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फतेहपुर में मकबरे पर मंदिर विवाद, माहौल गरमाया, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन; मजारों में तोड़फोड़

फतेहपुर   मकबरा मंदिर विवाद सोमवार को गहरा गया है। मठ मंदिर संघर्ष समिति के बैनर तले भाजपा जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल और पूर्व विधायक विक्रम सिंह की अगुआई में भाजपाइयों ने डाक बंगले से मकबरा स्थल तक जुलूस निकाला। हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने 300 भक्तों की टुकड़ी लेकर मकबरा के अंदर प्रवेश कर आरती पूजन किया। इस दौरान हिंदू पक्ष के लोगों ने मकबरा के अंदर बनी दो मजारों को डंडा मार कर तोड़ दिया है। वर्तमान में डीएम−एसपी मौके पर हैं। एक तरफ से 2000 की संख्या में हिंदू पक्ष व दूसरी तरफ से लगभग डेढ़ हजार की संख्या में मुस्लिम पक्ष मकबरा के दाहिने और बाएं और जुटे हुए हैं। मुस्लिम पक्ष की ओर से पथराव भी किया गया है हालांकि इस पथराव में कोई हताहत नहीं हुआ है। प्रशासन ने यहां पर सुरक्षा के इंतजाम और बढ़ा दिए हैं। भाजपाइयों का तर्क है, कि वह मकबरे के अंदर पूजा−अर्चना करेंगे तभी वापस जाएंगे।  मकबरे की जगह था शिव मंदिर? यह पूरा विवाद शिव मंदिर और मकबरे को लेकर है. हिंदू संगठनों ने मकबरे के शिव और श्रीकृष्ण मंदिर होने का दावा किया है. मौके पर फिलहाल हिंदू संगठन के लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है. हिंदू संगठन के लोग मकबरे में पूजा-पाठ करने के लिए यहां जुटे हैं. प्रशासन इन लोगों को रोकने की कोशिश में लगा हुआ है, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से सफलता नहीं मिली है.  मकबरे में बनी मजार पर तोड़फोड़ सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने मंदिर बताया था और इसी दावे के बाद से विवाद की शुरुआत हो गई. उन्होंने इस मकबरे को एक हज़ार साल पुराना ठाकुर जी और शिवजी का मंदिर बताया था. मंदिर के स्वरूप को बदलकर मकबरा बनाने का आरोप लगाया गया है.  हिंदू संगठनों ने मकबरे में कमल का फूल और त्रिशूल के निशान को मंदिर होने का सबूत बताया है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मंदिर में पूजा करने दें क्योंकि यह  हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. उसे मकबरे में बदलकर आस्था को ठेस पहुंचाई गई है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू ऐसा बर्दाश्त नहीं करेंगे और वहां कुछ भी होता है तो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी. जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लिया है और फिलहाल मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद है. मकबरा परिसर में हिंदू संगठन के लोग घुस चुके हैं और वहां बनी मजार पर तोड़फोड़ की गई है. इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई है. मुस्लिम पक्ष की तरफ से पथराव मकबरा परिसर में बनी मजार को हिंदू संगठनों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है. मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर जमा हो चुके हैं और दूसरी तरफ से पथराव भी हुआ है. इसके बाद डीएम और पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और कानून व्यवस्था बनाने की कोशिश में जुटे हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के सचिव मोहम्मद नसीम ने कहा कि यह घटना बहुत निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अब्दुल समद मकबरा सदियों पुराना है, जो सरकारी दस्तावेज में भी 753 नंबर खतौनी में दर्ज है. नसीम ने कहा कि फतेहपुर का माहौल खराब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्या अब हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा, यह लोकतंत्र नहीं है राजतंत्र है. फतेहपुर के आबूनगर रेड़इया मोहल्ले में अतिप्राचीन इमारत में मंदिर-मकबरा को लेकर मंदिर-मठ कमेटी जहां सोमवार को यहां पूजा-अर्चना और साफ-सफाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अडिग थी तो वहीं दूसरे पक्ष से भी इंटरनेट मीडिया में इसे मकबरा बताया जा रहा है। तनातनी के इस माहौल में प्रशासन ने रविवार को विवादित स्थल पर बैरिकेड्स लगवा दी है और पुलिस का सख्त पहरा लगा दिया है, ताकि किसी भी तरह से माहौल खराब न हो। ‘विवादित स्थल के लिए जब तक कोई कोर्ट आर्डर या फिर पुरातत्व विभाग का पत्र नहीं आ जाता है तब तक उसे जिस स्थिति में उसी स्थिति में रखा जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से सारे बंदोबस्त किए गए हैं, ड्रोन कैमरे से हर गतिविधि पर नजर भी रखी जाएगी।’–तारकेश्वर राय, शहर कोतवाल दरअसल, फतेहपुर के सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मंदिर होने का किया दावा किया है. उन्होंने इसे लगभग एक हजार वर्ष पुराना बताया है. इस मकबरे में ठाकुर जी/शिव मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति और बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों ने 11 अगस्त को पूजा-पाठ करने का किया ऐलान किया था. उन्होंने मंदिर के स्वरूप को बदलकर इसे मकबरा बनाने का आरोप लगाया है. हिंदू संगठनों का कहना है कि मकबरे में कमल के फूल व त्रिशूल बने हैं, इससे पुष्टि होती है ये एक प्राचीन मंदिर था, जिसे बाद में मकबरे में बदल दिया गया.  बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने कहा कि प्रशासन को मामले की पूरी जानकारी है. दूसरे समुदाय ने मंदिर को मस्जिद के स्वरूप में करने का काम किया है. ये हमारी आस्था का केंद्र है, इसलिए हम लोग हर कीमत में मंदिर में पूजा-पाठ करेंगे. अवैध कब्जा सनातनी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. कुछ भी होगा वो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी.  उलेमा काउंसिल ने कही ये बात  वहीं, राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के मोहम्मद नसीम ने कहा कि फतेहपुर की घटना बहुत निंदनीय है. सैकड़ों साल पुराना हमारा मकबरा है. सरकारी दस्तावेज में 753 नंबर खतौनी में ये जमीन दर्ज है. लेकिन मठ संघर्ष समिति और कुछ संगठनों ने अब उसकी भी खुदाई का ऐलान कर दिया है. उसे ठाकुर जी का मंदिर कहकर तमाशा किया जा रहा है. जिले का माहौल खराब किया जा रहा है. मेरी प्रशासन और सरकार से अपील है कि क्या हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा. ये लोकतंत्र नहीं, राजतंत्र है. हम लोग इसको लेकर आंदोलन करेंगे.  उधर, नगर पालिका परिषद के जेई अविनाश पांडेय ने बीते दिन कहा था कि जिला अधिकारी के आदेश पर हम लोग यहां पर बैरिकेडिंग कर रहे हैं, ताकि कोई भी भीड़ या कोई भी आदमी इसको क्रॉस ना कर सके. बाकी प्रशासन को भी … Read more

नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ

सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर : योगी आदित्यनाथ  मानसून सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर सीएम योगी की दो टूक  सीएम ने कहा- समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शोषण और गुंडा टैक्स को नहीं भूले हैं व्यापारी  नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर विरासत कॉरिडोर से जुड़े एक-एक व्यापारी से हमने की है बात, सभी को मिलेगा मुआवजा : मुख्यमंत्री   केवल राजनीति करने गोरखपुर गये थे नेता प्रतिपक्ष, व्यापारियों ने सम्मानजनक ढंग से किया उनका विरोध : सीएम योगी   संभल में सपा सरकार में हुआ था नग्न तांडव, आज हो रहा उसका शुद्धिकरण : सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तीखा हमला बोला। सपा के कार्यकाल में व्यापारियों पर हुए अत्याचार और गुंडा टैक्स की याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा का लोकतंत्र में विश्वास केवल दिखावा है। उन्होंने संभल, बहराइच और गोरखपुर में सपा की नकारात्मक राजनीति पर भी सवाल उठाए। माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर गरजे योगी सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को एक वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके कंधे पर बंदूक रखकर गोली चला रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय जी, आप वरिष्ठ हैं। आपको अनावश्यक रूप से मोहरा बनाकर कुछ लोग आपके कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं। आपको ऐसा होने नहीं देना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के मुद्दे पर सपा की राजनीति को नकारात्मक और विकास विरोधी करार दिया। गोरखपुर विरासत कॉरिडोर पर सीएम ने सपा को घेरा सीएम योगी ने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर गोरखपुर के सबसे पुराने बाजार, घंटाघर और गीताप्रेस जैसे ऐतिहासिक स्थानों को जोड़ने का काम करेगा। सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से तीन दिन पहले गोरखपुर विरासत कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। वहां के एक-एक व्यापारी से बात की। यह गोरखपुर का सबसे पुराना बाजार है, जहां कंजेशन और अवैध कब्जे की समस्या थी। हमने सड़क निर्माण और कंजेशन दूर करने का काम शुरू किया है। सीएम योगी ने बताया कि उन्होंने व्यापारियों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। सरकार सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों के दौरान किसी का नुकसान न हो। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सपा के समय में मासूम बच्चे हर साल इन्सेफेलाइटिस से मरते थे। हर साल 700 से 1500 बच्चों की मौत इन्सेफलाइटिस से होती थी। नेता प्रतिपक्ष के विधानसभा क्षेत्र और सिद्धार्थनगर जनपद में सैकड़ों बच्चे मरते थे, लेकिन आपने कुछ नहीं किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास आपका एजेंडा कभी नहीं रहा। सपा के प्रति व्यापारियों में है जबरदस्त आक्रोश सीएम ने कहा कि गोरखपुर के व्यापारियों ने माता प्रसाद पांडेय के दौरे का विरोध किया था, क्योंकि सपा के कार्यकाल में व्यापारियों को भय और गुंडा टैक्स का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी व्यापारी सपा के कार्यकाल में हुए शोषण को नहीं भूले हैं। व्यापारी इसलिए आशंकित और आक्रोशित थे कि आप बिना बुलाए वहां गए और उनके विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की। सीएम योगी ने आगे कहा कि व्यापारियों ने आपका सम्मान पूर्वक विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा से सुरक्षा और विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती। संभल में सपा ने किया था नग्न तांडव सीएम योगी ने संभल में सपा सरकार के दौरान हुए 'नग्न तांडव' का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार वहां शुद्धिकरण अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सपा ने संभल में जो नकारात्मकता फैलाई, आज हम उसे सुधार रहे हैं। लेकिन सपा अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आती और विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश करती है। सपा पर विकास विरोधी होने का सीएम ने लगाया आरोप सीएम योगी ने सपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा हर जगह नकारात्मक राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार विकास कराना चाहती है, लेकिन सपा को यह बुरा लगता है। 

उज्जैन मंदिर में पोस्टर विवाद: अश्लील पहनावे को लेकर मां-बाप पर सवाल उठे

उज्जैन  धार्मिक नगरी उज्जैन में अधिकांश मंदिरों में सनातनी ड्रेस पहनने को लेकर जोर दिया जा रहा है. कई मंदिरों में ड्रेस कोड का पालन करने के लिए पोस्टर व बैनर लगाए जा चुके हैं. इन पोस्टर में सनातनी ड्रेस व मंदिर में दर्शन करने की गाइडलाइन लिखी है. इसके साथ ही मंदिर के पुजारी भी यहां आने वालों भक्तों के लिए सनातनी ड्रेस पहनकर ही आने का आग्रह कर रहे हैं. इन दिनों ऐसा ही एक पोस्टर उज्जैन मे चर्चा का विषय बना हुआ है. दरसल पूरा मामला उज्जैन जिले के नागदा के बिड़ला गांव में स्थित बड़े गणेश मंदिर का है यहा मंदिर मे एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें लड़कियों के पहनावे को लेकर पांच सवाल पूछे गए हैं. इस पोस्टर को लेकर तरह-तरह के लोगों के मन मे विचार आ रहेगा है. इतना ही नही अब पोस्टर पढ़ने के बाद अखिल भारतीय पुजारी महासंघ व मंदिर मे आने वाले हर श्रद्धांलु इस पोस्टर का समर्थन कर रहे है. भगवान भरोसे लगा पोस्टर जैसे ही इस पोस्टर को लोगों नें मंदिर मे देखा तो उन्होंने पुजारी से और पुजारी नें श्रद्धांलुओ से पूछा, लेकिन यह पोस्टर किसने और कब लगाया, इस बारे में मंदिर समिति या स्थानीय प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इसने क्षेत्र में एक नई बहस को जन्म दे दिया है. पोस्टर में माता-पिता को लक्षित करते हुए कहा गया है कि लड़कियों के अमर्यादित पहनावे के लिए मां जिम्मेदार है, जबकि पिता की मौन स्वीकृति को भी कटघरे में खड़ा किया गया है. इसके साथ ही अर्धनग्न कपड़े पहनने वाली लड़कियों को ”मॉडर्न, स्मार्ट, स्टैंडर्ड और आधुनिक” मानने वाली सोच पर तंज कसा गया है. साथ ही पोस्टर में अंत में जनजागरण समिति का उल्लेख किया गया है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किसी सामाजिक संगठन की पहल हो सकती है. हालांकि, अब तक किसी संस्था ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. पुजारी महासंघ व श्रद्धांलु कर रहे समर्थन पोस्टर का अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने समर्थन किया है. पुजारी महासंघ के अध्यक्ष और महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा का कहना है कि मंदिर एक आस्था और मर्यादा का स्थान है. यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं, विशेषकर युवतियों को शालीनता का ध्यान रखना चाहिए खासकर मंदिर में प्रवेश करते समय. दक्षिण के मंदिरों में यह व्यवस्था पहले से लागू है और महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भी ड्रेस कोड लागू है. इतना ही नही मंदिर मे आने वाले श्रद्धांलु भी इस बाट का समर्थन कर रहे है. बोर्ड पर 5 प्वाइंट्स में यह सवाल 1. क्या टीवी शो, फिल्मों को देख अपनी नासमझ से छोटी बेटियों (4, 6, 8 वर्ष से अधिक) की अमर्यादित ड्रेस पसंद कर फूहड़ एवं अश्लील पहनावे का बीज बोने वाली माता हैं? 2. क्या अपनी 10 वर्ष से अधिक उम्र की बेटियों को फूहड़, अमर्यादित, एकदम टाइट एवं छोटे-छोटे कपड़े पहनने पर मौन रहने वाला पिता है? 3. क्या छोटे, कम एवं अर्ध नग्न ड्रेस पहनने वाली लड़की को मॉडर्न, स्मार्ट, स्टैंडर्ड एवं आधुनिक समझने वाली सोच है? 4. अपनी बेटियों को विचारों की आजादी दीजिए अमर्यादित, अश्लील पहनावे की नहीं। 5. शालीन एवं मर्यादित कपड़े आपकी बेटी का सुरक्षा कवच हैं।

छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री का नमन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की। मुख्यमंत्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता  की पुण्यतिथि पर उनके अविस्मरणीय योगदान को किया नमन रायपुर, 11 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की। मुख्यमंत्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

महाकाल की पांचवीं सवारी में आज ओरछा, मां बगलामुखी और मां शारदा शक्तिपीठ की झलक

उज्जैन  आज सोमवार 11 अगस्त को श्री महाकालेश्वर भगवान की पांचवीं सवारी निकलेगी। सवारी शाम 4:00 बजे मंदिर प्रांगण से निकलेगी। भगवान महाकाल सवारी में भक्तों को पांच स्वरूप में दर्शन देंगे। कल निकलने वाली इस भव्य सवारी की तैयारी कर ली गई है। महाकाल की सवारी में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जैसे कि कल सोमवार को भी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ सकते हैं। सवारी निकलने से पहले मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे, जबकि हाथी पर श्री मनमहेश को भक्त निहार सकेंगे। इसके साथ ही, करोड़ रथ पर श्री शिव तांडव, नंदी रथ पर श्री उमा महेश और ढोल रथ पर श्री होलकर स्टेट के मुखारविंद शामिल रहेंगे। जानिए सवारी का मार्ग वहीं, महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। हर बार की तरह महाकाल की सवारी परंपरागत मार्ग से ही निकलेगी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी से होकर सवारी रामघाट तक पहुंचेगी। जैसे ही रामघाट पर सवारी पहुंचेगी, घाट पर नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। अभिषेक-पूजन के बाद सवारी रामानुज कोट मोड़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, हाथी का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी। यह रहेगा सवारी का मार्ग महाकाल मंदिर से शुरू होकर सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पूजा अर्चना के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबारोड, टंकी चौरहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल देंगे प्रस्तुति सवारी को भव्य स्वरूप देने के लिए चार जनजातीय कलाकारों के दल सवारी में सहभागिता करेंगे। बैतूल से मिलाप इवने के नेतृत्व में गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से गणेश रजक के नेतृत्व कछियाई लोक नृत्य, दमोह से पंकज नामदेव नेतृत्व में बधाई लोक नृत्य एवं डिण्डोरी के सुखीराम मरावी के नेतृत्व में गेडी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। जनजातीय नृत्य भी होगा इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडौरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। सवारी के साथ मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल होंगी। इनमें श्री राजाराम लोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर और देवीलोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिए श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु भगवान के दर्शनों का लाभ सकेंगे। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्त अखाड़ा क्षेत्रों पर भी सवारी के लाइव प्रसारण को देख सकेंगे। भगवान के दर्शनों का लाभ ले सकेंगे। क्या कुछ रहेगा ख़ास? भगवान महाकाल की पांचवीं सवारी बेहद खास होने वाली है। दरअसल, सवारी के साथ मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी देखने को मिलेंगी। इन झांकियों में मां शारदा शक्तिपीठ मैहर, राजारामलोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर और देवी लोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की झांकियां शामिल रहेंगी। इसके साथ ही, सवारी में चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। इनमें बैतूल से गोंद जनजातीय तात्या नृत्य, खजुराहो से कछिया लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडोरी से गेड़ी जनजाति नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।

पीएम मोदी ने सांसदों को दिए नए आवास, नई दिल्ली में किया लोकार्पण

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा भी लगाया। यह परिसर सांसदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। प्रत्येक फ्लैट में 5,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल है, जिसमें कार्यालय और स्टाफ के लिए जगह भी है। यह परियोजना गृह 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुरूप है। इमारतें भूकंपरोधी हैं और दिव्यांगों के लिए अनुकूलित हैं।   जानकारी के अनुसार इस परिसर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह संसद सदस्यों की कार्यात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं की पूरी श्रृंखला से सुसज्जित है। हरित प्रौद्योगिकी को सम्मिलित करते हुए, यह परियोजना जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग के मानकों का पालन करती है और राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2016 का अनुपालन करती है। इन पर्यावरणीय रूप से स्थायी विशेषताओं से ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान मिलने की आशा है। उन्नत निर्माण तकनीक (विशेष रूप से, एल्युमीनियम शटरिंग के साथ मोनोलिथिक कंक्रीट) के उपयोग ने संरचनात्मक स्थायित्व सुनिश्चित करते हुए परियोजना को समय पर पूरा करना संभव बनाया। यह परिसर दिव्यांगजनों के अनुकूल भी है, जो समावेशी डिज़ाइन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संसद सदस्यों के लिए अनुकूल आवास की कमी के कारण इस परियोजना का विकास आवश्यक हो गया था। भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण, भूमि उपयोग को अनुकूलित करने और रखरखाव लागत को न्यूनतम करने के ध्येय से ऊर्ध्वाधर आवास विकास पर लगातार बल दिया गया है। प्रत्येक आवासीय इकाई में लगभग 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट क्षेत्र है, जो आवासीय और आधिकारिक दोनों कार्यों के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है। कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए समर्पित क्षेत्रों को शामिल करने से संसद सदस्यों को जन प्रतिनिधि के रूप में अपनी उत्तरदायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी। परिसर के सभी भवनों का निर्माण आधुनिक संरचनात्मक डिज़ाइन मानदंडों के अनुरूप भूकंपरोधी बनाया गया है। सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और सुदृढ़ सुरक्षा तंत्र कार्यान्वित किया गया है।

रनवे पर विमान मौजूद था फिर भी इमरजेंसी लैंडिंग, एयर इंडिया ने कांग्रेस सांसदों के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई सांसदों को तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली लेकर आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान तब हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई, जब रविवार रात अचानक उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल, जब चालक दल को रास्ते में खराब मौसम के कारण एक संदिग्ध तकनीकी खराबी का पता चला, तब उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया लेकिन वहां कथित तौर पर एक ही रनवे पर दो विमान आ गए। इसके बाद इस उड़ान को फिर से ऊपर हवा में उठा लिया गया। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि उड़ान संख्या AI2455 चेन्नई में सुरक्षित उतर गई और विमान की जरूरी जांच की जाएगी। विमान ने जैसे ही तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से उड़ान भरी, उसके कुछ देर बाद ही वह टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इसके बाद उसे चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया।  इस विमान ने रात 8 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ान भरी थी लेकिन रात 10.35 पर चेन्नई में उतार दिया गया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली AI2455 के चालक दल ने संदिग्ध तकनीकी समस्या और रास्ते में खराब मौसम के कारण एहतियातन चेन्नई की ओर अपना मार्ग बदल लिया। विमान चेन्नई में सुरक्षित उतर गया, जहाँ विमान की जरूरी जाँच की जाएगी। हमें प्रभावित यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है। चेन्नई में हमारे सहयोगी यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए सहायता प्रदान कर रहे हैं और यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।" वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि यह यात्रा भयावह रूप से त्रासदी के करीब पहुंच गई थी. उन्होंने कहा कि फ्लाइट पहले से ही लेट थी और उड़ान भरने के बाद तेज और अप्रत्याशित टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा. करीब एक घंटे बाद कैप्टन ने फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट की जानकारी दी और विमान को चेन्नई डाइवर्ट कर दिया. कांग्रेस सांसद के मुताबिक, लगभग दो घंटे तक फ्लाइट चेन्नई एयरपोर्ट के ऊपर क्लियरेंस का इंतजार करती रही. पहली कोशिश में लैंडिंग के दौरान रनवे पर पहले से ही एक अन्य विमान मौजूद था. उस समय कैप्टन के त्वरित निर्णय से विमान को ऊपर खींच लिया गया और सभी यात्रियों की जान बच गई. फ्लाइट दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरी. वेणुगोपाल ने कहा, "हमें स्किल और किस्मत दोनों ने बचाया, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर नहीं हो सकती." कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी किया शेयर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी वेणुगोपाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि वह "शॉक्ड और डरे हुए" हैं. उन्होंने कहा कि AI 2455 फ्लाइट में टर्बुलेंस, फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट और चेन्नई में रनवे पर लगभग टक्कर जैसी स्थिति बनी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को टैग करते हुए कहा कि यात्री सुरक्षा किस्मत पर नहीं छोड़ी जा सकती और तुरंत जवाब और कार्रवाई की मांग की. एअर इंडिया ने दी कांग्रेस सांसदों के दावे पर सफाई इस पूरे मामले पर एअर इंडिया ने बयान जारी कर दोनों सांसदों के दावों को खारिज किया है. एयरलाइन ने कहा, "चेन्नई डाइवर्जन एक प्रीकॉशनरी कदम था, जो संदिग्ध टेक्निकल इश्यू और खराब मौसम की वजह से लिया गया. पहली कोशिश में लैंडिंग के समय चेन्नई ATC ने गो-अराउंड का निर्देश दिया, लेकिन इसका कारण रनवे पर कोई अन्य विमान होना नहीं था." एअर इंडिया ने आगे कहा कि उनके पायलट ऐसे हालात से निपटने के लिए प्रशिक्षित होते हैं और इस फ्लाइट में भी सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया. कंपनी ने इस घटना को यात्रियों के लिए असहज अनुभव बताते हुए खेद जताया और कहा कि सुरक्षा हमेशा उनकी पहली प्राथमिकता है. कांग्रेस महासचिव ने यात्रा को कष्टप्रद बताया विमान में सवार कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस घटना को एक कष्टप्रद यात्रा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “तिरुवनंतपुरम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 2455 – जिसमें मैं, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे -एक भयावह त्रासदी के करीब पहुँच गई। देरी से शुरू हुई उड़ान एक कष्टदायक यात्रा में बदल गई। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, हमें अभूतपूर्व गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। लगभग एक घंटे बाद, कैप्टन ने उड़ान सिग्नल में खराबी की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया। लगभग दो घंटे तक, हम उतरने की अनुमति का इंतज़ार करते हुए हवाई अड्डे के चक्कर लगाते रहे, जब तक कि हमारे पहले प्रयास के दौरान एक दिल दहला देने वाला क्षण नहीं आ गया – बताया जाता है कि उसी रनवे पर एक और विमान था। उस क्षण, कैप्टन के तुरंत रुकने के फैसले ने विमान में सवार सभी लोगों की जान बचा ली। दूसरे प्रयास में विमान सुरक्षित उतर गया।” भाग्य और पायलट की कुशलता से बचे केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, यह विमान सब के भाग्य और पायलट की कुशलता और सूझबूझ से बच सका। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने के लिए घटना की जाँच की माँग की है। उन्होंने आगे कहा, "हम पायलट की कुशलता और भाग्य से बच गए। यात्रियों की सुरक्षा भाग्य पर निर्भर नहीं हो सकती। मैं @DGCAIndia और @MoCA_GoI से आग्रह करता हूँ कि इस घटना की तत्काल जाँच करें, जवाबदेही तय करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी चूक फिर कभी न हो।" रनवे पर दो विमान के आरोप खारिज केसी वेणुगोपाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, एयर इंडिया ने टिप्पणी की, "डियर मिस्टर वेणुगोपाल, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि चेन्नई की ओर फ्लाइट को मोड़ना एक संदिग्ध तकनीकी समस्या और खराब मौसम की स्थिति के कारण एहतियाती था। चेन्नई हवाई अड्डे पर पहली बार उतरने के प्रयास के दौरान चेन्नई एटीसी द्वारा गो-अराउंड का निर्देश दिया गया था, न कि रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी के कारण ऐसा हुआ।"

वित्त मंत्री आज लोकसभा में पेश करेंगी नया आयकर विधेयक, प्रमुख बदलावों पर चर्चा

नई दिल्ली इंडियन टैक्स (TAX) इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की प्रक्रिया के तहत नए आयकर विधेयक, 2025 (New Income Tax Bill) को तमाम संशोधनों के साथ आज लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इसे पेश करेंगी. इस नए विधेयक में प्रवर समिति के सुझाए गए 285 संशोधनों को शामिल किया जाएगा. भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी. बता दें यह नया विधेयक करीब 63 साल पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा. आइए जानते हैं उससे कैसे और कितना अलग है ये नया विधेयक…  285 सिफारिशें, 32 बड़े बदलाव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि नए आयकर विधेयक में कई परिवर्तन हैं, जिनमें तकनीकी सुधार और बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग शामिल हैं. इसके मसौदे पर खर्च हुए समय और मेहनत को लेकर की जा रही आलोचना के जबाव में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इसे लेकर पहले किया गया काम व्यर्थ नहीं जाएगा. बता दें कि इस प्रस्ताव में देरी का एक प्रमुख कारण भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय प्रवर समिति के व्यापक सुझाव थे.  केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि जब कोई संसदीय समिति कई प्रस्तावित संशोधनों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करती है और उनमें से कई को स्वीकार कर लिया जाता है, तो मानक प्रक्रिया यह होती है कि मूल विधेयक को वापस ले लिया जाए और उसका संशोधित संस्करण पेश किया जाए. उन्होंने बताया कि प्रत्येक संशोधन के लिए तीन अलग-अलग प्रस्तावों की जरूरत होती है, जो तब अव्यावहारिक है जब 285 से ज्यादा बदलावों की सिफारिश मिले, इनमें 32 बड़े बदलाव भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'विधेयक को वापस लेने और फिर से पेश करने का उद्देश्य समय की बचत, विधायी स्पष्टता और दक्षता सुनिश्चित करना है.' पहले की तुलना में सरल और कम धाराएं गौरतलब है कि आयकर विधेयक 2025 को बीते 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद इसकी जांच के लिए भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय प्रवर समिति गठित की गई थी. इसने 285 सुझाव दिए थे और पिछले महीने 21 जुलाई 2025 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संशोधित New Tax Bill, 2025 पेश करने जा रही हैं, जो 1961 के आयकर विधेयक की जगह लेगा. इसमें पहले की तुलना में कम धाराएं होंगी और ये पहले से बेहद आसान भाषा में होगा.  नए विधेयक में जिन प्रावधानों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, उनमें गुमनाम दान को सामाजिक सेवाएं देने वालेट्रस्टों को छोड़कर, केवल विशुद्ध धार्मिक ट्रस्टों तक सीमित रखना,  Taxpayers को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन के बाद बिना किसी जुर्माने के टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति देना भी शामिल है.  नए टैक्स बिल में ये बड़े बदलाव अन्य बड़े बदलावों पर नजर डालें, तो New Tax Bill, अब तक लागू 1961 के आयकर अधिनियम के साइज की तुलना में आधा है. 816 की जगह अब बिल में 536 धाराएं हैं और इसे सरल भाषा में खासतौर पर मुकदमेबाजी को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. बीते दिनों आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी FAQ के मुताबिक, इस नए विधेयक में शब्दों की संख्या मौजूदा कानून के 5.12 लाख की तुलना में अब घटकर 2.6 लाख रह गई हैं. इसके अलावा धाराओं की बात करें, तो इनकी संख्या भी पहले के 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जबकि अध्याय भी 47 से 23 कर दिए गए हैं. एसेसमेंट ईयर नहीं, अब Tax Year नए Tax Bill-2025 में 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए हैं. एक और बड़ा बदलाव ये है कि टैक्सपेयर्स के लिए ये विधेयक अब तक अपनाए जाने वाले 'एसेसमेंट ईयर' और 'प्रीवियस ईयर' की अवधारणा को एक यूनिफाइड 'कर वर्ष' (Tax Year) से बदलने का प्रस्ताव करता है. बता दें कि फिलहाल, पिछले वर्ष की इनकम पर टैक्स पेमेंट Assessment Year में किया जाता है. जैसे 2023-24 में अर्जित आय पर 2024-25 में कर लगाया जाता है. 

हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें। बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल … Read more

गांधी मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल कोर्स प्रवेश शुरू, आवेदन करने की अंतिम तिथि जल्द पूरी होगी

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। यह अवसर उन छात्रों के लिए खास है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इन सभी कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के साथ 12वीं (PCB) पास होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 45% अंक और आरक्षित वर्ग के लिए नियमानुसार छूट दी जाएगी। यह कोर्स शामिल     डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (DMLT)     डिप्लोमा इन रेडियोग्राफी (DRT)     डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (DOTT)     डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर टेक्नोलॉजी (DETCT) आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया     प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2025 तय की गई है।     आवेदन पत्र सरकारी वेबसाइट www.gmcbhopal.net से या इस लिंक से डाउनलोड किए जा सकते हैं।     600 रुपए की आवेदन फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी, जिसकी रसीद (स्क्रीनशॉट की फोटोकॉपी) आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी।     भरा हुआ आवेदन पत्र और सभी जरूरी दस्तावेज डीन कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज (भोपाल) में 18 अगस्त 2025 की दोपहर 5 बजे तक जमा करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण और सुविधाएं इन कोर्स में विद्यार्थियों को हमीदिया अस्पताल व संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को आधुनिक उपकरण, लैब सुविधाएं और अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन मिलेगा। करियर की यह संभावनाएं पैरामेडिकल स्टाफ की मांग स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इन कोर्सों के बाद विद्यार्थी सरकारी और निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैबोरेटरी और हेल्थकेयर कंपनियों में रोजगार पा सकते हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध हैं, जैसे बैचलर डिग्री और स्पेशलाइज्ड कोर्स। क्यों खास है यह मौका?     कम फीस में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण     सरकारी अस्पताल में सीधा प्रैक्टिकल अनुभव     राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने का अवसर     बढ़ते हेल्थ सेक्टर में नौकरी की गारंटी जैसी संभावनाएं