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महाकाल मंदिर हुआ डिजिटल, दर्शन, भस्म आरती और दान सभी सेवाएं अब एक वेबसाइट पर उपलब्ध

उज्जैन  देशभर में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर भी इससे अछूता नहीं है। हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। भीड़, लंबी कतारें, जानकारी की कमी और बुकिंग को लेकर भ्रम ये सभी समस्याएं लंबे समय से श्रद्धालुओं के सामने रही हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। मंदिर की नई आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in लॉन्च कर दी गई है। इस एक प्लेटफॉर्म के जरिए अब दर्शन, पूजन, भस्म आरती, अतिथि निवास बुकिंग और ऑनलाइन दान जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल न सिर्फ श्रद्धालुओं के अनुभव को आसान बनाएगी, बल्कि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ाएगी। नई सरकारी वेबसाइट से क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी महाकाल मंदिर की इस डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि श्रद्धालुओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म या दलालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एक ही वेबसाइट पर सभी जरूरी सेवाएं एक जगह मिलेंगी। इस वेबसाइट पर होम पेज पर जाते ही श्रद्धालुओं को साफ तौर पर ये विकल्प दिखाई देंगे शीघ्र दर्शन, भस्म आरती बुकिंग, विशेष पूजन, अतिथि निवास बुकिंग, ऑनलाइन दान, सरकारी डोमेन gov.in पर बनी यह वेबसाइट साइबर सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत मानी जा रही है। इससे फर्जी वेबसाइट और ठगी की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। शीघ्र दर्शन बुकिंग का आसान प्रोसेस महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन की मांग सबसे ज्यादा रहती है। नई वेबसाइट पर इसका प्रोसेस बेहद सरल रखा गया है, ताकि हर उम्र का व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। शीघ्र दर्शन बुक करने के लिए श्रद्धालु को सबसे पहले वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा। वहां शीघ्र दर्शन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर दर्ज कर सबमिट करना होगा। मोबाइल पर आए ओटीपी को वेरीफाई करने के बाद श्रद्धालु अपनी जरूरी जानकारी भरकर उपलब्ध स्लॉट में से अपना समय चुन सकते हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही बुकिंग कन्फर्म हो जाती है। श्रद्धालु को न तो लाइन में लगने की चिंता रहेगी और न ही किसी तरह की अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा। भस्म आरती और पूजन बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसे देखने और इसमें शामिल होने की इच्छा हर श्रद्धालु की होती है, लेकिन सीमित संख्या के कारण यह हमेशा आसान नहीं होता। नई वेबसाइट के जरिए भस्म आरती बुकिंग को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया गया है। श्रद्धालु अब पहले से उपलब्ध तारीख और स्लॉट देखकर बुकिंग कर सकते हैं। इसी तरह विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी भी वेबसाइट पर साफ शब्दों में दी गई है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि मंदिर प्रशासन को भी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। भक्त निवास परियोजना: 672 करोड़ की बड़ी योजना महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की सुविधा हमेशा एक बड़ा सवाल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए श्री महाकालेश्वर भक्त निवास परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यह परियोजना लगभग 672 करोड़ रुपये की लागत से 18.65 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है। इस विशाल परियोजना में करीब 3,000 कमरे, भोजनालय, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। नई वेबसाइट के जरिए श्रद्धालु न सिर्फ अतिथि निवास की बुकिंग कर सकेंगे, बल्कि इस परियोजना के लिए दान भी दे सकेंगे। जो लोग कमरों के निर्माण या अन्य सुविधाओं में सहयोग करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह पोर्टल एक आसान माध्यम बनेगा। दान और CSR गतिविधियों के लिए पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म महाकाल मंदिर में दान देने की परंपरा सदियों पुरानी है। अब इसे डिजिटल रूप देकर और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु ऑनलाइन दान कर सकेंगे और यह जान सकेंगे कि उनका योगदान किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाएगा। CSR गतिविधियों के लिए भी यह पोर्टल एक नया और भरोसेमंद डिजिटल चैनल साबित होगा। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और दानदाताओं का विश्वास भी मजबूत होगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि डिजिटल दान व्यवस्था से हर रुपये का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा

रायपुर कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया। परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सिगरेट-बीड़ी पैकेट पर दिखता है ये नंबर, 1 करोड़ लोग कर चुके हैं कॉल, जानिए क्विट-लाइन का क्या काम है

नई दिल्ली Tobacco Quitline Number: अगर आपने ध्यान से सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या तंबाकू और इससे बने उत्पादों के पैकेट देखा हो तो मालूम होगा कि इन सभी पैकेट्स पर एक नंबर लिखा होता है और इसके पास लिखा होता है क्विट लाइन नंबर. क्या कभी आपने सोचा है कि यह नंबर इन पैकेट्स पर क्यों लिखा होता है और क्या कभी कोई व्यक्ति इस नंबर पर कॉल भी करता है, और अगर कॉल करता भी है तो उसका क्या फायदा होता है? नहीं! तो आइए जानते हैं.. दिल्ली के वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट (VPCI) के डायरेक्टर प्रोफेसर राजकुमार ने बताया कि तंबाकू उत्पादों के पैकेटों पर दर्ज यह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत नेशनल टोबैको क्विट हेल्पलाइन (1800-112-356) नंबर है जो तंबाकू छोड़ने में लोगों की मदद करता है. यह टोल फ्री नंबर है, जिस पर अगर कोई व्यक्ति कॉल करता है तो वह कॉल तुरंत काउंसलर्स के पास जाती है और फिर आगे का काम ये काउंसलर्स करते हैं. ये लोग तंबाकू छोड़ने का मन बना चुके लोगों की लगातार काउंसलिंग करते हैं और 9 महीने तक फॉलोअप करते हैं. वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट डे के मौके पर प्रोफेसर राजकुमार ने बताया कि अस्पताल की इस हेल्पलाइन पर अभी तक 1 करोड़ लोग फोन कर चुके हैं. इनमें से 6 लाख लोग ऐसे थे, जिन्हें तंबाकू छोड़ने के लिए काउंसलिंग दी गई और इनमें से करीब 35 फीसदी लोग तंबाकू छोड़ पाए. तंबाकू छोड़ने वाले लोगों में बीड़ी-सिगरेट या बिना धुएं वाला तंबाकू छोड़ने वाले सभी लोग शामिल हैं. वे कहते हैं कि यह देश की सबसे प्रभावी तंबाकू क्विट हेल्पलाइन है लेकिन लोगों को इसके बारे में नहीं पता. सबसे बड़ी बात है कि यह हर उस उत्पाद पर मौजूद है जिसमें तंबाकू है. शुरुआत में यह सेवा VPCI से शुरू की गई थी, लेकिन इसकी सफलता के बाद इसके तीन आउटरीच सेंटर बेंगलुरु के निमहांस, मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर इंस्टीट्यूट और गुवाहाटी के रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट में खोले गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को और कई भाषाओं में मदद मिल सके. कब से कब तक काम करता है यह क्विट लाइन नंबर यह हेल्पलाइन नंबर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक काम करता है. सोमवार को यह बंद रहता है. फिलहाल यह 15 भारतीय भाषाओं में काउंसलिंग की सुविधा देती है.इसकी पहचान बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि हेल्पलाइन नंबर सभी तंबाकू उत्पादों पर छापा जाए. ऐसे में जब भी कोई व्यक्ति तंबाकू का पैकेट उठाता है और छोड़ने के बारे में सोचता है, तो मदद का नंबर उसे वहीं मिल जाता है. कब शुरू हुई क्विटलाइन प्रोफेसर कुमार ने बताया कि यह क्विटलाइन 2016 में शुरू की गई थी. इसमें सिर्फ फोन पर काउंसलिंग ही नहीं दी जाती बल्कि बल्कि यह व्यक्ति के तंबाकू छोड़ने के पूरे सफर में उसके साथ रहती है और लगातार 7 दिन, 1 महीना, 3 महीने और 9 महीने तक फॉलोअप करती है और यही चीज इसे सफल बनाती है.

दावोस में CM मोहन के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शुरू करेगा वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम-2026 में निवेश अभियान

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक बार फिर वैश्विक निवेश केंद्र वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को राज्य की विकास नीति का केंद्र बनाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते एक वर्ष में देश-विदेश में निरंतर निवेश संवाद किया है। अब जनवरी में दावोस दौरे के माध्यम से मध्यप्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक उद्योग जगत से संवाद कर म.प्र. आमंत्रित किया जायेगा। इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “A Spirit of Dialogue” रखी गई है, जो सहयोग और साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करती है। इसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश अपनी सहभागिता के साथ दावोस में निवेश-केंद्रित संवाद, नीति प्रस्तुतिकरण और रणनीतिक साझेदारियों पर फोकस करेगा। लगभग पांच वर्षों बाद राज्य सरकार की औपचारिक भागीदारी को वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की नई आर्थिक ऊर्जा और प्रशासनिक तत्परता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को दावोस में वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है। दावोस में मध्यप्रदेश की सहभागिता के दौरान एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, पर्यटन विभाग और नीति सलाहकार सक्रिय रूप से वन-टू-वन मीटिंग्स, सेक्टोरल राउंडटेबल्स और कॉर्पोरेट सत्रों में भाग लेंगे। वैश्विक सीईओ और अध्यक्षों के साथ बैठकों में औद्योगिक विस्तार, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन पर चर्चा होगी। मीडिया इंटरैक्शन के माध्यम से मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्राथमिकताओं और निवेश-अनुकूल वातावरण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश विशेष रूप से कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक-फार्मा-हेल्थकेयर, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन उद्योग, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, रियल एस्टेट, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, होल्डिंग कंपनियों, शिक्षा और खेल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश संवाद करेगा। “लोकल टू ग्लोबल” रणनीति के तहत मध्यप्रदेश अपने संसाधनों और कुशल मानव-शक्ति को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगा। दावोस एजेंडे में ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अडानी समूह के साथ मुरैना विद्युत वितरण से जुड़े एमओयू, अडानी डिफेंस के साथ रक्षा उत्पादन में सहयोग, स्विट्ज़रलैंड की शिवाग एजी को औद्योगिक भूमि आवंटन, डीपी वर्ल्ड (यूएई) के साथ स्ट्रेटेजिक लॉजिस्टिक्स हब और फ्रांस की सानोफी द्वारा भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से मध्यप्रदेश में सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन (C4IR) की स्थापना का प्रस्ताव भी इस दौरे का प्रमुख आकर्षण है। कृषि-प्रौद्योगिकी, फूड प्रोसेसिंग, जलवायु अनुकूलन और सतत विकास पर केंद्रित इस केंद्र को लेकर 19 जनवरी को एमपीआईडीसी और वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के बीच एमओयू हस्ताक्षर प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश की दावोस सहभागिता का केंद्र बिंदु राज्य के प्राथमिक फोकस सेक्टर्स को वैश्विक निवेश मानचित्र से जोड़ना है। कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग, हेल्थकेयर, रियल एस्टेट और निर्यात उन्मुख उद्योगों में निवेश के अवसरों को रणनीतिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे निवेश को आकर्षित करना है जो तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे। दावोस में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, नीति-स्थिर और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

8वां वेतन आयोग: जानें, लेवल 1 से 18 तक कर्मचारियों की सैलरी में क्या बढ़ोतरी हो सकती है

 नई दिल्‍ली 8वें वेतन आयोग की मंजरी मिलने के बाद कमर्चारी यह जानने की उत्‍सुक हैं कि उनकी सैलरी कितनी बढ़ जाएगी. हालांकि अभी तक 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्‍ट्रक्चर या सैलरी बढ़ोतरी के बारे में कोई अधिकार‍िक जानकारी सामने नहीं आई है, सिर्फ एक्‍सपर्ट्स कैलकुलेशन के माध्‍यम से अनुमान लगाया जा रहा है कि कि 8वां वेतन आयोग के तहत कितनी सैलरी बढ़ सकती है. आइए जानते हैं ग्रुप A, B, C और D लेवल के कर्मचारियों की कितनी सैलरी बढ़ सकती है .  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति इसे तय करेगी. इसे बाद केंद्र सरकार इसकी समीक्षा करेगी और यह पूरी प्रक्रिया 2027 की दूसरी छमाही तक पूरा होने की उम्‍मीद है.  कितनी रह सकता है फिटमेंट फैक्‍टर?  एक्‍सपर्ट्स की राय है कि 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्‍टर 1.70 से 2.86 के बीच रह सकता है और इसे सभी लेवल के कर्मचारियों पर एक समान तौर पर लागू किया जा सकता है. उनका कहना है कि समान फिटमेंट फैक्टर से सभी कर्मचारियों को बराबर लाभ मिलता है, लेकिन उच्च पदों पर रुपये में बढ़ोतरी अधिक होती है.  किसकी कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  2.15 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी बढ़ोतरी      लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए ₹18,000 से ₹38,700 यानी कि कुल ₹20,700 की बढ़ोतरी हो सकती है.     लेवल 10 के कर्मचारियों के लिए ₹56,100 से  ₹1,20,615 यानी कि ₹64,515 की बढ़ोतरी हो सकती है.      लेवल 18 के कर्मचारियों के लिए ₹2,50,000 से ₹5,37,500  यानी कि ₹2,87,500 की बढ़ोतरी हो सकती है.  2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित सैलरी      लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए ₹18,000 से ₹51,480 यानी ₹33,480 का इजाफा होगा.      लेवल 3 के कर्मचारियों के लिए ₹21,700 से बढ़कर ₹62,062 यानी ₹40,362 का इजाफा होगा.      लेवल 6 के कर्मचारियों के लिए ₹35,400 से बढ़कर  ₹1,01,244 यानी ₹65,844 का इजाफा होगा.      लेवल 10 के कर्मचारियों के लिए ₹65,844 से बढ़कर ₹1,60,446 यानी ₹1,04,346 का इजाफा होगा.  1.7 फिटमेंट फैक्टर पर निचले कर्मचारियों की सैलरी     लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹30,600      लेवल 3 के कर्मचारियों के लिए सैलरी ₹21,700 से बढ़कर ₹36,890     लेवल 6 के कर्मचारियों के लिए सैलरी ₹35,400 से बढ़कर ₹60,000  

इंदौर का होलकर स्टेडियम: 20 साल में 7 मैचों में 7 जीत, न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया की अपराजेय फॉर्म

इंदौर  साल 2006 से लेकर 2023 के बीच इंदौर के होलकर स्टेड‍ियम में कुल 7 वनडे मुकाबले हुए हैं. अब एक और मुकाबला होना है, जो रव‍िवार (18 जनवरी 2026) को है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह मुकाबला 'ड‍िसाइडर वनडे' है. क्योंकि जो भी टीम जीती वो सीरीज अपने नाम करेगी. लेकिन इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के ल‍िए 20 सालों के दरम्यान सुपरलकी रहा है. वजह यह है कि भारतीय टीम कभी भी यहां कोई वनडे मुकाबला नहीं हारी है. यानी यहां टीम इंड‍िया का क‍िला अभेद्य है. कुल मिलाकर यहां हमारी टीम का राज चलता है. 3 वनडे मैचों की सीरीज में वडोदरा में भारतीय टीम 4 विकेट से जीती, इसके बाद राजकोट में न्यूजीलैंड की टीम ने 7 विकेट से जीत दर्ज की. अब सीरीज 1-1 से बराबर है. यानी अब अब सब कुछ रव‍िवार को तय हो जाएगा.  इत‍िहास के पन्ने खंगाले जाएं तो इंदौर का होलकर क्रिकेट स्टेडियम भारतीय क्रिकेट टीम के लिए हमेशा से लकी वेन्यू साबित हुआ है. यहां खेले गए वनडे मुकाबलों में भारत ने अब तक एक भी मैच नहीं हारा है. साल 2006 से लेकर 2023 तक यहां कुल 7 वनडे मैच खेले गए, और सभी में टीम इंडिया को जीत मिली. इस शानदार सिलसिले की शुरुआत 15 अप्रैल 2006 को इंग्लैंड के खिलाफ हुई, जब भारत ने 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया. इसके बाद 2008 में इंग्लैंड को ही 54 रन से हराया गया. साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने 153 रन की बड़ी जीत दर्ज की, जो इस मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी जीतों (रनों के ल‍िहाज) से एक है. 2015 में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को भी भारत ने 22 रन से शिकस्त दी. 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट से जीत दर्ज की गई, जबकि 2023 में न्यूजीलैंड को 90 रन से हराकर भारतीय टीम ने अपनी दबदबा कायम रखा. इस मैदान पर सबसे हालिया मुकाबला भारतीय टीम ने 24 सितंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें भारत ने 99 रन से शानदार जीत हासिल की. इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने दमदार प्रदर्शन किया. भारत ने यहां 5 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करते हुए तो 2 मुकाबले रनचेज करते हुए जीते हैं. यही वजह है कि इंदौर का यह मैदान टीम इंडिया के लिए एक “अटूट क‍िला” बन चुका है. इंदौर में हुए वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम कप प्रदर्शन      24 सितंबर 2023 : भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 99 रन से हराया (ODI -4654)     24 जनवरी 2023 : भारत ने न्यूज़ीलैंड को 90 रन से हराया (ODI -4511)     24 सितंबर 2017 : भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से रौंदा (ODI -3914)     14 अक्टूबर 2015 : भारत ने साउथ अफ्रीका को 22 रन से हराया (ODI -3692)     8 दिसंबर 2011 : भारत ने वेस्टइंडीज को 153 रन से रौंदा (ODI -3223)     17 नवंबर 2008 : भारत ने इंग्लैंड को 54 रन से दी श‍िकस्त (ODI -2777)     15 अप्रैल 2006 : भारत ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराया (ODI -2362) इंदौर में वनडे में सबसे ज्यादा रन किसने बनाए?  इंदौर के होलकर स्टेड‍ियम में वनडे में सबसे ज्यादा रन वीरेंद्र सहवाग के नाम है. उन्होंने 2 मैचों में 220 रन बनाए हैं, इसमें उनका रिकॉर्ड 219 रन वाला दोहरा शतक भी शामिल हैं. मौजूदा वनडे कप्तान शुभमन गिल का बल्ला भी यहां गरजा है और उन्होंने 2 मैचों में 216 रन बनाए हैं, दोनों ही बार उनका शतक आया है. रोहित शर्मा ने यहां 5 मैचों की 5 पार‍ियों में 205 रन बनाए हैं, इसमें उनका एक शतक शामिल है. वहीं न्यूजीलैंड के डेवॉन कॉन्वे ने यहां एक मुकाबला खेला है, जिसमें उन्होंने 138 रन बनाए हैं.  श्रेयस अय्यर ने भी यहां एक मैच खेला है और शतक जड़ते हुए 105 रन बनाए हैं. विराट कोहली के आंकड़ें यहां चिंताजनक हैं, उन्होंने यहां 4 मुकाबलों में महज 99 रन बनाए हैं, ऐसे में वो इस रिकॉर्ड को सही करना चाहेंगे.  इंदौर के होलकर स्टेड‍ियम से जुड़े द‍िलचस्प आंकड़े  -एस श्रीसंत का सर्वश्रेष्ठ वनडे गेंदबाजी प्रदर्शन 6/55 यहीं आया था.  -इस मैदान पर एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर 418/5 है. जो साल 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ बनाया. यही भारत का वनडे में सर्वश्रेष्ठ टीम स्कोर है.  – इस मैदान पर किसी टीम का सबसे कम स्कोर 217 है, जो ऑस्ट्रेल‍िया ने साल 2023 में बनाया था.  भारत vs न्यूजीलैंड H2H कुल ODI मैच: 122      भारत ने जीते: 63     न्यूजीलैंड ने जीते: 51  बेनतीजा: 7 टाई: 1 भारत vs न्यूजीलैंड H2H (भारत में)  कुल ODI मैच: 42 भारत ने जीते: 32     न्यूजीलैंड ने जीते: 9     बेनतीजा: 1 भारत vs न्यूजीलैंड ODI सीरीज का शेड्यूल  11 जनवरी: पहला वनडे, वडोदरा (भारत 4 विकेट से जीता)  14 जनवरी: दूसरा वनडे, राजकोट (न्यूजीलैंड 7 विकेट से जीता) 18 जनवरी: तीसरा वनडे, इंदौर 

मध्य प्रदेश में ओवररेटिंग और कर चोरी पर शिकंजा, शराब की हर बोतल पर लगेगा स्मार्ट होलोग्राम

भोपाल  मध्य प्रदेश में शराब के कारोबार को माफिया के चंगुल और अनियमितताओं से मुक्त करने के लिए आबकारी नीति में डिजिटल का समावेश कर ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली को अनिवार्य कर रहे है। इसके तहत शराब की हर बोतल पर एक ऐसा स्मार्ट यूनिक होलोग्राम लगाया जाएगा, जिससे बोतल की डिस्टिलरी से निकलने से लेकर ग्राहक के हाथ में पहुंचने तक की पूरी यात्रा को ट्रैक (Liqour Bottle Tracking) किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से न केवल नकली शराब और कर चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि सालों से जारी 'ओवररेटिंग' के खेल को भी खत्म किया जा सकेगा। हालांकि क्यूआर कोड और ट्रैकिंग सिस्टम की बातें पिछले साल भी हुई थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर सिस्टम वैसा ही पुराना और मैनुअल बना रहा, जिसका फायदा उठाकर ठेकेदार मनमानी करते रहे। डिस्टिलरी से दुकान तक काम करेगा सिस्टम नई व्यवस्था के तहत वितरण, भंडारण और बिरी की पूरी प्रक्रिया को एक ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। हर बोतल पर लगा होलोग्राम (Smart Hologram), क्यूआर कोड स्कैन करते ही विभाग के सर्वर पर डेटा फ्लैश होगा कि शराब किस डिस्टिलरी में बनी, किस वेयरहाउस से सप्लाई हुई. और किस दुकान से किस समय बेची गई। 18 हजार करोड़ के राजस्व पर नजर प्रदेश में वर्तमान में करीब 3,500 शराब दुकानें संचालित हैं। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 18,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि ऑनलाइन ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सफल रही, तो राजस्व में भारी उछाल आएगा और लीकेज पूरी तरह बंद हो जाएगा। इनका पालन सख्ती से नहीं आबकारी विभाग का पिछला रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी कहता है। वर्ष 2025-26 की नीति में हर दुकान पर पॉइंट ऑफ सेल मशीन अनिवार्य की गई थी ताकि हर बोतल का बिल कटे और डिजिटल रिकॉर्ड रहे। लेकिन एक साल बाद भी यह नियम कागजों से बाहर नहीं निकल सका।  अवैध बिक्री पर लगेगी रोक आबकारी विभाग का फोकस अब पूरी तरह पारदर्शिता पर है। नई व्यवस्था में हर बोतल पर यूनिक होलोग्राम रहेगा, जिससे उसकी पूरी मूवमेंट ट्रैक होगी। इससे अवैध बिक्री, ओवररेटिंग और टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण होगा। उड़नदस्तों को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है। – संदीप शर्मा, उपायुक्त, संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी, आबकारी विभाग

गोपाल भर्गव का अनोखा कदम: भोपाल में मरीजों के लिए बनाया सरकारी बंगला, परिवार के लिए नहीं

 भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और रहली सीट से बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने अपने भोपाल स्थित सरकारी बंगले को पूरी तरह से मरीजों और उनके परिजनों के लिए समर्पित कर दिया है. पिछले 23 साल से जारी यह मिशन अब और आधुनिक और सुविधायुक्त हो गया है. भार्गव की पुत्रवधु शिल्पी भार्गव ने इस आवास में एक अनोखा बदलाव किया है. उन्होंने दिल की बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए एक खास किड्स गेस्ट रूम डिजाइन करवाया है, जो प्ले स्कूल की तरह दिखता है. यही नहीं, दीवारों पर कार्टून पेंटिंग्स, खिलौने और झूले लगाए गए हैं ताकि गंभीर बीमारी के बीच भी बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे.  गोपाल जी की रसोई' और रुकने का इंतजाम फ्री  बंगले में मरीजों के लिए सिर्फ छत ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक भोजन की भी व्यवस्था है. बंगले के बड़े हिस्से में 70 नए बेड, फ्रेश चादर, तकिया और कंबलों का इंतजाम भी है. इसके अलावा, यहां रुकने वाले मरीज और उनके परिजनों के लिए 'गोपाल जी की रसोई' भी बनाई गई है. इसमें मटर पनीर, मलाई कोफ्ता से लेकर दलिया और खिचड़ी तक, घर जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन दिया जाता है. ठहरने से लेकर नाश्ता और दोनों समय का भोजन पूरी तरह मुफ्त है.  बच्चों के लिए प्ले स्कूल की तरह बनाया गेस्ट रूम गोपाल भार्गव की पुत्रवधु शिल्पी भार्गव ने बीमार बच्चों विशेषकर जिन्हें दिल से जुड़ी बीमारियां हैं उनके ठहरने के लिए एक खास गेस्ट रूम प्ले स्कूल की तर्ज पर तैयार कराया है। इस किड्स गेस्ट रूम में बच्चों के लिए झूला, खिलौने से लेकर बच्चों के लिए स्पेशल बेड की व्यवस्था की है। बीमार बच्चों का मूड ठीक रखने के लिए दीवारों पर कार्टून और आकर्षक पेंटिंग्स बनवाई हैं। मरीजों के लिए 50 बिस्तर गोपाल भार्गव के बंगले में बीमार मरीजों के लिए 50 बिस्तरों के तीन हॉल रेनोवेट कराए गए हैं। इस बंगले में मरीजों के रुकने से लेकर आने-जाने के लिए एम्बुलेंस, भोजन और राजधानी के अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं। मरीजों के लिए खास मेन्यू भार्गव के बंगले में इलाज के पहले और बाद में रुकने वाले मरीजों के लिए सुबह नाश्ते, चाय के साथ दो टाइम फ्री भोजन की व्यवस्था है। इसे गोपाल जी की रसोई नाम दिया है। इस किचन में अलग-अलग दिनों में मरीजों के लिए मलाई कोफ्ता, मटर पनीर, पालक पनीर, शाही पनीर, बैगन भर्ता, बैगन मसाला, सेव टमाटर, आलू टमाटर, आलू पालक, भिंडी, आलू मैथी की भाजी, कढ़ी-पकौड़ा, बूंदी रायता, दाल तड़का, दाल फ्राइ, दाल मखनी, मूंग दाल, दलिया, जीरा राइस, हलवा, खिचड़ी, गरम रोटियों के साथ अचार, पापड़, चटनी और सलाद परोसा जाता है। हर रविवार को तीन एम्बुलेंस से भोपाल पहुंचते हैं मरीज गोपाल भार्गव के गृह नगर गढ़ाकोटा स्थित निज निवास गणनायक से तीन एम्बुलेंस हर रविवार को भोपाल के लिए मरीजों को लेकर रवाना होती हैं। जिन मरीजों को भोपाल में इलाज के लिए आना होता है वे गढ़ाकोटा आवास पर रजिस्ट्रेशन कराते हैं। रविवार सुबह 10 बजे तक गढ़ाकोटा पहुंचने के बाद मरीजों को एम्बुलेंस से भोपाल रवाना कर दिया जाता है। भोपाल में भार्गव के बंगले पर पहुंचते ही कर्मचारी मरीजों का पंजीयन करते हैं। इसमें मरीज का आधार कार्ड, बीमारी की जानकारी लेकर मरीज से इलाज के लिए अस्पताल का नाम पूछते हैं। फिर जांचें कराकर इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती करा दिया जाता है। आने-जाने, रुकने-खाने और इलाज सब फ्री गोपाल भार्गव के क्षेत्र के मरीजों को गढ़ाकोटा, रहली से भोपाल तक आने-जाने की व्यवस्था फ्री है। भोपाल में रुकने और भोजन भी निशुल्क है। इलाज की व्यवस्था आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री सहायता से कराई जाती है यदि इन माध्यमों से भी इलाज में मदद नहीं मिल पाई तो गोपाल भार्गव अपने निजी फंड से इलाज की व्यवस्था करते हैं। 'फ्री एंबुलेंस' की सुविधा   हर रविवार सुबह 11 बजे गढ़ाकोटा (सागर जिला) स्थित 'गणनायक' निवास से एंबुलेंस मरीजों को लेकर करीब 250 किमी का सफर कर भोपाल आती है. भोपाल में मरीजों को अस्पताल ले जाने और वापस लाने के लिए निजी वाहन और एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहते हैं. बंगले पर प्राथमिक इलाज, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और इमरजेंसी के लिए सेवक मौजूद रहते हैं.  निजी खर्च और आयुष्मान का साथ गोपाल भार्गव के अनुसार, सरकारी बंगले का ढांचा भले ही सरकारी हो, लेकिन अंदर की तमाम व्यवस्थाएं, बिस्तर, एंबुलेंस का ईंधन और भोजन का खर्च वह खुद के निजी फंड से वहन करते हैं. पहले आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद ली जाती है, अगर वहां से संभव न हो तो भार्गव स्वयं इलाज का खर्च उठाते हैं. भार्गव ने बताया कि दुर्भाग्यवश यदि किसी मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम तक पहुंचाने के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था भी निशुल्क है.  विधायक गोपाल भार्गव ने बताया कि यह मिशन 2004 से निरंतर जारी है. अब तक तकरीबन 30 हजार गरीब मरीज इस व्यवस्था का लाभ उठा चुके हैं. उनका मानना है कि यह सब इंतजाम इसलिए किए जा रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे और न ही इलाज के बोझ तले कर्जदार बने.

बांग्लादेश चुनाव प्रचार में विवाद: ‘हिंदुओं को वोट देना जायज नहीं’, कट्टरपंथियों के उकसाने वाले बयान

ढाका  बांग्लादेश पिछले साल 11 दिसंबर को चुनाव का ऐलान होने के बाद से ही हिंसा का एक नया चरण शुरू हो गया है. उस्मान हादी नाम के एक युवा नेता के ऊपर हमले और 18 दिसंबर को उसकी मौत के बाद से यह और भी बढ़ गया. यह 2024 में शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने के बाद नए प्रकार का वायलेंस है, जिसमें अल्पसंख्यक खासकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है. बांग्लादेश मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 45 दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की 15 घटनाएं हो चुकी हैं. शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से यह देश में पहला चुनाव है, जो 12 फरवरी को होगा. इसे लेकर कट्टरपंथी बयान भी सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बांग्लादेश के कुछ मौलवी और सार्वजनिक वक्ता हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं.  देश के आम चुनावों से पहले मतदाताओं से हिंदू या गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का समर्थन न करने की अपील कर रहे हैं. ऐसे ही एक वीडियो में, कोई मौलवी, किसी टॉक शो के दौरान किसी सवाल का जवाब दे रहा है, जिसमें उससे पूछा जाता है कि क्या हिंदू को वोट दिया जा सकता है. इस पर मौलवी कहता है कि हिंदू को वोट देना जायज नहीं है. किसी भी काफिर को वोट देना इस्लाम में हराम है. ऐसा करना कुफ्र को बढ़ावा देना है.   एक और क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें, मौलवियों को हिंदू धार्मिक स्थलों और संस्थानों के खिलाफ खुली धमकियां देते हुए सुना जा सकता है. वह मंच पर खड़े होकर कहता है, “बांग्लादेश में मंदिरों का नष्ट होना तय है, उनकी मूर्तियों का नष्ट होना तय है. कोई भी हिंदू बांग्लादेश में नहीं रह सकता, कोई भी इस्कॉन (ISKCON) नहीं रह सकता. दिल्ली के दलालों को दिल्ली वापस चले जाना चाहिए.” बांग्लादेश में इस्कॉन की बांग्लादेश में अच्छी खासी मौजूदगी है. शेख हसीना की सरकार जाने के बाद, इसके मंदिरों पर हमला किया गया था और पुजारियों को भी निशाना बनाया गया था.  प्रभात खबर इस वीडियो की पहचान या प्रसारण की तारीख की पुष्टि नहीं कर सका कि ये कब के हैं. क्या यह चुनाव के समय के हैं, या पहले के. हालांकि ये वायरल अभी ही हो रहे हैं. ये वीडियो ऐसे समय सामने आए हैं जब हाल के हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर की गई हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला सामने आई है, जिस पर नई दिल्ली और मानवाधिकार संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं. बांग्लादेश में पिछले लगभग 1 महीनें 5 हिंदुओं की मौत बांग्लादेश में चुनावों की घोषणा के बाद से बीते कुछ हफ्तों में कम से कम पांच हिंदू पुरुषों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या हुई है. हालिया घटनाओं में, उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश के नाओगांव जिले में 25 वर्षीय हिंदू युवक मिथुन सरकार की मौत हो गई, जब वह चोरी का आरोप लगाने वाली भीड़ से बचने के लिए एक नहर में कूद गया. 5 जनवरी को पलाश उपजिला में हत्या किए गए 40 वर्षीय किराना दुकानदार मणि चक्रवर्ती. उसी दिन जेसोर में गोली मारकर हत्या किए गए 38 वर्षीय आइस फैक्ट्री मालिक और दैनिक बीडी खबर के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी. अमृत मंडल नाम के एक युवक की हत्या कर दी गई, जिस पर उगाही करने का आरोप लगाया गया था. 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास, जिन्हें 31 दिसंबर को काटकर मार डाला गया और आग लगा दी गई थी, बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई. वहीं इससे पहले, 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की बेरहमी से लिंचिंग की गई थी. इन मौतों के अलावा कई घरों को आग भी लगाई गई. भारत ने सख्ती से निपटने की की मांग की भारत ने इन हत्याओं के बाद बांग्लादेश से देश में सांप्रदायिक घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने का आग्रह किया है. नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे बार-बार के हमलों के एक बेहद चिंताजनक पैटर्न को लगातार देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से तेजी और सख्ती से निपटा जाना चाहिए. जायसवाल ने इस महीने यह भी कहा कि इन मामलों की उपेक्षा केवल अपराधियों को और साहस देती है तथा अल्पसंख्यकों के बीच भय और असुरक्षा की भावना को गहरा करती है. इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है. ब्रिटेन में भी उठी कार्रवाई की मांग ब्रिटेन सरकार ने बांग्लादेश में हो रही हर प्रकार की हिंसा की कड़ी आलोचना करते हुए वहां शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और भरोसेमंद चुनाव कराने की अपील की है. बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की हत्याओं का मुद्दा ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में उठाया गया. विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने गुरुवार को संसद में बयान देते हुए लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करे और यह सुनिश्चित करे कि फरवरी में होने वाले चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों. ब्रिटिश हिंदुओं के लिए बने सर्वदलीय संसदीय समूह (APPG) के अध्यक्ष ब्लैकमैन ने सांसदों से कहा कि हिंदुओं की हत्याओं और उनके मंदिरों को जलाए जाने की “डरावनी और भयावह स्थिति” ने उन्हें गहरे तौर पर झकझोर दिया है. उन्होंने कहा कि सड़कों पर खुलेआम हिंदुओं की हत्या की जा रही है, उनके घरों को आग के हवाले किया जा रहा है, मंदिरों को जलाया जा रहा है और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार हो रहा है. जनमत संग्रह पर भी उठाए सवाल ब्लैकमैन ने यह भी कहा कि अगले महीने तथाकथित स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की बात कही जा रही है, जबकि बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी अवामी लीग को इन चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार उसे लगभग 30 प्रतिशत जनता का समर्थन हासिल है. उन्होंने आगे कहा कि इसी दौरान इस्लामी चरमपंथी समूहों ने एक जनमत संग्रह कराने का आह्वान किया है, जिससे बांग्लादेश के संविधान में स्थायी और … Read more

बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: नियम, प्रक्रिया और टाइमलाइन पर एक नजर

 नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी ने अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह पूरी प्रक्रिया पार्टी के देशव्यापी संगठनात्मक अभियान ‘संगठन पर्व-2024’ के तहत कराई जा रही है. चुनाव कार्यक्रम को शुक्रवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने अधिसूचित कर दिया है. पार्टी संविधान के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक तय प्रक्रिया के अनुसार होता है, जिसमें इलेक्टोरल कॉलेज, नामांकन, जांच, नाम वापसी और जरूरत पड़ने पर मतदान शामिल है. स्टेप 1: इलेक्टोरल कॉलेज की सूची जारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई. दोपहर 12 बजे इलेक्टोरल कॉलेज की सूची प्रकाशित की गई. बीजेपी के संविधान के अनुसार, इलेक्टोरल कॉलेज में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य और राज्यों की परिषदों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं. सिर्फ यही सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में मतदान के पात्र होते हैं. स्टेप 2: नामांकन प्रक्रिया अगला अहम चरण नामांकन का होता है. 19 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नई दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में नामांकन दाखिल किए जाएंगे. पार्टी नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार का कम से कम चार कार्यकाल या 15 साल तक सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है. नामांकन के लिए किसी एक राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों का प्रस्ताव जरूरी है. इसके साथ ही समर्थन ऐसे कम से कम 5 राज्यों से होना चाहिए, जहां नेशनल काउंसिल के चुनाव पूरे हो चुके हों. स्टेप 3: जांच और नाम वापसी नामांकन की समय-सीमा समाप्त होते ही उसी दिन शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. इसके बाद उम्मीदवारों को शाम 5 बजे से 6 बजे तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा. शाम 6:30 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि चुनाव सर्वसम्मति से हो रहा है या मतदान की जरूरत पड़ेगी. स्टेप 4: मतदान और नतीजे यदि नाम वापसी के बाद एक से ज्यादा वैध उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो 20 जनवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन नतीजों की घोषणा की जाएगी. हालांकि, यदि नाम वापसी के बाद सिर्फ एक ही उम्मीदवार बचता है तो उसे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा. संभावित उम्मीदवार का प्रस्तावक कौन-कौन? सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकते हैं.  एक नामांकन पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा प्रस्तावक होंगे. दूसरे सेट में 20 से ज्यादा निर्वाचित बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों के नाम हो सकते हैं. तीसरे सेट में बीजेपी नेशनल काउंसिल के सदस्यों का समर्थन होने की बात कही जा रही है. अंतिम चरण में पदभार ग्रहण यदि नितिन नबीन पूर्णकालिक बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं तो पार्टी मुख्यालय में औपचारिक कार्यक्रम होगा. उन्हें दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ले जाया जाएगा. इसके साथ ही बीजेपी में राष्ट्रीय नेतृत्व का औपचारिक हस्तांतरण पूरा होगा. इसके अलावा, संगठन पर्व-2024 का समापन और पार्टी के अगले संगठनात्मक और चुनावी चरण की शुरुआत मानी जाएगी. बीजेपी के नए अध्यक्ष का चुनाव आने वाले वर्षों की राजनीतिक और चुनावी रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.