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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण डोमेस्टिक टर्मिनल, सुरक्षा और उद्घाटन समारोह स्थल का लिया जायजा एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की विस्तृत समीक्षा सीएम ने दिए गुणवत्ता, समयबद्धता और यात्री सुविधा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश उच्च मानकों के अनुरूप सभी निर्माण और सुरक्षा कार्य संपन्न कराए जाएंः मुख्यमंत्री उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाएः सीएम योगी गौतमबुद्धनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉमेस्टिक टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। इस दौरान, सीएम योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा, इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ और उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और यात्री सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ठोस और समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क और मेट्रो लिंक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने नागरिक उड्डयन, सुरक्षा, विस्फोटक निरोधक दस्ता, नियंत्रण इकाई, उप स्टेशन और आधारभूत संरचना से संबंधित अद्यतन जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े सभी तकनीकी, सुरक्षा एवं प्रशासनिक पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीओओ किरण जैन ने एनआईए अनुज्ञा निर्गमन, यात्री सुरक्षा, रनवे, वायुसंचालन परीक्षण और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुदृढ़ और चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य होगी। गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे से सड़क संपर्क, माल परिवहन संपर्क, अग्निशमन केंद्र, जल शोधन संयंत्र, जलभराव निस्तारण एवं वाहन पार्किंग की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और नोडल अफसर शैलेन्द्र भाटिया ने प्रगति और कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि हवाई अड्डे के सभी कार्यों की प्रगति नियमित रूप से समीक्षा कर गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनसभा स्थल तक सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था हो दुरुस्त मुख्यमंत्री ने आगामी जनसभा एवं रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभा स्थल पर भूमि समतलीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनसभा स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता एवं प्रकाश की व्यवस्था उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाए। 150 उड़ानें प्रतिदिन हो सकेंगी संचालित जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण कराए जाने वाले हिस्से का क्षेत्रफल 3,300 एकड़ है, जबकि कुल 6,700 एकड़ भूमि का अब तक अधिग्रहण किया जा चुका है शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन माह में ली जाएगी। भूमि क्रय की लागत लगभग ₹5,000 करोड़ और एयरपोर्ट निर्माण की लागत ₹7,000 करोड़ है। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी। साथ ही, औसतन प्रतिदिन 150 उड़ानें यहां से संचालित होंगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या 1 करोड़ से अधिक होने पर दूसरे रनवे का निर्माण शुरू हो जाएगा और दोनों रनवे मिलकर 7 करोड़ यात्रियों की सेवा करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के पूर्ण स्वरूप में कुल 5 रनवे होंगे, इसका कुल क्षेत्रफल 11,750 एकड़ होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। उत्तर प्रदेश में 24 एयरपोर्ट्स, 16 संचालित उत्तर प्रदेश में कुल 24 एयरपोर्ट्स हैं, जिनमें से 16 संचालित हो चुके हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है और अब इसका जल्द ही शुभारंभ होने वाला है। वहीं, 7 एयरपोर्ट्स निर्माणाधीन हैं। संचालित एयरपोर्ट्स में घरेलू स्तर पर आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर शामिल हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ होते ही उत्तर प्रदेश 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का इकलौता राज्य बन जाएगा। निर्माणाधीन एयरपोर्ट्स की बात करें तो सोनभद्र, ललितपुर, मेरठ, गाजीपुर, झांसी, अमेठी और पलिया में भी इस पर तेजी से कार्य चल रहा है जो भविष्य में प्रदेश के वायु संपर्क और पर्यटन को और मजबूत करेंगे। योगी सरकार में सिविल एविएशन की तीव्र प्रगति उत्तर प्रदेश अब सिविल एविएशन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो रहा है। वर्ष 2024-25 में करीब 1.5 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की, जिसमें 1.3 करोड़ घरेलू यात्री तो वहीं 13 लाख से ज्यादा इंटरनेशनल यात्री शामिल रहे। 2017 से 2025 के बीच यात्री संख्या में 10.1 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत से लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं, बेहतर एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश में पर्यटन को भी नया आयाम मिला है, विशेषकर अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों पर … Read more

ROKO ने जीत के जश्न में फैन्स के साथ बांटे भावुक पल, बोले—‘ऑस्ट्रेलिया आना दोबारा मुश्किल’

सिडनी  भारतीय टीम ने शनिवार (25 अक्टूबर) को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में 9 विकेट से शानदार जीत हासिल की. भारतीय टीम की जीत में रोहित शर्मा और विराट कोहली का अहम रोल रहा. रोहित ने नाबाद 121 रन बनाए. वहीं विराट कोहली के बल्ले से नाबाद 74 रन निकले. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम वनडे सीरीज का स्कोर 1-2 करने में सफल रही. वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले मेजबान टीम ने जीते थे. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. रोहित शर्मा और विराट कोहली का ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जा रहा हैं, ऐसे में फैन्स का सैलाब उमड़ना स्वाभाविक था. मुकाबले में जीत के बाद रोहित-कोहली (ROKO) ने एडम गिलक्रिस्ट और रवि शास्त्री से बात की. दोनों से अपने बयानों से फैन्स को भावुक कर दिया. रोहित ने कहा उन्हें मालूम नहीं हैं कि वे दोबारा भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया आ पएंगे या नहीं. दोनों ने फैन्स का आभार जताया. विराट कोहली ने कहा, 'आपने भले ही लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला, लेकिन यह खेल हर बार आपको कुछ नया सिखा देता है. मैं कुछ ही दिनों में 37 साल का होने वाला हूं, लेकिन टारगेट का पीछा करते हुए हमेशा मैं बेहतरीन प्रदर्शन करता हूं. रोहित के साथ मैच जिताऊ साझेदारी करना शानदार रहा. शुरुआत से ही हमने हालात को अच्छी तरह समझा और यही चीज हमें एक जोड़ी के तौर पर हमेशा मजबूत बनाती रही है. यहां पर खेलना पसंद है: कोहली-रोहित विराट कोहली ने आगे कहा, 'अब शायद हम सबसे अनुभवी जोड़ी हैं. लेकिन जब हम युवा थे, तब भी हमें पता था कि बड़ी साझेदारी करके हम विपक्षी टीम को पछाड़ सकते हैं. यह सब 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज से शुरू हुआ था. अगर हम मिलकर बड़ा साझेदारी करते हैं, तो हम जानते हैं कि टीम को जीत तक ले जा सकते हैं. हमें इस देश में खेलना हमेशा पसंद रहा है, हमने यहां कुछ अच्छा क्रिकेट खेला है. दर्शकों का बहुत धन्यवाद, जो बड़ी संख्या में हमें समर्थन देने आए.' रोहित शर्मा ने कहा, 'मुझे हमेशा यहां आकर खेलने में मजा आता है. सिडनी में क्रिकेट खेलना तो खास तौर पर बेहद यादगार होता है. 2008 की यादें ताज़ा हो गईं, जब मैं पहली बार ऑस्ट्रेलिया आया था. यह मजेदार रहा, पता नहीं आगे हम यहां दोबारा खेलने आएंगे या नहीं, लेकिन हर पल का हमने आनंद लिया है. हमने हमेशा खेल का मजा लिया है, चाहे कितने भी अवॉर्ड्स और तारीफें मिली हों. पिछले 15 सालों में जो हुआ उसे भूल जाइए, मुझे यहां खेलना हमेशा अच्छा लगा है. मुझे यकीन है विराट के लिए भी यह एहसास वैसा ही है. शुक्रिया ऑस्ट्रेलिया.' रोहित शर्मा 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे. रोहित ने बताया, 'ऑस्ट्रेलिया में आप यही उम्मीद करते हैं, यह आसान नहीं होता है. आपको परिस्थिति को समझना होता है. लंबे समय से नहीं खेला था, ऐसे में यहां आने से पहले अच्छी तैयारी की थी. हम सीरीज नहीं जीत सके, लेकिन फिर भी बहुत सारी सकारात्मक चीजें हुई हैं. युवाओं को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.' रोहित शर्मा कहते हैं, 'जब मैं पहली बार आया था, तो सीनियर्स ने काफी मदद की थी. संदेश देना हमारा काम है. विदेश जाकर क्रिकेट खेलना कभी आसान नहीं होता. खिलाड़ी काफी प्रतिभाशाली हैं, आपके पास कोई गेम-प्लान होना चाहिए. मुझे ऑस्ट्रेलिया में खेलना बहुत पसंद है. सिडनी से अच्छी यादें जुड़ी हुई हैं, शानदार जगह और शानदार दर्शक. मुझे अपना काम करना पसंद है और उम्मीद है कि मैं ऐसा करता रहूंगा.'

क्रिकेट मैदान पर धमाका: रोहित और कोहली की जोड़ी ने दिलाई भारत को यादगार जीत

नई दिल्ली भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे वनडे में 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। शुरुआती दो मैचों में हार का सामना करने वाली भारतीय टीम ने सिडनी में खेले गए मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम 46.4 ओवर में सभी विकेट खोकर 236 रन ही बना सकी। इसके जवाब में भारत ने रोहित शर्मा (109 और विराट कोहली (68) की शतकीय साझेदारी की बदौलत 69 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम किया। भारत ने 38.3 ओवर में एक विकेट खोकर 237 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के 237 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारत को पहला झटका 69 के स्कोर पर लगा। जोश हेजलवुड ने शुभमन गिल को आउट किया। इसके बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों के बीच 168 रन की साझेदारी हुई। रोहित शर्मा ने 125 गेंद में 13 चौके और तीन छक्के की मदद से 121 रन बनाए। विराट कोहली ने 81 गेंद में 74 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके लगाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड ने एक विकेट लिया। इससे पहले टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई। भारतीय गेंदबाजों की कहर बरपाती बॉलिंग के आगे पूरी टीम 236 रनों पर ही सिमट गई। भारत के लिए हर्षित राणा ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, वहीं वॉशिंगटन सुंदर को 2 और कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रेनशॉ एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जो 50 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रहे। उन्होंने 56 रनों की शानदार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया 46.4 ओवर में ही ऑलआउट हो गया।   रोहित शर्मा बने प्लेयर ऑफ द मैच – सीरीज रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीसरे वनडे में शतकीय पारी खेली। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच मिला। वहीं वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। रोहित ने तीन पारियों में 101 के औसत से 202 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी मिला। भारत ने तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को हराया भारतीय टीम ने तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराया। जीत के लिए 237 रनों के लक्ष्य को भारत ने 38.3 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। रोहित ने नाबाद 121 और कोहली ने नाबाद 74 रन बनाए।

देर रात जारी गाइडलाइन: मध्य प्रदेश में अब कार्बाइड गन पूरी तरह से बैन

भोपाल  बच्चों की रोशनी छीनने वाली कार्बाइड गन को अब तक मध्यप्रदेश में खिलौने के तौर पर लिया जाता था। अब इसे घातक हथियार माना गया है। खरीदी, बिक्री गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगी। प्रदेश में जो भी अवैध कारोबार करता पाएगा जाएगा, उसके खिलाफ गैर जमानती गंभीर धाराओं में एफआइआर होगी। अपराध साबित होने पर तीन साल से सात साल तक की सजा हो सकती है। बच्चों के लगातार जख्मी होने के मामले सामने आने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव, सीएस अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना के बीच शुक्रवार को चर्चा हुई। इससे पहले सीएस जैन ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक ली। देर रात गाइडलाइन भी जारी कर दी। जानिए धाराएं पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी परिपत्र में कार्बाइड गन के वैज्ञानिक स्वरूप, कानूनी स्थिति, दंडात्मक प्रावधानों व कार्रवाई की प्रक्रिया तय की गई। यह विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 4 (घ), 5, 6(क) (III), शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 2 (ख) (III), 2 (ग), 9 (ख) के तहत दंडनीय अपराध है। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश पारित कर कार्बाइड गन के निर्माण, विक्रय, स्वामित्व और उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। कार्बाइड गन चलाने से कांग्रेस नेता की आंखें घायल अशोकनगर क्षेत्र में पटाखों से झुलसने के अब तक 16 मामले हो चुके हैं। वहीं कार्बाइड गन चलाने से शहर में कांग्रेस नेता पवन पाल की आंखों में नुकसान हो गया। बढ़ते मामलों को देख अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अब जिले में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, विक्रय व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अशोकनगर क्षेत्र में पटाखों से झुलसने के अब तक 16 मामले हो चुके हैं। वहीं कार्बाइड गन चलाने से शहर में कांग्रेस नेता पवन पाल की आंखों में नुकसान हो गया। बढ़ते मामलों को देख अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अब जिले में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, विक्रय व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।  कलेक्टर ने जारी किया आदेश अपर कलेक्टर देवकी नंदन सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जिले में यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में कार्बाइड गन के उपयोग से लोग घायल हो रहे है। साथ ही गंभीर बीमारी हो रही है। प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) तैयार कर विक्रय किए जा रहे है। जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अपर कलेक्टर ने आदेश में चेतावनी भी दी है कि यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करते पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।  मंगवाने, बनाने और बेचने वालों पर भी एक्शन मध्यप्रदेशमें कार्बाइड गन व उसके अवशेष, उपयोग होने वाले केमिकल को मंगवाने, असेंबल करने और बेचने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने संभाग के कमिश्नर, कलेक्टरों और एसपी को निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है, थाना क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई करें। किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं। उच्च स्तरीय बैठक में संभागों के कमिश्नर, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के पीएस, गृह विभाग के अधिकारी प्रत्यक्ष व वीसी के जरिए शामिल हुए। मुख्य सचिव ने पूछा कि पहले से कार्रवाई क्यों नहीं की। एक अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। सीएस ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब सब नियमों के विपरित है तो सीधे कार्रवाई करनी थी। अभी भी समय है, ठीक से कार्रवाई करें। जंगली जानवरों को भगाने गांवों में ज्यादा इस्तेमाल सिर्फ दीपावली पर ही नहीं, जिले में बड़े स्तर पर इन संसोधित पटाखों का इस्तेमाल होता है। हिरण, सुअर और नीलगायों से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीण इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए प्लास्टिक व लोहे एवं स्टील के पाइपों से बनाकर जिलेभर में बड़े स्तर पर यह बिक रही हैं। जंगली जानवरों को भगाने तेज धमाका करने के लिए इनका इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि प्रशासन के इस प्रतिबंध से इसके इस्तेमाल पर अब रोक लग चुकी है। प्रतिबंध के लिए जारी यह आदेश     कोई भी व्यक्ति, संस्थाएं या व्यापारी प्रतिबंधात्मक पटाखा आतिशबाजी, लोहा स्टील या पीवीसी पाइपों में विस्फोटक भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) का निर्माण, भंडारण व क्रय-विक्रय नहीं करेगा।     किसी प्रकार के अवैध प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक भरकर अत्यधिक उत्पन्न करने वाले अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) की बिक्री, वितरण या प्रदर्शन भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।     अपर कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि जिले में सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी एवं संबंधित विभाग इस आदेश का सख्ती से पालन कराएंगे। इतने केस दर्ज भोपाल– 6, विदिशा- 8, ग्वालियर- 1 देव उठनी ग्यारस से पहले करें तहस-नहस — यह अवैध कारोबार तहसनहस करें। एक भी नया मामला नहीं आना चाहिए। — कार्बाइड गन व केमिकल को प्रदेश से हटाने अभियान चलाएं। प्रत्येक चेन तक जाएं। — स्टॉक सीज करें। कार्रवाई ग्यारस के पहले पूरी करें। — कर्मचारियों के भरोसे कार्रवाई न छोड़ें, खुद मैदान में जाएं। — जिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदी-बिक्री हो रही है, उनके खिलाफ साइबर अपराध दर्ज किया जाए। — जो भी इस कारोबार में शामिल हैं, उन्हें सूचीबद्ध करें। — जिन बच्चों को नुकसान पहुंचा, उनकी सतत निगरानी करें। जरूरत पूरी करें। — उन बच्चों को भी खोजें, जो अब तक प्रशासन के संज्ञान में नहीं है। — लोगों में इसका उपयोग रोकने जन जागरुकता लाई जाए। हमीदिया पहुंचे सीएम, बच्चों और अभिभावकों का जाना हाल सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार रात हमीदिया अस्पताल पहुंचे। बच्चों और अभिभावकों का हाल जाना। अफसरों से कहा, इलाज में कसर नहीं रहनी चाहिए। बच्चों को शिफ्ट करने की जरूरत हो तो भेजें। इलाज पर खर्च की भरपाई मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से की जाएगी। पीएस संदीप यादव को निर्देशित किया कि प्रदेश में ऐसे जितने भी बच्चे व प्रभावित हैं, उनका ठीक से इलाज हो।

नगर निगम मुख्यालय में बैठक, चौपाटी में परंपरागत व्यंजनों की दुकानों की अनुमति तय, सैंडविच और चाइनिज स्टॉल को सूची में शामिल करने पर चर्चा

इंदौर  सराफा चाट-चौपाटी की व्यवस्था सुधारने को लेकर बनाई गई कमेटी की शुक्रवार दोपहर निगम मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें चौपाटी में लगाई जाने वाली परंपरागत दुकानों को लेकर चर्चा होना थी, लेकिन बैठक अधूरी रही। वहीं चाट-चौपाटी एसोसिएशन अध्यक्ष राम गुप्ता ने बैठक में 70 दुकानों की सूची सामने रखी। पूर्व में बनाए गए दिशा-निर्देश के हिसाब से परंपरागत दुकानों को सूची में शामिल करना था लेकिन इसमें परंपरागत व्यंजनों के दुकानदार शामिल नहीं थे। सूची में सैंडविच की एक दुकान भी शामिल थी। इस पर राजस्व प्रभारी ने सवाल उठाया कि सैंडविच कब से परंपरागत व्यंजन हो गया। बैठक में सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी, नगर निगम राजस्व प्रभारी निरंजनसिंह चौहान और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया इसमें शामिल हुए। अपर आयुक्त सिसोनिया ने सूची में तीन दर्जन से ज्यादा ऐसी दुकानें चिह्नित कीं। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि पूर्व में ही यह तय हुआ था कि परंपरागत व्यंजनों को ही अनुमति दी जाएगी, इसके बावजूद सैंडविच और चाइनिज व्यंजनों की दुकानों को सूची में शामिल किया। अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सराफा चाट-चौपाटी में आग जलाने की अनुमति नहीं रहेगी। चौपाटी में बेचे जाने वाले व्यंजनों की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि वे दोबारा सूची तैयार करें। दो दिन में वे खुद सराफा चौपाटी आकर वास्तविकता जांचेंगे।

चार नवंबर को कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सजेगा हरि-हर मिलन महोत्सव

सीहोर सीहोर के निकट चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम परिसर में इस वर्ष 4 नवंबर को हरि-हर मिलन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन अत्यंत भव्य रूप में संपन्न होगा। निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में इन दिनों तैयारियों का दौर तेजी पर है। मंच साज-सज्जा, प्रसादी व्यवस्था और भक्तों के ठहरने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हर वर्ग के श्रद्धालु भाग लेते हैं। सुबह से ही बाबा कुबेरेश्वर महादेव की आरती, अभिषेक और भोग लगाने के बाद नि:शुल्क भंडारा आरंभ हो जाता है। भक्तों की भीड़ में उमंग और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर कार्तिक मास में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दीपदान करने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। दीप ज्वलन और दान को इस पवित्र महीने में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इन दिनों चारों ओर जलते दीपक और हरि-हर के जयघोष से मंदिर परिसर अलौकिक आभा से भर उठता है। इस वर्ष भी गुरुदेव के आदेश अनुसार 29 अक्टूबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन हर बार भक्तों के लिए सेवा और समर्पण की प्रेरणा लेकर आता है। भोग प्रसादी के रूप में हजारों श्रद्धालु खाद्यान्न वितरण में सहभागी बनते हैं। यह परंपरा गांव-गांव में संस्कारों का विस्तार करती है। चार नवंबर को होने वाला हरि-हर मिलन उस क्षण का प्रतीक है, जब भगवान विष्णु और भगवान शंकर का आध्यात्मिक मिलन दर्शाया जाता है। यह दृश्य भक्तों को जीवन में एकता, प्रेम और सहअस्तित्व का संदेश देता है। मंदिर के प्रांगण में गूंजते शंखनाद और भजन इस मिलन को दिव्यता के चरम पर पहुंचाते हैं। महोत्सव के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालु यहां अपने परिवार सहित उपस्थित रहेंगे। निरंतर चलने वाले भंडारे, कथा वाचन, मंत्र उच्चारण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। कुबेरेश्वर धाम एक बार फिर जीवंत साक्षी बनेगा उस दिव्य अनुभूति का, जो केवल आस्था से संभव है। 

MP के अकेले सांसद वी.डी. शर्मा करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेंगे

खजुराहो   मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में शामिल होने के लिए नामित किया है। यह सत्र 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क (अमेरिका) में आयोजित होगा। इस दौरे में देशभर से कुल 15 सांसद संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होंगे, जिनमें मध्यप्रदेश से केवल विष्णुदत्त शर्मा को प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है। इस चयन को राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।   जानकारी के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए सांसदों का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली द्वारा खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपना, उनके प्रति केंद्र सरकार के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) विश्व के सबसे प्रतिष्ठित कूटनीतिक मंचों में से एक है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। बता दें भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को विभिन्न वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया जा सके और वैश्विक नीतिगत चर्चाओं में भारत की सक्रिय भूमिका बनी रहे।   मध्य प्रदेश से एकमात्र प्रतिनिधि इस दौरे की खास बात यह है कि विष्णुदत्त शर्मा 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश से शामिल होने वाले एकमात्र सांसद हैं। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गौरव का विषय माना जा रहा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए इस चयन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएमओ ने दी जिम्मेदारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के लिए सांसदों का चयन सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में हुआ है। निश्चित तौर पर दिल्ली द्वारा वीडी शर्मा को यह जिम्मेदारी देना उनके ऊपर विश्वास का प्रतीक है। संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक है, जहाँ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय सांसद यूएन के कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूती दी जा सके और वैश्विक नीति-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई जा सके।

46 वर्षों बाद अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल, सांस्कृतिक धरोहर को मिल रही पहचान

सीएम योगी के प्रयासों से पुनः शुरू हुई संभल की पौराणिक 24 कोसी परिक्रमा 46 वर्षों बाद अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल,  सांस्कृतिक धरोहर को मिल रही पहचान एक बार फिर संभल अपनी पौराणिक पहचान ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में जगमगा उठा   – 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुकी यह परंपरा अब योगी सरकार के प्रयासों से फिर शुरू – संभल में मजबूत हुआ कानून का इकबाल, अवैध कब्जों से मिली मुक्ति, धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार  – सीएम योगी के प्रयासों से मालामाल हो रहा संभल, ₹2405 करोड़ के निर्यात के साथ हासिल किया प्रदेश में 10वां स्थान  लखनऊ  संभल में इतिहास फिर से करवट ले रहा है। जहां कभी दंगों, पलायन और अवैध कब्जों की छाया थी, वहीं अब आस्था, अध्यात्म और सुरक्षा का सूर्योदय दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभल एक बार फिर अपनी पौराणिक पहचान ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में जगमगा उठा है। शुक्रवार रात्रि 2 बजे संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की 24 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ प्राचीन तीर्थ बेनीपुरचक स्थित श्रीवंशगोपाल से लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ। शंखनाद, भजन और जयघोषों के बीच निकली यह परिक्रमा 46 वर्षों बाद पुनः आरंभ हुई है। 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुकी यह परंपरा 2024 में योगी सरकार के प्रयासों से फिर से जीवित हो उठी। धार्मिक मान्यता है कि इस परिक्रमा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह परिक्रमा श्रीवंशगोपाल तीर्थ से प्रारंभ होकर भुवनेश्वर, क्षेमनाथ और चंदेश्वर तीर्थों से होते हुए पुनः वंशगोपाल तीर्थ पर लौटती है। इन तीन प्रमुख तीर्थों के मध्य 87 देवतीर्थ स्थित हैं, जो सम्भल की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं। 2017 के बाद बदला संभल का परिदृश्य  1978 के दंगों के बाद सम्भल में जो भय, अविश्वास और पलायन का माहौल बना, उसने दशकों तक यहां के सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचाई। हिंदू परिवारों ने अपने घर, दुकानें और जमीनें छोड़ीं; मंदिरों पर कब्जे हुए और धर्मिक आयोजनों पर रोक लग गई। परंतु 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। सीएम योगी ने संभल की स्थिति को व्यक्तिगत रूप से गंभीरता से लिया। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट ने उन सच्चाइयों को उजागर किया जिन्हें वर्षों तक दबाया गया। सत्ता संरक्षण में जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की कोशिशें हुईं और हिंदुओं को सुनियोजित रूप से पलायन के लिए विवश किया गया। योगी सरकार ने इन सभी मामलों में कठोर कार्रवाई की। दंगों की साजिश में शामिल तत्वों को जेल भेजा गया, अवैध कब्जों को हटाया गया और सांप्रदायिक राजनीति पर अंकुश लगाया गया। अवैध कब्जों से मिली मुक्ति, धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार योगी सरकार ने संभल में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की ऐतिहासिक कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-67 के तहत 495 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 243 मामलों का निस्तारण कर 1067 अतिक्रमण हटाए गए। इस प्रक्रिया में 68.94 हेक्टेयर भूमि कब्जामुक्त कराई गई। यही नहीं, धार्मिक स्थलों पर हुए अवैध कब्जों पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। विशेष अभियान के तहत 37 अवैध कब्जे हटाए गए, जिसमें 16 मस्जिदें, 12 मजारें, 7 कब्रिस्तान और 2 मदरसे शामिल थे। कुल 2.623 हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया गया। साथ ही 68 पौराणिक तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई है। कल्कि अवतार मंदिर समेत अनेक प्राचीन स्थलों पर पुनरुद्धार कार्य चल रहे हैं। संभल में मजबूत हुआ कानून का इकबाल  संभल में अब कानून का इकबाल मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने बीते कुछ वर्षों में 2 नए थाने और 45 नई चौकियां स्थापित की हैं। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सर्वे की व्यवस्था की गई है। अपराधियों पर कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक विश्वास की नींव रखी गई है। बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए गए अभियानों से लाइन लॉस 82% से घटकर 18% पर पहुंच गया है, जिससे 84 करोड़ रुपये की राजकीय धनराशि की बचत हुई। आर्थिक दृष्टि से भी संभल ने छलांग लगाई है।  ₹2405 करोड़ के निर्यात के साथ यह अब प्रदेश में 10वें स्थान पर है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत संभल के मेटैलिक, वुडन और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।

कृषि से औद्योगिक प्रगति की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में प्रॉसेसिंग हब बन रहा उत्तर प्रदेश कृषि से औद्योगिक प्रगति की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश ग्लोबल ट्रेड रिसर्च रिपोर्ट में यूपी-गुजरात को बताया गया भारत का ‘फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस’  आगरा और फर्रूखाबाद में बन रहे अत्याधुनिक संयंत्र, किसानों को मिल रहा दोगुना लाभ प्रदेश में लगभग 65,000 फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स से करीब 2.5 लाख को मिल रहा रोजगार योगी सरकार ने हर जिले में 1,000 नई प्रॉसेसिंग यूनिट्स लगाने का रखा है लक्ष्य बरेली, बाराबंकी और वाराणसी में एग्रो पार्क दे रहे विकास को गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को औद्योगिक शक्ल दे रहा है। राज्य तेजी से भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बनकर उभर रहा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च की हालिया रिपोर्ट में गुजरात और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख प्रोसेसिंग केंद्रों के रूप में रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति पक्ष पर जहां गुजरात के मेहसाणा और बनासकांठा में आधुनिक डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) संयंत्र विकसित हुए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के आगरा और फर्रूखाबाद जिलों में नए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स स्थापित हो रहे हैं। इन संयंत्रों को कांट्रैक्ट फार्मिंग और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क का मजबूत आधार प्राप्त है, जिससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल रहा है। योगी सरकार का यह मिशन न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ‘कृषि से उद्योग’ परिवर्तन मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है—जहां खेत से लेकर फैक्ट्री तक हर स्तर पर विकास की गूंज सुनाई दे रही है। 2.55 लाख युवाओं को रोजगार  राज्य में फिलहाल 65,000 से अधिक फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं, जिनसे करीब 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार का लक्ष्य हर जिले में कम से कम 1,000 नई प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करना है, जिससे खेती को मूल्य संवर्धन (Value Addition) और रोजगार दोनों के अवसर मिलेंगे। योगी सरकार ने अब तक 15 से अधिक एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए हैं, जिनमें बरेली, बाराबंकी, वाराणसी और गोरखपुर प्रमुख हैं। बरेली में बीएल एग्रो द्वारा करीब ₹1,660 करोड़ की इंटीग्रेटेड एग्रो प्रोसेसिंग हब की स्थापना प्रस्तावित है, जिसमें चावल मिलिंग, तेल निष्कर्षण और पैकेजिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। निर्यात और नवाचार के नए आयाम गढ़ रहा उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस अब फल-सब्जी प्रसंस्करण, हाई-वैल्यू क्रॉप्स और निर्यात-उन्मुख उद्योगों पर है, ताकि राज्य की कृषि उत्पादकता वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ सके। इसी दिशा में आगरा में इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की योजना बनाई गई है, जहां आलू और अन्य ट्यूबर फसलों पर अत्याधुनिक अनुसंधान होगा। यह पहल कानपुर, आगरा, लखनऊ और फर्रूखाबाद जैसे प्रमुख आलू उत्पादक जिलों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी, जिससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतें और निर्यात संभावनाएं मिलेंगी। वर्तमान में अमेरिका, बांग्लादेश, यूएई और वियतनाम जैसे देश भारत से बड़े पैमाने पर प्रॉसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स का आयात कर रहे हैं, जिससे भारतीय प्रसंस्करण उद्योग को नई पहचान मिल रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत का उपभोक्ता व्यय $6 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा, जो उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए इस क्षेत्र में निवेश, रोजगार और निर्यात के अभूतपूर्व अवसर लेकर आएगा। नीति से मिल रही नई रफ्तार उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को गति देने के लिए योगी सरकार ने एक स्पष्ट और सशक्त वित्तीय व नीतिगत वातावरण तैयार किया है। राज्य की ‘खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023’ इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, जिसके तहत 19 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। नीति के तहत उद्यमियों को उत्पादन-आधारित सब्सिडी, ब्याज सहायता, भूमि उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी और विकास शुल्क में छूट जैसी आकर्षक रियायतें दी जा रही हैं। इसके अलावा, सौर ऊर्जा, कोल्ड-चेन, क्लस्टर मॉडल और तकनीकी उन्नयन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नीति का मुख्य फोकस “कच्चे माल की स्थानीय उपलब्धता” पर है, ताकि किसानों, प्रोसेसर्स और उद्यमियों के बीच त्रिस्तरीय वैल्यू चेन बन सके। बड़े बाजार, उत्पादन की कम लागत और दक्ष मानव संसाधन जैसी खूबियों के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे आकर्षक फूड प्रोसेसिंग निवेश केंद्रों में गिना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ियों पर इंदौर में हमला, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इंदौर आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप चल रहा है. इंदौर में शनिवार को ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला होगा. जिसको लेकर दोनों टीमें इंदौर आई हुए हैं. दोनों टीमें होटल में रुकी हुई हैं. ऑस्ट्रेलिया की 2 खिलाड़ी होटल से बाहर गईं तो एमआईजी थाना क्षेत्र में उनके साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है. पैदल टहल रही महिला खिलाड़ियों से छेड़छाड़ इंदौर में आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के मैच का आयोजन होगा. जिसमें भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम इंदौर आए हुई थी. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया की दो महिला खिलाड़ी होटल से एक कैफे जा रही थी. जब वह खजराना रोड पर पैदल टहलते हुए जा रही थी इस दौरान एक बाइक सवार युवक उनके पास आया और उनके साथ छेड़छाड़ करने लगा. तुरंत महिला खिलाड़ियों ने अपने सुरक्षा अधिकारी डैनी सिमस को एक मैसेज भेजकर सारी बात बताई. खिलाड़ियों को गलत तरह से छूने की कोशिश महिला खिलाड़ियों ने बताया कि, एक युवक उनके साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दे रहा है और लगातार छूने का प्रयास कर रहा है. सुरक्षा अधिकारी के पास जैसे ही लाइव लोकेशन भेजी तो डैनी सिमस ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. तभी वहां एक कार चालक पहुंचा और दोनों महिला खिलाड़ियों से बातचीत की और पूरे मामले की सूचना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी. महिला खिलाड़ियों के सुरक्षा अधिकारी डैनी सिमस ने एमआईजी पुलिस से शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरु कर दी. आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने खजराना थाना क्षेत्र में रहने वाले अकिल नामक युवक को गिरफ्तार किया है. अकील से पुलिस पूछताछ कर रही है. एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर आरोपी अकील को महिला खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.'' इंदौर में जिस तरह से महिला खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ की घटना घटित हुई है उससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.