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आज और कल MP के 22 जिलों में बारिश, 13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

सीएम साय के नेतृत्व में बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलकरण तेज़ी से आगे

 स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर “नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल” से स्वास्थ्य सुविधाएं हुईं और भी सुलभ, प्रभावी एवं पारदर्शी रायपुर, बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त विस्तार की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आज तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। बस्तर के छ :जिला चिकित्सालयों,  दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण तथा मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां अब एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके तहत मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल तकनीक के इस समावेशन ने अस्पतालों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) सुनिश्चित किया गया है। अस्पताल परिसरों में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की सुविधा दी जा रही है। स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों को लम्बी कतारों से राहत मिली है और उन्हें त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल नवाचारों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। जिला चिकित्सालय बस्तर में मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 32,379 पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से हुए — जो कि कुल पंजीयनों का 53% है। इसी अवधि में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 33,895 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 13,729 पंजीयन आभा से लिंक किए गए — यानी 40% का डिजिटल एकीकरण। यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय की बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसे वे देश के किसी भी हिस्से में कभी भी देख सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ उपचार की निरंतरता और गुणवत्ता में भी वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी आधुनिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और दिशा दी है। डिजिटल पंजीकरण, हेल्थ रिकॉर्ड और पारदर्शी सेवा प्रणाली से मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। यह पहल न केवल बस्तर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है, जिसे हम शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों में लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का यह तकनीकी उन्नयन न केवल स्थानीय जनता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली को सभी जिलों में सुदृढ़ रूप से लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ना है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। बस्तर में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।    

कूनो के चीते गांव में घुसे, कुत्ते के साथ ग्रामीणों ने किया पीछा

श्योपुर. मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा। ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।

बेंगलुरु से शुरू हुई तीन वंदे भारत एक्सप्रेस, PM मोदी ने किया शुभारंभ

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु से तीन और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बहुप्रतीक्षित बेंगलुरु-बेलगावी को स्वयं हरी झंडी दिखाई, जबकि श्री माता वैष्णो देवी कटरा-अमृतसर और अजनी (नागपुर) से पुणे के लिए जाने वाली वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत डिजिटल माध्यम से की। इस खास मौके पर पीएम के साथ कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित अन्य लोग उपस्थित थे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी जब अपने काफिले के साथ रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े, तो सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने ‘‘मोदी, मोदी’’ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी कार के अंदर ने उनका हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इसके बाद पीएम मोदी स्टेशन पहुंचे और ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरू मेट्रो की येलो लाइन का भी उद्घाटन किया। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत तमाम नेताओं के साथ सफर भी किया। इन तीन वंदे भारत सेवाओं के बारे में बात करते हुए रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह नई वंदे भारत ट्रेनें लोगों के बीच कनेक्टिविटी को और भी ज्यादा मजबूत करेंगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। गौरतलब है कि बेंगलुरु से बेलगावी तक चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक में संचालित होने वाली 11वी वंदे भारत ट्रेन है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इसके शुरू होने के बाद 611 किलोमीटर की दूरी मात्र 8.5 घंटे में तय की जा सकेगी। यह इन दोनों शहरों के बीच सबसे तेज गति की ट्रेन है, जिससे मौजूदा ट्रेन सेवाओं की तुलना में केएसआर (क्रांतिवीर संगोल्लि रायाण्ण) बेंगलुरु से बेलगावी तक लगभग एक घंटे 20 मिनट और बेलगावी-केएसआर बेंगलुरु तक एक घंटे 40 मिनट की बचत होगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन भारत के ‘सिलिकॉन सिटी’ बेंगलुरु को प्रमुख मेडीकल और इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के केंद्र बेलगावी से जोड़ती है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक और शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। यह मार्ग कर्नाटक के समृद्ध गन्ना क्षेत्र और धारवाड़, हुबली, हावेरी, दावणगेरे एवं तुमकुरु जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरता है। धारवाड़ अपने प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं हुबली एक बेहतर इंडस्ट्रीयल क्षेत्र है, जबकि हावेरी एक उभरता हुआ कृषि केंद्र है और दावणगेरे कपड़ा एवं कृषि के लिए प्रसिद्ध है तथा तुमकुरु एक बढ़ता हुआ औद्योगिक एवं शैक्षिक केंद्र है।  

वंदे भारत और मेट्रो कोच निर्माण का बड़ा हब बनेगा रायसेन, ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन संपन्न

रायसेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मध्य प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन के उमरिया गांव में ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन किया है। रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम और शिवराज जी ने बताया है कि यह छोटी मोटी सौगात नहीं है बहुत बड़ी है। क्षेत्र के लिए भी और प्रदेश के लिए भी, यह हृदय प्रदेश है। मैं जब यूथ विंग में काम करता था तब शिवराज जी प्रदेश में काम करते थे। बहुत पुराना हमारा रिश्ता है। सिलसिला बहुत पुराना है। मध्य प्रदेश मेहमान नवाजी में बेजोड़ है। कोई भी यहां आए मध्यप्रदेश वासियों से प्रभावित हुए बिना नहीं जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान के विकास को आगे बढ़ा रहे मोहन यादव जो गति यहां विकास की शिवराज जी ने दी थी उसे आगे ले जाने का काम मोहन जी कर रहे हैं। 1800 करोड़ के निवेश के साथ इस परियोजना का शुभारंभ यहां हो रहा है। 5000 नौजवानों को रोजगार मिलेगा। मोहन जी, शिवराज जी इन सबके प्रयास से हुआ है। रक्षा क्षेत्र में जो हो सकेगा उसके लिए मैं सब करूंगा। 18 वर्षों की शिवराज जी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम मोहन यादव कर रहे हैं। रायसेन में एक महत्वपूर्ण यूनिट स्थापित की जा रही है। यह एक यूनिट नहीं बल्कि ऐसी बहुत सी छोटी छोटी MSME भी लगेगी। मध्यप्रदेश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। औद्योगिक विकास के जो प्रयास हो रहे है 30 लाख करोड़ के निवेश बड़ी बात है। अधिक से अधिक उद्योग को लाने का काम किया जा रहा है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की इकाईयां काम कर रही हैं कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां अच्छे से काम कर रही हैं, मैने 30 वर्षों में यह अनुभव किया है जो गुण चाहिए संसाधन चाहिए रक्षा क्षेत्र के लिए वे सब मध्य प्रदेश में है। नेतृत्व अगर शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। शायद कुछ वर्षों के बाद मध्यप्रदेश को मॉर्डन प्रदेश कहेंगे। परियोजना का नाम भी सृष्टि के रचयिता पर रखा गया है। सोच समझकर इसका नाम रखा गया है रेल के डब्बों का निर्माण तो होगा ही रेल का और अलग-अलग सामान भी यहां बनेगा। जो जानकारी मुझे है 2 साल में यह काम होकर रहेगा। जब फैक्ट्री यहां लगेगी तो आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। तेज गति से चलने वाली ट्रेन में जब कोई कोच लगेगा तो आपके यहां का बना हुआ कोच लगेगा। बीईएमएल भारत के आर्थिक विकास में अपना पूरा साथ देगा। प्रधानमंत्री ने किया करिश्माई काम प्रधानमंत्री ने कहा है भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही दम लेंगे। प्रधानमंत्री ने करिश्माई काम किया है। आज बड़ी बड़ी चीजें बड़े-बड़े प्लेटफार्म भारत में तैयार हो रहे हैं। हम भारत में उपयोग कर ही रहे हैं दुनिया को भी भेज रहे है। धन दौलत के मामले में भारत दुनिया के टॉप के चार देशों की कतार में आकर खड़ा हो गया है। सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। भारत जब इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है तो देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं। 40 हजार कोचेस अपडेट किए गए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 साल में पैंतीस हजार किमी पटरी बिछाई गई। देश को एक नई जनरेशन की ट्रेन दी गई है। 11 वर्षों में 40 हजार कोचेस अपडेट किए हैं। ब्रह्मा इसी कड़ी में जुड़कर नए आयाम स्थापित करेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 2 दिन में घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जिनके नेतृत्व में भारत की सेना ने शौर्य का प्रदर्शन किया है ऐसे भारत के रक्षा मंत्री मेरे बड़े भाई राजनाथ सिंह आए हैं, उनका स्वागत करें। राजनाथ जी पधारे हैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मध्य प्रदेश आए हैं। पहलगाम में धर्म पूछ-पूछकर मारा था और कहा था जाओ मोदी को बता देना तब प्रधानमंत्री ने दंड देना तय किया था। आपके नेतृत्व में 21 मिनिट में आतंकवादियों के ठिकाने खत्म कर दिए। आतंक के आकाओं को मारा। भारत ने पहले ही कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन किसी ने हरकत की तो छोड़ेंगे नहीं। रक्षा मंत्री के नेतृत्व में हमारी सेना ने 2 दिन में पाक की सेना को घुटनों पर ला दिया। हाथ जोड़कर पाकिस्तान सामने आ गया कि बात करो बात करो…शिवराज ने कहा बीच में कोई तीसरा नहीं था। 'मैंने यहां पद यात्रा भी की है' शिवराज ने कहा कि जो लोग निर्दोष मारे गए थे उनके परिजनों ने कहा था कि उनके सिर में सीधे गोली मारना हमारी सेना ने वही किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गौरवशाली भारत शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। शिवराज ने कहा हमें गर्व है प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर आपके नेतृत्व में सब सुरक्षित है। उमरिया वालों को कहा कि 1800 करोड़ की सौगात मिल रही है। रेलवे कोच बनेंगे यहां, मैंने यहां पद यात्रा और साइकिल यात्रा भी की है। स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में विकास शुरू हुआ यहां, यहां 752 औद्योगिक इकाई हैं। मुझे विधानसभा से जनता ने जीताकर भेजा। यहां रेलवे के कोच बनेंगे, मेट्रो के कोच बनेंगे। किसानों के हित बरकरार रहेंगे शिवराज सिंह ने कहा कि हम रक्षा मंत्री जी के संपर्क में थे जब आपके पास चुनाव के समय आया था तो कहा था कि अटल जी, सुषमा जी पटवा जी ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया है। इसे आइडल क्षेत्र बनाएंगे। किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि कोई समझौता ऐसा नहीं होगा जो देश हित में नहीं है। किसानों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। … Read more

मुख्यमंत्री साय बोले- छत्तीसगढ़ की बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध

रक्षाबंधन पर जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ : बिहान की 12 दीदियों को ई-रिक्शा का उपहार रायपुर रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया से जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ किया और बिहान योजना से जुड़ी 12 दीदियों को राखी के उपहार स्वरूप ई-रिक्शा प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वयं स्व-सहायता समूह की महिला श्रीमती गिलसोनिका पाण्डे के ई-रिक्शा में बैठकर बगिया निवास परिसर की यात्रा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ई-रिक्शा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इसकी परिचालन लागत भी कम है। इससे महिलाएं स्थानीय परिवहन सेवाओं में अपनी भागीदारी निभाते हुए आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगी। उन्होंने रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की सभी बहनों की सुरक्षा और सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्व-सहायता समूह की बहनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही यह ई-रिक्शा वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत 18 लाख आवास का कार्य तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आवास प्लस प्लस योजना के अंतर्गत 5 एकड़ असिंचित भूमि, 2.50 एकड़ सिंचित भूमि, टू-व्हीलर और 15 हजार रुपये मासिक आमदनी वाले पात्र परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख बहनों को प्रति माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अटल डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे। कार्यक्रम में बताया गया कि ई-रिक्शा का संचालन जिले के विभिन्न रूट्स पर महिला संचालकों द्वारा किया जाएगा। फरसाबहार में प्रतिमा भगत फरसाबहार- कन्दईबहार- अमडीहा- तपकरा मार्ग पर, मदनावती लवाकेरा- अमडीहा- पुराईनबंध- समडमा- तपकरा मार्ग पर, राजकुमारी पैंकरा तपकरा- कन्दईबहार- तुबा- फरसाबहार मार्ग पर और उर्मिला भगत खुटगांव- सिंगीबहार- साजबहार- तपकरा मार्ग पर परिचालन करेंगी। इसी तरह, दुलदुला में बिंदेश्वरी देवी कोसा- दुलदुला- विपतपुर- छेरडांड मार्ग पर, पार्वती साय कोसा- दुलदुला- पतराटोली- लोरो- बम्हनी मार्ग पर, संगीता देवी छेरडांड- लोरो- बम्हनी- कस्तुरा मार्ग पर और बिमला देवी छेरडांड- दुलदुला- लोरो- पतराटोली मार्ग पर परिचालन करेंगी। कांसाबेल में गिलसोनिका पाण्डे टांगरगांव- हथगड़ा- कांसाबेल मार्ग पर, तियासो पैंकरा बांसबहार- दोकड़ा- पुसरा- खुंटीटोली- कांसाबेल मार्ग पर, नीता रवानी कटंगखार- दोकड़ा- बन्दरचुंआ- कांसाबेल मार्ग पर और अंगावती बाई देवरी- दोकड़ा- छाताबर- कांसाबेल मार्ग पर ई-रिक्शा का परिचालन करेंगी। इस अवसर पर कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा, उपेन्द्र यादव, गणेश जैन एवं रवि यादव उपस्थित थे।  

अचानक भड़की आग ने मशरूम प्लांट को किया राख, वजह बना शॉर्ट सर्किट

मैनपुरी. बेवर क्षेत्र के गांव करपिया में संचालित सात मंजिला मशरूम प्लांट में शनिवार की देर रात शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। रविवार सुबह आग की लपटें देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। प्लांट संचालक की सूचना पर एएसपी नगर और सीओ सिटी ने दमकल टीमों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। विकराल आग को बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाकर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट स्वामी ने आग लगने के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा जताया है। काेल्ड स्टोर में चार साल से चल रहा था मशरूम प्लांट बेवर क्षेत्र के गांव करपिया स्थित कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट का संचालन हो रहा है। इस सात मंजिला प्लांट में मशरूम उत्पादन के लिए करीब सात सौ ब्लाक बनाए गए हैं। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे के करीब शार्ट सर्किट से प्लांट में आग लग गई। इसकी जानकारी रविवार की सुबह लगभग पांच बजे स्थानीय ग्रामीणों ने प्लांट से धुआं निकलते देखकर दी। सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं  सूचना पाकर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। जहां टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिले से दमकल वाहनों को बुलाया। टीम में अभी भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं। आग में जल गए मशरूम के बैग वहीं प्लांट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आग के कारण उनके मशरूम के बैग सहित गोदाम में रखी मशरूम आदि सब कुछ जल गया है। जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रक्षाबंधन होने के कारण प्लांट में काम करने वाले मजदूर अवकाश पर थे। इसलिए आग लगने के बारे में समय से जानकारी नहीं मिल सकी थी।   

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में हो रहा है डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

रायपुर. बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त विस्तार की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आज तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।  बस्तर के छ :जिला चिकित्सालयों,  दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण तथा मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां अब एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके तहत मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल तकनीक के इस समावेशन ने अस्पतालों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) सुनिश्चित किया गया है। अस्पताल परिसरों में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की सुविधा दी जा रही है। स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों को लम्बी कतारों से राहत मिली है और उन्हें त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल नवाचारों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। जिला चिकित्सालय बस्तर में मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 32,379 पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से हुए — जो कि कुल पंजीयनों का 53% है। इसी अवधि में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 33,895 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 13,729 पंजीयन आभा से लिंक किए गए — यानी 40% का डिजिटल एकीकरण। यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय की बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसे वे देश के किसी भी हिस्से में कभी भी देख सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ उपचार की निरंतरता और गुणवत्ता में भी वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी आधुनिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और दिशा दी है। डिजिटल पंजीकरण, हेल्थ रिकॉर्ड और पारदर्शी सेवा प्रणाली से मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। यह पहल न केवल बस्तर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है, जिसे हम शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों में लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का यह तकनीकी उन्नयन न केवल स्थानीय जनता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली को सभी जिलों में सुदृढ़ रूप से लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ना है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। बस्तर में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।

नई AI तकनीक से PM आवास योजना में धोखाधड़ी पर लगाम, नकली आवेदकों की होगी पहचान

मुरादाबाद मुरादाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों का चयन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए होगा, जहां जिला प्रशासन ने बताया है कि 44533 नए आवेदनों की जांच एआई के माध्यम से होगी। एआई सैटेलाइट इमेजिंग और लोकेशन ट्रैकिंग से यह परखेगी कि पोर्टल पर डाले गए घरों की तस्वीरें असली हैं या नहीं। सभी आवेदनों की सत्यता जांचने के बाद आखिर में एआई ही यह तय करेगा कि किन लोगों को आवास मिलना चाहिए और किन लोगों को नहीं। इस तरह की जांच से योजना में गड़बड़ी की गुंजाइश ना के बराबर रहेगी, साथ ही झूठा दावा करने वालों की छुट्टी हो जाएगी। एआई का फायदा यह होगा कि अगर किसी ने पक्के मकान में रहते हुए कच्चे मकान की फोटो दिखाकर योजना का लाभ लेने की कोशिश की है, तो यहां एआई तुरंत पकड़ लेगा और उसका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। पूरी तरह निष्पक्ष होगी जांच इसको लेकर परियोजना निदेशक, डीआरडीए, निर्मल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनके पास पहले से पक्का मकान है लेकिन योजना का लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल व निष्पक्ष होगी और अंतिम सूची https://awaasplus.nic.in पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। तीन चरणों में होगी जांच एआई की यह जांच तीन चरणों में होगी, जहां पहले चरण में ग्राम स्तर पर बनाई गई टीमें जांच करेंगी। इसमें सहायक विकास अधिकारी, अवर अभियंता और बोरिंग टेक्नीशियन शामिल हैं। इनका काम गांव-गांव जाकर सत्यापन करना है और 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी है। दूसरे चरण में ब्लॉक रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और जमीनी तथ्यों का पुनः मूल्यांकन करेगी। तीसरे और आखिरी स्टेज में एआई तकनीक के जरिए फोटो व लोकेशन मिलान के आधार पर गलत सूचनाएं देने वालों को छांटा जाएगा और असली लाभार्थियों को लिस्ट में जोड़ा जाएगा।

राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव

रेल कोच इकाई से राजधानी के निकट होगी अधोसंरचना सशक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: रेल कोच इकाई से राजधानी के आसपास होगी अधोसंरचना मजबूत राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव केन्दीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को भी मिलेगी गति स्वदेशी के मंच पर हो रहा अमल 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। परियोजना का भूमि-पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर बीईएलएल (भारत अर्थ मूवर्स लि) परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 5 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि न सिर्फ राजधानी क्षेत्र बल्कि प्रदेश के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से निकट स्थित औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप भी लाभान्वित होगा। विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेल कोच फैक्ट्री को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के अन्य राज्यों के निवदेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में कुछ माह पूर्व बैंगलोर में बीईएमएल संस्थान के भ्रमण के दौरान रायसेन जिले में रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना के संबंध में निर्णय लिया गया। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करेगा संयंत्र ‘ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग को अपनाया जाएगा। निर्माण में पुनर्नवीनीकृत और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग करते हुए इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना का प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस इकाई के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही, यहां विकसित होने वाली तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।