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सोशल मीडिया की अपील रंग लाई, सीएम मोहन यादव ने दिव्यांग युवक को दिलाया स्टेडियम में मैच देखने का मौका

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर साबित किया है कि वे जनता के दिलों पर क्यों राज करते हैं। उनका मन जनता की एक आवाज पर पसीज जाता है। दरअसल, एक दिव्यांग ने प्रदेश के मुखिया से जब ये कहा कि उन्हें भारत-न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में हो रहे मैच को मैदान से लाइव देखना है, लेकिन टिकट का इंतजाम नहीं हो पा रहा, तो ये सुनते ही सीएम डॉ. यादव ने बिना कोई देर किए उनके लिए टिकट का प्रबंध कर दिया। दिव्यांग ने ये अपील वीडियो के जरिये की थी। इच्छा पूरी होने के बाद दिव्यांग ने सीएम डॉ. यादव को धन्यवाद भी दिया। गौरतलब है कि, भारत-न्यूजीलैंड मैच लाइव देखने की अपील उज्जैन के बड़नगर तहसील के गांव बमनापानी के दिव्यांग अभिषेक सोनी ने की। उन्होंने इस अपील का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लगी तो उन्होंने दिव्यांग की इच्छा पूरी करने में एक पल नहीं लगाया।   कई बार पेश की मानवता की मिसाल बता दें, जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की बागडोर संभाली है, तब से उन्होंने कई बार मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने एक आम आदमी की तरह जनता से व्यवहार किया है। सीएम डॉ. यादव कभी यूपीआई पेमेंट कर आम खरीदे देखे जा सकते हैं, तो कहीं भी जनता के साथ चाय पीते देखे जा सकते हैं। एक बार वे भुट्टा खरीदने बाजार में उतर गए और बच्चे को दुलार किया। इस वाक्ये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसी तरह एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री आवास किसी मेरा आवास नहीं, बल्कि जनता का आवास है।

भैरवनाथ मंदिर में उप मुख्यमंत्री की भव्य पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दौरे की तैयारियों का लिया जायजा भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के गुढ़ स्थित नवनिर्मित भैरवनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने गजमाला अर्पित करके भगवान भैरवनाथ की पूजा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ अत्यंत प्राचीन धार्मिक स्थल है। इसका धार्मिक के साथ-साथ पर्यटन के रूप में विकास किया जा रहा है। यहाँ दिनोंदिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से मंदिर का महत्व अपने आप स्पष्ट हो जाता है। वर्षों से भैरवनाथ की खुले में रखी प्रतिमा पर अब भव्य मंदिर तैयार हो गया है। इसका इसी महीने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकार्पण करेंगे। भैरवनाथ मंदिर रीवा के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दौरे की तैयारियों का लिया जायजा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने हेलीपैड, मुख्य कार्यक्रम स्थल तथा मंदिर का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन शामिल होंगे। वाहनों की पार्किंग, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था तथा कार्यक्रम से जुड़े अन्य प्रबंधों पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ यादव के दौरे की तैयारियों में किसी तरह की कोरकसर बाकी न रखें। मंदिर से जुड़े निर्माण कार्य 25 जनवरी तक हर हाल में पूरे कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ मंदिर धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके विकास से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विधायक गुढ़ ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मेहताब सिंह गुर्जर, स्थानीय जन प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

सड़क हादसे में मातम: तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को रौंदा, दो की गई जान

जबलपुर एमपी के जबलपुर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे काम कर रहे 13 मजदूरों को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। डिवाइडर रेलिंग लगाने का काम कर रहे थे मजदूर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला के अनुसार, यह घटना बरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिग्मा कॉलोनी के सामने एकता चौक के पास दोपहर करीब 2 बजे हुई। उस समय ये सभी मजदूर सड़क पर डिवाइडर रेलिंग लगाने के काम में लगे थे और काम के बीच में लंच कर रहे थे, तभी बेकाबू कार उन्हें रौंदते हुए निकल गई।   एक की हालत बेहद नाजुक, अन्य का इलाज जारी पुलिस ने बताया कि सभी हताहत मजदूर मंडला जिले के रहने वाले हैं। घायलों को इलाज के लिए तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।

बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में छह नक्सलियों का सफाया

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता दिलीप बेदजा समेत छह माओवादियों को मार गिराया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से शवों के साथ दो एके-47 राइफलें व अन्य हथियार व गोला-बारूद बरामद किए  हैं। राज्य में जनवरी में अब तक 20 नक्सली मारे जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में नक्सल कमांडर पापा राव और डिविजनल कमेटी सदस्य दिलीप बेदजा के होने की सूचना पर नक्सली विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान शनिवार सुबह जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की जंगली पहाड़ियों में मुठभेड़ हुई। अभियान में पुलिस की विशेष टास्क फोर्स, जिला रिजर्व गार्ड व सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। बेदजा नेशनल पार्क एरिया समिति में सक्रिय था और कई हमलों में शामिल था। इससे पहले तीन जनवरी को बीजापुर सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 नक्सलियों को मार गिराया गया था। पिछले साल छत्तीसगढ़ में कुल 285 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता दिलीप बेदजा समेत छह माओवादियों को मार गिराया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से शवों के साथ दो एके-47 राइफलें व अन्य हथियार व गोला-बारूद बरामद किए  हैं। राज्य में जनवरी में अब तक 20 नक्सली मारे जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में नक्सल कमांडर पापा राव और डिविजनल कमेटी सदस्य दिलीप बेदजा के होने की सूचना पर नक्सली विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान शनिवार सुबह जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की जंगली पहाड़ियों में मुठभेड़ हुई। अभियान में पुलिस की विशेष टास्क फोर्स, जिला रिजर्व गार्ड व सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। बेदजा नेशनल पार्क एरिया समिति में सक्रिय था और कई हमलों में शामिल था। इससे पहले तीन जनवरी को बीजापुर सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 नक्सलियों को मार गिराया गया था। पिछले साल छत्तीसगढ़ में कुल 285 नक्सली मारे गए थे।

भाजपा की पहचान पर जोर, काजीरंगा परियोजना में विकास और संरक्षण का संदेश

कालियाबोर (असम) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के काजीरंगा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालियाबोर–नुमालीगढ़ सेक्शन की 4-लेनिंग परियोजना, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने काजीरंगा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए असम की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और भाजपा सरकार की नीतियों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल उनके जीवन के सबसे खास अनुभवों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम और अगली सुबह एलिफेंट सफारी के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि असम आकर उन्हें हमेशा एक अलग तरह की खुशी मिलती है। यह धरती वीरों की धरती है और हर क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने वाले बेटे-बेटियों की भूमि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष वे झुमोइर महोत्सव में शामिल हुए थे और इस बार माघ बिहू के अवसर पर असम आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए लगातार यहां आने से भाजपा सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र को और मजबूती मिली है। राजनीतिक संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। बीते एक-डेढ़ वर्षों में पार्टी पर देश का भरोसा लगातार बढ़ा है। उन्होंने बिहार चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 वर्षों बाद भी वहां जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट और सीटें दी हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे देश के सबसे बड़े नगर निगम में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश मिला है। उन्होंने कहा, “जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के सभी चुनाव परिणामों का संदेश साफ है—देश का मतदाता आज गुड गवर्नेंस और विकास चाहता है। वह विकास के साथ-साथ विरासत पर भी फोकस करता है, इसलिए भाजपा को चुनता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ, वहां आज वह चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बनकर रह गई है। पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे होम स्टे, गाइड सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने असम सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं बड़ी चिंता थीं। 2013-14 में दर्जनों एक सींग वाले राइनो मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन दिए और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई। इसका परिणाम यह रहा कि 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई। नॉर्थ ईस्ट के विकास पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पीड़ा दूरी की रही है—दिलों की दूरी और स्थानों की दूरी। दशकों तक यहां के लोगों को लगता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने इस भावना को बदला और नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता दी। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के जरिए असम को देश से जोड़ने का काम तेज़ी से किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में असम को जहां लगभग 2000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, वहीं भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देंगी।

श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा, संगम में तैरती रही भक्ति की लहर

प्रयागराज उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर हेलीकॉप्टर के द्वारा श्रद्धालुओं के ऊपर और साधु संतों के ऊपर पुष्प वर्षा कराई गई। यह पुष्प वर्षा सनातन की आस्था को सम्मान के तौर पर कराई जा रही है। माघ महीने में मौनी अमावस्या पर करोड़ों की भीड़ को मैनेज करके स्नान कराया जा रहा है उसे श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। रात 12:00 बजे से अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई हुई है। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान और पीएसी के जवान के साथ आर ए एफ के साथ यूपी एटीएस की टीम भी स्नान घाटों पर मुस्तैदी से श्रद्धालुओं का सहयोग कर रही है। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार खुद रात्रि 12:00 बजे से मेला क्षेत्र में स्नान घाट पर भ्रमण कर रहे हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टीम को लाउड स्पीकर के माध्यम से दिशा निर्देश दे रहे हैं। ठंड पर भारी पड़ रही आस्था श्रद्धालु ठंड और कोहरे के बाद भी संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु बड़ी तादाद में संगम पहुच रहे है। संगम क्षेत्र में स्नान करने के लिए लोगो के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। त्रिवेणी के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाकर हर कोई पुण्य अर्जित करना चाहता है। मान्यता यह है कि… माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है लेकिन माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का तो बहुत विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता यह है कि इस दिन पवित्र नदी और मां का दर्जा रखने वाली गंगा मैया का जल अमृत बन जाता है। इस लिये माघ स्नान के लिये अमावस्या यानि मौनी अमावस्या को बहुत ही खास बताया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से भी चाक चौबंद प्रबंध किये गए है।

यात्रियों के लिए राहत या नई पाबंदी? चारधाम यात्रा में मोबाइल संबंधी नया निर्देश

उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की पवित्रता और अनुशासन को सुनिश्चित करने के लिए इस साल एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के भीतर मोबाइल फोन का प्रवेश वर्जित होगा। हाल के वर्षों में रील और ब्लॉग बनाने को लेकर बढ़ते विवादों और श्रद्धालुओं की एकाग्रता में पड़ने वाले खलल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मंदिर की मर्यादा पहली प्राथमिकता गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। आयुक्त ने बताया कि बदरीनाथ में 'सिंहद्वार' से आगे मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं के फोन सुरक्षित रखने के लिए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी। पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपडेट यात्रा के लिए पंजीकरण की पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी, जिसमें 60% ऑफलाइन और 40% ऑनलाइन कोटा निर्धारित है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी और एयर एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की उम्मीद छले साल 50 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए थे। इस वर्ष भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन "सुगम और सुरक्षित यात्रा" के लक्ष्य पर काम कर रहा है।  

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी; प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कीं 2 अमृत भारत ट्रेनें, क्या होगा खास

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के नगांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी और 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में गुवाहाटी से कलियाबोर पहुंचे मोदी ने काजीरंगा परियोजना के भूमि पूजन में हिस्सा लिया। एक अधिकारी ने कहा कि यह कॉरिडोर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य के निकट वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा, जबकि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।   यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबोर-नुमलिगढ़ खंड को चौड़ी करने के लिए जारी परियोजना का हिस्सा है। इसमें करीब 34.45 किलोमीटर मीटर लंबा एलिवेटेड और वन्यजीवों के अनुकूल कॉरिडोर होगा, साथ ही जखलाबंधा और बोकाखत में बाईपास भी बनाए जाएंगे। पीएम मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के एक मॉडल का भी निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ने 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (डिब्रूगढ़-गोमती नगर और कामाख्या-रोहतक) को भी डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। किन लोगों को होगी अधिक सुविधा सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार लाएंगी, यात्रा का समय कम होगा, और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री ने इससे पहले एक पोस्ट में कहा कि वह असम के कलियाबोर में प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज मैं कालियाबोर, असम के काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन को लेकर उत्सुक हूं। इससे विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।'  

इंडोनेशिया में यात्री विमान लापता होने से अफरा-तफरी

जावा. इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा और सुलावेसी द्वीप के बीच स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र के पास पहुंचते समय एक क्षेत्रीय यात्री विमान का ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। विमान में 11 व्यक्ति सवार थे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि खोज एवं बचाव अभियान जारी है। परिवहन मंत्रालय प्रवक्ता एंडाह पूर्णमा सारी ने बताया कि इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट द्वारा संचालित टर्बोप्रॉप एटीआर 42-500 विमान योग्याकार्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी जा रहा था, तभी वह रडार से गायब हो गया। बढ़ीं उम्मीदें विमान का आखिरी बार अपराह्न 1:17 बजे दक्षिण सुलावेसी प्रांत के एक पहाड़ी जिले मारोस के लेआंग-लेआंग क्षेत्र में पता चला था। सारी ने एक बयान में कहा कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी इकाइयों के सहयोग से कई खोज और बचाव दल लगाये गए हैं। माउंट बुलुसाराउंग पर पर्वतारोहियों द्वारा बिखरे हुए मलबे, इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट के चिह्न से मेल खाने वाले लोगो और घटनास्थल पर आग को देखने की सूचना के बाद मलबे का पता लगाने की उम्मीदें बढ़ गईं। कौन थे विमान में सवार दक्षिण सुलावेसी के हसनुद्दीन सैन्य कमांडर मेजर जनरल बंगुन नावोको ने कहा कि इस बारे में सूचना अधिकारियों को दे दी गई है और बचाव दल उक्त क्षेत्र तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और इसकी पुष्टि कर रहे हैं। सारी ने कहा कि एटीसी के अंतिम निर्देशों के बाद, रेडियो संपर्क टूट गया और नियंत्रकों ने आपातकालीन संकट की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने अपनी खोज उन पहाड़ों के आसपास केंद्रित की, जहां माना जाता है कि विमान सुल्तान हसनुद्दीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के अपने मार्ग से भटक गया था। उन्होंने बताया कि विमान में चालक दल के आठ सदस्य और समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के तीन यात्री सवार थे।

लन्दन की मेयर कैंडिडेट बोलीं- बुर्के वाली महिलाओं की हो जांच

लंदन. लंदन के लिए मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम ने बुर्के पर सुझाव देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। रिफॉर्म यूके की ओर से कैंडिडेट लैला ने कहा कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पुलिस द्वारा रोक कर तलाशी ली जानी चाहिए। साल 2018 में होने वाले लंदन मेयर चुनाव के लिए लैला को उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खुले समाज में चेहरा ढकने की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं। एक पॉडकास्ट में बात करते हुए लैला ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि एक खुले समाज में आपको अपना चेहरा ढकने की जरूरत है। मैंने एक बुर्का पहनी हुई महिला पर केस चलाया है। अगर कोई अपना चेहरा छिपा रहा है तो यह मान लेना चाहिए कि वह ऐसा किसी आपराधिक कारण से कर रहा है।'' उन्होंने बताया कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं और वह चेहरे को ढकने पर बैन लगाना चाहती हैं। द स्टैंडर्ड पॉडकास्ट के लिए एक इंटरव्यू में, लैला ने कहा, "अगर मैं कर पाती, तो मैं चेहरा ढकने पर बैन लगा देती, लेकिन मैं इसे स्टॉप एंड सर्च का एक कारण बनाना चाहूंगी।'' 'मुस्लिम शहर नहीं है लंदन' लैला कनिंघम ने पिछले जून में सीपीएस प्रॉसिक्यूटर के पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उन्होंने टोरीज पार्टी छोड़कर नाइजल फराज की रिफॉर्म यूके पार्टी में शामिल होने के बाद भड़काऊ राजनीतिक बयान दिए थे। पिछले हफ्ते उन्हें 2028 के चुनावों के लिए पार्टी की लंदन मेयर उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया। वह इस मई में शहर भर में होने वाले चुनावों में रिफॉर्म पार्टी को पहली लंदन काउंसिल का कंट्रोल दिलाने की कोशिश का नेतृत्व भी करेंगी। इस हफ़्ते की शुरुआत में द स्टैंडर्ड को दिए एक इंटरव्यू में, कनिंघम ने कहा कि लंदन को ब्रिटिश ही रहना चाहिए और यह मुस्लिम शहर नहीं है। 'कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है' उन्होंने कहा कि वह लंदन में यहूदी-ईसाई संस्कृति और ब्रिटिश संस्कृति को और ज्यादा मनाते हुए देखना चाहेंगी, खासकर ईस्टर पर, जिसे उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे शहर में ईस्टर एग हंट के साथ मनाया जा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि बुर्का पहनने से पुलिस को रोकने और तलाशी लेने का सही कारण मिलता है, तो उन्होंने कहा, ''हां, कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है। वे धार्मिक नहीं हैं। वे एक थोपी गई परंपरा का हिस्सा हैं और उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।''