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ओवैसी का बयान- हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, नितेश राणे ने कहा- कोई चांस नहीं

 सोलापुर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक प्रावधानों की तुलना करते हुए समान नागरिक अधिकारों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री पद के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं. ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ तौर पर लिखा है कि केवल एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है लेकिन बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान में यह स्पष्ट है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया. ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से ही सामाजिक बदलाव संभव है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी पहचान है और इसे कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बनाने की जरूरत है. ओवैसी ने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है.  भाजपा ने ओवैसी के बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया इस बीच, ओवैसी के बयान पर सियासी विवाद भी तेज हो गया है. ओवैसी के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतीश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. राणे ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री या मुंबई की मेयर नहीं बनेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे पदों की आकांक्षा रखते हैं उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए.  नीतीश राणे की टिप्पणी पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत संविधान से चलता है न कि किसी की व्यक्तिगत सोच से. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है. पठान ने कहा कि ओवैसी के बयान में कुछ भी गलत नहीं है और AIMIM किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है. इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी ओवैसी की आलोचना की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर संविधान की बात करते हैं तो पहले AIMIM में किसी पसमांदा या हिजाब पहनने वाली महिला को पार्टी अध्यक्ष बनाकर दिखाएं.  बता दें, ये विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. हाल ही में न्यूयॉर्क में दक्षिण एशियाई मूल के मुस्लिम नेता जोहरान ममदानी की मेयर चुनाव में जीत के बाद, मुंबई बीजेपी प्रमुख अमित सातम के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवाद को जन्म दिया था. सातम ने कहा था कि मुंबई में किसी खान को मेयर नहीं बनने दिया जाएगा जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी.  हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी देश की प्रधानमंत्री: ओवैसी AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने. उन्होंने कहा कि यह सपना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना का प्रतीक है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है. ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान धर्म, जाति और पहनावे के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव की अनुमति नहीं देता.  असदुद्दीन ओवैसी ने क्या गलत कहा- वारिस पठान नीतीश राणे के बयान पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, “भारत का संविधान इस देश को शासित करता है और इसके अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, राज्यपाल या महापौर बन सकता है।” उन्होंने (असदुद्दीन ओवैसी ने) क्या गलत कहा? उन्होंने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बने। जो मुझे धमकी दे रहा है, वह मुझे बताए कि मुझे कहां आना चाहिए? हम उनकी धमकियों से नहीं डरते।

महाराष्ट्र में बागेश्वर सरकार की पहल, 20 साल बाद आधा दर्जन लोग लौटे घर, ईसाई धर्म अपनाने का था झांसा

 गोंदिया  महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में बागेश्वर महाराज के कथा मंच से आज आधे दर्जन से अधिक हिंदुओं ने सनातन धर्म में पुनः वापसी की। इस वापसी में गोंदिया जिले के निवासी शिवदास, शिमला, कन्हाभगत, संजय भगत, कुंवर अक्षय सहित आधे दर्जन से अधिक सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी की। ये सभी ग्राम छोटी, पोस्ट तुगुड़ी, जिला गोंदिया के निवासी हैं। बच्चे की आँखों के स्वास्थ्य सुधार की आशा के चलते अपनाया था ईसाई धर्म जानकारी के मुताबिक बीस वर्ष पूर्व साल 2006 में बच्चे की आँखों के स्वास्थ्य में सुधार की आशा में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया था। आज सभी सदस्यों ने वापसी कर ली है। इस मौके पर देश के धर्मांतरित हिंदुओं से बागेश्वर महाराज की अपील है कि जिनके पूर्वज रामलाल, श्यामलाल थे, वे पुनः सनातन धर्म में लौट आएं। हमारे पुत्र संजय भगत का जन्म सन 2006 में हुआ था। उसी समय से उसे कम दिखाई देता था। ईसाई धर्म के अनुयायियों ने यह प्रलोभन दिया था कि यदि हम उनके धर्म में सम्मिलित हो जाएं, तो हमारे बच्चे को दिखाई देने लगेगा और वह स्वस्थ हो जाएगा। इसी प्रलोभन में हमने परिवार सहित ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन हमें फिर भी वहां संतोष प्राप्त नहीं हुआ। हमारे बच्चे को स्वस्थ करने तथा उसे दृष्टि प्रदान करने के संबंध में जो हमें उस समय आश्वासन दिया गया था, वह पूरा नहीं हुआ। हम अपनी त्रुटि स्वीकार करते हैं। आज हमने सपरिवार सनातन धर्म में पुन: वापसी की है। बागेश्वर महाराज जी की कथा में उपस्थित होकर, हमें सम्मानपूर्वक घर वापसी का अवसर प्राप्त हुआ। विगत एक वर्ष से हम बागेश्वर महाराज को टेलीविजन के माध्यम से देखते आ रहे थे, परंतु घर वापसी हेतु आवश्यक सहयोग के अभाव में हम यह कदम नहीं उठा पा रहे थे। आज बागेश्वर महाराज के मंच से हमारी घर वापसी संपन्न हुई, जिससे हमें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में हम किसी अन्य धर्म को नहीं अपनाएंगे और सदैव अपने सनातन धर्म के प्रति निष्ठावान रहेंगे। सभी घर वापसी करने वाले सदस्यों को महाराज श्री की व्यास पीठ के बगल में खड़े होकर त्रिकुंड चंदन लगाया गया, मंत्र पढ़े गए और उनके गले में सनातन धर्म के बागेश्वर बालाजी की पट्टिका डाली।

मुख्यमंत्री साय का बयान: विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों का योगदान रहेगा महत्वपूर्ण

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा।  रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा

रायपुर : चावल निर्यातकों को दी बड़ी सौगात, मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई गई इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है – मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के नीजि  रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने  चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है। मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई है। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान सीएम साय ने की घोषणा से चावल निर्यातकों और किसान दोनों के लिए बड़ी सौगात है। साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है।  छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी। छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का किया जा रहा है निर्यात           मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।  मुख्यमंत्री ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन     इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारों से चावल की पैदावार में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।     इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे।

मोदी सरकार का तोहफा: पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% इजाफा

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा घोषित पूर्व सैनिकों (ESM) और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% की बढ़ोतरी अब लागू कर दी गई है. ये जानकारी रक्षा मंत्रालय (MoD) ने शनिवार यानी 10 जनवरी को दी है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बढ़ी हुई सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा लागू की गई योजनाओं के तहत दी गई है. मंत्रालय ने कहा कि ये फैसला दिग्गजों की सर्विस और बलिदान का सम्मान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्रालय (MoD) ने कहा, 'रक्षा मंत्रालय ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% की बढ़ोतरी को पूरी तरह लागू कर दिया है. इस निर्णय के तहत केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से विवाह अनुदान 1 लाख रुपये और शिक्षा अनुदान 2,000 रुपये प्रति माह हो गया है. ये सरकार की पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.' कब मिली थी मंजूरी? रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों (ESM) के लिए वित्तीय सहायता में 100% बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी. किन ग्रांट्स में बढ़ोतरी की गई है? मंत्रालय के मुताबिक, गरीबी भत्ता को हर लाभार्थी के लिए ₹4,000 से बढ़ाकर ₹8,000 प्रति माह कर दिया गया है. ये 65 साल से अधिक उम्र के बुज़ुर्ग और नॉन-पेंशनर ESM और उनकी विधवाओं को जिंदगी भर लगातार सहायता देगा, जिनकी कोई रेगुलर इनकम नहीं है. एजुकेशन ग्रांट को प्रति व्यक्ति ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह कर दिया गया है. ये दो आश्रित बच्चों (कक्षा I से ग्रेजुएशन तक) या दो साल का पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने वाली विधवाओं के लिए है. शादी ग्रांट को प्रति लाभार्थी ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है. ये ESM की दो बेटियों तक और विधवा के दोबारा शादी करने पर लागू होगा. वो भी उन शादियों के लिए जो इस आदेश के जारी होने के बाद हुई हैं. बलिदान का सम्मान, सरकार की प्रतिबद्धता इन योजनाओं को रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष से फाइनेंस किया जाता है, ये सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (AFFDF) का एक हिस्सा है. MoD के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए बताया कि इस फैसले से कम इनकम वाले ग्रुप के नॉन-पेंशनर पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आश्रितों के लिए सोशल सिक्योरिटी सेफ्टी नेट बेहतर होगा. जिससे दिग्गजों की सेवा और बलिदान का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता फिर से पक्की होती है. 

RailOne App पर अनारक्षित टिकट पर मिलेगी 3% की छूट, 14 जनवरी से शुरू होगा नया नियम

 भोपाल  रेलवे द्वारा डिजिटल टिकट बुकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यात्रियों को एक बड़ी राहत दी जा रही है। अब कोटा मंडल के यात्री रेलवन मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत की सीधी छूट का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा 14 जनवरी से प्रायोगिक रूप से आगामी छह माह की अवधि के लिए लागू की जा रही है। यह छूट आर-वालेट को छोड़कर अन्य सभी डिजिटल भुगतान विकल्पों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग पर लागू होगी। वहीं, आर-वालेट से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पहले की तरह तीन प्रतिशत बोनस कैशबैक मिलता रहेगा। यह प्रायोगिक योजना 14 जनवरी से 14 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम द्वारा योजना की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल भुगतान के प्रति प्रोत्साहित करना, टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।     वर्तमान में रेलवन ऐप पर केवल आर-वालेट के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत की राशि बोनस कैशबैक के रूप में दी जाती है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत 14 जनवरी से सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की सीधी छूट प्रदान की जाएगी।     -सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मकर संक्रांति से पहले रेलवे की ओर से अपील मकर संक्रांति का पर्व करीब आते ही भोपाल रेल मंडल ने आमजन से रेलवे लाइनों के आसपास पतंगबाजी न करने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हाई वोल्टेज बिजली लाइनों के कारण यह शौक जानलेवा साबित हो सकता है। भोपाल रेल मंडल में शत प्रतिशत ट्रेनों का संचालन 25,000 वोल्ट की हाई टेंशन विद्युत लाइनों के माध्यम से होता है, जिनमें 24 घंटे लगातार करंट प्रवाहित रहता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि पतंग का मांझा इन विद्युत तारों में उलझ जाता है, तो गीला, धातुयुक्त या सिंथेटिक मांझा करंट को सीधे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति तक पहुंचा सकता है, जिससे गंभीर हादसा या मौत तक हो सकती है। पूर्व में देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान गई है। वहीं पतंग और मांझे के बिजली की लाइनों में फंसने से न केवल जनहानि का खतरा रहता है, बल्कि रेल संचालन भी बाधित हो सकता है। इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। मकर संक्रांति के अवसर पर भोपाल रेल प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों और स्टेशन परिसरों के पास पतंगबाजी से बचें। सुरक्षित स्थानों पर ही पतंग उड़ाएं और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

बिहार में 36.3 लाख लीटर शराब जब्त कर 1.25 लाख लोग गिरफ्तार

पटना. बिहार में पिछले 9 साल से शराबबंदी लागू है। जिसके चलते यहां शराब तस्करों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। साल 2025 में पुलिस ने 36.3 लाख लीटर से ज़्यादा शराब जब्त की है। वहीं, शराबबंदी कानून तोड़ने के आरोप में 1.25 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि ज़ब्त की गई शराब में 18.99 लाख लीटर इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और 17.39 लाख लीटर देसी शराब शामिल थी। अधिकारियों ने पिछले साल शराबबंदी कानून तोड़ने के आरोप में 1,25,456 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1,21,671 था। यानी 2024 की तुलना में 2025 में 3 प्रतिशत अधिक गिरफ्तारी की गई है। 2016 में लागू किया गया था शराबबंदी कानून बिहार सरकार ने अप्रैल 2016 में एक कानून बनाया था, जिसके तहत राज्य में शराब के निर्माण, व्यापार, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, बिक्री और सेवन पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, इस कानून के कड़े प्रावधानों के बावजूद, तब से कई बार शराब की तस्करी और जहरीली शराब से होने वाली मौतों की खबरें सामने आई हैं। इस पर डीजीपी ने कहा कि जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए, स्पिरिट बेचने वालों पर खास नजर रखी जा रही है।उन्होंने कहा कि 2025 के दौरान शराब से जुड़ी कोई बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन शराबबंदी से जुड़े मामलों में जब्ती और गिरफ्तारियों में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पुलिस लगातार चला रही है अभियान उन्होंने कहा, "हम अवैध शराब के धंधे में शामिल लोगों की संपत्ति को भी टारगेट कर रहे हैं, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से रोका जा सके।" कुमार ने बताया कि पिछले साल शराब के धंधे के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कुल 38 ऑपरेशन किए। इसमें 15 ऑपरेशन झारखंड, 17 उत्तर प्रदेश, चार छत्तीसगढ़ और 2 मध्य प्रदेश में हुए। इन अभियानों के दौरान कुल 29 बड़े वाहन, 26 छोटे वाहन और 2,27,182 लीटर शराब ज़ब्त की गई। यह 2024 में प्रोहिबिशन यूनिट द्वारा किए गए चार ऑपरेशन्स की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है, जब 28,210 लीटर स्पिरिट जब्त की गई थी। विनय कुमार ने बताया कि 2025 में, शराब के अवैध व्यापार से जमा की गई संपत्ति के लिए कुल 289 लोगों की पहचान की गई और उन व्यक्तियों के खिलाफ BNSS की धारा 107 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह धारा आपराधिक गतिविधि से जुड़ी संपत्ति की कुर्की, जब्ती या बहाली से संबंधित है।

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के लिए डॉ. रमन सिंह की बड़ी योजना, 6,000 से अधिक परिवारों को मिली मदद

मजदूर हितों की बड़ी पहल: छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 6,000 से अधिक श्रमिक परिवारों को दी योजनाओं की सौगात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के हाथों श्रमिक कल्याण को नई ताकत, ढाई करोड़ से बदली हजारों मजदूर परिवारों की तक़दीर रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर स्थित अपने निवास के सभागृह में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के संगठित क्षेत्र में कार्यरत हजारों मजदूर परिवारों को ढाई करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता छात्रवृत्ति योजना, साइकिल सहायता योजना एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वितरित की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा प्रदेशभर में संचालित 14 कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को हर परिस्थिति में सहयोग और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए श्रम कल्याण मंडल कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि प्रदेश के 6,000 से अधिक मजदूर परिवारों को छात्रवृत्ति, साइकिल सहायता एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण मंडल और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाने का कार्य उनके मुख्यमंत्रीत्व काल में प्रारंभ हुआ, जो निरंतर आगे बढ़ा है। अब तक इन योजनाओं से लाखों मजदूर लाभान्वित हो चुके हैं और आने वाले समय में इनका और विस्तार किया जाएगा। डॉ. रमन ने मंडल द्वारा संचालित सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना का स्वागत करते हुए कहा कि श्रम कल्याण मंडल ने जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के लिए योजनाएं बनाकर मजदूर कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया है। इसके बावजूद, मजदूर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं की व्यापक प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। इस कार्यक्रम में मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पांडे, सदस्यगण मोहन एंटी, रामकृष्ण धीवर, रवि शंकर सिंह, राधेश्याम गुप्ता, कमल बॉस सहित विभिन्न उद्योगों से आए मजदूरों ने आत्मीय स्वागत किया।

राम मंदिर परिसर में सुरक्षा चूक: अयोध्या में नमाज पढ़ते हुए हिरासत में लिया गया कश्मीरी युवक

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कश्मीरी युवक को धार्मिक गतिविधि करते हुए सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया. सूत्रों के अनुसार, युवक ने राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने का प्रयास किया. युवक कश्मीरी वेशभूषा में था. युवक राममंदिर के गेट D1 से घुसा था. पकड़े गए युवक का नाम अब अहमद शेख है. वह कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया. घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए. युवक से पूछताछ की जा रही है और उसके इरादों व पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है. शनिवार सुबह का है मामला यह घटना आज सुबह की बताई जा रही है. हालांकि, इस मामले पर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं राम मंदिर ट्रस्ट ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है. सूत्रों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो. अयोध्या में अब राम मंदिर परिसर के चारों ओर 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन की बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम आस्था और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है. क्या थी शिकायत?  प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के माध्यम से नॉन-वेज भोजन की आपूर्ति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों में बताया गया था कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय लोगों तक मांसाहारी भोजन पहुंचाया जा रहा है. इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया. अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ होटल और होमस्टे में मेहमानों को न केवल मांसाहारी भोजन बल्कि शराब परोसे जाने की सूचनाएं सामने आई थीं. इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही गई है. शराब की दुकानें हो रही संचालित गौरतलब है कि अयोध्या नगर निगम ने अयोध्या–फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर मांस और शराब की बिक्री बंद करने का फैसला लिया था. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब बिक्री पर यह प्रतिबंध अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका है और राम पथ क्षेत्र में कई शराब की दुकानें अब भी संचालित हो रही हैं. इस पर नगर निगम के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मांस की दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है.

यूपी टूरिज्म शुरू करेगा होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजनाओं के लिए जागरूकता अभियान

होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा यूपी टूरिज्म यूपी में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराता है होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना लखनऊ  प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना पर यूपी टूरिज्म प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगा। यह अभियान 14 से 30 जनवरी तक मुख्य रूप से प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों वाले शहरों में चलाया जाएगा, जिसमें योजना के प्रचार-प्रसार के साथ लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कर योग्य आवेदकों को तत्काल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। यह जागरूकता अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन सुविधा के विकास के साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। 14 से 30 जनवरी तक चलेगा प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान अभियान के तहत 14 से 30 जनवरी के बीच जिलों की पर्यटन विभाग की टीमें स्थानीय लोगों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक करेंगी। साथ ही लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कर योग्य आवेदकों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी प्रदान करेंगी। विभाग ने इस अभियान के लिए प्रति जनपद 2 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है, जो जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रचार-प्रसार सामग्री पर खर्च किया जाएगा। यह अभियान राज्य के पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस जागरूकता अभियान का विशेष लाभ उन लोगों को होगा जो योजना में शामिल होना चाहते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में योजना से जुड़ नहीं पा रहे हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा यूपी टूरिज्म की होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना-2025, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार पर्यटकों को बेहतर और सस्ती सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह योजना एक ओर स्थानीय निवासियों को अपने घरों को ही होम स्टे में बदलने और पर्यटकों को घरेलू भोजन, स्थानीय संस्कृति और व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध कराने की सुविधा देती है। साथ ही पर्यटकों को महंगे होटलों के विकल्प में स्थानीय संस्कृति से समृद्ध आवास और खान-पान की सुविधा प्रदान करती है। इससे पर्यटकों को एक अनोखा सांस्कृतिक अनुभव मिलता है, जबकि स्थानीय परिवारों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध होता है। योजना विशेष रूप से पर्यटन की अधिक संभावना वाले जनपदों जैसे मथुरा, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या पर केंद्रित है। यही नहीं, प्रयागराज में महाकुंभ, अयोध्या दीपोत्सव और मथुरा रंगोत्सव जैसे आयोजनों के समय पर्यटन विभाग के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक साबित होती है।