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तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव

डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।  मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है। महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा। आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी। कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया।   

नोएडा में कर्मचारियों का हंगामा बढ़ा, पुलिस वाहनों समेत कई वाहनों में तोड़फोड़

नोएडा नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन तेज हो गया है. सैकड़ों मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं और गाडि़यों में तोड़फोड़ शुरू कर दी है. बड़ी संख्या में आज सुबह से एक बार फिर मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस मजदूरों को शांत करवाने में जुटी हुई है, लेकिन मजदूर उग्र होते नजर आ रहे हैं. नोएडा के फेज-2 इलाके में प्रदर्शनकारी मजदूर ज्‍यादा ही उग्र हो गए और उन्‍होंने एक पुलिस जीप में तोड़फोड़ की है. ऐसे में पुलिस ने हल्‍का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारी मजदूरों को तितर-बितर किया।  नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के कई वीडियो सामने आ रहे हैं. नोएडा फेस-2 के एक वीडियो में उग्र मजदूर पुलिस वेन में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं. मजदूरों ने पुलिस पुलिस वेन को पलट दिया और उसमें आग लगा दी. मजदूर जमकर पथराव करते हुए भी नजर आ रहे हैं. बता दें कि वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर नोएडा में मजदूर पिछले कुछ दिनों से उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे लेकर योगी प्रशासन भी अब अलर्ट हो गया है  वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। भीड़ हिंसक हो उठी। कंपनी के आसपास कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। तोड़फोड़ की गई। यहां तक कि पुलिस पर भी पथराव होने लगा। पुलिस की गाड़ियों को में तोड़फोड़ की गई। एक जिप्सी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करके पलट दिया गया। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। कहां और कैसे भड़का प्रदर्शन यह पूरा मामला नोएडा के फेज-2 इलाके का है, जहां मदरसन समेत करीब छह कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए। शुरू में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन मांगों पर सुनवाई न होने से भीड़ उग्र हो गई और स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ जैसे-जैसे प्रदर्शन उग्र होता गया, वैसे-वैसे हालात बेकाबू होने लगे और हिंसक घटनाएं तेजी से सामने आने लगीं। गुस्साए कर्मचारियों ने सड़कों पर खड़ी गाड़ियों और बसों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी, वहीं कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई और एक वाहन को पलट दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर जमकर पथराव भी किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम फेज-2 के अलावा सेक्टर 15 और 62 में भी श्रमिकों ने हंगामा किया। जिसकी वजह से दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेसवे समेत नोएडा में कई जगह भीषण जाम लग गया और लोगों को आवाजाही में काफी समस्या हुई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर तो घंटों लोग फंसे रहे। गाजियाबाद पुलिस ने भीषण जाम को देखते हुए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि सेक्टर 62 नोएडा NH 9 पर दिल्ली जाने वाली साइड रोड पर इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन कर जाम किया गया है, यातायात का दबाव उत्पन्न हो गया है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। यातायात पुलिस गाजियाबाद द्वारा ABES तथा विजयनगर बाईपास से आवश्यक डायवर्जन किया जा रहा है। असुविधा से बचने के लिए कृपया वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। एक दिन पहले ही डीएम ने जारी की थी अपील एक दिन पहले ही डीएम मेधा रूपम ने एक संदेश जारी करते हुए श्रमिकों से अपील करते हुए कहा था कि जिले में सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग। अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा था कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान,बोनस,साप्ताहिक अवकाश एवं कार्यस्थल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है और इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

हैदराबाद में आज SRH और राजस्थान रॉयल्स की भिड़ंत, प्लेऑफ की रेस तेज

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 21वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का सामना राजस्थान रॉयल्स (RR) से 13 अप्रैल को होगा। RR ने अपने चारों मैच जीते हैं और रियान पराग की कप्तानी वाली टीम अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी। SRH ने 1 मैच जीता है और 3 में शिकस्त झेली है। ईशान किशन की कप्तानी में टीम अपनी दूसरी जीत दर्ज करना चाहेगी। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर एक नजर डालते हैं। SRH का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों टीमों की भिड़ंत में अब तक SRH का पलड़ा भारी रहा है। RR और SRH के टीमों के बीच IPL के इतिहास में अब तक कुल 21 मैच खेले गए हैं। इन मुकाबलों में 12 मैच SRH ने अपने नाम किए हैं और 9 मैच में RR को जीत मिली है। IPL 2025 में इकलौती भिड़ंत में SRH ने RR को 44 रन से हराया था। इस प्लेइंग इलेवन के साथ उतर सकती है SRH की टीम SRH को अपने पिछले मैच में PBKS के खिलाफ हार मिली थी। उस मैच में SRH ने पहले खेलते हुए 219/6 का स्कोर बनाया था। इसके बावजूद SRH के गेंदबाज इस स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे थे। ऐसे में SRH के गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। संभावित एकादश: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवांग कुमार, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट और ईशान मलिंगा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है RR RR ने अपने पिछले मैच में RCB को 6 विकेट से हराया था। उस मैच में RR ने जीत के लिए मिले 202 रन के लक्ष्य को 4 विकेट के नुकसान पर हासिल किया था। RR एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। संभावित एकादश: वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरोन हेटमायर, रविंद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, और बृजेश शर्मा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर SRH: हर्ष दुबे, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, और जीशान अंसारी। RR: शुभम दुबे, तुषार देशपांडे, एडम मिल्ने, और दासुन शनाका। कैसी होगी पिच की स्थिति? राजीव गांधी क्रिकेट स्‍टेडियम की पिच पर गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिलती है। हालांकि, तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिन गेंदबाज थोड़े असरदार साबित होते हैं। तेज गेंदबाजों को विकेट चटकाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। एक बार बल्लेबाजों की यहां नजरें जम जाती है तो आसानी से बड़े-बड़े शॉट लगते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 162 रन है। यहां सर्वोच्च स्कोर SRH (286/6 बनाम RR, 2025) ने ही बनाया है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 13 अप्रैल को हैदराबाद में अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होगा। मैच के दौरान बारिश की संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें IPL 2026 में सूर्यवंशी अब तक 4 पारियों में 50.00 की औसत और 266.66 की स्ट्राइक रेट के साथ 200 रन बना चुके हैं। उन्होंने 2 अर्धशतक भी लगाए हैं। क्लासेन ने 4 पारियों में 46.00 की औसत और 140.45 की स्ट्राइक रेट से 184 रन अपने नाम किए हैं। गेंदबाजी में रवि बिश्नोई ने 12.66 की औसत और 8.76 की इकॉनमी रेट के साथ 9 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? SRH और RR के बीच यह मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

US-ईरान टेंशन का असर, शेयर बाजार धड़ाम—सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

मुंबई  अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में आए जोरदार उछाल (Crude Oil Price Surge) ने एक बार फिर से शेयर बाजारों का मूड खराब कर दिया है. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह की तेजी पर ब्रेक लग गया है और सोमवार को ओपनिंग के साथ ही ये क्रैश (Stock Market Crash) हो गया।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 490 अंक के आसपास फिसल गया. इस बीच IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints से लेकर HDFC Bank तक के शेयर धराशायी नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,550 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 75,937 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ सेकंड में ये गिरते हुए 75,868 पर आ गया. इस बीच एनएसई का निफ्टी-50 भी भरभराकर टूटा और अपने पिछले बंद 24,050 की तुलना में 23,589 पर खुला।  शेयर बाजार में आए इस भूचाल के बीच हर ओर कोहराम मचा हुआ नजर आया. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल सभी 30 शेयर रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो IndiGo Share (4%), Maruti Share (3%), Bajaj Finance Share (2.90%), SBI Share (2.80%), Reliance Share (2.70%) और HDFC Bank Share (2.60%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  विदेशों से मिले थे खराब संकेत  शेयर बाजार में गिरावट के लिए पहले से ही विदेशों से खराब सिग्नल मिल रहे थे. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच फिर चरम पर पहुंची टेंशन के चलते एशियाई शेयर मार्केट में हाहाकार मचा था. शुरुआती कारोबार में ही Japan Nikkei 600 अंक, Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।  वहीं South Korea KOSPI समेत अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 280 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था।  क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?  सोमवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे US-Iran के बीच फिर से बढ़ी युद्ध की टेंशन है. पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फेल हुए, तो क्रूड की कीमतों ने छलांग लगा दी. इस बीच अमेरिका-ईरान दोनों ओर से लगातार चेतावनियों का सिलसिला भी जारी है, जिनसे शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है और बाजार क्रैश हुआ है। 

कला: अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का सशक्त माध्यम – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब  ‘गौरा’ -राष्ट्रीय दृश्य कला प्रदर्शनी रायपुर गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।        इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।           गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है। यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है         डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है         घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है। यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी         डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।          डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।       (CGPAG) के बारे में          छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से कई जिंदगियों को मिला नया जीवन, मानवता की मिसाल

रोहतक यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समय के खिलाफ दौड़ती जिंदगी की एक सांस रोक देने वाली यात्रा है… जहां हर सेकंड की कीमत किसी की धड़कन तय कर रही थी. 9 अप्रैल की दोपहर हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में 37 वर्षीय व्यक्ति ब्रेन हेमरेज के बाद भर्ती हुआ था. उसने होश खो दिया था. डॉक्टरों ने तमाम कोशिशों के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. उसी दुख की घड़ी में एक उम्मीद जन्म ले रही थी. एक ऐसा निर्णय, जो कई जिंदगियों को बचाने वाला था. परिवार ने गहरा दर्द सहते हुए ऑर्गन डोनेट के लिए सहमति दे दी. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इंसानियत की मिसाल बन गया. कुछ ही घंटों में अस्पताल में सर्जिकल टीम एक्टिव हो गई. शरीर से अंगों को निकालने का काम शुरू हुआ- हार्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और कॉर्निया… हर ऑर्गन किसी न किसी अजनबी के लिए जीवन की नई किरण बनने वाला था. एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में एक 26 साल का युवक भर्ती था, उसे गंभीर डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी थी- एक ऐसी बीमारी जिसमें दिल धीरे-धीरे कमजोर होकर शरीर का साथ छोड़ देता है. डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था कि बिना ट्रांसप्लांट के जीवन ज्यादा लंबा नहीं है. उस दिन जैसे ही उसे मैचिंग हार्ट मिलने की सूचना मिली, अस्पताल में हलचल तेज हो गई. दिल को रोहतक से दिल्ली तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर सड़कों को इस तरह खाली कराया जैसे समय खुद रास्ता दे रहा हो. एम्बुलेंस में सुरक्षित रखा गया वह दिल, जो अभी कुछ समय पहले तक किसी और शरीर में धड़क रहा था, अब एक नए जीवन की ओर बढ़ रहा था. सायरन की आवाज के साथ एम्बुलेंस ने 2:50 बजे रोहतक से सफर शुरू किया. हर चौराहा पहले से खाली था, हर ट्रैफिक सिग्नल हरा. यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, यह एक मानवीय कोशिश थी- जहां सिस्टम, डॉक्टर, पुलिस और आम लोग सभी एक साथ थे. 98 किलोमीटर की यह दूरी सामान्य दिनों में डेढ़ से दो घंटे लेती है, लेकिन उस दिन समय भी हार मान चुका था. मात्र 85 मिनट में एंबुलेंस दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल पहुंच गई. जैसे ही हार्ट सर्जरी थिएटर में पहुंचा, डॉक्टरों की टीम तुरंत एक्टिव हो गई. हर सेकंड कीमती था. मशीनों की बीप, सर्जिकल उपकरणों की हल्की आवाज और डॉक्टरों की एकाग्रता- सब मिलकर उस कोशिश में थे, जहां दिल फिर से धड़कने वाला था. ऑपरेशन सफल रहा. 26 वर्षीय मरीज, जो कुछ समय पहले तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, अब धीरे-धीरे नए दिल की धड़कन महसूस कर रहा था. ICU में उसकी हालत स्थिर बताई गई और डॉक्टरों की निगरानी जारी रही. एक डोनर से कई जिंदगियां बचाई गईं. फेफड़े गुरुग्राम के अस्पताल भेजे गए, लीवर और पैंक्रियास एम्स दिल्ली को मिले, जबकि किडनी और कॉर्निया रोहतक में ही इस्तेमाल किए गए. यह मानवता की कहानी है. यह बताती है कि जब सिस्टम, तकनीक और इंसानियत साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है. सबसे महत्वपूर्ण उस परिवार का साहस है, जिसने अपने दर्द को दूसरों की उम्मीद में बदल दिया. 98 किलोमीटर की वह सड़क शायद आम दिनों में सिर्फ एक मार्ग है, लेकिन उस दिन वह जीवन की सबसे तेज दौड़ बन गई, जहां एक दिल ने हार मानने से इनकार कर दिया, और कई दिलों को जीने का मौका दे दिया.

राज्य सरकार अम्बेडकर के मार्ग पर चलने के लिए कटिबद्ध: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शो पर चलते हुए वंचित समुदाय को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मल्हार स्मृति मंदिर, देवास में “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” अंतर्गत हितग्राही सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। गांव-गांव, घर-घर संपर्क किया जाएगा । यदि कोई पात्र व्यक्ति वंचित रह गया हो तो उनकी सूची तैयार कर लाभ दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल लाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवास जिले ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया है. बाबा साहेब के योगदान का स्मरण उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने गरीब, शोषित एवं कमजोर वर्ग के लिए संघर्ष किया। उनका जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ। प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने समरसता एवं समानता का संदेश दिया तथा संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। साथ ही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को लाभ वितरित किया गया। सफाई मित्रों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक देवास श्रीमती गायत्रीराजे पवार, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, अन्य जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

अब चाल-ढाल से भी होगी पहचान, विदिशा में अपराधियों का पूरा बायोमेट्रिक डेटा तैयार

विदिशा जिले में अब संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस विभाग अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए एक ऐसी डिजिटल कुंडली तैयार कर रहा है, जिससे बच पाना लगभग नामुमकिन होगा। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष 'मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट' का गठन किया गया है। यह यूनिट अपराधियों का बायोडाटा ठीक उसी तरह तैयार कर रही है, जैसे आम नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। शुरुआती चरण में गंभीर अपराधों में संलिप्त, संपत्ति संबंधी अपराधी और कोर्ट में पेशी पर आने वाले बंदियों का संपूर्ण विवरण दर्ज करना शुरू कर दिया गया है। पुतलियों की स्कैनिंग और 'चाल' का भी होगा रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब अपराधियों की पहचान के लिए केवल नाम-पता काफी नहीं होगा। मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट में अपराधियों की सटीक ऊंचाई, चेहरे के चार अलग-अलग कोणों (एंगल्स) से लिए गए उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ और पूरे शरीर की कद-काठी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। तकनीक का स्तर इतना सूक्ष्म है कि अपराधियों की आंखों की पुतलियों (आईरिस रेटिना) की स्कैनिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, अपराधी के चलने का तरीका यानी उसकी 'चाल' (गैट एनालिसिस) को भी वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि हुलिया बदलने पर भी उसे पहचाना जा सके। चौराहों पर लगे कैमरों से होगी लाइव ट्रैकिंग इस हाईटेक डाटा का सबसे बड़ा लाभ अपराधियों की धरपकड़ में मिलेगा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को इस डाटाबेस से जोड़ा जाएगा। यदि कोई वांछित अपराधी फरार होता है, तो कैमरों में उसकी चाल-ढाल या चेहरे की हल्की सी झलक मिलते ही सिस्टम पुलिस को अलर्ट कर देगा। इतना ही नहीं, यदि अपराधी किसी स्थान पर अपने फिंगर प्रिंट का उपयोग करता है या किसी वारदात स्थल पर उसके निशान मिलते हैं, तो तत्काल उसकी कुंडली सामने आ जाएगी। निजता के अधिकार के चलते पुलिस ने विकसित किया अपना सिस्टम तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधियों का यह डाटा आधार के सर्वर से भी लिया जा सकता था, लेकिन 'राइट टू प्राइवेसी' (निजता के अधिकार) और कानूनी पेचिदगियों के चलते पुलिस विभाग आधार का डाटा साझा नहीं कर सकता। यही कारण है कि पुलिस विभाग अपना स्वतंत्र डिजिटल तंत्र विकसित कर रहा है। विदिशा जैसे जिलों से शुरू हुआ यह डाटा सीधे स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एसटीआरबी) और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से लिंक किया जा रहा है, जिससे अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा पाएगा। हर थाने में लगेगी बायोमेट्रिक मशीन पुलिस की योजना इस व्यवस्था को भविष्य में प्रत्येक थाने तक विस्तार देने की है। वर्तमान में यह जिला मुख्यालय स्तर पर संचालित है, लेकिन आने वाले समय में हर थाने में फिंगर प्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक मशीनें और एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता होगी। स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही हर थाने में आने वाले संदिग्धों और अपराधियों का डाटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड होने लगेगा। अपराधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और उनकी धरपकड़ को त्वरित बनाने के लिए मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट बनाई गई है। इसमें आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में गंभीर और संपत्ति संबंधी अपराधियों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिसे नेशनल ग्रिड से जोड़ा जा रहा है। पर्याप्त स्टाफ मिलते ही यह व्यवस्था जिले के सभी थानों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। – रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा।

यूपी में जनशिकायत निस्तारण रैंकिंग जारी, रामपुर पहले, हाथरस-बाराबंकी दूसरे स्थान पर

 जयपुर   यूपी सरकार शिकायतों के निस्तारण को लेकर लगातार दूसरी आर रामपुर ने बाजी मारी है। फरवरी में भी रामपुर शिकायतों के निस्तारण के मामले में पहले स्थान पर था। मार्च महीने के आईजीआरएस रिपोर्ट में 139 अंक प्राप्त कर रामपुर ने पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा, शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। बतादें कि आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा होती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। क्या बोले रामपुर डीएम जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। जिले में प्राथमिकता के आधार पर होता है शिकायतों का निस्तारण हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।

सीकर के रींगस गढ़ की अनोखी कहानी, राजा उदय सिंह से जुड़ा माना जाता है इतिहास

जयपुर राजस्थान अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और वीरता की कहानियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. इसी विरासत का एक अहम हिस्सा सीकर जिले के रींगस में स्थित प्राचीन गढ़ है. यह गढ़ करीब 550 से 600 साल पुराना माना जाता है और आज भी अपने इतिहास और संरचना के कारण लोगों को आकर्षित करता है. स्थानीय लोग इसे रींगस का गढ़ या प्राचीन किला कहते हैं. राजा उदय सिंह से जुड़ा माना जाता है निर्माण इतिहासकारों के अनुसार इस गढ़ का निर्माण किसने करवाया इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन माना जाता है कि इसका निर्माण राजा उदय सिंह ने कराया था. बाद में यह गढ़ सीकर के शासक राव राजा कल्याण सिंह को सौंप दिया गया. समय के साथ देखरेख के अभाव में यह गढ़ खंडहर में बदलने लगा. लोगों ने मिलकर बचाई अपनी धरोहर साल 1957 में रींगस के स्थानीय लोगों ने मिलकर इस गढ़ को खरीद लिया. उनका उद्देश्य इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाना और यहां स्थित प्राचीन मंदिर की आस्था को बनाए रखना था. गढ़ के भीतर बना करीब 600 साल पुराना बालाजी मंदिर लोगों की गहरी श्रद्धा का केंद्र है, जिसके कारण इसे संरक्षित करने की पहल की गई. पर्चे वाले हनुमान मंदिर की अनोखी मान्यता इस गढ़ में स्थित हनुमान मंदिर को पर्चे वाले हनुमान जी के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों को बालाजी का साक्षात अनुभव होता है. खास बात यह है कि मंदिर में स्थापित मूर्ति सालासर बालाजी की तरह दिखाई देती है. यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि उन्हें सालासर धाम जैसे ही दर्शन मिलते हैं. युद्ध और सुरक्षा का केंद्र रहा गढ़ गढ़ की बनावट भी बेहद खास है. इसके चारों ओर मजबूत बुर्ज बने हुए हैं और चारों तरफ गहरी खाई मौजूद है, जिसमें कभी पानी भरा रहता था. ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र जयपुर और सीकर के शासकों के बीच युद्ध भूमि के रूप में इस्तेमाल होता था. सैनिकों को सुरक्षा और ठहरने के लिए इस गढ़ का उपयोग किया जाता था. आज भी जारी है संरक्षण का प्रयास वर्तमान में इस गढ़ के करीब 10 मालिक हैं, जो इसकी देखरेख कर रहे हैं. स्थानीय लोग लगातार इस ऐतिहासिक धरोहर और मंदिर की पूजा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं. यह गढ़ आज भी आस्था, इतिहास और संस्कृति का जीवंत उदाहरण बना हुआ है.