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भोपाल में 11 जनवरी को 1101 ट्रैक्टरों की रैली, सीएम करेंगे कृषि वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों से करेंगे संवाद

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार 11 जनवरी को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को औपचारिक रूप से ‘कृषि वर्ष’ घोषित करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा 1101 ट्रैक्टरों की सांकेतिक रैली को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान में कृषि एवं उससे संबंधित विभागों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे तथा प्रदेश भर से आए लगभग 30 हजार किसानों को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न जिलों से किसान भाग लेंगे। ट्रैक्टर रैली और रोड शो के माध्यम से राज्य सरकार किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देगी। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2026 को कृषि के लिए निर्णायक वर्ष बनाना है। ‘कृषि वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने तथा कृषि से जुड़े रोजगार को सशक्त करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सरकार ने एक स्पष्ट और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और आगामी वर्षों की कृषि नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे और मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल होगा। कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि: खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल में बदलना। कृषि आधारित उद्योगों का विकास: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना। नवाचार और आधुनिक तकनीक: ड्रोन सेवाएं, हाइड्रोपोनिक्स, एग्री-स्टेक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रबंधन से युवाओं को जोड़कर रोजगार सृजन। प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग: मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहन।   

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.8 अरब डॉलर घटा, आरबीआई ने कहा – डॉलर की मजबूती और गोल्ड रिजर्व में कमी

नई दिल्ली  नए साल की शुरुआत भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) के लिए झटके के साथ हुई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2 जनवरी को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 9.809 अरब डॉलर घटकर 686.801 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि इससे ठीक एक सप्ताह पहले भंडार में 3.293 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और यह 696.61 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. एक हफ्ते में बदली तस्वीर पिछले सप्ताह जहां विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती दिखी थी, वहीं महज एक हफ्ते के भीतर हालात पूरी तरह बदल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और अन्य प्रमुख मुद्राओं में कमजोरी ने इस गिरावट को तेज किया है. फॉरेन करेंसी एसेट्स पर सबसे ज्यादा असर आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा आस्तियां यानी फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. FCA 7.622 अरब डॉलर घटकर 551.99 अरब डॉलर रह गईं. FCA में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी मुद्राएं शामिल होती हैं. इन मुद्राओं के मूल्य में बदलाव का सीधा असर कुल विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है. गोल्ड रिजर्व में भी आई कमी इस दौरान भारत के सोने के भंडार में भी गिरावट देखने को मिली. गोल्ड रिजर्व का मूल्य 2.058 अरब डॉलर घटकर 111.262 अरब डॉलर रह गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मजबूत होने से सोने के मूल्य पर दबाव बना हुआ है. IMF और SDR स्थिति कमजोर केवल विदेशी मुद्रा और सोना ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भारत की स्थिति में भी कमी आई है. विशेष आहरण अधिकार (SDR) 2.5 करोड़ डॉलर घटकर 18.778 अरब डॉलर पर आ गए. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति 10.5 करोड़ डॉलर घटकर 4.771 अरब डॉलर रह गई. क्या हैं गिरावट की वजहें विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, मुद्रा बाजार में अस्थिरता और सोने की कीमतों में कमजोरी इस गिरावट के प्रमुख कारण हो सकते हैं. हालांकि, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब भी मजबूत स्थिति में है और यह आयात जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करने में सक्षम माना जा रहा है.

लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

केसी त्यागी की JDU से छुट्टी, पार्टी ने कहा- ‘अब उनका हमारे साथ कोई संबंध नहीं’

पटना  जेडीयू के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी में अध्याय अब समाप्त हो चुका है. हाल के दिनों में के.सी. त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं. सूत्रों के अनुसार, त्यागी ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था, जिसके बाद जेडीयू नेतृत्व ने उन्हें दूरी बनाने का फैसला किया. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब के.सी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है.  के.सी. त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. उन्होंने बाकायदा पीएम मोदी को लेटर लिखकर इसकी मांग की थी. अपने पत्र में त्यागी ने लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इसके पूरी तरह हकदार हैं. लेकिन जेडीयू ने उनकी इस मांग से किनारा कर लिया. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'के.सी त्यागी की इस मांग का पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है. दरअसल, वह जेडीयू के साथ हैं या नहीं, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ये भी पता नहीं है. इसलिए उनके बयानों को और उनकी विज्ञप्ति को उनकी निजी क्षमता में दिए गए बयान के तौर पर लेना चाहिए.' सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल के.सी. त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. इसकी वजह पार्टी से उनके लंबे और पुराने संबंध बताए जा रहे हैं. जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, के.सी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते. मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में दिया था बयान भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों और राजनीतिक रुख में उनका कोई दखल नहीं होगा. जेडीयू नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल संतुलित रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि यह अलगाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से हुआ है. जेडीयू के अंदरूनी हलकों में इसे एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी नेतृत्व आगे की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. बता दें कि हाल ही में के.सी. त्यागी ने मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को नागवार गुजरा. उन्होंने कहा था, 'खेल में राजनीति नहीं लाना चाहिए. जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है, तो भारत को भी मुस्तफिजुर पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएम में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.' बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल में लेने का भारत में जबरदस्त विरोध हुआ. इसके बाद बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया. हालांकि, के.सी. त्यागी ने ये माना था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों से भारत में गुस्सा है. लेकिन उनका आईपीएल को लेकर दिया गया बयान जेडीयू को रास नहीं आया. पार्टी सूत्रों का मानना है कि उन्हें आईपीएल पर बयान देने की क्या जरूरत है और वो भी ऐसा बयान जो जनमत की भावना के खिलाफ हो और एनडीए गठबंधन में अलग-अलग राय दिखाए?  जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि जब मामला दो देशों के बीच का हो तो सरकार के सहयोगी दल के नाते बोलने से पहले त्यागी को पार्टी में बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. के.सी. त्यागी पहले भी बड़े सरकारी पदों पर लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्ति, समान नागरिक संहिता और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर एनडीए की नीतियों से अलग बयान दे चुके हैं, जिसने जेडीयू के लिए असहज स्थिति में डाल दिया. इन बयानों के कारण ही के.सी. त्यागी से जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उनकी जगह राजीव रंजन को जेडीयू ने अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था. 

कॉस्मो ट्रेड फेयर एक्सपो में मुख्यमंत्री साय बोले- ‘विकसित छत्तीसगढ़ में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, श्रीराम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

राउरकेला में इंडिया वन एयर का चार्टर्ड प्लेन क्रैश, पायलट घायल

 भुवनेश्वर  ओडिशा के राउरकेला से भुवनेश्वर जा रहा एक 9-सीटर चार्टर्ड विमान शनिवार दोपहर दुर्घटनाग्रस्त गया. यह विमान इंडिया वन एयर का था, जो राउरकेला से उड़ान भरने के बाद 10-15 किलोमीटर की दूरी पर हादसे का शिकार हो गया, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. विमान में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार थे, जिन्हें चोटें आई हैं. उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है.  अधिकारियों के मुताबिक भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा 9-सीटर विमान उड़ान भरने के करीब 10 किलोमीटर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में चार यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें कैप्टन नवीन कड़ंगा और कैप्टन तरुण श्रीवास्तव शामिल थे. हादसे में सभी छह लोग घायल हुए हैं. सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है. घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल विभाग की तीन टीमों को लगाया गया था, जिन्हें पुलिस और स्थानीय प्रशासन का सहयोग मिला. फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के कमांड सेंटर ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों का समन्वय किया, ताकि विमान को सुरक्षित किया जा सके और घायलों को तत्काल सहायता मिल सके. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन जालदा के पास तेजी से नीचे आ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. विमान को दोपहर 1:15 बजे राउरकेला में उतरना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया. फिलहाल विमान दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है.

केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र के व्यक्तियों के अनुभव का किया जाएगा उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल  केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम जिले के औद्योगिक विकास एवं इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना हेतु 1500 एकड़ जमीन करें आरक्षित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की व्यापक समीक्षा शहडोल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट शहडोल के विराट सभागार में आयोजित हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की बिंदुवार समीक्षा की। जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला विकास सलाहकार समिति के अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल नगर, मेडिकल कॉलेज एवं नगरीय निकाय में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु 27 करोड़ रूपए की लागत से सोन नदी में बनाए जाने वाले एनीकट बैराज के प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा प्रयास किया जाए कि इसी वर्ष गर्मी में योजना के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा सके। बैठक में बताया गया कि एनीकट बैराज निर्माण का टेंडर इसी माह जारी कर दिया जाएगा। शहडोल नगर में सीवरेज लाइन के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मार्च माह तक काम पूरा कर लिया जाए। सीवरेज लाइन का विस्तार पतली गलियों में भी किया जाए। सीवरेज लाइन से शहर की जो रोड क्षतिग्रस्त हुई हैं उनका रेस्टोरेशन भी कराया जाए। कार्य पूरा हो जाने पर नगरवासियों को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया जाएगा कि किस तरह से शहर का गंदा पानी फिल्टर कर शहर को गंदगी एवं बीमारियों से बचाने का कार्य किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना की लागत 170 करोड़ रूपए है तथा नेटवर्क 213 किलोमीटर का है अभी तक 140 किलोमीटर में कार्य कर लिया गया है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में खनिजो के अवैध उत्खनन एवं परिवहन प्रतिबंधित किया जाए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जयसिंहनगर में बाईपास एवं ब्यौहारी में रिंग रोड, शहडोल से उमरिया मार्ग, टेटका से शहडोल मार्ग के प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाएं और इन कार्यों के निर्माण में आने वाली समस्याओं का निराकरण संबंधित अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें। जहां भी आवश्यकता होगी सहयोग के लिए उपलब्ध रहूंगा। बैठक में बताया गया कि शहडोल बाईपास में फ्लाई ओव्हर का निर्माण एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।     जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों ने संभागीय मुख्यालय शहडोल में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री शुक्ल को धन्यवाद ज्ञापित किया। सदस्यों के सुझाव के अनुरूप प्रभारी मंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट से बढ़ाकर 200 सीट करने, पीजी कक्षाओं के संचालन, ब्लड बैंक के संचालन तथा मेडिकल कॉलेज के लिए अतिरिक्त जमीन का आवंटन करने, नर्सिंग कालेज निर्माण में प्रगति लाने तथा बस स्टैण्ड से मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल से बीमारियों में कमी आएगी तथा अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होगी। उन्होंने कहा कि एकल नल-जल योजनाएं पर्याप्त पानी के अभाव में असफल हो रही हैं। इन योजनाओं को बाणसागर से पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इसके लिए 780 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। आपने जिले में जल जीवन मिशन के तहत 4 नल-जल समूह परियोजनाओं तथा 636 एकल नल-जल योजनाओं में 434 पूरी हो गई है, शेष परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी तरह जिले में सिंचाई का रकवा बढ़ाने हेतु प्रस्तावित 04 माईक्रो एरिगेशन योजनाओं की स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली तथा मौके पर ही भोपाल में पदस्थ संबंध अधिकारियों से चर्चा कर इन योजनाओं के स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि 2500 करोड़ की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं की स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में प्राप्त औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए 1500 एकड़ जमीन आरक्षित की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्रांति की आवश्यकता होती है। हमारे पास सड़क, बिजली, पानी तथा भूमि उपलब्ध है। इन संसाधनों का उपयोग कर औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी जाए। जिससे जिले के बेरोजगार युवकों को रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि मानव स्वास्थ्य एवं मृदा के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मानव जीवन के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। लोग रक्तचाप, सुगर, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में जिन स्थानों में गौशालाएं संचालित हैं वहां क्रमबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानो को प्रोत्साहित करें। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाए, जागरूकता के दौरान किसानो को जैविक खेती से होने वाले फायदे एवं नुकसानो के बारे में भी अवगत कराएं एवं बायो रिसोर्स सेंटर बनाकर उन्हे घनामृत, जीवामृत, कल्चर, आदि जैसे जैविक उर्वरक के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।        बैठक में विधायक जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने जयसिंहनगर, खन्नौधी, गोहपारू, तथा शहडोल नगर में राजाबाग से बाणगंगा तिराहा … Read more

सार्थक ऐप पर बड़ा खुलासा: बैतूल में 5 डॉक्टरों ने 200 किमी दूर से लगाई हाजिरी, 48 जिलों में 170 डॉक्टर फर्जीवाड़ा करते पकड़े गए

 बैतूल  मध्यप्रदेश के बैतूल में सार्थक ऐप पर 5 डॉक्टरों ने फर्जी हाजिरी लगाई। उन्होंने अपने कार्यस्थल से 150 और 200 किलोमीटर दूरी पर बैठकर यह सब किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने ऐसा करने वाले डॉ. राहुल सिंह गहलोत जैसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन डॉक्टरों ने कैमरा ट्रिक और फोटो एडिटिंग का सहारा लेकर यह दर्शाया कि वे अस्पताल में मौजूद हैं, जबकि उनकी जीपीएस लोकेशन ड्यूटी स्थल से काफी दूर पाई गई। सीएमएचओ कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। सुबह 9 के बाद दर्ज करानी होती है लोकेशन सार्थक ऐप पर कर्मचारियों को सुबह 9 से 11:30 बजे के बीच रेटिना स्कैन और जीपीएस लोकेशन के साथ हाजिरी दर्ज करनी होती है। इसके पांच घंटे बाद फिर से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल पर कर्मचारी की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। ऐसा न होने पर उस दिन की आधी ड्यूटी मानी जाती है या वेतन काटा जा सकता है। स्वास्थ्य संचालनालय की जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 48 जिलों में 170 बॉन्डेड डॉक्टरों ने बिना ड्यूटी आए ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कर्मचारियों ने कहा- नेटवर्क की दिक्कत, सिस्टम अव्यवहारिक कई कर्मचारी इस सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए कहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऐप पर हाजिरी दर्ज करने में कठिनाई होती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि तकनीकी सीमाएं फर्जीवाड़े का बहाना नहीं बन सकतीं।

हाईकोर्ट का ग्वालियर में नगर निगम को कड़ा संदेश, अवैध निर्माण पर सख्ती: इंदौर त्रासदी को न भूलें

ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शहर में अवैध निर्माण के एक मामले की सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम यदि अपने वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं कर रहा।  हाईकोर्ट ने कहा कि भागीरथपुरा हादसे में कई लोगों की जान गई, जिसे इंदौर पीठ ने संज्ञान में लिया है। यह स्थिति अपने आप बताती है कि अवैध निर्माण को समय रहते नहीं रोका गया, तो बड़ी त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। आयुक्त को चेतावनी, शून्य सहनशीलता अपनाने के निर्देश कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त से कहा कि वे इंदौर की त्रासदी से सबक लें और शहर में अवैध निर्माण के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। दुकानदारों के बीच विवाद से जुड़ा है मामला मामला दो दुकानदारों निहाल चंद और गोपाल चंद के बीच अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। बताया गया कि दीवारें हटाकर 8 दुकानों को 5 दुकानों में बदल दिया गया था और दुकानों के बाहर टीनशेड का अवैध निर्माण कर दिया गया था। यह विवाद सबसे पहले जिला न्यायालय पहुंचा, जहां छठवें अपर जिला न्यायाधीश ने दुकानों के बाहर किए गए निर्माण को हटाने और आंतरिक दीवारों का पुनर्निर्माण कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद निहाल चंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां मामले पर विस्तार से सुनवाई हुई। 15 दिन में अवैध ढांचा हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने दुकानों के बाहर बिना अनुमति बनाए गए ढांचे को अवैध ठहराते हुए 15 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि तय समयसीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो 16वें दिन नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर ढांचा हटाएगा और उसका खर्च संबंधित दुकान मालिकों से वसूला जाएगा। ‘बिल्डिंग परमिशन कोई रस्म नहीं’ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बिल्डिंग परमिशन कोई औपचारिकता नहीं है। अनुमति देते समय एफएआर, भूमि विकास नियम और मास्टर प्लान जैसे सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन कर निर्माण करता है, तो उसे हटवाना नगर निगम की कानूनी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ग्वालियर नगर निगम ने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिसके कारण शहर में अवैध निर्माण पनपते रहे।  

सागर दौरे पर सीएम मोहन यादव, खुरई में रोड शो और विकास कार्यों का शिलान्यास, बुंदेली अंदाज में स्वागत

सागर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सागर दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव का खुरई विधानसभा में यह पहला दौरा है. खुरई में सीएम रोड शो के साथ आमसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही यहां करीब 312 करोड़ रु की लागत से 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे. इससे पहले पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल ने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाओं का जायदा लिया. ऐसा रहेगा सीएम का सागर दौरा रोड शो में शामिल होकर सभास्थल पहुंचेंगे सीएम पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरेंगे. यहां से विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के रूप में पुराने जनपद, परसा चैराहा, झंडा चौक, महाकाली मंदिर, डोहेला किला, पॉलीटेक्निक रोड होते हुए नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान खुरई की बुंदेली परंपरा के अनुसार उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा.'' भूपेन्द्र सिंह ने आगे कहा, ''मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुरई नगर दीपावली की तरह सजाया गया है. रोड शो रूट पर करीब 150 स्वागत मंच और सैंकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं. रोड शो के मार्ग पर सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी. बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे.'' सीएम के कार्यक्रम में गायिका अनन्या पाल देंगी प्रस्तुति पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सभास्थल पर विभिन्न प्रकार के एग्जीबिशन स्टाल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र की विशेषताओं और उपलब्धियों से मुख्यमंत्री व आमजनता को अवगत कराया जाएगा. इनमें एक जिला-एक उत्पाद में दर्ज खुरई के प्रसिद्ध कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे. सभा स्थल पर गायिका अनन्या पाल के भजन, देशभक्ति गीतों का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 बजे ही आरंभ हो जाएगा. रोड शो के दौरान ड्रोन से होगी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना ने रोड शो के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और रूट टीम लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रोड शो में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए. साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम के दौरान हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जाएगे.