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छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर में 65 करोड़ की लागत से बनेगा छात्रावास : मुख्यमंत्री साय

बस्तर–सरगुजा सहित दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस कैंसर के शोध, रोकथाम और इलाज में उपयोगी साबित होगी एरोकॉन 2025 संगोष्ठी रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।  साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

यूपी का लक्ष्य : 2030 तक फसल उत्पादकता में देश में नंबर एक, 2047 तक दुनिया में अग्रणी

‘विकसित यूपी @2047’ योगी सरकार का संकल्प, 2047 तक यूपी बनेगा कृषि उत्पादकता में वैश्विक लीडर यूपी का लक्ष्य : 2030 तक फसल उत्पादकता में देश में नंबर एक, 2047 तक दुनिया में अग्रणी  कृषि निर्यात में भी यूपी दिखाएगा दम, 2030 तक भारत में नंबर 1 और 2047 तक वैश्विक स्तर पर शीर्ष देशों में – भंडारण, प्रोसेसिंग, फूड पार्क और कोल्ड चेन इंफ्रा से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ – पीएसीएस, एफपीओ और मेगा फूड पार्क से बदलेगा यूपी का कृषि परिदृश्य – नवाचार और वैज्ञानिक तकनीकों से योगी सरकार बना रही है ‘सस्टेनेबल एग्रीकल्चर’ का मॉडल – फसल विविधीकरण और शोध पर जोर, यूपी कृषि शिक्षा और रिसर्च का हब बनने की ओर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को “विकसित यूपी @2047” बनाने का संकल्प लिया है, जिसके तहत आने वाले 22 वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बड़ी रणनीति बनाई गई है। इस विजन का सबसे अहम हिस्सा है कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और तकनीक आधारित विकास। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि कृषि और औद्योगिक विकास मिलकर यूपी को विकसित भारत के ग्रोथ इंजन में बदलेंगे। आने वाले समय में प्रदेश न केवल भारत के किसानों के लिए, बल्कि वैश्विक कृषि जगत के लिए भी रोल मॉडल बनकर उभरेगा। भविष्य का लक्ष्य (विजन 2047) योगी सरकार ने 2030 तक यूपी को देश में फसल उत्पादकता में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य तय किया है, जबकि 2047 तक प्रदेश दुनिया के अग्रणी देशों, मैक्सिको, चीन, फ्रांस और अमेरिका के बराबर खड़ा होगा। यही नहीं, कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी यूपी 2030 तक भारत में प्रथम स्थान पर पहुँचेगा और 2047 तक रूस, ऑस्ट्रेलिया व कनाडा जैसे वैश्विक कृषि निर्यातकों की श्रेणी में शामिल होने का संकल्प ले चुका है। इसके लिए राज्य सरकार ने फोकस एरिया तय किए हैं, जिनमें भंडारण और मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर (PACS, FPOs, मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन), कृषि शिक्षा, नवाचार और रिसर्च, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, वैज्ञानिक तकनीकों का विस्तार और फसल विविधीकरण प्रमुख हैं। बीते साढ़े आठ साल में हुए बड़े बदलाव 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति बेहद पिछड़ी हुई थी। कृषि उत्पादन सीमित था, वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग नगण्य था और किसान अपनी उपज का सही मूल्य नहीं पा पाते थे। कोल्ड चेन और फूड प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं लगभग न के बराबर थीं। लेकिन पिछले साढ़े आठ साल में तस्वीर बदल चुकी है। योगी सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, मंडी व्यवस्था को मजबूत करने, स्टोरेज और कोल्ड चेन सुविधाओं को बढ़ाने और एफपीओ मॉडल को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। परिणामस्वरूप आज प्रदेश कृषि उत्पादकता और विविधता दोनों में नई ऊंचाइयां छू रहा है।    

योगी सरकार ने अक्षय ऊर्जा और वृक्षारोपण को बनाया जनआंदोलन

‘विकसित यूपी @2047’ सीएम योगी का संकल्प, 2047 तक यूपी के सभी बड़े नगर होंगे 'सोलर सिटी'   योगी सरकार ने अक्षय ऊर्जा और वृक्षारोपण को बनाया जनआंदोलन -2030 तक 15% वक्षाच्छादन और 50% नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य  ग्रीन हाइड्रोजन व अक्षय ऊर्जा में यूपी ने रखा वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य – 2047 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का सीएम योगी का संकल्प लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित यूपी@2047’ विजन के तहत उत्तर प्रदेश को ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में नई दिशा देने का खाका तैयार किया है। उनका सबसे बड़ा लक्ष्य आने वाले 22 वर्षों में प्रदेश के सभी प्रमुख नगरों को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही यूपी को जलवायु सहिष्णु और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला राज्य बनाने का भी संकल्प लिया गया है। योगी सरकार ने अक्षय ऊर्जा को दिया है बढ़ावा  योगी सरकार ने 2017 के बाद इस स्थिति को बदलने की दिशा में बड़े कदम उठाए। अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, हरित परिवहन को प्रोत्साहित करने और वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप देने में सफलता मिली। इसी दौरान ‘सोलर सिटी’ की अवधारणा को भी आगे बढ़ाया गया, जिसके तहत अयोध्या से शुरुआत कर सभी बड़े नगरों को सौर ऊर्जा पर आधारित शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि 2017 से पहले प्रदेश का ऊर्जा उत्पादन लगभग पूरी तरह थर्मल आधारित था। प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं थी। वृक्षारोपण अभियान सीमित था और अक्षय ऊर्जा का योगदान बेहद कम था।  लघु अवधि (2030) के लक्ष्य योगी सरकार ने लघु अवधि (2030) के लक्ष्य तय कर दिए हैं। इनमें अयोध्या सहित सभी प्रमुख नगरों को ‘सोलर सिटी’ में बदलना, वक्षाच्छादन को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना, थर्मल ऊर्जा पर निर्भरता घटाकर 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा सुनिश्चित करना और सभी पर्यावरणीय एसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करना शामिल है। मध्यम और दीर्घ अवधि (2047) के लक्ष्य  मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सरकार ने मध्यम और दीर्घ अवधि (2047) में सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को जलवायु सहिष्णु राज्य के रूप में विकसित किया जाए। इस दौरान वक्षाच्छादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा और वन क्षेत्र का राष्ट्रीय योगदान 3 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों को ‘सोलर सिटी’ में तब्दील करने, शून्य कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करने और ग्रीन हाइड्रोजन व अक्षय ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मत है कि 'सोलर सिटी' की परिकल्पना न केवल ऊर्जा सुरक्षा का आधार बनेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि का भी मजबूत जरिया साबित होगी। ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और वृक्षारोपण जैसे अभियान प्रदेश को 2047 तक न सिर्फ ‘विकसित यूपी’ बल्कि ‘ग्रीन यूपी’ भी बनाएंगे।

परीक्षा देने पहुंची छात्रा ने किया खुदकुशी प्रयास, भोपाल में कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हड़कंप

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब 6वीं कक्षा की छात्रा ने अचानक फर्स्ट फ्लोर से छलांग लगा दी। यह घटना सुबह 7:30 बजे की बताई जा रही है। छात्रा उस समय स्कूल आई थी क्योंकि आज उसका 6th क्लास का एग्जाम था।  अचानक बच्चों के बीच हुई इस घटना से पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छलांग लगाने के बाद छात्रा के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।  स्कूल परिसर में लगे CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि छात्रा ने खुद ही छलांग लगाई। घटना के बाद पुलिस को भी सूचना दी गई, फिलहाल गोविंदपुरा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस कदम के पीछे की वजहों की पड़ताल में जुटी है  स्कूल की पहली मंजिल से गिरी छात्रा, हालत गंभीर जानकारी के मुताबिक, घटना के वक़्त छात्रा बहुत सारे बच्चों के साथ थी. हालांकि वो अचानक पहली मंजिल से गिरते हुई नजर आई. पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताया, जबकि पिता बोले- 'मैं नहीं कह सकता कैसे ये हादसा हुआ?' निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती  बच्ची के पिता ने बातचीत में कहा कि बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी. उन्होंने बताया कि स्कूल से बच्ची की गिरने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मैं स्कूल पहुंचा था. अभी तक स्कूल प्रबंधन से बात नहीं हुई है.  उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने सीसीटीवी दिखाया था, जिसमें बच्ची गिरते हुए नजर अजर आ रही थी.   छात्रा की कराई जा रही सीटी स्कैन जांच घायल छात्रा को पिपलानी स्थित बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी सीटी स्कैन आदि जांच भी कराई जा रही हैं। फिलहाल उसकी मौसी ही वहां मौजूद हैं। छात्रा को कितनी चोट आई हैं, इसकी पूरी जानकारी शाम तक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पांच बहनों में सबसे छोटी है छात्रा छात्रा की मौसी पिंकी के अनुसार, पिता गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम करते हैं। वहीं उसकी मां फिलहाल चेन्नई गई हुई हैं। घायल छात्रा पांच बहनों में सबसे छोटी है। उसकी अन्य चार बहनों में दो बड़ी बहनें एलएलबी कर रही हैं। वहीं, एक बहन 8वीं और दूसरी 11वीं में है। बच्ची के पिता ने क्या बताया? पिता का कहना है कि बच्ची ने छलांग लगाई है या गिर गई है… कुछ कह नहीं सकते. मेरी बच्ची को खेलने कूदने का शौक है. हो सकता है उस कारण ये हादसा हुआ. मामले की हो रही जांच-एडिशनल डीसीपी एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि बच्ची के गिरने की सूचना मिली है. मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल निजी अस्पताल में बच्ची का इलाज जारी है. पूछताछ करने के बाद ही पूरा मामला सामने आ पाएगा. उन्होंने बताया कि बच्ची पहली मंजिल से गिरी है. पूछताछ के बाद ही साफ होगा कि बच्ची गिरी  है या छलांग लगाई है… गौतम सोलंकी ने बताया कि एग्जाम शुरू होने के पहले ये घटना हुई है. 

तिहाड़ जेल में सुरक्षा पर चर्चा, ब्रिटिश एजेंसी ने किया भगोड़ों को लाने का प्लान

नई दिल्ली भारत से भागे आर्थिक अपराधियों और फरारों को वापस लाने की कोशिशों को तेज करते हुए ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) की टीम ने हाल ही में तिहाड़ जेल का दौरा किया. जानकारी के मुताबिक, यह दौरा जुलाई में हुआ था, जिसमें ब्रिटेन से आए पांच मेंबर्स शामिल थे.इस दौरे का मकसद ब्रिटेन की अदालतों को यह दिखाना था कि भारत में प्रत्यर्पित किए गए आरोपियों को तिहाड़ जेल में सुरक्षित और बेहतर माहौल मिलेगा. दरअसल, हाल ही में ब्रिटेन की अदालतों ने तिहाड़ की स्थिति को लेकर कई मामलों में भारत की प्रत्यर्पण याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इसी वजह से भारत सरकार ने ब्रिटेन को आश्वासन दिया कि किसी भी आरोपी के साथ जेल में न तो मारपीट होगी और न ही गैरकानूनी पूछताछ की जाएगी. जेल की सुविधाओं का निरीक्षण CPS की टीम ने तिहाड़ की हाई-सिक्योरिटी वार्ड का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कैदियों से बातचीत भी की. अधिकारियों ने टीम को भरोसा दिलाया कि अगर जरूरत पड़ी तो जेल परिसर में एक खास "एन्क्लेव" बनाया जाएगा, जहां विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल आरोपी सुरक्षित रह सकें. प्रत्यर्पण मामलों में अहम कदम भारत के अभी तक 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विदेशों में लंबित हैं, जिनमें से करीब 20 अकेले ब्रिटेन में फंसे हैं. इनमें विजय माल्या, नीरव मोदी, हथियार कारोबारी संजय भंडारी और कई खालिस्तानी नेताओं के नाम शामिल हैं. भारत सरकार इन मामलों को लेकर लगातार ब्रिटेन के साथ कोऑर्डिनेशन में है. भारत ने दिया भरोसा इस पूरे प्रोसेस का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन की अदालतों को यह विश्वास दिलाना है कि भारत प्रत्यर्पित आरोपियों को मानवाधिकारों के अनुरूप सुविधाएं देगा. सरकार ने साफ कहा है कि जेल में कैदियों के साथ किसी तरह का गैरकानूनी व्यवहार नहीं किया जाएगा. विजय माल्या और नीरव मोदी पर क्या हैं आरोप? विजय माल्या और नीरव मोदी पर भारत में धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के आरोप हैं. दोनों बैंक लोन डिफॉल्ट मामलों से जुड़े हैं और आरोप सामने आने से पहले ही ब्रिटेन भाग गए. भारतीय अदालतों ने इन्हें "फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स" घोषित किया. विजय माल्या का मामला किंगफिशर एयरलाइंस के पतन से जुड़ा है, जिसने भारतीय बैंकों से लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये का लोन नहीं चुकाया. जांच में आरोप लगे कि उन्होंने लोन की रकम दूसरी जगह खर्च की और वसूले गए सर्विस टैक्स का भी भुगतान नहीं किया. 2020 में ब्रिटेन की अदालत ने उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी, लेकिन वह अब तक एक गोपनीय कानूनी प्रक्रिया के चलते भारत नहीं लाए जा सके हैं. नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले का मुख्य आरोपी है, जिसमें फर्जी LoU के ज़रिए लगभग 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. 2019 में लंदन में गिरफ्तारी के बाद 2021 में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी. हालांकि उसकी अपीलें लगातार खारिज होती रही हैं और मई 2024 तक वह ब्रिटेन की जेल में ही बंद है.

250 बसों से शुरू हुई ग्रामीण जनता सेवा, योगी ने कम किया किराया 20 प्रतिशत

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने ग्रामीण जनता सेवा का तोहफा दिया। इसके तहत यूपी के गांवों में 250 बसें संचालित की जाएंगी। प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट जनता सेवा की होगी। ये बसें 75-80 किमी दूरी के दायरे में आने वाले गांवों तक चलेंगी। इसका किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा। ग्रामीणों को सस्ती यात्रा सुविधा देने के लिए ग्रामीण जनवा सेवा बसों की शुरुआत की गई है। इसमें सफर करने के लिए किराया भी कम लगेगा। यूपी रोडवेज की अन्य बसों में अभी 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय किया जारा है। वहीं, अब शुरू हुईं ग्रामीण जनता सेवा बसों में 1.04 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय होगा। इसके अलावा सीएम योगी ने आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों की भी घोषणा की है। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार-प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। सीएम योगी ने चालकों के लिए घोषणा करते हुए निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। सीएम योगी ने हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडिया—डिजिटल, प्रिंट, सोशल व विजुअल—के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। आधुनिक बस स्टेशन, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों, बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिले—इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ ही, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, प्रमुख सचिव (परिवहन) अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।  

पीएम मोदी का बड़ा फैसला, अब नहीं जाएंगे अमेरिका की यूनाइटेड नेशंस मीटिंग में

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के अंत में होने जा रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका जाएंगे. बैठक के वक्ताओं की संशोधित सूची जारी होने के बाद यह जानकारी सामने आई है. इस फैसले से भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक और बड़ा मैसेज देने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक से किनारा कर लिया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र नौ सितंबर से शुरू होगा. इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक 23 से 29 सितंबर तक चलेगी. इस बैठक में पहला वक्ता ब्राजील होगा जबकि इसके बाद अमेरिका महासभा को संबोधित करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को यूएनजीए पोडियम से वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल में वह पहली बार संयुक्त राष्ट्र सत्र को संबोधित करेंगे.  भारत की ओर से विदेश मंत्री जयशंकर 27 सितंबर को सत्र को संबोधित करेंगे. लेकिन इससे पहले जुलाई में जारी की गई वक्ताओं की सूची में पीएम मोदी का नाम शामिल था. उस लिस्ट के मुताबिक पीएम मोदी 26 सितंबर को यूएनजीए को संबोधित करने वाले थे. हालांकि, वक्ताओं की इस सूची में आगे भी संशोधन हो सकता है.  बता दें कि चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इजरायल के राष्ट्राध्यक्ष 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. यह सत्र 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर एक बैठक के साथ शुरू होगा. संयुक्त राष्ट्र की ओर से बताया गया है कि यह बैठक बीजिंग में 1995 के ऐतिहासिक सम्मेलन के बाद से हुई प्रगति पर भी विचार करेगी. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 24 सितंबर को जलवायु शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो वैश्विक नेताओं के लिए अपनी नई राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजनाओं को पेश करने का मंच होगा. बता दें कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया के कई मुल्क ट्रंप के टैरिफ वॉर, रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव जैसे हालात से जूझ रही है.

दो साल से काम कर रही कंपनी पर संकट, इंदौर में पेस्ट कंट्रोल ठेका बदलने की कवायद

इंदौर इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों के शरीर चूहों द्वारा कुतरे जाने और उनकी मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रहा है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीनने की तैयारी की जा रही है। एलाइजा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस बार अस्पताल के बजट में कंपनी को 11 करोड़ रुपये देने की तैयारी थी, लेकिन अब उस पर भी संकट गहरा गया है। आमतौर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया जाता है, लेकिन एमवाय अस्पताल प्रबंधन एक ही कंपनी पर मेहरबान था। उसे सफाई, पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जाता है कि कंपनी ने स्टाफ भी काफी कम रखा था, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। डेटा एंट्री ऑपरेटर कम होने से कई बार पर्चियां बनाने के लिए अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती थीं। कंपनी अस्पताल बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में ही पेस्ट कंट्रोल करती थी, जबकि परिसर में हजारों की संख्या में चूहों के बिल हैं। परिसर से चूहों को भगाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पेस्ट कंट्रोल से पहले कंपनी ने कभी वार्डों को भी खाली नहीं कराया। आपको बता दें कि "चूहाकांड" के बाद एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग की है।  

मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ, डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास

परिवहन विभाग बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश का सारथीः सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ, डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी बोले – समय की गति से पीछे जाना मतलब हमेशा पीछे रह जाना परिवहन विभाग ने 2019 कुंभ और कोरोना काल में प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचायाः सीएम  हर साल सड़क हादसों में कोरोना से ज्यादा जानें जाती हैं, यह बड़ी चुनौती: मुख्यमंत्री बस चालकों की हर 3 महीने में मेडिकल और फिटनेस जांच अनिवार्य होः सीएम योगी  आईआईटी खड़गपुर और पुलिस के सहयोग से सड़क सुरक्षा को बनाया जाए उपयोगीः मुख्यमंत्री  प्रधानमंत्री के नेट ज़ीरो एमिशन लक्ष्य के लिए इलेक्ट्रिक बसें होंगी महत्वपूर्ण: योगी गांव-गांव कनेक्टिविटी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से 3 लाख रोजगार सृजित हो सकते हैंः सीएम  विश्वस्तरीय बस स्टेशन बनाने और पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग से विभाग को आगे बढ़ना होगाः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार-प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। समय की रफ्तार से कदम मिलाना जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र यदि समय की गति से पीछे जाता है तो हमेशा के लिए पीछे रह जाता है। लेकिन यदि वह समय की गति से दो कदम आगे चलने की क्षमता रखता है, तो विजयश्री का ध्वज फहराता है।  उन्होंने परिवहन विभाग से अल्पकालिक (3 वर्ष), मध्यम अवधि (10 वर्ष) और दीर्घकालिक (22 वर्ष) योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि फाइल को लटकाने की आदत बंद करनी पड़ेगी। जनसुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाना पड़ेगा। विभाग में टीम वर्क को और सशक्त बनाना पड़ेगा तो परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।  संकट काल में भी परिवहन विभाग रहा भरोसेमंद साथी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग ने समय-समय पर अपनी सेवाओं से मिसाल पेश की है। 2019 के प्रयागराज कुंभ और 2020 की वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब करोड़ों कामगार और श्रमिक अपने-अपने राज्यों और गांवों की ओर लौट रहे थे, तब विभाग ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड तक प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसी वर्ष आयोजित प्रयागराज महाकुंभ में भी विभाग ने रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करते हुए करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर संकट की घड़ी में परिवहन विभाग ने समय का सच्चा साथी बनकर प्रदेश और समाज की सेवा की है। सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रदेश के लिए एक गंभीर चुनौती है। कोरोना काल के तीन वर्षों में जितनी जानें नहीं गईं, उससे अधिक लोग हर साल सड़क हादसों में मारे जाते हैं। इनमें अधिकतर युवा होते हैं, जिससे परिवार उजड़ जाते हैं। यह समाज और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। यदि किसी यात्री की जान बचती है तो यह विभाग की सकारात्मक छवि बनाता है, लेकिन लापरवाही से जान जाने पर न केवल विभाग की बदनामी होती है, बल्कि आर्थिक क्षति भी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। जागरूकता और समन्वय से ही समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना होगा। इसके लिए IIT खड़गपुर जैसी संस्थाओं की तकनीकी मदद, पुलिस और अन्य विभागों का समन्वय, साथ ही स्कूलों में ट्रैफिक नियमों पर शिक्षा जरूरी है। उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडिया—डिजिटल, प्रिंट, सोशल व विजुअल—के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून कभी-कभी कठोर लगता है, लेकिन यही कानून अंततः आपकी सुरक्षा और जीवन की गारंटी है। प्रकृति के अनुरूप विकास और सड़क सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या विभाग की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग—गांव-शहर, युवा-बुजुर्ग, महिला-पुरुष—की साझा जिम्मेदारी है। जब सभी लोग इसमें जुड़ेंगे तो सड़क हादसों को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक ऐप के जरिए अत्यधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान की गई, जिससे कई स्थानों पर हादसों की संख्या घटकर महीने में 18 से घटकर 3 तक हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ-साथ हमें प्रकृति के अनुरूप विकास करना होगा। प्रधानमंत्री के नेट ज़ीरो एमिशन लक्ष्य को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल महत्वपूर्ण माध्यम हैं। परिवहन और नगर विकास विभाग गांव-गांव कनेक्टिविटी और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए न सिर्फ प्रदूषण कम कर सकते हैं, बल्कि 3 लाख तक नए रोजगार भी सृजित कर सकते हैं। आधुनिक बस स्टेशन, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों, बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिले—इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण … Read more

हिंदू महिलाओं के साथ धोखा: UP में चांद का लव जिहाद पकड़ा गया

रामपुर यूपी के रामपुर से लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक युवक ने हिंदू बनकर कई महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाए और सभी को अपना गलत नाम बताया। इसके बाद उन महिलाओं को छोड़ दिया और फरार हो गया। केमरी क्षेत्र में प्रेमजाल में फंसाने के बाद शारीरिक संबंध बनाने के साथ धर्मान्तरण कराने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसके पास से छह फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह हिन्दू बनकर मोबाइल पर बात करता था और उसके बाद महिलाओं के साथ संबंध बनाता था। गो रक्षा सेवा समिति के जिलाध्यक्ष अमित गंगवार के साथ अन्य लोगों ने तहरीर दी थी, जिसमें कहा था कि केमरी निवासी चाचा-भतीजे सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दू बनकर महिलाओं और युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं। तहरीर में लव जिहाद फैलाने के लिये विदेशों से फंडिंग, गिरोह का लिंक धर्मान्तरण में शामिल छांगुर बाबा के गिरोह से होने की प्रबल संभावना जताई थी। थानाध्यक्ष हिमांशु चौहान ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी चांद ने बताया कि वह काफी दिनों से अपना नाम बदलकर महिलाओं व लड़कियों से मोबाइल पर बातें करता था। वाट्सऐप काल करके अश्लील बातें कर उन्हें कभी भी अपने पास बुलाकर शारिरिक संबंध बनाता था। इसके बाद वो वहां से फरार हो जाता या मोबाइल नंबर बदल लेता था। सभी को अलग-अलग नाम बताता था। इसके लिए उसने कई आधार कार्ड भी बनवा रखे थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और कहा कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।