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सभी पात्र आवंटियों तक ओटीएस योजना की जानकारी पहुंचे, मुख्यमंत्री ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए

लंबित आवास मामलों के निस्तारण हेतु ‘एकमुश्त समाधान योजना’ लागू करें: मुख्यमंत्री सभी पात्र आवंटियों तक ओटीएस योजना की जानकारी पहुंचे, मुख्यमंत्री ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए लंबित देयों का मानवीय व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डिफॉल्टर मामलों के निस्तारण में गति लाएं, प्रक्रिया को पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली बनाएं: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026)’ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित देयों और विवादित मामलों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें समाधान तेज, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की किसी भी योजना में लंबित भुगतान या विवादित आवंटन राज्य की विकास गति को धीमा करते हैं। इसलिए आवास विभाग को ऐसी समाधान-प्रधान व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे विभाग को आवश्यक राजस्व प्राप्त हो और आवंटियों को भी राहत मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना जन-केंद्रित होनी चाहिए, जिसमें हर वास्तविक आवंटी को स्पष्ट और सरल विकल्प उपलब्ध हों। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में लागू की गई ओटीएस-2020 योजना से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ था, लेकिन कोविड-19 के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए। विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद ऐसे सभी डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस-2026 योजना को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए। साथ ही, किस्तों में भुगतान की सुविधा हो। उन्होंने कहा कि योजना के प्रावधानों को अंतिम रूप देते समय यह ध्यान रहे कि योजना के मूल में आम आदमी को राहत देने का ही भाव निहित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विभाग द्वारा प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में कर दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना लागू होने से हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी और विभाग को राजस्व भी प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे अवगत हो सकें। उन्होंने कहा, 'एकमुश्त समाधान योजना' के बारे में आम जनता के बीच सक्रिय रूप से जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि सभी पात्र लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए।

प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 8 से 10 जून तक होगी लिखित परीक्षा प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी व निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत होने वाली लिखित परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार सिपाही भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8 जून (सोमवार), 9 जून (मंगलवार) और 10 जून (बुधवार) को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा तीनों दिनों में दो-दो पालियों में कराई जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। सिपाही भर्ती परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड एवं दिशा-निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत बना योगी सरकार का फैसला उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्तमान सिपाही भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्ष 2024 में प्रदेश में कांस्टेबल के कुल 60,244 पदों पर भर्तियां की गई थीं। यह प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित सभी पदों में से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखते हुए उन्हें नियुक्ति प्रदान की गई है।

प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 8 से 10 जून तक होगी लिखित परीक्षा प्रदेश में कुल 32,679 पदों के लिए तीन दिन होगी लिखित परीक्षा, दो पालियों में होगा आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी व निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के तहत होने वाली लिखित परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार सिपाही भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8 जून (सोमवार), 9 जून (मंगलवार) और 10 जून (बुधवार) को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा तीनों दिनों में दो-दो पालियों में कराई जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। सिपाही भर्ती परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड एवं दिशा-निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत बना योगी सरकार का फैसला उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्तमान सिपाही भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्ष 2024 में प्रदेश में कांस्टेबल के कुल 60,244 पदों पर भर्तियां की गई थीं। यह प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित सभी पदों में से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखते हुए उन्हें नियुक्ति प्रदान की गई है।

18,000 करोड़ में बिक सकता है RCB! डियाजियो ने बिक्री प्रक्रिया के लिए दस्तावेज़ भेजे

बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की बिक्री से जुड़ी चर्चाएं अब अटकलों से आगे बढ़कर अमल के चरण में पहुंच चुकी हैं। टीम के मालिक डायजियो ने आधिकारिक तौर पर RCB को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संभावित खरीदारों को सूचना दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। यह अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है कि IPL की सबसे कीमती फ्रेंचाइज़ियों में से एक बाजार में उपलब्ध है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्पोर्टिको ने दी है, जो खेल कारोबार से जुड़ा प्रतिष्ठित जर्नल है। प्रक्रिया से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, डायजियो ने अपनी भारतीय इकाई यूनाइटेड स्पिरिट्स के जरिए RCB से संबंधित दस्तावेज संभावित निवेशकों को भेजे हैं। भले ही बाध्यकारी बोली की समयसीमा तय होने में अभी वक्त लगे, लेकिन यह साफ हो गया है कि पिछले साल के अंत में शुरू की गई समीक्षा अब सक्रिय बिक्री प्रक्रिया में बदल चुकी है। यहां यह समझना जरूरी है कि जिन दस्तावेजों को भेजा गया है, उन्हें कंफिडेंशियल इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम कहा जाता है। यह किसी भी कंपनी या संपत्ति को बेचने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मुख्य दस्तावेज होता है, जिसमें 30 से 150 पन्नों तक की विस्तृत जानकारी शामिल रहती है, ताकि खरीदार व्यवसाय का सही मूल्यांकन कर सकें और शुरुआती प्रस्ताव दे सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2025 का खिताब जीतने और जबरदस्त व्यावसायिक मजबूती के बाद RCB की वैल्यूएशन करीब दो अरब डॉलर आंकी जा रही है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है। RCB के साथ विराट कोहली जुड़े हैं, जिन्हें भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली क्रिकेट ब्रांड माना जाता है। यूनाइटेड स्पिरिट्स ने इस सौदे के लिए सिटीग्रुप को अपना सलाहकार नियुक्त किया है। इस डील में प्राइवेट इक्विटी फर्मों, बड़े निवेशकों और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की रुचि दिखने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया मार्च के अंत तक पूरी हो सकती है। IPL 2026 का सीजन 26 मार्च से शुरू होना है और डायजियो की कोशिश है कि उससे पहले भारत में अपनी सबसे बड़ी संपत्ति की बिक्री पूरी कर ली जाए। RCB की बिक्री में सेलिब्रिटी और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी RCB की संभावित बिक्री ने देश के कई बड़े नामों का ध्यान खींचा है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि वह फ्रेंचाइज़ी के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली लगाएंगे। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि उन्होंने औपचारिक प्रस्ताव दिया है या नहीं। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता अनुष्का शर्मा और रणबीर कपूर के नाम भी निवेशकों के समूह से जुड़ी चर्चाओं में सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुष्का शर्मा करीब तीन प्रतिशत हिस्सेदारी में रुचि दिखा रही हैं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 400 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं रणबीर कपूर की दिलचस्पी करीब दो प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर है। यह दोनों निवेश ब्रांड से जुड़ाव की रणनीति के अनुरूप माने जा रहे हैं। रणबीर कपूर पहले ही ISL क्लब मुंबई सिटी एफसी में निवेशक रह चुके हैं। हालांकि, यहां हितों के टकराव का सवाल भी उठता है। वर्ष 2007 में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को किसी भी IPL टीम में हिस्सेदारी खरीदने से रोक दिया था। विराट कोहली RCB की पहचान माने जाते हैं, ऐसे में उनके लिए सीधे तौर पर मालिकाना हक लेना संभव नहीं हो सकता। लेकिन इस स्थिति में उनकी पत्नी के जरिए निवेश का रास्ता खुल सकता है। अगर ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो कोहली परिवार के लिए कुछ कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं अपनाई जा सकती हैं। डायजियो RCB क्यों बेच रहा है और खरीदार क्या सोच रहे हैं अब सवाल उठता है कि डायजियो आखिर RCB को क्यों बेच रहा है। इसकी वजह व्यावसायिक प्राथमिकताएं बताई जा रही हैं। यूनाइटेड स्पिरिट्स ने नवंबर में सेबी को जानकारी दी थी कि RCB को एक नॉन-कोर एसेट के रूप में देखा जा रहा है, जो कंपनी के अल्कोहल और बेवरेज कारोबार से अलग है। इसके अलावा, पिछले साल बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB की खिताबी जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ ने भी कंपनी को चिंता में डाल दिया था। इस घटना में कई लोगों की मौत हुई थी, जिससे डायजियो को अपनी छवि को नुकसान पहुंचने और संभावित कानूनी परेशानियों का अंदेशा हुआ। इन्हीं कारणों को देखते हुए कंपनी अब RCB से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है।

क्रैश के बाद कमबैक! चार दिन की गिरावट के बाद सोना-चांदी ने मचाया गदर

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों लगातार चार दिन क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद आखिरकार मंगलवार को तेज उछाल आया था और ये सिलसिला तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी जारी रहा. एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही Gold-Silver रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं महंगी हो गई. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price अपने पिछले बंद के मुकाबले 15,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं 10 Gram 24 Karat Gold भी अचानक 5000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. दो दिन में इतनी महंगी हुई चांदी सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत के बारे में, तो बीते 2 फरवरी तक महज चार दिन में ही करीब 2 लाख रुपये तक सस्ती हो गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेज उछाल के बाद 2,68,801 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ये खुलते ही 2,84,094 रुपये पर पहुंच गई. यानी एक झटके में ये 15,293 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई.  बीते सोमवार तक 1 Kg Silver Price गिरते हुए 2.25 लाख रुपये के आसपास आ गया था, लेकिन इस लो-लेवल से इसके भाव में जो रैली शुरू हुई, उसने महज दो कारोबारी दिनों में ही चांदी का भाव करीब 60,000 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिया है. Gold भी चांदी से कुछ कम नहीं  बात करें, सोने की कीमत के बारे में, तो ये कीमती धातु भी चांदी की तरह ही बीते कुछ दिनों में लगातार क्रैश के बाद अब तूफानी तेजी से भाग रही है. बीते कारोबारी दिन MCX Gold Rate 1,53,809 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार वायदा कमोडिटी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट उछलकर 1,60,755 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. यहां ये 6,946 रुपये तक महंगा हो गया. हाई से सोना-चांदी अब इतना सस्ता Gold-Silver Rate के हाई लेवल से अगर तुलना करें, तो ये हालिया तेजी के बाद भी अभी काफी सस्ते मिल रहे हैं. बता दें कि बीते 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन इस स्तर को छूने के बाद ये बिखरती चली गई थी. हालांकि इस हाई लेवल से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी 1,35,954 रुपये प्रति किलो तक सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.   चांदी की तरह ही सोने की कीमत ने भी 29 जनवरी को ही अपना नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी. इस स्तर से सोना भी अब तक गिरते हुए 32,341 रुपये तक सस्ता हो चुका है. 

सेमीफाइनल जंग में टीम इंडिया फेवरेट, अफगान चुनौती के बीच वैभव सूर्यवंशी से विस्फोटक पारी की आस

नई दिल्ली अब तक खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम बुधवार को हरारे में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की ओर भारत इस प्रतियोगिता के इतिहास में भारत सबसे सफल टीम है। उसने पांच बार (2000, 2008, 2012, 2018, 2022) खिताब जीते हैं। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया का नंबर आता है जिसने चार बार ट्रॉफी जीती है। इस तरह से भारत रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की दिशा में बुधवार को एक कदम और आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। इस विश्व कप में अब तक अजेय रहा है भारत भारत ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने अपने सभी पांच मैच आसानी से जीते हैं, जिसमें सुपर सिक्स चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 58 रन की जीत भी शामिल है। भारतीय टीम हालांकि अफगानिस्तान को कम करके आंकने की गलती नहीं करेगी। अफगानिस्तान का भी टूर्नामेंट में प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उसने अपने पांच मैचों में से चार जीते हैं। उसे एकमात्र हार श्रीलंका से मिली थी। लेकिन खिलाड़ियों की फॉर्म और खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी नजर आता है। सूर्यवंशी, कुंडू, मल्होत्रा से बैटिंग में उम्मीदें विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया है। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अब तक पांच मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 199 रन बनाए हैं। बड़े-बड़े शॉट खेलने में माहिर सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (पांच मैचों में दो अर्धशतकों सहित 196 रन) भी अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन टीम प्रबंधन चाहेगा कि वह अपने अर्धशतकों को शतकों में तब्दील करें। ऑलराउंडर विहान मल्होत्रा ​​(पांच मैचों में 172 रन) एक और भारतीय बल्लेबाज हैं जिन पर सभी की नजर रहेगी। उन्होंने ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक (109 नाबाद) लगाया था। कप्तान आयुष म्हात्रे और आरोन जॉर्ज को फॉर्म का इंतजार कप्तान आयुष म्हात्रे ने गेंदबाज़ी में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच मैचों में अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से छह विकेट लिए हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ 99 रन बनाए हैं जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 53 रन है। सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज की फॉर्म भी भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि दाएं हाथ का यह बल्लेबाज तीन पारियों में केवल 46 रन ही बना सका है। भारतीय गेंदबाजी की कमान दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल और आरएस अंबरीश के हाथ में है। इन दोनों तेज गेंदबाजों को स्पिनर खिलन पटेल का भी अच्छा सहयोग मिला है, जिन्होंने पांच मैचों में आठ विकेट लिए हैं। म्हात्रे और मल्होत्रा गेंदबाजी में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। मल्होत्रा ने अभी तक टूर्नामेंट में अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से पांच विकेट लेने के अलावा भारत की तरफ से एकमात्र शतक भी लगाया है। टीम इस प्रकार हैं: भारत अंडर-19: आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल, मोहम्मद एनान, उधव मोहन, किशन सिंह। अफगानिस्तान अंडर-19: महबूब खान (कप्तान), अजीजुल्लाह मियाखिल, फैसल शिनोजादा, खालिद अहमदजई, उस्मान सादात, उजैरुल्लाह नियाजई, अब्दुल अजीज, अकील खान, खातिर स्टानिकजई, नाजीफुल्लाह अमीरी, नूरिस्तानी उमरजई, रूहुल्लाह अरब, सलाम खान, वहीदुल्लाह जादरान, जैतुल्लाह शाहीन। समय: मैच दोपहर 1:00 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।  

केंद्रीय बजट जनता के प्रति सरकार के कर्तव्यों को पूरा करने वाला डॉक्यूमेंट – डॉ. महेन्द्र सिंह

 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में समग्र भारत के चतुर्दिक विकास का बजट प्रस्तुत किया गया  केंद्रीय बजट जनता के प्रति सरकार के कर्तव्यों को पूरा करने वाला डॉक्यूमेंट   240 कल्याणकारी योजनाओं के साथ 145 करोड़ जनता के हितों के लिए कार्य कर रही केन्द्र सरकार  – डॉ. महेन्द्र सिंह भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने मंगलवार को सागर में केंद्रीय बजट को लेकर व्यापारी व प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया भोपाल/सागर   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने मंगलवार को सागर जिले के होटल वरदान में केंद्रीय बजट-2026 को लेकर आयोजित व्यापारी व प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में समग्र भारत के चतुर्दिक विकास का बजट प्रस्तुत किया है। केंद्रीय बजट 2026 देश की जनता के प्रति सरकार के कर्तव्यों को पूरा करने वाला डॉक्यूमेंट है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 240 कल्याणकारी योजनाओं के साथ केंद्र सरकार देश की 145 करोड़ जनता के हितों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के बाद यह पहला बजट है जब कर्तव्य भवन में बैठकर तीन कर्तव्यों वाला बजट बनाया गया है। कार्यक्रम को प्रदेश शासन के मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री व विधायक श्री गोपाल भार्गव, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन एवं जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी ने भी संबोधित किया। इस दौरान पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री गौरव रणदिवे मंचासीन रहे।  प्रधानमंत्री जी भारत के पुराने वैभव को वापस दिलाने, विश्व गुरू बनाने के लिए कार्य कर रहे भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भारत के पुराने वैभव को वापस दिलाने, देश को विश्व गुरू बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के देश पढ़ना नहीं जानते थे, तब भारत में तक्षशिला विश्वविद्यालय था। दुनिया में सबसे पहले भारत में वेदों की रचना की गई। सनातन काल से भारत व्यापार में अग्रणी रहा है, इसीलिए भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्रिक देश भारत है। विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हमारे देश के प्रभारी श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं। प्रधानमंत्री जी भारत की अर्थव्यवस्था को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना चुके हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्त में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।  भारत विश्व के सबसे संपन्न देशों से विकास में सीधा मुकाबला कर रहा है भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत विश्व के सबसे आर्थिक संपन्न व विकसित राष्ट्रां का विकास में सीधा मुकाबला कर अपना स्थान वैश्विक स्तर पर बना रहा है। अमेरिका में भारत से कई गुना अधिक खेती की जमीन है। इसके साथ ही अमेरिका की जनसंख्या भी भारत से बहुत कम है। भारत की जनसंख्या लगभग 145 करोड़ है, जबकि अमेरिका की जनसंख्या लगभग 35 करोड़ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदृष्टि और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की उनकी परिकल्पना से हमारा देश आज विश्व के सबसे बड़े और विकसित देशों का विकास के मामले में सीधा मुकाबला कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में भारत का बजट 16.65 लाख करोड़ का प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने 17.95 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। इस साल 53 लाख 50 हजार करोड़ का बजट केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह बजट राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। पद्मश्री भगवानदास रैकवार के निवास पहुंचकर किया सम्मान भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार हेतु चयनित श्री भगवानदास रैकवार से उनके निवास पर भेंटकर उन्हें आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने इससे पहले प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री व विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के निवास पहुंचकर भगवान श्री हनुमान जी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री रामकथा में शामिल होकर श्रवण किया। 

गाजियाबाद सुसाइड केस: तीन बहनों की मौत और ‘कोरियन लवर’ गेम की रहस्यमयी कहानी

 गाजियाबाद गाजियाबाद से सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां तीन सगी नाबालिग बहनों ने देर रात 9वीं मंज़िल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना बीती रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है. घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों बहनें एक गेमिंग ऐप की आदी हो गई थीं. बताया जा रहा है कि वे ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थीं. तीनों ने सामूहिक आत्महत्या क्यों की, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है. सुसाइड नोट में लिखा है मम्मी-पापा सॉरी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी का है. पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन व डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी है. मृतक लड़कियों ने नाम निशिका 16 साल, प्राची 14 साल, पाखी 12 साल है. पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. जिस पर मम्मी- पापा सॉरी लिखा है.  स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों बहनें रात में एक साथ 9वें फ्लोर से कूद गईं. ऐसे में किसी चीज के नीचे गिरने और तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. इस दौरान डराने वाला नजारा था. क्योंकि तीन डेडबॉडी जमीन पर पड़ी थीं और खून बह रहा था. जिसके बाद लड़कियों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.  पुलिस ने क्या बताया? शालीमार गार्डन, पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात्रि करीब 02.15 बजे पीआरवी द्वारा सूचना प्राप्त हुई. जिसमें कहा गया कि थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नं0 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियां कूद गईं. जिससे तीनों की मौत हो गई है. मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां क्रमश निशिका उम्र करीब 16 वर्ष, प्राची उम्र लगभग 14 वर्ष, पाखी उम्र लगभग 12 वर्ष पुत्रियां चेतन कुमार की जमीन पर गिरने के कारण मृत्यु हो गई है. जिनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया. जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया गया. मामले में पुलिस द्वारा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.  क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य? गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ स्थित भारत सिटी में देर रात करीब 2:30 बजे निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी. चेतन कुमार की ये तीनों बेटियां 'कोरियन लवर' नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं. प्रारंभिक जांच में इस जानलेवा गेम की लत को ही सामूहिक आत्महत्या की वजह माना जा रहा है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों से पूछताछ और मोबाइल फोन की डिजिटल जांच शुरू कर दी है. आधी रात को पसरा मातम सन्नाटे को चीरती हुई चीखों ने पूरी सोसाइटी को झकझोर कर रख दिया. तीनों बहनें एक साथ मौत के आगोश में समा गईं. पुलिस को घटनास्थल से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिस पर सिर्फ 'मम्मी पापा सॉरी' लिखा था. यह साधारण शब्द उस गहरे मानसिक दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं, जो शायद उस गेम के टास्क ने पैदा किया था. क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य? जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें अपनी डिजिटल दुनिया में खोई रहती थीं. वे एक कोरियन गेम के टास्क पूरा कर रही थीं. पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स को खंगाल रही है, जिनमें छिपे टास्क ने इन मासूमों को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.  फिलहाल, परिवार और पड़ोसियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि स्क्रीन के पीछे बैठा कोई अदृश्य खेल तीन जिंदगियां छीन लेगा. वहीं, गाजियाबाद पुलिस हर एंगल से जांच-पड़ताल में जुट गई है.  पिता ने कही ये बात  मृतक बहनों के पिता चेतन कुमार के मुताबिक, बेटियां कोरियन गेम खेलती थीं. कल आखिरी टास्क था. जांच के लिए पुलिस उनके फोन अपने साथ ले गई है. गेम में कुल कुल 50 टास्क थे, घटना वाले दिन यानी कल आखिरी था. कूदने के लिए बेटियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया था. पुलिस का बयान  इस मामले में एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि रात करीब 2.15 बजे पीआरवी द्वारा थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नंबर 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियों के कूदने की और मौके पर ही उनकी मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई. फ़ौरन घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां- निशिका, प्राची, पाखी ग्राउंड पर बेसुध पाई गईं. उनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित किया गया. अब पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. 

BJP का बड़ा कदम: 2027 यूपी चुनाव से पहले अगले 15 दिनों में हो सकते हैं महत्वपूर्ण बदलाव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी अलग-अलग मोर्चों की टीम बदलने की तैयारी में जुट गई है. सूत्रों के मुताबिक अगले 15 दिन के भीतर पार्टी में बदलाव होने की संभावना है. एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठन में बड़ा बदलाव किया जा सकता है.  यूपी बीजेपी जल्द ही अनुसूचित जाति मोर्चे, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अन्य मोर्चो के अध्यक्ष समेत टीम में बदलाव की संभावना है. माना जा रहा है कि 28 फरवरी से पहले ये पूरी प्रक्रिया हो जाएगी. एक बार इन तमाम मोर्चों में बदलाव होने के बाद पार्टी चुनावी मोड में जुट जाएगी.  बीजेपी के मोर्चों में बदलाव की तैयारी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के अलग-अलग मोर्चों के बदलाव में जातीय समीकरण का साधने पर ज़ोर दिया जा सकता है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वयं ओबीसी (कुर्मी) समाज से आते हैं. वहीं पश्चिमी यूपी में जाट, ब्रज में यादव और ब्राह्मणों को समीकरण देखने को मिल सकता हैं. जानकारों का मानना है कि सपा के पीडीए की काट की भी झलक भी इस नए बदलाव में दिखाई दे सकती है.   यूपी बीजेपी की ये कवायद आगामी पंचायत चुनाव, विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक कोटे की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखी जा रही है. ताकि पार्टी का प्रदर्शन और मज़बूत हो सके और यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई जा सके. सूत्रों के मुताबिक़ इन मोर्चों में 30-40 फ़ीसद तक फेरबदल हो सकता है.  विधानसभा चुनाव को लेकर कवायद तेज बीते दिनों बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में लखनऊ में एक बैठक भी हो चुकी हैं. जिसमें पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ट, विभागों के अध्यक्ष, महामंत्री, संयोजक व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए थे. इस बैठक में महामंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे थे. इस बैठक में विभिन्न मोर्चों में किए जाने वाले बदलाव को लेकर चर्चा की गई.  पंकज चौधरी ने इस बैठक के बाद कहा था कि पार्टी के विभिन्न विभाग और प्रकोष्ठों में काम करने वाले पदाधिकारियों को भूमिका काफी अहम होती है. संगठन में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है. समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों तक पार्टी की कार्यशैली और नीतियों की जानकारी पहुंचाने में इन मोर्चों को अहम भूमिका होता है. जिससे विभिन्न संगठन के लोग पार्टी के साथ जुड़ते हैं और पार्टी मजबूत होती है.  

मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 जल्द, 18 फरवरी को पेश होगा; यहां जानें मुख्य बिंदु

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश करेगी, जिसे वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। यह बजट रिकॉर्ड रकम और समावेशी विकास के एजेंडा के साथ तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य का अनुमानित बजट 4.63 लाख करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है। जो पिछले बजट से करीब 10 फीसदी अधिक होगा। बताते चलें कि एमपी विधानसभा बजट सत्र 16 फरवरी को शुरू होने जा रहा है और 18 फरवरी को एमपी बजट पेश किया जाएगा। बता दें कि कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मोहन यादव ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ये तो 18 फरवरी को MP Budget 2026-27 में पता चल जाएगा। MP Budget 2026-27 का फोकस क्या या क्या हो सकता है खास?     कृषि और ग्रामीण विकास- किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने वालीे योजनाओं पर     रोजगार सृजन- अनुमान जताया जा रहा है कि लगभग 50 हजार सरकारी नौकरियां निकाली जाएंगी।     युवा और कौशल- तकनीकी कौशल, उद्यमिता और नौकरियों के अन्य अवसरों पर जोर     महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएं- महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में वृद्धि की जा सकती है। केंद्रीय बजट 2026-27 – एमपी को क्या मिला? बता दें कि हाल ही पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का असर एमपी के बजट की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। माना जा रहा है कि वित्त आयोग के करों को लेकर नये फॉर्मूले के कारण एमपी को केंद्रीय कर हिस्से से करीब 7,500 करोड़ का नुकसान होने की उम्मीद है। रेलवे और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एमपी को करीब 15,188 करोड़ का आवंटन किया गया है। नगर निगमों के लिए हरित बॉन्ड प्रोत्साहन में कमी कुछ शहरी वित्तीय प्रोत्साहन में एमपी नगर निकाय लाभ से वंचित रह सकते हैं।  उम्मीदें! विश्लेषकों का कहना है कि MP Budget 2026-27 राज्य की विकास यात्रा को तेज करने वाला बजट हो सकता है। यदि इसमें रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा पर पर्याप्त निवेश होता है, खासकर उस स्थिति में जब राज्य की कर हिस्सेदारी घट चुकी है। तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी रहेगा खास बताया जा रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये अनुपूरक बजट करीब 10 हजार करोड़ का हो सकता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अनुपूरक बटज में न तो किसी नई योजना के लिए प्रावधान होगा और न ही किसी विभाग को नये वाहन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी। ऐसा कोई भी वित्तीय प्रावधान नहीं किया जाएगा। इससे राज्य के राजकोष पर अतिरिक्त बोझ पड़े।