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भारत में बढ़ रहा जूनोटिक खतराः इंसानी स्वास्थ्य को गंभीर चुनौती

नई दिल्ली पिछले दो दशकों के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि दुनियाभर में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके कारण न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दवाब बढ़ा है, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की मौतें भी हुई हैं। कोरानावायरस हो या मंकीपॉक्स, निपाह हो या इबोला, इन सभी ने इंसानी स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि कई बार ये बीमारियां अचानक कैसे फैल जाती हैं? शोधकर्ताओं की मानें तो हाल के वर्षों में इंसानों में फैली ज्यादातर बड़ी बीमारियों की जड़ जानवरों से जुड़ी हुई है। इस तरह की बीमारियों का जूनोटिक बीमारियां कहा जाता है। इंसानों में देखी जा रही करीब 60% बीमारियां किसी न किसी रूप में जानवरों से आई हैं। यानी अगर दुनिया में कोई नया वायरस या बैक्टीरिया फैलता है, तो बहुत संभावना है कि उसकी शुरुआत इंसानों से नहीं बल्कि जानवरों से हुई हो। इस तरह के रोगों का खतरा और भी बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने विश्वभर के लोगों को जूनोटिक बीमारियों के खतरे को लेकर सावधान किया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि दुनिया की नौ फीसदी जमीन पर जूनोटिक संक्रमण का खतरा है, हर पांचवे इंसान को इस तरह की बीमारियों की चपेट में आने का खतरा हो सकता है। चूंकि इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं इसलिए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। दुनिया की लगभग तीन फीसदी आबादी गंभीर खतरे में जर्नल साइंस एडवांसेज में प्रकाशित अध्ययन की इस रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा, दुनिया की लगभग तीन फीसदी आबादी बेहद जोखिम वाले क्षेत्रों में रहती है। वहीं, हर पांच में से एक इंसान मध्यम जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहा है। इटली स्थित यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में इन बीमारियों का बढ़ते जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। शोधकर्ताओं ने वैश्विक संक्रामक रोग और महामारी विज्ञान नेटवर्क डाटासेट और विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्राथमिकता वाली बीमारियों की सूची का विश्लेषण किया। डब्ल्यूएचओ की प्राथमिकता सूची में कोविड- 19, इबोला, कोरोना वायरस, सार्स और निपाह जैसी बीमारियां सबसे खतरनाक और संक्रामक मानी गई हैं। अध्ययन में सामने आई चौंकाने वाली बातें अध्ययन में देखा गया कि बढ़ते तापमान, अधिक वर्षा और जल संकट जैसे जलवायु परिवर्तन के कारक इन बीमारियों के खतरे को और बढ़ा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि दुनिया की 6.3 फीसदी जमीन इन बीमारियों के उच्च और तीन फीसदी बेहद उच्च जोखिम में है। जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों का सबसे अधिक खतरा लैटिन अमेरिका (27%) में है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन के मुताबिक, साल 2018 से 2023 के बीच भारत में दर्ज की गई 6,948 बीमारियों में से 583 (8.3%) जूनोटिक थीं। द लैंसेट रीजनल साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित इस अध्ययन में लोगों को अलर्ट किया गया है। कई जूनोटिक बीमारियां जैसे रेबीज, निपाह वायरस, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पाइरोसिस और हाल के वर्षों में फैला कोरोनावायरस काफी आम है। इसका संक्रमण अक्सर गंभीर और जानलेवा साबित होता है, क्योंकि इंसानों की रोग प्रतिरोधक क्षमता उसके लिए तैयार नहीं होती। क्यों बढ़ता जा रहा है खतरा? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वनों की कटाई और शहरीकरण के चलते इन बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जब जंगल काटे जाते हैं, तो जंगली जानवर इंसानों के करीब आ जाते हैं और उनके शरीर में मौजूद वायरस हमारे शरीर तक पहुंच जाते हैं। दूसरा कारण है जलवायु परिवर्तन। बदलते मौसम के कारण मच्छर और अन्य कीड़े, जो कई रोग फैलाते हैं, नई जगहों पर पनपने लगते हैं। इसके अलावा दुनिया की बढ़ती जनसंख्या और इसके हिसाब से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने भी खतरे को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। भारत में जोखिम की स्थिति कई अध्ययन इस बात को लेकर लोगों को सावधान कर रहे हैं कि भारत में जूनोटिक बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता जा रहा है। ये इन रोगों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिण भारत इन रोगों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि यहां जंगलों और इंसानी बस्तियों का सीधा संपर्क है और मानसून के कारण मच्छर तथा अन्य वाहक तेजी से फैलते हैं।  निपाह से लेकर डेंगू और लेप्टोस्पाइरोसिस तक, भारत में इन बीमारियों की रफ्तार बढ़ रही है जिसको लेकर सभी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। समय रहते जागरूकता और रोकथाम के उपाय करके आप इससे बचाव कर सकते हैं।  

मोदी-पुतिन टेलीफोन वार्ता: दोनों नेताओं ने उठाए महत्वपूर्ण विषय

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक विस्तृत टेलीफोनिक बातचीत हुई। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान यूक्रेन संघर्ष, भारत-रूस द्विपक्षीय एजेंडा, और दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। राष्ट्रपति पुतिन ने हाल ही में अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपनी बैठक के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने इस मुलाकात के प्रमुख बिंदुओं और अपने आकलन को प्रधानमंत्री मोदी के साथ विस्तार से चर्चा की। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के सुसंगत रुख को दोहराते हुए यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीति और संवाद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस दिशा में सभी प्रयासों के लिए भारत के समर्थन को फिर व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया, ताकि आपसी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ किया जा सके। दोनों ने भविष्य में निकट संपर्क बनाए रखने और नियमित संवाद जारी रखने पर भी सहमति जताई। राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा है कि मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन को फोन कॉल और अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी हालिया बैठक की जानकारी साझा करने के लिए धन्यवाद। भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए लगातार आह्वान किया है और इस दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। मैं आने वाले दिनों में हमारे निरंतर संवाद की आशा करता हूं। गौरतलब है कि 15 अगस्त को अलास्का में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच यूक्रेन युद्ध सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस वार्ता में युद्ध के संबंध में कोई ठोस या निर्णायक फैसला नहीं हो सका। दूसरी ओर आज (सोमवार ) रात डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच भी बातचीत होने वाली है, और सबकी नजर व्हाइट हाउस पर है।  

राजा गार्डन दिल्ली: आग में 3 लोगों की हुई जान, दो लड़कियां भी शामिल

नई दिल्ली  पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। बताया जाता है कि दोपहर लगभग 3:08 बजे महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स की इमारत में भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य की हालत नाजुक बताई जाती है। मरने वालों में 2 लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी टीमें मौके पर पहुंचीं। हादसा कैसे हुआ इसको लेकर जांच चल रही है। बताया जाता है कि इस इमारत में बेसमेंट भी है। बेसमेंट के साथ तीन मंजिलों वाली इस इमारत में हादसा तीसरी मंजिल पर स्थित दफ्तर में हुआ। हादसे के शिकार लोगों ने तीसरी मंजिल पर दफ्तर में खुद को कैद कर लिया था। इस वजह से ये लोग आग की चपेट में आ गए। सूचना पर दमकल विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के बाद तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को निकाला और अस्पताल भेजा। पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। खबर लिखे जाने तक इस घटना में दो युवतियों समेत तीन की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि एक अन्य गंभीर रूप से जख्मी हुआ है जिसका इलाज जारी है। फिलहाल मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा। मृतकों में शामिल एक युवती का नाम आयुषी उम्र 23 साल जबकि दूसरी का नाम अमनदीप कौर बताया जाता है। अमनदीप की उम्र 21 साल है। हादसे में जान गवाने वाले लड़के का नाम रवि बताया जा रहा है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमने दमकल की 5 गाड़ियों को मौके पर भेजा। बचाव कर्मियों ने देखा कि 4 लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए थे। उन्हें कैट्स एम्बुलेंस से पास के अस्पताल में ले जाया गया। अधिकारी ने यह भी बताया कि आग को बुझाने और बचाव अभियान शाम 4.10 बजे समाप्त हो गया।  

सलोनी हार्ट सेंटर हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ में एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। यह प्रोजेक्ट सलोनी हार्ट सेंटर में संचालित होगा, जो बच्चों की जन्मजात हृदय बीमारियों के उपचार के लिए समर्पित है। इस अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन ने लगभग 10 करोड़ का सहयोग प्रदान किया। इस राशि से सेंटर को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चों के हृदय रोगों के लिए उच्चस्तरीय उपचार सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व शुभारंभ किए गए इस सेंटर में अब तक 300 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हो चुकी है। हार्ट सेंटर का पहला चरण पूर्णतः क्रियाशील है, जबकि दूसरे चरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने सलोनी हार्ट फाउंडेशन की संचालक दंपति मिली सेठ एवं हिमांशु सेठ के प्रयासों की सराहना की, साथ ही एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है। यह पहल 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रत्यक्ष सुफल है और बच्चों के जीवन की रक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश ने पूर्व में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है और अब बच्चों के हृदय रोगों के उपचार में भी ठोस प्रगति हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसबीआई फाउंडेशन का यह सहयोग सलोनी हार्ट सेंटर को और अधिक क्षमता सम्पन्न बनाएगा और आने वाले समय में बच्चों के जीवन की रक्षा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आर.के. धीमन ने मुख्यमंत्री को हार्ट सेंटर की स्थापना से लेकर अब तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के अतिरिक्त सलोनी फाउंडेशन, एसबीआई और एसजीपीजीआई तथा स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी गणों की सहभागिता रही।  

राधाकृष्णन ने पीएम मोदी से मुलाकात की, NDA का उपराष्ट्रपति पद उम्मीदवार बनाए गए

नई दिल्ली  महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन द्वारा उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के एक दिन बाद हुई. वह एनडीए की विभिन्न बैठकों में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे और कई नेताओं से मुलाकात की. मुलाकात के तुरंत बाद मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सी. पी. राधाकृष्णन जी से मुलाकात की. एनडीए की तरफ से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं. जनसेवा के लंबे अनुभव और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता हमारे देश को समृद्ध बनाएगी. वह पहले की तरह ही समर्पण और दृढ़ निश्चय के साथ देश की सेवा करते रहें.’’ राधाकृष्णन 20 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में उन्हें सम्मानित किए जाने की उम्मीद है. इससे पहले सोमवार को नई दिल्ली पहुंचने पर महाराष्ट्र के राज्यपाल और एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का केंद्रीय मंत्री किरेन रीजिजू, राम मोहन नायडू. प्रह्लाद जोशी के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व अन्य ने स्वागत किया. चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन वर्तमान में 31 जुलाई, 2024 से महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले उन्होंने फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था. उन्होंने मार्च और जुलाई 2024 के बीच तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था. वरिष्ठ भाजपा नेता राधाकृष्णन कोयम्बटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए तथा इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. कांग्रेस ने एनडीए द्वारा सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने की आलोचना की है और उन्हें "एक और आरएसएस का आदमी" कहा है. बता दें कि उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, हालांकि, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के बाद यह पद रिक्त हो गया था. उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सांसद शामिल होते हैं. उपराष्ट्रपति के चुनाव संविधान के अनुच्छेद 64 और 68 के प्रावधानों द्वारा शासित होते हैं. चुनाव आयोग राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 द्वारा उपराष्ट्रपति चुनावों को अधिसूचित करता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से होगा तथा ऐसे चुनाव में मतदान गुप्त मतदान द्वारा होगा.

भारतीय मिसाइलों से बचने के लिए ईरान बॉर्डर पर छिपे पाकिस्तानी युद्धपोत, ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा

नई दिल्ली 6 और 7 मई की रात को भारतीय हमलों ने पाकिस्तान और पीओजेके में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इसके बाद नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के डीजीएमओ को सूचित किया कि उसका मिशन पूरा हो गया. हालांकि, पाकिस्तान के नेतृत्व ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की बात कही. ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम द्वारा विश्लेषित कराची और ग्वादर बंदरगाहों की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की नौसेना का रुख रक्षात्मक था. संघर्ष के चरम पर, पाक नौसेना (PN) के युद्धपोतों को कराची के नौसैनिक गोदाम से हटाकर व्यावसायिक टर्मिनलों पर लाया गया, जैसा कि सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई देता है. इस बीच, अन्य युद्धपोत ग्वादर के पश्चिमी बंदरगाह पर शरण लेते नजर आए, जो ईरान की सीमा से महज 100 किमी दूर है, बजाय इसके कि वे भारत की ओर पूर्व की ओर बढ़ें. 8 मई की कराची बंदरगाह की सैटेलाइट तस्वीर बताती है कि पाक नौसेना के युद्धपोत व्यावसायिक बंदरगाह और कंटेनर टर्मिनल पर खड़े थे. शीर्ष सैन्य विशेषज्ञों ने तनाव के दौरान पाकिस्तान नौसेना की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं. सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल एस.सी. सुरेश बंगारा, जो दक्षिणी नौसेना कमान के पूर्व कमांडर-इन-चीफ रहे और 1971 में कराची बंदरगाह पर हुए साहसिक हमले में शामिल थे. उन्होंने कहा किचूंकि हमारा आतंकी ढांचे पर 7 मई को हमला हुआ था और पाकिस्तान की तीनों सेनाओं को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए था, फिर भी उनके अग्रिम युद्धपोत बंदरगाह पर दिखना उनकी कम ऑपरेशनल तैयारियों को दर्शाता है.  उन्होंने आगे एक पैटर्न की ओर इशारा किया, जिसमें पाक नौसेना के जहाज व्यावसायिक टर्मिनलों पर खड़े होते हैं और ऑपरेशन के दौरान व्यावसायिक विमानों की आड़ लेते हैं. उन्हें व्यावसायिक बंदरगाह क्षेत्र में लाना मिसाइल हमलों से बचने की कोशिश है.  उन्होंने इंडिया टुडे से कहा कि उनके सैन्य विमानों को व्यावसायिक उड़ानों के पास उड़ाना उनके नागरिक संसाधनों को बलि चढ़ाने की प्रवृत्ति दिखाता है. पाकिस्तानी युद्धपोत ईरान सीमा के पास शरण लेते हैं ऑपरेशन सिंदूर से ठीक छह महीने पहले, पाकिस्तान की नौसेना ने दावा किया था कि उसने एक नया हथियार-'स्वदेशी रूप से विकसित' P282 शिप-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल जोड़ लिया है. इसकी रेंज 350 किलोमीटर बताई गई थी. इसे 'उच्च सटीकता' वाले हमलों का वादा था. इस परीक्षण को एक सैन्य प्रचार वीडियो में दिखाया गया, जिसमें चीनी निर्मित जुल्फिकार-क्लास (F-22P) फ्रिगेट ने मिसाइल दागी थी. लेकिन जब मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो स्थिति अलग दिखी. अंतरिक्ष कंपनी मैक्सर टेक्नोलॉजीज से मिली उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली व्यावसायिक तस्वीरों से पता चलता है कि इसके आधे जुल्फिकार-क्लास फ्रिगेट और अन्य युद्धपोत पश्चिम में ग्वादर में खड़े थे, जो ईरान की सीमा से महज 100 किलोमीटर दूर है. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का गहना कहे जाने वाले ग्वादर बंदरगाह को हाल ही में अस्थायी नौसैनिक शरण स्थल में बदल दिया गया. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि 10 मई तक इसके कंटेनर भंडारण क्षेत्र खाली थे, लेकिन डॉक पर सैन्य जहाजों की भीड़ थी. इसमें दो जुल्फिकार-क्लास फ्रिगेट, दो बड़े तुगरिल-क्लास फ्रिगेट, नौसेना का एकमात्र अमेरिकी निर्मित ओलिवर हेजर्ड पेरी-क्लास फ्रिगेट, और दो समुद्री गश्ती जहाज शामिल थे. सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल बंगारा ने कहा, "ग्वादर, जहां व्यावसायिक गतिविधियां नहीं थीं, वहां अग्रिम पंक्ति के जहाजों को रखना गलत था, क्योंकि वे आसानी से नजर आते थे. ऐसा लगता है कि समुद्र में उनकी एकमात्र ताकत उनकी पनडुब्बियां थीं. भारत की ताकत और पाकिस्तान का दबाव इंटेल लैब के भू-खुफिया शोधकर्ता डेमियन साइमन ने बताया, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत ने अपनी पहली जंगी तैनाती की, जिसकी अरब सागर में गति को पाक नौसेना ने उजागर किया. इससे नई दिल्ली के दबाव का अंदाजा हुआ. भारत के कराची पर संभावित हमले की तैयारी से पाकिस्तान ने अपनी नौसेना को तितर-बितर कर दिया और जहाजों को नागरिक डॉक पर ले गया.  कराची के व्यावसायिक टर्मिनलों पर युद्धपोत पूर्व में, कराची के नौसैनिक गोदाम असामान्य रूप से खाली थे, जबकि 8 मई की सैटेलाइट तस्वीरों में युद्धपोत व्यावसायिक कार्गो टर्मिनलों पर खड़े दिखे. बादलों से आंशिक रूप से ढके चित्रों में कम से कम चार पाकिस्तानी नौसेना (PN) जहाज व्यावसायिक बंदरगाहों और कंटेनर टर्मिनल के पास दिखाई दिए. इसमें PNS अलमगीर, एक बाबर-क्लास कोरवेट, और एक डेमन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) शामिल थे, जो कार्गो जहाज के पास खड़े थे, जहां कंटेनर लोड-अनलोड हो रहे थे. एक और नौसेना फ्रिगेट कंटेनर टर्मिनल पर था, न कि नौसैनिक गोदाम पर. बंगारा ने कहा, "पाक नौसेना का सेना-प्रधान ढांचे में कोई खास रोल नहीं है. भारत ने संयुक्त ऑपरेशन की शानदार योजना बनाई और ऑपरेशन सिंदूर के सभी लक्ष्य हासिल किए. हमने साफ किया कि हम दंडात्मक जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं, जिससे बिना समुद्र से एक भी मिसाइल दागे ऑपरेशन खत्म हुआ. हमारे नौसेना का शक्तिशाली हमला उनके समुद्री संसाधनों को तबाह कर सकता था, जैसे 10 अगस्त को PAF के हवाई ठिकानों को नुकसान हुआ. संयुक्त ऑपरेशन युद्ध को लंबा खींचने के लिए गोला-बारूद बचाते हैं. याद रखें, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ रुका है. ग्वादर का नया इस्तेमाल साइमन ने ग्वादर के उपयोग में बदलाव पर ध्यान दिया. "यह दबाव उस समय आया जब पाकिस्तान की पनडुब्बी शाखा की कई नौकाएं मरम्मत के लिए बाहर थीं, जिससे समुद्री डर कम हो गया. इस बढ़ते दबाव में ग्वादर—एक लंबे समय से संघर्षशील व्यावसायिक बंदरगाह नौसैनिक पीछे हटने का आधार बना. इसके 600 मीटर के डॉक में युद्धपोत और ऑफशोर टैंकरों ने इस्लामाबाद को कराची से दूर मजबूत आधार दिया. भारत की तैयारियां भारतीय नौसेना ने पहले कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो कराची पर हमला करने को तैयार है. मई 2025 में संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग में वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा था कि हमारी सेनाएं अरब सागर में मजबूत स्थिति में थीं और समुद्र व जमीन पर, कराची, पर अपने चुने समय पर हमला करने की पूरी तैयारी थी.

भारत में विभाजन की स्थिति पर रीवा सांसद का विवादित बयान, बहस गरमाई

रीवा  कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप लगाने के बाद रीवा के भाजपा सांसद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बार भारत-पाकिस्तान विभाजन की बात करते-करते उनकी जुबान फिसल गई। सांसद ने धर्म विशेष के लोगों को लेकर एक विवादित बयान दिया है। रीवा के सांसद ने कहा कि वो लोग भारत छोड़कर नहीं गए और अब यहां छाती में बैठकर मूंग दलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां हिंदु बहुसंख्यक था वहां अल्पसंख्यक हो गया। सांसद जनार्दन मिश्रा ने वायरल वीडियो में कहा कि सबसे ज्यादा मुस्लिम उत्तरप्रदेश और बिहार में थे, वो यहीं रह गए और अब यहां रहकर छाती में मेक ठोक रहे हैं(छाती पर बैठकर मूंग दलने वाली कहावत), यह स्थिति रह गई है भारत में विभाजन की। सांसद ने मऊगंज जिले में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विभाजन के समय पाकिस्तान की मांग करने वालो के साथ जा रहे कुछ लोगों को कांग्रेस ने अपने फायदे के लिए रोक लिया था। देश के लगभग 150 जिले है जहां हिन्दू बहुसंख्यक थे, लेकिन अब अल्पसंख्यक हो गए हैं। मुस्लिमों की आबादी बढ़ गई है, ये भारत में रहकर छाती में मेक ठोंक रहे हैं। गौरतलब है कि सांसद जनार्दन मिश्र अक्सर अपने बड़बोले बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते है। उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दिया बयान हो या फिर IPS और IAS अफसरों के लिए मंच पर धमकी। जनार्दन का वायरल होना तय होता है। सोमवार को ही उनका एक और बयान सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें वो वोट चोरी का उदाहरण देते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी पर निशाना साधा था। अब सोमवार को ही उनका एक और विवादित बयान सामने आया है जो मुस्लिम समाज को लेकर है।

पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का होगा आधुनिकीकरण, आधुनिक सुविधाओं से होंगे सुसज्जित – राज्यमंत्री श्रीमती गौर

आधुनिक सुविधाओं के साथ पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का हो रहा उन्नयन : राज्यमंत्री श्रीमती गौर पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का होगा आधुनिकीकरण, आधुनिक सुविधाओं से होंगे सुसज्जित – राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर का ऐलान: पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का उन्नयन, छात्रों को नई सुविधाएं मिलेगी भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल के भदभदा रोड स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों में प्रदेश के समस्त विभागीय छात्रावासों का आदर्श छात्रावास के रूप में उन्नयन किया जाएगा। आदर्श छात्रावास में गुणवत्तापूर्ण भोजन, निवास की आदर्श परिस्थितियों एवं वातावरण उपलब्ध होने के साथ आवश्यक भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के 108 छात्रावास संचालित हैं। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों का चयन किया गया है, जिनका उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 50 सीटर इन छात्रावासों में आदर्श किचन आधुनिक मैस, रूफटॉप सोलर संयंत्र, ई-लाइब्रेरी, वाय-फाय, मनोरंजन कक्ष आदि की व्यवस्था सीएसआर मॉडल के माध्यम से की जा रही है। भोपाल के भदभदा स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में भवन का उन्नयन कार्य, टॉयलेट ब्लॉक, किचन, मैस, डायनिंग हॉल, वॉश एरिया एवं छात्र-छात्राओं के कक्षाओं की आंतरिक साज-सजा का उन्नयन हो चुका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार विद्यार्थियों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही सभी छात्रावासों में जिम और लाइब्रेरी की सुविधा भी शुरू की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त श्री सौरभ सुमन भी उपस्थित थे।  

एयरटेल का नेटवर्क ठप, तीन घंटे से मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं में दिक्कत

मुंबई   Airtel यूजर्स को कॉल और मैसेज करने में दिक्कत हो रही है. हालांकि कुछ यूजर्स एयरटेल नंबर से कॉल कर पा रहे हैं, लेकिन X पर लगातार लोग शिकायत कर रहे हैं. कॉल करने पर Call Failed का मैसेज आ रहा है. मोबाइल इंटरनेट काम कर रहा है. इतना ही नहीं लोगों को Airtel Thanks ऐप का OTP भी बिना रिक्वेस्ट किए ही मिल रहा है.  Airtel के साथ ही Perplexity की के भी कुछ फीचर्स काम नहीं कर रहे हैं. ये उन यूजर्स के साथ हो रहा है जिन्होंने Perplexity का प्लान अपने एयरटेल नंबर से लिया था. दरअसल Airtel ने Perplexity के साथ करार किया है. इसके तहत एयरटेल यूजर्स को एक साल तक के लिए फ्री Perplexity की सर्विस दी जा रही है.  UPDATE: Airtel के प्रवक्ता ने हमे बताया है कि Delhi-NCR में पिछले कुछ घंटों से लोगों को वॉयस कॉलिंग में दिक्कत हो रही थी. हालांकि अब ज्यादातर जगहों पर इसे ठीक कर दिया गया है. इसे पूरी तरह से ठीक करने के लिए इंजीनियर्स काम कर रहे हैं. माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट X पर पिछले कुछ घंटों से Airtel Down ट्रेंड कर रहा है. Airtel ने अपने ऑफिशियल हैंडल से कहा है कि Airtel में नेटवर्क आउटेज हो रहा है और कंपनी इसे ठीक करने की कोशिश कर रही है. कंपनी ने इसके लिए लोगों से माफी भी मांगी है.  कंपनी ने डिलीट किया पोस्ट? हालांकि यूजर्स Airtel पर आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी ने पहले Tweet करके बताया कि Airtel में Network Outage है, लेकिन बाद में इस पोस्ट को X से डिलीट कर लिया गया.  डाउनडिटेक्टर के मुताबिक 3.30 बजे से Airtel Outage शुरू हो गया है और अब तक इसे ठीक नहीं किया गया है. यूजर्स लगातार Downdetector पर भी Airtel Outage को रिपोर्ट कर रहे हैं. दिलचस्प ये है कि ये समस्या सिर्फ Delhi-NCR नहीं, बल्कि पूरे देश में हो रही है.  अलग अलग तरह की प्रॉब्लम्स कई बार टेलीकॉम कंपनियों में जब Outage होता है तो नेटवर्क नहीं आते या फिर मोबाइल नेट नहीं चलता है. लेकिन इस बार हुए आउटेज में कई अलग अलग समस्याएं हो रही हैं. कुछ लोग रिपोर्ट कर रहे हैं कि उनका नेटवर्क जीरो हो चुका है, जबकि कुछ लोगों में नेटवर्क स्ट्रेंथ फुल होने के बावजूद ना कॉल आ रही है और ना ही कॉल लग रही है.  क्या Perplexity की वजह से हो रही है परेशानी? X सहित दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग Airtel के साथ Perplexity को भी रिपोर्ट कर रहे हैं. कुछ यूजर्स का कहना है कि उन्हें लगातार OTP आ रहे हैं और एयरटेल के साथ Perplexity का सब्सक्रिप्शन भी ठीक से काम नहीं कर रहा है.  एयरटेल आउटेज से मोबाइल डेटा भी ठप!  धीरे धीरे Airtel Outage बढ़ रहा है और अब लोगों का मोबाइल इंटरनेट भी काम नहीं कर रहा है. पहले नेटवर्क सिग्नल दिख रहे थे, लेकिन अब सिग्नल भी दिखने बंद हो गए हैं. मोबाइल इंटरनेट भी नहीं काम कर रहा है.  OTP ना आने की वजह से लोगों का हो रहा नुकसान सोशल मीडिया और डाउनडिटेक्टर पर लोग शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें जरूरी ट्रांजैक्शन के लिए OTP चाहिए, लेकिन एयरटेल आउटेज की वजह से 3 घंटे से OTP नहीं आ रहा है. कुछ लोगों की ये भी शिकायत है कि उनका Airtel WiFi काम नहीं कर रहा है. 

भूपेश बघेल को SC से झटका, ED मामले में कानून का पालन अनिवार्य

रायपुर  सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत जांच करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की नसीहत दी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रावधान में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने साथ ही कहा कि अगर इसका (धारा 44) दुरुपयोग हो रहा है तो पीड़ित पक्ष हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने कहा, 'दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसे दुरुपयोग में है।' कांग्रेस नेता ने पीएमएलए की धारा 44 के तहत ईडी को मूल शिकायत के बाद दर्ज की गई अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन से संबंधित मामले में आगे की जांच के अधिकार को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि ईडी छत्तीसगढ़ में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से संबंधित धन शोधन के आरोपों की जाच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि संबंधित मामले में अवैध रूप से कमीशन की वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।