवमानना से बचने के लिए अधिनियम में संशोधन करके यह प्रविधान तो कर लिया कि विशेष परिस्थितियों में चुनाव आगे बढ़ाए जा सकते हैं लेकिन अब कार्यकर्ताओं को समायोजित करने की बात है। इससे पहले राजनीतिक नियुक्तियों के क्रम में नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त किए जा चुके हैं। अब सबसे बड़े क्षेत्र सहकारी समितियों की बारी है। सहकारिता नेटवर्क और चुनावी महत्व दरअसल, पंचायत के बाद प्रदेश में इनका ही बड़ा नेटवर्क है। समितियों से लगभग 65 लाख किसान जुड़े हैं। भले ही समितियों के चुनाव राजनीतिक आधार पर नहीं होते हैं मगर इनकी भूमिका पंचायत से लेकर विधानसभा-लोकसभा के चुनाव में महत्वपूर्ण रहती है। पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने का दायित्व इन्हीं का रहता है। कार्यकर्ताओं का मनोबल और चयन प्रक्रिया लंबे समय से चुनाव न होने के कारण सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं। कई बार संगठन स्तर पर नियुक्ति को लेकर बात भी हो चुकी है लेकिन यह किसी न किसी कारण से टलती रही लेकिन अब राजनीतिक व्यक्तियों को प्रशासक पद पर मनोनीत करने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि पहले प्राथमिक समितियों में मनोनयन होगा। इसके लिए जिला इकाइयों के साथ स्थानीय विधायकों से फीडबैक लिया जाएगा। प्रशासकों की देखरेख में कराए जाएंगे चुनाव सूत्रों का कहना है कि सहकारी समितियों के चुनाव प्रशासकों की देखरेख में कराए जाएंगे। ये ही सदस्यता सूची बनवाएंगे और फिर चुनाव कराएंगे। प्रशासक उसे ही मनोनीत किया जाएगा जो समिति का सदस्य हो और चुनाव लड़ने की पात्रता रखता हो। यानी डिफाल्टर न हो। किसी प्रकार का आपराधिक रिकार्ड न हो।  

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद: रांची में शिक्षक-छात्र उपस्थिति पर कड़ा रुख

रांची विद्यालयों की भूमि एवं भवनों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा मानते हुए रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्याप्त पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाहरणालय सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता में शामिल है और सभी अंचल अधिकारी इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करें। बैठक के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त जिले की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। शिक्षक उपस्थिति पर सख्ती समीक्षा में पाया गया कि केवल 76 प्रतिशत शिक्षक ही ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा वेतन निर्गत नहीं किया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। छात्र उपस्थिति में सुधार के निर्देश विद्यालयों द्वारा केवल 54 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति ई-विद्या वाहिनी में दर्ज की जा रही है। उपायुक्त ने इसे गंभीर मानते हुए सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया। अनुपालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन स्थगित किया जाएगा। आधार पंजीकरण पर जोर सभी छात्रों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जन्म प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को देखते हुए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया। नए सत्र में नामांकन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने तथा आधारभूत संरचना की कमी का आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि डीएमएफटी फंड से आवश्यक कार्य कराए जा सकें। FLN एवं इनोवेशन चैलेंज प्राथमिक विद्यालयों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला इनोवेशन चैलेंज के लिए विद्यालयों को तैयार करने पर जोर दिया गया। किसी भी विद्यालय में गैस की कमी न हो, इसके लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गैस उठाव और एजेंसी रिपोर्ट का मिलान करने को कहा गया। लक्षित असाक्षर व्यक्तियों का आनलाइन नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता और रैंकिंग सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बिहार की सियासत में हलचल: 14 अप्रैल को सीएम पर फैसला संभव, पटना पहुंचेंगे शिवराज सिंह चौहान

भोपाल. बिहार में सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अब यह माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार से अगला सीएम होगा। इसकी कवायद बीजेपी ने शुरू कर दी है। इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। इस पर उनकी प्रतिक्रिया आई है कि वह 14 मार्च को बिहार जाएंगे। मैं ईमानदारी के साथ निभाऊंगा जिम्मेदारी बिहार के पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी का एक समर्पित कार्यकर्ता हूं…। एक कार्यकर्ता के नाते हर जिम्मेदारी की पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाना मेरा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुझे जो भी दायित्व सौंपेगी। उसे मैं पूर्ण निष्ठा, प्रतिबद्धता और पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं 14 अप्रैल को बिहार जाऊंगा। झारखंड के प्रभारी भी रह चुके हैं शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के अनुभवी नेता हैं। वह मध्य प्रदेश में सबसे लंबे समय तक सीएम रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद वह केंद्रीय कैबिनेट में कृषि मंत्री हैं। सरकार के साथ-साथ वह संगठन में भी अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान इससे पहले झारखंड विधानसभा चुनाव में भी प्रभारी रही हैं। अब बिहार की जिम्मेदारी पार्टी ने एक बड़ा संदेश दिया है। शिवराज सिंह चौहान अभी पश्चिम बंगाल चुनाव में भी प्रचार कर रहे हैं। कौन हैं दावेदार बिहार में सीएम पद की रेस में अभी डेप्युटी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी सबसे आगे चल रहे हैं। हालांकि इस नाम से इतर कई अन्य नामों की अटकलें भी हैं। लेकिन बीजेपी हमेशा अपने फैसलों से चौंकाती रही है। शिवराज सिंह चौहान के पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद यह तय है कि बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। इसके बाद ही सीएम के नाम का फैसला होगा।  

RCB का तूफान! MI के सामने 241 रन का टारगेट, क्या रोहित-हार्दिक दिखाएंगे दम?

मुंबई.  आईपीएल 2026 में के 20वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस के सामने 241 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में फिल साल्ट, पाटीदार और कोहली के अर्धशतकों की मदद से आरसीबी ने यह विशाल स्कोर खड़ा किया है। टॉस हारकर पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी आरसीबी ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 240 रन बनाए। फिल सॉल्‍ट ने 36 गेंदों पर 78 रन की पारी खेली। विराट कोहली ने 50 और कप्‍तान रजत पाटीदार ने 53 रनों का योगदान दिया। अंत में टिम डेविड ने 16 गेंदों पर नाबाद 34 रन बना दिए।  20वें ओवर की दूसरी गेंद पर ट्रेंट बोल्‍ड ने जितेश शर्मा को  LBW आउट किया। जितेश ने 9 गेंदों पर 10 रन बनाए। आरसीबी ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 240 रन बनाए। फिल सॉल्‍ट ने 78 रन बनाए। विराट कोहली ने 50 और रजत पाटीदार ने 53 रन की पारी खेली। टिम डेविड 16 गेंदों पर 34 रन बनाकर नाबाद रहे। फिफ्टी लगाने के बाद रजत पाटीदार आउट हो गए हैं। आरसीबी के कप्‍तान ने 20 गेंदों पर 53 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्‍होंने 4 चौकों के साथ ही 5 सिक्‍स ठोके। अब टिम डेविड का साथ देने के लिए जितेश शर्मा मैदान पर आए हैं।    

मोनोपॉली पर बड़ा एक्शन: इंदौर में स्कूल प्रबंधन और दो दुकानों के खिलाफ केस दर्ज

इंदौर. इंदौर शहर के निजी स्कूलों के संचालक जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी मनमाने तरीके से कापी-किताबें बेच रहे हैं। कापी-किताब की मोनोपोली के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई की है। स्कूल से मनमाने दाम पर किताबें बेचने पर गांधीनगर स्थित डॉ. विश्वनाथ कराड़ा गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) के संचालक एवं प्राचार्य के खिलाफ रात में करीब ढाई बजे एफआईआर दर्ज करवाई गई। मामले में प्रियंका गुप्ता ने शिकायत की थी कि वर्ल्ड पीस स्कूल में बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन यहां की किताबें अन्य स्टेशनरी पर उपलब्ध नहीं हैं। स्टेशनरी दुकान से ही कापी-किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। मामले में जांच के लिए विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, जनपद शिक्षा केंद्र तेजाजी नगर द्वारा गठित दल ने जांच की। जांच में पाया गया कि विद्यालय की समस्त पुस्तकें एवं कापियां केवल एक ही निर्धारित दुकान पर उपलब्ध थीं और अन्य दुकानों पर उपलब्ध नहीं थीं। साथ ही विद्यालय प्राचार्य द्वारा लिखित में यह स्वीकार किया गया कि पुस्तकों की व्यवस्था विद्यालय द्वारा ही करवाई जाती है। यह कृत्य कलेक्टर द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी आदेश का उल्लंघन पाया गया। स्कूल से ही यूनिफार्म भी बेचता है संचालक जानकारी अनुसार वर्ल्ड पीस स्कूल द्वारा विद्यार्थियों की यूनिफार्म भी तैयार करवाई जाती है। पालकों ने बताया कि यूनिफार्म भी हम बाहर से नहीं खरीद पाते हैं, हमें यहीं से खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। हर वर्ष प्रबंधन द्वारा इसी प्रकार की मनमानी की जाती है। पांचवी से आठवीं तक के विद्यार्थियों की किताब स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमानी दर तय कर करीब आठ से 10 हजार रुपये में दी जाती है। जानकारी अनुसार इस स्कूल की देश के अन्य राज्यों में भी शाखाएं हैं। वहां भी इसी तरह की मनमानी की जाती है। डीपीएस स्कूल की किताबें भी एक ही स्टेशनरी पर डीपीएस स्कूल राऊ की किताबें एक ही दुकान से मिलने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले में गठित दल द्वारा जांच में शिकायत सही पाई गई। समृद्धि पार्क पिपल्याहाना स्थित गुडलक स्टेशनरी द्वारा कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन किए जाने पर विक्रेता के खिलाफ थाना तिलक नगर में एफआइआर दर्ज की गई है। इसी प्रकार विजय नगर स्थित डेली डैजी डेल्स स्कूल द्वारा इंदौर बुक डिपो से शिक्षण सामग्री के लिए खरीदने को बाध्य किया जा रहा था। इस पर प्रशासन ने दुकान के साथ ही स्कूल संचालक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई गई। स्टेशनरी संचालक पालकों को कापी-किताबों का पूरा सेट खरीदने पर मजबूर करते थे। इसके साथ ही स्कूल संचालक भी किताबों के लिए पांच वेंडर होना बताते हैं, लेकिन किताबें सिर्फ एक ही स्टेशनरी पर मिलती हैं।

लखनऊ में गुजरात का जलवा, 7 विकेट की शानदार जीत से मुकाबला किया अपने नाम

लखनऊ.  गुजरात टाइटंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को इस मुकाबले में 7 विकेट से हरा दिया है। 165 रन का टारगेट गुजरात ने 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह गुजरात की लगातार दूसरी जीत थी जबकि लखनऊ को इस सीजन की यह दूसरी हार थी। इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही। पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 164 रन बनाए।लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से एडेन मार्करम ने सबसे ज्यादा 30 रनों की पारी खेली।उनके अलावा निकोलस पूरन ने 19 रन और अब्दुल समद ने 18 रन बनाए।अंत में मोहम्मद शमी (12*) और आवेश खान (4*) ने छोटी-छोटी पारियां खेलकर टीम का स्कोर 164 तक पहुंचाया. दूसरी तरफ, गुजरात टाइटंस की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके।उनके अलावा अशोक शर्मा ने 2 विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा को 1-1 सफलता मिली. बता दें कि 165 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम की शुरुआत अच्छी रही।शुभमन गिल और जोस बटलर ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। गुजरात टाइटंस की टीम ने 18.4 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।गुजरात टाइटंस की तरफ से जोस बटलर ने सबसे ज्यादा 60 रन बनाए।उनके अलावा कप्तान शुभमन गिल ने 56 रनों की शानदार पारी खेली।वाशिंगटन सुंदर ने 21 रन और राहुल तेवतिया ने 10 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई. वहीं, लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश सिंह राठी को 1-1 विकेट मिला।

भारत बना इनोवेशन का पावरहाउस, पेटेंट आवेदनों में 30% से अधिक की बढ़ोतरी

नई दिल्ली देश में वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड पेटेंट फाइलिंग पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का इनोवेशन इंजन अब रुकने वाला नहीं है। वित्त वर्ष 26 में भारत में रिकॉर्ड 1.43 लाख पेटेंट फाइल किए गए हैं और इसमें पिछले साल की तुलना में 30.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर किया पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह वृद्धि आत्मविश्वासी और तेजी से विकसित हो रहे भारत को दर्शाती है जो वैश्विक इनोवेशन के पावरहाउस के रूप में लगातार उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में कुल पेटेंट आवेदनों में से 69 प्रतिशत से अधिक घरेलू थे। रुकने वाला नहीं है भारत का इनोवेशन इंजन केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत का इनोवेशन इंजन अब रुकने वाला नहीं है! वित्त वर्ष 2025-26 में हमारे पेटेंट आवेदनों की संख्या ऐतिहासिक रूप से बढ़कर 1.43 लाख से अधिक हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। आंकड़ों में सबसे टॉप पर तमिलनाडु आंकड़ों के अनुसार, भारत में वित्त वर्ष 2026 में 1,43,729 पेटेंट आवेदन दर्ज किए गए, जो वित्त वर्ष 2025 के 1,10,375 आवेदनों से अधिक हैं। घरेलू आवेदनों की संख्या 98,771 रही, जो पिछले वर्ष के 68,201 आवेदनों से काफी अधिक है। राज्यों में, तमिलनाडु 22,995 पेटेंट आवेदनों के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र का स्थान था। निकायों के योगदान को भी सराहा केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और सार्वजनिक अनुसंधान एवं विकास निकायों के बढ़ते योगदान का जिक्र किया। कहा कि अकेले शैक्षणिक संस्थानों का कुल पेटेंट आवेदनों में 36.5 प्रतिशत हिस्सा था, जो इनोवेशन को बढ़ावा देने में शिक्षा जगत के मजबूत प्रयासों को दर्शाता है। भारत की छवि में हुआ सुधार केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि हम विश्व में छठे सबसे बड़े पेटेंट आवेदक हैं, जो ग्लोबल इनोवेशन पावरहाउस बनने के लिए तैयार भारत के आत्मविश्वास को दर्शाता है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के आंकड़ों के अनुसार, इनोवेशन के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति में भी सुधार हुआ है और अब यह विश्व में छठे सबसे बड़े पेटेंट आवेदक के रूप में रैंक करता है। पिछले पांच सालों में आया भारी उछाल पेटेंट आवेदनों में लगातार आठवें वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश के बौद्धिक संपदा पारिस्थितिकी तंत्र में निरंतर गति को दिखाता है। पिछले पांच वर्षों में, भारत में पेटेंट दाखिल करने के मामलों में 146 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है, जो वित्त वर्ष 2021 में 58,503 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1,43,729 हो गई है।  

रेल यात्रा में संदेह: 167 बच्चों को कटनी में रोका गया, मानव तस्करी के एंगल से जांच शुरू

कटनी. बिहार से महाराष्ट्र पटना पुणे एक्सप्रेस से ले जाए जा रहे डेढ़ सौ से अधिक मुस्लिम बच्चों को मानव तस्करी की आशंका पर देर रात कटनी स्टेशन में उतारा गया। बाल कल्याण समिति और रेल पुलिस ने बच्चों को बाल सुरक्षा गृह में ठहराया है और जांच कर रही है। शनिवार की रात को महिला बाल विकास विभाग और आरपीएफ को सामाजिक संगठन से सूचना मिली कि पटना पुणे ट्रेन से बड़ी संख्या 7 से 15 वर्ष के बच्चों को लेकर महाराष्ट्र ले जा रहे है और मानव तस्करी की आशंका है। मामला की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपीएफ, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी और बाल सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के कटनी स्टेशन पहुंचते ही, सभी बच्चों को ट्रेन से नीचे उतारकर अपनी निगरानी में लिया। ट्रेन से 167 बच्चे उतारे गए और उनसे काउंसलिंग की गई। मदरसे में दाखिला कराने की बात सामने आई मनीष तिवारी बाल सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ट्रेन से उतारे गए बच्चों में अधिकांश मुस्लिम समुदाय के हैं, जिन्हें बिहार से महाराष्ट्र जाया जा रहा था। बच्चों को ले जाने वालों से दस्तावेज मिले हैं, जिसमें मदरसे में बच्चों का दाखिला कराने की बात सामने आई है। आरपीएफ और बाल सुरक्षा अधिकारी के अलावा बाल विकास कल्याण की टीम मामले की जांच कर रही है। रात को 80 बच्चों को जबलपुर के बाल गृह और बाकी को कटनी के बाल गृह में रखा गया है। बिहार में जिन क्षेत्रों से बच्चे ले जाए जा रहे थे, वहां से संपर्क किया जा रहा है और उसके बाद वास्तविक बात सामने आ सकेगी।

Excise Revenue Boom: पंजाब सरकार की कमाई में उछाल, तय लक्ष्य से 582 करोड़ अधिक संग्रह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पाद शुल्क (एक्साइज) संग्रह के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों बताया कि विभाग ने 31 मार्च तक 11,782 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो तय लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 582 क207 खुदरा शराब समूहोंरोड़ रुपये अधिक है। इसे सरकार की नीतिगत सख्ती और पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा माना जा रहा है। चीमा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्पाद शुल्क से मिलने वाला राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। वर्ष 2021-22 में जहां यह आंकड़ा 6,254.84 करोड़ रुपये था, वहीं अब बढ़कर 11,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ जुटाने का लक्ष्य मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मजबूत उत्पाद शुल्क नीति, प्रभावी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यापार-अनुकूल वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और नियमों के पालन को भी प्राथमिकता दी है, जिससे शराब कारोबार में स्थिरता आई है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है। चीमा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई नई आबकारी नीति में लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 9,877 करोड़ रुपये से अधिक है। 207 खुदरा शराब समूहों को लाइसेंस आवंटित उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 207 खुदरा शराब समूहों को नए वित्त वर्ष के लिए लाइसेंस आवंटित कर दिए गए हैं। यह नीति के प्रति कारोबारियों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा- “उत्पाद शुल्क नीति 2026-27 को लेकर समग्र प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। इससे राज्य के खजाने में लगातार राजस्व का प्रवाह बना रहेगा और शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित होगी।”  सरकार का दावा है कि सख्त निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण राजस्व में यह बढ़ोतरी संभव हो सकी है। आने वाले समय में भी विभाग इसी रणनीति पर काम करते हुए लक्ष्य से अधिक वसूली की दिशा में आगे बढ़ेगा।