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अनचाहे गर्भ को छुपाने के लिए बढ़ी लड़कियों की भीड़, अस्पतालों में अबॉर्शन पिल बन रही हैं खतरे की वजह

भोपाल   डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात की दवाएं लेने का चलन महिलाओं और युवतियों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। हाल ही में बुरहानपुर में दवा दुकान से गर्भपात की दवा लाकर खिलाने से एक गर्भवती छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी हर दिन ऐसी युवतियां व महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनकी हालत दवा लेने के बाद बिगड़ जाती है। सरकारी अस्पतालों में ऐसे औसतन करीब आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कई बार गर्भपात अधूरा रह जाता है जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवतियों, महिलाओं के शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। ऐसे कई मामले जानलेवा साबित होते हैं। नियमों की अनदेखी, खुलेआम बिक रहीं दवाएं कलेक्टर की गाइडलाइन के बावजूद मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर कोई सख्ती नहीं है। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेची जा रही हैं, यहां तक कि पुरुषों को भी आसानी से उपलब्ध करा दी जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भपात एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे तय समय-सीमा और डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। सोनोग्राफी और जरूरी जांच के बाद ही दवा दी जानी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अधूरे गर्भपात के कारण अत्यधिक खून बहने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर गिर जाता है और शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। कई मामलों में जान तक चली जाती है। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे राजधानी के ही सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे कई केस आते हैं। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं या लड़कियां अनचाहे गर्भ को छुपाने खुद ही दवा खरीदकर खा लेती हैं। कई मामलों में गर्भपात अधूरा रह जाता है, जिससे संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव होता है। ऐसे में कई युवतियों की हालत गंभीर हो जाती है। काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति खरे इस मुद्दे पर महिलाओं, युवतियों में जागरूकता की जरूरत जताती हैं। उनका कहना है कि हर दिन ऐसी महिलाएं व युवतियां अस्पताल पहुंच रही हैं, जो अधिक रक्तस्राव के कारण एनीमिया का शिकार हो रही हैं। बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर सख्ती और महिलाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है। प्रमुख बिंदु महिलाओं को अधूरे गर्भपात से बढ़ रहा खतरा बिना डॉक्टरी सलाह अबॉर्शन पिल जानलेवा बनीं अत्यधिक रक्तस्राव से हो रहा एनिमिया मेडिकल स्टोर्स में बिना पर्चा बिक रहीं दवाएं

नक्सल मोर्चे पर अलर्ट: सीमा के जंगल में मिला विस्फोटक जखीरा, CRPF की सघन तलाशी अभियान जारी

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली मंसूबों को नाकाम करने की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. ओडिशा के कोमना पुलिस कैंप से निकली सीआरपीएफ (CRPF) की टीम ने एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सोनाबेड़ा अभ्यारण्य से लगे ढेकुनपानी के घने जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (Naxal Explosive Material) और संदिग्ध सामान बरामद किया है. इस बरामदगी से इलाके में दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश विफल हो गई है. ​गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई ​जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को लंबे समय से छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा (Chhattisgarh Odisha Border) पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. इसी आधार पर सीआरपीएफ की टीम ने ढेकुनपानी जंगल (Dhekunpani Forest) के रणनीतिक स्थानों पर सर्चिंग अभियान (Search Operation) तेज किया. जंगलों के भीतर छिपाई गई विस्फोटक सामग्री को जवानों ने बेहद सावधानी के साथ बरामद किया. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाने या किसी बड़े आईईडी (IED) ब्लास्ट के लिए किया जाना था. इलाके में हाई अलर्ट, सर्चिंग तेज ​इस बरामदगी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. कोमना पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अब आसपास के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी नजर रख रही हैं. सोनाबेड़ा अभ्यारण्य का इलाका अपनी दुर्गम भौगोलिक संरचना के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है, जिसका फायदा उठाकर अक्सर असामाजिक तत्व अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं. जवानों की मुस्तैदी का परिणाम ​अधिकारियों का कहना है कि समय रहते विस्फोटक सामग्री का मिलना जवानों की मुस्तैदी का परिणाम है. फिलहाल, सुरक्षाबलों ने ढेकुनपानी और उसके आसपास के जंगलों में गश्त और सर्चिंग अभियान को और अधिक सघन कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके. सीमावर्ती थानों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं. खतरनाक है नक्सलियों की समाग्री सुरक्षाबलों द्वारा मौके से जब्त की गई सामग्रियों की सूची जो नक्सलियों की खतरनाक तैयारी की ओर इशारा करती है. ​70 जिलेटिन की छड़ें हैं, जो एक उच्च क्षमता वाला विस्फोटक है. इसका उपयोग ब्लास्ट के लिए किया जाता है. ​3 स्टील कंटेनर बरामद हुए हैं. इनका उपयोग अक्सर 'टिफिन बम' बनाने के लिए किया जाता है, जो काफी घातक साबित होते हैं. ​4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर हैं, जिनका विस्फोटकों को दूर से नियंत्रित करने या सर्किट तैयार करने के लिए इन तारों का उपयोग किया जाता है.

अमेरिका की नाकेबंदी से होर्मुज स्ट्रेट में संकट, कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर से ऊपर

न्यूयॉर्क दुनिया की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए मिडिल-ईस्ट को लेकर फिलहाल अभी तक समझौता नहीं हो सका है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में यूएस-ईरान वार्ता बेनतीजा रही, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी और वार्ता रुक गई.  करीब 21 घंटे तक चली बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके, जिससे सीजफायर पर संकट गहरा गया है।  अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान ने जंग खत्म करने के लिए यूएस की शर्तें नहीं मानी. बातचीत में रुकावट आने के बाद वेंस अमेरिका लौट गए. दूसरी तरफ, ईरान ने इस बातचीत को नाकाम बताया और आरोप लगाया कि अमेरिका ने बहुत ज़्यादा मांगें रखीं।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है। ट्रम्प के मुताबिक, कई अन्य देश भी इस प्रयास में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं। नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत एक अस्थायी दो हफ्ते के सीजफायर को स्थायी समाधान में बदलने के लिए हो रही थी. इस वार्ता में अमेरिकी डेलिगेशन की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की, जबकि ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ सहित कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए।  पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स     चीन को धमकी- ट्रम्प ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।     होर्मुज की नाकाबंदी- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेगी और ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा।     इजराइली मंत्री का मस्जिद दौरा- इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे पर जॉर्डन ने विरोध जताया और इसे भड़काऊ कदम बताते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कहा।     ईरान ने टोल मांगा- ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा।     50 लोग गिरफ्तार- ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है, जिन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है। अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान के चार बंदरगाहों पर सीधा असर अमेरिकी नौसेना के ईरानी समुद्री क्षेत्रों की नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक शिपिंग उद्योग में भारी चिंता देखी जा रही है. उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका इन बंदरगाहों को ब्लॉक करता है, तो ईरान के चार सबसे बड़े बंदरगाहों पर सीधा असर पड़ेगा     खार्ग द्वीप: ये ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है.     जास्क टर्मिनल: ओमान की खाड़ी में स्थित एक प्रमुख तेल केंद्र है.     बंदर अब्बास: ईरान का रणनीतिक रूप से बड़ा और मुख्य व्यापारिक बंदरगाह है.     बंदर खुमैनी: ईरान का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है.  सीजफार पर ट्रंप बोले- अच्छी तरह कायम है ईरान के साथ सीजफायर कायम रहने को लेकर ट्रंप ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह अच्छी तरह कायम है. उनकी सेना खत्म हो चुकी है. उनका पूरा नौसेना बल पानी में डूब गया है. 158 जहाज तबाह हो गए हैं. उनका नौसेना बल खत्म हो गया है. उनके ज्यादातर बारूदी सुरंग यंत्र नष्ट हो गए हैं. कल सुबह 10 बजे से नाकाबंदी लागू हो जाएगी. दूसरे देश ये ध्यान देने के लिए काम कर रहे हैं कि ईरान तेल न बेच सके और ये बहुत प्रभावी होगा. कई नावें तेल भरकर हमारे देश की ओर आ रही हैं और फिर उसे ले जाएंगी. इसलिए वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नहीं गुजरेंगी. इसे ठीक कर लिया जाएगा. इस बीच, वो हमारा इस्तेमाल कर रहे हैं. हमारे पास रूस और सऊदी अरब दोनों के कुल तेल से कहीं ज्यादा तेल है. हो ये रहा है कि नावें यहां आ रही हैं, तेल भर रही हैं. हमें होर्मुज से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।  इजरायली हमलों में मौतों की संख्या 2000 पार लेबनान में जारी इजरायली हमलों के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,055 तक पहुंच गई है।   अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में भारी इजाफा अमेरिका ने सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने की घोषणा की है. जिसके बाद रविवार को बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया. अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 7% की बढ़त के साथ 102.29 डॉलर पर आ गया।     

प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ने किया बड़ा दांव, कैबिनेट में लिए गए फैसले

 भोपाल राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा। सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा। एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:     एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।     MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी। बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल     बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:     बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। परिवहन और आर्थिक विकास का आधार लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई। लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से भीषण गर्मी, रतलाम में तापमान 41°C, अन्य शहरों में बढ़े पारे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. 16 अप्रैल से हीटवेव का असर दिखेगा. धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है. वहीं 15 अप्रैल से नया वेदर सिस्टम है, पर इसका असर नहीं होगा. इस दौरान लू चलेगी. मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि प्रदेश में अब भीषण गर्मी पड़ेगी. गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विज्ञान केंद्र ने बचाव की एडवाइजरी जारी कर दी है. रविवार को पांच शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा. रतलाम में तापमान सबसे ज्यादा 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  रतलाम सबसे गर्म, आसमान से बरस रही आग प्रदेश में इस वक्त रतलाम जिला सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है, जहाँ अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब आसमान साफ रहने और बादलों की आवाजाही बंद होने के कारण दिन के तापमान में और भी तेजी से उछाल आएगा। तीखी धूप ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला-नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री, दमोह, रीवा-टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में पारा 39 डिग्री, बैतूल-सागर में 38.8 डिग्री, गुना-शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी-सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 39.2 डिग्री, भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अप्रैल से नया सिस्टम, पर असर नहीं, लू चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह कमजोर रहेगा। यानी, अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढ़ने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे हैं। कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। वहीं, 16 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है। 16 अप्रैल से 'हीटवेव' का हाई अलर्ट IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि इस साल गर्मी अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अप्रैल के महीने में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त होने से अब केवल गर्म शुष्क हवाएं ही प्रदेश को अपनी चपेट में लेंगी। गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की राहत की उम्मीद नहीं है। तीखी धूप और लू के चलते लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।

छत्तीसगढ़ के कांकेर में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने मार गिराया बड़े कैडर का आखिरी ACM

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. जवानों ने इस मुठभेड़ में बड़े कैडर की एक महिला नक्सली को मार गिराया है. मारी गई महिला माओवादी की पहचान ACM रैंक कमांडर रंगाबोइना भाग्या उर्फ रूपी के रूप में हुई है, जो बस्तर इलाके में बड़े कैडर की आखिरी नक्सली मानी जा रही है. रूपी पर 4 लाख रुपए का ईनाम घोषित है. एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, सर्चिंग पर निकलने जवानों पर माचपल्ली के जंगलों में अचानक फायरिंग हुई. जवाबी कार्रवाई में एसीएम रैंक की महिला नक्सली रूपी को ढेर कर दिया गया. रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. विजय रेड्डी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2025 में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था. रूपी बस्तर क्षेत्र के माड़ डिवीजन में में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. साल 2004 यानी 24 साल पहले  माओवादी संगठन के साथ जुड़ी थी. मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान मृत महिला माओवादी के शव के साथ एक पिस्टल हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है. इलाके में सुरक्षाबलों ने सर्चिंग जारी है. कांकेर पुलिस अधीक्षक जिला निखिल राखेचा ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की आसूचना के आधार पर पुलिस बल द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और माओवादियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के पश्चात सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा एक महिला माओवादी कैडर का शव बरामद किया गया. मुख्यधारा में लौटे नक्सली, बस्तर रेंज IG की अपील बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि माओवादी कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है, जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है. किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया, जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है. आईजीपी बस्तर ने शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है. वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें.

ईरान के लिए नया संकट: ‘वॉटर वॉर’ के तहत अमेरिका चार इलाकों से करेगा नाकेबंदी

वाशिंगटन पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान की ‘शांति वार्ता’ पटरी से उतरते ही डोनाल्ड ट्रंप का पारा चढ़ गया है. अब ट्रंप ने सीधी धमकी दे डाली है कि अमेरिका खुद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करेगा. यानी जिस होर्मुज को खुलवाने के लिए अब तक वॉशिंगटन ईरान पर दबाव बना रहा था, अब उसी लाइफलाइन को खुद जाम करने की बात कह रहा है।  ट्रंप का ये दांव सीधे ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट करने वाला है. दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेहरान के लिए लाइफलाइन जैसा है. यहीं से उसका ज्यादातर तेल दुनियाभर में जाता है. अगर ये रास्ता बंद हुआ, तो ईरान की कमाई पर सीधा ताला लग सकता है।  ग्लोबल शिपिंग इंडस्ट्री को डर है कि ट्रंप के फैसले से तेल की कीमतें और बढ़ेंगी, क्योंकि अमेरिका उन सभी ईरानी जहाजों पर भी रोकना शुरू कर सकता है, जिन्हें अब तक बिना रोक-टोक आने दिया जा रहा था. इस बात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कि ईरान से आने वाले कुछ ऐसे जहाज, जो होर्मुज का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे, उन्हें भी अमेरिका रोक सकता है।  ताजा जानकारी के मुताबिक, अगर अमेरिका ईरानी के समंदर में नाकाबंदी शुरू करता है, तो ईरान के 4 प्रमुख बंदरगाह प्रभावित होंगे: 1. खर्ग (खार्क) द्वीप 2. जास्क टर्मिनल 3. बंदर अब्बास 4. बंदर खुमैनी वैसे अमेरिका और इजरायल के सात जंग शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था. लेकिन फिर ईरान ने धीरे-धीरे इसे खोला. कुछ तेल टैंकर्स को 20 लाख डॉलर प्रति जहाज (करीब 18 करोड़ रुपये) तक के शुल्क के बदले में गुजरने की इजाजत भी दी।  ईरान को आर्थिक चोट देने की तैयारी में ट्रंप ये भी सामने आया कि होर्मुज से UAE, ओमान का तेल निकलने में दिक्कत आ रही है. वहीं ईरान युद्ध के दौरान भी इस इलाके से अपने तेल का आवागमन जारी रखे हुए है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान मार्च तक औसतन 18 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करने में कामयाब रहा – जो पिछले तीन महीनों की तुलना में लगभग 1 लाख बैरल प्रति दिन ज्यादा है।  ईरान जो तेल बेच रहा है उससे मिल रहे फंड का इस्तेमाल सरकार चलाने और सैन्य अभियानों के लिए हो रहा है. अब होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके ट्रंप इसपर डेंट करना चाहते हैं. हालांकि, इससे दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है. बता दें कि पाकिस्तान में हुई मीटिंग फेल होने के बाद कच्चा तेल फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।  तेल के दाम और ज्यादा हाई पर न जाएं इसीलिए, अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकरों को इस क्षेत्र से गुजरने पर कोई रोक-टोक नहीं लगाई थी. क्योंकि कहीं से भी मार्केट तक पहुंचने वाला कच्चा तेल, तेल की कीमतों को कम से कम कुछ हद तक कंट्रोल में रखने में मदद कर सकता है. इसी वजह से मार्च में अमेरिका ने ईरान को उसके उस तेल को बेचने के लिए एक अस्थायी लाइसेंस दिया था, जो टैंकरों में भरकर समुद्र में पहुंच गया था।  इस फैसले से बड़ी मात्रा (140 मिलियन बैरल) में कच्चा तेल उपलब्ध हो गया था. 140 मिलियन बैरल, जो US Energy Information Administration के अनुसार, पूरी दुनिया की तेल की मांग को लगभग डेढ़ दिन तक पूरा करने के लिए काफी था।  लेकिन, अगर अब ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करेंगे तो इससे तेल और गैस की कीमतों में और भी उछाल आने के पूरे-पूरे चांस बने रहेंगे। 

रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का समापन, गडकरी और शिवराज भी होंगे उपस्थित

भोपाल  केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी आज मध्य प्रदेश के एकदिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वे यहां रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जनसम्पर्क अधिकारी अनुभा सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री गडकरी दोपहर दो बजे भोपाल से प्रस्थान कर दोपहर 02.20 बजे रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुचेंगे तथा यहां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की समीक्षा करेंगे। इसके उपरांत उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण में सम्मिलित होंगे। केन्द्रीय मंत्री गडकरी शाम 05.10 बजे रायसेन से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। भोपाल से रायसेन पहुंचेंगे गडकरी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर 12 बजे भोपाल से प्रस्थान कर रायसेन के दशहरा मैदान पहुंचेंगे। वे यहां सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। किसानों की समस्याओं को लेकर पहुंचेंगे जीतू पटवारी उन्नत कृषि महोत्सव में मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी आने का ऐलान किया है। वे किसानों की समस्याओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। गौरतलब है कि किसानों को जागरूक करने के लिए यह उन्नत कृषि महोत्सव 11 अप्रैल से रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आज सोमवार को अंतिम दिन है।  नहीं जा पा रहे जीतू पटवारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में रायसेन में तीन दिवसीय कृषि मेले का आज समापन हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज इस मेले के समापन में शामिल होंगे। इधर, एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आज रायसेन के इस कृषि मेले में शामिल होकर किसानों की परेशानियां बताने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण वे रायसेन नहीं जा पा रहे है। रायसेन रोड पर आनंद नगर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका गया है। पुलिस के पहरे में पटवारी, नहीं मिली अनुमति पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज सुबह से ही रायसेन जाने की तैयारी में थे। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे टकराव नहीं बल्कि संवाद चाहते थे। उन्होंने कहा, “मेरा मन कृषि मेले में जाने का है और मैंने पहले ही कहा था कि जब शिवराज जी अनुमति देंगे, तभी जाऊंगा।” पटवारी के मुताबिक, उन्होंने पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी और तय किया था कि अगर अनुमति नहीं मिली तो वे मेले के आखिरी दिन वहां पहुंचेंगे। पटवारी ने बताया कि सुबह उनके पास पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए रास्तों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे केवल मेले में जाकर खेती की आधुनिकता को समझना चाहते थे, लेकिन सरकार विपक्ष की उपस्थिति से घबरा गई है।  

कर्मचारियों के हक में नए नियम लागू, बोनस और वेतन सीधे खाते में

गौतम बुद्ध नगर योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला  नोएडा में  लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है. इसके बाद भी वहीं सोमवार की सुबह भी कर्मचारियों ने नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन किया. पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी. 10 तारीख तक एक ही किस्त में देनी होगी सैलरी न्यूज एजेंसी के मुताबिक वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं. सभी उद्योगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को हर महीने की 10 तारीख तक एक ही किस्त में वेतन दिया जाए. इसके साथ ही कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे. बोनस भुगतान को लेकर भी समयसीमा तय की गई है. निर्देशों के अनुसार, 30 नवंबर तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि सीधे जमा कराई जाएगी. प्रशासन का मानना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी. महिलाओं की सुरक्षा का देना होगा ध्यान कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं. सभी औद्योगिक इकाइयों को यौन उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करेंगी. इसके अलावा, कार्यस्थल पर शिकायत पेटियां लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. अधिकारीयों के अनुसार, श्रमिक निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनका त्वरित निपटारा किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. वहीं दूसरी ओर रविवार को भी गौतम बुद्ध नगर के फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने सैलरी विसंगतियों और कंपनी मालिकों की मनमानी के वृद्धि की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी अपने रुख पर कायम रहे और मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की. जिला प्रशासन के फैसले के बाद भी साेमवार की सुबह फिर से कर्मचारी सड़कों पर एकजुट हुए और विरोध-प्रदर्शन तेज किया. पुलिस ने पहले इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

Silver Price Drop: चांदी ₹6000 सस्ती, सोने में ₹1100 की कमी आई

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में सप्ताह के पहले दिन ही खुलने के साथ बड़ी गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी का वायदा भाव बीते शुक्रवार के बंद के मुकाबले फिसलकर 2.37 लाख रुपये पर आ गया और इस हिसाब से एक झटके में चांदी 6000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver Price अपने हाई लेवल से 2.02 लाख रुपये प्रति किलो कम हो गया है. सोना भी फिसला है और ये सोमवार को 1100 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है।  चांदी की कीमत खुलते ही धड़ाम  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में आई गिरावट के बारे में तो बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को MCX Silver Price 2,43,274 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था. वहीं सप्ताह के पहले दिन 5 मई की एक्सपायरी वाली इस चांदी का प्राइस खुलने के साथ ही टूटकर 2,37,190 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से चांदी 6,084 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।  अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये करीब आधी कीमत (Silver Price Half) पर मिल रही है. बता दें कि जनवरी 2026 में ही सिल्वर प्राइस ने इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये का स्तर पार किया था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो के हाई पर पहुंची थी. यहां से लगातार क्रैश होते हुए चांदी (Silver Price Crash From High) अब इस स्तर तक आ चुकी है और ये इस लेवल से 2,02,147 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती मिल रही है।  Gold का दाम हाई से अब इतना कम  चांदी की तरह सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. बीच-बीच में कीमतों में आई तेजी के बावजूद ये लाइफ टाइम हाई से काफी सस्ता बना हुआ है. बीते शुक्रवार को MCX पर 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,52,652 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को ये भी खुलने के साथ ही गिरकर 1,51,457 रुपये पर आ गया यानी ये कीमती पीली धातु 1,195 रुपये सस्ती हो गई।  बात हाई लेवल से गिरावट की करें, तो MCX Gold High 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जिसे इसने इस साल जनवरी महीने में ही छुआ था और चांदी की तरह इसकी कीमत भी हाई लेवल पर पहुंचने के बाद भरभराकर टूटी है. फिलहाल के ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 51,527 रुपये सस्ता है।  US-Iran युद्ध, फिर भी गिरावट जब भी ग्लोबल टेंशन बढ़ती है, तो लोग सेफ हेवेन माने जाने वाले सोना-चांदी में निवेश को तरजीह देते हैं और इसके चलते कीमती धातुओं के दाम बढ़ने लगते हैं. लेकिन, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध से Global Tension हाई पर है और फिर भी सोना-चांदी टूट रहे हैं।  इसके पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी होर्मुज टेंशन के बीच Crude Oil Price डरा रहे हैं, बीते दिनों सीजफायर के ऐलान के बाद धड़ाम हुए कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आने लगा है और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. ग्लोबल महंगाई का खतरा बढ़ा है और लोग अपने हाथ में कैश रखना चाहते हैं।  इसके अलावा, ग्‍लोबल निवेशक सुरक्षित मुद्रा 'डॉलर' की ओर रुख कर रहे हैं, जो युद्ध के दौरान लगातार मजबूत हुई है. मजबूत होते डॉलर और महंगाई के डर की वजह से ही जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी को रोक रहे हैं।