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शाजापुर तिरंगा यात्रा 14 अगस्त को, गांव-गांव जाकर दे रहे लोगों को बुलावा

शाजापुर   शाजापुर में 14 अगस्त को तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए करणी सेना परिवार जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। संगठन ने जिले के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की है। इस तिरंगा यात्रा में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर भी उपस्थित रहेंगे। यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से रविवार को नवनियुक्त जिला संयोजक भीम सिंह बना डूंगरगांव और अन्य पदाधिकारियों ने जिले के कई गांवों का दौरा किया। कार्यक्रम में टीम ने उमरिया दया, बांड़ाहेड़ी, जमलाय, टिगरिया, धीनका कुमारिया पाल, सादनखेड़ी, पचावता, दुधाना, ढंगीचा और चंदोनी सहित दर्जनों गांवों में पहुंचकर लोगों को यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया।

बड़ी राहत: 30 लाख किसानों को सीधे खाते में ₹3200 करोड़ का मिलेगा लाभ

नई दिल्ली कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत 30 लाख किसान लाभार्थियों को 3,200 करोड़ रुपये की फसल बीमा दावा राशि डिजिटल रूप से ट्रांसफर करेंगे। राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएमएफबीवाई दावा राशि ट्रांसफर की जाएगी। चौहान के अलावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।   किस राज्य के किसानों को कितनी राशि मिलेगी एक आधिकारिक बयान के अनुसार कुल दावा राशि में 1156 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के किसानों को, 1121 करोड़ रुपये राजस्थान के किसानों को और 150 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे। साथ ही 773 करोड़ रुपये अन्य राज्यों के किसानों को हस्तांतरित किए जाएंगे। नया सिस्टम लागू हुआ कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र ने किसानों के हित में एक नई सरलीकृत दावा निपटान प्रणाली लागू की है, जिसके तहत राज्य के प्रीमियम अंशदान का इंतजार किए बिना, केवल केंद्रीय सब्सिडी के आधार पर दावों का आनुपातिक भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने बयान में कहा, ''खरीफ 2025 सत्र से, अगर कोई राज्य सरकार अपने सब्सिडी अंशदान में देरी करती है, तो उस पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा, और इसी तरह अगर बीमा कंपनियां भुगतान में देरी करती हैं, तो उन पर भी 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा।'' कब हुई थी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की 2016 में शुरुआत के बाद से इसके तहत 1.83 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया गया है। साथ ही किसानों ने केवल 35,864 करोड़ रुपये का प्रीमियम चुकाया है।

त्योहार के बाद ट्रेनों में लगी मारामारी, रेलवे ने जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की स्पेशल ट्रेन सेवा

ग्वालियर रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होने के साथ ही अब वापस काम पर लौटने के लिए ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी मची हुई है। ट्रेनों में भीड़ तो चल ही रही है, साथ ही लोगों को आसानी से आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं आगामी दिनों में जन्माष्टमी के त्योहार को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। विशेष ट्रेनों का संचालन रेलवे द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मथुरा के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 15 से 17 अगस्त तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से दोपहर 2:45 बजे चलकर ग्वालियर शाम 5:23 बजे आएगी। वहीं मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट होते हुए मथुरा जंक्शन शाम 7:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित (जनरल) श्रेणी की होगी, जिससे बिना आरक्षण के यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।   यात्रियों की सुविधा के लिए होगी और ट्रेनों की घोषणा रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए और भी ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है। दरअसल, रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होते ही ट्रेनों में एक बार फिर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अब लोग अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटने के लिए स्टेशन का रुख कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में आरक्षित सीटें मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। रक्षाबंधन की भीड़ जैसे ही समाप्त होगी, वैसे ही ग्वालियर से मथुरा के लिए जन्माष्टमी के त्योहार की भीड़ ट्रेनों में शुरू हो जाएगी। स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी हाई अलर्ट स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्वालियर समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अलर्ट मोड में आ गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाएं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों को सक्रिय होकर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखने के साथ ही विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।   इस क्रम में स्टेशनों पर पहले से सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पार्सल ऑफिस, वेटिंग हाल और फुटपाथों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण से समन्वय पर विशेष संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोक निर्माण विभाग के ध्येय “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को साकार करने की दिशा में 11 अगस्त को भोपाल स्थित रवींद्र भवन में ‘पर्यावरण से समन्वय’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में अखिल भारतीय संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि श्री गोपाल आर्य, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और भास्कराचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यशाला में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी सत्र और विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन होगा। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक मंच पर एकत्र करेगा, जिससे वे हरित और टिकाऊ निर्माण के नए आयामों से परिचित होंगे। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और उनकी तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है। इस दौरान भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N), गांधीनगर के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) निर्माण और जीआईएस पोर्टल पर सड़कों व पुलों की भौगोलिक मैपिंग पर विशेष प्रशिक्षण देंगे। इस तकनीकी ज्ञान से विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में और वृद्धि होगी। यह कार्यशाला केवल तकनीकी कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का ठोस प्रयास भी है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना को मजबूती मिलेगी।  

13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत, MP के 22 जिलों में बारिश के आसार

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

इंदौर में लव जिहाद की वारदात: दोस्ती के बहाने कलमा पढ़ाया, जन्नत का दिया वादा

इंदौर मुस्लिम युवक ने सोशल मीडिया पर चैट कर हिंदू युवती को फंसाया और शादी के बहाने गुजरात ले गया। शादी के पहले उसने होटल में दुष्कर्म किया और बाद में लिखा-पढ़ी करवा ली। पूरी तरह जाल में फंस चुकी युवती का सात दिनों तक ब्रेनवाश कर इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया गया। मौलवी को बुलाकर इस्लाम की तारीफ की और कहा कि तुम्हें जन्नत मिलेगी। शादी का प्रस्ताव रखा और कहा घर छोड़ दो नंदानगर निवासी पीड़िता की तीन साल पूर्व सोशल मीडिया पर फाइटर राजपूत से दोस्ती हुई थी। वह उससे चैटिंग करने लगा। कुछ दिनों बाद उसने सोहिल राजपूत नाम बताया और घंटों तक बातचीत करने लगा। वह खुद को हिंदू ही बताता था। करीब एक साल बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा और कहा कि तुम घर छोड़ दो। युवती 3 लाख रुपये कैश, मार्कशीट, आधार कार्ड और कपड़े लेकर घर से निकल गई। 21 जून को सोहिल रेलवे स्टेशन पर मिला और वह अहमदाबाद (गुजरात) ले गया।   होटल ले गया और शारीरिक संबंध बनाए सोहिल युवती को होटल ले गया और दो दिन तक शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह नेशनल मील चाल (अहमदाबाद) स्थित घर पर ले गया। उसने गुजराती में अनुबंध तैयार करवाया और पीड़िता से हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद उसे दोस्त सेजर के रामोल क्षेत्र स्थित प्लास्टिक कारखाना पर ले गया। 3 अगस्त को सोहिल पुन: अपने घर (नेशनल मील चाल रखियाल सोमा टेक्सटाइल) लेकर आ गया। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं, इस्लाम कबूलों जन्नत मिलेगी सोहिल और उसकी मां शमा नाज फातिमा, पिता शाकीर इकबाल, भाई नदीम अख्तर, यासिर सहवर, शारिक, नदीम, भाभी गुलफ्शा, बहन शिवा जरीन मिली और एक सप्ताह तक इस्लाम धर्म के बारे में ब्रेनवाश किया गया। आरोपितों ने कहा कि इस्लाम बहुत खुबसूरत धर्म है। अल्लाह ही दुनिया में सबसे बड़ा है। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है। धर्म और नाम बदलने का दबाव इस्लाम कबूल करोगी तो जन्नत मिलेगी। जन्नत से खुबसूरत कोई जगह नहीं है। तुमको मुस्लिम बनना पड़ेगा। सोहिल इसके बाद ही तुमसे शादी करेगा। तुम्हें धर्म और नाम तो बदलना ही पड़ेगा। आरोपितों ने घर पर ही मौलवी को बुलाया और 8 अगस्त को सोहिल के चाचा-चाची सहित रिश्तेदार शोकत राजपूत, नजाकत राजपूत, गुलजार आदी ने अन्य एकत्र होकर इस्लाम कबूल करवा कर उसका नाम सना फातिमा कर दिया। जबरदस्ती कलमा पढ़ाया गया। पीड़िता के रुपयों से कपड़े-स्कूटर खरीदे पीड़िता के तीन लाख रुपयों से सोहिल ने कपड़े, स्कूटर खरीद लिया। पीड़िता को नजरबंद रखा जाता था। एक दिन उसने सोहिल के मोबाइल में अन्य लड़कियों की चैटिंग पढ़ी तो हिंदू लड़कियों से संबंध का खुलासा हुआ। सोहिल ने खुद स्वीकारा वह इसी तरह हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उनका शोषण करता है। परिवार से मिली खबर के बाद पुलिस गुजरात पहुंची और युवती को मुक्त करवाया। शनिवार को उसके कथन लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया।

सीएम मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावितों का हाल-चाल लिया, कहा सरकार और जनता का पारिवारिक संबंध है

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 अगस्त को आपदा प्रभावित लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा कर हालचाल जाना। उन्होंने भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ रुपये की राहत राशि दी। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों से कहा कि सरकार हर संकट में उनके साथ खड़ी है। सरकार और जनता का पारिवारिक रिश्ता है। यही वजह रही कि इतने बड़े संकट का भी सब ने मिलकर सामना किया और जिंदगियां बचा ली गईं। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों को आपदा से निपटने से लिए अग्रिम राशि भी दी गई है। ताकि, संकट के समय जनता को सरकार का साथ महसूस हो। उन्होंने जनता से बारिश में सावधान रहने की अपील भी की। सीएम डॉ. यादव ने जनता से कहा कि आने वाले सभी त्योहार खासकर स्वतंत्रता दिवस, हर घर तिरंगा को हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कबीर दास के दोहे के साथ अपनी बात समाप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। मेरे लिए भी आपकी सेवा ही ईश्वर की सेवा के समान है। सरकार और समाज अलग-अलग नहीं हैं। हम सब संकट की घड़ी में बंधु भाव के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं। आपको अगर कोई तकलीफ आएगी तो हम चैन से नहीं बैठ सकते। हमारे मन में भी समान पीड़ा होती है। मैंने कल्पना नहीं थी कि इतनी असामान्य बाढ़ आएगी। हम सभी ने बाढ़ के अलग-अलग रूप देखे हैं। इस संकट की घड़ी में कोई जिला ऐसा नहीं है, जो छूट गया हो। हम लगातार जनता के संपर्क में रहे। जहां-जहां जरूरत महसूस हुई वहां-वहां एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों को सक्रिय किया गया। 24 हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए राशि जारी सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज हमने सिंगल क्लिक के जरिये 24 हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए 30 करोड़ की राशि जारी की है। मैंने खुद भी शिवपुरी-गुना-अशोकनगर सहित बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी हम 28 करोड़ की राशि बाड़ पीड़ितों के लिए जारी कर चुके हैं। इस तरह हमने 58 करोड़ की राशि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जारी की है। साल 2025-26 में अभी तक हम 123 करोड़ से ज्यादा की राशि आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए जारी कर चुके हैं। हमारा और आपका पारिवारिक रिश्ता है। इस आपदा की घड़ी में जिन-जिन सामाजिक संगठनों ने जनता की मदद की है, मैं उनका भी आभार मानता हूं। इस बार सामान्य से 37 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। हमारी सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। सीएम डॉ. यादव ने सुनाए दौरे के किस्से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी दौरे का किस्सा सुनाते हुए कहा कि वहां पिता-पुत्र 36 घंटों तक छत पर फंसे रहे। जब हम उनसे मिले तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि हमें लग नहीं रहा कि हम जिंदा हैं। हम बहनों को भी धन्यवाद देते हैं। गुना में उनका पूरा सामान खराब होने के बावजूद जब हम उनसे मिलने गए तो वे राखी लेकर तैयार थीं। इससे पता चलता है कि हमारे संस्कार और आत्मीय भाव कितने गहरे हैं। बहनों ने राखी बांधी, तिलक लगाया और फिर जरा सा कष्ट बताया। इस संकट का हम सभी ने मिलकर सामना किया।  

मध्यप्रदेश में 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान, स्कूलों में 3 चरणों में हो रहा संपन्न

भोपाल  प्रदेश के स्कूलों में देश प्रेम, एकता, देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान मनाया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भी जारी किये हैं।  यह अभियान प्रदेश के स्कूलों में 3 चरणों में संपन्न हो रहा है। पहला चरण 2 से 8 अगस्त तक संपन्न हो चुका है। दूसरा चरण 9 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। अभियान का तीसरा चरण 13 अगस्त से 15 अगस्त तक होगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने दिये गये निर्देशों में कहा है कि जिलों में स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों के नेतृत्व में तिरंगे के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये। बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जानकारी दी जाये। स्कूलों में एनसीसी और एनएसएस यूनिट के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाये। तिरंगा पर केन्द्रित बच्चों की रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाये। राष्ट्रीय ध्वज एवं इसके इतिहास पर स्कूलों में व्याख्यान के विशेष कार्यक्रम आयेाजित किये जायें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि स्कूलों में होने वाली तिरंगा रैलियों में बच्चों के साथ अधिक से अधिक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाये। दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों द्वारा तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर उसे www.harghartiranga.com वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाये। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- दूरस्थ अंचलों तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता

ग्राम आरा, कुडे़केला और छिछली में शुरू हुई नई बैंक शाखाएं 23 ग्राम पंचायतों एवं 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को मिलेगा लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य और जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाएं उनके ही गाँव में सुलभ हों। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी आधार बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के बगिया ग्राम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जशपुर विकासखंड के ग्राम आरा, पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम कुडे़केला (घरजियाबथान) और बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नई शाखाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 12वें वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया। 44 हज़ार से अधिक ग्रामीण होंगे लाभान्वित मुख्यमंत्री साय ने कार्यकम को वर्चुअली संबोधित करते हुए  कहा कि जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन नई शाखाओं के शुरू होने से 23 ग्राम पंचायतों और 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन की बचत होगी। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिलेगी वित्तीय सेवाएं मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि जशपुर जिले की 268 पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 15 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। आगामी पंचायत दिवस तक जिले की सभी पंचायतों में ये सुविधा केंद्र प्रारंभ करने की योजना है। इन केंद्रों से ग्रामीणों को उनके गाँव में ही बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी। जशपुर जिले के ग्राम छिछली की सरपंच श्रीमती अनिमा मिंज, आरा के सरपंच श्री मनोज भगत और कुडे़केला के सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा ने कहा कि नई बैंक शाखाओं से अब उनके क्षेत्र के ग्रामीणों को सभी बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। ग्राम पंचायत आरा से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत  ने कहा कि बैंक खुलने से हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ सीधे बैंक के माध्यम से हितग्राहियों को मिलेगा। ग्राम कुडे़केला से वर्चुअली जुड़ी विधायक गोमती साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ी है और अब 3 नए ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में  गति आएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। इन 3 नई शाखाओं के खुलने से जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत सदस्य वेद प्रकाश भगत, उपेन्द्र यादव,  सुनील गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन विनोद अरोड़ा सहित तीनों ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

वायु प्रदूषण से राहत का देसी उपाय, इंदौर की छात्राओं ने खोजा 11 औषधियों का धूपन फार्मूला

इंदौर वर्तमान समय में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके कारण श्वसन तंत्र से जुड़ी अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग इन बीमारियों से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। इंदौर के अष्टांग आयुर्वेदिक कालेज की छात्राओं ने एक शोध में यह पाया है कि 11 औषधियों के धूपन से वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। छात्रा हिमानी सोनी ने 11 औषधियों का किया उल्लेख यह शोध केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद की स्पार्क (स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फार आयुर्वेदा रिसर्च केन) योजना के अंतर्गत किया गया है। इसमें कालेज की दो छात्राओं का शोध चयनित हुआ है। तृतीय वर्ष की छात्रा हिमानी सोनी ने आचार्य सुश्रुत द्वारा बताए गए तरीकों पर शोध किया। हिमानी ने बताया कि आचार्य सुश्रुत ने दो श्लोकों में 11 औषधियों का उल्लेख किया है।   शोध में यह जानने का प्रयास किया गया कि इन औषधियों को हजारों वर्ष पहले क्यों शामिल किया गया था। शोध से यह स्पष्ट हुआ कि ये औषधियां कृमिनाशक और विषनाशक हैं। यदि वायु में सूक्ष्म जीव या विष मौजूद हैं, तो ये औषधियां उनका नाश करती हैं। इस शोध को आज के संदर्भ में जोड़ते हुए बताया गया कि प्रदूषित वायु के सेवन से लंग्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब इन औषधियों का धूपन (एक आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रिया) किया जाता है, तो यह बाहरी प्रदूषण के साथ-साथ हमारे शरीर में प्रवेश करने वाले सूक्ष्म जीवों से भी लड़ती हैं। इसमें लाक्षा, हल्दी, अतीस, हरितकी, नागरमोथा, हरेणु, एला, तेजपत्र, वक्र, कुष्ठ और प्रियंगु जैसी औषधियां शामिल हैं। शोध में कुछ व्यक्तियों को एक माह तक 15 मिनट तक धूपन दिया गया, जिससे उनकी ब्रेथ होल्डिंग केपेसिटी में वृद्धि हुई। इससे यह सिद्ध होता है कि प्रदूषित वायु के स्थान पर हम शुद्ध वायु ग्रहण कर सकते हैं और यह प्रक्रिया हम अपने घर के कक्ष में भी कर सकते हैं। अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध दूसरी ओर, कालेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा अंशिका तोमर ने अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध किया। अंशिका ने बताया कि आयुर्वेद में अनुवांशिक मधुमेह का कारण सात प्रकृति को माना जाता है। शोध में यह पाया गया कि टाइप 2 डायबिटीज एक सामान्य जीवनशैली विकार है, जिसके मुख्य कारण अनुचित आहार-विहार, चयापचय की गड़बड़ी, हार्मोन असंतुलन, मानसिक तनाव और आनुवांशिक कारक हैं। इन कारणों का निदान पंचक के माध्यम से किया जा सकता है। आयुर्वेद में आचार्यों द्वारा बताया गया है कि संतुलित आहार और जीवनशैली का पालन स्वास्थ्य बनाए रखने और रोगों की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है। शोध में यह भी ज्ञात हुआ कि जो व्यक्ति अपनी प्रकृति के अनुसार पथ्य-अपथ्य का पालन करते हैं, उनमें मधुमेह होने की आशंका कम हो जाती है। यह सिद्ध करता है कि प्रकृति भले ही स्थिर हो, लेकिन जीवनशैली में सुधार कर रोगों की आशंका को कम किया जा सकता है। देशभर के 300 विद्यार्थियों का हुआ चयन  इन शोधों पर अब राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय स्पार्क योजना के तहत शोध के लिए देशभर के करीब 300 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। देशभर के 539 आयुर्वेदिक कालेजों से हजारों विद्यार्थियों ने शोध के विषय भेजे थे और इन्हें शोध पूरा करने के लिए दो माह का समय दिया गया था।