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15 नवंबर तक खिलाड़ियों को रिटेन करने का आखिरी मौका, IPL 2026 ऑक्शन की तैयारियाँ जोरों पर

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 की नीलामी (Auction) की तारीख लगभग तय मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार 13 से 15 दिसंबर के बीच ऑक्शन होने की पूरी संभावना है. यह जानकारी फ्रेंचाइज़ी अधिकारियों ने BCCI के साथ हुई बातचीत के बाद साझा की है. हालांकि IPL की गवर्निंग काउंसिल ने अभी तक शेड्यूल की औपचारिक घोषणा नहीं की है. 'क्रिकबज' की रिपोर्ट के मुताब‍िक ऑक्शन कहां होगा, क्या यह फ‍िर से व‍िदेशी धरती पर होगा. इस बारे में अब तक कोई सूचना नहीं मिली है. ध्यान रहे प‍िछले 2 ऑक्शन विदेशी धरती पर हुए थे. 2023 में ऑक्शन दुबई तो 2024 में ऑक्शन जेद्दा (सऊदी अरब) में हुआ था. वहीं क्रिकबज को सूत्रों ने बताया कि इस बात में कोई आश्चचर्य नहीं होना चाहिए कि म‍िनी ऑक्शन भारत में भी हो सकता है.  हालांकि उस निर्णय को अभी ठोस रूप दिया जाना बाकी है.  हालांकि एक बात लगभग तय मानी जा सकती है कि रिटेंशन की आखिरी तारीख 15 नवंबर है_ तब तक सभी IPL फ्रेंचाइज‍ियों को उन खिलाड़ियों के नाम बीसीसीआई को देने होंगे, जिन्हें वे नीलामी से पहले रिलीज (छोड़ना) चाहती हैं. दूसरी टीमों में बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल कम है. सिवाय चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के… ये दोनों ही टीमें पिछले सीजन में पॉइंट टेबल में सबसे नीचे थीं.  CSK से कौन से ख‍िलाड़ी होंगे र‍िलीज?  रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की रिलीज लिस्ट में दीपक हुड्डा, विजय शंकर, राहुल त्रिपाठी, सैम करन, डेवोन कॉनवे का नाम हो सकता है. पांच बार की IPL चैम्प‍ियन CSK के पास आर अश्विन के आईपीएल से रिटायर होने के बाद पहले ही 9.75 करोड़ रुपये का बजट जुड़ चुका है.  RR से कौन से ख‍िलाड़ी होंगे र‍िलीज?  इस रिपोर्ट में दावा किया गया है राजस्थान रॉयल्स की रिलीज लिस्ट में सबसे ऊपर संजू सैमसन का नाम होगा, अगर फ्रेंचाइज कप्तान के लिए ट्रेड करने में सफल नहीं होती है. वहीं रॉयल्स की टीम में वानिंदु हसरंगा और महीश तीक्ष्णा को रिलीज करने की बात भी चल रही थी, लेकिन कुमार संगकारा के हेड कोच के रूप में लौटने के बाद इस योजना में बदलाव हो सकता है.  स्टार्क, नटराजन, आकाश दीप जाएंगे नई टीम में  टी नटराजन, मिचेल स्टार्क, आकाश दीप, मयंक यादव, डेविड मिलर और अन्य खिलाड़ी नई फ्रेंचाइज़ियों की तलाश में हो सकते हैं, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं वेंकटेश अय्यर का भी ऐसा ही मामला है. जो पिछली नीलामी में तीसरे सबसे महंगे खरीदे गए खिलाड़ी थे, कोलकाता नाइट राइडर्स ने उनको 23.75 करोड़ रुपये में खरीदा था.   र‍िपोर्ट में इस बात का भी दावा है कि फ्रेंचाइज‍ियों के बीच चल रही चर्चा के अनुसार, कैमरन ग्रीन नीलामी में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले ख‍िलाड़ी हो सकते हैं. इस कंगारू ऑलराउंडर ने पिछली नीलामी चोट के कारण मिस की थी. उनको बड़ी कीमत मिल सकती है. 

कैबिनेट का बड़ा फैसला : साय सरकार ने तय की धान की कीमत ₹3100 प्रति क्विंटल, 7 दिन में मिलेगा भुगतान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य में 25 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी 15 नवम्बर से प्रारंभ धान के व्यपवर्तन एवं पुर्नचक्रण को रोकने की चौकस व्यवस्था व धान खरीदी हेतु मजबूत प्रशासनिक ढांचा अधिक पारदर्शिता के साथ किसानों को किया जाएगा समय से भुगतान (6 से 7 दिन के भीतर) टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से होगी ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था। किसानों का मिलेगी सोसायटियों में लंबी कतारों से मुक्ति राज्य शासन के द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ प्रदेश के किसानो से दिनांक 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी करने का निर्णय लिया गया है। उक्त अवधि में 25 लाख किसानो से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान की खरीदी की जावेगी। धान खरीदी में पारदर्शिता को बढावा देने इस वर्ष ई-केवाईसी के माध्यम से, भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन को अनिवार्य किया गया है, जिससे किसान की सहीं पहचान हो एवं डुप्लीकेशन/दोहराव न हो। पंजीयन 31 अक्टूबर 2025 तक कराया जा सकता है। डिजीटल क्राप सर्वे के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर रकबे का सर्वे कराया गया है जिसके फलस्वरूप धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजीटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। प्रदेश के 20,000 ग्रामों में दिनांक 02 अक्टूबर से डिजीटल क्राप सर्वे एवं मैन्यूअल गिरदावरी के डेटा को ग्रामसभा में पठन-पाठन कराया जा रहा है। किसानों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु टोकन तुहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है इसके तहत किसान स्वयं अपने सुविधा अनुसार दिनों में धान विक्रय किये जाने हेतु टोकन काट सकेगें। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। 2739 खरीदी केन्द्रो के माध्यम से धान खरीदी किये जाने हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। समितियों को खरीद विपणन वर्ष 2025-26 में शून्य सुखत आने पर 05 रूपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन दिया जायेगा। धान खरीदी हेतु आवश्यकतानुसार नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु केन्द्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश में धान की रिसाईकलिंग रोके जाने एवं बेहतर मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु पहली बार इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्द्रोल सेंटर मार्कफेड कार्यालय में स्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। धान खरीदी केन्द्रो में बेहतर एवं सुगम व्यवस्था हेतु कलेक्टर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को खरीदी केन्द्र प्रभारी बनाने का निर्णय लिया गया है। सीमावर्ती राज्यों से खरीदी केन्द्रो धान की आवक रोके जाने हेतु विशेष चेकिंग दल जिलेस्तर पर गठित किये जाने के निर्देश दिये गये है। धान के परिवहन व्यवस्था अंतर्गत मितव्ययता को सुनिश्चित किये जाने हेतु धान के उठाव व परिवहन, भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।  

आदिवासी बच्चे घायल, बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट के बाद ग्रामीणों में माओवादियों के खिलाफ आक्रोश

बीजापुर/रायपुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम पीड़िया से एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आकर एक मासूम आदिवासी बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार की दोपहर बालक जैसे ही क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी वह विस्फोट की चपेट में आ गया। यह घटना नक्सल हिंसा की अमानवीयता  को दर्शाती है, जिसमें निर्दोष ग्रामीणों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में जिले के अंदुरुनी इलाको में नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोटों की घटना में कई आम नागरिकों को क्षति उठानी पड़ी है। इधर घटना के तुरंत बाद सीआरपीएफ 199 और 85 वाहिनी के सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बालक को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया तथा उसे बेहतर चिकित्सा के लिए जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय में नक्सलियों के विरुद्ध गहरा आक्रोश व्याप्त है। वहीं, सुरक्षा बलों के द्वारा आसपास सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि क्षेत्र को  सुरक्षित किया जा सके।

सोना-चांदी के भावों में बड़ी गिरावट, सर्राफा बाजार में अब सस्ता मिलेगा कीमती धातु

इंदौर  त्‍योहारों के मौसम में सोना खरीदारों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रिकॉर्ड हाई से गोल्‍ड प्राइस में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर सोना रिकॉर्ड हाई से 2600 रुपये से ज्‍यादा फिसल चुका है. यह गिरावट दो दिनों के दौरान हुई है. वहीं चांदी के दाम में भी 4000 रुपये से ज्‍यादा की गिरावट आई है. आइए जानते हैं सर्राफा बाजार और आपके शेयर में सोना-चांदी का भाव क्‍या है?  आज सुबह मल्‍टी कमोडिटी मार्केट पर 5 दिसंबर वायदा बाजार के लिए Gold Price 120023 रुपये प्रति 10 ग्राम था. वहीं 8 अक्‍टूबर को गोल्‍ड अपने ऑल टाइम हाई लेवल 1,23,677 रुपये पर पहुंच गया था. ऐसे में देखा जाए तो 2 दिनों के दौरान सोने के दाम में 2600 रुपये से ज्‍यादा की गिरावट आई है.  इसी तरह, चांदी की बात करें तो 8 अक्‍टूबर को चांदी ने अपना ऑल टाइम हाई लेवल टच किया था, जो 153388 रुपये प्रति किलो है. जबकि आज सुबह सिल्‍वर प्राइस 149115 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था. ऐसे में देखा जाए तो चांदी की कीमत में 4000 रुपये से ज्‍यादा की कटौती हुई है.  एमसीएक्‍स पर आज सोना-चांदी का भाव बढ़ा  भले ही दो दिन के दौरान सोना-चांदी अपने रिकॉई हाई लेवल से सस्‍ती रही है, लेकिन MCX पर आज सोना और चांदी के दाम बढ़े हुए हैं. शाम 3.30 बजे तक 5 दिसंबर वायदा के लिए सोना 892 रुपये चढ़कर 121385 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी 1277 रुपये चढ़कर 147601 रुपये प्रति किलो पर थी.  सर्राफा बाजार में गोल्‍ड-सिल्‍वर के रेट IBJA.Com के मुताबिक, 24 कैरेट सोना आज 120845 रुपये प्रति 10 ग्राम हो चुका है. 22 कैरेट गोल्‍ड प्राइस 120361 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 20 कैरेट सोने का भाव आज 110694 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं 18 करैट सोने का भाव आज 90634 रुपये प्रति 10 ग्राम है. आईबीजेए के मुताबिक भी आज गोल्‍ड प्राइस में 2000 रुपये से ज्यदार की कमी आई है. यहां आज चांदी 8000 रुपये से ज्‍यादा बढ़कर 162143 रुपये प्रति किलो पर है.  आपके शहर में क्‍या है सोने का भाव?      दिल्‍ली की बात करें तो आज 24 कैरेट सोना ₹12,2440 प्रति 10 ग्राम है.      अहमदाबाद में 24 कैरेट गोल्‍ड की कीमत ₹122340 प्रति 10 ग्राम पर है.      चेन्‍नई की बात करें तो यहां 10 ग्राम 24 कैरेट सोना  ₹122840 है.      वहीं पटना की बात करें तो यहां 24 कैरेट 10 ग्राम सोना ₹122340 पर है.      इसके अलावा, लखनऊ में 10 ग्राम 24 कैरेट ₹122440 है.   

हरियाणा IPS सुसाइड केस में बड़ा एक्शन: 14 अधिकारियों पर FIR, पत्नी ने उठाए SSP पर सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा के सीनियर IPS अफसर पूरन कुमार के सुसाइड केस में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 14 अफसरों पर गुरुवार देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गई।सेक्टर 11 थाने में घटना के तीसरे दिन सुसाइड नोट के आधार पर धारा 108 आरडब्ल्यू 3(5) बीएनएस और 3(1)(आर) पीओए (एससी/एसटी) अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई। पूरण कुमार ने अपने सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत 10 से अधिक अधिकारियों पर उत्पीड़न, जातिगत प्रताड़ना और सार्वजनिक अपमान के आरोप लगाए थे।    सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज इस मामले में पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने बुधवार को सेक्टर 11 थाने में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दी थी। चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज करके सभी आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जल्द आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। SSP को चिट्ठी में क्या लिखा? हरियाणा के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार रात को सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज किया था। बावजूद इसके एडीजीपी वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस की महिला एसएसपी कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर एफआईआर को अधूरा बताया है। अमनीत पी कुमार ने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर में कई गंभीर खामियां हैं, जिनमें मुख्य आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किए गए हैं। वहीं आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कमजोर धाराएं लगाई गई हैं। अमनीत पी कुमार ने पत्र में लिखा कि एफआईआर की प्रति उन्हें 9 अक्तूबर की रात 10:22 बजे स्वयं एसएसपी द्वारा उनके सेक्टर-24ए स्थित आवास पर सौंपी गई थी, लेकिन वह बिना हस्ताक्षर और अधूरी थी। उन्होंने कहा कि शिकायत में जिन दो अधिकारियों डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया के नाम दर्ज थे, उन्हें एफआईआर के कॉलम नंबर 7 में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) को भी जोड़ा जाए, क्योंकि वर्तमान में लगाई गई धाराएं कमजोर हैं और वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। उन्होंने एसएसपी से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर एफआईआर में संशोधन और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया कि आईपीएस वाई पूरण कुमार द्वारा छोड़े गए फाइनल नोट की प्रतियां अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अमनीत ने मांग की है कि 7 अक्तूबर 2025 की दिनांक वाले दोनों नोट एक जो मृतक की जेब से और दूसरा लैपटॉप बैग से बरामद हुआ की प्रमाणित प्रतियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएं, ताकि एफआईआर में उल्लिखित सामग्री की सच्चाई की पुष्टि की जा सके।    अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं वीरवार सुबह तक चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से पहले कानूनी राय लेने की बात कह रहे थे लेकिन रात होते-होते एफआईआर दर्ज कर ली गई। इस मामले में कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन भी अधिकारियों पर सुसाइड नोट में आरोप लगाए गए हैं उन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सुसाइड नोट में इनका नाम शामिल डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, एडीजीपी संजय कुमार, आईजी पंकज नैन, आईपीएस कला रामचंद्रन, आईपीएस संदीप खिरवार, आईपीएस सिबार कविराज, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, एसपी नरेंद्र बिजारणिया और अन्य का नाम है। किस अधिकारी पर क्या आरोप लगाए गए थे डीजीपी शत्रुजीत कपूर पंचकूला में सरकारी आवास आवंटन के दौरान वाई पूरण कुमार के केस में अतिरिक्त नियम लगा दिए थे। आधिकारिक वाहन वापस ले लिया गया। डीजीपी कार्यालय की ओर से जानबूझकर गुमनाम शिकायत दी। वार्षिक रिपोर्ट में लिखित रूप में जातिवादी टिप्पणी की गई। एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो  आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर कार्यवाही करने की साजिश रचने व सार्वजनिक रूप से अपमानित व परेशान करने का आरोप। एडीजीपी संजय कुमार  सार्वजनिक रूप से परेशान और अपमानित करने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी व कपूर और ढिल्लों के साथ मिलकर प्रस्तावित विभागीय कार्यवाही की जानकारी मीडिया में लीक करने का आरोप  आईजी पंकज नैन  कपूर व ढिल्लों के साथ मिलकर निराधार व दुर्भावनापूर्ण शिकायतें तैयार करने का आरोप। आईपीएस कला रामचंद्रन डीजीपी के कहने पर झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप। आईपीएस संदीप खिरवार व सिबास कविराज दोनों पर झूठे और परेशान करने वाले मामले में फंसाने की कोशिश। पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद  तीनों बैचमेंट अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण, जाति आधारित मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप। नरेंद्र बिजारणिया  डीजीपी के कहने पर परेशान करने का आरोप एडीजीपी के सुसाइड नोट में जिन-जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं उन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।– कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़ अमनीत सीएम से बोलीं- जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक पोस्टमार्टम और संस्कार नहीं होगा इससे पहले जापान दौरे से लौटे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार दोपहर 12.28 बजे एयरपोर्ट से सीधे सेक्टर 24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचे। अमनीत ने वीरवार को मुख्यमंत्री के सामने स्पष्ट कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सिस्टम ने पूरण कुमार की हत्या की है। जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं होगा। मुख्यमंत्री यहां करीब 44 मिनट तक रुके। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने लगभग 20 मिनट तक अमनीत पी कुमार से बातचीत की। इस दौरान अमनीत ने कहा कि सुसाइड नोट में उनके पति को प्रताड़ित करने का जिक्र है। इसके बाद साजिश के तहत रोहतक में मुकदमा करवाकर उनकी छवि को भी खराब किया गया।  इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने … Read more

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला का शुभारंभ

इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता व सुरक्षा से आया व्यापक निवेश : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला का शुभारंभ देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री बीमारू राज्य से उद्यम प्रदेश बनना, यूपी की नई तस्वीर  : मुख्यमंत्री गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) और मजबूत कानून व्यवस्था से सुरक्षा का माहौल हो तो वहां दुनिया के निवेश को आने से कोई भी नहीं रोक सकता। उत्तर प्रदेश में आज शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस है तो यहां की कानून व्यवस्था नजीर मानी जाती है। इनके समन्वय से उत्तर प्रदेश में देश और दुनिया से व्यापक निवेश आया है। आज का उत्तर प्रदेश, देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।  सीएम योगी शुक्रवार को गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में आयोजित यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला का आयोजन राज्य के हर जिले में हो रहा है। इसके पहले प्रदेश में बने उत्पादों को मंच देने के लिए 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया गया था। इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2250 से अधिक उद्यमियों ने अपने उत्पादों की शो केसिंग की थी। 500 से अधिक विदेशी क्रेता यहां आए थे और इस ट्रेड शो में 11200 करोड रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। यह नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है जो बीमारू राज्य से उबरकर इसे उद्यम प्रदेश के रूप में प्रस्तुत करती है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उद्यम लगेंगे तो रोजगार मिलेगा। उद्यम लगेंगे तो कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी और उस कनेक्टिविटी की सुविधा का लाभ उद्योग ही नहीं बल्कि आम नागरिकों को भी मिलेगा। उद्यम लगेंगे तो नई तकनीकी आएगी और रोजगार के नए-नए अवसर भी सृजित होंगे। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने जो प्रगति की है, उससे वह बीमारू की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।  सपना था 2017 के पहले यूपी में उद्यम लगाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में उद्यम लगाना एक सपना था। तब ऐसी अराजकता थी कि लोग यूपी से भागने की फिराक में रहते थे। 2017 के बाद डबल इंजन सरकार में सुरक्षा का जबरदस्त वातावरण बना। जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उद्योगों से जुड़े नियमों का सरलीकरण किया गया। इस ऑफ़ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाया गया। एमएसएमई में एक हजार दिनों तक एनओसी लेने की छूट दी गई। इससे उद्यमिता का जबरदस्त माहौल बना। प्रदेश में जो एमएसएमई यूनिट्स बंद हो रही थी, उन्हें संजीवनी मिलने लगी। आज एमएसएमई सेक्टर में 96 लाख यूनिट क्रियाशील हैं और इसके जरिए दो करोड लोगों को नौकरी और रोजगार मिलना सुनिश्चित हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार सृजन एमएसएमई में है। यह संकट के समय में भी रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौर में जब देश के अन्य राज्यों से 40 लाख श्रमिक उत्तर प्रदेश आए, तब उन्हें एमएसएमई सेक्टर का ही सहारा मिला।  हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता के हर एक क्षेत्र में मॉडल बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। हाईवे, रेलवे, एयरवे, इनलैंड वॉटरवे में प्रगति की लंबी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में मात्र दो एयरपोर्ट की क्रियाशील थे जबकि आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा के जेवर में बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 6 छह शहरों में मेट्रो ट्रेन की सेवाएं मिल रही हैं। राज्य के सभी बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इस माह प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस निर्माण के उद्यम का उद्घाटन भी होने जा रहा है। अब इलेक्ट्रिक बस उत्तर प्रदेश में भी बनेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण तो होगा ही रोजगार भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का पहला इनलैंड वॉटरवे वाराणसी से हल्दिया तक उत्तर प्रदेश में है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है। देश में पहली रैपिड रेल चलाने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। सड़कों के मामले में सबसे सुदृढ़ इंटरस्टेट कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश की है। यूपी में गांव गांव तक सड़कों का संजाल बिछ चुका है।  स्वदेशी अपनाएं, ताकि देश में ही रहे देश का पैसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हम स्वदेशी अपनाएंगे तो कारीगरों, शिल्पियों के श्रम का सम्मान होगा। स्वदेशी से देश का पैसा देश में ही रहेगा। स्वदेशी का मुनाफा देश के निर्माण के काम आएगा। उन्होंने सचेत किया कि विदेशी वस्तुओं के खरीदने पर उसके मुनाफे का पैसा कई बार देश के खिलाफ, आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद पर खर्च होता है। उन्होंने कहा कि जब देश का पैसा स्वदेशी के माध्यम से देश में ही खर्च होगा तो विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गोरखपुर का सपना भी तेजी से साकार होगा। आगे बढ़ाना है वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल के अभियान को सीएम योगी ने स्वदेशी के माध्यम से हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल के अभियान को आगे बढ़ाना है। सब लोग ठान लें तो कोई बाधा भी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले दीपावली पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्तियां उस चीन से आती थीं जो देवी देवताओं पर विश्वास ही नहीं करता है। आज ओडीओपी के जरिये टेराकोटा की मिट्टी की बनी मूर्तियां मार्केट में हैं। अब तो टेराकोटा को जीआई टैग भी मिल गया है। यह देश दुनिया में कहीं भी बिना किसी सवाल के बिक सकता है। सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जीआई टैग उपलब्ध कराने वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक प्रगति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ … Read more

मासिक धर्म पर हुई खुली बातचीत, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से सशक्त हुई बालिकाएं

मिशन शक्ति 5.0: व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद से बेटियों का बढ़ा आत्मविश्वास मासिक धर्म पर हुई खुली बातचीत, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से सशक्त हुई बालिकाएं विशेषज्ञों ने बताया सेनेटरी पैड का सुरक्षित उपयोग और भ्रांतियों का समाधान – प्रदेश के सभी 131 बाल देखरेख संस्थानों में आयोजित हुआ संवाद कार्यक्रम – मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण ने छुआ जन-जागरूकता का नया रिकॉर्ड – विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से 14.64 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार ने बालिकाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी महिला व बाल देखरेख संस्थानों में 'व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद' कार्यक्रम ने बालिकाओं में मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति नई चेतना जगाई। योगी सरकार के इस पहल ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़कर बालिकाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान की सीख भी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने बालिकाओं से खुलकर संवाद किया। सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, उनके उचित निस्तारण और मासिक धर्म से जुड़े मिथकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चर्चा हुई। बालिकाओं ने बेझिझक अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और स्पष्ट जवाब दिया। यह संवाद न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बालिकाओं को यह सिखाने में सफल रहा कि स्वच्छता उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव है।  महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है योगी सरकार इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश सरकार मासिक धर्म को सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में स्थापित कर समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है। स्वच्छता की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं जैसे संक्रमण और प्रजनन संबंधी जटिलताएं बालिकाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। मिशन शक्ति के इस प्रयास ने न केवल जागरूकता फैलाई, बल्कि बालिकाओं को यह विश्वास दिलाया कि वे अपने स्वास्थ्य और सम्मान के लिए स्वयं निर्णय ले सकती हैं। योगी सरकार का यह अभियान नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। व्यक्तिगत स्वच्छता पर केंद्रित यह संवाद बालिकाओं के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहा है, जहां स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और स्वाभिमान उनके जीवन का आधार बनेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता पर जागरूकता बालिकाओं के संपूर्ण विकास का अभिन्न हिस्सा है। मासिक धर्म स्वच्छता पर खुलकर संवाद समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाएगा। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार बालिकाओं को न केवल शिक्षित और आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। बता दें कि प्रदेश में संचालित 131 बाल देखरेख संस्थानों, 8 महिला शरणालयों, एक संरक्षण गृह और मानसिक मंदित महिलाओं के लिए प्रकोष्ठ के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में फंसी बालिकाओं और महिलाओं को आश्रय, कौशल विकास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य हो रहा है। यहां रह रही महिलाएं औऱ बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया।   मिशन शक्ति 5.0 के पांचवें चरण में 22 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 14.64 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं।

सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी

गरीबों को दीपावली से पहले घर का सपना हुआ साकार सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी मुख्यमंत्री 118 करोड़ की 50 विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास – सीएम योगी ने कहा- हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध, रखरखाव के लिए गठित हों आवासीय समितियाँ  – आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ, जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को मिली प्राथमिकता- मुख्यमंत्री – उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को मिल चुका है अपना आवास- सीएम योगी – प्रदेश में माफियाओं द्वारा कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को दिए जा रहे हैं आवास- मुख्यमंत्री  – उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे- सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले गोरखपुर में गरीबों को अनमोल उपहार सौंपा। पाम पैराडाइज, देवरिया बाईपास स्थित हाई-राइज बिल्डिंग में 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां भेंट कीं। इनमें 80 फ्लैट्स आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 80 निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए हैं। साथ ही, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 118 करोड़ रुपये की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सीएम ने पौधारोपण भी किया।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर परिवार की एक तमन्ना होती है कि उसका अपना एक घर हो, सर ढकने को छत मिले। आज 160 परिवारों को यह दीपावली का शुभ उपहार मिल रहा है। कार्तिक मास के शुभ मुहूर्त में यह उपलब्धि और भी खास है। उन्होंने कहा कि एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण घटना होती है। आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी गई। शेष 120 परिवारों का चयन लॉटरी से हुआ। 9,000 से अधिक आवेदनों में से ये सौभाग्यशाली हैं। विकास प्राधिकरण को चाहिए कि बाकी जरूरतमंदों के लिए आवास प्रक्रिया तेज करें। ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स 35 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी से मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध। एलआईजी फ्लैट्स 41 वर्ग मीटर के हैं, बाजार मूल्य 19-20 लाख के मुकाबले 10.80 लाख रुपये में। उन्होंने कहा कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि ईमानदार होंगे तो गरीबों को अपना घर मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने की आवास के लोकेशन की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकेशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आवास के पास रामगढ़ ताल, जू और खोराबार का बेहतरीन स्थान है। यहीं पर कुछ दूरी पर सांसद रवि किशन का आवास भी है। हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं है। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को चाहिए कि हाईराइज बिल्डिंग के रखरखाव के लिए आवासीय समितियाँ गठित हों, जिससे लिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित मेंटेनेंस हो सके। उन्होंने पूर्व योजनाओं गोरख एंक्लेव, राप्ती नगर और पत्रकारपुरम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर तबके गरीब, स्ट्रीट वेंडर, श्रमिक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, और व्यापारियों के लिए के लिए भी समय-समय पर विशेष योजनाएँ लाई जाएँगी। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को मिल चुके हैं आवास  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर 4 करोड़ गरीबों को फ्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं। अच्छी नियत से अच्छे कार्य होते हैं। जनता अच्छी सरकार चुनती है, तो विकास गरीब तक पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि खोराबार स्कीम जल्द आगे बढ़ेगी। माफियाओं द्वारा कब्जाए जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में माफियाओं से कब्जाई गई जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए गए थे। इसी तरह लखनऊ में भी कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन शुक्ल, यूपी के गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ल, यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्यय मौजूद रहे।

पुलिसकर्मियों की बेरहमी से DSP के साले की मौत, भोपाल में बवाल और जांच शुरू

भोपाल  पिपलानी थाना क्षेत्र के सी-सेक्टर इंद्रपुरी में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात इसी थाने के  दो पुलिसकर्मियों ने बीटेक पास एक युवक को बीच सड़क पर इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों की मारपीट में जिस युवक की मौत हुई है, उसके जीजा बालाघाट में डीएसपी हैं। साले की मौत की सूचना के बाद वह भी भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिसकर्मियों की पिटाई में युवक की मौत के बाद उसके परिजन और दोस्तों ने आज सुबह पिपलानी थाने का घेराव कर हंगामा मचाया। हंगामा मचने के बाद पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार  22 वर्षीय उचित गायकी पिता राजकुमार गायकी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में रहता था। उसने  वीआईटी कॉलेज सीहोर से बीटेक की पढ़ाई की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो दोस्तों के साथ कहीं जाने के लिए निकला था। परिजनों का आरोप है कि इंद्रपुरी सी-सेक्टर में पिपलानी थाने के दो पुलिसकर्मियों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने उसके साथ इतनी अधिक मारपीट कर दी की उसकी मौत हो गई।  इधर, पुलिस का मानना है कि युवक की मौत घबराहट के कारण हार्ट अटैक से हुई है। डीसीपी जोन 2 विवेक सिंह ने बताया कि इस मामले में पेट्रोलिंग पर तैनात दो पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। स्पेशल पैनल बनाकर मृतक के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। उदित के दोस्तों के बयान भी लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, उदित गाइकी टीआईटी कॉलेज का छात्र था। उसके पिता भेलकर्मी और मां टीचर है। जबकि बहनोई बालाघाट एंटी नक्सल में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। उसके दोस्तों के अनुसार इंद्रपुरी सेक्टर- सी में वह पार्टी करके लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उदित और उसके साथियों के साथ मारपीट की और थाने ले गई। इधर, परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। वहां उसकी हालत बिगजड गई। जिसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए एम्स ले गई। इधर, पुलिस का दावा है कि युवक को थाने नहीं लाया गया था। एसीपी ने कहा- पुलिस अभिरक्षा में नहीं हुई मौत  गोविंदपुरा की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अदिति भावसार सक्सेना ने बताया कि बीती रात पिपलानी थाने के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में चार-पांच युवकों के सड़क किनारे शराब पीने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी। उदित को पिपलानी थाने नहीं लाया गया था, ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में मौत होना नहीं माना जा सकता। पुलिस मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम उदित की मौत की सूचना के बाद वीआईटी सीहोर के डेढ़ दर्जन से अधिक छात्र आज सुबह पिपलानी थाने पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। मृतक के पिता बिजली कंपनी में कार्य करते हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। परिजनों ने मीडिया को बताया कि जहां पर पुलिसकर्मियों ने उदित के साथ बीच सड़क पर मारपीट की है, उसके पास ही एक सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही मारपीट की पूरी घटना कैद हो गई है। पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायिक जांच कराई जाए।

वेनेजुएला की मचादो ने जीता नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप के बड़े दावों पर लगा ब्रेक

ओस्लो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान शुक्रवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होते ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सपना चकनाचूर हो गया। इस बार का 'नोबेल पीस प्राइज' वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचादो को मिला है। बता दें कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी हर साल इस पुरस्कार के लिए ऐसे लोगों या संस्थाओं को चुनती है, जो शांति को बढ़ावा देने, देशों के बीच भाईचारे को मजबूत करने और समाज के लिए काम करने में योगदान देते हैं। बता दें कि यह पुरस्कार हमेशा चौंकाने वाला होता है। नोबेल प्राइज के लिए काफी बेचैन थे ट्रंप? नोबेल पीस प्राइज के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कई दिनों से काफी बेचैन नजर आ रहे थे। ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की कुछ उपलब्धियों, जैसे शांति समझौतों को लेकर खुद की तारीफ की थी। लेकिन नोबेल विशेषज्ञों का पहले ही कहना था कि उनके जीतने की संभावना बहुत कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कमेटी आमतौर पर उन लोगों या संगठनों को पुरस्कार देती है, जो लंबे समय से शांति के लिए काम कर रहे हों।   कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो? मारिया कोरिना मचाडो का जन्म 7 अक्टूबर 1967 को हुआ था। वह वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और औद्योगिक इंजीनियर हैं। 2002 में उन्होंने वोट निगरानी समूह सूमाते की स्थापना की और वेंटे वेनेजुएला पार्टी की राष्ट्रीय समन्वयक हैं। 2011-2014 तक वे वेनेजुएला की नेशनल असेंबली की सदस्य रहीं। वह 2018 में बीबीसी की 100 प्रभावशाली महिलाओं और 2025 में टाइम पत्रिका की 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में शामिल हुईं। निकोलस मादुरो सरकार ने उनके देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। 2023 में अयोग्यता के बावजूद, उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी प्राथमिक चुनाव जीता, लेकिन बाद में उनकी जगह कोरिना योरिस को उम्मीदवार बना दिया गया।   इन नामों की हो रही थी चर्चा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए इस बार कई नाम सामने आए थे। पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो ने कुछ संभावित विजेताओं का जिक्र किया था, जिनमें शामिल थे:     सूडान की इमरजेंसी रिस्पॉन्स रूम्स: यह एक समुदाय आधारित नेटवर्क है, जो सूडान के गृहयुद्ध के दौरान मानवीय सहायता का मजबूत आधार बना हुआ है।     इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: ये दोनों संस्थाएं वैश्विक न्याय और शांति के लिए काम करती हैं।     कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स: यह अमेरिका आधारित संगठन प्रेस की आजादी को बढ़ावा देता है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए काम करता है। यह संगठन उन पत्रकारों की सूची भी तैयार करता है, जो अपने काम के दौरान मारे गए। पिछले साल किसने जीता था नोबेल शांति पुरस्कार? पिछले साल 2024 में नोबेल शांति पुरस्कार जापान की संस्था निहोन हिदानक्यो को दिया गया था। यह संगठन परमाणु हथियारों के खिलाफ दशकों से काम कर रहा है और हिरोशिमा-नागासाकी बम धमाकों के पीड़ितों की आवाज को दुनिया तक पहुंचाता है। क्यों खास है नोबेल शांति पुरस्कार? नोबेल शांति पुरस्कार दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कारों में से एक है। बाकी नोबेल पुरस्कार (जैसे चिकित्सा, भौतिकी, रसायन और साहित्य) स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में दिए जाते हैं, लेकिन शांति पुरस्कार का ऐलान और समारोह ओस्लो में होता है। इस हफ्ते स्टॉकहोम में चिकित्सा, भौतिकी, रसायन और साहित्य के पुरस्कारों का ऐलान हो चुका था जिसके बाद सबकी नजर शुक्रवार के ऐलान पर टिकी थीं। इसके अलावा, अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार सोमवार को घोषित किया जाएगा।