samacharsecretary.com

एक पेड़ माँ के नाम अभियान में पर चल रहा है पौध रोपण कार्यक्रम

भोपाल  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' पौध रोपण अभियान 5 जून 2025 से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाया गया है। अभियान में अब तक करीब 9 लाख 90 हजार पौध रोपित किये जा चुके हैं। लगाए गये पौधों को मिशन लाइफ पोर्टल पर प्रदर्शित भी किया गया है। प्रदेश में विद्यालयों के आस-पास और परिसर में पूरी योजना के साथ पौध रोपण के निर्देश दिये गये है। विद्यालयों के प्राचार्यों को लगाए गये पौधों की सुरक्षा के समुचित उपाय किये जाने के निर्देश दिये गए है। प्रदेश में 92 हजार से अधिक शासकीय स्कूल हैं जहां ये अभियान चलाया जा रहा है। पौध रोपण कार्यक्रम आगामी 30 सितम्बर तक विद्यालयों में ईको क्लब के माध्यम से संचालित होगा। मिशन लाइफ का गठन शासकीय विद्यालयों में क्लब फॉर मिशन लाइफ का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत 15 हजार से अधिक ईको क्लब का गठन किया गया है। ईको क्लब के माध्यम से पर्यावरण से जुड़े विषयों, निबंध प्रतियोगिता और जल शक्ति अभियान गतिविधियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जा रही हैं। राज्य स्तरीय शालेय खेल कैलेण्डर जारी लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये शालेय खेल कैलेण्डर जारी किया है। कैलेण्डर में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएँ और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की तिथियाँ घोषित की गई हैं। इस संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है। खेल प्रतियोगिताएँ 8 सितम्बर से शुरू होंगी जो 10 दिसम्बर तक 2025 निर्धारित तिथियों के अनुसार चलेंगी। इन प्रतियोगिताओं में बॉक्सिंग, जूडो, व्हालीबॉल, फुटबॉल, टेनिस, किक्रेट, जिमनास्टिक, मलखंब, कराते, शतरंग, कबड्डी, तलवार बाजी, एथलेटिक्स, बास्केट वॉल, हॉकी के साथ अन्य खेल भी शामिल किये गये हैं। ये खेल प्रतियोगिताएँ आयु वर्ग के हिसाब से बालक और बालिकाओं के लिये होगी। राज्य स्तरीय जवाहर लाल नेहरू हॉकी प्रतियोगिता प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जवाहर लाल नेहरू हॉकी शालेय प्रतियोगिता की तिथियाँ भी तय कर दी गई है। जूनियर हॉकी टूर्नामेन्ट(15 वर्ष से कम आयु वर्ग) 8 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक, नेहरू बालिका हॉकी टूर्नामेंट (17 वर्ष से कम आयु वर्ग) 19 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक और नेहरू बालक हॉकी टूर्नामेंट (17 वर्ष से कम आयु वर्ग) 26 नवम्बर से 6 दिसम्बर 2025 तक तथा इससे जुड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता सिवनी में 24 से 30 अगस्त 2025 तक होंगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये हैं।  

55 हजार से अधिक बच्चे हुए गुम, MP के बाणगंगा और लसूड़िया में सबसे ज्यादा मिसिंग केस

भोपाल  मध्य प्रदेश में गुमशुदा बच्चों को लेकर एमपी विधानसभा से बड़ी जानकारी सामने आई है, जो हैरान करने वाली भी है. क्योंकि पिछले चार साल में मध्य प्रदेश से 55 हजार से ज्यादा बच्चों के गुमशुदा होने के आंकड़े मिले हैं. यह जानकारी कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सचिन यादव के सवाल के जवाब में मिली है. सरकार की तरफ से यह माना गया है कि 2021 में 4 जुलाई से 2025 तक 59 हजार 365 बच्चे मध्य प्रदेश से गुमशुदा हुए हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है. यह आंकड़े हैरान करने वाले हैं, इनमें सबसे ज्यादा बच्चे भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों से गायब हुए हैं. जबकि इसमें कई दूसरे बड़े जिले भी शामिल हैं.  53 हजार को खोजा गया  बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले चार साल में 48,274 लड़कियां और 11,091 लड़के गुमशुदा हुए हैं. जिससे यह आंकड़े चौंकाने वाले जरूर है. हालांकि सरकार की तरफ से यह जानकारी भी दी गई जो बच्चें गुमशुदा हुए थे, उनमें से 53 हजार बच्चों को पुलिस ने खोज निकाला है, जो कुल बच्चों का 90 फीसदी है. लेकिन 6035 बच्चों की तलाश अभी भी पुलिस को जारी है.  इंदौर में तो वह हमारे पास बहुत अच्छे से रह रही थी। 8वीं के बाद उसने पढ़ाई नहीं की। मैं अपने बच्चे का एडमिशन कराने स्कूल गई थी। पिता काम पर गए थे। उसने कुछ बोला भी नहीं और चली गई। हमारी बेटी कहीं भी रहे, बस हमें ये पता चल जाए कि वह वहां ठीक है। अगर वह दूसरी जगह भी रहना चाहती है तो हमे कोई दिक्कत भी नहीं है। दूसरी बार उसे कहा ढूंढें, कहां जाएं, किससे पूछें। सबसे बड़ी दिक्कत तो ये है कि ढूंढें तो ढूंढें कहां। मोबाइल नंबर भी नहीं है। हमारे सामने किसी से बात भी नहीं करती थी…। प्रदेश में सबसे ज्यादा गुमशुदगी के मामले इंदौर से प्रदेश का ये पहला मामला नहीं है जब कोई बच्ची अचानक ही घर से लापता हुई हो और वर्षों तो उसका कोई सुराग न मिले। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस विधायक सचिन यादव द्वारा पूछे गए सवाल में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विधायक यादव के सवालों पर मिले जवाब के मुताबिक मप्र में बीते साढे़ चार सालों में करीब 58 हजार से ज्यादा बच्चे गुम हुए हैं। इनमें 47 हजार बेटियां और 11 हजार बेटे गायब हुए हैं। बच्चों के गुम होने की जो जानकारी विधानसभा में दी गई है। उसमें ये सामने आया है कि सबसे ज्यादा बच्चे इंदौर से गायब हो रहे हैं। इंदौर शहर के जिन थानों से बच्चे गायब हो रहे हैं उनमें, बाणगंगा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 449 बेटियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर लसूडिया से 250, चंदन नगर से 220, आजाद नगर से 178, द्वारका पुरी से 168 बेटियां गुम हुई हैं। बच्चियों के गुम होने के मामले में धार जिला दूसरे नंबर पर है। सचिन यादव ने लगाया था सवाल  मध्य प्रदेश में बच्चों के गुमशुदा होने से जुड़ा सवाल कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने लगाया था. उन्होंने कहा 'चार साल में 60 हजार से ज्यादा बच्चे मध्य प्रदेश में गुमशुदा हुए हैं, जिसमें 48 हजार के करीब बेटियां हैं. अकेले भोपाल में 2500 से 3000 के बीच यह आंकड़े हैं. कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह चिंता का विषय हैं और प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े करता है.  क्योंकि राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं.  भोपाल-इंदौर में सबसे ज्यादा मिसिंग  बता दें कि भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा बच्चों के गायब होने की बात सामने आई है. भोपाल में 2,980 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 1,804 लड़कियां और 1,174 लड़के शामिल हैं. वहीं इंदौर की बात की जाए तो यहां चार साल में 4,574 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 3,560 लड़कियां और 1,014 लड़के शामिल हैं. जबकि दूसरे जिलों में भी यह आंकड़े बढ़े हैं. ऐसे में प्रदेश के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है.  बता दें कि कई गुमशुदा बच्चों की पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हुई हैं. लेकिन विधानसभा के मानसून सत्र में निकलकर आई यह जानकारी हैरान करने वाली जरूर है. बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच इस बार तीखी तकरार दिख रही है.   जानिए इंदौर से लापता बच्ची के परिवार की हालत लसूडिया थाना क्षेत्र के राहुल गांधी नगर में रहने वाले एक परिवार की 16 साल की बेटी घर से अचानक लापता हो गई। परिवार ने इंदौर के साथ ही जिस गांव में वे रहते थे, वहां भी उसकी तलाश की, लेकिन बेटी का पता नहीं चला। हालत ये हो गई कि बेटी के गम में माता-पिता का खाना और काम पर जाना तक छूट गया था। उसे लापता हुए 1 महीना हो गए। मजबूरी में माता-पिता दोनों ही अपने-अपने काम पर जाने तो लगे, लेकिन उनकी आंखें हमेशा बेटी को तलाशती रहती हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना किया लापता बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र 16 साल है। उसके लापता होने का बाद उसे जहां-जहां संभव हो सकता था वहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रिश्तेदारों के यहां भी पूछ लिया। जब उसका कहीं पता नहीं चला तो मैं पुलिस की मदद लेने के लिए थाने गया। अब जानिए किस जिले के किन 5 थाना क्षेत्रों से सबसे ज्यादा बेटियां गुम हुईं ग्वालियर जिला: (कुल गुम हुए बच्चे- 1857,लड़कियां-1268, लड़के-589) ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा ग्वालियर थाने से 106 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर डबरा से 90, मुरार से 88 जनकगंज से 86, बहोड़ापुर से 72 बच्चियां गुम हुई हैं। शिवपुरी जिला: (गुम हुए कुल बच्चे- 960, बेटियां- 764 बेटे- 196) शिवपुरी जिले में पिछोर थाने से सबसे ज्यादा 88 बच्चियां गुम हुई हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र से 80, करेरा से 55, बैराड़ से 49 कोलारस और देहात थाना क्षेत्रों से 46- 46 बेटियां गुम हुई हैं। गुना जिला; (कुल गुम हुए बच्चे: 795, बेटियां – 662, बेटे – 133) गुना जिले में सबसे ज्यादा 98 बच्चियां कैंट थाना क्षेत्र से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कोतवाली से … Read more

मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में दिखे अनोखे नजारे, सदस्यों का निराला अंदाज, सदस्यों ने दिखाए अजब-गजब रूप

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज 11 अगस्त से शुरू हो चुका है, ये सत्र 16 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से कई अहम विधायी मुद्दों पर चर्चा की तैयारी की गई है तो वहीं विपक्ष की ओर से भी सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी है। इस बार यूपी विधानसभा का सत्र बेहद खास होने जा रहा है, एक दिन सदन लगातार 24 घंटे तक चलेगा। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले दिन विधान भवन प्रांगण में सदस्य विभिन्न अंदाज में दिखे। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने पोस्टर के साथ विरोध जताना शुरु किया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनको देने उतरे। विपक्षी दल के सदस्यों ने किया हंगामा विधान भवन प्रांगण में सोमवार को समाजवादी पार्टी के साथ विपक्षी दल से सदस्यों ने हंगामा शुरु किया गया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनके विरोध में सामने आ गए। मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों में पोस्टर वार होने लगा। सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। निराले अंदाज में विधानसभा पहुंचे सदस्य समाजवादी पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य सोमवार को विधान भवन में विभिन्न रंग रूप में दिखे। कोई काले कपड़े पहने था तो कोई अलग स्टाइल के कपड़े धारण करके आया था। किसी ने तिरछी टोपी पहनी थी तो कोई अंगौछा धारण करके सरकार का विरोध कर रहा था। विधायक अतुल प्रधान का अलग अंदाज मेरठ की सरधना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सपा विधायक आज कांवड़ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। इस कांवड़ में एक तरफ लिखा था ‘हमें चाहिए पाठशाला’ और दूसरी तरफ था- ‘हमें नहीं चाहिए मधुशाला’। उत्तर प्रदेश में गांवों में बेसिक शिक्षा के स्कूल बच्चों की नींव हैं। स्कूल मर्जर पर उठाए सवाल अतुल प्रधान ने इस दौरान यूपी में स्कूल मर्जर को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने का नियम किसने बनाया है। 2019 में पहले बंद करने का काम किया। आखिर सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ता है। यहां गरीब-मजदूर छोटा-मोटा व्यापार करने व्यापार करने वालो के बच्चे पढ़ते हैं। A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल के लगे पोस्टर मानसून सत्र के पहले दिन पोस्टर वार देखने को मिला। सपा की पीडीए पाठशाला पर भाजपा हमलावर हुई। भाजपा एमएलसी व प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश ने भाजपा मुख्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाया। इसमें पीडीए पाठशाला में A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल पढ़ाने पर माफी मांगने को कहा। पोस्टर में लिखा सपा के पीडीए पाठशाला का काला सच।

शेयर बाजार में बड़ा रिवर्सल, सेंसेक्स 746 अंक ऊपर गया

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लंबे समय बाद सोमवार को रौनक लौटी और सेंसेक्स-निफ्टी जबर्दस्त तेजी के साथ बंद हुए. ट्रंप टैरिफ और India-US Trade Tension के बीच बीते छह हफ्तों से शेयर मार्केट में सुस्ती देखने को मिल रही थी. इस गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए BSE Sensex सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 746 अंकों की उछाल के साथ क्लोज हुआ, जबकि NSE Nifty 221 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ. इस बीच टाटा मोटर्स से लेकर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस तक के शेयरों ने अपना दम दिखाया और बाजार को सपोर्ट किया.   आखिरी घंटे में तूफानी तेजी शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत हुई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,857.79 की तुलना में मामूली तेजी लेकर 79,885.36 के लेवल पर ओपन हुआ और कभी सुस्ती, तो कभी तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा, लेकिन मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में ये तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 80,636.05 के लेवल तक पहुंच गया. बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 746.29 अंकों की बढ़त लेकर 80,604.08 पर बंद हुआ.  सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद 24,363 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 24,371.50 पर खुला और फिर तेज रफ्तार से भागते हुए 24,600 तक पहुंचा. हालांकि, क्लोजिंग की बात करें, तो Nifty 221.75 अंकों की तेजी लेकर 24,585.05 पर क्लोज हुआ.  इन 10 बड़े शेयरों से बाजार को बल सोमवार को बाजार को सपोर्ट करने में बीएसई की लार्जकैप कंपनियों का बड़ा रोल रहा, इसमें शामिल जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, उनमें सबसे आगे टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Share (3.24%), Eternal Share (2.84%), Trent Share (2.49%), SBI Share (2.45%), LT Share (1.70%), SunPharma Share (1.63%), Reliance Share (1.28%), Kotak Bank Share (1.33%), Adani Ports Share (1.25%) और HDFC Bank Share (1.21%) की तेजी लेकर बंद हुए.  मिडकैप और स्मॉलकैप का ये हाल बाजार में तेजी के बीच बीएसई का मिडकैप 350 अंकों की बढ़त में रहा और इसमें शामिल Paytm Share (5.65%), PolicyBazar Share (5.06%), Ashok Leyland Share (3.94%) और Indian Bank Share (3.45%) चढ़कर क्लोज हुआ. वहीं दूसरी ओर स्मॉल कैप 179 अंकों की तेजी में रहा, जिसमें शामिल Yatra Share (20%), TGVSL Share (15.50%), Dee Dev Share (13.97%) और Doms Share (9.65%) की बढ़त में रहा.   

MP में निर्यात ने तोड़ा रिकॉर्ड, 6% बढ़कर पहुंचा 66,218 करोड़ – जानें किन देशों में सबसे ज्यादा

भोपाल  मध्य प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्यात के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। फेडेरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का कुल निर्यात 6 प्रतिशत बढ़कर 66,218 करोड़ रुपये हो गया। यह अब तक का सबसे अधिक है। निर्यात में यह वृद्धि मुख्यतः फार्मास्यूटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया आधारित उत्पादों के कारण हुई है।  रिपोर्ट के अनुसार, मर्केंडाइज एक्सपोर्ट में 66,218 करोड़ रुपये का योगदान रहा, जबकि स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) से आईटी कंपनियों ने 4,038 करोड़ रुपये का निर्यात किया। आर्थिक विकास और निर्यात बढ़ोतरी की बदौलत राष्ट्रीय रैंकिंग में मध्य प्रदेश 15वें से 11वें स्थान पर पहुंच गया है। फार्मास्यूटिकल निर्यात सबसे ज्यादा पिछले वर्ष तक राज्य के शीर्ष निर्यात सेक्टर में फार्मास्यूटिकल, एनिमल फीड, मशीनरी, एल्युमिनियम और टेक्सटाइल शामिल थे। इस साल फार्मास्यूटिकल का निर्यात 11,968 करोड़, एनिमल फीड 6,062 करोड़, एल्युमिनियम 4,795 करोड़ और मशीनरी 5,497 करोड़ रुपये रहा। अमेरिका, बांग्लादेश, फ्रांस, यूएई और नीदरलैंड प्रमुख निर्यात बाजार रहे।  र‍िपोर्ट के अनुसार फार्मास्यूटिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और सोया आधारित कृषि उत्पाद म‍िलाकर मध्यप्रदेश ने विश्व बाजार के प्रत‍िमानों के अनुसार न‍िर्यात रैंकिंग में बढ़ोतरी की है. न‍िवेश म‍ित्र औद्योगिक व‍िकास की नीत‍ियां, औद्योगिकरण का बढ़ता आधार मध्यप्रदेश का निर्यात बढ़ने का प्रमुख कारण है. इसके अलावा न‍िर्यात को प्रोत्साह‍ित करने वाली अधोसंरचना में बढ़ोतरी होना और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों का मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित होने को भी प्रमुख है. पिछले साल तक फार्मास्यूटिकल, एनिमल फीड, मशीनरी, एल्यूमिनियम और टेक्सटाइल पांच ऐसे न‍िर्यात सेक्टर थे. जो प्रथम पांच न‍िर्यातकों में शाम‍िल थे. मुख्य रूप से बांग्लादेश, फ्रांस, यूएई और नीदरलैंड में मध्यप्रदेश को न‍िर्यात का बड़ा मार्केट म‍िला है. फार्मास्यूटिकल और मशीनरी के निर्यात में मध्यप्रदेश के लिए सबसे बड़ा मार्केट यूएस है. पीथमपुर के कारण धार जिला सबसे आगे जिला स्तर पर पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के कारण धार 17,830 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ सबसे आगे रहा, जबकि इंदौर ने 13,500 करोड़ रुपये और उज्जैन ने 2,288 करोड़ रुपये का निर्यात किया। पिछले छह वर्षों से राज्य का निर्यात लगातार बढ़ा है। 2019-20 में 37,692 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 66,218 करोड़ रुपये तक पहुंचा। सरकार की निवेश मित्र नीतियों, औद्योगिक आधार के विस्तार, निर्यात प्रोत्साहन अधोसंरचना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मजबूत संबंधों को इस उपलब्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है। FIEO की है रिपोर्ट फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश से 62,180 करोड़ रुपए का माल निर्यात हुआ। इसके अलावा, IT कंपनियों ने भी निर्यात में योगदान दिया है। ये कंपनियां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में काम करती हैं। इनका योगदान 4,038 करोड़ रुपये रहा। वैश्विक बाजार में मजबूत हो रही स्थिति रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य प्रदेश ने फॉर्मा, इंजीनियरिंग और सोया उत्पादों के कारण वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है। राज्य सरकार की नीतियों और बेहतर बुनियादी ढांचे ने भी इसमें मदद की है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों ने भी मध्य प्रदेश में रुचि दिखाई है। पिछले साल मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा निर्यात फॉर्मा, पशु आहार, मशीनरी, एल्यूमीनियम और टेक्सटाइल का हुआ था। बांग्लादेश, फ्रांस, UAE और नीदरलैंड प्रमुख बाजार थे। संयुक्त राज्य अमेरिका फार्मा और मशीनरी के लिए सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। सबसे अधिक फॉर्मा सेक्टर में निर्यात 2024-25 में मध्य प्रदेश ने 11,968 करोड़ रुपए की फार्मास्युटिकल्स, 6,062 करोड़ रुपए का पशु आहार, 4,795 करोड़ रुपए का एल्यूमीनियम, 4,656 करोड़ रुपए का टेक्सटाइल और 5,497 करोड़ रुपए की मशीनरी का निर्यात किया। धार रहा पहले नंबर पर धार जिला निर्यात में पहले स्थान पर रहा। यहां से 17,830 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ। इसके बाद इंदौर का नंबर आता है। इंदौर से 13,500 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ। इंदौर फॉर्मा, ऑटोमेशन और फूड प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उज्जैन ने भी 2,288 करोड़ रुपए के निर्यात के साथ अपना रिकॉर्ड तोड़ा है। यहां से औद्योगिक, कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों का निर्यात होता है। जानिए कब कितना हुआ निर्यात मध्यप्रदेश से वर्ष 2024-25 में 11,968 करोड रुपए के फार्मास्यूटिकल्स, 6062 रुपए के एनिमल फीड, 4795 करोड रुपए के एल्युमिनियम, 4656 रुपए का न‍िर्यात और 5497 रुपए की मशीनरी का निर्यात हुआ. प‍िछले छह वर्षों से मध्यप्रदेश का न‍िर्यात लगातार बढ़ रहा है. वर्ष 2019-20 में 37,692 करोड रुपए, 2020-21 में 47,959 करोड रुपए, 2021-22 में 58,407 करोड रुपए, 2022-23 में 65,878 करोड रुपए, 2023-24 में 65,255 करोड़ रुपए और 2024-25 में 66,218 करोड रुपए का निर्यात मध्यप्रदेश से हुआ. इसमें स्पेशल इकोनामिक जोन से हुए निर्यात के आंकड़े भी शामिल है. धार जिला निर्यात में प्रथम है. यहां से 17,830 करोड रुपए का निर्यात हुआ, जबकि इंदौर से 13,500 करोड रुपए का निर्यात हुआ. यहां से फार्मास्यूटिकल, ऑटोमेटिक और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से निर्यात हुआ. उज्जैन ने भी अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2,288 करोड रुपए का निर्यात किया, जिसमें इंडस्ट्रियल, कृष‍ि आधार‍ित उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद शामिल हैंय राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास पर फोकस रखते हुए और व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने से यह उपलब्धि हासिल हुई है. इससे न सिर्फ राज्य की आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिली है बल्कि देश के कुल निर्यात में भी मध्यप्रदेश का योगदान बढ़ा है.  प‍िछले छह वर्षों से मध्यप्रदेश का निर्यात     2019-20: 37,692 करोड़ रुपए     2020-21: 47,959 करोड़ रुपए     2021-22: 58,407 करोड़ रुपए     2022-23: 65,878 करोड़ रुपए     2023-24: 65,255 करोड़ रुपए     2024-25: 66,218 करोड़ रुपए स्पेशल इकोनामिक जोन से हुए निर्यात के आंकड़े     धार- 17,830 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ।     इंदौर- 13,500 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ। यहां से फार्मास्यूटिकल, ऑटोमेटिक और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से निर्यात हुआ।     उज्जैन- 2,288 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ। इसमें इंडस्ट्रियल, कृष‍ि आधार‍ित उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद शामिल हैं।   

माइक्रो फाइनेंस बैंक पर डकैतों का धावा, 12 किलो सोना और ₹5 लाख कैश गायब

 जबलपुर जबलपुर जिले के सिहोरा के खितौला में सोमवार की सुबह पांच बदमाशों ने कट्टे की नोक पर स्माल फायनेंस बैंक (इसाफ बैंक) को लूट लिया। बदमाशों ने बैंक के स्ट्रांग रूम को खुलवाया और उसमें रखा 12 किलो सोना और नकदी लूट कर ले गए। प्रारंभिक जानकारी है कि चार बदमाश बैंक के अंदर गए और उनका एक साथी बैंक के बाहर पहरेदारी कर रहा था। पूरी प्लानिंग से घटना को अंजाम दिया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए आस-पास के सभी थानों को सूचना भेज दी है। जगह-जगह नाकेबंदी की गई है। सिहोरा के खितौला स्थित इसाफ बैंक सुबह 9.30 बजे खुल गया था। कामकाज शुरू हुआ था, उसी समय दो बाइक पर पांच बदमाश पहुंचे। बैंक के भीतर प्रवेश करने के साथ ही चारों बदमाशों ने कट्टा निकाल लिया था। बैंक कर्मचारियों और उपभोक्ताओं को धमकाते हुए बैंक में एक कमरे में बंद कर दिया। बैंक के मैनेजर की कनपटी पर कट्टा रख दिया था और जान से मार देने की धमकी देते हुए स्ट्रांग रूम खोलने का दबाव बनाया था। स्ट्रांग रूम खुलवाकर उसमें रखा करीब 12 किलो ग्राम सोना आरोपी ने अपने थैले में भर लिया, सोने के साथ लगभग पांच लाख से अधिक के नोट भी थैले में रख लिए। इसके बाद आरोपी कट्टा लहराते हुए भाग गए। कैसे हुई वारदात? जबलपुर जिले के खितौला (सिहोरा) में यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई है। पुलिस के मुताबिक, बदमाश दो बाइकों पर सवार होकर बैंक पहुंचे थे। चार लोग बैंक में घुसे और एक बाहर पहरेदारी करता रहा। बदमाशों ने बैंक में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को डरा धमकाकर कमरे में बंद कर दिया और मैनेजर की कनपटी पर कट्टा रखकर स्ट्रांग रूम खोलने को कहा। वहां से 12 किलो सोना और ₹5 लाख नकदी थैलों में भरकर फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद पुलिस ने बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। आसपास के थानों को अलर्ट कर जगह-जगह नाकेबंदी शुरू कर दी है। लुटेरों के भागने के रूट पर चेकिंग की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासे पुलिस का मानना है कि वारदात पूरी तरह से प्री-प्लान्ड थी। बदमाशों को बैंक के खुलने का समय और स्ट्रांग रूम का लोकेशन पहले से पता था। उनके पास बैंक की रूटीन गतिविधियों की भी पूरी जानकारी थी। यही कारण है कि इतनी आसानी से वह वारदात कर निकल गए। स्थानीय लोगों में दहशत दिनदहाड़े हुई इस डकैती से इलाके में दहशत और आक्रोश है। बैंक के ग्राहकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। शुरुआत में जावकारी सामने आई थी कि, अज्ञात डकैतों ने बैंक से करीब 12 किलो सोना और 5 लाख 70 हजार नकद की लूट की है। लेकिन अब मामले में पुलिस ने पुष्टि करते हुए बताया है कि, 12 नहीं 14 किलो 800 गराम सोना और कुल पांच लाख की लूट हुई है। इस प्रकार बैंक से लूटे गए सोने की अनुमानित कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि, सभी आरोपी अलग-अलग बइकों पर सवार होकर बैंक परिसर तक आए थे। सभी ने हेलमेट लगा रखा था। साथ ही, चेहरे को भी मास्क लगे थे, साथ ही उनके हाथ तक कवर थे। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल वारदात की जानकारी लगते ही मौके पर खितौला और सिहोरा पुलिस की टीमें पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। वहीं बैंक में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। खास बात ये है कि, किसी को ये नहीं पता कि, वारदात को अंजाम देकर पांचों बदमाश किस तरफ भागे हैं। लूट की इस सॉनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्योंकि, जिले के खितौला या सिहोरा में लगभग हर महीने चोरी की एक न एक वारदात होती रहती है। हाल ही में सिहोरा के बड़े धार्मिक के रूप में पहचान रखने वाले ज्वालामुखी मंदिर में दो दिन पहले ही चोरी की वारदात हुई है, जिसकी जांच अभी चल रही है।  

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ली पांच जानें, अनूपपुर में भीषण सड़क हादसा

अनूपपुर  अनूपपुर में सोमवार को भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि, जिले के रामनगर थाना इलाके में एक तेज रफ्तार स्कार्पियो मोटरसाइकल को जोरदार टक्कर मारने के बाद भाग रही थी। इसी दौरान अनियंत्रित होकर एक घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। हादसे में बाइक चालक और उसके साथी समेत स्कार्पियो सवार तीन यानी कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि, रामनगर थाना अंतर्गत भीषण सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि, स्कॉर्पियो में सवार होकर 7 लोग कोतमा से बेलिया की ओर जा रह थे। रास्ते में स्कॉर्पियो ने सामने से आई एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार अमृत चौधरी और उसके साथ बाइक पर सवार युवक की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि, बाइक सवार दोनों युवकी की पहचान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन वाहन अनियंत्रित होने से सड़क से उतरकर समीप के घर में जा घुसी। ऐसे में स्कार्पियो सवार 3 लोगों की भी मौत हो गई। स्कार्पियो ने बाइक को मारी टक्कर जानकारी के मुताबिक, रामनगर थाना अंतर्गत भीषण सड़क दुर्घटना में 5 युवकों की मृत्यु हो गई है. स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर 7 लोग कोतमा से बेलिया जा रह थे. रास्ते में स्कॉर्पियो की सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई. जिसमें बाइक सवार अमृत चौधरी और साथी की मौके पर मौत हो गई. हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवारों को चेहरे पूरी तरह बिगड़ गए. इसके बाद भी स्कार्पियो नहीं रुकी और अनियंत्रित होकर सड़क से उतरकर समीप के घर में जा घुसी. जिसमें स्कार्पियो में सवार 3 लोगों की मौत हो गई. अनूपपुर में भीषण सड़क हादसे में पांच की मौत मृतकों में कार में सवार शुभम अहिरवार, राहुल केवट और सौरव प्रधान शामिल हैं. घटना में कुल 5 लोग की मौत हुई है. वहीं 4 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है और जिनका इलाज जारी है. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले पर विवेचना कर रही है. मृतकों में एक शख्स उरतान और 4 लोग बेलिया के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि, बाइक चालक निगवानी निवासी अमृत लाल चौधरी अपने साथी के साथ बैड बजाने के काम से मरवाही जा रहा था. वहीं घायलों में विकास सिंह, गुड्डा, कोलन उर्फ छोहरी और आशीष केवट शामिल हैं. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि, स्कॉर्पियो काफी तेज रफ्तार में थी. नेशनल हाईवे 43 पर झिरिया टोला के पास कार अनियंत्रित हो गई. पहले कार ने बाइक को टक्कर मारी, जिसमें दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई. इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर एक घर में घुस गई. हादसे में कार सवार तीन लोगों की जान चली गई. पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. मामले में जांच पड़ताल की जा रही है.''  घायलों का अस्पताल में इलाज जारी हादसे की जानकारी देते हुए रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। नेशनल हाईवे-43 पर झिरिया टोला के पास कार अनियंत्रित हो गई। पहले कार ने बाइक को टक्कर मारी, जिसमें दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई। इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर एक घर में जा घुसी। हादसे में कार सवार 3 लोगों की भी मौत हो गई। पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

स्व सहायता समूहों ने लगाया हरियाली का जाल, शहरी इलाकों में 2.5 लाख पौधे रोपे, पौधरोपण में रचा रिकॉर्ड

शहरी क्षेत्र में वीमेन फॉर ट्रीज अभियान में 7 हजार स्व सहायता समूहों का योगदान, अब तक हुआ ढ़ाई लाख पौधरोपण शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की हरियाली क्रांति, 2.5 लाख पौधे लगा चुकीं 7 हजार महिला समूह स्व सहायता समूहों ने लगाया हरियाली का जाल, शहरी इलाकों में 2.5 लाख पौधे रोपे, पौधरोपण में रचा रिकॉर्ड भोपाल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ाने के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग केन्द्र सरकार के निर्देश पर ‘वीमेर फॉर ट्रीज’ अभियान संचालित कर रहा है। पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी स्व सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी गयी है। इसके लिये विभाग ने एक करोड़ 14 लाख रूपये की राशि जारी की है। यह कार्यक्रम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत लिया गया है। प्रदेश में इस कार्य के लिये 7 हजार स्व सहायता समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। ‘वीमेर फॉर ट्रीज’ में 2 लाख 30 हजार पौधरोपण किया जा चुका है। स्व सहायता समूहों की महिलाएं लगाये गये पौधों के रख-रखाव की जिम्मेदारी आगामी 2 वर्ष तक सुनिश्चित करेंगी। इस कार्यक्रम में स्व सहायता समूहों की महिलाओं के साथ नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, नर्सरी स्थापना और मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किये जा रहे हैं। पर्यावरण और मातृत्व को समर्पित पहल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिये विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की शुरूआत की गई। यह केवल एक पौधरोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि मातृत्व के सम्मान और पृथ्वी के संरक्षण की एक भावनात्मक, प्रतिकात्मक और सामाजिक पहल है, जिसमें नागरिक अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाकर प्रकृति से जुड़ते हैं। अमृत हरित महा अभियान प्रदेश के 418 नगरीय निकायों में पौधरोपण के लिये 13 जून 2025 से अमृत हरित महा अभियान की शुरूआत की गई। इसके लिये प्रदेश में 2500 नोड़ल कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। अब तक विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा शहरी क्षेत्रों में 41 लाख 65 हजार पौधरोपण किया गया है। इसके साथ ही नगरीय निकायों द्वारा 6 लाख 80 हजार पौधरोपण किया गया है। शहरी क्षेत्रों में अब तक 48 लाख 44 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है। शहरी क्षेत्रों में इस वर्ष 15 अगस्त तक 50 लाख पौधे लगाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है।  

529 एकड़ जमीन की वापसी रद्द, अब दोबारा होगी सरकारी

सतना  बिना वैधानिक प्रक्रिया और आदेश के सतना एयरपोर्ट की फर्जी तरीके से वापस की गई 529.36 एकड़ जमीन को वापस शासकीय करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरु हो सकती है। कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने इस संबंध में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया को जमीन वापसी संबंधी अभिलेख तलाशने के निर्देश दिए हैं।अगर संबंधित अभिलेख नहीं मिलते हैं तो इन जमीनों को सरकारी करने खसरा सुधार की धारा 115 की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। कलेक्टर ने अभिलेखों को दिए जांच के आदेश जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने एसडीएम सिटी से एयरपोर्ट (Satna Airport) की कथित तौर पर वापस की गई जमीनों के अभिलेखों का परीक्षण करने कहा है। हालांकि प्राथमिक जांच में जमीन वापसी के न तो भारत सरकार के और न ही मध्यप्रदेश शासन के कोई आदेश सामने आए हैं। फिर भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित अभिलेखों की बारीकी से तलाश करने कहा है। माना जा रहा कि दो सप्ताह में सभी संभावित स्थलों में अभिलेखों की तलाश की जाएगी। इसके बाद भी अगर जमीन वापसी के अभिलेख नहीं मिलते हैं तो इन जमीनों को सरकारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए एसडीएम सिटी धारा 115 की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे। ऐसे समझे कैसे वापस होती है जमीन अधिवक्ता रमेश पाठक ने बताया कि एरोड्रम की जमीन नभ विभाग की आराजी थी, जो भारत सरकार की जमीन मानी जाती है। अगर भारत सरकार को जमीन की आवश्यकता नहीं होती तो वह पहले एक कमेटी का गठन करती, जो सर्वे दल नियुक्त करती। यह सर्वे दल स्थल पर पहुंचकर सर्वे करता है और चिन्हित करता कि कौनसी जमीनों की आवश्यकता नहीं है। इन्हें सूचीबद्ध करता। इसकी रिपोर्ट भारत सरकार के पास जाती। जहां जमीन वापसी का निर्णय लिया जाता। इसके बाद जमीन वापसी का भारत सरकार का गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाता। बड़ा फर्जीवाड़ा आया सामने एरोड्रम सतना से वापस ली गई जमीनों के इंतजामों की एक सूची में तत्कालीन राजस्व अमले ‌द्वारा जो प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं। उसमें भी बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इसके अनुसार सोनौरा चक उतैली की आराजी नंबर 33 रकबा 1.37 एकड़ के संबंध में रिकार्ड में प्रविष्टि की गई है। उसमें लिखा गया है कि यह अब्दुल्ला की जमीन थी। वह विभाजन के वक्त पाकिस्तान चला गया। इस जमीन को आवतमल सिंधी को दी गई। आवतमल सिंधी ने इसे वेलू बगैरा कुहार को बेच दिया। राजस्व जानकारों का कहना है कि यह सब फर्जी प्रविष्टियां हैं। इस तरह के कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हो सकते हैं।  डॉ सतीश कुमार एस, कलेक्टर ने बताया कि अभी जमीन वापसी संबंधी अभिलेख तलाशे जा रहे हैं। अगर अभिलेख नहीं मिलते हैं तो नियमानुसार खसरा सुधार की प्रक्रिया की जाएगी। 

स्कूली बच्चों ने दिया हर घर तिरंगा का संदेश, साइकिल रैली का भव्य आयोजन

बिलासपुर आजादी के 79 वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य  से भव्य तिरंगा साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रिवर व्यू से शुरू हुई रैली का शुभारंभ बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखा कर किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल,पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह और  अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने रैली की अगुआई की। रैली में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी करते हुए हर घर तिरंगा का संदेश दिया।      तिरंगा सायकिल रैली लाला बहादुर शास्त्री स्कूल मार्ग, सिटी कोतवाली चौक, गोल बाजार मार्ग, देवकीनंदन चौक और नेहरू चौक से होते हुए न्यू सर्किट हाउस तक पहुंची, स्कूली छात्रों ने तिरंगा लहराकर जोश और उत्साह से देशभक्ति के गीत गाए और "वंदे मातरम्", "भारत माता की जय" के नारे लगाए। छात्रों ने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी की अपील की। बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह,जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने रैली की अगुआई की।      बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक  ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है और  ऐसी रैलियां राष्ट्रीय भावना को सशक्त करती हैं और लोगों को जागरूक करती है। उन्होंने बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाना हम सब का दायित्व है। रैली में शामिल स्कूली छात्रों ने हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी करने पर खुशीजताई। सायकल रैली का समापन न्यू सर्किट हाउस में हुआ। इस अवसर पर स्कूली बच्चों, युवा, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनो के पअधिकारी,कर्मचारियों  व आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। रेहाना/