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टीकमगढ़ में चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही जिला चिकित्सालय की क्षमता का भी हुआ है उन्नयन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। द्वितीय चरण में 9 जिलों क्रमश: टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, सीधी और शाजापुर में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश में रोगियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के उद्देश्य से टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अतिरिक्त बिस्तरों के संचालन के लिए 810 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, टीकमगढ़ में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए उनका आभार मानने मुख्यमंत्री निवास आए युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गजमाला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह व गदा भेंटकर सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला तथा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ की क्षमता बढ़ाते हुए 300 बिस्तर से 500 बिस्तर में उन्नयन तथा इनके संचालन के लिए 160 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। गत वर्ष टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ रूपए की लागत से अतिरिक्त 100 बिस्तरीय नवीन भवन का निर्माण किया गया है। टीकमगढ़ अस्पताल में अब विशेषज्ञ ओ.पी.डी, आपातकालीन सेवायें, परिवार कल्याण सेवायें, लैब, रेडियोलॉजी, ट्रामा केयर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, गहन नवजात देखभाल इकाई आदि सुविधाओं के साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और परिवार कल्याण संबंधी परामर्श व सुविधा उपलब्ध होगी।  

जगदीश देवड़ा बोले—मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है

भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया। आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब और अधिक ऊंचाइयां तय करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश के सामने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। भारत के अमृतकाल में मध्यप्रदेश ने भी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना सर्वोच्च लक्ष्य है। इसे हासिल करते हुए मध्यप्रदेश स्वयं भी पूर्ण रूप से विकसित राज्य बन जाएगा। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश आज महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिये तैयार है। मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति के साथ आर्थिक विकास को तेज गति से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। मध्यप्रदेश की धरा पर हर जरूरी संसाधन है जो विकास के लिए आधार स्तंभ हैं। कृषि क्षेत्र में खाद्यान्न, दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य में है। आधुनिक सिंचाई की आदर्श संरचनाएं स्थापित है। बिजली की भरपूर उपलब्धता है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्याप्त औद्योगिक निवेश है। उद्योगों के लिए 1.2 लाख एकड़ से ज्यादा लैंड-बैंक है। वर्तमान में 112 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं । साथ ही 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक स्थलों की भी पहचान की गई है। उद्योगों के लिए सबसे जरूरी आकर्षक नीतियां मध्यप्रदेश ने बनाई है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना बहुत आसान हो गया है। प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश विख्यात है। यहां की जमीन उपजाऊ है, जल संसाधनों की कमी नहीं है। भारत की सबसे बड़ी वन संपदा प्रदेश में उपलब्ध है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है। वर्ष 2029 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी समृद्ध हो। संपूर्ण विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को आर्थिक विकास, भौतिक अधोसंरचना, सामाजिक अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास करने होंगे। इसके लिए इसी वर्ष चार प्रमुख मिशनों को लांच किया गया है। इसका उद्देश्य गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति को सशक्त बनाना है। यह चार मिशन मध्यप्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। मध्यप्रदेश उद्योग और सेवाओं पर आधारित अर्थव्यवस्था की संरचना और रणनीति में बदलाव की योजना बना रहा है। अगले 10 वर्षों में राज्य में उद्योग और सेवाओं में वृद्धि होगी क्योंकि निवेश और उत्पादन मध्यप्रदेश देश के निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय ग्रामीण उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की ओर हम अग्रसर हैं। स्वदेशी की अवधारणा को मध्यप्रदेश में पल्लवित होने का एक अनुकूल वातावरण मिला है। स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में हम सभी स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबसे जरूरी कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विकास करना, इसके लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों को मदद की जाएगी। एग्रो प्रोसेसिंग हब, कोल्ड चैन, बाजार संपर्क, उत्पादों के मूल संवर्धन को अधिकतम करते हुए एक विस्तृत रोड मैप तैयार किया जाएगा। भौतिक अधोसरंचना में सिंचाई एक बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश की तैयारी है कि 2029 तक शुद्ध बोए गए क्षेत्र में सिंचाई का क्षेत्र 85% तक पहुंच जाए। इसी प्रकार वर्ष 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में 50% नवकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा की वर्तमान स्थापित क्षमता 27109 मेगावाट है जिसे 2029 तक बढ़कर 60,000 मेगावाट करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जिस प्रकार से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश आ रहा है उससे यह लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा। सामाजिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा में सकल नामांकन दर को 2029 तक 90% और उच्च शिक्षा में 35% तक ले जाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को भी निरंतर मजबूत बनाने के प्रयास हैं। स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 8000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं। मध्यप्रदेश खुद को एक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है जिसमें उज्जैन मेडिसिटी जैसी पहल शामिल है। इसी प्रकार शहरों की अधोसंरचना सुधारने के लिए स्थानीय निकायों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत को निरंतर सक्षम बनाने का काम चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास। इसे आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार है। नागरिकों के सहयोग से विकास के नए लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन नहीं है। भारत देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और साथ ही मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। एक बार पुनः मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। जगदीश देवड़ा    

भारत की ब्लू इकोनॉमी में बड़ा बदलाव, पीएम मोदी ने साझा किया विजन

नई दिल्ली   पीएम मोदी ने  मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करने के बाद गुरुवार को निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि वे पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि भारत निवेश के लिए एक सही स्थान है। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, "हमारे पास वर्ल्ड-क्लास पोर्ट्स, एक लंबी कोस्टलाइन, स्ट्रेटेजिक ग्लोबल ट्रेड रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इनोवेशन और इरादा है। हमारे युवाओं की वजह से हमारा इकोसिस्टम इनोवेशन के लिए पूरी तरह तैयार है। आइए, हमारे साथ जुड़िए!" पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास ब्लू इकोनॉमी ग्रोथ के लिए एक एंबिशियस विजन है। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग सर्विस प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि वे इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि वे कई बड़े सीईओ से मिले और इस सेक्टर के बड़े स्टेकहोल्डर्स से बात की। देश के मैरीटाइम सेक्टर को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, सुधारों और लोगों की भागीदारी के साथ इस सेक्टर में कई बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों के साथ मैरीटाइम सेक्टर मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल ट्रस्ट और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया है। पीएम मोदी ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का मंत्र देते हुए कहा कि बिल्स ऑफ लैडिंग बिल से लेकर इंडियन पोर्ट्स बिल (2025) तक पांच महत्वपूर्ण बिलों ने मैरीटाइम गवर्नेंस को मॉडर्न बनाया है, व्यापार को आसान बनाया है, राज्यों को मजबूत किया है और भारत को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के साथ जोड़ा है। उन्होंने बताया कि इस ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से समुद्री सेक्टर के लिए 70,000 करोड़ रुपए का एक अम्ब्रेला पैकेज मंजूर किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि शिपबिल्डिंग असिस्टेंस स्कीम, मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड और शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम से 4.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का इन्वेस्टमेंट आएगा और 2,500 से अधिक जहाज बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने लिंक्डन पर जानकारी देते हुए पोस्ट किया कि शिपिंग और जलमार्ग विकास के नए इंजन बन रहे हैं, जहां भारतीय झंडे वाले जहाजों की संख्या 1,205 से बढ़कर 1,549 हो गई, और फ्लीट का ग्रॉस टनेज 10 एमजीटी से बढ़कर 13.52 एमजीटी हो गया है। कोस्टल शिपिंग कार्गो भी लगभग दोगुना होकर 87 से 165 एमएमटी हो गया है।

ड्रीम11 का बड़ा कदम, अब 11 देशों में होगी कंपनी की सेवाएं, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम शामिल

नई दिल्ली Dream11 ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. अब कंपनी ग्लोबल एक्सपेंशन करने जा रही है और अब कंपनी ने 11 देशों में लॉन्चिंग कर दी है. इसमें अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और यूएई जैसे नाम शामिल हैं.  दरअसल, हाल ही में भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर कानून में बदलाव किया है. इसके बाद ड्रीम 11का बिजनेस मॉडल प्रभावित हुआ. अब कंपनी ने इसकी भरपाई के लिए दुनिया के दूसरे देशों में अपना बिजनेस मॉडल लॉन्च करने जा रही है.   कंपनी के को-फाउंडर ने बताया रेवेन्यू मॉडल  अगस्त महीने के दौरान मनीकंट्रोल को दिए गए इंटरव्यू में ड्रीम स्पोर्ट्स के को-फाउंडर हर्ष जैन ने बताया था कि उनकी कंपनी का 95 परसेंट रेवेन्यू शुरुआती मॉडल कैश बेस्ड कॉन्टैस्ट पर है. नए नियम के तहत उनको बैन कर दिया है.  आने वाले दिनों में मिलेंगे और अपडेट  अब कंपनी रेवेन्यू के लिए अलग-अलग मॉडल पर काम कर रही है. आने वाले दिनों में कई और अपडेट देखने को मिलेंगे. हाल ही में कंपनी ने न्यू फैंटेसी स्पोर्ट्स फीचर को अनवील किया है, जिसका नाम Flex है. इसकी मदद से यूजर्स खुद की लीग तैयार कर सकते हैं और रूल्स को भी कस्टमाइज कर सकते हैं.  मनी बेस्ड गेमिंग पर बैन के बाद बदला मॉडल नए कानूनों के बाद ड्रीम 11 ने फ्री-टू-प्ले (बिना पैसे वाला गेम) मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल की कमाई का आधार अब विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप हैं। ड्रीम 11 ने जिन अन्य देशों में अपना प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है उनमें न्यूजीलैंड, कनाडा, मलेशिया, नेपाल, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका शामिल हैं। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी इन नए बाजारों में रियल-मनी गेम्स (पैसा लगाकर खेलने वाले गेम) ऑफर नहीं करेगी, यानी यहां भी कमाई का जोर विज्ञापनों पर ही रहेगा। अगस्त में ऑनलाइन मनी बेस्ड गेमिंग पर बैन लगा था 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद ये कानून बन गया था। 21 अगस्त 2025 को राज्यसभा ने और उससे एक दिन पहले लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।     रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।     सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।     रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।     ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिलेगा। 17 साल पहले हुई थी कंपनी की शुरुआत  ड्रीम स्पोर्ट्स कंपनी की शुरुआत साल 2008 में हुई थी, जिसको हर्ष जैन और भावित शेठ ने मिलकर बनाया था. साल 2021 नवंबर में कंपनी के हाथ बड़ी इनवेस्टमेंट लगी थी और कंपनी की वैल्यू 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था.  पैसे वाले कई गेम्स हुए बंद   Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 पास किया जा चुका है. अब बड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने पैसे वाले गेम्स को बंद कर दिया है.  मनी बेस्ड गेमिंग से आर्थिक नुकसान हो रहा था सरकार का कहना था कि मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा था। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं। अनुमान था कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है।

इंदौर के कारोबारी की हत्या मामला: पुलिस ने पेश की 790 पेज की चार्जशीट, 5 पर आरोप तय

इंदौर  ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय ईस्ट खासी हिल्स जिले की कोर्ट ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाली सोनम रघुवंशी उसके प्रेमी राज कुशवाहा सहित 5 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा भी सुनाएगा. वहीं आरोपियों ने तकरीबन 4 से अधिक बार जमानत याचिका पेश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. हनीमून के दौरान शिलांग में की राजा की हत्या इंदौर के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ 21 मई को हनीमून मनाने के लिए शिलांग गए हुए थे. लेकिन वहां पर उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी. उसके बाद उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया था. वारदात को अंजाम देने के बाद सोनम रघुवंशी आरोपियों के साथ घटनास्थल से फरार हो गई थी. 2 जून को सोहरा हिल्स के समीप एक खाई में राजा रघुवंशी का शव मिला था. पुलिस ने कोर्ट में पेश की थी 790 पेज की चार्ज शीट इस पूरे मामले में शिलांग पुलिस ने जांच पड़ताल की गई और हत्या के आरोप में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, प्रेमी राज कुशवाह, प्रेमी के दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी को गिरफ्तार किया था. शिलांग पुलिस ने कई तरह के सबूत इकट्ठा किए थे. जिसमें घटनास्थल पर मिले चाकू सहित सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के रूप में सोनम रघुवंशी की आरोपियों से लगातार बातचीत की कॉल डिटेल व अन्य एविडेंस शामिल थे. शिलांग पुलिस ने इंदौर आकर भी तहकीकात की थी. तकरीबन 790 पेज की चार्टशीट पिछले दिनों शिलांग पुलिस ने सोहरा सब डिवीजन के जुडिशल मजिस्ट्रेट प्लस क्लास की कोर्ट में पेश की थी. कोर्ट ने 4 बार की जमानत याचिका खारिज चार्ट शीट पेश होते ही आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य आरोपियों ने जमानत के प्रयास भी किए. कोर्ट में 4 से अधिक बार जमानत याचिका लगाई गई. लेकिन कोर्ट ने चारों बार उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया. इस पूरे मामले में एक के बाद एक सुनवाई कर इस पूरे मामले में पांचों आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा सुना सकती है. राजा का भाई बोला-सख्त सजा दिलवाएंगे कोर्ट ने चार्ट शीट के आधार पर यह माना कि सोनम रघुवंशी ने ही अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की और उसके बाद वहां से फरार हुई. कोर्ट के द्वारा आरोप तय होने के बाद मृतक ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि, ''हम आरोपियों को सख्त सजा दिला कर ही रहेंगे. इसके लिए हमारे वकील अलग-अलग तरह से प्रयास कर रहे हैं.''     जल्द मिलेगा आरोपियों को सजा मामले में राजा रघुवंशी के एडवोकेट सुजीत देव ने विभिन्न तरह की जानकारी भी कोर्ट को दी. एडवोकेट सुजीत देव ने कोर्ट को बताया कि, ''योजनाबंध तरीके से सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को मेघालय के शिलांग लेकर आई थी और उसके बाद उसने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या की घटना को अंजाम दिया.'' एडवोकेट सुजीत देव का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर कोर्ट ने आरोपियों पर लगे हुए आरोप को तय कर दिया है. अब इसकी एक के बाद एक सुनवाई होगी और जल्द ही वह आरोपियों को सजा भी दिलवा देंगे.''

RSS तय कर रही देश के लिए आगे की दिशा, 200 से ज्यादा विशिष्ट हस्तियों को दी श्रद्धांजलि

जबलपुर   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक 30 अक्टूबर से जबलपुर में शुरू हो गई है. इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सहित आरएसएस के देश भर के सभी 407 प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए हैं. यह बैठक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आने वाले साल का कार्यक्रम तय करेगी. इसमें संघ प्रमुख कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब भी देंगे. इस बैठक मैं यह तय होगा कि संघ को किस तरह घर-घर तक पहुंचाया जाए. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की बैठक की शुरुआत जबलपुर के विजयनगर में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस बैठक में भारत के कोने-कोने से आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी प्रमुख सदस्य शामिल हैं. यह बैठक जबलपुर के विजयनगर में एक 5 एकड़ के प्रांगण में हो रही है. बैठक के लिए अलग-अलग डोम हॉल बनाए गए हैं. गुरुवार सुबह 9:00 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर बैठक की शुरुआत की. इस बैठक में पूरे देश के राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रमुख 407 कार्यकर्ता मौजूद रहे. मंच पर केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख और सह कार्यवाहक ही नजर आए जबकि बाकी लोगों की बैठक व्यवस्था नीचे की गई. फिल्म अभिनेता असरानी सहित 200 से ज्यादा विशिष्ट हस्तियों को श्रद्धांजलि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने बताया, '' बैठक की शुरुआत मैं बीते साल देश के 207 से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की मृत्यु पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई. इस मौके पर राष्ट्रसेवा सेविका समिति प्रमुख प्रमिला ताई मेढ़े, वरिष्ठ प्रचारक मधुभाई कुलकर्णी, गुजरात के पूर्व CM विजय भाई रूपाणी, झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन, फिल्म अभिनेता असरानी के साथ कई लोगों को श्रद्धांजलि दी गई.'' संघ बना रहा आगे की रणनीति RSS के सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने बताया, '' बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे. बैठक में देश के विभिन्न परिदृश्यों पर होगी चर्चा की जाएगी. इसमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे संघ को घर-घर तक पहुंचने वाले जनसंपर्क अभियान का है, जिसके तहत हिंदू सम्मेलन किए जा रहे हैं. इसके साथ ही इस बैठक में सामाजिक सद्भाव पर भी चर्चा होगी. पहले से तय मुद्दों के साथ ही संघ के देश भर से आए महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं प्रचारकों के सवालों पर भी विस्तृत चर्चा होगी. इन सवालों के जवाब संघ प्रमुख देंगे.'' यह बैठक भारत के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन को भी प्रभावित करती है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी भी संघ का ही अनुषांगिक संगठन है. यहां तक की इस बैठक में तय किए गए मुद्दे ही आगे जाकर भारतीय जनता पार्टी की नीति तय करता है. इसलिए यह बैठक महत्वपूर्ण हो जाती है. इसमें जिन मुद्दों पर चर्चा होगी और जिन पर सहमति बनेगी उससे जुड़े हुए घटनाक्रम पूरे देश में देखने को मिलेंगे. इस बैठक के बाद क्या-क्या तय होगा इस पर 1 तारीख को जानकारी दी जाएगी.

शीतकालीन सत्र से पहले तय होगा विधायकों के वेतन भत्ते का प्रस्ताव

भोपाल  मध्य प्रदेश में विधायक और पूर्व विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी जल्द ही की जाएगी. विधानसभा में उठाई गई इस मांग को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने कमेटी गठन करने का फैसला किया है। वित्त विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय बिश्नोई के साथ कांग्रेस विधायक सचिन यादव को सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग निर्देश जारी किया है। विधायकों, पूर्व विधायकों के वेतन, भत्ते बढ़ाने को लेकर बुलाई गई बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, विधायक अजय विश्नोई और एसीएस अनुपम राजन। जनवरी में सौंपी जाएगी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव मध्य प्रदेश संसदीय कार्य विभाग समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति की आवश्यकता अनुसार अन्य विभागों और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों को भी बैठक में शामिल किया जाएगा। मध्य प्रदेश के विधायक और पूर्व विधायक को का वेतन बढ़ाने के लिए विधानसभा में चर्चा हुई थी। विधायकों की मांग थी कि 45% वेतन में बढ़ोतरी की जाए। इस पर सरकार ने कमेटी बनाकर निर्णय लेने का विचार किया है। माना जा रहा है कि अगले वर्ष 2026 के जनवरी महीने में रिपोर्ट भी शासन को भेज दी जाएगी। विधायकों का कितने प्रतिशत वेतन बढ़ाया जा सकता है। उनके महत्व में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसके विषय में वित्त मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी फैसला करेगी। हालांकि वेतन बढ़ाई जाने को लेकर कांग्रेस बीजेपी दोनों के विधायकों ने ही सरकार से मांग की थी कि उनके वेतन को रिवाइज किया जाए। कई राज्यों के वेतन मध्य प्रदेश से ज्यादा है। इसलिए विधायकों की सहूलियत को ध्यान में देते हुए सैलरी में बढ़ोतरी की जाए। विधायकों को 1.10 लाख रुपये सैलरी मध्य प्रदेश में विधायकों को वर्तमान में वेतन-भत्तों को मिलाकर करीब 1 लाख 10 हजार रुपए हर महीने मिलते हैं। आगामी प्रस्ताव के मुताबिक अगर सरकार वेतन बढ़ती है तो 1 लाख 60 हजार रुपए प्रति महीना दिया जा सकता है। जिसमें चिकित्सा भत्ता, अर्दली और निजी सचिव का भत्ता भी शामिल रहता है। अभी मध्य प्रदेश में 230 विधायकों में 31 मंत्रियों का वेतन सामान्य प्रशासन विभाग देता है। मुख्यमंत्री को 2 लाख, कैबिनेट मंत्री को एक लाख 70 हजार और राज्य मंत्री को 1 लाख 45 हजार रुपये मिलते हैं। इन राज्यों में एमपी के MLAs से कम विधायकों की सैलरी नागालैंड 1 लाख रुपए पंजाब 94 हजार रुपए ओडिशा 65,170 रुपए केरल 70 हजार रुपए छत्तीसगढ़ 80 हजार रुपए इन राज्यों में एमपी के MLAs से ज्यादा विधायकों की सैलरी बिहार 1.24 लाख रुपए गुजरात 1.10 लाख रुपए हरियाणा 1.95 लाख रुपए हिमाचल 2.10 लाख रुपए महाराष्ट्र 2.32 लाख रुपए राजस्थान 1.12 लाख रुपए अरुणाचल 1.20 लाख रुपए असम 1.20 लाख रुपए झारखंड 1.38 लाख रुपए उमंग सिंघार ने साधा निशाना विधायकों की सैलरी बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार से सवाल पूछे कि सरकार के पास तो सोयाबीन का पैसा किसानों को देने के लिए नहीं है  मंडी की जमीन गिरवी रखी जा रही है, फिर भला विधायकों का वेतन कैसे बढ़ाएंगे।

छठ पर्व पर सियासी संग्राम! RJD-कांग्रेस पर PM मोदी का वार—‘आस्था का मज़ाक उड़ाने वालों को जवाब मिलेगा’

मुजफ्फरपुर  बिहार चुनाव को लेकर हलचल तेज है। मुजफ्फरपुर में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे पीएम मोदी ने राजद-कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजद और कांग्रेस पर छठी मईया के अपमान का आरोप लगाया है। पीएम मोदी ने कहा कि ये लोग भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देने को ड्रामा कहते हैं। बिहार के लोग सैकड़ों साल तक इस बात को नहीं भूलेंगे। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में पीएम मोदी ने कहा, 'साथियों आपने देखा कि आपके बेटा जो छठी मईय़ा का जय-जयकार दुनिया में कराने में लगा है। दूसरी तरफ कांग्रेस और आरजेडी के लोग क्या कर रहे हैं?   वो छठी मईया का अपमान कर रहे हैं। आप मुझे बताइए कि क्या कोई कभी चुनाव में वोट पाने के लिए छठी मईय़ा का अपमान कर सकता है? क्या ऐसा अपमान बिहार सहेगा? क्या हिन्दुस्तान सहेगा? क्या जो माताएं निर्जला उपवास करती हैं वो सहेंगी? आरजेडी-कांग्रेस कैसी बेशर्मी से बोल रहे हैं। उनके लिए तो छठी मईया की पूजा एक ड्रामा है नौटंकी है। ऐसे लोगों को सजा दोगे कि नहीं दोगे जो माताएं बहने निर्जला व्रत रखती हैं जो गंगा जी में खड़ी होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं वो राजद कांग्रेस की नजर में ड्रामा करती हैं। राहुल गांधी ने क्या कहा था आपको बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि ‘‘वह वोट के लिए कुछ भी कर सकते हैं, यहां तक ​​कि नाच भी सकते हैं’’। उन्होंने भाजपा पर बिहार में नीतीश कुमार सरकार को ‘रिमोट कंट्रोल’ से नियंत्रित करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर और दरभंगा में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस)के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के साथ लगातार दो संयुक्त रैलियों को संबोधित किया। गांधी ने दिल्ली में यमुना के किनारे छठ पूजा के आयोजन का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ यमुना नदी में गंदा पानी था और बगल में साफ पानी का तालाब बनाया गया था ताकि प्रधानमंत्री उसमें नहाकर ‘ड्रामा’ कर सकें, जबकि उन्हें छठ पूजा से कोई लेनादेना नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में जब पूरे हिंदुस्तान को पता चल गया तो प्रधानमंत्री मोदी छठ पूजा के इस आयोजन में नहीं गए। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री वोट के लिए कुछ भी कर सकते हैं। कांग्रेस नेता ने लोगों से कहा, ‘‘अगर आप मोदी जी से कहें कि हम आपको वोट देंगे, आप मंच पर आकर नाचिए तो वह नाच लेंगे।’’  

भोपाल में 10 नवंबर को बीएल संतोष होंगे मौजूद, जबलपुर में मनाया जाएगा बिरसा मुंडा उत्सव

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर राज्यवासियों को संबोधित करेंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर भाजपा संगठन तक पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, इस उत्सव में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और वीरता को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के विभिन्न जनजातीय अंचलों से सैकड़ों प्रतिनिधि जबलपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे। देशभर में इस कार्यक्रम का प्रसारण होगा। एक हफ्ते तक लगातार जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम होंगे। एमपी बीजेपी के संगठन और सरकार की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 7 नवंबर को प्रोफाइल फोटो बदलेंगे बीजेपी नेता इसमें जनजातीय प्रतीकों, स्थानीय जनजाति समाज के व्यक्तियों की सक्सेस स्टोरी और बीजेपी के विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। 7 नवंबर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म की प्रोफाइल फोटो बदली जाएंगी। सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम नेता सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो बदलेंगे। बीएल संतोष 10 को आएंगे भोपाल जनजातीय गौरव दिवस की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष 10 नवंबर को भोपाल आएंगे। संतोष बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं, भाजपा संगठन स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष 10 नवंबर को भोपाल आएंगे। उनके दौरे के दौरान संगठन की राजनीतिक और रणनीतिक बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें जनजातीय समाज से जुड़ाव, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और संगठन विस्तार पर चर्चा होगी। राज्य में जनजातीय आबादी का बड़ा राजनीतिक प्रभाव देखते हुए, पार्टी इस अवसर को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मान रही है। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन न केवल आदिवासी समाज को सम्मान देने का प्रतीक होगा, बल्कि 2025 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के जनसंपर्क अभियान को नई दिशा देगा। 11 से आदिवासी बहुल जिलों में निकलेंगी यात्राएं 11 नवंबर से 15 नवंबर तक एमपी के जनजातीय बहुल जिलों में बिरसा मुंडा गौरव यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में जनजातीय कला समूह, झांकियां, प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। जिला स्तर पर सम्मेलन आयोजित होंगे। जिनमें विधायक, सांसद, विशेषकर जनजातीय समुदाय के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। सड़कों, चौराहों के नाम बदलेंगे 7 नवंबर से 15 नवंबर के बीच सड़कों, चौराहों, पार्क और सरकारी भवनों को चिह्नित कर उनका नाम भगवान बिरसा मुंडा और दूसरे जनजातीय विशिष्ट व्यक्तियों के नाम पर किया जाएगा। आदिवासी नेताओं की बड़ी प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा के जीवन इतिहास और उपलब्धियों पर आधारित स्मारक भी बनाए जाएंगे। यूनिवर्सिटीज में शुरू होगी जनजातीय शोध पीठ प्रदेश के विश्व विद्यालयों में नए जनजातीय पीठ शुरू की जाएंगी। आदिवासी बहुल प्रदेश पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इन पीठों के माध्यम से आदिवासी समुदाय से जुडे़ विषयों पर हायर स्टडी (उच्च स्तरीय शोध) का अवसर मुहैया कराया जाएगा। जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। जिससे उनके सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। जनजातीय गौरव दिवस पर बीजेपी के कार्यक्रम 10 नवंबर को प्रदेश स्तर पर भोपाल में और 11 नवंबर को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन: आदिवासी बहुल जिलों में जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें स्थानीय आदिवासी नेता और युवा कार्यकर्ता भाग लेंगे। जनजातीय समाज की विभूतियों का होगा सम्मान पिछले 11 सालों में पद्म पुरस्कार से सम्मानित और मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी द्वारा उल्लेखित जनजातीय समाज के लिए काम करने वाले लोगों का सम्मान किया जाएगा। कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज में टाउन हॉल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जनजातीय थीम पर टाउन हॉल के आयोजन होंगे। इन टाउन हॉल में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा होगी।     जनजातीय समाज- भारतीय सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा     स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज और नेताओं की भूमिका     जनजातीय ज्ञान प्रणाली     जनजातीय जीवन शैली का सांस्कृतिक पहलू लेख: मुख्यमंत्री और प्रमुख नेताओं द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और जनजातीय सशक्तिकरण के लिए बिरसा मुंडा के योगदान पर लेख शेयर किया जाएगा। पॉडकास्ट: पॉड कास्ट में जनजातीय नेताओं और बीजेपी द्वारा आदिवासी समाज के लिए किए गए कामों को बताया जाएगा। एमपी सहित देशभर में स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन क्विज कॉम्पटीशन कराए जाएंगे। ये प्रतियोगिताएं जनजातीय आंदोलनों के इतिहास और आदिवासी नेताओं के योगदान पर आधारित होंगी। जबलपुर में होगा कार्यक्रम पीएम मोदी वर्चुअल संबोधन करेंगे। जनजातीय बहुल जिलों में बिरसा मुंडा गौरव यात्रा 11 से शुरू होंगी और 15 नवंबर तक चलेंगी।

वो 50% हुए तो ब्रज में वही टोपी वाले होंगे’: भविष्यवाणी में बोले धीरेंद्र शास्त्री

होडल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे।हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कौनसी टोपी वाले, क्योंकि वह खुद भी टोपी लगाते हैं। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।  हरियाणा के होडल में थे। यहां उन्होंने गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी पदयात्रा को रोकने की धमकी देने वालों को चेतावनी दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा… लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। अगले 15 से 20 सालों में भारत की जियोग्राफी' बदल जाएगी और भारतीय लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई पड़ेंगे। कोसीकलां दंगे की याद दिलाई धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के लोगों को 2012 के कोसीकलां दंगे की याद दिलाते हुए कहा- तुम्हारे ही कोसीकलां में हिंदुओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर दौड़ाया था। हम तो अपनी जान की बाज़ी हथेली पर लेकर निकले हैं, तुम्हारे लिए। क्या है मामला आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर यादव ने मंगलवार को ग्वालियर में धीरेंद्र शास्त्री पर 'आडंबर और पाखंड' फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि शास्त्री ने जिस यात्रा की घोषणा की है, उसका उद्देश्य 'हिंदू राष्ट्र' बनाना है, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के विरुद्ध है। इसे 'राष्ट्रद्रोही' कृत्य की श्रेणी में रखा जा सकता है। यादव ने अपनी बात दोहराते हुए यात्रा को रोकने की मांग की थी और इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने तथा भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी।