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श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा, संगम में तैरती रही भक्ति की लहर

प्रयागराज उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर हेलीकॉप्टर के द्वारा श्रद्धालुओं के ऊपर और साधु संतों के ऊपर पुष्प वर्षा कराई गई। यह पुष्प वर्षा सनातन की आस्था को सम्मान के तौर पर कराई जा रही है। माघ महीने में मौनी अमावस्या पर करोड़ों की भीड़ को मैनेज करके स्नान कराया जा रहा है उसे श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। रात 12:00 बजे से अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई हुई है। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान और पीएसी के जवान के साथ आर ए एफ के साथ यूपी एटीएस की टीम भी स्नान घाटों पर मुस्तैदी से श्रद्धालुओं का सहयोग कर रही है। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार खुद रात्रि 12:00 बजे से मेला क्षेत्र में स्नान घाट पर भ्रमण कर रहे हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टीम को लाउड स्पीकर के माध्यम से दिशा निर्देश दे रहे हैं। ठंड पर भारी पड़ रही आस्था श्रद्धालु ठंड और कोहरे के बाद भी संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु बड़ी तादाद में संगम पहुच रहे है। संगम क्षेत्र में स्नान करने के लिए लोगो के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। त्रिवेणी के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाकर हर कोई पुण्य अर्जित करना चाहता है। मान्यता यह है कि… माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है लेकिन माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का तो बहुत विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता यह है कि इस दिन पवित्र नदी और मां का दर्जा रखने वाली गंगा मैया का जल अमृत बन जाता है। इस लिये माघ स्नान के लिये अमावस्या यानि मौनी अमावस्या को बहुत ही खास बताया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से भी चाक चौबंद प्रबंध किये गए है।

यात्रियों के लिए राहत या नई पाबंदी? चारधाम यात्रा में मोबाइल संबंधी नया निर्देश

उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की पवित्रता और अनुशासन को सुनिश्चित करने के लिए इस साल एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के भीतर मोबाइल फोन का प्रवेश वर्जित होगा। हाल के वर्षों में रील और ब्लॉग बनाने को लेकर बढ़ते विवादों और श्रद्धालुओं की एकाग्रता में पड़ने वाले खलल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मंदिर की मर्यादा पहली प्राथमिकता गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। आयुक्त ने बताया कि बदरीनाथ में 'सिंहद्वार' से आगे मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं के फोन सुरक्षित रखने के लिए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी। पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपडेट यात्रा के लिए पंजीकरण की पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी, जिसमें 60% ऑफलाइन और 40% ऑनलाइन कोटा निर्धारित है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी और एयर एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की उम्मीद छले साल 50 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए थे। इस वर्ष भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन "सुगम और सुरक्षित यात्रा" के लक्ष्य पर काम कर रहा है।  

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी; प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कीं 2 अमृत भारत ट्रेनें, क्या होगा खास

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के नगांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी और 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में गुवाहाटी से कलियाबोर पहुंचे मोदी ने काजीरंगा परियोजना के भूमि पूजन में हिस्सा लिया। एक अधिकारी ने कहा कि यह कॉरिडोर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य के निकट वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा, जबकि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।   यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबोर-नुमलिगढ़ खंड को चौड़ी करने के लिए जारी परियोजना का हिस्सा है। इसमें करीब 34.45 किलोमीटर मीटर लंबा एलिवेटेड और वन्यजीवों के अनुकूल कॉरिडोर होगा, साथ ही जखलाबंधा और बोकाखत में बाईपास भी बनाए जाएंगे। पीएम मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के एक मॉडल का भी निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ने 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (डिब्रूगढ़-गोमती नगर और कामाख्या-रोहतक) को भी डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। किन लोगों को होगी अधिक सुविधा सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार लाएंगी, यात्रा का समय कम होगा, और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री ने इससे पहले एक पोस्ट में कहा कि वह असम के कलियाबोर में प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज मैं कालियाबोर, असम के काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन को लेकर उत्सुक हूं। इससे विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।'  

इंडोनेशिया में यात्री विमान लापता होने से अफरा-तफरी

जावा. इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा और सुलावेसी द्वीप के बीच स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र के पास पहुंचते समय एक क्षेत्रीय यात्री विमान का ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। विमान में 11 व्यक्ति सवार थे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि खोज एवं बचाव अभियान जारी है। परिवहन मंत्रालय प्रवक्ता एंडाह पूर्णमा सारी ने बताया कि इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट द्वारा संचालित टर्बोप्रॉप एटीआर 42-500 विमान योग्याकार्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी जा रहा था, तभी वह रडार से गायब हो गया। बढ़ीं उम्मीदें विमान का आखिरी बार अपराह्न 1:17 बजे दक्षिण सुलावेसी प्रांत के एक पहाड़ी जिले मारोस के लेआंग-लेआंग क्षेत्र में पता चला था। सारी ने एक बयान में कहा कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी इकाइयों के सहयोग से कई खोज और बचाव दल लगाये गए हैं। माउंट बुलुसाराउंग पर पर्वतारोहियों द्वारा बिखरे हुए मलबे, इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट के चिह्न से मेल खाने वाले लोगो और घटनास्थल पर आग को देखने की सूचना के बाद मलबे का पता लगाने की उम्मीदें बढ़ गईं। कौन थे विमान में सवार दक्षिण सुलावेसी के हसनुद्दीन सैन्य कमांडर मेजर जनरल बंगुन नावोको ने कहा कि इस बारे में सूचना अधिकारियों को दे दी गई है और बचाव दल उक्त क्षेत्र तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और इसकी पुष्टि कर रहे हैं। सारी ने कहा कि एटीसी के अंतिम निर्देशों के बाद, रेडियो संपर्क टूट गया और नियंत्रकों ने आपातकालीन संकट की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने अपनी खोज उन पहाड़ों के आसपास केंद्रित की, जहां माना जाता है कि विमान सुल्तान हसनुद्दीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के अपने मार्ग से भटक गया था। उन्होंने बताया कि विमान में चालक दल के आठ सदस्य और समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के तीन यात्री सवार थे।

लन्दन की मेयर कैंडिडेट बोलीं- बुर्के वाली महिलाओं की हो जांच

लंदन. लंदन के लिए मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम ने बुर्के पर सुझाव देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। रिफॉर्म यूके की ओर से कैंडिडेट लैला ने कहा कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पुलिस द्वारा रोक कर तलाशी ली जानी चाहिए। साल 2018 में होने वाले लंदन मेयर चुनाव के लिए लैला को उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खुले समाज में चेहरा ढकने की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं। एक पॉडकास्ट में बात करते हुए लैला ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि एक खुले समाज में आपको अपना चेहरा ढकने की जरूरत है। मैंने एक बुर्का पहनी हुई महिला पर केस चलाया है। अगर कोई अपना चेहरा छिपा रहा है तो यह मान लेना चाहिए कि वह ऐसा किसी आपराधिक कारण से कर रहा है।'' उन्होंने बताया कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं और वह चेहरे को ढकने पर बैन लगाना चाहती हैं। द स्टैंडर्ड पॉडकास्ट के लिए एक इंटरव्यू में, लैला ने कहा, "अगर मैं कर पाती, तो मैं चेहरा ढकने पर बैन लगा देती, लेकिन मैं इसे स्टॉप एंड सर्च का एक कारण बनाना चाहूंगी।'' 'मुस्लिम शहर नहीं है लंदन' लैला कनिंघम ने पिछले जून में सीपीएस प्रॉसिक्यूटर के पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उन्होंने टोरीज पार्टी छोड़कर नाइजल फराज की रिफॉर्म यूके पार्टी में शामिल होने के बाद भड़काऊ राजनीतिक बयान दिए थे। पिछले हफ्ते उन्हें 2028 के चुनावों के लिए पार्टी की लंदन मेयर उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया। वह इस मई में शहर भर में होने वाले चुनावों में रिफॉर्म पार्टी को पहली लंदन काउंसिल का कंट्रोल दिलाने की कोशिश का नेतृत्व भी करेंगी। इस हफ़्ते की शुरुआत में द स्टैंडर्ड को दिए एक इंटरव्यू में, कनिंघम ने कहा कि लंदन को ब्रिटिश ही रहना चाहिए और यह मुस्लिम शहर नहीं है। 'कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है' उन्होंने कहा कि वह लंदन में यहूदी-ईसाई संस्कृति और ब्रिटिश संस्कृति को और ज्यादा मनाते हुए देखना चाहेंगी, खासकर ईस्टर पर, जिसे उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे शहर में ईस्टर एग हंट के साथ मनाया जा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि बुर्का पहनने से पुलिस को रोकने और तलाशी लेने का सही कारण मिलता है, तो उन्होंने कहा, ''हां, कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है। वे धार्मिक नहीं हैं। वे एक थोपी गई परंपरा का हिस्सा हैं और उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।''

मुंबई में जीत, असम में जश्न: BMC चुनाव परिणाम पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के कालियाबोर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन गई है। बीते एक-डेढ़ वर्षों से भाजपा पर देश का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बिहार में चुनाव हुए। वहां 20 वर्ष बाद भी जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट दिए हैं। रिकॉर्ड सीटें जिताई हैं। दो दिन पहले ही महाराष्ट्र के बड़े शहरों में मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणाम आए हैं। मुंबई जो दुनिया के सबसे बड़े निगमों में से एक है, वहां की जनता ने पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश दिया। जीत मुंबई में हो रही है, जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के अधिकतर शहरों की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया है।'   पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ समय में जितने भी चुनाव परिणाम आए हैं, उनका जनादेश स्पष्ट है। देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है, विकास चाहता है, वो विकास और विरासत दोनों पर फोकस करता है। इसलिए वो भाजपा को पसंद करता है। उन्होंने कहा, 'इन चुनावों का एक और संदेश है। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को देश लगातार नकार रहा है। जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था वहां वो आज चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है।' नॉर्थ ईस्ट के विकास पर क्या बोले पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा हमेशा दूरी की रही है। दूरी दिलों की, दूरी स्थानों की। दशकों तक यहां के लोगों को ये महसूस होता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं। इसका असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा बल्कि भरोसे पर भी पड़ा। उन्होंने कहा, 'इस भावना को बदलने का काम भाजपा ने किया। डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता बनाया। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के माध्यम से असम को जोड़ने का काम एक साथ शुरू हुआ, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसकी परवाह नहीं की। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो असम को बहुत कम रेल बजट मिलता था। लगभग 2000 करोड़ रुपये। अब भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया गया है।' PM ने प्रकृति की सुरक्षा पर दिया जोर नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है तो उसके साथ अवसर भी पैदा होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। होम स्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्त शिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को आय के नए साधन मिले हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैं असम के आप लोगों की, यहां की सरकार की एक और बात के लिए खासतौर पर तारीफ करूंगा। एक समय था जब काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं असम की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थी। 2013-14 में एक सींग वाले दर्जनों राइनो मारे गए। भाजपा सरकार ने तय किया था कि हम ये नहीं चलने देंगे, अब ऐसा नहीं चलेगा। हमने इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन मिले, निगरानी तंत्र सशक्त हुआ, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई। इसका सुखद परिणाम भी सामने आया। 2025 में राइनो के शिकार की एक भी घटना सामने नहीं आई है।'  

मौनी अमावस्या का विवाद: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का रथ रोकने से भड़के समर्थक, बैरियर क्षतिग्रस्त

प्रयागराज मौनी अमावस्या पर संगम तट पर लगे माघ मेला-2026 में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह 9 बजे तक ही करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी स्नान पर्व पर आस्था की डुबकी लगा ली थी। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई। इस बीच मौनी अमावस्या पर राजसी स्नान की तरह जुलूस निकालने पर पुलिस ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को संगम के पहले रोक दिया। प्रशासन ने 17/18 जनवरी की रात 12 बजे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर रखा है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि रथ की अनुमति नहीं ली गई थी। उधर, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस पर संतों से मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पैदल जाने का अनुरोध किया था लेकिन लोग दर्शन के लिए टूट पड़ते हैं, इससे भगदड़ की स्थिति हो जाती है। रथ रोके जाने पर शंकराचार्य समर्थकों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोंकझोंक होने लगी। इसी दौरान सूचना आई कि पुल नंबर चार का बैरियर टूट गया है। कहा गया कि शंकराचार्य के समर्थकों ने इसे तोड़ा है। हालांकि शंकराचार्य ने समर्थकों द्वारा बैरियर तोड़े जाने के आरोपों को निराधार बताया है।   संगम पर हंगामे के चलते पुलिस ने पब्लिक को डायवर्ट भी किया है। आरएएफ ने कतार लगाकर भीड़ को डायवर्ट किया। पुलिस और शंकराचार्य के समर्थकों के बीच बहस की सूचना पर बड़ी संख्या में अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि जुलूस के साथ संगम तट पर जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति की और पुलिस प्रशासन पर मनमानीपूर्ण रवैए का आरोप लगाया। काफी देर तक चली खींचतान के बाद पुलिस ने समर्थकों को वहां से खदेड़ दिया। रथ अकेला रह गया तो पुलिसकर्मी खुद बाहर ले गए। तड़के चार बजे से चल रहा है स्नान माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज है। इस मौके पर प्रयागराज के संगम स्थल पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं। ब्रह्म मुहूर्त में तड़के चार बजे से स्नान शुरू हुआ जो दिन भर चलता रहेगा। स्थानीय प्रशासन के अनुमान के मुताबिक इस साल तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे। एक दिन पहले से ही उमड़ने लगे थे श्रद्धालु इस स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम एक दिन पहले ही संगमनगरी में पहुंच गया। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो दोपहर बाद काफी बढ़ गया। शाम को तो स्थिति यह हो गई थी कि लग रहा था मानो शनिवार को ही मौनी अमावस्या हो। सिर पर गठरी लादे हुए लोग मेले के भीतर प्रवेश करते हुए दिखाई दिए। प्रशासनिक अफसरों का अनुमान है कि रविवार को स्नान के लिए साढ़े तीन से चार करोड़ श्रद्धालु आएंगे। वहीं, अफसरों का यह भी दावा है कि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले शनिवार शाम छह बजे तक 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है। मेला क्ष्रेत्र में भीड़ बढ़ने पर लागू किए गए प्रतिबंध शनिवार को दोपहर बाद जब मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी तो पुलिस और मेला प्रशासन ने उन प्रतिबंधों को लागू कर दिया, जो भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए हैं। जीटी जवाहर और तिकोनिया चौराहे से ही वाहनों का प्रवेश रोका गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज व एसपी मेला नीरज पांडेय दोपहर 12:30 बजे संगम वॉच टावर पहुंचे और भीड़ का आकलन करते हुए दिखाई दिए। दिनभर संगम पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा और स्नान का क्रम भी जारी रहा। रविवार की भीड़ से बचने के लिए श्रद्धालुओं ने पर्व से एक दिन शनिवार को ही स्नान कर लिया। दोपहर एक बजे पांटून पुल पर इतने श्रद्धालु हो गए थे कि बहुत धीरे-धीरे चलना पड़ रहा था। पांटून पुल दो से संगम आने और तीन से झूंसी जाने वाले पुलों पर केवल पैदल श्रद्धालु ही दिख रहे थे।  

इंदौर में आज होगा भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे मैच

इंदौर. भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को होने वाले वनडे मैच से पहले ही शहर में प्रशंसकों पर क्रिकेट का खुमार चढ़ गया है। इसकी एक झलक शनिवार को देखने मिली। जब से टीमें दोनों टीमें इंदौर पहुंची हैं अपने स्टार खिलाड़ियों को एक झलक पाने के लिए प्रशंसक टीम होटल और स्टेडियम के बाहर नजर आने लगे थे। बता दें कि इस समय भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर है और इंदौर में जो भी टीम जीतेगी वह सीरीज पर कब्जा करेगी। ऐसे में इस मैच के लिए रोमांच और भी बढ़ गया है। किसी भी आयोजन को इंदौर की जनता किसी उत्सव की तरह मनाती है और शनिवार को भी नजारें अलग नहीं थे। इस मैच के लिए शहर में उत्सव का माहौल नजर आ रहा है। शनिवार को भी दिनभर होलकर स्टेडियम के आसपास की सड़कें क्रिकेट प्रशंसकों से पटी रहीं। युवाओं की संख्या इसमें ज्यादा थी। कई महिला-पुरुष अपने बच्चों को भी लेकर स्टेडियम की ओर पहुंचे थे कि किसी तरह स्टार खिलाड़ियों की एक झलक मिल जाए। बुजुर्गों की संख्या भी कम नही थी। कई प्रशंसक देर रात तक स्टेडियम के बाहर रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल की जर्सी बेच रहे दुकानदारों से पसंदीदा खिलाड़ियों की जर्सी लेते भी दिखाई दिए। प्रशंसकों से घिरी टीम भारतीय टीम दोपहर के सत्र में अभ्यास के लिए होलकर स्टेडियम पहुंची थी। तभी से स्टेडियम में किसी तरह प्रवेश करने के लिए कई प्रशंसक जुगाड़ में लगे रहे। स्थिति यह हो गई कि स्टेडियम के बाहर और रेसकोर्स रोड पर बड़ी संख्या में प्रशंसक नजर आने लगे थे। करीब चार घंटे के अभ्यास के बाद जब भारतीय टीम के खिलाड़ी बस से बाहर निकलकर होटल की ओर जा रहे थे, तो प्रशंसक स्टार खिलाड़ियों की झलक पाने के लिए उमड़ पड़े और टीम बस प्रशंसकों से घिर गई। सभी मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते रहे। वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी इन्हें काबू नहीं कर पा रहे थे। बस प्रशंसकों की इस भीड़ में धीमी गति से बमुश्किल बाहर निकली। टीम के स्टेडियम से निकलने के काफी देर बाद तक प्रशंसक वहीं डटे रहे। यह भी जानें 8वां वनडे मैच खेला जाएगा होलकर स्टेडियम में 29वां अंतरराष्ट्रीय वनडे खेला जाएगा इंदौर में 7 मैच हुए हैं इंदौर के होलकर स्टेडियम में अभी तक। सभी में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। 418 रन भारत ने बनाए थे इंदौर के होलकर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में। यह भारत का अभी तक का सर्वोच्च स्कोर है। 399 रन बनाए थे भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 में, यह होलकर स्टेडियम में भारत का दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। 2023 के बाद पहली बार न्यूजीलैंड की टीम इंदौर के होलकर स्टेडियम में वनडे मैच खेलेगी। यह इस स्टेडियम में दोनों के बीच दूसरा मैच है। 90 रनों से जीती थी भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पिछले वनडे मैच में। मैच के दौरान साफ पानी की चिंता… होलकर स्टेडियम में मैच देखने आने वाले प्रशंसकों सहित तमाम लोगों के लिए स्वच्छ पानी के विशेष प्रबंध किए गए हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) द्वारा आरओ वाटर के जार स्टेडियम परिसर में लगवाए जा रहे हैं। मैच के दौरान करीब 15 हजार पानी के जार लगाए जाएंगे, जिसमें तीन लाख लीटर पानी की खपत रहेगी। साथ ही कचरा प्रबंधन के लिए भी टीम तैनात की गई है। मैच के दौरान निकलने वाले कचरे से खाद बनाने के लिए परिसर में ही पहले चरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के प्रशासनिक अधिकारी रोहित पंडित ने बताया कि स्टेडियम में होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाती है। इस बार भी आरओ का पानी प्रशंसकों के लिए निश्शुल्क उपलब्ध रहेगा। स्टेडियम परिसर में विभिन्न स्थानों पर पानी के काउंटर लगाए गए हैं, जिससे किसी भी प्रशंसक को परेशान न होना पड़े। स्टेडियम की गैलरी में पानी या अन्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। स्टेडियम में मैच के दौरान जो भी कचरा निकलता है उसे भी खाद बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। कचरे से खाद बनाने के क्रम में एक चरण स्टेडियम में ही पूरा किया जाता है। इसके लिए भी स्वच्छताकर्मियों की पूरी टीम मुस्तैद रहेगी। हमारा उद्देश्य है कि स्टेडियम में मैच देखने आने वाले बेहतर अनुभव लेकर लौटें।

महाकाल मंदिर हुआ डिजिटल, दर्शन, भस्म आरती और दान सभी सेवाएं अब एक वेबसाइट पर उपलब्ध

उज्जैन  देशभर में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर भी इससे अछूता नहीं है। हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। भीड़, लंबी कतारें, जानकारी की कमी और बुकिंग को लेकर भ्रम ये सभी समस्याएं लंबे समय से श्रद्धालुओं के सामने रही हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। मंदिर की नई आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in लॉन्च कर दी गई है। इस एक प्लेटफॉर्म के जरिए अब दर्शन, पूजन, भस्म आरती, अतिथि निवास बुकिंग और ऑनलाइन दान जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल न सिर्फ श्रद्धालुओं के अनुभव को आसान बनाएगी, बल्कि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ाएगी। नई सरकारी वेबसाइट से क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी महाकाल मंदिर की इस डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि श्रद्धालुओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म या दलालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एक ही वेबसाइट पर सभी जरूरी सेवाएं एक जगह मिलेंगी। इस वेबसाइट पर होम पेज पर जाते ही श्रद्धालुओं को साफ तौर पर ये विकल्प दिखाई देंगे शीघ्र दर्शन, भस्म आरती बुकिंग, विशेष पूजन, अतिथि निवास बुकिंग, ऑनलाइन दान, सरकारी डोमेन gov.in पर बनी यह वेबसाइट साइबर सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत मानी जा रही है। इससे फर्जी वेबसाइट और ठगी की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। शीघ्र दर्शन बुकिंग का आसान प्रोसेस महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन की मांग सबसे ज्यादा रहती है। नई वेबसाइट पर इसका प्रोसेस बेहद सरल रखा गया है, ताकि हर उम्र का व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। शीघ्र दर्शन बुक करने के लिए श्रद्धालु को सबसे पहले वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा। वहां शीघ्र दर्शन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर दर्ज कर सबमिट करना होगा। मोबाइल पर आए ओटीपी को वेरीफाई करने के बाद श्रद्धालु अपनी जरूरी जानकारी भरकर उपलब्ध स्लॉट में से अपना समय चुन सकते हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही बुकिंग कन्फर्म हो जाती है। श्रद्धालु को न तो लाइन में लगने की चिंता रहेगी और न ही किसी तरह की अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा। भस्म आरती और पूजन बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसे देखने और इसमें शामिल होने की इच्छा हर श्रद्धालु की होती है, लेकिन सीमित संख्या के कारण यह हमेशा आसान नहीं होता। नई वेबसाइट के जरिए भस्म आरती बुकिंग को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया गया है। श्रद्धालु अब पहले से उपलब्ध तारीख और स्लॉट देखकर बुकिंग कर सकते हैं। इसी तरह विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी भी वेबसाइट पर साफ शब्दों में दी गई है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि मंदिर प्रशासन को भी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। भक्त निवास परियोजना: 672 करोड़ की बड़ी योजना महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की सुविधा हमेशा एक बड़ा सवाल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए श्री महाकालेश्वर भक्त निवास परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यह परियोजना लगभग 672 करोड़ रुपये की लागत से 18.65 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है। इस विशाल परियोजना में करीब 3,000 कमरे, भोजनालय, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। नई वेबसाइट के जरिए श्रद्धालु न सिर्फ अतिथि निवास की बुकिंग कर सकेंगे, बल्कि इस परियोजना के लिए दान भी दे सकेंगे। जो लोग कमरों के निर्माण या अन्य सुविधाओं में सहयोग करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह पोर्टल एक आसान माध्यम बनेगा। दान और CSR गतिविधियों के लिए पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म महाकाल मंदिर में दान देने की परंपरा सदियों पुरानी है। अब इसे डिजिटल रूप देकर और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु ऑनलाइन दान कर सकेंगे और यह जान सकेंगे कि उनका योगदान किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाएगा। CSR गतिविधियों के लिए भी यह पोर्टल एक नया और भरोसेमंद डिजिटल चैनल साबित होगा। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और दानदाताओं का विश्वास भी मजबूत होगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि डिजिटल दान व्यवस्था से हर रुपये का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा

रायपुर कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया। परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।