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रक्षा क्षेत्र में भारत का अगला कदम: HAL बनाएगा सुपर अटैक हेलीकॉप्टर ‘महाप्रचंड’

नई दिल्ली भारतीय सेना और वायुसेना की ताकत को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड को बड़ा अपग्रेड करेगी. यह अपग्रेड हेलीकॉप्टर की मारक क्षमता और बचाव की शक्ति को कई गुना बढ़ा देगा. लगभग 62,700 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में HAL 156 हेलीकॉप्टर बनाएगी, जिनमें से 90 सेना के लिए और 66 वायुसेना के लिए होंगे. डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी और 2033 तक पूरी हो जाएगी.  प्रचंड LCH का इतिहास: स्वदेशी हेलीकॉप्टर की शुरुआत LCH प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जो HAL ने डिजाइन और विकसित किया. इसका विकास 2006 में शुरू हुआ, जब कारगिल युद्ध (1999) में ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अटैक हेलीकॉप्टर की जरूरत महसूस हुई. Mi-17 जैसे यूटिलिटी हेलीकॉप्टर को लड़ाई के लिए इस्तेमाल किया गया था, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था. प्रोटोटाइप 2010 में रोल आउट हुआ. 2022 में वायुसेना ने इसे औपचारिक रूप से शामिल किया (143 हेलीकॉप्टर यूनिट 'धनुष' में जोधपुर पर). नाम 'प्रचंड' का मतलब 'तीव्र/उग्र' है. अभी तक 15 लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन (LSP) प्रचंड हेलीकॉप्टर डिलीवर हो चुके हैं- 10 वायुसेना को और 5 सेना को. ये एयर-टू-एयर मिसाइल, रॉकेट्स और टॉरेट गन से लैस हैं. 28 मार्च 2025 को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने 156 प्रचंड LCH के ऑर्डर को मंजूरी दी. HAL के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन हुए. यह FY 2025-26 में सबसे बड़ा डिफेंस डील है. HAL के टुमकुरु फैक्टरी (कर्नाटक) में उत्पादन होगा, जो भारत का सबसे बड़ा हेलीकॉप्टर प्लांट है. यहां सालाना 30 हेलीकॉप्टर बन सकेंगे. जरूरत पर 100 तक बढ़ाया जा सकता है. क्या अपग्रेड… 7 नए सिस्टम्स और 4 बड़े बदलाव नई सीरीज के प्रचंड में 7 नए सिस्टम्स और 4 प्रमुख अपग्रेड्स होंगे, जो इसे दुनिया के सबसे घातक हेलीकॉप्टर्स में बदल देंगे. ये अपग्रेड्स फायरपावर बढ़ाएंगे और दुश्मन के खिलाफ बचे रहने की क्षमता देंगे. 7 नए सिस्टम्स     लेजर-गाइडेड रॉकेट: लेजर से निर्देशित, जो सटीक हमले करेंगे.     न्यूक्लियर डिटेक्शन कैपेबिलिटी: न्यूक्लियर हमलों का पता लगाने के लिए.     डायरेक्टेड इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स: इंफ्रारेड मिसाइलों को भटकाने के लिए.     डेटा लिंक: सुरक्षित संचार के लिए, जो अन्य विमानों या ग्राउंड स्टेशनों से जोड़ेगा.     ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस सिस्टम: बाधाओं (जैसे पहाड़ या तारें) से बचने के लिए ऑटोमेटिक सेंसर.     मॉडर्न इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम: दुश्मन रडार को जाम करेगा और मिसाइलों को चकमा देगा.     स्वदेशी एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल: दुश्मन के ग्राउंड टारगेट्स को सटीक निशाना लगाने के लिए, जैसे टैंक या बंकर. 4 प्रमुख अपग्रेड्स     एडवांस्ड आर्मर: दुश्मन हथियारों से ज्यादा सुरक्षा.     बेहतर इंजन और एवियोनिक्स: ऊंचाई पर ज्यादा पावर और सटीकता.     इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पॉड: बेहतर सेंसर से रात में या खराब मौसम में निगरानी.     हेलमेट-माउंटेड पॉइंटिंग सिस्टम: पायलट हेलमेट से ही हथियार निर्देशित कर सकेगा, जो निशाना लगाना आसान बनाएगा. ये अपग्रेड्स प्रचंड को ऊंचाई (5,000 मीटर से ऊपर) पर उड़ाने के लिए आदर्श बनाएंगे. यह दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट करने, ड्रोन/धीमी विमानों को मार गिराने, बंकर तोड़ने, काउंटर-टेरर ऑपरेशंस और ग्राउंड फोर्सेस को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन है. उत्पादन और डिलीवरी: HAL का प्लान HAL टुमकुरु फैक्टरी में उत्पादन करेगी. डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी. 2033 तक पूरे 156 हेलीकॉप्टर डिलीवर हो जाएंगी. पहले 3 साल में 30 हेलीकॉप्टर/वर्ष फिर तेजी से. यह प्रोजेक्ट 250 से ज्यादा भारतीय कंपनियों को जोड़ेगा और 8,500 से ज्यादा नौकरियां पैदा करेगा. 92% कॉन्ट्रैक्ट्स घरेलू उद्योग को दिए जाएंगे. अभी 15 LSP प्रचंड तैनात हैं, जो लद्दाख और पूर्वोत्तर में परीक्षण में सफल रहे. जनवरी 2025 में एक HAL ध्रुव क्रैश के बाद प्रचंड फ्लीट को अस्थायी रूप से ग्राउंड किया गया था, लेकिन जून 2025 में सब-कॉम्पोनेंट्स बदलकर फिर से उड़ान भरने को मंजूरी मिली. महत्व: सेना और वायुसेना की ताकत में इजाफा यह डील भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करेगी. प्रचंड ऊंचाई वाले इलाकों (जैसे सियाचिन, लद्दाख) के लिए बेस्ट है. 90 सेना को और 66 वायुसेना को मिलने से हेलीकॉप्टर फ्लीट कई गुना बढ़ेगा. यह 'मेक इन इंडिया' का प्रतीक है, जो रोजगार और अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगा. 2020-22 के चीन-भारत संघर्ष में प्रोटोटाइप ने लद्दाख में सशस्त्र गश्त की, जो इसकी क्षमता साबित करता है. नवंबर 2024 में सेना ने पूर्वोत्तर में हाई-ऑल्टिट्यूड फायरिंग की. यह हेलीकॉप्टर दुश्मन पनडुब्बियों, ड्रोन और टैंकों से लड़ने में सक्षम है.

रुपया मजबूत, व्यापार वार्ता तेज़: भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत?

वाशिंगटन  भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर जल्द ही थम सकता है। कहा जा रहा है कि दोनों ही देशों ने मंगलवार को हुई बातचीत को सकारात्मक करार दिया है। सोमवार रात ही अमेरिकी वार्ताकार ब्रेंडन लिंच भारत पहुंचे थे, जिसके बाद भारतीय पक्ष के साथ व्यापार को लेकर चर्चा होनी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हो गए थे। मंगलवार को हुई बैठक के बाद अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, 'असिस्टेंट यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच की अपने समकक्ष राजेश अग्रवाल से 16 सितंबर को द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के मामले पर सकारात्मक बैठक हुई।' खास बात है कि भारत की तरफ से भी बैठक को पॉजिटिव करार दिया गया है। इससे पहले ट्रंप ने भारत के साथ बातचीत जारी होने की जानकारी दी थी। भारत सरकार ने कहा, 'भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार के स्थाई महत्व को स्वीकारते हुए बातचीत सकारात्मक रही…।' सोमवार से बढ़ी उम्मीदें रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने के बाद किसी उच्च पदस्थ अमेरिकी व्यापार अधिकारी की यह पहली यात्रा है। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लिंच और भारतीय अधिकारियों के बीच बैठक को छठे दौर की वार्ता के रूप में नहीं, बल्कि उससे पहले की बातचीत के रूप में देखा जाना चाहिए। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका साप्ताहिक आधार पर वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर रहे हैं। अच्छे संकेत अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के पटरी पर लौटने की उम्मीदें बढ़ने से मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे मजबूत होकर 88.08 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि सकारात्मक घरेलू बाजारों और कमजोर डॉलर के कारण रुपये में मजबूती आई। अमेरिकी डॉलर फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और निराशाजनक आर्थिक आंकड़ों से पहले दो महीने के निचले स्तर पर आ गया।  

दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग, भोपाल वासियों को स्वदेशी वस्तुओं की आत्मीयता का कराएगा अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट स्वदेशी मेले से हुई सेवा पखवाड़ा की शुरूआत स्वदेशी मेले में मिल रही है गांवों की बहन-बेटियों द्वारा बनाई एलईडी दशहरे पर धूमधाम से होगा शस्त्र पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल हाट में स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया। सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं। पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा। भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी। स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। इस स्वदेशी बाजार में हुजूर विधानसभा के 40 स्व-सहायता समूहों की बहनों ने यहां अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। दीपावली सहित सभी त्यौहार आ रहे हैं। अब विदेशी एलईडी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, स्वदेशी मेले में गांव की बहन-बेटियों द्वारा बनाई गई एलईडी भी मिलेगी। यह स्वदेशी मेला 4 दिन तक चलेगा। विधायक शर्मा ने नगरवासियों को दीपावली, नवरात्र और दशहरा के दृष्टिगत स्वदेशी मेले से खरीददारी करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, रवींद्र यति, कीरत सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य उपस्थित थीं।  

प्रधानमंत्री मोदी: स्वदेशी आंदोलन के अग्रदूत और आत्मनिर्भर भारत के मार्गदर्शक

सीएम ब्लॉग भोपाल  "परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है, जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है, समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।" यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ। प्रधानमंत्री जी का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है। उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी जी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री जी ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री जी की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के स्वाभिमान को दी नई पहचान: जगदीश देवड़ा

"प्रधानमंत्री जी के जन्म दिवस पर विशेष" भोपाल  भारत के नागरिक भाग्यशाली हैं कि वे भारत का नवनिर्माण होता देख रहे हैं। हर क्षेत्र में नया भारत बन रहा है। इन गौरवशाली क्षणों का श्रेय यशस्वी, सशक्त और विश्व दृष्ट‍ि सम्पन्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान को जगाया है और आत्म-विश्वास को मजबूत किया है।  माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से कोटि-कोटि बधाइयां और शुभकामनाएं। वे दीर्घायु हों और हमेशा हमें नेतृत्व प्रदान करते रहें। वे अपने जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश को ऐसा उपहार देने आये हैं, जिससे प्रदेश और देश के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ रहा है। देश की महत्वाकांक्षी "पीएम मित्र पार्क परियोजना" का भूमि-पूजन हो रहा है। यह पार्क मध्यप्रदेश के लिये अनमोल उपहार साबित होगा। हमारे कपास उत्पादक किसानों का जीवन बदलेगा और समृद्ध‍ि के नये द्वार खुलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भारत के लिए वरदान साबित हुए हैं। भारत निराशा में डूबा राष्ट्र बनता जा रहा था। युवाओं में भी निराशा थी। व्यापार डूब रहा था। भ्रष्टाचार फैल रहा था। हमारी कोई वैश्व‍िक पहचान नहीं थी। अर्थव्यवस्था में हम पिछड़ गये थे। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही उन्होंने अविलंब विकासोन्मुखी कार्यों की शुरूआत कर दी। राष्ट्रवादी मूल्यों और संस्कृति में वे अच्छी तरह पल्लवित थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत बदल रहा है। हर क्षेत्र में नये परिवर्तन हो रहे हैं। हमारी नीचे जाती अर्थव्यवस्था अब विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी एक युग-दृष्टा हैं। वे भविष्य को पहचान लेते हैं और आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां तैयार रखते हैं। उन्होने विश्वपटल पर भारत की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मोदी जी का जीवन हमें निरंतर प्रेरणा देता है। साधारण परिवार में जन्म लेकर देशहित को सर्वोपरि मानते हुए वे जिस तरह जनसेवा के पथ पर अग्रसर हुए, वह असाधारण है। बचपन से ही राष्ट्रप्रेम और सेवा-भावना उनकी शक्ति रही। आज जब हम 21वीं सदी के भारत की कल्पना करते हैं, तब मोदी जी का व्यक्तित्व और कार्यशैली एक मार्गदर्शक दीपस्तंभ के रूप में सामने आते हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने भारत को केवल ‘विकास’ की दिशा में आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तक मोदी जी की हर पहल जनता के कल्याण और देश को मजबूत बनाने का सशक्त कदम है। उन्होंने स्वदेशी अपनाने के लिये समस्त भारतीयों को प्रेरित किया है। मोदी को देश की युवा शक्त‍ि और उनके कार्य कौशल पर अटूट भरोसा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत की साख को इतना ऊँचा उठाया है कि आज पूरा विश्व भारत के नेतृत्व को सम्मान की दृष्टि से देखता है। G20 की अध्यक्षता, अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ, सीमा सुरक्षा की सुदृढ़ता और गरीब कल्याण की योजनाएँ उनके नेतृत्व की गाथा को अमर कर रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व पटल पर भारत की एक अलग छवि बनी है। मध्यप्रदेश में भी मोदी जी की नीतियों और दूरदर्शिता का सीधा लाभ जनता को मिला है। प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि नि:शुल्क राशन, जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। गाँव-गाँव तक सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाना मोदी जी के संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम है। वे केवल राजनेता नहीं, बल्कि एक संकल्प और नवाचार के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि ईमानदारी, राष्ट्रनिष्ठा और कठोर परिश्रम से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी वैश्विक लोकप्रियता साबित करते हुए दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता बनने का गौरव हासिल किया है। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में पीएम मोदी को 75 प्रतिशत ‘अप्रूवल रेटिंग’ मिली है। यह रेटिंग उन्हें 20 देशों के शीर्ष नेताओं की सूची में सबसे ऊपर रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी की लोकप्रियता का कारण उनकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि, निर्णय लेने की क्षमता और भारत के घरेलू और वैश्विक हितों पर आधारित स्पष्ट नीतियां हैं। यह इस बात का संकेत है कि भारत न केवल वैश्विक राजनीति में तेजी से उभर रहा है बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी स्वीकृति मिल रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर और जीएसटी सुधार से पूरे विश्व में भारत के प्रति दृष्ट‍िकोण बदल गया है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होने सबका विश्वास जीता है। हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करने के कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों का परिणाम अब हमारे सामने आने लगा है। उदाहरण के लिए भारत अब डिजिटल इंडिया के रूप में जाना जाने लगा है। लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिये उठाये गये कदमों का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक हुई है। 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' देश के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है जिसे पूरे भारत में सराहा गया है। नीति में बुनियादी शिक्षा में सुधार, स्कूल संरचनाओं में बदलाव, चार वर्षीय अंतःविषय स्नातक कार्यक्रम और देश में शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकृत करने का प्रस्ताव है। ये सब भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास का हर क्षेत्र बदल रहा है। अभी भारत को विश्व गुरू बनने का सपना पूरा करना है। हम सब संकल्प लें कि प्रधानमंत्री मोदी जी के आदर्शों पर कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मध्यप्रदेश की जनता की ओर से एक बार फिर हमारे लोकप्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्म दिवस की कोशिट: शुभकामनाएं। 

शराब घोटाले की गुत्थी सुलझी? ED ने चैतन्य बघेल को मास्टरमाइंड बताया, चार्जशीट में दर्ज कई बड़े दावे

रायपुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ा आरोप लगाते हुए राज्य में हुए ‘शराब घोटाले’ के सिडिकेट का मास्टरमाइंड (मुखिया) बताया है और कहा है कि उन्होंने ही घोटाले से अर्जित लगभग 1000 करोड़ रुपए की आय को इधर-उधर किया था। ईडी ने इस बात का दावा सोमवार को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (VI) डमरुधर चौहान की अदालत में दायर अपनी चौथी पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) मे किया। इसमें उसने दावा किया कि चैतन्य ने जानबूझकर अपराध की आय को छिपाने, कब्जा करने, अधिग्रहण करने और इसका उपयोग करने में सहायता की और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची। ईडी द्वारा दाखिल इस आरोप पत्र में बताया गया है कि, ‘इस सिंडिकेट (गिरोह) में शीर्ष स्तर पर चैतन्य का नियंत्रण था, और उसकी भूमिका केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली और निर्णायक भी थी। वह सिंडिकेट द्वारा एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखने के लिए जिम्मेदार था। धन के संग्रह और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उसके (चैतन्य के) निर्देशों के तहत लिए जाते थे। मुख्यमंत्री के बेटे के रूप में उनकी स्थिति ने उन्हें सिंडिकेट का नियंत्रक बना दिया।' इसमें कहा गया है, ‘जांच से यह भी पता चला है कि चैतन्य बघेल अपराध की आय के प्राप्तकर्ता हैं, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में लगाया और वे इस प्रकार विकसित की गई इन संपत्तियों को बेदाग संपत्ति के रूप में पेश कर रहे हैं और उन पर दावा कर रहे हैं।' अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच से पहले ही पता चला है कि अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति द्वारा एकत्र किया जा रहा था, जिसने ईडी के सामने अपने बयान में खुलासा किया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर शराब घोटाले से अर्जित एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की आय को संभाला था। इसमें कहा गया है कि उन्होंने (बंसल ने) स्पष्ट रूप से कहा है कि चैतन्य के निर्देश पर, 2019 से 2022 के बीच की अवधि में कांग्रेस के राज्य इकाई के तत्कालीन कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अन्य को बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई गई थी। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि बंसल कथित तौर पर दीपेन चावड़ा के माध्यम से अनवर ढेबर से अपराध की यह आय एकत्र करते थे और उसके बाद चैतन्य के समन्वय से ये धनराशि राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। आरोप पत्र में ईडी ने बताया कि 'बंसल ने अपने बयान में खुलासा करते हुए बताया कि वह भूपेश बघेल को पिछले 25 सालों से जानते हैं और दोनों के पारिवारिक संबंध हैं। वह चैतन्य के साथ नियमित रूप से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास जाया करते थे। उस समय रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास की ऐसी ही एक यात्रा के दौरान, भूपेश बघेल ने उन्हें (बंसल को) स्पष्ट रूप से बताया था कि अनवर ढेबर उन्हें कुछ सामान भेजेंगे, और उसे आगे उन्हें रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाना होगा। इसके बाद, चैतन्य बघेल ने नकदी की कथित डिलीवरी से एक दिन पहले उन्हें सूचित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान शब्द नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक कोड वर्ड है।’ अग्रवाल फिलहाल फरार हैं। ईडी ने ने आरोपी लगाते हुए कहा कि चैतन्य शराब गिरोह का केंद्रीय व्यक्ति और नियंत्रक था, जो इससे जुड़ी कमाई पर सीधा नियंत्रण रखता था, अवैध धन के प्रवाह की निगरानी करता था, और अपराध की आय का उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपक्रमों के लिए करता था। आरोप पत्र में कहा गया है कि चैतन्य बघेल ने अपनी रियल एस्टेट परियोजना, विट्ठल ग्रीन में 18.90 करोड़ रुपए और अपनी रियल एस्टेट फर्म मेसर्स बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में 3.10 करोड़ रुपए की आपराधिक आय का उपयोग किया था। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से वॉट्सएप चैट के रूप में महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं। ईडी के आरोपों के अनुसार लगभग 2,500 करोड़ रुपए से अधिक का यह शराब घोटाला प्रदेश में साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में चैतन्य के पिता भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। इसी घोटाले के आरोप में चैतन्य को केंद्रीय एजेंसी ने 18 जुलाई को दुर्ग जिले के भिलाई शहर में स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। ईडी ने अब तक इस मामले में एक अभियोजन शिकायत और चार पूरक अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं और दावा किया है कि कथित घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और एक शराब गिरोह के लाभार्थियों की जेबें भरी गईं। सोमवार को दायर अभियोजन शिकायत में ईडी ने कहा कि 2019 में छत्तीसगढ़ में नई (कांग्रेस) सरकार के गठन के बाद, एक संगठित शराब गिरोह बनाया गया था। इस गिरोह के दिन-प्रतिदिन के संचालन को संभालने के लिए, तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर (दोनों को मामले में ईडी द्वारा दायर पिछली अभियोजन शिकायतों में आरोपी के रूप में नामित किया गया है) का चयन किया गया था।  

यूपी के वाहन मालिकों को बड़ी राहत… 5 साल के सभी ई-चालान होंगे माफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य में 2017 से 2021 तक बने लाखों ई-चालान अब कानून के तहत स्वतः समाप्त माने जाएंगे. यानी जिन चालानों पर अदालतों में कार्रवाई लंबित थी या जो समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं, वे अब मान्य नहीं रहेंगे. इस कदम से प्रदेशभर के वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी. इस फैसले के साथ ही फिटनेस, परमिट, वाहन ट्रांसफर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) जैसी सेवाओं पर लगे अवरोध हट जाएंगे. यानी अब पुराने ई-चालानों की वजह से वाहन मालिकों को इन सेवाओं में अड़चन नहीं होगी. कितने चालान थे लंबित? परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2021 के बीच कुल 30,52,090 ई-चालान काटे गए थे. इनमें से 17,59,077 पहले ही निस्तारित हो चुके हैं, जबकि 12,93,013 चालान अब तक लंबित हैं. इनमें से 10,84,732 चालान कोर्ट में पेंडिंग हैं जबकि 1,29,163 चालान ऑफिस स्तर पर पेंडिंग हैं. अब ये सभी चालान खुद खत्म हो जाएंगे. एक महीने के भीतर सभी चालानों की स्थिति पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी और जनता आसानी से ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन/चालान का स्टेटस देख सकेगी. क्यों लिया गया ये फैसला? परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह द्वारा आदेश में बताया गया कि यह फैसला जनहित, पारदर्शिता और कानून के पालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. लंबे समय से कोर्ट में पड़े छोटे-मोटे चालानों से न्यायपालिका और प्रवर्तन तंत्र पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा था. इनकी वसूली लगभग असंभव हो चुकी थी. हाई कोर्ट ने भी कई आदेशों में साफ कहा कि ऐसे ई-चालान “by operation of law” अब समाप्त माने जाएंगे. राज्य सरकार ने नए कानून और अदालत के निर्देशों के बाद इसे पोर्टल स्तर पर लागू करने का आदेश जारी किया है. किन पर लागू नहीं होगा यह आदेश? यह राहत टैक्स रिकवरी से जुड़े चालानों पर लागू नहीं होगी. यानी मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट के तहत बकाया टैक्स वाले मामलों पर कार्रवाई अलग से जारी रहेगी. इसी तरह, गंभीर दुर्घटनाओं, IPC से जुड़े मामलों या शराब पीकर वाहन चलाने जैसे प्रकरण इस दायरे से बाहर रखे गए हैं. इन धाराओं में शामिल चालानों को खत्म नहीं किया जाएगा. जनता को कैसे फायदा होगा? इसका सीधा लाभ वाहन मालिकों को मिल सकेगा क्योंकि इससे वाहन सेवाएं आसान हो जाएंगी. अब फिटनेस, परमिट, ट्रांसफर या HSRP के लिए आवेदन करते समय पुराने ई-चालानों की वजह से रुकावट नहीं आएगी. इसके अलावा लाखों वाहन मालिकों पर से पुराने केस हट जाएंगे और उन्हें कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. खासकर ऑटो, ट्रांसपोर्ट और टैक्सी ऑपरेटरों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है. आगे क्या होगा? 30 दिन के भीतर सभी जिलों के RTO/ARTO दफ्तर लंबित चालानों की स्थिति बदलकर पोर्टल पर “Disposed-Abated” या “Closed-Time Bar” कर देंगे. एक महीने बाद वाहन मालिक पोर्टल पर लॉगिन करके देख सकेंगे कि उनका चालान खत्म हुआ या नहीं. हाई कोर्ट के जिन मामलों में खास तौर पर आदेश दिए गए हैं, वहां सात दिन के भीतर चालान पोर्टल से हटा दिए जाएंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला ग्राम आएंगे स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ देश के पहले पीएम मित्र पार्क का करेंगे शिलान्यास एक बगिया माँ के नाम के अभियान में समूह की महिला को पौधे करेंगे भेंट सिकल सेल स्क्रीनिंग के 1 करोड़वे कार्ड का करेंगे वितरण सुमन सखी चैटबॉट की होगी लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में राशि होगी अंतरित धार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण' अभियान और 'आदि सेवा पर्व', का शुभारंभ करेंगे। साथ ही देश के पहले 'पीएम मित्र पार्क' का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान" महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान ऐतिहासिक कदम है। अभियान का संचालन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से करते हुए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता लाने स्वास्थ्य शिविरों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक सेवाओं की आपूर्ति करेंगे। दोनों विभागों द्वारा संचालित होने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे वे निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। इस अभियान में महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच भी होगी। अभियान में एनीमिया की रोकथाम, संतुलित आहार और मासिक-धर्म स्वच्छता पर जागरूकता अभियान भी चलाएंगे, जिससे महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को समग्र और समन्वित तरीके से पूरा किया जा सके। प्रधानमंत्री मित्र पार्क प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किये जा रहे पीएम मित्र पार्क का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा। लगभग 2158 एकड़ में विकसित होने वाला पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। पीएम मित्र पार्क में देश की अग्रणी टैक्सटाइल कंपनियों ने भरोसा जताते हुए अब तक 23 हजार 146 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे, जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टैक्सटाइल-हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री मोदी के '5-एफ' विज़न के अनुरूप यह पार्क 'फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों के ‍लिये आदर्श बनेगी। 'पीएम मित्र पार्क' से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा। "आदि सेवा पर्व" आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक पर्व होगा। इस दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवा गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा। इस अभियान में “ट्रायबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्रायबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जायेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जायेगा। एक बगिया माँ के नाम पर्यावरण सुधार के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये चलाये जा रहे "एक बगिया माँ के नाम" अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे। मध्यप्रदेश में अब तक 10 हजार 162 महिलाओं को माँ की बगिया तैयार करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। समूह की महिलाओं को पौधों की सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 'सुमन सखी चैटबॉट' की लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मोदी "प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान" में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिये 'सुमन सखी चैटबॉट' लांच करेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की गर्भवती महिलाओं को समय पर सही जानकारी और आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी। सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण प्रधानमंत्री मोदी सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। यह केवल एक कार्ड का वितरण नहीं, बल्कि सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ देश की सामूहिक लड़ाई का प्रतीक है। मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन अभियान में देश में रोल मॉडल बनकर उभरा है। 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' की राशि का होगा अंतरण 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' मातृत्व के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से देश भर की पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि अंतरित करेंगे। मध्यप्रदेश की लगभग एक लाख माता-बहनें इससे लाभान्वित होंगी।

कचरा और गंदा पानी बनेगा संसाधन! सरकार का इनोवेटिव प्लान बदलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर: मंत्री गडकरी

नई दिल्ली सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी वर्तमान में केंद्र सरकार में एक अहम चेहरा हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अपने कामकाज की वजह से उन्हें अक्सर हाईवे मैन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है. नितिन गडकरी ने  देश को प्रदूषण मुक्त करने और कचरा हटाकर उसका निस्तारण करने का सरकार का एक प्लान एबीपी के मंच से साझा किया है. नितिन गडकरी का कहना है कि भविष्य में टॉयलेट के पानी और कचरे से इमारतें व सड़कें बनाई जाएगी. चलिए जानें कि यह कैसे संभव होगा.  कचरे से कैसे बनेगी सड़क?  नितिन गड़करी ने सरकार का भविष्य का प्लान बताते हुए कहा, ‘80 लाख टन सॉलिड कचरा रोड बनाने के वक्त डाला गया है. दिल्ली-मुंबई हाईवे और UR2 रोड को बनाने में उस कचरे का इस्तेमाल किया गया है. अब सरकार का प्लान है कि 2027 खत्म होने से पहले इस देश का पूरा सॉलिड कचरा अलग करके रोड बनाने में डाला जाएगा और इससे देश को प्रदूषण के मुक्त किया जाएगा.’  टॉयलेट के गंदे पानी का कैसे होगा इस्तेमाल? नितिन गडकरी ने गंदे पानी के इस्तेमाल को लेकर कहा, ‘इसके अलावा टॉयलेट का जो गंदा पानी है, जो कि रिसाइकिल होता है उसको रिसाइकिल करके उसकी टेस्टिंग करके अब ऑर्डर निकाला जाएगा कि बिल्डिंग और रोड बनाने के लिए उस फिल्टर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे देश का प्रदूषण कम होगा और जनता को इससे मुक्ति मिलेगी.’ क्यों जरूरी है यह कदम? भारत में हर दिन लाखों टन कचरा और गंदा पानी निकलता है. अब तक इसका बड़ा हिस्सा खुले में फेंका जाता रहा है, जिससे नदियां, जमीन और हवा प्रदूषित हो रही हैं. अगर इन्हें निर्माण में उपयोग किया जाए तो कचरे का बोझ कम होगा और पर्यावरण पर दबाव घटेगा, साथ ही साथ शहरी विकास परियोजनाओं में सस्ती और टिकाऊ सामग्री की उपलब्धता भी बढ़ेगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो चुका है प्रयोग ऐसा नहीं है कि भारत में इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, बल्कि ऐसी तकनीकें यूरोप और एशियाई देशों में पहले से अपनाई जा रही हैं. वहां सीवेज स्लज और रीसाइकिल्ड वेस्ट से हाईवे, फ्लाईओवर और पब्लिक बिल्डिंग्स बनाई जा चुकी हैं. भारत में यह कदम कचरे से संपदा मिशन के तहत उठाया जा रहा है.

मध्यप्रदेश में कोदो-कुटकी की MSP पर खरीदी का आगाज़, 15 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू

 जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार पहली बार किसानों से कोदो-कुटकी खरीदेगी। इसकी शुरुआत जबलपुर के कुंडम तहसील से हो रही है। 15 सितंबर से सरकार को फसल बेचने वाले किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है। कुंडम तहसील में करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने कोदो-कुटकी की खेती की है।सीएम ने कहा कि इस कृषि उत्‍पाद को देश के साथ-साथ विदेश में भी पहुंचाया जाएगा. उन्‍होंने धान उत्‍पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये बोनस देने की बात भी कही. प्रशासन ने यह जिम्मा कृषि विभाग को सौंपा है। जिसके बाद विभाग, किसानों से फसल खरीदने के लिए एफपीओ चयनित करेगा। पहले चरण में सिर्फ एक एफपीओ, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह काम दिया जाएगा। कृषि विभाग के उपसंचालक डॉ. एसके निगम ने बताया कि खरीदी में प्रदेश सरकार पारंपरिक पब्लिक-प्रोक्योरमेंट यानी धान, गेहूं जैसी खरीदी नहीं करेगा, बल्कि सरकार इसमें केवल व्यवस्था का समन्वय करेगी, जबकि खरीदे गए अनाज का भुगतान अन्न फेडरेशन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जाएगा। राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर जबलपुर) के अनुसार, इस बार जिले के कुंडम तहसील में किसानों से कोदो और कुटकी की खरीदी करने जा रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से खरीदी होगी, जिसके लिए पंजीयन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार हर एक किलो पर 10 रुपये का समर्थन मूल्य भी देगी। देश में पहली बार ऐसा हो रहा यह देश में संभवत: पहली बार हो रहा है कि सरकार अनाज की खरीदी किए बगैर किसानों को बोनस देने जा रही है। सरकार का बोनस देने का मकसद प्रदेश में आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को कोदी-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत 3 जनवरी को जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहन देने और किसानों से उचित दाम पर इसकी समरीदी का कार्य किया जाना है। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का गठन किया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में कोदो- कुटकी की बुवाई की गई है। मिलेट्स फेडरेशन को राजस्व विभाग से इसका फाइनल आंकड़ा मिलना बाकी है। इस तरह कोदो-कुटकी के रकबे के आधार पर सरकार किसानों को प्रति विटेयर 3900 रुपए के हिसाब से करीब 40 करोड़ का बोनस देगी। सचिव कृषि विभाग एम, सेलवेदन का कहना है कि जल्द ही किसानों के खाते में बोनस की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।