samacharsecretary.com

1 अप्रैल से बदलेंगे टोल टैक्स के नियम, बिना रुके सीधे कटेगा शुल्क

नई दिल्ली अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। सिर्फ FASTag और UPI से होगा भुगतान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। 1 अप्रैल के बाद टोल प्लाजा पर केवल FASTag और UPI ही भुगतान के मान्य माध्यम होंगे। वर्तमान में कई टोल प्लाजा पर FASTag होने के बावजूद लोग कैश लेन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। नए नियम के लागू होने के बाद:     टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएगी।     वाहन चालकों को जाम से निजात मिलेगी और यात्रा समय की बचत होगी।     पारदर्शिता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होगी। सरकार 'मल्टी लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोलिंग सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके तहत…     बिना बैरियर के टोल: शुरुआत में देशभर के 25 टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू किया जाएगा।     सेंसर तकनीक: इस सिस्टम में कोई बैरियर नहीं होगा। वाहन बिना रुके गुजरेंगे और ऊपर लगे कैमरे व सेंसर FASTag के जरिए अपने आप टोल काट लेंगे।     सुगम यात्रा: पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा, जिससे हाईवे पर वाहनों की गति बाधित नहीं होगी।

यूएई राष्ट्रपति का भारत आगमन आज तय, अहम समझौतों पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी तीसरी आधिकारिक भारत यात्रा होगी और पिछले एक दशक में उनकी पांचवीं भारत यात्रा होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सौहार्दपूर्ण, घनिष्ठ और बहुआयामी संबंध हैं, जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए), स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) प्रणाली और द्विपक्षीय निवेश संधि द्वारा समर्थित ये संबंध दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक और निवेश साझेदारों में से हैं। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच एक मजबूत ऊर्जा साझेदारी भी है, जिसमें दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्थाएं शामिल हैं। यह दौरा दोनों नेताओं को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए नए आयाम स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी संभव होगा, जहां भारत और यूएई के बीच उच्च स्तर की समानताएं हैं। अमेरिका से तनाव के बीच भारत और यूएई के बीच होगी कोई बड़ी डील? अमेरिका से तनाव के बीच भारत को कई देशों से बड़ी उम्मीद है। अब यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के आने के बाद किस तरह की डील होती है, इसपर आधिकारिक घोषणा के बाद ही पता चलेगा। लेकिन विदेश मंत्रालय की ओर से मिली सूचना के आधार पर ऊर्जा के क्षेत्र में कोई बड़ा समझौता हो सकता है। यूएई और भारत के बीच पहले से रहे हैं मजबूत संबंध बता दें कि यूएई और भारत एक-दूसरे के लिए बड़े व्यापारिक भागीदार और निवेशक हैं। दोनों देशों के बीच CEPA यानी व्यापार समझौता जिससे द्विपक्षीय व्यापार करना आसान हुआ है। LCS यानी स्थानीय मुद्रा प्रणाली, इसके तहत दोनों देश अपनी खुद की करेंसी में लेनदेन कर सकते हैं। निवेश संधि, इससे एक-दूसरे के देश में पैसा लगाना सुरक्षित हुआ है।

ई-बस योजना पर ब्रेक! मध्यप्रदेश के 8 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से लटकी सेवा

भोपाल भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के आठ शहरों के लिए 972 ई-बसें स्वीकृत की हैं। इनमें से 472 बसें इन शहरों में चलने को तो तैयार हैं, लेकिन डिपो और चार्जिंग स्टेशन न होने से बसों का संचालन रुका हुआ है। प्रदेश की नगर सरकारें यहां अब तक डिपो ही नहीं बना सकी हैं। इंदौर और भोपाल में बस डिपो बनाने का केवल 15-15 प्रतिशत तो ग्वालियर में पांच प्रतिशत ही काम हो पाया है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर पिछड़े चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण में भी इंदौर, भोपाल और ग्वालियर पिछड़े हैं। केवल जबलपुर का काम संतोषजनक है। यहां कंठौंदा बस डिपो का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत हो चुका है। इन शहरों की हवा दूषित है, इसलिए इन्हें राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत चिह्नित किया है और इस दिशा में ई-बसों का संचालन महत्वपूर्ण माना जा रहा है लेकिन ई-बस संचालन में डिपो के निर्माण की धीमी गति बताती है कि इन शहरों के आमजनों को ई-बस सेवा की सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।   उज्जैन और सागर में टेंडर ही नहीं हो पाया उज्जैन में 100 ई-बस चलनी है। इसके लिए ओल्ड बस डिपो मक्सी रोड पर डिपो निर्माण किया जाना है, लेकिन यहां मेयर इन काउंसिल (एमआइसी) में दर स्वीकृति ही नहीं हो सकी। यही हाल यहां चार्जिंग स्टेशन का है। इसी तरह सागर में 32 ई-बस संचालन के लिए नवीन आरटीओ कार्यालय तिलीमाफी में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन का अधोसंरचना विकास होना है। सागर नगर निगम इसकी निविदा ही जारी नहीं कर सका है। इन आठ शहरों में 972 इलेक्ट्रिक बस स्वीकृत भोपाल 195, इंदौर 270, ग्वालियर 100, जबलपुर 200, उज्जैन 100, सागर 32, देवास 55 एवं सतना में 20 कुल 972 इलेक्ट्रिक बस स्वीकृत की गई है। इनमें भोपाल के लिए 100, इंदौर 150, ग्वालियर 60, जबलपुर 100, उज्जैन 30 एवं सागर में 32 इस तरह 472 ई बस के लिए सफल निविदाकार को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) जारी किए जा चुके हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में में दो-दो उज्जैन व सागर में एक-एक कुल 10 डिपो के लिए सिविल एवं चार्जिंग अधोसंरचना निर्माण के लिए कार्रवाई चल रही है।   ई-बस डिपो एवं चार्जिंग स्टेशनों की अधोसंरचना की प्रगति शहर — बस डिपो– डिपो निर्माण प्रगति– चार्जिंग स्टेशन निर्माण प्रगति जबलपुर — कठौंदा — 70 — 60 आइएसबीटी — 10– 00 इंदौर — आइएसबीटी नायतामुंडला — 15 — 15 देवास नाका निरंजनपुर — 15– 15 भोपाल — संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) — 15– 15 कस्तुरबा नगर आइएसबीटी– 0 — 10 ग्वालियर — रमौआ — 5 — 5 आइएसबीटी– 50– 10

प्रोफेसर भर्ती परीक्षा: आयु सीमा मामले में हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप से झाड़े हाथ

इंदौर मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) पद की भर्ती में आयु-सीमा को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने निरस्त कर दी है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में तय पात्रता शर्तों में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हाई कोर्ट में यह याचिका कुक्षी निवासी विजयेंद्रपाल सिंह अजनारिया ने दायर की थी। मांग की थी कि भर्ती प्रक्रिया में 50 वर्ष तक आयु-सीमा में छूट दी जाए। याचिकाकर्ता के तर्क और पृष्ठभूमि तर्क दिया गया था कि वर्ष 2022 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया को पीएससी ने समय पर पूरा नहीं किया। इसके चलते याचिकाकर्ता वर्ष 2024 में हुई नई भर्ती में 45 वर्ष की अधिकतम आयु-सीमा पार कर चुका है। याचिकाकर्ता अनुसूचित जनजाति वर्ग से है और वर्तमान में वन विभाग में शासकीय सेवक के रूप में पदस्थ है।   याचिका में यह भी कहा गया था कि पूर्व की भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु-सीमा 50 वर्ष रखी गई थी। याचिकाकर्ता को भविष्य में भी इसी तरह की व्यवस्था की अपेक्षा थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वर्ष 2022 की भर्ती परीक्षा में याचिकाकर्ता लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार के लिए चयनित हुआ था, लेकिन साक्षात्कार सितंबर 2025 में तय होने के कारण पूरी प्रक्रिया लंबित रही। कोर्ट का निर्णय और वैधानिक टिप्पणी कोर्ट ने सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब जारी हुआ है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती की प्रक्रिया एक स्वतंत्र प्रक्रिया है। उसकी अपनी पात्रता शर्तें हैं जो सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होती हैं। किसी भी अभ्यर्थी को निर्धारित कट-आफ तिथि पर तय आयु-सीमा का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासनिक देरी, चाहे वह कितनी भी दुर्भाग्यपूर्ण क्यों न हो, अदालत को भर्ती नियमों को दोबारा लिखने या उनमें छूट देने का अधिकार नहीं देती। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने 45 वर्ष की नई आयु-सीमा की संवैधानिक वैधता को चुनौती नहीं दी है। ऐसे में कोर्ट न तो नीति की समीक्षा कर सकता है और न ही व्यक्तिगत स्तर पर आयु-छूट दे सकता है।

किंग कोहली का नया रिकॉर्ड: 85वें शतक के साथ रिकी पोंटिंग को पछाड़ा

इंदौर इंदौर के होलकर स्टेडियम में विराट कोहली ने वनडे करियर का 54वां और इंटरनेशनल करियर का 85वां शतक जड़ दिया। इस शतक की बदौलत उन्होंने रिकी पोंटिंग का एक बड़ा रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली ने 92 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए। वीरेंद्र सहवाग और रिकी पोंटिंग ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 6-6 शतक लगाए हैं। इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में कोहली तीसरे वनडे में कोहली ने शतक जड़ इन दोनों को पीछे छोड़ दिया। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली के वनडे में कुल 7 शतक हो गए हैं। इस लिस्ट में सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या भी शामिल हैं, जिनके नाम 5-5 शतक दर्ज हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे शतक     7 – विराट कोहली (36 पारी)*     6 – रिकी पोंटिंग (50 पारी)     6 – वीरेंद्र सहवाग (23 पारी)     5 – सचिन तेंदुलकर (41 पारी)     5 – सनथ जयसूर्या (45 पारी)   शतकों की बात की जाए तो विराट कोहली वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक 54 शतक अपने नाम किए हैं। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक लगाए हैं, जबकि टी20 फॉर्मेट में उनके नाम एक शतक दर्ज है। विराट कोहली अब तक वनडे क्रिकेट में 14,800 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इस फॉर्मेट में उनका औसत लगभग 60 का है, जबकि स्ट्राइक रेट 94 के आसपास रहा है। कोहली वनडे क्रिकेट में 170 छक्के भी जड़ चुके हैं। साल 2008 में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू करने वाले विराट कोहली अब तक भारत के लिए 312 वनडे मैच खेल चुके हैं। इनमें से 300 पारियों में उन्होंने बल्लेबाजी की है और इस दौरान वह 48 बार नाबाद भी रहे हैं। विराट कोहली 18 बार वनडे क्रिकेट में शून्य पर आउट हो चुके हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 78 अर्धशतक भी दर्ज हैं। विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 183 रन है, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था।

विराट का शतक पड़ा फीका: न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, भारत को घर में पहली बार हराया

इंदौर रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय टीम को 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन बनाए। जवाब में विराट कोहली के शतक के बावजूद भारतीय टीम 46 ओवर में ही 296 रन पर ऑलआउट हो गई। यह भारतीय टीम की अपने घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले 37 सालों में पहली वनडे सीरीज हार है। 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को चौथे ओवर में पहला झटका लगा। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा 13 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल 18 गेंद में 23 रन बनाकर जैमिसन का शिकार बने। श्रेयस अय्यर 10 गेंद में तीन रन ही बना सके। स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके और 6 गेंद में एक रन ही बना सके। नीतीश रेड्डी 57 गेंद में 53 रन बनाकर आउट हुए। रविंद्र जडेजा 16 गेंद में 12 रन बनाकर जेडन का शिकार बने। विराट कोहली शतक लगाकर खेल रहे हैं। हर्षित राणा ने ताबड़तोड़ 43 गेंद में 52 रन का योगदान दिया। सिराज खाता नहीं खोल सके। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली 108 गेंद में 124 रन बनाकर पवेलियन लौटे। कुलदीप यादव के रन आउट के साथ ही भारतीय पारी समाप्त हुई। न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 337 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से डेरिल मिचेल ने सर्वाधिक 137 रन बनाए हैं। भारत की ओर से हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह ने 3-3 विकेट लिए। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी रही। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहले ओवर में हेनरी निकोलस का विकेट गंवाया। वह खाता नहीं खोल सके। उन्हें अर्शदीप सिंह ने आउट किया। इसके बाद हर्षित राणा ने डेवोन कॉनवे को पवेलियन का रास्ता दिखाया। कॉनवे 5 रन ही बना सके। विल यंग ने 41 गेंद में 30 रन की पारी खेली। राणा ने उन्हें आउट किया। ग्लेन फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी को अर्शदीप सिंह ने तोड़ा। फिलिप्स 88 गेंद में 106 रन बनाकर आउट हुए। डेरिल मिचेल ने 131 गेंद में 137 रन की पारी खेली। सिराज ने उन्हें पवेलियन भेजा। हे दो और फोक्स 10 रन बनाकर पवेलियन लौटे। भारत के लिए अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने तीन तीन विकेट लिए जबकि मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव को एक एक विकेट मिला। डेरिल मिचेल बने प्लेयर ऑफ द मैच तीसरे वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले डेरिल मिचेल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है। डेरिल मिचेल ने 131 गेंद में 137 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए। 38 साल में पहली बार जीता न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड की टीम ने 1988 से भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी शुरू की थी। हालांकि उसके बाद 38 साल में पहली बार न्यूजीलैंड की टीम भारत में वनडे सीरीज जीतने में सफल हुई है। न्यूजीलैंड ने भारत को हराया न्यूजीलैंड ने रविवार को भारत को तीसरे वनडे में 41 रन से हराया। इसके साथ ही न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती। न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीती है।

बीजापुर एनकाउंटर: चार नक्सलियों का खात्मा, गृहमंत्री बोले – नेशनल पार्क क्षेत्र से खत्म हुआ नक्सल प्रभाव

रायपुर  बीजापुर जिले में हुई नक्सली मुठभेड़ को लेकर डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों की ताकत और सटीक रणनीति के चलते एक बड़ा नक्सली न्यूट्रलाइज किया गया है। इस मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली दिलीप बेडजा सहित चार नक्सलियों को मारा गया है। इस ऑपरेशन के बाद नेशनल पार्क एरिया अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है, जो राज्य के लिए एक बड़ी सफलता है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि कार्रवाई से पहले नक्सली दिलीप बेडजा को आत्मसमर्पण और मुख्यधारा में लौटने के लिए समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा। इसके बाद सुरक्षाबलों को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। नेशनल पार्क एरिया अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है। गृहमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नक्सलवाद के खिलाफ पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि बस्तर अंचल में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव पर क्या बोले विजय शर्मा? भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया कल से शुरू हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, कार्यकारी अध्यक्ष के संदर्भ में अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन भी पार्टी को प्राप्त होगा।

सोशल मीडिया की अपील रंग लाई, सीएम मोहन यादव ने दिव्यांग युवक को दिलाया स्टेडियम में मैच देखने का मौका

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर साबित किया है कि वे जनता के दिलों पर क्यों राज करते हैं। उनका मन जनता की एक आवाज पर पसीज जाता है। दरअसल, एक दिव्यांग ने प्रदेश के मुखिया से जब ये कहा कि उन्हें भारत-न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में हो रहे मैच को मैदान से लाइव देखना है, लेकिन टिकट का इंतजाम नहीं हो पा रहा, तो ये सुनते ही सीएम डॉ. यादव ने बिना कोई देर किए उनके लिए टिकट का प्रबंध कर दिया। दिव्यांग ने ये अपील वीडियो के जरिये की थी। इच्छा पूरी होने के बाद दिव्यांग ने सीएम डॉ. यादव को धन्यवाद भी दिया। गौरतलब है कि, भारत-न्यूजीलैंड मैच लाइव देखने की अपील उज्जैन के बड़नगर तहसील के गांव बमनापानी के दिव्यांग अभिषेक सोनी ने की। उन्होंने इस अपील का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लगी तो उन्होंने दिव्यांग की इच्छा पूरी करने में एक पल नहीं लगाया।   कई बार पेश की मानवता की मिसाल बता दें, जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की बागडोर संभाली है, तब से उन्होंने कई बार मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने एक आम आदमी की तरह जनता से व्यवहार किया है। सीएम डॉ. यादव कभी यूपीआई पेमेंट कर आम खरीदे देखे जा सकते हैं, तो कहीं भी जनता के साथ चाय पीते देखे जा सकते हैं। एक बार वे भुट्टा खरीदने बाजार में उतर गए और बच्चे को दुलार किया। इस वाक्ये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसी तरह एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री आवास किसी मेरा आवास नहीं, बल्कि जनता का आवास है।

भैरवनाथ मंदिर में उप मुख्यमंत्री की भव्य पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दौरे की तैयारियों का लिया जायजा भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के गुढ़ स्थित नवनिर्मित भैरवनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने गजमाला अर्पित करके भगवान भैरवनाथ की पूजा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ अत्यंत प्राचीन धार्मिक स्थल है। इसका धार्मिक के साथ-साथ पर्यटन के रूप में विकास किया जा रहा है। यहाँ दिनोंदिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से मंदिर का महत्व अपने आप स्पष्ट हो जाता है। वर्षों से भैरवनाथ की खुले में रखी प्रतिमा पर अब भव्य मंदिर तैयार हो गया है। इसका इसी महीने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकार्पण करेंगे। भैरवनाथ मंदिर रीवा के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दौरे की तैयारियों का लिया जायजा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने हेलीपैड, मुख्य कार्यक्रम स्थल तथा मंदिर का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन शामिल होंगे। वाहनों की पार्किंग, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था तथा कार्यक्रम से जुड़े अन्य प्रबंधों पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ यादव के दौरे की तैयारियों में किसी तरह की कोरकसर बाकी न रखें। मंदिर से जुड़े निर्माण कार्य 25 जनवरी तक हर हाल में पूरे कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ मंदिर धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके विकास से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विधायक गुढ़ ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मेहताब सिंह गुर्जर, स्थानीय जन प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

सड़क हादसे में मातम: तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को रौंदा, दो की गई जान

जबलपुर एमपी के जबलपुर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे काम कर रहे 13 मजदूरों को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। डिवाइडर रेलिंग लगाने का काम कर रहे थे मजदूर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला के अनुसार, यह घटना बरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिग्मा कॉलोनी के सामने एकता चौक के पास दोपहर करीब 2 बजे हुई। उस समय ये सभी मजदूर सड़क पर डिवाइडर रेलिंग लगाने के काम में लगे थे और काम के बीच में लंच कर रहे थे, तभी बेकाबू कार उन्हें रौंदते हुए निकल गई।   एक की हालत बेहद नाजुक, अन्य का इलाज जारी पुलिस ने बताया कि सभी हताहत मजदूर मंडला जिले के रहने वाले हैं। घायलों को इलाज के लिए तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।